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रोमांच और कामुकता के शिखर तक पहुंचाने का वादा है मेरा।अब कहानी बड़े रोमांचक दौर में पहुंच रही है.नेहा मुस्कुराती हुई टब में प्रवेश कर गई और मेरे पीछे आकर टब के किनारे पर बैठ गई.

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इस तरह से किस करने से उसके ब्रा में कैद चूचे मेरी छाती से रगड़ खाने लगे.

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कहते हुए मैंने उसे बेड पर खीँच लिया और उसको नेहा के पेट के ऊपर क्रॉस की तरह लिटा दिया. लंड का पानी इस बार चुत के रस के साथ उसकी जांघों पर मोटी बूंदों का आकार लेकर बहने लगा. मैंने नेहा की गोरी और बड़ी चुचियों को मसलना शुरू किया और उसके गुलाबी सख्त हुए निप्पल को अपने मुंह में भर लिया.

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दोस्तो, मैं फिर से एक बार आपके सामने इंडियन भाभीस चुदाई कहानी लेकर हाजिर हूँ. तुम न मिलते तो मैं सच में जान ही न पाती कि सेक्स इतना मज़ेदार होता है?अभी तक तो ये एक सजा के जैसा लगता था क्योंकि हर बार में मैं बस या तो दर्द से कराहती थी, या फिर उसके झड़ने के बाद प्यास से सारी रात छटपटाती थी लेकिन संतुष्ट कभी नहीं होती थी. ”आह्ह … दर्द होता है … जाने दो प्लीज।”अब मैं और ज्यादा उत्साहित हो गया और मैंने अपना फोन निकाल कर उसका वीडियो रिकॉर्डर ऑन कर लिया.

अगर नहीं हिलाना हो, तो मेरी ईमेल आईडी पर अपने मैसेज भेजिए और मेरे गोरे गदराए हुए जिस्म का लुत्फ उठाइए. मैंने भी तुरंत बात को आगे बढ़ाते हुए कहा- गीत, यार संजय के पास तो लंड है, उसे तो चूत चाहिए है.

” सानिया ने कहा तो जरूर पर मुझे लगता है अब यह दर्द उसके लिए असहनीय नहीं रहा है।मैंने उसके गालों और होंठों पर फिर से चुम्बन लिया और फिर उसकी बंद आँखों पर भी चुम्बन लिया। मेरे ऐसा करने से उसके शरीर में झनझनाहट सी होने लगी थी।सानू जान मेरी प्रियतमा … अपनी आँखें खोलो.

खुद को स्वरा के करीब लाकर मैंने अपना लण्ड स्वरा के चेहरे के सामने किया और उसके मुंह में दे दिया.

आज तो चूंकि अनिल का खतरा नहीं था तो उसने नैन्सी के गोरे मांसल मम्मों को लाल कर दिया था. उसकी तेज़ सांसों और सिसकारियों से यह पता लग रहा था।मैंने भी देर न करते हुए उसके उसके होंठों को अपने होंठों से दबाया और लंड चूत में सेट कर के एक जोरदार धक्का लगाया।धक्का लगते ही लंड चूत के सील को चीरता हुआ अंदर प्रवेश कर गया।उसने जोर से मेरे होंठों को दबाया जिससे मुझे पता चला कि उसे थोड़ा दर्द हुआ. फिर हिम्मत करके मैंने पूछ ही लिया- भाभी, आप मुझे अपना दोस्त समझ कर बता सकती हो, मैं आपकी समस्या सुलझाने की कोशिश करूंगा.

मैं प्रीति की मेहमान नवाजी में कोई कसर नहीं रखना चाहता था।मैंने प्रीति को जोधपुरी प्रिंट की एक चुन्नी दी गले में डालने के लिए, उसे पहन कर वो ऐसे लग रही थी कि जैसे कोई अंग्रेजी मैडम हमारे यहाँ की बहू बनकर आयी हो. स्वरा की बुर के लब खोलकर देखा तो बुर का गुलाबीपन मेरे लण्ड को दावत दे रहा था. उनकी मोटी जांघें, मेरी जाँघों और उनकी जांघों के बीच का हिस्सा, जब मेरी जांघों के बीच के हिस्से में टकराता था तो मुझे बहुत मजा आता था.

जब तक मैं भी तैयार हो लेता हूँ।जब मैंने उसको पहना तो उसका पीछे से बिल्कुल ओपन था और नीचे से बस मेरी जाँघ तक थी.

उसने स्लीवलेस डीप नेक ब्लाऊज के साथ डार्क स्लेटी रंग की मंहगी चमकिली साड़ी पहन रखी थी. मेरे दोनों हाथ रजनी के नितम्बों पर थे। वह कामुक रति की भांति मेरे लंड की सवारी कर रही थी और मैं मदमस्त होकर इस दृश्य का आनंद ले रहा था।अब उसकी उत्तेजना एक बार फिर से चरम पर पहुंच गई और वो तेजी से उछलते हुए मेरे लंड पर ही झड़ गयी. उसने पूछा- क्यों?मैंने कहा- मेरे मम्मी पापा मुझे रात के नौ बजे के बाद घर से बाहर भी नहीं निकलने देते हैं … तो गरबा के लिए कहां जाने देंगे.

मगर रति के सामने वो नाटक करते हुए बोला- आ गयी मेरी बिजनेस वूमेन बेटी।रिया- जी डैड।रमेश- बेटी कैसा रहा तेरा इवेंट?रिया ने रमेश के छिछोरे सवाल पर उसे देखा और मुस्कराती हुई बोली- बहुत बढ़िया डैड, बहुत मजा आया।रमेश- गुड, कल के इवेंट में किधर से ज्यादा मजा आया? आगे से या पीछे से?रमेश के सवाल का मतलब रिया अच्छी तरह जानती थी. मैंने जाते ही पूछा- क्या हुआ?सरोज भाभी बोली- कुछ नहीं हुआ, पहले तुम बैठो. हर तरफ सजावट और खाने-पीने की तैयारियों के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही थी.

झड़ने के बाद चुदाई करने में मुझे कुछ वक्त लगता है … तो मैं उसे बेड पर बांहों में लपेट कर लेट गया.

ये बोलकर उसने अपना लंड मेरी गांड से निकाला और मेरी चूत पर टिका दिया. मैंने भाभी को कमर से पकड़कर अपना कड़क तना हुआ लौड़ा चूत पर रखा और अंदर डालने लगा.

ट्रिपल एक्स बीएफ एचडी एक दिन मैं फिर से कमरे के पास गया तो देखने का तो कोई जुगाड़ नहीं था. उसने कमीज के नीचे बस एक अंगिया (हाफ ढीला बनियान जैसा ब्रा) पहना था। रजनी ने बताया कि जब से वो घर से निकली है तब से सिनेमा सेक्स के बारे में सोचकर काफी उत्तेजित हो रही है और उसकी चूत भी गीली हो चुकी है.

ट्रिपल एक्स बीएफ एचडी बातों बातों में मैंने उससे उस दिन वाली बात पूछी और कहा- तुम उस दिन मुझे गंदा क्यों कह रही थी?वो हंसने लगी और बोली- और क्या कहूं?पढ़ाई की किताब में कोई ऐसी गंदी किताब रखता है क्या?मैंने कहा- कैसी किताब?वो बोली- अच्छा तुम्हें नहीं पता?मैं- नहीं तो!फिर वो बोली- नाम बताऊं क्या?मैंने कहा- हां, बताओ, मुझे भी तो पता चले. मैं मुस्कुराते हुए बोली- थोड़ी सब्र करो … इंतजार का फल मीठा होता है साले बहनचोद.

अब हम दोनों ऊपर जाने लगे तो उसने पूछा- तुम अकेली रहती हो?तो मैंने उसको बोला- हाँ, अकेली रहती हूँ।अरे दोस्तो, मैं आपको उसका नाम बताना तो भूल ही गयी.

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वहां पर किसी भी तरह से मजा लिया जा सकता है जो असल जिन्दगी में किसी औरत के साथ संभव नहीं हो पाता है. मैं बोला- मगर बात तो तुम्हारे ही खिलाने की हुई थी न!तो वो बोली- तुमसे बातों में कोई नहीं जीत सकता. संजय की उंगलियाँ गीत की चूत के अंदर बाहर हो रही थीं और गीत मज़े से तडप रही थी.

मैंने सरोज के टॉप को बाहर निकाल दिया और उसकी स्कर्ट के इलास्टिक में उंगलियां देकर नीचे खींच दिया. उसने भी मुझे अपनी बांहों में लिया और धीरे-धीरे मेरी टी-शर्ट और निक्कर को अपने हाथों से उतारने लगी. यह सुनते ही मैंने सरोज को बांहों में उठा लिया और उसको जगह जगह से चूमने लग गया.

मीता- पर अंकल आप तो पूरे जानवर हो … एक बार भी ख्याल नहीं आया मेरी कमसिन चूत का … और मेरा … कितनी बेरहमी से अपना लंड मेरी चूत में डाला … मेरी तो जान ही निकाल दी आपने!मैं- मेरी जान वो पल ही ऐसा होता है, जब मर्द को जानवर बनना पड़ता है … वरना जो आनन्द बाद में आना है, उससे तुम वंचित रह जाती … और मैं अगर तुम्हारी बात मान लेता, तो तुम मेरे को लंड दोबारा डालने ही नहीं देती.

मैंने अपने घर के पीछे वाली दीवार के सामने से गाड़ी को खड़ा कर दिया जिससे कोई हम दोनों को देख ना सके और मैंने गाड़ी बंद कर दी और उस पर निढाल हो गयी. मैं- अरे भाभी, आदमी का दिमाग़ ऐसा ही होता है … कितना भी विश्वास हो, लेकिन कुछ भी सोच सकता है. तो वो हैरान होकर बोली- अजय, यह क्या है? सिर्फ एक ही पेग क्यों?मैं- इस शराब की बोतल में वो नशा कहाँ है जो तुम्हारें में है.

उन्होंने मेरी बनियान को निकाल दिया और नीचे झुककर मेरे सीने पर मेरी घुंडियों पर अपनी जीभ फेरने लगीं. ये बोलकर उसने अपना लंड मेरी गांड से निकाला और मेरी चूत पर टिका दिया. उसके पास आने के समय ही मैंने उसके सैंडल की आवाज से उसे पहचान लिया था.

मैंने कहा- ये सब तो एक हफ्ते में सही हो जाएंगे … तुम बताओ, तुम्हें मजा आया या नहीं?वो खुश होकर हां बोलते हुए वहां से चला गया. ये कहानी उसी के शब्दों में होगी लेकिन उससे पहले मैं उसका परिचय आपको दे देता हूं.

चेहरा गोल है और जब मैं हंसता हूं तो मेरे गालों पर गड्ढे हो जाते हैं. सर ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और बोले- कैसा लगा?मैं कुछ नहीं बोली. साली जी इस बार लंड को बड़े आराम से गांड में ले गयीं, उफ्फ तक नहीं की.

लेकिन कुछ देर बाद बहुत जलन होने लगी … जो बर्दाश्त करना सम्भव नहीं था.

अगर मैं कोशिश करूँ, तो हो सकता है मुझसे भी सेक्स कर ले।मगर दिक्कत ये थी कि मैं कैसे हिम्मत करूँ? कैसे उसे कहूँ कि लवी आ जा मुझसे चुदवा ले. उसके मुंह से बार बार ऊंह्ह … अम्म … स्सस … हाह्ह … करके सिसकारियां निकल रही थीं. मैं उनकी कमर पर हाथ फिराने लगा, फिर बिना कुछ बोले उनके कान के नीचे किस कर दिया.

मुझे ऐसा लगा कि स्वरा भी यह आनन्द लेने के लिए खुद को तैयार कर चुकी थी. उसका मुंह खुलवाकर मैंने उसके मुंह में लंड दे दिया और उसके मुंह को चोदने लगा.

” इतना कहते हुए शांति ने अपनी साड़ी खोल दी और बालों में लगा क्लिप हटाकर अपनी जुल्फें बिखरा दीं. रिया ने अपनी पैंटी को पैरों के नीचे कर दिया और बेड पर लेट कर अपने पैर हवा में उठा लिये और अपनी पैंटी को पैरों से निकालने लगी. मेरी पड़ोसन भाभी की चुदाई कहानी के पहले भागपड़ोस की भाभी सेक्स की चाह-1में अब तक आपने जाना कि मेरी और शशि भाभी की बातें होने लगी थीं.

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मैंने चूत से जीभ निकाली और भाभी की चूचियों पर गांड टिकाकर लंड उसके मुंह के सामने कर दिया.

तो उसने बताया कि वो पढ़ना चाहती थी लेकिन आर्थिक तंगी के कारण घर वालों ने सपोर्ट नहीं किया. लॉकडाउन सेक्स स्टोरी का अगला भाग:लॉकडाउन में पीजी में सेक्स की मस्ती- 2. मैं सच कहता हूँ … अगर मैं कहीं का राजा होता तो तुम्हें अपनी पटरानी ही बना लेता।क्यों?”अरे मेरी जान तुम्हें अपनी खूबसूरती का ज़रा भी भान नहीं है.

भाभी का काम हो चुका था, उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया था और वह एक बार निढाल हो गई और मुझसे कहने लगी- राजा, बस बिना हिले मेरे ऊपर लेटे रहो. कुछ देर बाद सोच कर उल्टा मुझे धमकाते हुए बोली- नहीं मुझे तुम्हारी जरूरत नहीं है. देओल की बीएफकभी वो दोनों मुझे किस करते, तो कभी मेरे मम्मों से खेलते, तो कभी गांड पर चपत लगा देते.

वास्तव में मुझे आपसे इसका पानी निकालने के लिए कहना ही नहीं चाहिए था. फिर वो हसीन चंचल बाला खिलखिलाती हुई पलट पलट कर मुझे देखते हुए मेरी नजरों से ओझल हो गई.

शायद लेस्बो करने से उसकी सील खुल चुकी थी, इसलिए उसे ज्यादा दर्द नहीं हो रहा था. फिर भाभी से पूछा- भाभी डिस्चार्ज कहाँ करना है?भाभी- अंदर चूत में ही करो, क्योंकि गर्म गर्म वीर्य बहुत अच्छा लगता है, कल में आई पिल खा लूँगी, तुम केमिस्ट से ला देना. दुनिया में हर इंसान पैसा कमाना चाहता है, चाहे कैसे भी हो, बस पैसा आए.

दिन में मैं भी एक शरीफ लड़की हूं।रवि- तुझे पैसों का ऑफर दिया है, आगे तेरी मर्जी।रिया ने रवि की तरफ देखा और मुस्करा कर बाथरूम में फ्रेश होने चली गयी. बहुत मजा आ रहा था लेकिन अभी तक मुझे मेरी साली की चुदाई का मौका हाथ नहीं लग रहा था. उसके मुँह से सिसकारियां निकले जा रही थी- अया ऊओह ह्म्म्म्म … मैं गईई!उसकी सांसें फूली हुई थीं.

लेकिन तुम्हारी जरूरत भी वाजिब है, इसलिये पैसे तो मैं तुम्हें दे दूंगा लेकिन तुमको एक वादा करना होगा, हमको कभी कभी खुश कर दिया करना.

जैसे ही मेरी चूत उनके सामने आई … मैं शर्म के कारण अपने हाथों से उसको ढकने लगी।मेरे दोनों हाथो को किनारे करते हुए उन्होंने मेरी चूत के दर्शन किये और बोले- अरे वाह रंजीता … सच में तुम एक खूबसूरत जिस्म की मालकिन हो. शीला और उसके होंठ मिले थे और उनकी जीभें एक दूसरे को चूमने में लगी थीं.

थोड़ा सोचकर भाभी ने हां कर दिया और कहा कि हम 8 बजे से पहले वापस आ जाएंगे. मैंने दादी से पूछा- लेकिन दादी ये भैंस तो उम्र में इस साँड से बहुत बड़ी है, इसकी तो माँ जितनी होगी?दादी बोली- बेटी, नर और मादा में उम्र नहीं देखी जाती केवल चुदाई की इच्छा देखी जाती है. असल में नैन्सी और अनिल हवाई जहाज में बहुत सफ़र करते थे तो ड्रिंक्स की छोटी बोतल उन पर रखी रहती थीं.

बेबी रानी का कहना था कि उस दिन क्या … पिछली शाम से गुड्डी रानी कई बार चुद ली. चूंकि हम लोग बात कर रहे थे, तो उसने धीरे से पूछा- क्या कर रहे हो? कहीं मुठ तो नहीं मार रहे हो?ये कह कर वो जोर जोर से हंसने लगी. मैंने अखबार में विज्ञापन देकर साली जी के लिए सरकारी नौकरी वाला, अच्छा सजातीय योग्य वर तलाश लिया और निष्ठा का विवाह धूमधाम से कर दिया.

ट्रिपल एक्स बीएफ एचडी मैं सभी पाठक पाठिकाओं को निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ. वो मुझसे बोली- रमित, मेरी बेस्ट फ्रेंड नैना को मेरी तरफ से एक अच्छी सी ड्रेस ला कर गिफ्ट कर देना.

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तो मेरा लण्ड बिना किसी ख़ास मेहनत के किट्टू की चूत की दीवारों को चीरता हुआ उसकी चूत में दाखिल हो गया।मेरा लण्ड तक़रीबन दो से ढाई इंच तक किट्टू की चूत में समा चुका था। किट्टू का टिल्ला टूट चूका था और उसकी चूत गर्म खून उगल रही थी. तो थोड़ा डर भी लगता था कि कहीं किसी को संदेह ना हो जाए।”तुम तो निरे फट्टू (डरपोक) हो. जवाब आपको ही देना है।मैंने तुरंत सचिन को हाँ कह दिया और कहा कि उन्हें मेरा नम्बर दे देना।सचिन को पता नहीं क्या हुआ उसने तुरंत ही मेरा नंबर उन्हें दे भी दिया।उसने कहा कि कुछ समय बाद वो आपको फ़ोन करेंगे।रात 11 बजे तक मैं इतंजार करती रही।11 बजे मेरे फोन पर अंजान नम्बर से फोन आया।मैं समझ गई कि उन्ही का फोन होगा।मैंने फ़ोन उठाया सामने से एक मोटी सी आवाज आई.

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वो कविता को गर्म करना चाहती थी और ऐसा करने में वो जल्दी ही कामयाब भी हो गयी.

रति झट से उठ कर कुतिया बन गयी और उसके लंड को मुंह में भर कर चूसने लगी. पर इस कमसिन बाला को इस प्रकार बेरहमी से नहीं चोदना मेरे जैसे शरीफ आदमी के लिए वाजिब नहीं था। मैं चुपचाप बिना कोई हरकत किए उसके ऊपर ऐसे ही बना रहा।पिछले 3-4 दिनों में मेरे मन में यह ख्याल भी जरूर आया था कि मैं कमसिन लड़की के साथ नाइंसाफी सी कर रहा हूँ। मेरे जैसे सभ्य परिवार में रहने वाले सामाजिक व्यक्ति के लिए यह सब उचित नहीं है. तो मेरे सभी रीडर्स, जो इंडियन सेक्स स्टोरीज से जुड़े हैं, मैं सबसे कहना चाहता हूं कि मेरे जैसे मोटे और भारी लोगों के लिए दिल्ली सेक्स चैट वेबसाइट एक बहुत ही उम्दा अनुभव देती है.

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तो चिकनाहट की वजह से उसके लंड का मुंह मेरी गांड में घुस के अटक गया. तुम तो बहुत अच्छा चाटते हो, अब फर्श पर लेट जाओ और अपनी मालकिन को अपना हुनर भी दिखाओ. भाभी जी की चुत में से एक मस्त महक आ रही थी, जिससे मैं और भी गर्म हो गया था.

तो मजा लें:वैसे हमारा परिवार मुंबई से 70 किलोमीटर दूर एक गाँव का रहने वाला था लेकिन पापा की जॉब के कारण हम मुंबई में ही बस गए थे. उसने नया कंडोम चढ़ाया और मेरे ऊपर आकर मेरी गीली चूत में अपना लंड घुसा दिया. मुकेश के बड़े भैया विनोद और भाभी अंकिता को शादी के 4 साल बाद भी कोई बच्चा नहीं हुआ.

सरोज ने दोनों कपड़े निकाले और चौड़ी टांगें फैला कर बेड पर लेट गई और मुझसे कहने लगी- आओ मेरे राजा, चोदो अपनी रानी को. फिर आंटी ने मुझसे कॉफ़ी के लिए पूछा, तो मैंने मन में बोला कि मुझे तो तेरी चूत का पानी पीना है मेरी जान. मैंने अनीता के मम्मों का मजा बाद में लेने का फैसला किया और बस लंड चुसवाने का खेल चलने दिया.

वो अपनी कॉलेज लाइफ से लेकर विदेश में मसाज के दौरान सेक्स कर चुकी थी. उसकी प्यास अब उंगली से नहीं बुझती।मैं तो उसकी चैट पढ़ कर निहाल हो गया.

तुम्हारे मन में मेरे लिए कुछ भी आया, तो तुमने इज़्ज़त से मुझे बताया और मेरे विचारों का भी ध्यान रखा.

मेरी पिछली सेक्स कहानीएक अनजान लड़की को दिया सम्पूर्ण आनन्दमें भर भरके प्यार देने के लिए आपको धन्यवाद. इंग्लिश में बीएफ चाहिए बीएफउसकी उभरती जवानी और विकसित होती हुई चूचियां किसी को भी उसकी चुदाई के लिए तड़पा दें. कैटरीना कैफ का बीएफ सेक्सहे कन्ट (चूत के गुलाम), ये है तुम्हारे लिये मेरा कैदखाना, तुम्हें यहीं पर मुझे खुश करना है!” मैंने हुक्म देते हुए कहा और सोफे पर बैठ गयी. मैंने सोचा था कि शायद नैना मुझसे थोड़ा नाराज़ होगी, गुस्सा करेगी और थोड़ा दूर रहेगी.

जैसे ही उसका हाथ मेरी चूत से लगा, मेरे शरीर में करंट सा दौड़ गया और ना चाहते हुए भी मैं उसके बस में होती चली गयी.

हाय फ्रेंड्स … मैं एक बार फिर से आपको उस रॉंग नम्बर वाली लौंडिया की चुदाई की कहानी आगे सुनाने आ गया हूँ. पर मैं सोच रहा था कि मैं किस-किस से दिल लगाऊं, प्रेम का दायरा क्या है?फिर मन में ख्याल आया कि जो हद में हो, वो प्रेम कहां हुआ!मैंने सोचा कि अगर आपके अन्दर बहुत सारा प्यार भरा है और आप बहुत से लोगों का प्रेम संभाल सकते हो, तो आगे बढ़ जाना चाहिए. काफी देर तक कोशिश करने के बावजूद जब परम अपना लण्ड मेरी गांड में नहीं डाल पाये तो झल्लाकर बोले- तुम्हारी सब सहेलियां मादरचोद हैं, तुमको उल्टा सीधा पढ़ाती हैं.

मैंने उसकी गांड पर लात मारते हुए कहा- ऐसे क्या देख रहा है कुत्ते? अपने मालिक के आगे घुटनों पर आ!ये कहते हुए मैंने उसकी जीन्स के ऊपर से उसकी गांड पर चमाट मार दिया. मगर कुछ लोग और तरह से सोचते हैं कि अगर कोई गश्ती पसंद आ गई, तो वे उसके साथ दोस्ती कर लेते हैं और पूरी तरह से उसके साथ प्यार मोहब्बत के मज़े लेते हैं. अनीता ने कहा- अच्छा वो तो रेशमा थी!मैंने कहा- नहीं, वो तो काव्या थी!अनीता ने तुरंत कहा- तुमने कैसा जाना?मैंने कहा- पहली बात तो उसकी हाइट कम है और धंधे में पहला दिन है … तो संकोच और हया का स्वाद भी उसके चुंबन में था.

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उसकी तरफ मुंह करके गीत लेट गयी और उसकी गांड से गांड मिला कर नेहा लेटी थी. प्रीति भाभी मेरे आगे और मैं उसके पीछे बैठ गया लेकिन जैसे ही नीचे बैठा हुआ ऊँट उठने लगा तो प्रीति घबरा कर मुझसे चिपक गयी और गलती से उसका एक हाथ फिसल कर मेरे लंड पर जा लगा. वहां मालूम पड़ा कि साले साहब आते समय मेहसाणा से अनीता और उसके बच्चों को भी ले आए थे.

रिया ने अपने बाप का लंड हैरत से देखा और बोली- इतना बड़ा और मोटा? और वो भी इस उम्र में? मानना पड़ेगा सेठ।रमेश- देख ले रांड, आज इसी से फाडूंगा तेरी गांड।रवि भी अपने कपड़े खोलने लगा.

मैं हतप्रभ था कि इसे ये सब कैसे पता! मैं थोड़ा हड़बड़ाया और मैंने पायल को खुद से अलग किया और उसके चेहरे को थाम कर कहा- तुम क्या कह रही हो?पायल ने मेरी आंखों में देखकर कहा- जिस दिन खुशी दीदी ने प्राची भाभी को आपके बारे में बताया और आपके रूकने की व्यवस्था और देखरख की जिम्मेदारी सौंपी थी.

वो दोनों मेरी ओर देखकर कमरे में चली गईं और मैं पांच मिनट होने का इंतजार करने लगा. रमेश ने अपनी बीवी की मोटी मोटी चूचियों को हाथ में भर लिया और उनको बारी बारी से चूसने लगा- चप्प … चपपह … हम्म … आह्ह … चत … ऊंम्म … आह्हह … चप … हह करते हुए वो उसकी चूचियों को पीता रहा. हिंदी बीएफ 16 साल की लड़की काशीला का काम घर की सफाई, कपड़ों की धुलाई और राजेश का नाश्ता-खाना बनाना होता है.

बेस्ट इंडियन सक्सी स्टोरी में पढ़ें कि एक शादीशुदा लड़की के बुलाने पर उसके घर जाकर मैंने उसे सेक्स का लाजवाब मजा दिया. वो जान बूझकर अपने चुचे और चूतड़ को हिला कर रिझा रही थीं … ऐसा लग रहा था, जैसे भाभी मुझे दीवाना बना रही हों. यकायक सर मेरी चूत तक पहुंच गए और उन्होंने मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चूत पर जीभ फेर दी.

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कविता ने आयल अपनी हथेलियों पर लेकर रवीना की पीठ पर लगाना शुरू किया.

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दूसरे भाग में आपने पढ़ा था कि रमेश ने अपनी नाराज बीवी को मनाने के लिए उसकी चूत चोद दी और वो खुश हो गयी. मैं लन्ड से उनकी चूत की लकीर पर हल्के से रगड़ने लगा। थोड़ी ही देर में भाभी बेचैन हो गई और लन्ड लेने को उत्सुक हो गई, वो अपनी गांड उठा कर लन्ड लेना चाह रही थी मैं भी लन्ड पीछे कर ले रहा था।चार बार ऐसा करने के बाद बाद पांचवी बार में मैंने भाभी की चूत मैं लन्ड डाल दिया. तभी राजीव ने छत पर आने वाले दरवाजे को बंद कर दिया और मेरे पीछे आ गया.

मुझे ऐसा लग रह था कि बस सर जल्दी से लंड चूत में पेल कर मुझे चोद दें.

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तभी उन्होंने मेरी टी-शर्ट के और अन्दर हाथ डाल दिया और पहले एक हाथ से मेरे मम्मे को पकड़ा और फिर दूसरे हाथ में भी थाम लिया.

कुछ पल बाद जब मैं उनसे छुड़ाने के लिए पलटी, तो वो मेरे नीचे आ गए और मैं उनके ऊपर चढ़ गई. विनोद भाई साहब की सरकारी नौकरी की वजह से उनको इतनी प्यारी बीवी मिली थी. भाभी ने धीरे धीरे खीरे को पहले मेरी चूत के छेद और क्लिटोरियस पर चलाया.