राजस्थान बीएफ सेक्सी

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वे मेरे घर आते, तो मैं कभी उनके सामने झुक कर झाड़ू लगाने लगती, कभी पौंछा लगाने लगती. जीजा साली की सेक्सी फिल्म हिंदी मेंजब वह वापस आई तो उसके डीप कट वाले सूट के गले से उसके चूचों की घाटियां उभर बाहर झांक रही थी.

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मैंने भी हंसते हुए उसको ज़ोर से किस किया और उसके साथ साथ अपने हाथ से फिर से उसके लंड को पकड़ लिया.मैं मानती हूँ कि तेरे भैया अब मेरी चूत को शांत करना जरूरी नहीं समझते लेकिन मैं उनकी पत्नी हूँ और इस तरह से मैं तुम्हारे साथ कुछ नहीं करना चाहती.

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मेरे लाए नई ब्रा और पैन्टी सैट पहनकर काजल आज एक अप्सरा से भी ज्यादा खूबसूरत और सेक्सी लग रही थी.उसके बाद ताऊ जी ने दोबारा से तेल की शीशी से थोड़ा तेल निकाला और अपने लंड पर मल लिया.

मैंने मामी से पूछा- आपको मजा आ रहा है?वो बिना कुछ बोले मेरे बाल पर अपना हाथ फिरा के मेरा साथ देने लगीं. राजस्थान बीएफ सेक्सी वो भी 30-40 धक्कों के बाद झड़ गए और अपना पूरा माल मेरी बुर में भर दिया और मेरे ऊपर ही लेट गए.

और अलग अपनी मम्मी के घर के आसपास रहने लगी।ऐसे दस पन्द्रह दिन बीत गए। मेरा जबलपुर जाना हुआ तो उनसे मिलने के लिए पूछा तो वे तैयार हो गई लेकिन मुझे किसी काम के कारण मैं उससे नहीं मिल पाया और वापस आ गया.

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उसके फ्री के गिफ्ट ने मेरा वो गुस्सा ठंडा कर दिया था, जो उसको लेकर था. उसकी नजर झुकी हुई थी और नीचे ही नीचे उसने मेरे तने हुए लंड को भी देख लिया था. मैंने उसको इशारा किया तो वो समझ गया और मुझे सबसे कोने वाले केबिन में जाने का इशारा कर दिया.

राजे आज तू यह रबड़ी मेरे दूधों पर रख के खाएगा … देख कितना मज़ा आएगा मादरचोद … तू भी क्या याद रखेगा कि क्या रबड़ी खायी थी. मैं धीरे धीरे अपने लंड को चुत के अन्दर बाहर करते हुए अनुषी की आंखों में देखने लगा. सेलिना को देख कर मेरे मन में हवस जागना शुरू हो गई थी और मेरे लंड ने अपना आकार लेना शुरू कर दिया था.

मैंने भी मौसी के ताल से ताल मिलाने के लिए, मेरे से जितना तेज़ हो सकता था उतना तेज़ धक्के लगाने लगा. मैंने भाबी के भारी चूतड़ों को थोड़ा सा खोला, जिससे कि उनका वो छोटा सा गुलाबी छेद मुझे दिखाई दे गया. वो बोला- तू इसे अपने लंड का स्वाद दे … और मैं इसकी चूत की सफाई अपनी जीभ से करता हूँ.

फिर भी दिल में जोश था लेकिन लंड कहीं मेरे अंडरवियर में छिपने की जगह ढूंढ रहा था. कमर बहुत तेज दर्द कर रही थी, समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करूँ मैं!मैं नीचे गई और किशोर को बुलाया, चाय के लिए कहा.

वो बोला- अगर तेरी मां को ये बात चलेगी कि तू अपने बाप से चुद रही थी तो क्या होगा फिर?वह मेरे पास आया और बोला- तेरे पापा कुछ ही देर में वापस आने वाले हैं.

वो जीजू की पैंट से बाहर निकल कर खड़े हुए लंड पर अपनी गांड रखते हुए उनकी टांगों के बीच में बैठ गई और जीजू की शर्ट उतारने लगी.

मानसी रितेश के लंड को सहलाते हुए बोली- जीजू, कुछ दिन और रुक जाते!रितेश जीजू ने कहा- साली साहिबा, ऑफिस का काम भी तो देखना है. कई बार तो वो एक ही सवाल को दो बार ले आती थी जिससे मुझे उसकी चोरी के बारे में पता लगने लगा था कि यह जान-बूझकर ऐसा करती है. हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और जल्दी से घर जाने की तैयारी करने लगे.

लेकिन जब मैंने जीजा के साथ पहले सेक्स में हुए दर्द के बारे में सोचा तो थोड़ा डर भी लग रहा था. मैंने इस सेक्स कहानी में न ही कोई मिर्च मसाला डाला है … जो कुछ भी किया था, वो सब वैसा का वैसा ही लिख दिया है. पहले तो मैं थोड़ा घबरा रहा था क्योंकि मैं इससे पहले कभी किसी शादीशुदा औरत से नहीं मिला था.

उसके टॉप को उतारा और उसके मम्मों को देखे, जो अभी थोड़े ही निकले थे, निप्पल भी बाहर को निकले थे.

एक मिनट ही बीता था कि डॉली खिसककर मेरे पास आई और अपना हाथ मेरे सीने पर फेरने लगी, थोड़ी देर में उसने मेरा हाथ पकड़कर अपनी चूत पर रख दिया. सगे बाप के साथ दोनों बहनों को गंदी हरकतें करते देखकर मुझे अजीब सा मज़ा आया और मेरी चूत में सनसनाहट सी होने लगी. मैं अंदाजा लगा रही थी कि उसने बरामदे की लाइट ऑफ कर दी है क्योंकि मैंने आँखे खोल के बाहर झांकने की कोशिश की.

जब मेरा लंड भाभी की चुत में 6″ तक घुस गया, तो वो बोलीं- अब रुक जाओ. आधे घंटे तक वह ऐसे ही मेरे लंड पर उछलती रही और इस तरह चुदाई के बाद हम दोनों साथ में ही झड़ गये. पर कुछ में तो मेरे सुबुद्ध पाठकों के वाक़ई में लाज़बाब सुझाव थे या बहुत ही बुद्धिमत्तापूर्वक आलोचन.

मुझे ऐसा लगता था कि वो मुझे पसंद करता है क्योंकि वो जब भी मेरे घर आता था तो मुझे ही देखता रहता था.

इस बार मैं भाभी की चूत के दाने को भी हल्के हल्के से अपने दांतों से काटते हुए चूसने लगा. मेरी गीली-गीली चूत पर जीजा का लंड जा लगा और उन्होंने पल भर की देर किये बिना ही मेरी चूत में लंड को सेट करके एक ऐसा धक्का मारा कि मैंने जीजा की कमर को नोंच दिया.

राजस्थान बीएफ सेक्सी ”मैंने कटोरा पलट के थोड़ी रबड़ी दायीं चूची के ऊपर और थोड़ी बायीं चूची पर टपका दी. मैं भी जवान हो चुकी थी, मैंने भले ही अब तक कभी किसी से चुदवाया नहीं था, पर चुदाई के बारे में मैं सब कुछ जानती थी.

राजस्थान बीएफ सेक्सी हमारे घर के पीछे आम का बहुत बड़ा पेड़ लगा है, जिस पर बहुत आम आते थे. तभी दिशा और राधिका दोनों एक दूसरे से लेस्बियन किस करने लगीं और मम्मे सहलाने लगीं.

पहली बार मैंने मौसी के सामने लंड और चूत जैसे शब्दों का प्रयोग किया और इस वजह से मौसी मुझे बड़े ही आश्चर्य से देखते हुए बोलीं- क्या क्या बोल रहा है तू … और कहां से सीखा ये सब?मैं- इसमें सीखने का क्या है मौसी, दुनिया में तो सिर्फ दो ही जाति के इंसान होते हैं … औरत और मर्द.

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दोस्त की बात सुनकर मेरा लंड भी खड़ा हो गया और अब मुझको भी उसे चोदने का मन हो गया था. भाबी ने ये कहा और लंड को दबाते हुए मुझे छेड़ा- देखो तो कितना रॉड की तरह तना हुआ खड़ा है. लेकिन उनकी ज़िद के आगे एक न चली … आख़िरकार वे सेक्स की भूखी जो थी।जैसे तैसे कर रूम लिया और ऊपर चले गाए लेकिन उधर पर जाकर मेरा मन नहीं था तो मुझे अटपटा लग रहा था.

मैं उसकी गर्म सांसों को महसूस कर सकता था। उसके बाद मैं उसके होंठों पर पहुंचा और वो आइस क्यूब को जीभ निकल कर चाटने लगी। उसकी आँखों पर पट्टी थी. चरम आनंद के नज़दीक पहुँच गई रानी ने अपने नाखूनों से मेरी पीठ खुरच डाली और एक ऊंची आह भर के चूत ढीली कर ली. उसके‌ कारण एक तो मुझे उससे शर्म महसूस होती थी और दूसरा मुझे थोड़ा-बहुत इस बात का भी डर था कि‌ कहीं मोनी मेरे बारे में घर पर फोन‌ करके न बता दे.

मानसी के उछलने से जीजू के टट्टों पर मानसी जांघें लग रही थी और पट्ट-पट की आवाज होने लगी जो बाहर दरवाजे तक आ रही थी.

मुझे ये भी डर था कि कहीं अगर मेरे पहुंचने से पहले भाई घर पर पहुंच गया तो कहीं उसको मेरे ऊपर कुछ शक न हो जाये क्योंकि मैं ऐसे कभी घर से बाहर नहीं रहती थी ज्यादा टाइम के लिये. सीधी-सादी भाषा में इस का यही मतलब निकलता था कि वसुन्धरा मन ही मन मुझे पसंद करती थी. अपने लंड से इसको चोद कर शांत कर दो राज … प्लीज!मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को सेट किया और धक्का देकर एक ही झटके में पूरा लंड उसकी टाइट सी चूत में फंसा दिया.

हमेशा की तरह मेरा साजन मेरी गोद में सर रख कर सो रहा था और मेरे स्तनों को चूस रहा था. उसके पति उसके साथ कुछ करते या नहीं, इस पर भाभी की अभी तक कोई टिप्पणी नहीं हुई थी. मैंने पूछा- क्या देख रही हो?वो बोली- मैंने आज तक किसी मर्द को इस तरह से पूरा का पूरा नंगा नहीं देखा.

हिना मेरे सिर को अपनी चुत में डालने लगी और दस मिनट बाद मैं उसको छोड़ कर उठा, नहाने चला गया. आप लोग इन सभी कहानियों को पढ़कर वापिस मेल के जरिए जबाव देकर हमें प्रोत्साहित करते हैं.

फिर मैंने प्रिया से कहा- अगर तुम परीक्षा में अच्छे नम्बर लाना चाहती हो तो मेरे पास तुम्हारे लिए एक अच्छा उपाय है. मनीषा से जब बातचीत हुई तो उसने मुझे बताया कि वो शादीशुदा है और उसका पति काम के लिए नासिक में रहता है. नाइटी में हाथ डालकर मैंने माँ के बूब्स को बाहर निकाल लिया और उसको देखने लगा.

तभी भाभी बोली- क्या हुआ कुछ गड़बड़ है क्या?मैंने कहा- नहीं भाभी … आप गजब लग रही हो.

दूसरे दिन वनिता दोपहर में घर आई और मुझसे पूछने लगी कि पति कब गए?मैं बोली- रात में 11 बजे. फिर काम निपटा कर वो चुपचाप मेरे साथ ही नीचे बिस्तर पर सो गयी।अपने दोस्तों के साथ मैं कभी कभी बियर तो पी लेता था मगर मैंने शराब कभी नहीं पी थी। वैसे उस बोतल में ज्यादा शराब भी नहीं थी बस दो या तीन पैग के करीब ही होगी. मैं दरवाजा बंद करके उसके सामने खड़ा होकर उसका हाथ अपने हाथों में पकड़ लिया.

उनके मन में ये था कि उन दोनों को सेक्स करते उनकी जवान सेक्सी साली देख रही है. अब मेरे लबों का सफ़र वक्ष के ऊपर पड़े ब्रा के कप की वजह से थोड़ा सा दुश्वार होने को था कि तभी आनंद की किलकारियों से सराबोर वसुन्धरा ने अपने दाएं हाथ से अपने ब्रा का कप ज़रा सा ऊपर उठा कर मेरे होंठों को अपना सफर जारी रखने का मौन निर्देश जारी किया.

पहले दोस्ती मजबूत हुई, फिर हम दोनों अपनी पर्सनल जानकारी एक दूसरे से साझा करने लगे. इसके बारे में तुम्हें पता नहीं था। तुमने सोचा घर पर केवल रीना और तुम ही हो। तुमने अपने स्तनों पर टॉवल लपेटकर अपने कूल्हे व स्तन ढक रखे थे। उस वक्त मैं ऊपर वाले कमरे में ही था. रानी आनंद में ऐसी मस्त थी जैसे पूरी बोतल तेज़ दारू पीकर नशे में धुत्त हो.

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प्लान के मुताबिक फार्म हाउस पहुंचने के बाद मेरे फोन पर मेरे एक तीसरे दोस्त का फोन आया.

फिर दिशा बेड से खड़ी होने कोशिश करने लगी, लेकिन घमासान चुदाई के वजह से वो एक पल के लिए लड़खड़ा गई. मैंने मामी से लंड चूसने को बोला तो वो बोलीं- नहीं मुझे उल्टी आ जाती है. जैसे ही मेरा हाथ उसकी चूत पर जाकर टिका उसने अपनी जांघों को भींच लिया और घुटनों को मोड़ कर उन्हें दूसरी तरफ कर लिया.

उसको पता नहीं मेरी क्या बात पसन्द आ गई थी कि अब वो हर रोज़ मुझसे लिफ्ट मांगने लगी. अन्य लोगों की तरह मैं झूठ नहीं बोलूँगा कि मेरा लंड 8-9 इंच लम्बा है. लगन लगी सेक्सी वीडियोआगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपनी बुआ और ताऊ जी के बारे में कुछ बता देना चाहता हूँ.

इसलिए वो अपनी कमर उचका-उचका कर लंड को जितना अन्दर ले सके, लेने का प्रयास कर रही थी. आगरा से ट्रांसफर होकर जब मैं कानपुर आया तो मैंने कानपुर में जो मकान किराये पर लिया.

मुझे देख कर मेरे स्कूल के लड़के और मेरे भाई के दोस्त अक्सर आहें भरने लगते थे, परन्तु मैं इन सब में कुछ नहीं समझती और अपनी ही मस्ती में मस्त रहने वाली एक अल्हड़ कच्ची कली थी. ”फ़िर बड़ी वाली ने छोटी बहन की कमर में हाथ डालकर उसे झुकाया और जीभ से उसकी चूचियां चाटते हुई बोली- लो अब चोदिये इसकी चूत को पापा. मैं- तो क्या आप मेरा ये काम करोगे?अंकल- हां बेटा, मैं जरूर करूंगा, मगर मेरी तुम्हारी अम्मी से ज्यादा बात कभी नहीं हुई है.

इसके बारे में तुम्हें पता नहीं था। तुमने सोचा घर पर केवल रीना और तुम ही हो। तुमने अपने स्तनों पर टॉवल लपेटकर अपने कूल्हे व स्तन ढक रखे थे। उस वक्त मैं ऊपर वाले कमरे में ही था. मैंने बाथ लिया और काले रंग की टाइट जीन और नीले और आसमानी रंग की चैक की शर्ट डाल ली और नीचे जूते पहन लिए. इसके बाद मैंने उसके होंठों पर किस किया और पूछा- क्या तुम्हारी सलवार भी निकाल दूँ?उसने मुझे चूमते हुए कहा- अब क्या दिक्कत है … निकाल ही दो बेबी.

मैंने बोला- अच्छा जी … सही है और बताइये क्या प्लान है?वो बोली- मेरा कोई प्लान नहीं है, मैं तो फ्री हूँ.

उसने दोबारा से मेरा लंड मुंह में ले लिया और मेरी गांड पर हाथों को दबाकर उसे जोर से चूसने लगी. उसकी गोरी और मोटी चूचियों को दबाते हुए उसकी चूत में लंड के धक्के लगाते हुए जो आनंद आया मैं उसको कैसे बताऊं दोस्तो, ऐसी किस्मत बहुत कम लोगों की चमकती है जिनको ऐसी चूत नसीब होती है.

मैंने एक फर्जी कॉल की, थोड़ी देर बात करने के बाद डॉली को बताया कि रात को रुकना पड़ेगा, चलो दीदी के घर चलते हैं, तुम अपनी मम्मी को बता दो. उसने रास्ते में अपनी बाइक रोकी तो मैंने पूछ लिया कि आपने बाइक क्यों रोक ली?वो बोला- मुझे यहां पर कुछ काम है. उसने सॉरी बोला और कहा- उसका भाई और माँ, उसके साथ सो गए थे, इसलिए वो नहीं आ सकी.

यह कहानी मेरी और मेरी दीदी के बीच में हुई सच्ची घटना की है। उस समय मेरी दीदी रमणी (बदला हुआ नाम) 24 साल की थी और मैं सोनू उससे 2 साल छोटा था। मेरे घर में मम्मी, पापा और हम दोनों ही रहते थे।मैं आप लोगों को ज्यादा बोर नहीं करते हुए सीधे कहानी पर आता हूं।एक दिन की बात है जब मैं बाथरूम में नहा रहा था और मेरी शुरू से ही आदत थी कि मैं पूरा नंगा होकर शावर लेता था. मेरे मुहँ से अह्ह उम्म्ह… अहह… हय… याह… आअह … और करो … मजा आ रहा है … आह!उसने चाट चाट कर मेरी पूरी चुत साफ़ कर दी. इस तरह हम दोनों का प्यार बढ़ता गया और अब तो अनुषी ने कई बार मेरे घर आकर भी मुझे चुत दी.

राजस्थान बीएफ सेक्सी धीरे धीरे मेरा पूरा लंड उसके मुँह में समा गया जिस वो अंदर बाहर करके चूसती रही. मैं- बताओ न भाभी, मैंने जो कहा वो सच है न?वो बोली- ऐसी किस्मत कहाँ है मेरी!मैं- क्यों, ऐसी बात क्यूं कह रही हो आप? आपको मजा नहीं आता क्या भैया के साथ? या आपका ही दिल नहीं करता है कुछ करने का अब?वो बोली- दिल तो बहुत करता है लेकिन …मैं- लेकिन क्या?भाभी- तुम्हारे भैया को अब मेरे बदन में कोई रुचि नहीं रही.

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मैं अब और बड़ा साहब बन चुका था, परन्तु प्रमोशन के साथ ट्रान्सफर भी हो गया था. फिर मैं उसके दोनों हाथों को हटा कर उसकी गर्दन और कान पर किस करने लगा, जिससे उसकी पूरी बॉडी में सिहरन सी दौड़ गई. कारें तो कई खड़ी थी लेकिन समस्या ड्राईवर की थी, ड्राइवर कोई नहीं था.

मैंने मामी से लंड चूसने को बोला तो वो बोलीं- नहीं मुझे उल्टी आ जाती है. उसके बाद मैंने उसको बेड पर लेटा दिया और उसके चूचों के बीच में तने हुए निप्पलों को चूसने लगा. सेक्सी एचडी 2021मेरा पूरा लंड भाबी के मुँह में जाते ही मुझ पर न जाने कौन सा शैतान सवार हो गया, मैंने अपना लंड एकदम से भाबी के गले तक ठांस दिया.

ऐसा लग रहा था कि जैसे ताऊ जी के हाथ के छूने से उनको बहुत ज्यादा मजा आ रहा है.

वो और ज्यादा जोर जोर से चिल्लाने लगी- आह दीदी, मर गई … बचाओ मुझे … मैं मर जाऊंगी. इस पर काजल बोली- मुझे तो कुछ लेना नहीं है, इसलिए आप दोनों ही चले जाओ.

मैंने कहानी लिखना शुरू किया और सिर्फ 20 से 25 मिनट में सब लिख दिया और बिना वापस पढ़े पब्लिशर को ईमेल भी कर दिया. अब मैंने अपने लंड को बड़ी मुँह वाली उस तेल की शीशी में अपना लंड अन्दर डाल दिया और लंड को पूरी तरह से चिकना कर लिया. वैसे ये कहानी मेरी अम्मी बारे में है, इस कहानी में मैंने अपनी अम्मी के अकेलेपन का इलाज ढूंढा है.

टीचर सेक्स स्टोरी में अब तक आपने पढ़ा कि नम्रता अपने पति से फोन पर बात करते हुए उससे गांड मारने की कल्पना कर रही थी.

मैं बोली- यस हनी ही कहना … मम्मी नहीं … बल्कि तू मुझे कविता डार्लिंग बोल. वसुन्धरा की भृकुटि हर वक़्त यूं तनी रहती कि जैसे उस की पेशानी पर स्थायी तौर पर 111 लिखा गया हो. उसने कहा- अभी मेरा और मन है तेरी चुदाई करने का!मैंने उसे बताया- मन तो मेरा भी है … पर मेरे सास ससुर आ जायेंगे.

आंटी सेक्सी हिंदी मेंधीरे धीरे उनके झटके तेज़ होते जा रहे थे, अब मेरा दर्द कुछ मजे में बदल रहा था. हम चारों घमासान चुदाई के दंगल से थक गए थे, इसलिए दो दो पैग ब्लैक डॉग और एक सिगरेट का मजा लेकर हम सभी आराम करने लगे.

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महेश अक्सर ड्रिंक भी करता था और उसने बताया था कि उसकी बीवी भी साथ में ड्रिंक करती है. उसकी इस पहल से पहले तो मैं हड़बड़ाया, लेकिन तुरंत ही सम्भल गया और उसका साथ देने लगा. उसने सुमिना की एक टांग को उठाया और अपना लंड उसकी चूत में सेट करके फिर उसकी चुदाई करने लगा.

मैंने उसकी सलवार को खोल कर नीचे खींच दिया और उसे अपनी वाली जगह पर दीवार के साथ सटा दिया. बंधन काफी मजबूत था। मैं आइस को उसके कंधों से कान और गर्दन तक घूमता। वो आनंद से उन्मादित हो उठती।ऐसा करने के बाद मैं उसकी बांहों के नीचे आ गया। चूंकि उसके दोनों हाथ ऊपर पुल-बार में बंधे हुए थे उसके आर्मपिट्स (बगलें) मेरी तरफ खुले हुए थे. ज़ाहिर सी बात थी कि काजल के बाद सुमिना घुसने वाली थी और सबसे आखिर में मैं.

मेरे हाथों में लंड जाते ही वह समझ गया कि मैं भी उसका लंड लेना चाहती हूं. मगर फिर भी मैं शौच आदि से निवृत्त होकर तैयार हो गया।मैं नहा-धोकर तैयार हुआ तब तक मोनी ने दोपहर का खाना बना लिया था इसलिये खाना खा‌कर मैं अब टीवी देखने‌ लगा गया और रोजाना की तरह ही मोनी घर के‌ काम‌ निपटा‌कर पड़ोसन‌ के‌ पास चली गयी‌।इसी तरह दिन‌ निकल‌ गया और रात हो गयी।अब रात को भी मोनी ने मुझसे कुछ खास बात नहीं की. एक तरफ मेरी बहन सुमिना का नंगा जिस्म और उसके हिलते हुए चूचे जो कुणाल के धक्कों के साथ उछल रहे थे, दूसरी तरफ कुणाल की मॉडल जैसी गठीली बॉडी जो पूरी ताकत के साथ मेरी बहन को चोद रही थी.

नयी जगह होने के कारण और उच्च शिक्षा के कारण व्यस्त रहता था, तो मैंने बाहर भी कोई लड़की को नहीं पटाया था. रवि बॉस के जबरदस्त लौड़े ने मेरी सालों पुरानी तमन्ना पूरी कर दी थी.

मैंने मना किया तो आंटी ने कहा- मैं तुमको कोई गिफ्ट देना चाहती थी, लेकिन इस वक्त सम्भव नहीं है, प्लीज़ तुम बुरा मत मानना, अपने लिए कुछ भी मेरी तरफ से ले लेना.

अत: निर्धारित तिथि से एक दिन पहले मैं और मेरा भाई साक्षात्कार के लिए जायल-जयपुर वाली बस में जयपुर जाने के लिए सवार हो गये. सेक्सी वीडियो जंगल में केएक टाईट सा पैग पी कर थोड़ा राहत मिली और हम लोग रजाई लेकर बेड पर बैठ गए. माधुरी दीक्षित के नंगे फोटोबीच बीच में अपना अंगूठा उसकी गांड के छेद पर रखकर हल्के से दबा देता. उस दिन पूरा दिन हम सबने सिटी घूमी और शाम के बाद से ही रूम में आ गए फिर पूरी रात चुदाई का मज़ा किया.

मैंने पूछा- झांटें साफ़ की हैं क्या?वो हंस कर बोली- हां आज ही जंगल की सफाई की है.

मुझे चोद दो जल्दी!उसने मेरे लंड को पैंट के ऊपर से ही अपनी मुट्ठी में भींच लिया और आगे-पीछे करके सहलाते हुए हिलाने लगी. नम्रता ने भी लेकर अपना मुँह खोल दिया और मैं अपने सुपारे के ऊपर ही बियर गिराने लगा, जो सीधा नम्रता के मुँह में जा रहा था. कुछ देर बाद मामी फिर से गर्म होने लगीं और उन्होंने मुझे अपनी बांहों में जकड़ लिया.

मैं हौले हौले से उसकी चुत पर हाथ घुमाने लगा और धीरे धीरे करके मैंने अपने पूरे लंड को उसकी चुत में घुसेड़ दिया. अब बच्चे भी बड़े हो गये हैं इसलिए इन सब बातों का कोई फायदा नहीं है. एक पैर जब आगे आ गया तो तौलिए का पीछे वाला सिरा खींच के आगे को कर दिया और रानी का दूसरा पैर तारीफ करते हुए उस सिरे पर रखा.

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कूलर को मैंने अपने कमरे में लगाने के लिए मानसी से पूछा तो वो बोली- ठीक है. आख़िरकार वो दिन आ ही गया, जब 6 महीने बाद भाबी और राम भैया का दिल्ली आना हुआ. फिर मेरे पीछे आकर मेरे कूल्हे को हाथों से दबाते हुए दांत से काटने लगी.

मेरा बदन थोड़ा सा भरा हुआ मांसल हो गया है अब; पहले मैं छरहरी हुआ करती थी.

मैंने लपक के रानी को उठाया और गोदी में उठाए हुए भागता हुआ बैडरूम जा पहुंचा.

यह मेरी रीयल स्टोरी है आप को कैसी लगी, मुझे बतायें।[emailprotected]. अभी मैं लंड चूस ही रही थी कि पीछे से अजय हाथ में सिगरेट लेकर आया और बोला- साली कुतिया मादरचोदी … आराम से लंड खा … एक और भी लंड है तेरी गांड फाड़ने के लिए. सेक्सी देखना है हिंदीमैं अभी भी उसकी चूची को एक हाथ से दबा रहा था और मेरा हाथ उसकी दूसरी चूची की घुंडी के इर्द गिर्द चूम रहा था.

ये हिस्सा एक तरह से एक बंद एरिया सा था, जिधर से बाहर वाले को कुछ भी नहीं दिखाई दे सकता था. कुछ ही मिनट बाद वो खुद उठ कर लंड मुँह में लेने लगी … और देखते ही देखते मेरा लंड फिर से हार्ड हो गया. थोड़ी ही देर में मार्केट पहुंच गए और हमने पार्किंग में गाड़ी पार्क कर दी.

मैंने उसको अपनी तरफ घुमाया और उसके चूचों को देखते ही मैं उन पर टूट पड़ा. मगर अभी मुझे 12 बजे का इंतजार करना था ताकि माँ गहरी नींद में सोती रहे.

दोस्तो, उसका एक एक बूब आधा आधा किलो का होगा और एकदम गोरे गोरे निप्पल्स भी हल्के भूरे रंग के थे.

काफी देर तक ये सिलसिला चलता रहा और भाभी मादक सिसकारियाँ भरे जा रही थी. उसकी बात सुनकर वो महिला भी उससे पूछने लगी- और मेरा फोन कितनी देर में मिलेगा?उस कर्मचारी ने उस महिला के फोन के लिए देखा और कहा आपका फोन भी तीन घंटे में ही मिल पाएगा. पर एक बात थी कि खाना बनाने की तैयारियों के बीच वो मुझसे चिपकती, फिर पलटी मार के अपनी पीठ को मेरे सीने से चिपकाती और फिर मुझे पीछे से पकड़ लेती.

सेक्सी विडियो. फिर मैंने उसका लंड बाहर निकाला और किस करके कहा- मुझे मुख में लंड लेना बहुत पसंद है. बाहर मुन्ना भी अकेला है और मैंने अब कपड़े भी पहन लिए हैं।मैंने भी मन में सोचा कि उसकी भी बात ठीक है.

कभी मौका मिले, तो ट्राई जरूर करना और जिसने भी कभी ट्राई किया हो या ट्राई करने की इच्छा हो, मेल करके मुझे जरूर बताना. कुछ ही देर बाद मुझे लगा कि मैं झड़ जाऊंगा, तो मैंने उससे कहा- मेरा निकलने वाला है. वो मजे ले सकती है तो मैं क्यों नहीं?उस दिन के बाद से वो दोनों बहनें अपनी चूतें मुझसे चुदवाने लगीं.

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तभी पारो गुलाबो का हाथ पकड़ कर वहां ले आयी और बोली- आमिर, ये लो तुम्हारी गुलाबो … आराम से करना. एक तो तुम नंगे होकर नहाते हो, फिर ऊपर से दरवाजा भी बंद नहीं करते हो. मैंने सोचा कि ये लोग शादी में अपनी खुशियां मनाने आए हैं और मेरी वजह से ये पूरे 2 या 3 दिन मुँह लटकाये रहेंगे, तो अच्छा नहीं लगेगा.

अब हम दोनों को जब भी मौका मिलता है, तो हम दोनों किसी न किसी होटल में जाकर सेक्स कर लेते हैं. काफी देर गाने सुनने के बाद जब मैं बोर होने लगी, तो मैं आस पास देखने लगी.

उसकी भूरी आंखें, काले लंबे बाल और उसके होंठ तो गुलाब की पंखुरियों से थे.

उधर नीना की चूत में उंगली घुसी इधर मैंने भी मस्त होकर अपना हाथ पेंटी के अन्दर ले जाकर अपनी कुंवारी चूत में अपनी उंगली डाल कर अन्दर बाहर करने लगी. अत: निर्धारित तिथि से एक दिन पहले मैं और मेरा भाई साक्षात्कार के लिए जायल-जयपुर वाली बस में जयपुर जाने के लिए सवार हो गये. निहारिका ने मेरा सर दोनों हाथों से पकड़ रखा था और अपनी छाती से चिपका रखा था.

इसलिए उस दिन के बाद से मैंने सुमिना की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया. मैं तो बस अपनी गीतू को चूसना चाहता था।मैंने देर न करते हुए उसकी गुलाबी रंग की पैंटी उतार दी. फिर मैंने काजल की नाभि के अन्दर मेरी जीभ घुसा कर उसकी नाभि की चुसाई करना चालू कर दी.

वैसे तो मुझे भी गरबा और डांडिया खेलने का शौक है और मुझे डांडिया खेलना आता भी है.

राजस्थान बीएफ सेक्सी: भाबी ने ये कहा और लंड को दबाते हुए मुझे छेड़ा- देखो तो कितना रॉड की तरह तना हुआ खड़ा है. मेरी मजेदार सेक्सी कहानी के पहले भागसहेली के ससुर से चुद गई मैं-1में अब तक आपने पढ़ा कि मेरी सहेली वनिता के ससुर से मेरी सैटिंग जम गई थी.

इसीलिये मैं धीरे से घर के मेन दरवाजे से बाहर निकल गया और पास ही एक किरयाने की दुकान पर जाकर खड़ा हो गया. इंस्टिट्यूट में एक्सट्रा क्लास लगने लगी थी और कमजोर बच्चों को अलग से टाइम देने के लिए कहा गया था. मैंने अपनी इस उंगली को नम्रता को दिखाते हुए अपनी जीभ उस छिपकली के समान बाहर निकाली, जैसे वो अपने शिकार को पकड़ रही हो.

उसके चूचों को दबाते हुए मैं उसके होंठों को चूसने लगा और नीचे की तरफ मेरा लंड उसकी चूत में उतरने लगा.

मेरी पुष्ट जांघें और उभरा हुआ गोलमटोल पिछवाड़ा मुझे बेहद सेक्सी लुक देता है. दो-तीन मिनट के बाद आंटी वरूण के लंड की तरफ अपनी चूत को फेंकने लगी और देखते ही देखते उसकी चूत ने पचर-पचर पानी छोड़ दिया. लेटने के बाद मैंने माँ की टांगों को फैला दिया और उनकी चूत में अपने लंड को रगड़ने लगा.