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इतना सुनते ही भाभी रोने लगी कि ये सब बातें बाहर किसी को भी नहीं बताना … नहीं तो मेरी बहुत बदनामी होगी. वो तपाक से बोली- क्या कर रहे हो?मैंने बात पलटते हुए कहा- मतलब मैं तो आगे बढ़ रहा हूं. कुंवारी चूत चुदाई की कहानी में पढ़ें कि मैंने कोचिंग ज्वाइन की तो रूम किराए पर लिया.

मुझे भी शॉपिंग करने के लिए बाहर जाना था इसलिए मैं भी घर का काम निपटा कर तैयार हो गई. उसी बीच में उन्होंने मुझसे कहा- टॉयलेट किधर है?मेरा टॉयलेट रूम में ही था, तो मैंने इशारा कर दिया. फिर एक दिन मेरी दीदी अत्यधिक गर्मी होने के कारण शाम को बाथरूम से नहा कर आईं, तो मैं उन्हें देख कर हैरान रह गया.

मैं बिलकुल चुप था … ज्योति को मेरी खामोशी बिल्कुल भी भा नहीं रही थी.

अगले महीनों में क्या क्या हुआ था, वो अगली कहानी में डिटेल में बताउंगा. कैसे हो दोस्तो! मेरा नाम राज है और मैं राजस्थान के सीकर जिले से हूं.

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बीएफ ब्लू पिक्चर एक्स एक्स पहले मैंने बस में उनसे लंड चुसवाया और फिर गाँव के घर में कमरे में उनके सामने में अपना लंड निकाला और उनसे लंड चूसने की कहने लगा. अफगानी पठान होने के कारण अरमान एक बहुत ही गोरा और लंबे कद वाला लड़का था.

अब फिर मेरा दिमाग घूमा कि ये मुझे बस अपनी बातों में फंसाने में लगा था.

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साहब ने अपने हाथ से मेरे हाथ को पकड़ लिया और अपने लंड पर मेरे हाथ को दबाने लगे. मैंने महसूस किया कि अब जब भी मैं उसको देखता, तो वो मेरे लंड के उभार को देखने की कोशिश करने लगती थी. ब्रा के हटते ही मैडम के बड़े बड़े चुचे मेरे सामने हिलने लगे थेऔर मैं उन पर भूखे भेड़िये सा टूट पड़ा.

लंड की तरफ ध्यान जाते ही बहू की गांड का अहसास पाते ही मेरे लंड में तनाव आना शुरू हो गया. मेरी मम्मी ने कहा कि मैं खुद विद्यालय में रहती हूं … और मुझे इसे पढ़ाने का समय नहीं मिलता है. आंटी की चीख निकली- उम्म्ह … अहह … हय … ओह …दर्द मुझे भी हुआ क्योंकि मैंने भी पहली ही किसी की चूत में अपने लंड डाला था.

किसी ने सही कहा है कि जब तक खुद पर न बीते, दर्द कोई दूसरे का समझ नहीं सकता.

फिर उससे जब बर्दाश्त न हुआ तो उसने मुझे बेड पर गिरा लिया और मेरे खड़े हुए लंड पर अपनी चूत को रख कर लेटते हुए मेरे होंठों को जोर से काटने लगी. मेरे जीभ से चूत को छूते ही भाभी एकदम से ऐसे हिल गयी … जैसे उसे करेंट लग गया हो. उसके कामुक आवाजों में सिसकारने से यह तय हो चुका था कि वो अब पूरी तरह से गर्म हो गया है.

जब मामी का दर्द पूरी तरह से मिट गया तो वो खुद ही मुझे जोर से धक्का लगाने के लिए कहने लगी. तभी मैंने उनकी पेन्टी निकाल फेंकी और चुत में उंगली डाल कर चुत को चाटने लगा. मैं इस बीच उसके ऊपर ही दो बार फिर से झड़ गयी और थक कर उसके सीने पर गिर पड़ी.

देखते ही देखते सौम्या अचानक बहुत वाइल्ड हो गई और मेरी जीन्स भी उसने उतार दी. चूंकि मैं भी थोड़ा सा मजाकिया किस्म का बंदा हूं तो मेरी और तन्वी की काफी बनती है.

इतना कहने के बाद निर्मला ने उसके लिंग को मुँह में भर चूसना शुरू कर दिया और कुछ देर चूसने के बाद दोबारा बोली- तुम भी थोड़ा चूस कर देखो सारिका … मजा आएगा. मुझे मालूम हुआ कि ये दोनों बुड्डे आदमी बहुत सी लड़कियों को चोद चुके थे. क्योंकि मुझे नहीं पता था कि निर्मला स्त्रियों के साथ भी सक्रिय रूप से कामक्रीड़ा में माहिर थी.

मामी की आवाज से पता लग रहा था कि वो लेटी हुई थी और अंगड़ाई ले रही थी.

वो एक हाथ मेरे बालों में फेरने लगी, दूसरे हाथ से मेरे पैंट का हुक खोलने लगी. मेरी हरकत पर भाभी कुछ न बोलीं, बस उन्होंने पूछा- चोट तो नहीं लगी?मैंने ‘नहीं …’ में उत्तर दिया और वहां से बाहर आ गया. शादी है, बहुत से लड़के आए होंगे, किसी को भी लाइन दो … साला एक मिनट में लंड अकड़ा कर आ जाएगा.

वो टीवी को देखते हुए आगे बोली- मेरा पति तो साला कई दिनों और रातों तक बाहर रहता है … उस चूतिए को मेरी बिल्कुल परवाह नहीं रहती कि उसकी बीवी की भी कुछ तमन्ना है … उसे भी लंड का प्यार चाहिए. मैंने उसे दीवार से सटा दिया और पीछे से उसकी गांड पर अपना टाइट लंड सटाकर उससे सट गया और उसके गले को और पीठ को चूमने लगा.

सब की सब थोड़ी बेचैन होने लगी थी, खासकर एकता और कल्पना बहुत ज्यादा खुल चुकी थी किटी पार्टी में भी और मंगल के साथ भी!और फिर आखिरकार उत्तेजना और अश्लीलता की शुरुआत हो ही गई. मेरी यह भाई से चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी इसके बारे में कमेंट करके मुझे बतायें. ये तो मर्द और पुरुष की अलग अलग विशेषता होती है, इसलिए मुझे सुरेश से कोई शिकायत नहीं थी.

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मेरी सबसे छोटी बहन सलोनी की उम्र 21 साल है और उसने अभी ग्रेजुएशन कॉलेज के फाइनल में प्रवेश किया है.

मोनिषा आंटी जोर से चिल्लाईं- आह नवीन … साले तूने मार डाला … निकालो बहुत दर्द हो रहा है. मैंने कहा- आंटी आप चिंता मत करो … अभी जब मैं आपकी चुदाई करूंगा … तो आपको बहुत मजा आएगा. आज मैं आपको अपने जीवन की एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूं जो मेरे ननिहाल में हुई थी.

सुनील का घर पास में ही था, तो मैं वहां पर भी जाकर रंगोली बनाने लगी. लगभग 30 मिनट तक धक्के लगाने के बाद सौम्या एकदम से जंगली हो गई और सिस्याते हुए बोलने लगी- आह राज … तेज़ राज … और तेज़ … मैं आने वाली हूँ. लड़की को कैसे चोदता हैथोड़ी देर में वह स्पर्श मेरी चूत पर पैंटी के ऊपर से ही महसूस होने लगा.

आखिर जिस किसी की खातिर सब आए थे वह एपिसोड उनकी आंखों के सामने सम्पन्न हो चुका था. उसके सीने पर आम के आकार के दो चूचे ऐसे लगे हुए हैं जिनको देख कर उनको बस दबाने और पीने का मन कर जाता है.

उसके बाद मैंने बात को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हुए मामी को आवाज दी. मैंने पूछा- क्या हुआ भाभी … आप इतनी उदास क्यों हो?भाभी बोलीं- कुछ नहीं … बस ऐसे ही. मैं जितनी तेजी से उसके मम्मों को दबा कर चूसने लगता था, वह मेरे लंड को उतनी ही जोर से दबा कर ऊपर नीचे करने लगती थी.

उसने अपने काम के वेग को विराम देकर मेरी पत्नी के योनि भेदन के लिए उसको पूरा समय देते हुए तैयार किया. मैंने उसकी गर्दन को पकड़ा और उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर उसको बुरी तरह से चूसने लगा. फिर भाभी की रेशम जैसे होंठों को भी चूसा और अपना लंड बहन के मुँह में पेल दिया.

बीच बीच में मैं अपने हाथ को उसके गोल गोरे चूतड़ों पर भी फेर देता था.

पहले तो उसने कुछ ना नुकर की लेकिन मैंने जिद की तो आखिर वो लंड चूसने को मान गयी. जब मामी का दर्द पूरी तरह से मिट गया तो वो खुद ही मुझे जोर से धक्का लगाने के लिए कहने लगी.

तभी मैंने बाहर जाकर आंटी को बातों में लगा लिया और ज़रीना ने चादर बदल दी. मैं अपने हाथों से उसकी चूचियों को इतनी जोर से मसलने लगा जैसे आंटा गूंथ रहा था. हर उम्र की औरतों के लिए मेरे पास ब्रा, पेंटी, लिपस्टिक, बिंदी सब कुछ है.

उसके बाद मैंने भाभी की साड़ी निकाल कर उन्हें सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में कर दिया. ये कहानी जिसके बारे में है, वो मेरे पड़ोस में रहने वाली क्यूट सी लड़की और मेरी जुगाड़ है. क्या पहली बार करा रहे हो? नखरे मत करो, टांगें चौड़ी करो, थोड़ी ढीली करो, तुम्हें भी मजा आएगा.

बीएफ ब्लू पिक्चर एक्स एक्स पापा के जाने के बाद मेरे सोये हुए अरमान फिर से जागने लगे थे कि तभी शाम को भाई का फ़ोन आया कि हम लोग घर वापस आने वाले हैं. मुझे वो भाभी शुरू से ही बहुत अच्छी लगती थीं, मैं हमेशा उनको घूरता रहता था और कुछ ना कुछ करके उनको छूने की कोशिश करता रहता था.

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ये बात न उसने पूछी कि मैंने किस से चुदाई करवाई है और न मैंने उससे पूछा कि तुमने सबसे पहले किसे चोदा था. मगर मुझे मालूम था कि दुबारा के सेक्स में ज्यादा समय लेगा और अभी रात काफी हो चुकी थी. अब आगे:मैंने उससे कहा- अगर तुमने ये लंड देख लिया हो, तो क्या मैं तुम्हारी चुत देख लूं?उसने पैर खोलते हुए कहा- दिख तो रही है.

शायद अब 20 मिनट से ज्यादा हो चुका था और हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे. उसने मुझे बताया कि उसका नाम सबा है और वो मेरी दुकान के सामने ही किराए से रहती है. बीएफ फिल्म चाहिए” बेडरूम से बाहर आते वक्त मेरे कान पर शब्द पड़े, पर मैं सीधा अपने घर चली आयी.

उर्वशी ने मिहिर के बालों को ऐसे सहलाना शुरू कर दिया जैसे कि वो बरसों के प्यासे अपने आशिक के प्यार की हर एक बूंद की शीतलता को अपने उरोजों पर महसूस करके आनंदित हो रही हो.

एक दिन मैंने उसको कॉल की तो वह कहने लगी- मैं स्कूल में हूँ, और बच्चों के एग्जाम चल रहे हैं, जल्दी छुट्टी हो जाएगी. अभी हालात ही ऐसे हैं कि इन सब रिवाजों का भार अपने कंधे से कुछ समय के लिए उतार दो.

मैं उसको बचपन से ही जानता हूं और पसंद भी करता हूँ पर आज तक उससे कभी कह नहीं सका था. मैंने बोला- मुझे तो यही चाहिए … नहीं तो मैं सबको आपके फोटोज और मैसेज सब आपके पति को दिखा दूंगा. फिर एक दिन उसका मैसेज आया और उसने पूछा- क्या आप मेरे घर आ सकते हो?मैंने पूछा- क्यों?उसका रिप्लाई आया- आपको गुरुदक्षिणा देनी है.

मेरे पापा बनारस में ही जॉब करते हैं और मेरी मां हाउसवाइफ है।घर में मां और पापा के अलावा मेरी तीन बहनें हैं- सरिता, स्वरा और सलोनी.

बहन से सेक्स का ऐसा कामुक नजारा देख कर मेरा लंड भी बेकाबू होने लगा था. मैंने कहा- तो फिर खुलकर बोलो क्या देखना चाहती हो?वो बोली- तुम्हारे लिंग को! मेरी सब सहेलियां अपने बॉयफ्रेंड के लिंग के बारे में बातें करती हैं लेकिन मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है इसलिए मैंने आज तक किसी का नहीं देखा है. कुछ देर बाद बुआ उठ कर बाथरूम में जाने लगीं, तो बुआ ने देखा बिस्तर की सफ़ेद चादर लाल हो गई थी.

हिंदी बीएफ वीडियो में देखने वालाचाची मेरे सामने बेड पर जाकर लेट गई और मैंने चाची के सिर बाम लगाना शुरू कर दिया. एक दिन मैंने उसकी सहेली हुमा से पूछा- ये सुशी इतनी मुस्कुराती क्यों है?तो वो बोली- सुशी आपको पसन्द करती है.

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फिर अगले दिन जब मैं दुकान पर अकेला था, उस वक्त वो मेरा गिफ्ट हाथ में पहन कर आई और दुकान में बैठ गयी. उन्होंने अपनी टांगें टेबल पर पसार दी थीं और मस्त बातें करने लगी थीं. उसने टॉयलेट में कम से कम 35 मिनट लिए होंगे, जबकि एक टॉयलेट साफ करने में 5 से 6 मिनट लगता है.

सुरेश थक कर हांफ रहा था और मैं दर्द से तड़फ रही थी, मगर चिंता केवल चरम सुख की थी. घर पर हमें डर लगता था और मुझे तो बहुत डर लगता था कि अगर मेरी मम्मी देख लेगी तो क्या होगा. शादी से पहले और शादी के बाद भी मैंने बहुत सी औरतों और लड़कियों की जवानी का रस पिया है.

मैंने कुछ दोस्तों के साथ छुपकर फौजिया दीदी को चुदवाते भी दिखाया था. फिर जॉयश ने मंगल को इशारा किया और वह दोनों जांघों के बीच में सिर घुसा कर बहुत निर्दयता से चूत का चूषण और भक्षण करने लगा. तब तक टीवी पर एक ब्लू फिल्म चलने लगी, जिसमें एक लड़का अपने से बड़ी उम्र की औरत की बुर को चाट रहा था.

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जब पूरा लिंग जड़ तक मेरी योनि में चला जाता, तो लगता कि सुरेश और मेरे शरीर की बनावट एक ही है.

उसकी ब्रा से उसके गोल-गोल स्तनों के नुकीले दूध साफ़ दिखाई दे रहे थे. कोई पांच मिनट बाद मैंने कहा- मेरा छूटने वाला है रेनू … मैं क्या करूं?भाभी बोली- चिंता मत करो मेरे राजा … मेरी चूत में ही अपना माल निकाल दो. मैंने भाभी की गांड पर दो चमाट मारकर उसे लाल कर दिया और कहा- यदि ऐसी बात है … तो अपनी बहन को तेरे सामने उसकी चुत और गांड चोद कर चूता हाल कर दूँगा.

गर्मियों में तो मैं अपने कमरे में सोता था, मगर सर्दियों में मैं माँ के साथ ही सोता था, क्योंकि माँ को ठंड लगती, तो वो मुझे भी अपनी रज़ाई में बुला लेतीं. उनकी साड़ी की सिलवटें खोल दीं और अब मामी केवल ब्लाउज और पैटीकोट में ही रह गई थी. इसके बाद मैंने उन्हें चूमना स्टार्ट कर दिया, उनके माथे में, होंठों में, गालों में चूमते हुए मैं उनको प्यार करने लगा.

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फिर उसने मेरी गांड से अपना लंड निकाला और मेरी गांड को देख कर हंसने लगा- अबे भोसड़ी के तेरी तो फट गई रे … पूरा होल हो गया.

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रसोई का काम खत्म होने के बाद मैं साहब के कमरे में सफाई करने के लिए गई.

बीएफ ब्लू पिक्चर एक्स एक्स: कभी कभी मेरा मन करने लगता था भाभी की चोदाई करने का!पढ़ाई में उसने स्नातक किया हुआ है. मैंने कहा- तुम मेरे पास मेरे सीने से लगकर सो जाओ, तुम्हें नींद आ जाएगी.

अब मेरी 3 साल की इंटर्नशिप स्टार्ट होने वाली थी जिसमें मेरे को रोज ऑफिस जाना था साथ साथ में क्लासेस भी होती थी. वाह … क्या चूत थी … गुलाबी चुत पर छोटे छोटे घुंघराले बालों के बीच एक सेक्सी सा छेद खुल बंद हो रहा था. खाना खाने के बाद वापस होटल के कमरे में आने के बाद उसने मुझे किस किया.

अब तो मैं बस उनकी चूत के छेद में उन्हीं की चूत से निकला लंड डालना चाहता था.

उसका फिगर इतना मस्त है कि मुझे अपने भाई से जलन होने लगी थी कि कैसी माल हाथ लगी है उनको. मैडम मेरी बांहों में लेटी हुई थी और उसकी कमर पर मेरा लंड नीचे से अपनी कदम ताल ठोक रहा था जिससे मैडम का पूरा जिस्म कांपने लगा था. पेशेवर होने के नाते मैंने इस बात को पूरी गंभीरता से लिया और लंड को हर स्ट्रोक में चूत की गहराइयों में उतारने लगा.