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उनका फिगर 32-30-38 का रहा होगा, वो देखने में दूध की तरह गोरी हैं और उनके होंठ एकदम पिंक हैं. बीएफ सेक्सी मां बेटा कीतभी चिंटू जो अपना वीर्य मेरे मम्मों पर गिराने को तैयार दिख रहा था, मैंने भी उसके लंड के रस को मुँह में निकालने के लिए कहा.

मैं उसके ऊपर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा और उसके ऊपर लेट कर उसके होंठों को पागलों की तरह चूसने लगा. गावठी सेक्सी व्हिडिओ बीएफउसे डर था कि कहीं मैं कानूनगो साहब से पट जा जाऊं और उसे कहीं छोड़कर कानूनगो साहब से शादी न बना लूँ.

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वो मुझे हमेशा कहा करती थी कि रानी क्या रखा है इस जिंदगी में, जिन्दगी के असली मज़े लो.उन दोनों ने मेरी चूत से और गांड से लंड को बाहर निकाला और दोनों ने ही एक एक करके मेरे मुँह को चोदा.

फिर जब पूरा पानी निकल गया तो मेरी टांगें और हाथ खोल कर बोला कि बाथरूम में जाकर सफाई कर लो, सुबह ऑफिस भी जाना है. सेक्सी बीएफ लखनऊ की ये सब देख मुझे बहुत अजीब सा लग रहा था, समझ में नहीं आया रहा था कि क्या करूँ, एक तरफ मेरी साली को इस तरह देख कर मजा भी आ रहा था और मेरा लंड खड़ा हो गया था और दूसरी तरफ मुझे जलन हो रही थी क्योंकि मैं भी अपनी साली को बहुत पसंद करता था.

मुझको कुछ गड़बड़ लगा, फिर दिल मानने को तैयार नहीं हुआ, मैं गाड़ी के पीछे पीछे चलने लगा.

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वो मुझसे बोल रही थी- नेहा तुम तो अब मुझे अपनी माँ कहा करो, मैं सच में तुमको अपनी बेटी मानूँगी. फिर तुम्हें तो पता नहीं, लास्ट चुदाई में उसका वीर्य भी बहुत देर तक नहीं निकला क्योंकि वो पहले कई बार निकल चुका था, इसलिए बहुत देर तक लौड़ा अपना काम करता रहा. रास्ते में मैंने स्मिता को समझा दिया था कि घर पर कोई ओवर रिएक्शन ना करे.

पापा सुबह ड्यूटी पर निकल गए, मम्मी सुबह 10 बजे निकल गईं और मैं अकेला घर पर रह गया था. उसका इस तरह से मेरे सामने बोलना मुझे कुछ अटपटा सा लगा मगर मैंने सोचा मुझे क्या… ये इन दोनों का आपस का मामला है. क्योंकि अब मैं छूट चुकी थी तो मैं सुबह रोज़ की तरह से अपने दफ़्तर गई और वहाँ एमडी से मिली.

करीब 10 मिनट बाद भाभी का शरीर अकड़ने लगा और चीखती हुई झड़ गयी, और मैंने भाभी की चुत का सारा रस पी लिया जो बहुत ही टेस्टी था. किला पहुँच कर हम दोनों एकांत से कोने में जा बैठे, जहां किसी गार्ड या किसी की नज़र न पड़े. फिर बाद में मैंने ललिता के घर जा के भी बहन को चोदा और इस तरह मेरा शारीरिक संबंध ललिता के साथ बन गया.

मैंने उससे पूछा- तुम यहाँ कैसे?उसने जवाब दिया- मैं तो हर रविवार को यहाँ आता हूँ. अब भाभी मेरी अंडरवियर खींचने लगीं और जैसे ही मेरा अंडरवियर मेरे लंड से हटा, मेरा 7″ का लंड किसी गुस्साए हुए नाग की तरह फन उठा कर हवा में झूलने लगा.

तभी मैंने उसके झुके हुए होंठों के मौके का फायदा उठाया और उसके बाल में हाथ डाल कर सर दबाये रखा.

कुछ ही देर में वो सभी दर्द भूल गई थी क्योंकि मैं उसे लंड का प्यारा मज़ा जो दे रहा था.

तेज धक्कों के साथ मेरा दर्द भी बढ़ रहा था, तो मैंने चिंटू के सीने को बिल्कुल मम्मों की तरह कसकर पकड़ लिया. ”मैंने आठ दस तुनके मारे तो अलका रानी ने सी सी सी करते हुए मुझे कस के बाँहों में बांध लिया. मैं पूरी मस्ती से जोर जोर से उनको चोद रहा था और वो मादक आवाजें कर रही थीं.

उसकी आवाज़ निकलती रही- अह ओह ह्म्म्म् उम्म्ह… अहह… हय… याह… यस्स यस कम ऑन. भाभी के मुँह से भी धीमी धीमी आवाज़ आने लगी, उनकी सांसें एकदम तेज होने लगीं. आहह… इतना मजा कभी नहीं आया मुझे! मैंने कभी सोचा ही न था कि इस तरह खुले आसमान में इतने प्यार से भी कोई चोद सकता है… उहह… स्स्स्स…”वे मेरे निप्पलों को प्यार से मसल रहे थे, किस कर रहे थे, मेरी मादक सीत्कारें निकली जा रही थीं अह… आह अह… आआह… उम्म्म…”थोड़ी देर चोदने के बाद वो खड़े हो गए.

विक्रम ने पीछे से उसकी चुत में अपना लंड डाल कर उस पर चढ़ गया और उसके मम्मों को बुरी तरह से दबाने और मसलने लगा.

मैंने भी खुलते हुए कहा- मुझे चूत में मज़ा नहीं आता, मैं गांड के मज़े लेता हूँ. यूं तो मैं हमेशा ही ऐ सी में सफ़र करने का प्रयास करता हूं, कभी मजबूरी में स्लीपर कोच में जाना पड़ा हो तो वो अलग बात है. मॉम को देखते ही मैंने अपना लंबा सा लंड उसकी गांड से धीरे से निकाला और थोड़ा सा अपना लंड मॉम को दिखाते हुए छुपाने का नाटक करने लगा.

इसके बाद मैं कितनी ही बार उसका नम्बर लगाया लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं किया. हम दोनों यूं ही देर तक चूमा चाटी करते रहे; मैं उसके मम्में नाइटी के ऊपर से ही दबाता रहा और वो मेरी पीठ को सहलाती रही. मैंने अपनी चुदाई की जो कहानियां कुंवारी उम्र में सोची थीं, आज वो आस इस लोहे के लंड से पूरी होने वाली थी.

फिर मैंने उसकी बुर में जो घमासान युद्ध शुरू किया तो वो निहाल हो गई.

मैंने अंदर जाकर पूछा- आप सोई नहीं अभी तक?तो बोली- तुम्हारा वेट कर रही थी!मैंने कहा- अच्छा जी, तो क्या हुक्म है मेरे आका? आपका गुलाम हाजिर है!तो वो हँसने लगी और बोली- बियर पी ली तुम लोगों ने?मैंने कहा- नहीं पी, अरुण कह रहा था कि कोई पूजा होनी है. उसने कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ते हुए एक नवजात शिशु वार्ड में घुस गया.

सेक्सी बीएफ लखनऊ की नीला पानी के भीतर मुझे जकड़ती हुई बोली- तुम मुझे अपनी बांहों में भरकर मेरे ऊपर चढ़ जाओ. मेरा 7 इंच का लंड एक मोटे बम्बू की तरह बस अपनी जगह तलाशने के लिए बेताब था.

सेक्सी बीएफ लखनऊ की कुछ देर बाद हम दोनों उठे, मैंने देखा आंटी की गांड में से खून निकल रहा था. मैं देर से इसलिए झड़ा क्योंकि एक बार में उसकी चुत में लंड डालने से पहले ही झड़ चुका था.

उसके करीब आकर मैंने एकाएक उसको गले लगा लिया और उसके होंठ पर अपने होंठ सटा कर चूसने लगा.

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शालिनी ने सरगोशी से पूछा- राजेश, तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं?मैंने कहा- नहीं शालिनी, तुम जैसी कोई मिली ही नहीं. बिस्तर की चादर के कोने से मैंने अपना लंड पौंछा और उसकी चूत भी!मैं अपने कपड़े पहन कर जाने लगा, तो वो नंगी पड़ी पड़ी बोली- तीन बजे फिर से आना, फिर से मजा करेंगे, अबकी बार पीछे से करेंगे. रवि ने बोला कि आज शाम को कहीं घूमने चलते हैं, गुंजन को भी ले चलते हैं.

खैर अगले दस मिनट तक वो अपना लंड मेरी चुत में हिलाता रहा और फिर से खलास हो गया. कुछ ही पलों में मेरे लंड को अच्छा लगने लगा और मैं उसी स्थिति में झटके देने लगा. ललिता ने कहा- कोई और जगह नहीं है क्या? मेरी चुत में आग लग गई है जल्दी से मुझे कुछ करो, यहीं जमीन पर कर लेते हैं.

!मुझे नशा तो चढ़ ही गया था, मैंने भाभी को देखा और कह दिया- मुझे प्यार व्यार में भरोसा नहीं है, मैं सिर्फ मज़े लेता हूँ और देता हूँ.

विक्की ने स्केल से नाप कर देखा तो वो 9 इंच से भी थोड़ा लंबा निकल गया. तब वो बोली- कोई बात नहीं… यह तो तुम पर ही है ना कि क्या करना है, हां मेरे को मेरे पैसे 2 महीने खत्म होने से पहले चाहिए. मैंने थोड़ा सा खांसा तो आंटी ने पीछे मुड़ कर देखा और बोला- तुम यहाँ कैसे?जब वो मेरी तरफ घूमी थीं तो मैं उनके उभारों को देखता ही रह गया.

नताशा इस बार जोर से छटपटाई लेकिन मैंने अपने लंड से उसके मुंह को तेजी के साथ चोदना शुरू कर दिया और दोबारा उसके कन्धों को थोड़ा सा उचका कर नीचे दबा दिया. इतने में मेरे दोस्त का फ़ोन आ गया तो वो बाहर जाकर बात करने लगा तो भाभी ने मुझसे पूछा- तो आप भी इसी के जैसे ही खिलाड़ी हो या अनाड़ी हो?तो मैंने कहा- भाभी जी, अब मैं अपनी तारीफ खुद कैसे कर सकता हूँ!और हम हँसने लगे. फिर मैंने उसके दोनों हाथ पकड़ लिए और कहा- मैं तुम्हें चोरी के इल्जाम में गिरफ्तार करता हूँ.

इसी दौरान अंजलि चाय लेकर कमरे में आ गई पर मैं तो उस समय बाथरूम में अंजलि की चूत चुदाई का सोच कर मुट्ठ मार रहा था. लेकिन इसी बीच मैंने उसकी प्रोफाइल में जाकर उसे रिक्वेस्ट भेज दी और 2 सेकंड भी नहीं हुए कि उसने मेरी रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट भी कर ली.

कमाल की बात ये थी कि उस दौरान हम दोनों मां बेटा के बीच में कोई बातचीत नहीं होती थी और बस खेल खत्म होने के बाद हम दोनों माँ बेटा की तरह सो जाते थे. तुम जल्दी से अपने कपड़े उतारो।वो खुश हो गया और जल्दी से अपने कपड़े उतारने लगा। फिर मैंने भी अपनी ब्रा उतार दी और सलवार भी उतार दी।वो- चाची जी. घर में बिल्कुल सन्नाटा था, सिर्फ सुबह की चिड़ियों के चहचहाने की आवाज़ें आ रही थीं… किचन भी बिल्कुल खाली पड़ा हुआ था.

लिखने के 15 मिनट के बाद वो मुझे पकड़ कर बाथरूम में ले आया और साथ अपने और अपने लंड पर बिठा कर शावर के नीचे बैठ हर तरह से मजा लिया.

उसकी कामुक मुस्कान देख कर मुझे लगा जैसे उसक उसकी मनपसंद खिलौना मिल गया हो. कुछ देर बाद मैं भी नॉर्मल हो गई और मैंने खुद ही मेरी टी-शर्ट और ब्रा निकाल दी. अगर नौकरी चली गई तो करेंगे क्या… और खाएंगे क्या??उठो मयूर… तुम मेरे दोस्त जैसे हो.

मैंने पूछा- क्या चक्कर चल रहा है?वो बोली- कैसा चक्कर?मैंने कहा- तुम ऑफिस के बाद उस कार में बैठ कर कहाँ गई थी?वो बोली- ओह्हो… तो मेरी जासूसी हो रही है?बोली- काम से गई थी!मैंने कहा- तुम जॉब छोड़ दो!वो बोली- में जॉब नहीं छोड़ूंगी, तुम मुझसे जल रहे हो कि मैं तुमसे ज्यादा सैलरी कैसे ले रही हूँ. उनकी गांड में जैसे ही उंगली डाली, भाभी बहुत छटपटा कर बोलीं- क्या कर रहे हो यार?मैं बेरहम बन रहा हूं… आपने ही तो कहा था ना… बिल्कुल रहम मत खाना!”वो मुझे देखकर हंस पड़ीं और फ़िर से मेरा लंड मुँह में भर लिया.

कुछ समय के बाद अचानक बारिश होने लगी जिससे बचने के लिये वह अपनी जगह से उठा और जाने लगा. मेरी साली एकदम दूध जैसी गोरी है, कोई अगर उसकी गोरी गांड और बूब एक बार देख ले तो मेरा दावा है कि वो मुठ मारे बिना नहीं रह सकता. पंकज ने रेखा को बेड पर पटक दिया और अपने होंठ रेखा के होंठों पर रख दिए.

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उसकी आह निकल गई… तभी मैंने उसके एक निप्पल को होंठों से दबाया और छोड़ कर जीभ को गोल गोल घुमाते हुए रगड़ने लगा.

मैं सोने की कोशिश कर रहा था, पर नींद नहीं आ रही थी क्योंकि आज दिव्या की चूत मिलने की आस जगी हुई थी. अब मैंने ललिता को इतना गर्म कर दिया कि वो कहने लगी कि सोनू अब रहा नहीं जाता. हम तीनों लड़कियों में से एक तो मैरिड थी और हमेशा अपने बच्चे के बारे में बात करती थी.

जिससे वो थोड़ा जोश में आ जाता, उसने लंड को अन्दर करने के लिए और ज़ोर लगाया। लंड मेरी टाइट गांड को चीरता हुआ अन्दर जा रहा था।मैंने तकिया पकड़ लिया और उस पर अपना मुँह दबा लिया. मैं भी पूजा की चूत में उंगली डाल कर हिलाने लगा और उसका एक दूध चुसकने लगा. साउथ बीएफ सेक्समेरी बहन अक्सर मेरा मोबाइल लेकर गैलरी खोलती और xxx वीडियो देखती थी.

नीति मैडम का शादी के बाद एक दिन फोन आया, वो बोली- सर, मैं आपके लंड को बहुत ही याद करती हूँ. फिर मैं बुआ के और करीब जाकर खड़ा रहने लगा ताकि वो जब खींचने की कहें और जैसे ही उठें तो उनकी गांड मेरे लंड को टच हो जाए.

मैं थोड़ा अचकचाया।आप को मेरी कसम… अब के जो तरसाया तो…!” प्रिया के लफ़्ज़ों में मनुहार के साथ साथ आदेशात्मक गूंज थी. मैंने मॉम से बोला- आज एक बार तो चोद लेने दे, मॉम दुबारा नहीं करेंगे. मगर समय की कसौटी ने मुझे बताया कि तुम्हारे पापा उससे ना सिर्फ प्यार ही करते थे, बल्कि उसका भविष्य भी सुधारना चाहते थे, जो मैं समझ नहीं पाई.

मिंकी दर्द से तड़प रही थी तो मैं कुछ देर के लिये मिंकी की चूत में अपना लंड डाल कर रुक गया और अपने दोनों हाथों से मिंकी के दूध पकड़ लिये और एक को दबाने लगा, दूसरे को मैंने अपने मुँह में डाल लिया और चूसने लगा।मैंने करीब 5 मिनट ही मिंकी के एक दूध को चूसा होगा कि मिंकी का दर्द मजे में बदल गया तो वो नीचे से अपनी कमर को हिला हिला कर मेरे लंड को अपनी चूत में अंदर बाहर करने लगी. हालांकि मुझे उनकी गांड तो दिख ही गई और मुड़ते हुए मैंने उनकी जंगली बालों वाली अद्भुत चूत भी देख ली. उनकी चुत के छेद पे चने जैसा दाना उभरा हुआ था, जो सीएफएल की रोशनी में चमक रहा था.

तो मैं ही बात करने के लिए उसके पास गया- कैसा रहा इंटरव्यू?वो बोली- ठीक था, ‘फोन करेंगे’ बोला है.

मेरे पेट में हाथ डाल कर मुझसे बातें किया करता और कभी कभी मेरे बोबों पर मुँह रखके सो जाता. प्यार हो रहा था… कोई लड़ाई नहीं जिस में किसी के जीवन-मृत्यु का सवाल हो!आओ न…!” प्रिया कसमसाई और उस ने बिस्तर पर अपनी टाँगे खोल दी.

मैंने उसे पहले कुर्सी पे बिठाया, उसकी जीन्स और पेंटी घुटनों तक उतरी हुई थी, पर चूत झांटों से छिपी हुई थी. इस सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि मैं अपने होने वाले पति के साथ सेक्स का खेल खेल रही थी कि मेरा पुराना आशिक और चोदू आ गया. कुछ देर ऐसे ही करने के बाद मैंने धीरे से उसकी जांघ को सहलाना शुरू किया, तो वो काँप उठी और मुझे किस करने लगी.

इसी कारण से जब भी मैं लड़की बनता तो अपने मम्मों को भी दबा लेता था और नितंबों को भी दबाता था. मैं आपका रूम दिखा देती हूँ। मैंने अपने कमरे के साइड वाले कमरे में ही आपका इन्तजाम किया है।वो जल्दी से खड़ी होकर चल दी। मैं भी उसके पीछे चल दिया। अब मेरा ध्यान सिर्फ उसके चूतड़ों पर था. अगर कुछ देर पहले सिंधु की चुदाई करके झड़ा नहीं होता तो सिंधु की इस क्रिया से निश्चित रूप से मैं झड़ गया होता,फिर वो खड़ी हुयी, अब मेरी बारी थी, मैंने उसे दीवार से सटा दिया, अब मैंने उसके बूब्स को मसल मसल कर लाल कर दिया, निप्पल को मुंह में भर कर चूसने लगा, काटने लगा.

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मैं आज उसकी जवानी को रौंदने वाला था यह सोच कर मेरा लंड और अधिक गुस्से में था. तो मैंने भी देर न करते हुए भाभी की एक टाँग को उठा लिया और चुत के छेद पर अपना लंड टिकाया।भाभी की चुत से इतना पानी आ रहा था कि तेल की कोई जरूरत ही नहीं पड़ी और पहले ही धक्के में 3 इंच अंदर घुस गया और भाभी को हल्का सा दर्द होने लगा. इससे पहले हम लोग नॉर्मली ही बातें किया करते थे, थोड़ी बहुत मस्ती भी हो जाती थी.

मैं भी देखती रहती थी कि तू मुझे देख कर बस अपना लंड सहला कर रह जाता था. विनय ने जीभ से मेरी चूत को चोदना शुरू कर दिया, जिसे मैं ज्यादा देर तक नहीं झेल पाई और विनय के मुँह में ही झड़ गई. सेक्सी बीएफ वाली चुदाईलेकिन तुम ऐसा क्यों कह रहे हो?मैं- जो जिस हालात से गुजरा हो, उसे ही उन हालातों की जानकारी होती है.

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मैंने आंटी का मुँह पकड़ा और लंड अंडरवियर से निकाल कर उसके मुँह में दे दिया. पहले मुझे उसमें कुछ ख़ास नहीं मिला, पर जब मैंने छुपे हुए एक फोल्डर को खोला तब मुझे उसमें सेक्सी वीडियो दिखाई दिए.

मैंने कहा- मैं ही मिला हूँ आपको बकरा बनाने को? मैं भी दिल्ली में 10 साल रहा हूँ, सब जानता हूँ… प्लीज मुझे इस तरह से उल्लू मत बनाइये. जैसे ही मैंने भाभी को खोला वो उठ कर बैठ गईं और बहुत ही जोर से मेरे गाल पे थप्पड़ जड़ दिया. वैसे भी आंटी दूध सी गोरी थीं लेकिन मेकअप की वजह से तो पूरी ऐश्वर्या लग रही थीं.

तभी शैलेश नाम के एक लड़के ने मुझे उल्टा पटक दिया और मेरे पैरों को मोड़ कर मेरे पेट से जोड़ दिया.

देखती भी नहीं थी। उसका मासूम सा चेहरा आज भी मेरी आँखों में बसा पड़ा था। मैं फोटो देखते हुए यही सोच रहा था कि भगवान की माया भी निराली है. दीदी तेज़ तेज़ अपनी गांड हिला हिला कर झड़ रही थीं और साथ ही वो करेले को तेज़ तेज़ चुत में अन्दर बाहर करने लगीं. चूंकि घर में कोई नहीं था और म्यूजिक भी चल रहा था तो वो कुछ ज़्यादा ही खुल कर आवाज़ें निकाल रही थी.

बीएफ सेक्सी हीरोइन की बीएफसोचता हूं काश आपको भी यहअन्तर्वासना कहानीपसंद आ जाए।याद के इस पहलू में मेरी उम्र 18 साल थी; मेरी जिंदगी मेरे दोस्तों और रिश्तेदारों और मेरी पाठ्य पुस्तकों के बीच बड़ी शांति से चल रही थी. पर तभी मुझे ख्याल आया कि इसमें क्या गलत है, हर एक इन्सान को जिस्म की भूख तो मिटानी ही पड़ती है.

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तुम एक बार में ही लंड डालने की कोशिश करो, मैं ये दर्द बर्दाश्त कर लूँगी. मैं अपने जीवन में पहली बार किसी का कामरस चाट रहा था, उसके कामरस से एक मीठी सी खुशबू आ रही थी, जो मुझे और पागल कर रही थी. मेरे जैसे ना मालूम कितनी होंगी, जो इस दलदल में फंस कर निकल नहीं सकतीं.

बिंदु ये सुनकर बहुत डर गई और बोली- मैं अभी ही तेरे साथ चले चलती हूँ मगर पहले मेरे सामने उस पिक्चर को डिलीट करो और मुझे वो फोन दिखाओ कि मुझको फंसाने के लिए उसमें कुछ और तो नहीं है. वो इतना दर्द महसूस कर रही थी कि उठ ही नहीं पा रही थी, वो अपने कपड़े नहीं पहन पा रही थी. लेकिन मैंने उसकी एक ना सुनी और जल्दी से एक शॉट मार कर पूरा लंड अन्दर कर दिया.

अब आर्थर अपेक्षाकृत आरामदायक पोज़ में संसार की सबसे सुन्दर लड़की की गांड मार रहा था. जैसे जैसे सेजल भाभी की पैन्टी कट रही थी, उनकी गुलाबी चूत बाहर झाँकने लगी. चाहे कामऱज़ की वजह से प्रिया की योनि पहले से ही खूब चिकनी हो रही थी, तदापि चित टांगों के साथ योनि भेदन में प्रिया को बहुत दर्द होना था तो मैंने प्रिया के दोनों पैर मोड़ कर प्रिया के नितंबों से करीब एक फुट की दूरी पर रख दिए; इससे प्रिया की योनि की मांसपेशियाँ थोड़ी सी ढीली हो गयीं जिस से मुझे प्रिया की योनि में अपना लिंग प्रवेश करवाने में थोड़ी सुविधा होने वाली थी.

अब मैं काफी नशे में हो गई थी, तो सैम के कंधे पर सर रखकर कहा- अब रूम पर चलो. फ़िर सेजल भाभी ने मुझे कंधों से पकड़ के बैठा कर दिया और अपनी टांगों को मेरी कमर पे लपेट कर धीरे धीरे धक्के लगाने लगीं.

अब घूमने तो हम भी निकले थे, पर क्या करते उसके साथ तो बिना बोले जा नहीं सकते थे.

दिन भर मैं ऑफिस में काम करता रहा, शाम को जब छुट्टी हुई तो मैं अपने फ्रेंड से बोला- चल यार, आज ड्रिंक करते हैंवो भी बोला- हां यार चल…मैंने एक बियर और एक हाफ़ ले लिया और बोला- चल यार मेरे घर चलते हैं, उधर ही ड्रिंक करेंगे. बीएफ हॉट सेक्सी पिक्चरवो बोली कि यार क्यों डरती है, तुम्हें कोई कुछ करने की बात तो छोड़ो, हाथ भी नहीं लगा सकता. न्यू सेक्सी बीएफ भोजपुरीपर डर लगता था कि एक तो मैं लड़की नहीं हूँ, उस पर से उसका लंड कितना मोटा होगा, ये मालूम नहीं था. इस बार मेरे लंड को बहुत ज़्यादा गर्मी महसूस हुई, मानो जैसे मैंने तपती हुई भट्टी में लंड घुसा दिया हो.

फिर उसकी चूत के छेद में मेरा लंड समाता चला गया और मैं उसकी ज़ोरदार चुदाई करता रहा.

अब मेरा सिर एरिक के पैरों के ऊपर रखा हुआ था, और ठीक मेरी आँखों के सामने स्थित नताशा की गांड के पीछे दोनों लड़कों के सामानांतर रूप से जुड़े हुए लंड मेरी भार्या की चूत में घुसे हुए थे. रीमा- पानी की जगह मेरा शु-शु चलेगा?मैं- अभी तो पानी ही पिला, तेरे शु-शु की बाद में सोचूंगा. पर जल्दी ही उसे एहसास हुआ कि हमारे पास टाइम नहीं है तो उसने जल्दी से मेरा मेकअप, फाउंडेशन, लिप ग्लॉस.

जैसे हर एक लड़के को लगता है कि उसकी कोई गर्लफ्रेंड हो, मुझे भी यही लगता था और मैं भी यही चाहता था कि वो मुझसे बहुत प्यार करे और मैं हमेशा उसके ही साथ अपने आपको खुश रखूं और उसे भी ख़ुशी दूँ. जब भी मैं घर पर अकेला होता था तो लड़की की ड्रेस पहन लेता था, जैसे कि ब्रा-पेंटी और ऊपर से लड़कियों की ड्रेस जैसे सलवार सूट आदि पहन लेता था. उसके बाद परीक्षित मेरी चूत को चाटने लगे, जो मेरी चूत से रस निकल रहा था, इन्होंने उसे भी चाट लिया.

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कि तभी अचानक बिजली की स्पीड से एकदम मेरी चूत में एक बहुत बड़ा सा सख्त मोटा कुछ बहुत तेजी से पूरे जोर ताकत से एक झटके में मेरी चूत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया. मैंने पूछा- आज तुम्हारा कॉलेज नहीं है क्या?तो उसने कहा कि उसने कॉलेज से 4 दिन की छुट्टी ले ली है और वो इन 4 दिनों में मेरी देखभाल करेगी. मैं तो यह समझ कर आपके कमरे में आई थी कि आप भी मुझसे वही काम करेंगे, जो सब करते हैं, मगर आपने तो मुझे हाथ भी नहीं लगाया.

पूजा ने अपनी सहेली से मिलवाया और उसको मेरे साथ चुदाई की सारी बात बता दी.

अब तुझे क्या करना है मालूम है?मुझे समझ नहीं आया तो मैं बोला- क्या करना है.

मुझे नींद नहीं आ रही थी तो मैं बेड पर करवट लेकर लेटा हुआ माँ बेटे की चुदाई स्टोरी पढ़ रहा था. पंखे की हवा का प्रेशर इतना तेज था कि उनकी साड़ी उड़ कर उनके पेट पर पहुंच गई. गोपाल बीएफमैं आंटी को एक प्यारी सी स्माइल देकर ऊपर रूम में चला गया और रात का इन्तजार करने लगा.

इंसान फ़ितरतन लालची है उसे और… और… और चाहिए लेकिन मैं नहीं चाहती कि इस और… और के लालच में ये जन्नत जो आज मेरे पास है, मैं उसे भी खो बैठूं!”प्रिया! साफ़ साफ़ कहो कि तुम मुझ से चाहती क्या हो?”आइंदा क़रीब तीन महीने मुझे फिर से आप के घर में रहना है और मैं चाहती हूँ कि वहाँ घर में आप ना सिर्फ़ सब के सामने बल्कि अकेले में भी सिर्फ मेरे मौसा जी ही बन कर रहें. वो तो जैसे जन्मों की भूखी निकली, उसने मेरी जीभ को चूसना शुरू कर दिया. बुआ बोलीं- ठीक है मैं तेरे घर बोलने आती हूँ कि तुझे हमारे यहां सोने भेज दो.

मैंने सोचा जाने दो!और इतने में बालू ने मेरी चूत में अपनी उंगली डाल दी, मैं उछल गयी और जोर से उनका लन्ड पकड़ लिया. मेरी पिछली कहानीहमउम्र भांजी से प्यार और चूत चुदाईअन्तर्वासना पर प्रकाशित हुई थी.

वो वासना के सैलाब से उछल पड़ी और मैं तेजी से उनकी चूत को चाटने लगी।वो बोलने लगी- आआह… हां…! चाटो मेरी चूत आआह… बहुत गरम है ये! इसे रोज लंड चाहिए… बहुत पानी छोड़ती है ये!फिर मेरे चाटने से उन्होंने अपनी चूत का पानी छोड़ दिया और उनकी वासना शांत हो गई।मेरी बेटी की सास की चूत का पानी मेरे मुँह पर भी लग गया था जिसे मैंने जीभ से चाट चाट कर गटक लिया.

जब मेरा लंड छोटा होकर उसकी चूत से बाहर निकला आया तो मैं उठा, देखा तो उसकी चूत में से मेरा वीर्य बह रहा था. वो बोली- सच में यार, आज मुझे भी बहुत आग लग रही है,चुदाई करवाने का बहुत मनकर रहा है. वो जैसे ही मुझसे अलग हुई उसने कहा- होंठों पर किस के मामले में तो तुम इमरान हाश्मी के भी बाप हो.

भारतीय बीएफ ब्लू फिल्म तब तक मिंकी कई बार झड़ चुकी थी लेकिन मैं झड़ने से बहुत दूर था तो हार कर मिंकी ने मुझसे पूछ ही लिया- साहब, आपका बीज कितनी देर में निकलेगा?इस पर रेहाना ने जवाब दिया- मिंकी इन्होंने कल मेरे सामने इन्ही के पार्लर में काम करने वाली पायल नाम की एक लड़की को बहुत देर तक बिना रुके चोदा था जबकि उसकी तो सील भी टूटी थी और उसकी कई कई बार चुदाई भी हो चुकी है. जैसे ही मुझे पता चला कि रुचिका का ब्रेकअप हो गया और उसके बॉयफ्रेंड की शादी भी हो गई.

मैंने लंड को खाली करने के लिए चुत का भोसड़ा बनाने को ही ठीक समझा और दीदी की चूत पर पिल पड़ा. भाभी के पापा बोले- ये आर्मी रिटायर हैं, मेरे दोस्त हैं।मेरे पापा घर से बाहर थे, भाभी के पापा ने वहीं से फोन लगाया और कहा- कहां है समधी साहब? आ जाइए आपके घर में हैं. मैंने पूछा- आज तुम्हारा कॉलेज नहीं है क्या?तो उसने कहा कि उसने कॉलेज से 4 दिन की छुट्टी ले ली है और वो इन 4 दिनों में मेरी देखभाल करेगी.

सेक्सी डांस 2020

वो अब धीरे से अपने हाथ को मेरी साली के मम्मों पर ले गया और उनको हल्के से दबाने लगा. मैं भोपाल का रहने वाला हूँ, मेरी हाइट 5 फीट 6 इंच है, बॉडी एथलेटिक है, देखने में स्मार्ट हूँ, बहुत आकर्षक तो नहीं पर अच्छा दिखता हूँ. आआआहह… बहुत दिन बाद किसी ने ऐसे मेरी मस्त चूत चूसी है…”क्यों वो नहीं चूसता था?”वो तो बस लंड अन्दर डाल के चोदना शुरू कर देते थे… जल्दी से सीधे चोद देते थे… ऐसे मस्ती नहीं करते थे…”मेरी बात सुनकर मेरी चुत की और जोर से चुसाई होने लगी.

रोशनी एकदम से एक इंग्लिश गर्ल लगने लगी, सब पड़ोसियों ने मुझसे कहा कि हमारे बेटों को भी इंग्लिश पढ़ा दो. आप किसी ड्राइवर का इंतज़ाम करो, जो हमरे सर्वेंट रूम में रहे और जब चाहे उससे काम ले सकें.

बोली- कहीं लोंग ड्राइव पर चलें?मैंने कहा- आपको घर तो जल्दी नहीं जाना??वो बोली- नहीं, अभी कोई जल्दी नहीं है.

मैंने कुछ नहीं बोला और घूम कर लेट गया और चाची मेरा पिछवाड़ा देख कर बोलीं- तुमको तो ज्यादा लग गई है… तुम रुको, मैं डॉक्टर को बुलाती हूँ. रात को मैं खाना खाने के लिए आंटी के घर गया और उनको कहा कि लैपटॉप में सीडी की वजह से हैंग हो गया था. अब आगे:मैंने ब्रा को बिना खोले ही ऊपर की ओर सरका दिया, हल्के भूरे रंग का घेराव और गुलाबी आभा लिए हुए चूचुक.

उसने मुझको लंड निकालने के लिए बोला कि हट जाओ उसको उल्टी आ रही है, पर मैं कहां मानने वाला था. क्योंकि भला कोई मेरे ही सामने मेरी इतनी खूबसूरत साली को चोदे, यह मैं भला कैसे बर्दाश्त कर सकता हूँ. मुझे बहुत तेज दर्द हुआ जैसे कि मेरी गांड फट गई हो… और मैं चीखने लगी।तभी अंकल ने मेरे होठों को अपने होठों से कस लिया और चूसने लगे, बोले- वन्द्या, बस थोड़ा रुक जा!और जोर से मेरी कमर पकड़कर अंकल ने बहुत जोर का धक्का मारा, अपना पूरा लन्ड मेरी चूत में घुसा दिया.

विक्की और पिंकी की लड़ाई काफी होती थी और दोनों एक दूसरे से ढंग से बात नहीं करते थे.

सेक्सी बीएफ लखनऊ की: कोई 5 मिनट उसका फोन आया- बोलो डार्लिंग क्या सोचा फिर?मैंने जवाब दिया- आपने कुछ सोचने के लायक ही नहीं छोड़ा मुझको. इसलिए मैंने तुम्हारा नम्बर ब्लैक लिस्ट में पहले से ही डाल दिया था कि तुम कॉल जरूर करोगे.

वो मुझे लगभग हर वक्त छेड़ने की कोशिश करती रहती ताकि मैं उसके साथ पहले जैसा हो जाऊं. जब मैं एक बार और झड़ी, तब मैंने परीक्षित और चिंटू दोनों से उनके रस को बाहर निकालने के लिए बोली, पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया और बिना लंड को मेरी चूत और गांड से बाहर निकाले, मुझे बेड पर ले गए. रास्ते में मैंने सोचा कि क्यों ना निशा का मूड ठीक करने के लिए शाम को कुछ सरप्राइज़ दूँ.

दीदी के चारों तरफ पानी ही पानी हो गया था जो दीदी की चुत से ही निकला था.

कोई मेरे मुँह पर झड़ रहा था, तो कोई गांड पे, तो कोई पीठ पर अपना लंड खाली कर रहा था. वैसे तो मैं लड़का हूँ लेकिन मेरी टांगें और मेरा फिगर एकदम लड़कियों जैसा है. फिर मैं उसके चूचों को चूसने लगा तो अब वह भी बिल्कुल मस्त हो गयी थी।फिर मैं उस जवान नंगी लड़की को अपनी गोद में उठाकर बेडरूम में ले गया, मैंने उसको बेड पर लेटाया और मैं फिर से उसके चूचों को चूसने लगा और धीरे धीरे मैं उसको किस करते हुए उसकी चूत को चाटने लगा तो वह फिर से सिसकियाँ भरने लगी थी.