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मैंने कहानी लिखना शुरू किया और सिर्फ 20 से 25 मिनट में सब लिख दिया और बिना वापस पढ़े पब्लिशर को ईमेल भी कर दिया. सेक्सी पिक्चर चोदने वाला दिखाओमैं फिर से अनुषी के होंठों को चूमने लगा और अनुषी भी मेरे लंड को पकड़ कर आगे पीछे करने लगी.

करीब आधे घंटे के बाद उनका लंड एक बार फिर से टाईट हो गया और हम दोनों ने फिर से चुदाई शुरु कर दी. ಆಂಟಿ ಸೆಕ್ಸ್ ಕನ್ನಡफिर मेरे भाई ने कहा- आशना बस अब तुम मेरा लंड फिर से चूसो और खड़ा कर दो.

दोस्तो, मेरी सेक्सी कहानी आपको कैसी लगी?[emailprotected]पर मेल करके बतायें.हिंदी बीएफ पिक्चर भेजो: मैं जब अपने गांव से चला, तो वहां पहुंचने तक भाभी मुझे 15 कॉल कर चुकी थी.

मेरी पिछली सेक्स कहानीमामी ने अंकल को सेक्स के लिए बुलायाआप सबको बहुत पसंद भी आई थी, जिसको लेकर मुझे बहुत से ईमेल भी मिले थे.मुझे बहुत दर्द हुआ मगर साथ में बच्चे सो रहे थे इसलिए मैंने अपनी दर्द भरी आवाज को अंदर ही दबा लिया.

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वो एकदम सिसक रही थीं और उनके मुँह से कामुकता से आह्ह … निकल रही थी.हैलो फ्रैंड्स, मेरा नाम राज (बदला हुआ नाम) है, मैं इलाहाबाद से हूँ, लेकिन मैं नोयडा में रहता हूं.

घर आकर जब मैंने इस पूरे घटना क्रम के बारे में सोचा, तो पाया कि कामिनी के साथ हुई चुदाई बहुत ही लाजवाब थी. हिंदी बीएफ पिक्चर भेजो उसने अपने लंड को हाथ में लेकर सहलाया और फिर सुमिना की चूत पर रगड़ने लगा.

”रात की बेड की बात तो मैं समझ सकती हूँ … मगर ये बाथरूम में डिल्डो कहां से आया?”हहहहहा …” करके सरला हंस पड़ी.

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बियर खत्म होने तक मैंने बियर की धार टूटने नहीं दी और नम्रता ने भी पूरे मजे से बियर को पिया. फिर मेरी नजर पड़ी एक मेरे ही ऑफिस की लड़की पर, जो वहां पर काम करती थी. सुमिना के सामने हाय-हैल्लो से ज्यादा कुछ बात होना संभव भी नहीं था फिर भी मैंने उम्मीद बांधी हुई थी कि कभी तो उसके करीब जाने का मौका मिलेगा ही.

उसका सांप अंडरवियर से बहुत बेताब लग रहा था, मैंने उसे बाहर लिया और मसलने लगी. कुछ देर बाद मैंने देखा कि सभी लोग सो रहे हैं। मैं भी नीचे उतर कर उसके पीछे पीछे टोयलेट में चला गया। उसे अपना नाम बता कर दरवाजा खुलवाया और अंदर गया. इस सेक्सी कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैंने अपनी दीदी को आइक्रीम खिलाने के बहाने उसको नंगी कर दिया.

आप सभी ने मेरी पिछली कहानीहोली में चुदाई का दंगलपढ़ी होगी कि कैसे होली के इस दिन पर हम ताश खेलते हुए मैं अपनी हॉट, मॉडर्न ख्यालात वाली बहन की घमासान चुदाई करता हूं. इसलिये मैंने अब तुरन्त ही करवट बदलकर अपना मुँह दूसरी तरफ कर लिया।मेरी सेक्सी स्टोरी तीसरे भाग में जारी रहेगी. उनके दो बेटे थे (दोनों शादीशुदा) और एक अविवाहित बेटी थी … कोई पैंतीस-छत्तीस साल की और नाम था वसुन्धरा! वसुन्धरा सुधा से दो-एक साल छोटी थी.

एक चुदासी औरत को लंड के लिए कैसे तड़पाया जाता है, अंकल ये बखूबी जानते थे. इंस्टिट्यूट में एक्सट्रा क्लास लगने लगी थी और कमजोर बच्चों को अलग से टाइम देने के लिए कहा गया था.

आपकी राय के बाद मुझे आगे भी आपके लिए कहानी लिखने के लिए प्रेरणा मिलेगी.

जब मैं सुकांत जी से चुदी तो मेरी चूत चाट चाट कर उन्होंने मुझे हर तरह से तृप्त कर डाला.

ऐसा कहते हुए किस करने के साथ मम्मों को दबाते हुए मैंने उसकी चुदाई को जारी रखा. हम दोनों का पानी छूटने लगा और फिर वो अपने कपड़े पहन कर सो गई और मैं अपने घर आ गया. वो कुछ देर लंड को अन्दर लेकर बैठी रही अपनी चूत से मेरे लंड की दोस्ती करवाती रही.

अगर हेतल मना कर देती तो मानसी को पता चल जाता कि मैंने हेतल के बारे में झूठा बहाना बनाया था और यह सब मैंने मानसी की चूत चोदने के लिए किया है. जब मेरा लंड 5″ तक अन्दर घुस गया, तो दर्द के मारे भाभी का बुरा हाल होने लगा … लेकिन उन्होंने मुझे रोका नहीं. उसका अंग-अंग टूट रहा था। वो काफी उत्तेजित हो रही थी। उसके चेहरे की मुस्कान गहरी हो रही थी.

खैर जी! मैं नियत दिन, नियत समय पर शिमला जा पहुंचा, टेंडर हमारे हक़ में ही खुला.

मैंने बहाने पर बहाने बनाये और आखिरकार सुमिना को उसी दिन शॉपिंग पर चलने के लिए मजबूर कर दिया. मैं बार बार दोनों बहनों को मज़ा लेते हुए उसी बात को सोचती और बाप को ये कहते हुए सुनती कि घबराओ नहीं, आज रात किसी लड़के को बुलवाकर तुम दोनों को चुदवा ही दूंगा. फिर मैंने उसकी टांगों से फूलों को हटाया और लिक-किस करके हुए पाँव तक पहुंच गया और जहाँ जहाँ के फूल हटाता था वहां किस करता चला गया.

ऐसा कहते हुए किस करने के साथ मम्मों को दबाते हुए मैंने उसकी चुदाई को जारी रखा. मैं माँ के मम्मे तो देख नहीं पा रहा था लेकिन मैं उन्हें महसूस कर था. क्या मैंने उन दोनों बहनों की चूत मारकर सही किया? या मुझे मनीषा को बता देना चाहिए था कि उसकी छोटी बहन जागृति भी मुझसे चुदाई करवा रही है? आप इस बारे में अपने विचार जरूर साझा करें.

मैं दोनों टांगें डाल कर बाइक पर बैठ गई और उससे बिल्कुल चिपक कर बैठ गयी.

एक दिन मेरे से रहा नहीं गया, तो मैंने स्वाति को अपने दिल की बात बताई. ये कह कर उन दोनों ने जगह बदल ली अजय नीचे चूत पर आ गया और ऐसे चूत चाटने लगा, जैसे पहली बार कोई चूत मिली हो.

हिंदी बीएफ पिक्चर भेजो मैं जल्दी से उसके कमरे के पीछे के रास्ते से गया और हल्का सा धक्का देते ही दरवाजा खुल गया. कंडोम अंकल के पूरे लंड पर फिट नहीं हुआ था, पीछे से अभी भी कभी जगह थी.

हिंदी बीएफ पिक्चर भेजो उसकी गांड की गर्मी से पूरा आइस क्यूब पिघल गया।मैंने उसके चूतड़ों को दांतों से काटना चालू कर दिया। मेरे हर एक वार से वो चिहुँक जाती। उसके मलमल से गद्देदार चूतड़ … हाय! मैं उन्हें काटता-चूमता हुआ चाट रहा था। मेरी बहन के चूतड़ मेरे सबसे फेवरेट हैं। मैंने दूसरी आइस क्यूब ली और उसकी कमर से होते हुए ऊपर पीठ की तरफ बढ़ने लगा. थोड़ी देर बाद मैंने एक उंगली उसकी चूत की फांकों में डाल दी और धीरे धीरे उंगली को अन्दर बाहर करने लगा.

इस बार अपनी जीभ को मोड़ कर जीभ से चोदने लगा और एक उंगली को चाची की चूत में डाल दिया.

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मैं सोचता रहा हूं कि अन्तर्वासना से जुड़ने से शायद मुझको नए दोस्त मिल जाएंगे. हम दोनों ने जाकर झांका तो उसका बाप उसकी माँ को घोड़ी बना कर चोद रहा था. अंततः मैंने मन पक्का कर लिया और अंकल जी से मिलने जाने का फैसला कर लिया.

मोनी की उत्तेजना मुझसे भी ज्यादा तेज थी जो उससे बर्दाश्त नहीं हो रही थी इसलिये वह एक तरफ मुड़ कर मेरे चंगुल से छूटने का प्रयास करने लगी थी. मुझे लगा कि कहीं पानी लाकर मेरे ऊपर ना डाल दे, सो मैं बचने के लिए उठकर उसके पीछे जाने लगा. पूछने पर बताया कि यदि उसने दो दिन के अन्दर फाइल मेरे से साइन नहीं करायी, तो कंपनी उसे नौकरी से निकाल देगी.

मैं घर चलूं?नम्रता- नहीं मेरे राजा, तुम्हारे साथ मुझे मेरे पति के आने तक पूरा समय नंगी रहकर ही बिताना है.

जब उसने पैटीकोट उतारा तो उसकी गोरी मांसल जांघें देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया. मुझे बहुत लोगों के मेल्स मिले और काफी मित्रों ने अगली कहानी लिखने के लिए बोला … तो सभी को शुक्रिया कहते हुए कहानी पेश कर रही हूँ, आनन्द लीजिएगा. जाहिर है कि उसके छेदों से निकलती हुई गर्म हवा मेरे लंड को कब तक सोने देती.

और हल्की डरी हुई नंगी ही गेट की तरफ चलने लगी … उसकी चाल में लड़खड़ाहट थी. दिन में मैं उसके घर गया, तो देखा पूजा बाहर वाले रूम में ही बैठी हुई थी. नंगी फिल्म को स्क्रीन पर देखने के बाद अदिति हड़बड़ा सी गई और उठ कर टीवी बंद करने के लिए चली.

मन तो कर रहा था कि उससे बात करने की पहल कर दूं लेकिन ज़बान में जैसे दही जम गई थी. उसको मैं इससे पहले कितनी ही बार चोद चुका हूँ मगर जब भी उसको ऐसे नंगी देखता हूँ तो लगता है कि मैं पहली बार उसको नंगी देख रहा हूं.

फिर पूजा उस लड़की से पूछा कि तुम क्यों चीखी थीं?उसने मेरी तरफ इशारा किया और बोली- इन जनाब से ही पूछ लो. पापा बोले- फिर मैं भी चल पड़ता हूँ!मां ने भी तपाक से कहा- हाँ चलिये, आप यहां घर पर अकेले बैठ कर क्या करेंगे. जब नैना बहुत छोटी थी, तो अक्सर आकर मेरी गोदी में बैठ जाती थी और मेरे गाल पकड़ कर तोतली भाषा में बोलती थी कि ताता कितने प्याले हैं.

उसके बाद जीजा ने दीदी को फिर से चूमना शुरू कर दिया मगर इस बार दीदी ने उनको दोनों हाथों से धकेलते हुए दूर कर दिया.

एक काम करते हैं, एक साथ दोनों एक आगे से पीछे से चुदाई का मजा लेते हैं. मैं भाभी को पैरों से ले कर होंठों तक चूमता गया, फिर होंठों पर किस करने लगा. और इतना गद्देदार कि क्या बताऊँ … आज तक इतने अच्छे पलंग पर मैं कभी नहीं सोई.

मेरे मन में तरह तरह की ख्याल उठ रहे थे कि पता नहीं अब मेरा भाई मेरे साथ क्या करेगा. आइस का स्पर्श पाते ही उसके चूचक कड़े हो गए थे।वो आहहहह … ऊ … ओह … की हल्की सीत्कार ले रही थी.

मैं नजर बचाते हुए उसके पास पहुंचा और अंदर साइड में होकर मैंने उससे पूछा- क्या बात है? आज तुम यहां कैसे रुकी हुई हो?मनमीता ने मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड पर हाथ फिराते हुए उसको सहला दिया और मेरे सीने से लिपट गई. वो अपने मायके में जो पहले 15-20 दिन रहा करती थी, अब उसको पांच दिन भी वहां रहने में दिल नहीं लगता था. मैंने बाथ लिया और काले रंग की टाइट जीन और नीले और आसमानी रंग की चैक की शर्ट डाल ली और नीचे जूते पहन लिए.

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मगर अपनी ही बीवी को जीजा जी इस तरह से पागलों की तरह चोदने पर उतारू हो रहे हैं ये सब देख कर मैं हैरान हो रही थी.

भाभी ने मुझे नीचे किया और किस करते करते वह नीचे मेरी पैन्ट तक आ गई. फाइनल इम्तहान करीब आ गये तो एक दिन कुलजीत ने कहा कि मैं अपने कुछ नोट्स उसको दूं, कॉपी करके वो वापस दे देगा. वे बोलीं- पति देव, आज तो कमाल कर दिया … अब तो तुझे रोज ऐसे ही चटाऊंगी.

उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर भाभी ने बाहर से पूछा- अब क्या हुआ?वो रोते हुए कहने लगी- दीदी, मुझे बचा लो … नहीं तो मैं मर जाऊंगी. मैं तो कहता हूँ आप मेरी अम्मी की रगड़ के चुदाई करो ताकि उन्हें कभी उस नकली लंड की जरूरत ही न रहे. गुजराती वीडियो बीएफ सेक्सीझट से मैं रानी के चूत की तरफ मुंह करके लेट गया और टाँगें रानी के मुंह की तरफ फैला लीं.

मोनी के हालात खस्ता थे इसलिए मैंने खुद को वहाँ के सांचे में ढाल लिया था. एक औरत ने जिम्नास्टिक जैसे उलटते हुए अपनी चुत मेरे मुँह के सामने कर दी.

थोड़ी देर तक मैं उसकी चूत की गंध को अपने नथुनों में भरा और फिर फांकों पर जीभ फिराने लगा. पूजा ने उस लड़की से पूछा कि वो क्यों चीखी?फिर उसने मेरी तरफ देख कर पूछा कि वो क्यों चीखी, तुमने क्या किया और तुम अभी यहां क्या कर रहे हो?मुझे कुछ समझ में नहीं आया कि मैं क्या बोलूं और फिर मैंने उसको बताया कि मैं तुमसे मिलने आया था. कुछ ही दिनों में घर वालों ने मेरी शादी रवि नाम के लड़के के साथ कर दी.

मैं अपनी गांड मटकाती हुई ‘आअहह ऊऊऊह उउइइ माँ … मजा आ रहा है … उई भाई जोर से और जोर से चोद आआहहह भाई … तेरे लंड की चोट मेरी बच्चेदानी पर पड़ रही है … आआह्ह्ह भाई चोदो और जोर से … आअह्ह्ह ऊऊओह आअह्ह्ह बहनचोद … चोद दे अपनी रंडी बहन को आआहहह …इसी चुदाई के बीच में मैंने एक बार और अपना रस छोड़ दिया और भाई मुझे फुल स्पीड से चोदता रहा. ज़ाहिर सी बात थी कि काजल के बाद सुमिना घुसने वाली थी और सबसे आखिर में मैं. मेरी एक खास बात है, मैं जल्दी नहीं झड़ता … कम से कम आधे घंटे तक लगा रहता हूँ और ज्यादा से ज्यादा डेढ़ से दो घंटे तक बिना थके चूत पेल सकता हूँ.

मैंने आंटी से पूछा- आंटी आप ड्रिंक करती हो?टीना आंटी- क्यों … नहीं कर सकती क्या? तुम मर्द लोग ही पी सकते हो … हम क्यों नहीं?मैं- सॉरी आंटी … मेरा मतलब ये नहीं था, मैंने आपको पहले ऐसे ड्रिंक के साथ नहीं देखा, तो पूछ लिया.

मैडम मेरे सामने वाले सोफे पर बैठ गयीं और एक टांग दूसरी टांग पर टिका कर आराम से हो गयीं. कहानी की मांग तो उत्तेज़क और कामुक होना होती है, अश्लील होना तो क़तई नहीं.

बकौल शायर ज़नाब सुदर्शन फ़ाकिर साहबहोठों पे तबस्सुम हल्का-सा, आंखों में नमी सी ऐ ‘फ़ाकिर’ …हम अहले-मुहब्बत पर अकसर ऐसे भी ज़माने आए हैं. मैं समझ गया कि मनीषा की चूत प्यासी है और इसको तगड़ी चुदाई की जरूरत है. उसने मुझसे कहा- तुम मेरे लिए किसी परी से कम नहीं हो! अपनी पूरी जिंदगी में मैं तुम्हारी जैसी लड़की को नहीं चोद पाता.

तू अब तक कहाँ था, सोनू? सोनू मेरे राजा, अन्दर बाहर करना शुरू कर और आज अपनी आंटी को चोद दे. उसके बाद फिर से एक जोरदार झटके के साथ उसकी चूत में धकेलते हुए धक्का दिया और पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में समा गया. कुछ ही दिनों में घर वालों ने मेरी शादी रवि नाम के लड़के के साथ कर दी.

हिंदी बीएफ पिक्चर भेजो उसको पानी की बोतल दी और दरवाजे का पर्दा बाजू में किया, जिससे बाहर वाले किसी को गलतफहमी न हो … क्योंकि अगर घर का दरवाजा खुला हो, तो गली के लोग शक नहीं करते. मुझे जांघों में किस करते हुए मेरी चुत चाटने लगे और अपना लंड अंकल ने मेरे मुँह में दे दिया.

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मैं सुमिना से भी इस बारे में बात नहीं करना चाहता था क्योंकि वो मेरी बड़ी बहन थी; इसी कश्मकश में फंसा था कि अब आगे क्या किया जाये. मेरा लंड भी चूत चूत पुकारने लगा था और ज़िद करने लग गया था कि स्वीटी की ही स्वीट चूत चाहिए. तभी मैंने अपनी पैन्ट की चैन खोल दी और फिर उसने मेरे लिंग को चैन से बाहर निकाल लिया.

पांच मिनट बाद मैं भी उनके मुँह में ही झड़ गया और वो मेरा सारा माल पी गईं. मैं भी मेरी जीभ की नोक काजल की चूत में और गहराई तक डालने लगा और दोनों हाथों से काजल की चूचियों को बेदर्दी से दबाने लगा. हिंदी ब्लू सेक्सी नंगीउसका मोटा लंड लेते ही मेरी आह निकल गई ‘आआह्ह्ह … साले मादरचोद … धीरे चोद भोसड़ी के … आह्ह्ह … आज ही चूत फाड़ेगा क्या?’वंश ने कहा- साली छिनाल तू न जाने कितने लौड़े खा चुकी होगी … तब मेरे लंड से चुदने आई रंडी साली … ले कुतिया.

पहली बार किसी लड़की की चूत मिली थी और वो भी इतनी टाइट और बिल्कुल कुंवारी.

स्कूल पहुंची तो मन पढ़ाई में तो लगना ही नहीं था अतः शुरू के दो पीरियड जैसे तैसे काटे और फिर टीचर से पेटदर्द का बहाना बना कर स्कूल से निकल ली और सुरेश अंकल के घर के पास पहुँच कर सावधानी से छुपते छुपाते अंकल जी के गेट के भीतर जा पहुंची. मैंने उसके होंठों को चूसते हुए उसकी नाइटी के ऊपर से ही उसकी गांड को सहलाना शुरू कर दिया.

एक गिलास उन्होंने दीदी के हाथ में देना चाहा मगर फिर कुछ सोच कर खुद ही दीदी को अपने हाथों से जूस पिलाने लगे. अंकल झड़ने के बाद साइड में आराम करने लगे और आंटी ने कंडोम का पैकेट फाड़कर मेरे लंड पर चढ़ा दिया. बेटा बोला- हाँ मम्मी …मैं उसके लंड का मजा लेने लगी- उउउह … उम्म्म … आह्ह्ह … आआहहह … उउउफ्फ चोद दे बेटा.

मेरा हाथ उसकी चूत को मसलते हुए उसको गर्म करने लगा और मैं उसको चूसता रहा.

उन्होंने मेरे सर को दबाया और फिर आगे बढ़ती गयी मेरे फिर हाथों से होते हुए सीने को सहलाने लगी. मेरी चूत को काफी देर तक चाटने के बाद उसने अपनी दो उंगलियों को मेरी चूत में डाल दिया और अपनी उंगलियों को मेरी चूत में अन्दर बाहर करने लगा. ऊपर से कोढ़ में खाज़ की सी बात कि बला की दबंग, खुद-पसंद और बेहद बदतमीज़ थी.

सेक्सी वीडियो गंदी गंदीलेकिन इसमें मेरी कोई गलती भी नहीं थी क्योंकि मेरी दीदी की फीगर और उसकी खूबसूरती को देख कर कोई भी उस पर लट्टू हो जाये. मम्मी के कंठ से आवाज निकलने लगी- ग्लोप … ग्लप … ग्लोप उम्ह म्म्मम् … वाह क्या टेस्ट है तुम्हारे लंड का … मजा आ गया … उऊ ओंम्म्म … सृलपप अअअह.

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झड़ने के बाद वह मुझे दोबारा से किस करने लगा और मैं भी बदले में उसको किस करने लगी. इतना कहकर उसने अपने होंठ मेरे होंठ पे और एक हाथ मेरे लंड पर रख दिया और मुझे किस करने लगी. मेरे बालों को चाची ने पकड़ लिया और मेरे सर जोर से अपनी चूत पर दबाने लगीं.

अगले दिन मैं पूजा से मिला और बताया कि यार लंड का बुरा हाल है … कुछ करो. फिर मैंने कहा- हिना जी आपको आपकी ब्रा और पेंटी भी खोलनी होगी, नहीं तो मसाज अच्छी नहीं होगी और तेल आपकी ब्रा पेंटी पर लग जाएगा. अचानक मेरी नज़र घर के छत पर गई घर का नौकर किशोर वहाँ से मुझे चुदते देख रहा था.

मैं रोने लगा, लेकिन उसकी पकड़ बहुत तेज़ थी और वो धक्के पर धक्के मारने लगा. फिर वो मेरे ऊपर आ गया और अपना लंड को चुत में लगा के धक्का मारा, एक बार में ही लंड पूरा अंदर चला गया. इस तरह जीजा जी की बात होने पर हम दोनों के बीच में सेक्स की बात भी शुरू हो जाती थी.

टॉप पूरी तरह टाइट था, उसके मस्त चुचे टॉप फाड़ कर बाहर आने को बेताब थे. उसके बाद मैंने उसको अपनी बांहों पकड़ा और उसकी गांड को दबाने लगा, उसके कान में कहा- पहले खाना खा लेते हैं उसके बाद करेंगे.

आज वो साउथ अफ्रीका में एक कंपनी में अच्छी पोस्ट पर सर्विस कर रहा है.

वरूण ने आंटी के मुंह में लंड दे दिया और मैंने आंटी की चूत में लंड डाल दिया. एक्स एन एक्स एचडी व्हिडिओवैसे जीजा और दीदी का सेक्स देखने के बाद मेरी चूत भी प्यासी हो गई थी. सेक्सी मूवी सेक्स सेक्सहमने कई बार साथ कई सेल्फियां लीं, जिसमें किसी में वो मुझे पीछे से बांहों में लिए था, तो किसी में मैं उसकी नंगी पीठ पर हथेलियां घुमाती रहती थी. मेरे गरबा क्लास ज्वाइन करने के एक हफ्ते बाद ही इस कहानी की नायिका ने गरबा क्लास ज्वाइन किया.

चोदूं चोदूं सब करेंचोद सकें न कोयकहत गुरु जब चोदन लगे,लण्ड खड़ा ना होय!समस्त खड़े लण्डधारियों को नमस्कार और गुफा सरीखे भोसड़ों की मल्लिकाओं और बास्केटबॉल जैसे गोलक धारण करने वाली बालिकाओं को प्रीतम ‘खड़े लण्ड वाला’ का उनकी गर्म चूत पर जबरदस्त प्यार!समय का सदुपयोग करते हुए जल्दी से मुद्दे की बात पर आते हैं। मेरा नाम प्रीतम है और मेरी उम्र 28 वर्ष है। यह बात 5 वर्ष पुरानी है.

वह मेरा हाथ पकड़ कर आगे-आगे चल दी और मैं अंधेरे में अपने खड़े लंड की भूख मिटाने के इरादे से उसके पीछे-पीछे. वो भी ये देख कर मस्त हो गई और खुद अपने मम्मे को दबवा कर मेरे लंड को दूध से भीगते हुए देखने लगी. जब कई बार उसकी चूत का पानी निकल चुका तो सुमन का मन भी अब लंड लेने को करने लगा.

उन्हें रात के बारे में सब कुछ समझ आ चुका था लेकिन वो पापा के सामने कुछ बोल भी नहीं सकती थीं. अगर होती है तो वो दोनों कितनी अच्छी दोस्त हैं इस बारे में मुझे कुछ खास अंदाजा नहीं था. कुछ ही पलों आग भड़क उठी और हम दोनों की जीभें एक दूसरे के मुँह में एक दूसरे के रस को चूस रहे थे.

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जब मैंने नीचे झांक कर देखा तो मेरे लंड ने मेरी पैंट पर पानी का निशान बना दिया था. मैंने उससे गांड चोदने की इजाजत मांगते हुए पूछा तो बोली- सब कुछ तुम्हारा है जान …अभी उसकी चूत का दर्द खत्म नहीं हुआ था लेकिन मेरे लण्ड की किस्मत बड़ी तेज थी. उनके चूचों के निप्पल को मैंने बहुत काटा, जिससे उनको दर्द होने लगा, पर उनको मजा भी बहुत आ रहा था.

उनके चूचों के निप्पल को मैंने बहुत काटा, जिससे उनको दर्द होने लगा, पर उनको मजा भी बहुत आ रहा था.

बस इतना स्मरण है कि झड़ने के बाद मैं भी अर्धमूर्छित होकर रानी के ऊपर पड़ गया था.

अब मैं नीचे से बिल्कुल नंगी थी और मेरी ब्रा मेरे पेट पर फंसी हुई थी और मेरी चूचियों पर उस लड़के के मुंह की लार लगने से वो चिकनी हो गई थी. राजेन्द्र जी ने मुझे अपनी गोद में खींच कर मेरे गालों पर एक किस कर दिया. बीएफ वाला वीडियोमैंने मैडम के सेक्सी फीगर और गांड के बारे में सोचा तो लंड फटाक से तन गया.

फोन पर ही हम दोनों एक दूसरे में इतना खो जाते थे कि कब मेरी टोंटी से पानी निकल जाता, पता ही नहीं चलता था. मैंने भाभी के चूचों को जोर से दबाना शुरू कर दिया और जल्दी ही भाभी गर्म हो गई. मैंने उसकी पैंटी को थोड़ा खींचा तो साइड से उसके अंदर मुझे उसकी गांड के इर्द-गिर्द हल्के से बाल दिखाई दिये.

मैं अंडरवियर में ही था और मेरी पैंट भी रजाई में ही निकली हुई कहीं पड़ी थी. मैं उसे उसी अवस्था में (हाथ ऊपर करके अपने एक हाथ से दीवार में चिपकाये) दूसरे हाथ की उंगलियां उसके नंगी कोमल बांहों पे फेरते हुए नीचे आ रहा था, वो मस्त हो रही थी.

मैंने उसे बस्तर पर बिठाया और सॉरी बोल कहा- माफ़ करना, मैं तुम्हारे इंतज़ार में बेकरार हो गया था.

जैसे ही बुआ बाथरूम से बाहर निकलीं … मैं फिर से सोने का नाटक करने लगा. अपनी मदमस्त फिगर के बाद मैं आप सभी को अपनी फैमिली के बारे में भी बता दूं कि मेरे घर में मैं, मेरी मम्मी और पापा रहते हैं. कंजूस गुप्ता जी के मुकाबले मेरा राजसी खर्च देखकर डॉली खुश भी थी और प्रभावित भी.

सेक्सी व्हिडिओ बीएफ ब्लू पिक्चर जब दरवाजा खुला, तो मेरी आंखें एक हसीन और सेक्सी अभिनेत्री जैसी औरत से मिलीं. हम दोनों अच्छी तरह घुल-मिल गए।ज्योति आंटी बहुत ही चिकनी थी, उसकी चूची बहुत ही मोटी थी, हम दोनों बहुत फ्रैंक थे पर हमारे बीच कोई ग़लत बात नहीं थी। आंटी बहुत शरीफ़ थी। वो शक्ल से भी शरीफ दिखती थी और उसका पहनावा भी ऐसा था कि कहीं से उसके बदन का कोई हिस्सा बाहर दिखाई ही नहीं देता था.

टॉप को हटाने के बाद मैंने अपनी बहन की ब्रा को खोला जो कि काले रंग की थी और उसकी भरी हुई चूचियों पर बड़ी मस्त लग रही थी. अभी थोड़ा ही डाला था कि भाभी की आंखें बाहर निकल आईं, वो बोलने लगी- आह … थोड़ा रुक जाओ … बहुत दर्द हो रहा है. ज्यादातर मैं सलवार कुर्ता दुपट्टा ही पहनती हूं पर कभी कभी साड़ी भी पहन लेती हूं; साड़ी मैं हमेशा अपनी नाभि से नीचे ही बांधती हूं क्योंकि मैं जानती हूं कि मेरा अधखुला पेट और कमर देखने वालों को विचलित करती रहती है.

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बड़ा होकर भी वो लुल्ली बच्चों के लॉलीपोप से बड़ी नहीं हुई होगी यह बात मैं दावे के साथ कह सकता था. पास ही सिगरेट की दुकान से मैंने गोल्डफ्लेक सिगरेट का पैकेट ले लिया. प्रीति के शब्द:मैं तो सुन्न पड़ गई थी, जब भाई ने मुझे नंगी ही डिलीवरी बॉय के सामने जाने को कहा.

वो लम्बा लंड देखकर डर सी गयी और बोली- ये इतना लंबा … कैसे जाएगा मेरे अन्दर?मैं सिर्फ हंस दिया. इतना होने के बाद मेरी गांड फट गयी थी कि बुआ जग कर गुस्सा ना करें, मैं ऐसे ही सो गया.

आह्ह … जीजू … आपका लंड कितना मस्त है … दीदी तो बहुत किस्मत वाली है … ओह … और जोर से करो जीजू … आपके लंड को लेकर तो मेरी चुदास बढ़ती ही जा रही है.

उसके नंगे चूचों को देख कर मेरे मन में पता नहीं क्या आया कि मैं अंदर घुस गई और मैंने सुमन के चूचों को अपने हाथों में लेकर दबा दिया. उनके लंड को दीदी ने अपनी गांड में समा कर सेट करके एडजस्ट करने की पूरी कोशिश की लेकिन उससे पहले ही जीजा के धक्के दीदी की गांड में लगने शुरू हो गये. वो मेरे पास आया और बोला- आशना … मुझे पता है कि अभी तुम मेरे रूम के बाहर खड़ी थीं.

गांड मारना या मारने की प्यास जागी या नहीं? आपके कमेंट का इंतज़ार रहेगा. मैं एक चादर लपेट कर बाथरूम में गई तो मेरी टांगें बहुत दर्द कर रही थीं. फिर मैंने उसके पेट को जहाँ तहाँ चूमा और नाभि पे किस करने के बाद उसकी नाभि में अपनी जीभ घुसेड़ दी.

कुछ देर तक चुदाई करने के बाद मैंने माँ को घोड़ी बना दिया और पीछे उसकी चूत में लंड को पेल दिया.

हिंदी बीएफ पिक्चर भेजो: मैं भी फ्रेश होकर नाश्ता कर ही रहा था कि बुआ ने पीछे से गले लग कर मेरे गाल पर किस कर दिया. वैसे भी भाई-बहन के बीच सेक्स हो सकता है इसमें कोई बुरी बात नहीं है.

उसने मुझे बेड पर फेंक दिया और खुद मेरे ऊपर चढ़ गया और फिर से अपना लोड़ा मेरे मुंह में घुसेड़ दिया, कुछ धक्के मारने के बाद उसका छूट गया और पूरा मैंने रस पी लिया. कुछ देर के बाद जब माँ शांत हो गई तो मैंने धीरे से लंड को चूत के अंदर बाहर करना शुरू किया. लेकिन जीभ ज्यादा अंदर नहीं जा रही थी।फिर मैंने अपनी जीभ निकाल कर अपनी छोटी उंगली उसकी चूत में डाल दी और वो कराह उठी.

स्कूल पहुंची तो मन पढ़ाई में तो लगना ही नहीं था अतः शुरू के दो पीरियड जैसे तैसे काटे और फिर टीचर से पेटदर्द का बहाना बना कर स्कूल से निकल ली और सुरेश अंकल के घर के पास पहुँच कर सावधानी से छुपते छुपाते अंकल जी के गेट के भीतर जा पहुंची.

मैंने उसकी चूत में तेजी से जीभ को तीन-चार बार अंदर-बाहर किया तो वह अपने चूचों को मसलते हुए सिसकारने लगी. मैंने सोचा काजल सो गई होगी, पर नजदीक जाकर देखा, तो वो मोबाइल में कुछ देख रही थी. मेरे दोनों बड़े भाई आवारा किस्म के नाकारा इंसान थे जिनके बारे में कुछ बताना बेकार है, बड़ी बहिन का विवाह मध्यप्रदेश के एक बड़े शहर में हो चुका था.