जंगलों की बीएफ

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मेरे दूध उसके सामने नंगे हो गये और वो दोनों हाथों से उनको दबाते हुए मजे लेने लगा. वीडियो गेम प्राइसहमारी चुप्पी तब टूटी जब मेरी धुएँ की डंडी ने मेरी उंगली जलायी, तब मैंने अपने आप को सामान्य किया और उससे पूछा- जी बताइये?वो कुछ समझ नहीं पायी और वहीं खड़ी रही.

अभी तक मैंने रंडियां चोद कर ही अपने लंड के टोपे की खुजली को शांत किया है. नेपाल काठमांडू फोटोफिर उसने मुझे अपने केबिन में बुलाया और पूछने लगा कि तुम्हारे सामने एक गैर मर्द ने तुम्हारी बीवी की चुदाई कर दी तो तुम्हें बुरा नहीं लगा?मैंने कहा कि शुरू में तो मुझे बहुत गुस्सा आया था लेकिन फिर बाद में सब नॉर्मल लगने लगा था.

मैं मन में ही सोच कर डरने लगी कि आज पता नहीं मेरी क्या हालत होने वाली है.जंगलों की बीएफ: एकदम से चाची ने मेरा लंड हाथ में लेकर कहा- तुम्हारा लंड तो चाचा से भी बड़ा है.

फिर रात के 12 बजे तक चैटिंग का दौर चला और जब धीरे-धीरे सबके रिप्लाई आने बंद हो गये तो मैंने भी मैसेंजर बंद कर दिया.यह मुझे तब पता लगा जब मैं ट्रेन से पुणे आ रहा था और वो भी अचानक उसी ट्रेन में मिल गए। बहुत सालों पहले भैया से मिला था तब उनकी शादी नहीं हुई थी.

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लंड मुंह से बाहर आते ही मैंने कहा- बहुत दर्द हो रहा है … आह्ह … बचाओ मुझे कोई.मेरे पैन्ट में बना हुआ तंबू देखकर वो मुस्कुराईं और बिना कुछ बोले मेरी पैन्ट उतार दी.

अगले हफ्ते मैंने संजना की सहेली शीना को मेसेज किया और पूछा- संजना को कुछ प्रॉब्लम हुई है क्या?शीना ने बताया कि संजना का बेटा अचानक बीमार पड़ गया था इसलिये वो शायद फोन नहीं उठा रही होगी और वो पिछले हफ्ते घर पर भी नहीं थी. जंगलों की बीएफ मैंने स्मायरा को बोला- जान, मैं झड़ने वाला हूँ … और कंडोम लगाना तो भूल ही गए.

जिन पाठकों ने मेरी वो कहानी नहीं पढ़ी है, वे इस लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं.

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दोनों हाथों से उनका चेहरा पकड़ कर मुँह में मुँह लगा दिया और उनकी जीभ को चूसने लगा. मां को तो मैंने कुणाल के बारे में नहीं बताया था लेकिन मैं अच्छी तरह जानता था कि काजल, कुणाल और सुमिना के बीच में क्या खिचड़ी पक रही है. उसके पूरे बदन में होने वाली झुरझुरी उसकी हवस को बयान कर रही थी, उसका अंग अंग फड़कने लगा था।धीरे धीरे उसकी चूत में रस बहना चालू हो चूका था, वो अपने आप पर काबू खोती जा रही थी, उसकी सांसें गहरी होती जा रही थी और उसका सीना उसकी साँसों के साथ तेज़ी से ऊपर नीचे हो रहा था, बदन में कम्कम्पी सी दौड़ रही थी।इधर मुकुल राय का लंड पूरा कड़क हो चूका था, अब परीशा से और बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था.

इस पर मुझे जबाब मिला- आपने हमें अपना समझा कब था?मैंने कहा- तुम कहना क्या चाहती हो?तब तक दीदी चाय ले आईं और उन्होंने कहा- लो चाय पियो. जैसे ही इसकी चूत में मेरा लंड गया तो मैं समझ गया कि ये साली बहुत चुद चुकी है. पहले तो उससे सामान्य बातें होती थीं … फिर हम दोनों धीरे धीरे खुलने लगे.

ऋतु ने उठ कर सारी लाइटें बंद कर दीं और सिर्फ एक मंद रोशनी वाली लाइट जला दी. तब से वो रोज मेरे ऑफिस से छुट्टी वाले समय पर ऑफिस के बाहर आता था और हम दोनों लोग पार्क में जाकर एक दूसरे को किस करते थे. मैंने पहले ही बताया था कि वो अन्दर ब्रा नहीं पहनती थीं, तो मेरा हाथ सीधा उनके बाएं चुचे को छू गया.

अब आगे:उस दिन समीर ऑफिस में था और ज्योति बैंक के किसी काम से बाहर गई हुई थी. मैं चिल्लाने को हुआ, लेकिन अंकल ने फ़ौरन ही मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया और लंड को धीरे धीरे मेरी गांड में घुसाते चले गए.

” महेश ने भी बेड पर चढ़ते हुए कहा।पिता जी, देख तो लिया अब बाकी क्या रहा है?” नीलम ने परेशान होते हुए कहा।अरे बेटी, अभी कहाँ देखा है … तुम अपने बाज़ू को ऊपर करके सीधी लेट जाओ। मैं तुम्हें सर से लेकर पाँव तक नज़दीक से देखूँगा.

चाची- उम्म्ह… अहह… हय… याह… अपनी चाची को नए नए मज़े दे रहा है और चाची को अपना बना रहा है … शाबाश बेटा.

उसने मेरे पेंट को उतार दिया और फिर अपनी जुबान से धीरे धीरे मेरे लंड को चाटने लगा. मैंने आंटी को बेड पर लिटा दिया और मैं उनके ऊपर आकर उनको किस करने लगा. खूब खाना-पीना होता था और अंताक्षरी वैगरह खेलते रहते थे देर रात तक। वो हमारे साथ में ही सो भी जाती थी.

हिम्मत ही नहीं होती थी कि उससे पूछूँ … और वो थी कि किसी से भी बात नहीं करती थी।फिर अचानक एक दिन ऐसा हुआ कि लगा सब कुछ खत्म … उसका आना ही बंद हो गया. नहीं बेटी, अब ऐसे नहीं डालूंगा, तुम्हें अपनी जुबान से कहना होगा कि पिता जी आप मेरी चूत में अपना लंड घुसाओ. फिर लंड को गांड के छेद पर लगाकर हल्के हल्के से गांड में डालने लगा और लंड पूरा अंदर जाते ही वह मुझे फिर से तेज़ी से चोदने लगा।काफी देर बाद हर्ष की रफ्तार कम हो गयी और बोला- दीदी कहाँ छोडूँ?तो मैंने मुस्कुराते हुए कहा- अपनी दीदी की चूत में छोड़ दो!इतना सुनते ही वह लंड निकाल कर चूत में डाल कर फिर से मुझे चोदने लगा; मुझे भी मजा आने लगा.

जब वो नहाने के लिए जाती थी तो मैं उसकी पैंटी पर मुठ मार कर अपना माल गिरा देता था लेकिन वो सब कुछ देखने के बाद भी कुछ नहीं बोलती थी.

मैं- चाची … चाचा ने आपकी चुत कभी नहीं चाटी क्या?चाची- नहीं … वे इतना समय कहां देते हैं मुझे. ”तुम भी कमाल करती हो? साथ का मतलब साथ खाना होता है। लो पकड़ो प्लेट!” मैंने अपने वाली प्लेट उसे थमा दी। और फिर दूसरी प्लेट में अपने लिए एक सैंडविच लेकर ऊपर चटनी दाल ली।गौरी आज चाय गिलास में पियेंगे. कुछ देर लंड चूसने के बाद मैं उनकी दोनों गोटियों को एक एक करके चूसने लगा.

जिस गिलास में उसने अपना माल निकाला था उसने वो गिलास मुझे दे दिया पीने के लिए. मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं और मैं उसको चूसते हुए बिस्तर पर लेट गयी. शबनम दौड़ कर राहुल के पास बैठ गयी और मुश्ताक ने नायरा को अपने पास बिठाया.

”तोई इतना जोल से दबाता है त्या? पता है आपने तितना जोर से दबा दिया था मेले तो 3-4 दिन दल्द होता लहा?” उसने उलाहना देते हुए अपने हाथों से अपने दोनों कबूतरों को सहलाते हुए कहा।सॉरी … यार … गलती हो गयी। अब देखो मैं इसलिए तो तुमसे माफी माँग रहा हूँ ना?’ठीत है.

जिसमें एक लड़का पूरा खड़ा हुआ लंड लिए, लड़की के पास आकर उसे नंगी कर देता है. ” वो मेरे कानों के पास अपने होंठों को लाकर ऐसे ही कामुक सिसकारियां लेते हुए बड़बड़ा रही थी.

जंगलों की बीएफ अब राहुल तो कुछ बोल ही नहीं पा रहा था, वो चुपचाप पंकज के साथ बेड पर बैठ गया. पहले तो वो कुछ नहीं बोलीं, लेकिन मेरे बहुत जोर देने पर उन्होंने कहना शुरू किया.

जंगलों की बीएफ लंड को चूत के छेद में लगा कर मैंने दो ही झटकों में पूरा लंड उसकी चूत में अन्दर तक पेल दिया. उसके बाद जब भी मैं ससुराल जाता, तब मेरी सास मुझसे किसी न किसी तरह उकसाए रहती थीं.

”क्या?” मेरी उलझन बढ़ती जा रही थी। ये साली मधुर की बच्ची भी बात को इतना घुमा फिर कर बोलती है कि बन्दे का पानी कच्छे में ही निकल जाए।वो आज दीक्षा लेते समय मैंने अकेले में गुरूजी से एक बात पूछी थी.

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कुछ पल बाद उसने मुझे उल्टा कर दिया और मेरे चूतड़ों को चूसना शुरू कर दिया. रात को सभी के कमरे से सीत्कारें आतीं और सुबह उठने पर एक दूसरे की खिंचाई भी करते. मैंने उनका हाथ पकड़ कर उन्हें बेड पर गिरा दिया और उनके ऊपर आक्रमण करते हुए अपना लंड उनके चुत के ऊपर रगड़ने लगा.

उसकी हालत मुझसे देखी न गई और मैं उसको डॉक्टर के पास ले गया और दवाई दिलवा कर ले आया. दोस्तो, मेरा नाम आकाश है और मैं 24 साल का हूँ, मेरा रंग गोरा है और लंबाई 5 फुट 11 इंच है. ज्यादा कुछ नहीं पर अपने पार्टनर को अच्छे से होल्ड करके धीरे धीरे मटकना और घूमना है.

लेकिन मैंने उसके हाथ को तुरंत हटा दिया और कहा कि यहां पर कोई देख लेगा.

हम तीनों में बहुत गहरी दोस्ती है और सब कुछ एक-दूसरे के साथ शेयर कर लेते हैं. दस मिनट बाद मैंने भाभी को उसी पोजिशन में बेड पर लिटा दिया और हम मिशनरी पोजीशन में आ गए और फिर से उनकी चूत में धक्के पे धक्के लगाने लगा. कुछ पल तक देखने के बाद उसने मेरी चूत पर हाथ रख कर उसको सहला दिया तो मैं सिसक उठी.

यह सुन कर मैंने फिर से लौड़ा थोड़ा तेज़ी के धक्के के साथ अंदर किया जिससे संजना की गांड में मेरा आधे से ज्यादा लौड़ा चला गया और गांड अंदर से छिल गयी और शायद मेरा लंड भी।फिर भी मैंने इस बार आखरी धक्का देने के लिए लंड को थोड़ा पीछे खींच कर एक और धक्का दे दिया जिससे पूरा 6. मैंने बोला- फिर भी यार भाभी या कोई और आ गया तो?स्मायरा बोली- डर मुझे लगना चाहिये और डर आप रहे हो?ये बोल कर वो हंसने लगी. कुछ समय बाद मैं थोड़ा धीमा हुआ, तो वो मेरे नीचे से निकलकर मुझे उलटा कर मेरे ऊपर आ गईं और चालू हो गईं.

मेरी नई मॉम मुझे बहुत प्यार करती थीं और उन्होंने मुझे कभी भी सौतेली मॉम जैसा नहीं समझा था. उस समय रात का एक बज रहा था तो हम लोग एक दूसरे के बांहों में बांहें डाल कर सो गए.

हम सोच रहे थे कि पास में कोई भी नहीं है लेकिन पास ही में एक बोलेरो गाड़ी खड़ी हुई थी जिसका गेट अचानक से खुला और उससे चार लोग निकल कर बाहर आये. मैं नवनीत शर्मा पुणे से हूँ, छह फीट दो इंच हाइट का फिट और फुर्तीला इंसान हूँ. मैंने पूछा- और भाभी क्या हाल हैं?भाभी ने इधर उधर देखा और धीरे से कह दिया- तुमको तो सब हाल चाल मालूम ही हैं.

ज्योति- ओके ठीक है … कोई बात नहीं, मैं भी थोड़ा पार्टी में रहूंगी, तो फोन नहीं हो पाएगा … बाई.

हरामी साले तेरी मां को चोद चोदकर तेरे बाप ने तेरी मां की चूत से तुझे निकाला है. इस तरह से मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को अपने दोस्त की गैरमौजूदगी में जमकर चोदा. वे बोले- बेटा, तेरी आंटी बाथरूम में गिर गई हैं, सो फ्रैक्चर हो गया है.

मैं अब विनय के हाथों का मजा अपने दूधों पर लेते हुए पोर्न वीडियो देखने में खो सी गई. इसलिए बेटी के जन्म दिन की तैयारी के लिए भी मैंने अपने चोदू यारों को ही इस्तेमाल किया था.

फिर घरवालों के आने का टाइम हो गया था तो हमने जल्दी से अपने कपड़े पहन लिए और सोनू झट से उठ कर मेरे होंठों पर किस करके बाहर चला गया. कहीं इसने मेरे दोस्त पवन को कुछ उल्टा सीधा बता दिया तो बचपन की दोस्ती टूट जायेगी. हम कभी दिल्ली घूमने के लिए चले जाया करते थे तो कभी नोएडा में घूमने के लिए निकल जाया करते थे.

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भाभी ने अपनी जीभ की नोक से सुपारे को एक बार चाटा और मेरे लंड के सुपारे की अन्दर की रिंग तक उसे मुँह में लेकर चूसने लगीं.

दो दिन बाद अचानक से अंकल का फोन आया- अमित आज तुम्हारी आंटी बाहर गई हैं, तो आज हम दोनों के लिए अपने सपने को सच करने का बड़ा बढ़िया मौका है. फिर काम में क्या हसरत, मैंने दबे मन से हां कह दी और उन्हें मसाज के लिए एक दरी और लहसुन की पोथी डाल कर गर्म तेल मंगवा लिया. उसको भी पता लग गया था कि मैं जान गया हूँ कि मैं किससे बात कर रहा था.

मेरी ब्रा में मेरे बड़े बूब्स, मेरी कमर पर पड़ते बल और मेरी सेक्सी गहरी नाभि को देखकर वो पागल हो रहा था. स्मायरा के पापा बोले- कोई बात नहीं … आप कहीं नहीं जाओगे, यहीं रहोगे. अंतर्वासना की सेक्स कहानी… आप सबने मेरी पिछली सेक्स कहानीगांव की देसी भाभी की मालिश और चुदाईएक बार फिर मैं अपनी सच्ची कहानी आप सब लोगों के सामने पर लेकर आया हूँ.

साथ ही अपनी सुरक्षा के लिए उनसे कह दिया कि ये बात सिर्फ हमारे बीच में रहे. चयन के बहुत ज़िद करने पर मैंने जोर जोर से दबा कर चयन के निप्पलों को भी चूसना स्टार्ट कर दिया.

उसके छोटे छोटे चूचे मेरे पेट पर छू रहे थे और उसकी चूत की खुशबू पूरे कमरे को महका रही थी. उसकी पास में ही हेयर ड्रेसर की दुकान है, हेयरकट के साथ मालिश भी करता है. मेरी उम्र 21 साल है, लन्ड का साइज 6 इंच है। मेरी स्किन फेयर है और हाइट 5 फीट 6 इंच है। मैं जिम भी करता हूं और मुझे लड़कियां, भाभी और आंटी सब पसंद हैं। मुझे बड़ी उम्र की औरतों के साथ और भी ज्यादा मज़ा आता है।यूं तो मैं हर किस्म की चूतों के साथ मजा ले लेता हूँ लेकिन लेकिन बड़ी औरतों की चूतों से मुझे खासा लगाव रहता है.

उत्तेजना में आकर मैंने उसकी जांघ पर हाथ रख दिया और वो घबरा कर उठ गई. अच्छा लगा बापू जी!” ज्योति ने इस बार हिम्मत करते हुए कहा।बेटी तुम बेवजह शरमा रही हो अगर तुम मेरा साथ दो तो मेरा यह लंड तुम्हें जन्नत की सैर करवायेगा. मुझे पता चला कि रिंकी इंदौर की ही रहने वाली है और वो अपने भाई के यहां दिल्ली जा रही है.

तब वो कहने लगीं- ऐसा हो ही नहीं सकता कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रैंड न हो.

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नानी याद करा दे इसे!दीदी के ऐसा कहते ही मैंने फिर से अपने कपड़े उतारे और उसके भी कपड़े उतारे. खैर उसका उत्तर था ‘जान तुम मेरे साथ शारीरिक रूप से भले ही ना रहो … मेरे दिल में, मेरे दिमाग में, मेरी यादों में हमेशा ही रहोगे. एक दिन उसने मुझसे कहा- बहुत दिन हो गए, अब मिलना चाहोगी?मैंने पूछा- कहां और कैसे?तो वो बोला- मुझे अपने शहर का नाम बताओ, मैं आ जाऊंगा.

शायद इसीलिए हम लोग किसी तरह फ़ोन पर ही बात कर पाते थे। हम लोग कभी मिल नहीं पाए लेकिन वो कहते हैं न कि ऊपर वाला सब कुछ प्लान करके रखता है।मेरी नौकरी बैंगलोर की एक बड़ी आईटी कंपनी में लग गयी. कुछ देर तक इसी पोजीशन में उसकी चुदाई करने के बाद मैंने उसको उठा दिया और उसको अपनी गोद में बिठा कर उसकी चूत में धक्के देने शुरू कर दिये. ऋतु के जवाब के बारे में सुनकर अनिल ऋतु की तारीफ करते हुए कहने लगा कि वाह … तुम्हारी वाइफ तो बहुत ही समझदार है आकाश। लेकिन इतनी मॉडर्न लड़की इतनी समझदार कैसे हो सकती है.

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अब तो वो भी मजे लेकर चुदने लगी- आह राहुल, मरर गयी मैं!मैंने कहा- सब ऐसे ही मरते हैं. फिर जब मैं एक टाइम पर अकेला था, वो मेरे पास आए और मुझसे बोले- तेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?मैंने हंस कर बोला- नहीं अंकल. होठों पर लिपस्टिक लगाने का तरीकाइससे पहले मैं कुछ शुरू करता आंटी ने मेरी लोअर के ऊपर से ही मेरे लंड को टच कर दिया.

मैंने दो बार कोशिश की लेकिन दोनों ही बार मेरा लंड चाची की चूत पर फिसल गया और सुपारा भी अंदर नहीं जा पाया.

मेरा इशारा पाकर उसने भी अपनी पैन्ट उतार दी और उसने भी लंड पैन्ट से बाहर निकाल लिया. मॉम ने अपनी नाइटी को कमर तक उठा रखी थी और अपने और अपने एक हाथ से अपनी चूत को सहला रही थीं.

उन्होंने मुझे बताया कि वो पहली बार राँची आई हैं … और उन्हें यहां का मौसम बहुत अच्छा लगा. मैंने उसकी चूत को देखा, जो साफ़ साफ़ समझ आ रही थी कि लौंडिया अनटच माल है. उसने तुरंत मेरी टी-शर्ट को उतार दिया और मेरे चूचों को नंगे कर दिया.

दोस्तो, मेरा नाम आकाश है और मैं 24 साल का हूँ, मेरा रंग गोरा है और लंबाई 5 फुट 11 इंच है.

तब तक वह आदमी बिल्कुल चुप था, जब मैं खा चुका तब उसने मेरे बारे में पूछा। उसने मुझे खाना दिया था तो वह मुझे भला आदमी लगा. मेरे पति बोले- अरे अगर ये बात है, तो चलो मैं तुम्हें उसके घर तक छोड़ देता हूँ. उसके बाद जब भी हमें मौका मिलता तो मैं और दीदी दोनों ही एक दूसरे के साथ मजे लेने लगती.

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फिर उसने मॉम को झुकने को बोला और अपना 8 इंच का मोटा लंड मॉम के मुँह में दे दिया. हमारे पास खेत का बहाना बनाकर मिलने के अलावा दूसरा कोई चारा ही नहीं बचता था. मैंने जब से तुम्हारी चूत को देखा है मैं तुम्हारे साथ सब कुछ करना चाहता था लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी.

लेकिन मैंने कभी उसको मौका नहीं दिया था कि वो मेरे साथ कुछ आगे बढ़ सके. इसलिए मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से अपना ध्यान हटा लिया और मैं चुपचाप आकर लेट गया. मैंने उनसे कह दिया कि आज अपना माल जी भर कर निकाल लो ताकि कल दिन में आराम से गांड चुदाई का मजा लिया जा सके.

इतने में उसने एक और जोरदार झटका मारा और पूरा लंड मेरी चूत की जड़ तक घुसा दिया. नमस्कार दोस्तो, आपको मेरी कहानीकंप्यूटर सीखने के बहाने सेक्स का खेलअच्छी लगी. मैंने पहले ही बताया था कि वो अन्दर ब्रा नहीं पहनती थीं, तो मेरा हाथ सीधा उनके बाएं चुचे को छू गया.

मैंने खुशी से उसको हग किया, तो बोली- क्या दोस्त … यार तुमने मेरी इच्छा पूरी की है, तो मेरा भी फर्ज है कि तेरी इच्छा पूरी करूं. मैंने अब भाभी की गांड को ऊपर उठा के उसके नीचे तकिया लगा दिया … जिससे लंड आराम से अन्दर घुस जाए और चुत लंड का खुल कर स्वागत करे.

फिर हल्के हल्के हाथों से ऊपर नीचे करके उनको हर अंग को दबा दबा के रगड़ता रहा.

मैंने उनको हटाया, पर वो ज़ोर ज़ोर से लंड चूस रही थीं, तो मेरा पानी छूट गया और उनके मुँह में वीर्य चला गया. सील तोडनाउसका हाथ मेरे लंड पर था … स्स्स … ऐसा सोचते हुए मैं एक बार फिर से काम वासना के भंवर में फंसता चला गया. वीडियो झवाझवीअब किसी को कुछ दिख तो नहीं रहा था पर चूमने चाटने की सीत्कारें तो बता रहीं थीं कि वहां क्या हो रहा है. मैं आज तक भी नहीं समझ पाया हूँ कि वो कुणाल का लंड लेकर ज्यादा खुश होती थी या काजल की चूत चूस कर।मगर अब तो उसकी शादी हो गई है और उसके दो बच्चे भी हैं.

मैं जैसे ही पीछे बैठने लगी तो वो बोला- लो दीदी आप चलाओ।मैंने कहा- मुझे तो चलानी ही नहीं आती!तो वह बोला- कोई नहीं, मैं सिखा दूँगा.

मित्रो, मुझे मेरे बचपन में ही मुठ मारने की आदत पड़ गयी थी, जो कि मेरे एक दोस्त ने मुझे लगाई थी. अगर मैं नहीं पी पायी तो तुम पी लेना।मुझे उसकी बात अच्छी लगी और मैंने ऑटो को एक वाइन शॉप पे रुकने को कहा। मैंने जाकर वहाँ से 2 बीयर और एक रेड वाइन की बोतल ले ली और ऑटो में आकर बैठ गया।कुछ ही देर में हम उसके घर पहुँचे. जब मैंने शुरू में उससे बात करना चालू किया तो हम दोनों में प्यार हो गया.

” गौरी का इतना लंबा चौड़ा उलाहना तो लाज़मी था। उसे सुनकर मैं हंसने लगा।अब दवाई है तो थोड़ी कड़वी और कष्टकारक तो होगी ही!”पता है तित्ता दर्द हुआ … मालूम?” गौरी ने अपने गले पर हाथ फिराते हुए हुए कहा।सॉरी! जान पर तुम्हारे भले के लिए यह सब मुझे करना पड़ा था। पता है मुझे भी कितनी शर्म आई थी. मुझे कभी खेलने के मन होता था, तो मॉम से बड़ी मुश्किल में परमीशन मिलती थी. फिर अक्सर हम लोगों की बात होने लगी और धीरे धीरे हम दोस्तों की तरह बातें करने लगे.

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अब मैंने अनीता का ध्यान दूसरी तरफ हटाने के लिए पूछा- क्या बात है? तुम सोई नहीं अभी तक?वो बोली- मुझे नींद नहीं आ रही है जीजा जी क्योंकि मेरी कमर में बहुत तेज दर्द हो रहा है. मेरे लन्ड में दर्द होने लगा था और ज्यादा जोर लगाने से ऐसा लग रहा था जैसे मेरे लन्ड की पूरी खाल छिल कर अलग हो जाएगी। मैं समझ सकता था कि उसे भी ऐसा ही खिंचाव चूत में लग रहा होगा. फिर एक दिन मेरे और मौसी के घर वालों को किसी रिश्तेदार के वहां किसी की मृत्यु हो गई, तो मेरे माता पिता के साथ उन सबको भी वहां जाना पड़ा.

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मैंने फिर से एक और झटका मारा, तो मेरा पूरा का पूरा लंड आंटी की चूत में चला गया. बस 5 मिनट लंड अन्दर डाल कर चोदते हैं … और अन्दर झाड़ कर सो जाते हैं. आह्ह … चूसो चाची … आहह् … बहुत मजा दे रही हो… उफ्फ … पूरा चूस लो चाची.

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इधर मैंने भी डॉक्टर की बीवी को चोद कर उसे चरमसीमा तक पहुंचा दिया था.

जीजा ने भोला से बताते हुए कहा- तुम खुद ही देख लो भाई साहब, जब मैं नौकर के साथ नीचे गया तो कितनी जल्दी ये तुम्हारा लंड लेने के लिए भी तैयार हो गई. लेकिन मेरा वीर्य अब शायद उबल चुका था और किसी भी समय बाहर निकल कर उसकी चूत में भरने वाला था. फिर आंटी के बारे में सब बात की, तो अंकल ने मेरे पति को बोला कि तुमने आज मेरे पर अहसान किया, जो सीमा को यहां लेकर आ गया.

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दो-तीन चक्कर मेरे चारों तरफ काटने के बाद वो मेरे पीछे की तरफ गये और मेरी गांड को दबा दिया. लगभग 15 मिनट बाद मैंने अपना सारा माल उनकी गांड में भर दिया और निढाल होकर अंकल के ऊपर ही गिर गया. दीदी ने धीरे से मेरी नीचे की लोअर और पैंटी निकाल दी और मुझे पूरी नंगी कर दिया.

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देर न करते हुए मैंने उसकी ब्रा को भी खोल दिया और उसके स्तन मेरे सामने नंगे हो गये. मेरा काम मूतने के अलावा लंड को अपनी चुत में ले जाकर उसको ढीला करना भी होता है. एक घंटा से रोमांस जो हो रहा था, लग रहा था कि चाची एक बार झड़ चुकी थीं.

जब फसल का काम खत्म हो गया तो फिर से हम दोनों में बहुत दिनों के बाद बात हुई. फिर उसने एकदम से मेरे हाथ को अपने हाथ में ले लिया और उसको सहलाने लगी.

उसके पूरे बदन में होने वाली झुरझुरी उसकी हवस को बयान कर रही थी, उसका अंग अंग फड़कने लगा था।धीरे धीरे उसकी चूत में रस बहना चालू हो चूका था, वो अपने आप पर काबू खोती जा रही थी, उसकी सांसें गहरी होती जा रही थी और उसका सीना उसकी साँसों के साथ तेज़ी से ऊपर नीचे हो रहा था, बदन में कम्कम्पी सी दौड़ रही थी।इधर मुकुल राय का लंड पूरा कड़क हो चूका था, अब परीशा से और बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था.

पहले मैं उनकी गर्दन पर किस करने लगा और साथ की साथ नाइटी के ऊपर से ही उनके चुचे भी दबाने लगा. यह कह कर मैंने उसे बेडरूम और टॉयलेट वाले किस्से के बारे में सब बता दिया. मैं हिमाचल प्रदेश का रहने वाला हूं और दिल्ली से सटे गुरुग्राम में जॉब करता हूं.

उधर सुमिना आशा की चूत में उंगली कर रही थी और आशा अपने चूचों को दबा रही थी. अगर मैं तुम्हारे अहसान जिंदगी भर भी चुकाना चाहूं, तो भी नहीं चुका पाऊँगी. सब लोग अपनी अपनी सच्ची कहानी लिखते हैं तो मैंने सोचा कि क्यों न मैं भी अपनी एक वास्तविक घटना लिख दूं जिसने मेरी ज़िंदगी को एक नए मोड़ पर लाकर रख दिया है.

फिर मैंने उससे पूछा- तुम दोनों ने कभी कुछ किया भी है क्या?एक बार तो उसने जवाब नहीं दिया लेकिन फिर वो कहने लगी- हाँ, एक बार उसने मुझे पॉर्न मूवी दिखा कर गर्म कर दिया था तो मैंने उसके साथ एक बार कर लिया था.

जंगलों की बीएफ: किसी बड़ापाओ की तरह उसकी बुर फूली हुई थी और अंदर से सुर्ख लाल दिखाई दे रही थी. ” नीलम से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था। वह जल्द से जल्द अपनी चूत में अपने ससुर का मोटा लंड घुसवाना चाहती थी इसीलिए उसने ज़ोर से सिसकारते हुए कहा।ओहहहह बेटी… यह ले, मैं अभी तुम्हारी चूत में लंड घुसाता हूँ.

मन कर रहा था कि उसके हाथ में ही वीर्य निकाल दूं लेकिन अभी उसकी चूत भी चोदनी बाकी थी इसलिए मैंने उसका हाथ हटा लिया. स्वरा ने सिगरेट बुझा कर अपना सिर मेरी गोद में रख दिया जो सीधा मेरे लंड पे लगा. मैंने आंटी का पैर थोड़ा सा और सरका दिया तो आंटी का पैर मेरे खड़े हुए लंड से टच हो गया.

मैं उनसे हमेशा शाम को बात करती हूँ और मेरी सहेलियां भी उनसे बात करती हैं क्योंकि वो बहुत हंस मुख किस्म के इंसान हैं.

तो दोस्तो, इस समय मैं अपनी कॉलेज फ्रेंड चारू के साथ होटल के रूम में पूरे मजे लेते हुए उसके चूतड़ दबा रहा था और काट रहा था. मैं उसकी टी-शर्ट के नीचे से हाथ डाल कर उसके नंगे मम्मों को दबाने लगा और किस करने लगा. हालांकि अन्य आई हुई लड़कियां भी एक से बढ़ कर एक थीं और काबिल भी थीं, शायद कविता से भी ज्यादा रही होंगी, पर पता नहीं क्यों, मेरा दिल कविता की तरफदारी कर रहा था.