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जैसे पहले पड़ी हुई थी।शाम को मेरी दीदी जब वापिस आई तो हम दोनों थोड़ी सी बातें की और वो कहने लगी कि भैया आज मैं थकी हुई हूँ तो क्या आप घर की सफाई कर डोज?मैंने कहा- ठीक है. एक हाथों से लेफ्ट वाला दबा रहा था और दूसरी साइड वाले को अपने मुँह में लेकर प्यार से खा रहा था.

यही सब सोचते सोचते मैं सो गई।आगे की कहानी अगले भाग में…आप लोगों को यह मॉम सन सेक्स स्टोरी कैसी लगी आप मुझे मेल कर सकते हैं।[emailprotected]साथ ही आप मुझे इंस्टाग्राम पर भी जोड़ सकते हैं। Insta/sonaligupta678. इस वादे के साथ कि जो हुआ वो एक हसीन सपना था… इससे ज्यादा कुछ नहीं!दोस्तो, कैसी लगी कहानी… लिखियेगा मुझे[emailprotected]. ’ की आवाज़ से तड़पने लगी। अब वो भी अपने चूतड़ों उचकाने लगी।मैं भी उसके फूली हुई मालपुआ जैसी चुत पर ताबड़तोड़ लंड की बौछार करने लगा। उसने अपने दोनों जाँघों को जोर देकर आपस में जोड़ लिया और मेरे लंड को दबाकर उसे अपनी चुत के अन्दर क़ैद करने की कोशिश करने लगी.

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झड़ गए हो क्या?मैंने कहा- हाँ भाभी।तब सोनू ने कहा- अब तुम नीचे लेटो।मैंने वैसा ही किया। सोनू भाभी मेरे ऊपर आ गईं। उन्होंने कंडोम मेरे लंड पर से निकाल दिया और उसमें गाँठ लगा कर उसे साइड में रख दिया। फिर भाभी ने एक कपड़े से मेरा लंड साफ़ किया। उसके बाद सोनू भाभी ने मुझे खूब किस किए. मैंने मुँह को भाभी की देसी चुत पर रखा और जैसे गुब्बारे में हवा भरते हैं वैसे अपनी गरमागरम साँसें चुत में भरने लगा. ‘ इऽऽऽऽय… ये क्या कर रहे हो…’ जिंदगी में पहली बार किसी ने मेरी चूत को पीछे से चाटा था, पर वो रुकने वाला नहीं था, मेरी बुर चाटने के बाद उसने मेरी गांड के छेद को चाटना शुरू कर दिया.

मैंने अपनी बहन के कपड़े निकाल कर नंगी कर दिया और एक एक करके उसकी चुची को दबाने लगा, चूसने लगा. उसकी इस चालाकी पर खुश होकर मैंने रीना रानी के चूतड़ों पर एक ज़ोर की चपत लगाई तो रीना रानी ने मस्ती में किलकारी मारी. पड़ोसन बीएफचारों ओर सुनसान था… किनारे पर लेटे होने से कभी कभी लहर उन्हें भिगो जाती… रूबी ने साराह का हाथ पकड़ा और उसे खींचती समुद्र में ले गई.

उसने मुझे मम्मी से मिलवाया, पर मेरी नजर बार-बार काजल पर फिर रही थी. मैंने अपने पजामे में से लंड निकाला और कहा- अब अंडरवियर खोलो अपना।उसने कहा- क्या करोगे?मैंने- वही जो बीएफ अपनी जीएफ के साथ कर सकता है.

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थोड़ी देर चूसने के बाद मैंने उसके मुँह से अपना लंड निकाला और उसको लिटा कर उसकी चूत पर रख दिया और रगड़ने लगा. एक तो रिसोर्ट बहुत सेफ था ऊपर से अँधेरा और एकांत… रास्ते में अनेक जोड़े एक दूसरे को चूमते चाटते मिले. मेरा दिल ‌तो बहुत कर रहा था कि एक बार पिंकी की इस छोटी सी कच्ची कुवाँरी योनि के दीदार हो जाये मगर अन्धेरे में कुछ साफ नहीं दिखाई दे रहा था बस उसकी गोरी नंगी जांघें ही चमक रही थी।पिंकी ने दोबारा से अपने लोवर व पेंटी को पहने की कोशिश तो करनी चाही मगर तब तक मैंने अपना सिर उसकी‌‌ दोनों जाँघों के बीच घुसा दिया और अपने प्यासे होंठों को उसकी नंगी, केले के तने सी चिकनी, नर्म मुलायम जाँघों पर लगा दिया.

राजे ने अब पूरी ताक़त से धक्के मारने शुरू कर दिए, कालचक्र थम गया, मेरी सुध बुध गुम हो गई, मुझे सिर्फ कुछ आवाज़ें सुनाई दे रही थीं, यह भी नहीं मालूम कि वो आवाज़ें मैं कानों में सुन रही थी या दिल में या शायद दोनों में… राजे के मुंह से निकलती हुई हैं हैं हैं और गालियाँ, मेरे मुंह की सीत्कारें, सिसकियाँ और आहें, जूसी की किलकारियाँ.

भाई ने पलंग पर चढ़ कर मेरी टाँगें फैला दी और वह मेरी हल्के बालों वाली चूत को टटोल रहा हो, वैसे खुजाने और सहलाने लगा. उसे सहलाने लगा। उनका लंड जोश में खड़ा हो गया, उन्होंने मुझे अपने से चिपका लिया।साहब का हल्का सा पेट बढ़ा हुआ था.

मैं उससे अब हर किस्म की बातें कर लेता था, बस सेक्स की नहीं करता था. ’ इतना कहते हुए उन्होंने अपनी नाईटी उतार फेंकी और मुझे भी कपड़े उतारने के लिये बोली. स्नेहा मेरे ऑफिस के बाहर एक स्टेशनरी की दूकान पर अपनी साइकिल लिए खड़ी थी.

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पिछली बार तो तुम्हारी मम्मी की वजह से मैं मुँह नहीं लगा पाया था लेकिन आज मैं उसे जरूर चखना चाहूँगा.

बस डाल दो!’‘उफ्फ्फ जल्दी करो, बर्दाश्त नहीं हो रहा है!’पर मैं आराम से उसकी बुर चाट कर उसमे एक उंगली डाल कर फिंगर फ़क करने लगा. उसकी बात तो सही थी कि मेरी चूत को लंड की तलाश थी मगर यह लंड मेरे बड़े भाई का होगा यह मैंने सपने में भी नहीं सोचा था.

माँ से इतना आनन्द और दर्द सहन नहीं हो रहा था, वो आहें भर रही थी- ऊऊऊह्ह्ह… आआह्ह… अब मजा आ रहा है, और चोद… ज़ोर से चोद… फ़ाड दे इस हसीन चूत को… अपनी माँ की मस्त चूत की कसम, तुमने मुझे मस्त कर दिया हइइई… क्या मजा आया, आज तक नहीं आया ऊऊउउइई… तुम दोनों ने तो मुझे ज़न्नत में पहुंचा दिया. उसको जब कुछ समझ नहीं आया तो उसने चुपचाप से लंड फिर से मुंह में घुसा लिया और लगी चूसने…रीना रानी कूल्हों पर दोनों हाथ टिका के बोली- हाँ हाँ आराम से चूस लौड़ा… पहले इसका लावा खा ले कुतिया फिर अपनी चूत के मज़े लगवाइयो… साली चुदक्कड़ रांड!सुलेखा ने कोई उत्तर दिए बिना लंड चूसने पर अपना ध्यान केंद्रित कर लिया और मज़े से जीभ मार मार के चूसने लगी. तो ऐसा हुआ कि होली की दिन मैं उनके घर होली खेलने के लिए गया तो घर पर चाचा नहीं थे, मैंने चाची से पूछा- चाचा कहाँ हैं?चाची ने बताया- तेरे चाचा एक दोस्त के यहाँ गये हैं, एक घण्टे में आएँगे, तब होली खेल लेना!मैंने कहा- आप तो यहाँ हो चाची… आपके साथ खेल लेंगे!तो चाची ने कहा- हाँ क्यों नहीं!चाची गुलाल लेने अंदर गई तो मैंने जेब से पक्का रंग निकाल कर अपने हाथ में लगा लिया.

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इस प्रकार मैं बूब्स चोद रहा था और साथ में वो लंड चूस रही थी, बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था, हम पागल हो रहे थे दोनों!अब मैंने उसकी पूरी साड़ी खोल कर उतार दी और पेंटी भी उतार दी, हम दोनों पूरा नंगे थे. वरना दुकान वाले बाबा आवाज देने लगेंगे।मैंने थोड़ी तेज चुदाई शुरू की।वह बोला- सर आपका बहुत बड़ा है मस्त है।मैंने कहा- लग तो नहीं रही?वह बोला- आप धीरे कर रहे हो थोड़ी थोड़ी लग रही है. उम्म्ह… अहह… हय… याह… वो आसामान में उड़ने लगा। अभी कोई 2 मिनट भी नहीं हुए होंगे कि उसके लंड की नसें फूलने लगीं।यह हिंदी सेक्स स्टोरी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!राजू- आह.

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उसको हल्का सा दर्द हुआ लेकिन चूत बहुत गीली थी और वो भी पूरी जोश में थी तो उसने सहन कर लिया. उसे शांत कर दो।फिर मैं उसे नीचे बाथरूम में ले गया और गेट बंद कर लिया। उसने जल्दी से मेरे लंड को मुँह में ले लिया। मुझे ऐसा लग रहा था कि बस ये मेरे लंड को ऐसे ही चूसता रहे।मैंने पहले भी लंड चुसवाया था. चूसने में बहुत मज़ा आया।अब उसने भी रेस्पॉन्स देना शुरू कर दिया और हम बेड पेर लेट कर किस करने लगे। फिर मैंने उसके मम्मों को कपड़ों के ऊपर से ही दबाने स्टार्ट किए तो वो सीत्कार करने लगी।मैं समझ गया कि उसको मज़ा आ रहा है और जब मैंने उसकी गर्दन के पीछे किस किया तो वो और ज्यादा मचलने लगी।तक़रीबन 10 मिनट तक हम किसिंग करते रहे। फिर मैंने उसका कुर्ता उतारा और ब्रा भी उतार दी।वउओ क्या ठोस चूचे थे.

अब हम दोनों लड़कियाँ सिसकारी ले रही थीं- आअह्ह्ह उम्म्ह… अहह… हय… याह… उम्म अम्म्म स्सी आह्ह्ह आहह… चोदो और चोदो. 30 बजे मुझे किस करके उठाया, वो आज नहाई नहीं थी।मैंने कहा- अभी तक तू नहाई नहीं है?वो बोली- नहीं, आज साथ-साथ नहाने का मजा लेंगे।मैंने यह सुनते ही उसको अपनी बांहों में ले लिया और चूमने लगा।वो बोली- जल्दी करो. तभी नीचे से धक्का लगना स्टार्ट हुआ, मैं भी अपनी गांड हिला कर उसका साथ दे रही थी.

एक दिन मैंने एक लड़की देखी जो काफ़ी खूबसूरत थी, फिर मैं उसे रोज देखने लगा और वो रोजाना तलवाड़ा से मुकेरियाँ जाती थी. उसमें बैठ गए। मैडम बिजली घर मुख्यालय के पास रूकीं वहां उनका छोटा भाई रहता था। उसने ही दरवाजा खोला हम दोनों उतर गए।भाई मेरा हमउम्र ही था, वो बिजली विभाग में ही था। उसने नाश्ता कराया। वहां से चल कर मैं इन्दर गंज चौराहे पर आ गया। वर्कशॉप बारह बजे से थी. जिससे मेरी नीयत और भी खराब होने लगी।उनको यह सब मालूम था कि मैं उनको किस नजर से देख रहा हूँ, तभी उन्होंने मुझसे कहा- काम भी करोगे या नीचे ही देखते रहोगे।फिर मैंने अपनी मदहोशी से उठकर सभी टूटे हुए तार जोड़ दिए और अब उनकी लाईट आ चुकी थी। पर हाय.

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पर तब भी उस दिन वो ठीक से चल नहीं पाई।उसने कहा कि बहुत दर्द हो रहा है, पर उसे दर्द से ज्यादा मजा आया था।ये सिलसिला बहुत दिनों तक चलता रहा उसके बाद उसने मुझे उसकी सहेली की सील तोड़ने के लिए रिक़्वेस्ट की, वो बात में दूसरी हिंदी सेक्स स्टोरी में बताऊंगा। मुझे मेल जरूर करना।[emailprotected]. अम्मा की सारी बात सुनने के बाद मुझे महसूस हुआ कि उन दोनों ने मेरे साथ संतान पाने के लिए छल किया था. इंडियन बीएफ एक्सवरना ऐसे ही पेल दूँगा।तो भाभी ने शरमाते हुए मेरे लंड पर कंडोम रख कर पहनाया। कंडोम खोलते ही चॉकलेट की खुशबू फ़ैल गई।कंडोम पहनाने के बाद सोनू भाभी ने कहा- मक़बूल आज सोनू को हमेशा के लिए अपना बना लो।भाभी के ये कहते ही मैंने उनकी जांघें ऊपर की ओर उठाईं और लंड का सुपारा चूत के छेद पर रख कर एक जोरदार धक्का मार दिया।भाभी के मुँह से ‘आअहह.

आपको कहानी कैसी लगी इस पते पर अपनी राय दें…[emailprotected][emailprotected]. मैंने उससे कहा- मुझे थोड़ी थकान सी लग रही है, तू किसी और को साथ ले जा ना. इसके बाद अम्मा ने बताया मुझे निम्नलिखित बातें बताई:उसके मंझले बेटे की शादी माला से तीन वर्ष पहले हुई थी और उनमें से पहले एक वर्ष उसका बेटा यहीं रहा तथा उसके बहुत कोशिश करने के बावजूद भी माला गर्भवती नहीं हुई.

क्या बताऊं बहुत मज़ा आ रहा था। बहुत दिनों बाद कोई चुत चाट रहा था। वो भी मस्ती से चुत को चपर-चपर चाट रहा था।अब मुझसे सहा नहीं जा रहा था. मुझे जो पेंटी पहनाई थी वो भी डार्क ब्लू की थी जिसके आगे थोड़ा सा जाली वाला डिज़ाइन था.

आगे बढ़कर फिर पीछे मुड़ी और मुझे भी बाथरूम बुला लिया।मैंने अब तक सिर्फ़ उसकी चुत में उंगली की थी.

फिर मैंने उनसे पूछा- क्या हुआ मैडम, क्या आप ज़्यादा डर गई हो?मैडम बोली- नहीं तो!मैं बोला- फिर आप बिल्कुल चुप क्यों हो?तो मैडम बहुत ही धीरे से बोली- मुझे बहुत प्यास लगी है. यश कहने लगा- मैं झड़ने वाला हूँ… बता लंड का माल कहाँ गिराऊँ?मेरी चुदक्कड़ मम्मी में कहा- मेरी चूत में ही गेर दे और मुझे फिर से माँ बना दे. राजू ने किसी सधे हुए अनुभवी चोदू सी पारंगता से अपना लंड गोरी मेम की गांड में कुरेदते हुए मेरे लंड की बगल में टिका कर मेरे धक्कों को स्थिर करते हुए अन्दर पेल दिया.

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तो मैं वहां पहुँच गया और चुपचाप उनके घर के सामने एक पेड़ पर चढ़ कर देखा तो मॉम और उनका बॉस ऊपर फर्स्ट फ्लोर पर अपने रूम में खड़े थे और मॉम ने सिर्फ़ ब्रा और पेंटी पहनी हुई थी। उनके मम्मे बिल्कुल नंगे थे। तब से मुझको पता है. यह था मेरा पहला सेक्स आंटी के साथ!आपको मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी कैसी लगी?[emailprotected]. मेरे घर के सामने एक सेक्सी और भरे हुए बदन वाली मस्त देसी भाभी रहती हैं.

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अन्धेरे में कुछ दिखाई तो नहीं दे रहा था मगर फिर भी मुझे समझते देर नहीं लगी कि मेरी जीभ ने योनि के अनारदाने को छू लिया था जो किसी भी औरत या लड़की का बेहद ही संवेदनशील अंग होता है इसलिये पिंकी इतनी जोर से चीख पड़ी थी।मगर मैं रुका नहीं और बस एक दो बार ही योनि के उस छोटे से चुचक के साथ खिलवाड़ करने के बाद मैं नीचे प्रेमद्वार की तरफ बढ़ गया. माला उसके पीछे दरवाज़ा बंद करने के लिए गई तब तक मैं बालक को गोदी में उठाये हुए बैडरूम में चला गया.

जवाब में स्नेहा का मुंह लाज से लाल हो गया और उसने सर झुका के सहमति में अपना सर हिला दिया.

भाभी को आती देख मैं खड़ा हो गया और भाभी से कम्प्यूटर के बारे में कुछ पूछने लगा. थोड़ी देर में मैं आ गया, वो पूरा वीर्य ब्रेड पे लगाकर खाने लगी।मुझे कुछ अजीब लगा।तभी उसने मुझे कहा- वो केला मुझे खिलाओ नीचे से!मैंने केला लेकर उसका पूरा छिलका निकाला और उसको लेगी नीचे करने के लिये बोला. आगे मैंने कैसे अपनीचूत की प्यासबुझाई, इस कहानी का इंतजार करना, मैं अपनी कहानी लेकर जरूर आऊँगी.

इस तरह मेरा लंड अभी भाभी की चुत में थोड़ा ही अन्दर जा पाया था कि भाभी की चीख निकल गई।मैंने उनके होंठों को अपने होंठों से दबा लिया, जिससे उनका चीख दब गई।अब मैंने थोड़ी देर रुक कर मैंने फिर से ट्राइ किया तो मेरा पूरा लंड उनकी चुत में घुसता चला गया. मैंने आपसे फोन पर कहा था न कि आपको एक सरप्राइज दूंगी!’‘हाँ, याद आया, ला दे क्या सरप्राइज है मेरे लिए?’ मैंने खुश होकर कहा. वो भी सेक्स की भूखी है, उसे मेरी जरूरत थी और मुझे उसकी… हम लोग अब एक दूसरी से कुछ भी नहीं छिपाती.

उसने दरवाजा खोल दिया मगर मेरी हिम्मत उसके घर में जाने की नहीं हुई और मैं वापस अपने घर आ गया.

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मेरी सांस अटकी हुई थी दोस्तों क्यूंकि गलती से मैंने अपनीचचेरी बहनके बूब्स को दबा दिया था.

एक बात और… इस घटना के बाद से राजे मुझे रेखा रानी की जगह रेखा रण्डी कहने लगा है. ’ कहते मुझसे चिपके रहते थे।टीना- वाउ यार तू तो किसी फिल्म की कहानी जैसे बता रहा है. वो कितनी भाग्यशाली हैं जिसे आपके जैसा पति मिला जो औरत के हरेक छेद को प्यार देता है.