चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म

छवि स्रोत,इंग्लिश बीएफ सेक्सी शॉट

तस्वीर का शीर्षक ,

গুদে বাড়া: चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म, आपको ये मेरी गैंगबैंग चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं.

इंडियन चुदाई वीडियो बीएफ

उसने मुझे अपने से लिपटा लिया और मुझे बांहों में लेकर मेरी गर्दन पर किस करने लगी. चोदा चोदा सेक्सी बीएफफिर भी मौसी ने 2-3 बार अपनी कमर आगे पीछे करके मुझे आगे बढ़ने का संकेत दे दिया.

बाकी बच्चों से नजर बचाकर मैंने पर्ची खोलकर पढ़ी जिसमें लिखा हुआ था- मनमीता आपका इंतजार ऊपर वाली मंजिल में कर रही है. डॉग गर्ल बीएफबिस्तर के सामने एक पांच सीट वाला सुन्दर सा सोफा सेट और बहुत कीमती बेलबूटेदार कालीन.

मगर मैं जब भी आगरा जाऊंगा तो उस सेक्सी टीचर की चुदाई करके जरूर आऊंगा.चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म: शादी से पहले कभी किसी के साथ कुछ किया नहीं था, सीधा सुहागरात पे शौहर से ही जिस्मानी सुख मिला.

हमारी किस अभी चल ही रही थी कि तभी दरवाज़े पे दस्तक हुई … और हम दोनों होश में आए.उसने अपनी एक टांग को मेरे दोनों टांगों के बीच फंसा कर दूसरी टांग को मेरी कमर पर चढ़ा दी.

बीएफ करते हुए वीडियो - चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म

उसने खुद ही उस लड़की के शर्ट उतारी और फिर उसकी पैंट की बेल्ट भी खोलने लगी.प्लान के हिसाब से राहुल जानबूझकर मां को ऐसे रास्ते से लेकर गया जहां पर ट्रैफिक जाम मिलना ही मिलना था.

रात को उसी की पायल की आवाज आती है और इसीलिये रात में कोई भी उस गौशाला में नहीं जाता।लेकिन मैं इन बातों को नहीं मानता था क्योंकि मैं शहर का रहने वाला लड़का था. चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म उस दिन दोपहर में हमारे घर की डोर बेल बजी, तो मैंने दरवाजा खोला और सामने बुआ को खड़ा देख बहुत खुश हुआ.

मगर जब मैं देखने तो गई तो दूसरे केबिन में मुझे कोई भी नजर नहीं आया.

चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म?

उसी वक्त भाभी ने दिमाग से काम लिया और अपनी बहन का ध्यान अपनी तरफ बंटाने की कोशिश करने लगी. मेरा मन तो कर रहा था कि उसकी चुत में मुँह डाल के उसका रस चूस लूँ … खा लूँ, लेकिन मुझे उसे तड़पाना था. फिर उसने बुरके को ऊपर किया और मेरी लेगीस थोड़ा नीचे सरका के अन्दर हाथ डाल दिया और मेरी मुलायम गांड को दबाने लगा.

मैं सीधा किचन में गयी, जाते ही पानी की बोटल फ्रीज़ से निकली और पानी पीने लगी. मौसी इस झटके के लिए तैयार नहीं थीं, उनके मुँह से जोर की आह निकल गयी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’मौसी थोड़ा और चीखतीं, उससे पहले ही मैंने अपने होंठ मौसी के होंठों पर रख दिए … मौसी की चीख दब कर रह गई. महेश अक्सर ड्रिंक भी करता था और उसने बताया था कि उसकी बीवी भी साथ में ड्रिंक करती है.

जब कमरे में पहुँचा … तो देखा बाकी सब मस्त सो रहे थे बस मौसी जाग रही थीं. फिर वो धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करने लगी और फिर मेरे दोबारा कहने पर उसने अपने होंठों से मेरे लंड के सुपारे को अपने होंठों पर रख दिया. तभी उसने मुझे धक्का देकर बेड पर गिरा दिया और मेरे सारे कपड़े उतार कर मुझे पूरा नंगा कर दिया और मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.

क्या बताऊं यार इतना सेक्सी ओर हॉर्नी अहसास मैंने मेरी जीएफ के साथ भी कभी फील नहीं किया था, जितना आज उसके साथ कर रहा था. फिर मैंने उसकी बाजुओं और फिर हाथों को चूमा और उंगलियों को चाट लिया.

लेकिन एक बात थी, जिस दिन प्रिया का फ़ोन आता, उस रात मेरी कामुकता बिस्तर में वो कहर ढाती कि बेचारी सुधा दो-दो दिन ठीक से चल भी नहीं पाती.

मैं उसके पैरों को किसी कुत्ते की तरह चूमने लगा। मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं कुछ भी बता नहीं सकता। मैं उस समय सातवें आसमान में उड़ रहा था।फिर लगभग 5-7 मिनट लण्ड चूसाने के बाद मेरा शरीर अकड़ने लगा और मेरे लण्ड ने गर्मागर्म लावा छोड़ दिया और लण्ड से लावा की पहली पिचकारी उसके मुँह में ही गिर गई.

उस दिन जो हुआ उसके बाद तो मैंने सेक्स न करने की जैसे कसम ही खा ली थी क्योंकि मेरे जीजा के मोटे लंड ने मेरी चूत में बहुत दर्द कर दिया था. नया ऑफिस था और पद भी काफी बड़ा था, इसलिए लोगों से मिलते मिलते कब दो महीने गुजर गए पता ही नहीं चला. फिर मैंने काजल की नाभि के अन्दर मेरी जीभ घुसा कर उसकी नाभि की चुसाई करना चालू कर दी.

सलवार हटाते ही उसकी गीली पेंटी दिखी तो मैंने उसकी पेंटी भी निकाल दी. उसे आधा अपनी चूत में डाल लिया और आधे में साबुन लगाकर मेरे गांड में पेल दिया. शादी के कुछ दिनों बाद ही हम लोगों ने शहर में ही एक किराये का अलग मकान लिया.

उसने चूल्हा बंद किया और पलट कर मेरी बांहों में समा गई उसने खुद को मेरे हवाले कर दिया.

अरे ऐसे कैसे नौकरी चली जायेगी? ना तुम किसी को बताना और न मैं बताऊँगी. मैं बार बार दोनों बहनों को मज़ा लेते हुए उसी बात को सोचती और बाप को ये कहते हुए सुनती कि घबराओ नहीं, आज रात किसी लड़के को बुलवाकर तुम दोनों को चुदवा ही दूंगा. खैर वो भी पियक्कड़ थी इसलिए उसके लिए बियर पीकर कार चलाना कोई नई बात नहीं थी.

मैंने जब अपनी पैन्ट और चड्डी को हटा कर लंड को निकाला, तो मेरी बहन अपने भाई का लंड देखकर दंग रह गई. मैं जाने लगा, तो आंटी ने मुझे रोका और बोली- कल वैसे भी संडे है, तुम्हें ऑफिस तो जाना नहीं है, तो आज डिनर के लिए मेरे साथ चलो. फिर मैं टॉवल लपेटकर बाहर आई और रूम बंद करके मैंने लैपटाप ऑन कर दिया.

महेश ने मुझसे क़हा कि उसकी फैमिली मुझको थैंक्स कहना चाहती है, इसके लिए मैं अपनी बीवी को लेकर आज रात उसके घर डिनर पर आऊं.

मैंने धीरे-धीरे एक-एक करके उसके ब्लाउज के सारे हुक खोल दिये और उसकी चूचियों को ब्लाउज से बाहर निकाल कर नंगी कर लिया. जब नम्रता ने पाया कि अभी भी मेरा रिएक्शन ढीला है, तो वो मेरे मुँह से अपनी चूत रगड़ने लगी.

चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म वे बोलीं- पति देव, आज तो कमाल कर दिया … अब तो तुझे रोज ऐसे ही चटाऊंगी. उधर सामने टीवी में चुदाई चल रही थी, इधर में चाची को कुतिया की तरह चोद रहा था.

चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म कभी मेरे कंधे पकड़ कर मुझे पीछे हटाए, कभी मेरे सर के बाल नोचे लेकिन मैं वसुन्धरा को ना छोड़ने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ था. मैंने अंकल से कहा- अंकल कल से आपकी और अम्मी की चुदाई की तैयारी शुरू करते हैं, आप तैयार रहना.

घर आकर मैं अपने रूम में चला गया और आंटी भी अपने काम में व्यस्त हो गईं.

सेक्सी वीडियो लंगा लंगा

उसने दो-तीन बार अपने लंड से चूत को रगड़ा और फिर सुमिना की गांड को पकड़ कर एक जोर के धक्के के साथ पीछे से सुमिना की चूत में लंड को पेल दिया. फिर सुमिना ने उसे अपने ऊपर से हटाते हुए उसको पीछे किया और वो अपने घुटनों पर आ गया. अपने तने हुए लौड़े को मैंने उसकी चूत पर रखा और धीरे से उसकी चूत को सहलाने लगा.

मेरे काफी मना करने के बाद भी वह नहीं मानी और मुझे जबरन हाथ पकड़ कर अपने साथ ले गई. दिलिया तेज़-तेज़ साँसें ले रही थी और पागलों की तरह मुझे चूम रही थी।मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रख दिया। अब दिलिया का खुद के ऊपर काबू नहीं रहा था, वो मेरे लोड़े को हिला के बोली- जल्दी से अपना हथियार डाल दो मेरे अंदर! अब मेरे से रहा नहीं जा रहा है. चूंकि ग्रामीण परिवेश के कारण लड़कों, लड़कियों के बीच ज्यादा बातें नहीं होती थीं, इसलिए हम दोनों ने चूत के बारे में सोचते हुए मुठ मारकर बारहवीं की परीक्षा पास कर ली.

मैं अपनी उंगली को उसकी चुत में डाल कर हल्के हल्के से अन्दर बाहर करने लगा.

मैंने आहिस्ता से रानी को बिस्तर पर टिकाया और नीचे ग़लीचे पर बैठ कर रानी के पैरों को पालतू कुत्ते की तरह चाटने लगा. ये उसके उत्तेजना की चरम सीमा ही थी, जो उससे ऐसा करने को उकसा रही थी. कुछ देर बाद मैंने अपने लंड को उसकी गांड के द्वार पर रखा और धक्का देते हुए पूरी तरह अन्दर डाल दिया …इससे भाभी पूरी तड़प उठी और चिल्लाने लगी.

मगर अभी मुझे 12 बजे का इंतजार करना था ताकि माँ गहरी नींद में सोती रहे. आपकी प्रतिक्रिया को लेकर मैं बहुत उत्साहित हो जाती हूँ इसलिए जल्दी ही आपके लिए यह कहानी लेकर आई हूँ. फिर मैंने उसकी कच्छी थोड़ी सी नीचे सरका दी थी और उसको टेढ़ा लेटा दिया.

फोन रखने के बाद मेरे फोन में सेलिना के नम्बर से एक मैसेज रिसीव हुआ जिसमें कि उसने अपने घर का पता लिखा हुआ था. ”हमने पर्दा हटा दिया। तभी मम्मी अंदर आईं और एक नर्स।नर्स ने कहा- आप लेट जाइये और कपड़े खोल दीजिये, डॉक्टर अभी आएंगी.

हुआ यूँ कि एक दिन अचानक मेरे नाना जी की तबियत ख़राब हो गई और मेरी माँ उनके पास गांव चली गईं. तू अब तक कहाँ था, सोनू? सोनू मेरे राजा, अन्दर बाहर करना शुरू कर और आज अपनी आंटी को चोद दे. पहले दो दिन तो मैंने सरलता से निकाल लिए मगर तीसरे दिन सेक्स की चाह से मैं पागल सी हो गई.

मैंने फोन उठा लिया, तो वो बोली- कल के लिए सॉरी … वो ऋतु मेरे साथ आकर सो गयी.

मेरा बदन अब तक अच्छा खासा भर चुका था, मेरे चेहरे पर लुनाई आ गई थी, मेरी ब्रा का साइज़ भी बदल गया था और मैं पूरी तरह से माल बन चुकी थी. पैंटी उतरते ही मेरी आंखों के सामने साफ गुलाबी बाल रहित चूत उभर कर आ गई. आह्ह … जब पूरा लंड चला गया तो बुआ के मुंह से एक आवाज निकली ‘स्सस … आआ …’पूरा लंड चूत में लेकर बुआ ने ताऊ के लंड पर उछलना शुरू कर दिया.

ताऊ ने बुआ की टांगों को अपने हाथों से थोड़ा और फैलाया और फिर तेज-तेज जोश भरे धक्के लगाने लगे. मैंने वैसा ही किया और उसने मेरे पैर उठा कर अपने कंधे पर रखे और अपने लंड पर थूका और मेरी गांड के छेद पर लगाया.

मेरे सीने से तो लिपटी ही हुई थी, होठों में होंठ फिर आ गये और मैंने अपने हाथ से उसके चूतड़ों को सहलाना शुरू किया, सहलाते सहलाते जब उसके चूतड़ को अपनी तरफ दबाता तो लण्ड का सुपारा उसकी चूत पर दबाव बनाता. मैंने जब देखा कि वो खड़ी हो कर फिल्म देख रही है, तो मैंने उससे बोला कि इधर आकर बैठ जाओ. मैंने बहन को मैसेज किया- तैयार रहना!मैं घर पंहुचा तो उसने दरवाजा खोला.

लड़का लड़की की सेक्सी हिंदी

मैं अब सोनल की गीली चुत चाटने लगा था जिससे सोनल की सिसकारियां बढ़ रही थीं, वो जोरों से ‘आह आह अह ओह भैया … चूस लो … अह आह.

मैंने अपना लंड उसकी गांड में सैट किया दोनों हाथों से उसकी पीठ पकड़ कर झटके पर झटके लगाने लगा. आह क्या टेस्टी लंड था उसका … इतना मोटा और लंबा … मुझे चूसने में गजब मज़ा आ रहा था. मेरा लंड तो पहले से ही तनना शुरू हो गया था इसलिए अंदर की हवस ने ज्यादा कुछ सोचने का मौका नहीं दिया.

रेस्टोरेंट पर खाने का आर्डर किया, बेड दुरुस्त किया और गुप्ताइन को फोन किया कि मैंने खाना मंगाया है. मैंने उसके गालों पे किस करते हुए और उसे छेड़ते हुए पूछा- कॉलगर्ल मतलब क्या?उसने मेरी तरफ गुस्से से देखा, मैं उसे देख के मुस्कुरा रहा था. hindi बीएफदिशा भी अब मेरे साथ चुदाई का मजा ले रही थी और मोन कर रही थी- आह आह ओह अआ अह आह ओह फक मी ओह जीजू!राधिका अपनी चूत में उंगली डाल कर बोली- वाह मेरे राजा … दो नई चूतें क्या दिला दीं, तुम तो अपनी बीवी को ही भूल गए.

लेकिन इतना जरूर था कि जीजा जी के साथ मेरी रंगरेलियों की शुरूआत तो यहाँ से हो ही चुकी थी. मैंने जैसे ही उसकी साड़ी ऊपर की, उसने मुझसे बोला- आरव प्लीज़ यार मेरी एक रिक्वेस्ट है.

अब मैंने उसके लिए खरीदी हुई फ्राक उसको दी और कहा- नहा लो और यह पहनकर दिखाओ कैसी लगती है. उसके बाद मैं राधिका को किस करते हुए उसकी लचकदार गांड पर हाथ से सहलाने लगा. वह ऐसी हालत में था कि जैसे उसके सारे शरीर की मर्दानगी और ताकत मेरी चूत में ही चली गई हो.

मुझे डर था कि कहीं बनी बनाई बात बिगड़ न जाए … न जाने फिर मौक़ा आए न आए! यही सब दिमाग़ में था और मैं नहा कर वापस आया. शायद गर्मी के कारण मोनी की भी नींद खुल गयी थी‌ जिससे डर के मारे मेरी अब हालत ही खराब हो गयी। मगर मोनी‌ ने मुझे अपने से दूर हटा कर अब एक बार तो मेरी तरफ देखा, फिर करवट बदलकर वो फिर से सो गयी।वैसे मोनी‌ के साथ कुछ गलत करना तो दूर मैंने कभी सपने में भी उसके बारे में गलत नहीं सोचा था. घबराहट के कारण दिमाग ने काम करना बंद सा कर दिया था इसलिए आगे बात बढ़ाने का रास्ता सूझ नहीं रहा था.

प्लीज मेरी आपसे इल्तजा है कि आप पहले मेरी पहली वाली कहानी पढ़ लें, फिर इस अगली कहानी को पढ़ें.

वो सब मुझे चिढ़ा रहे थे कि यार तेरी तो आज रात को दीवाली ही दीवाली है. वो बहुत अनमने ढंग से लंड चूसती थी, लेकिन मैं काफी जोश में उसकी चूत चाटता था.

मैं बुआ के कान के पास जाकर बोला- बुआ, जब मजे ले रही हो तो नाटक करने की क्या जरूरत है. मैं तो कहता हूँ आप मेरी अम्मी की रगड़ के चुदाई करो ताकि उन्हें कभी उस नकली लंड की जरूरत ही न रहे. वो भी गालियाँ बके जा रहा था- रंडवी साली … तेरे भोसड़े में मेरा लोड़ा … तुझे आज घोड़ी बना दूंगा, तेरी चुत चोद चोद कर फाड़ दूंगा, तेरी गांड मार दूंगा.

खैर वो भी पियक्कड़ थी इसलिए उसके लिए बियर पीकर कार चलाना कोई नई बात नहीं थी. मैंने कई बार उससे कहा कि मुझसे गांड मरा लो तो वो भक्क कहकर चला जाता. मैं दर्द से चिल्ला पड़ी,उम्म्ह… अहह… हय… याह… तो उसने मेरे मुँह पे हाथ रख दिया और धीरे धीरे चोदने लगा.

चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म उसकी काली रंग की ब्रा और उसके 36 साइज के चूचों पर पसीने की बूंदे मानो ऐसी लग रही थीं जैसे किसी कमल के ऊपर ओस की बूंदें गिरी हुई हों।मेरा दोस्त उन पसीने की बूंदों को चाट-चाट कर मेरी गीतू को गर्म करता जा रहा था और गीतू हवस की आग में बदहवास होती जा रही थी. नीचे से वह भी अपनी गांड को उकसा कर मेरा साथ देने की पूरी कोशिश कर रही थी.

भाभी साडी सेक्सी

हम दोनों वीडियो कॉल से या फिर फोन से फोन सेक्स से ही काम चला लेते हैं. उसने मुझे आंख मारते हुए ऐसे दोनों हाथ ऊपर करके अंगड़ाई ली कि उसका सीना फूल गया. फिर बिस्तर के पास आकर उसने एक चादर उठा ली। अब पता नहीं मोनी ने वो चादर किस लिये उठाई थी और किस लिये नहीं … मगर वो जैसे ही बिस्तर के पास पहुँची तो मैंने बिस्तर पर अन्दर की तरफ खिसक कर उसके लिये सोने की जगह बना दी‌ थी जिससे मोनी अब मेरी तरफ घूर-घूर कर देखने लगी.

मानसी के उछलने से जीजू के टट्टों पर मानसी जांघें लग रही थी और पट्ट-पट की आवाज होने लगी जो बाहर दरवाजे तक आ रही थी. जब से उन्होंने वह सुहागदिन की बात कही थी तब से ही मेरे मन में उनके जिस्म को लेकर ख्याल आते रहते थे. हीरोइनों की बीएफ मूवीआपने मेरी कहानी का पहला भागदेसी भाभी का प्यार और सेक्स-1पढ़ लिया होगा.

मैंने जब उसकी चुत को देखा तो पाया कि मेरा लंड का सुपारा पूरी तरह से बहन की चुत में चला गया है.

फिर 15 मिनट बाद मैं भी झड़ने वाला था, तो मैं उनके अन्दर ही झड़ गया और उनके ऊपर लेट गया. ये देखते ही उसने और जोर से धक्के लगा के अपना पूरा दस इंच मेरी कुंवारी चुत में पेल दिया.

उसके बाद बुआ ने अपने चूचे ताऊ के मुंह पर ले जाकर रखते हुए उनकी छाती पर लेट गई. मुझे कुछ अज़ीब लगा मैं सोच में पड़ गई कि ‘क्या ये अब फिर मेरी गांड मारने वाला है?’मेरी सोच सही साबित हुई, उसने गांड की छेद में अपना थूक लगाया. धीरे धीरे मैंने उसकी दोनों चूचियों को छोड़कर उसके सपाट पेट पर चूमना चालू कर दिया.

हम दोनों एक दूसरे से बात करने के बाद चुप हुए और मैं अपने मोबाइल में गाना सुनने लगी.

इसलिये मुझे हल्का डर सा लग रहा था कि कहीं मोनी कल रात के बारे में कुछ बोल न दे।वो कहते हैं न- चोर की दाढ़ी में तिनका! बस वही हाल मेरा था. राजेन्द्र ने मेरी तरफ देखा तो मैंने बताया कि वनिता का फोन था और वो इधर ही आ रही है. पर हाथ से वो मज़ा नहीं मिल रहा था, जो मज़ा मुझे सौरव के लंड से मिलता था.

जंगल की बीएफ देहातीइनाम के तौर पर चाची ने सैटिंग करवा के मुझे ऋतु मामी की चूत चोदने का मौका भी दिलाया और एक लड़की की कुंवारी चूत भी दिलाई. क्योंकि आंटी नीचे है थीं, मगर हम जब भी मिलते थे, ऐसे ही गन्दी बातें करते थे.

बहन भाई की सेक्सी ब्लू वीडियो

लेकिन आप मेरी एक बात मानो तो इनके लिए मैं कुंवारी लड़की का इंतज़ाम कर देती हूँ. भाई बहन चुदाई कहानी की पिछली कड़ी में आपने पढ़ा कि मेरी शादीशुदा दीदी हेतल अपने पति के साथ कुछ दिन के लिए हमारे साथ ही रहने के लिए आई. अब मेरे से भी कंट्रोल नहीं हो रहा था, तो मैंने चूत की फांकों में लंड रखा और ज़ोर लगा दिया.

वैसे ये कहानी मेरी अम्मी बारे में है, इस कहानी में मैंने अपनी अम्मी के अकेलेपन का इलाज ढूंढा है. फिर हम दोनों में यहाँ-वहाँ की बात होने लगी और होते-होते बात सेक्स तक पहुंच गई. चूंकि यह मेरी पहली कहानी है तो हो सकता है कि यह कहानी लिखते समय मुझसे कुछ गलतियाँ हो जाएं.

उस पर गुलाब जल लगाया और ट्रांसप्लांट ब्रा पेंटी पहनने के बाद साड़ी ब्लाउज पहना. लेकिन आप मेरी एक बात मानो तो इनके लिए मैं कुंवारी लड़की का इंतज़ाम कर देती हूँ. भाभी ने कहा- मैं तो तेरी भाभी हूँ, मुझसे कैसी शर्म … चल अपना औजार बाहर निकाल कर दिखा मुझे.

मैंने उसके चूचों को कस कर दबाया और सहलाया तथा साथ ही उसके मुंह में अपनी जीभ डाल दी. मैं- चलो ठीक है माफ़ किया, लेकिन सच बताओ क्या तुम दोनों बहन भाई एक दूसरे के साथ सेक्स करते हो?निहारिका- नहीं, हम बस अपनी सब बातें शेयर करते हैं.

जब मुझे पता चला तो मुझे ऐसा लगा जैसे मेरे दिल पर किसी ने वार किया हो.

बातों से पता चला कि वो बैंगलोर में अकेली रहती है और उसका पीहर आगरा में है. भाभी की चुदाई देसी बीएफजिस कमरे में उनकी बहन बैठी थी उसी में मैं और भाभी भी बैठ कर बातें कर रहे थे. साधुओं की बीएफउसका यौवन और ज्यादा निखरने लगा था लेकिन जवानी का असली रंग तो लंड लेने के बाद ही चढ़ना शुरू होता है. वो मुझे अपने पास खड़ा देख कर बोली- अरे हिरेन, तू इतनी सुबह?मैंने कहा- मैं तुझे ही उठाने के लिए आया था.

जब निहारिका आई, तो मैंने उसको समझाया- निहारिका, जो रात को हुआ, मैं उसके बारे में कुछ नहीं बोलूंगी.

सोनल के चिल्लाने से राधिका उसके पास आ गई और वो दिशा को साइड में करके सोनल को किस करने लगी. शाम को बीवी का फोन आया तो मैंने उससे कह दिया- मुझे बहुत काम है मैं देर से घर पहुंचूंगा. मैंने उसका स्वाद लेने की मंशा से उसकी मधुर महकती चूत पर होंठ रखे तो मेरी गीतू की सिसकारी निकल गयी- सिस्स … आअह्ह … प्रीतम … आआआ … ह्ह्ह … बड़े दिनों बाद कोई यहां तक पहुंचा है… उफ्फ्फ्फ़!उसकी चूत की खुशबू जब मेरे नथुनों से होती हुई मेरे पूरे बदन में समाने लगी तो उत्तेजना में मैंने भी उसके मुंह में अपने लण्ड के झटके बढ़ा दिए.

मुझे अपने पास बुलाकर बोले- आजा जानम, आज तुम्हें सुहागदिन का मजा देता हूँ. एक दिन मेरे से रहा नहीं गया, तो मैंने स्वाति को अपने दिल की बात बताई. मैंने उसके मुंह से चुन्नी निकाली और पूछा- कैसा लग रहा है?वो बोली- बस अब मुझे चोद दो, मुझे तड़पा कर तुम्हें क्या मिलेगा.

ब्लू पिक्चर सेक्सी मजेदार

मैंने सोचा यदि अभी मना करूंगा, तो ये जो पहले का चूमा चाटी वाला खेल भी नहीं खेल पाऊंगा, तो मैं भैया की बात मान गया. मैं वही बैडरूम में लेटी रही और थकावट के कारण मुझे कब नींद आ गई पता नहीं चला. वह तो चूत की एक-एक नस खोल देता है। पर न जाने क्यों मेरे दिमाग में आपकी ही तस्वीर संभोग करते हुए बनी हुई है। आप इसे नहीं समझोगे। औरत का प्यार ऐसा ही होता है। अगर किसी के लिए चढ़ जाए तो आसानी से नहीं उतरता। मैं अभी तक आपके मोटाई वाले लंड को नहीं भूली हूं.

मैं बोली- वो तो आपने दीदी के साथ मना ली है ना!जीजा जी बोले- तो फिर आपके साथ ‘सुहागदिन’ मनाऊंगा.

मुझ पर ही भूत सवार था किसी मिल्ट्री-ऑफिसर को दामाद बनाने का और मेरी इस बेकार की जिद ने सब गुड़-गोबर कर दिया.

फिर 15 मिनट बाद मैं भी झड़ने वाला था, तो मैं उनके अन्दर ही झड़ गया और उनके ऊपर लेट गया. स्कूल से मेरे घर तक के रास्ते में कई स्पीड ब्रेकर्स थे जिनके पास आवारा लौंडे खड़े रहते थे. बीएफ सेक्सी ब्लू दिखाएंइतनी जल्दी दिल्ली में फ्लैट का इंतजाम नहीं हो सकता था, इसलिए मैंने अपने रुतबे का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली से थोड़ा बाहर एक रूम के फ्लैट का इन्तजाम करवा दिया और उसको भरोसा दिया कि बहुत जल्दी ही मैं अच्छा सा फ्लैट दिल्ली में दिलवा दूंगा.

मुझ पर ही भूत सवार था किसी मिल्ट्री-ऑफिसर को दामाद बनाने का और मेरी इस बेकार की जिद ने सब गुड़-गोबर कर दिया. यह तो सब करते हैं किंतु वह तुम्हारी कच्ची उम्र थी जब तुमने हमें संभोग करते देखा। यह केवल एक बार नहीं अपितु बार-बार था।इस उम्र में जब किसी को पॉर्न फिल्म देखने को मिलती है तो उसका हाल भी यही होता है किंतु तुमने तो पॉर्न फिल्म को जीवन्त रूप में देखी थी. मैं बोली- हाँ मेरे लाल … जल्दी से अपनी माँ चोद दे … साले तू पहले मादरचोद बन जा.

रात के अंधेरे में मैं हेतल दीदी के बेड पर लेटी हुई तुम्हारा इंतजार कर रही थी. उसने मेरी टांगों को अपने कंधों पर रखा और मेरी चूत पर लंड रखकर अन्दर घुसा दिया.

इस पोजीशन में मुझे थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही थी लेकिन मजा भी दोगुना मिल रहा था.

खैर मैंने कपड़े नहीं खरीदे, जो मेरे पास थे, उन्हीं को पहनने का मन बना लिया. मैंने उसका लंड पकड़ा और हिलाने लगा लेकिन उसने मेरा पकड़ा, तो मुझे बहुत अजीब महसूस हुआ और मैंने अपना लंड छुड़ा लिया. जो कहानी मैं आप लोगों को सुनाने जा रहा हूं वह केवल एक कहानी नहीं है बल्कि एक सच्चाई है.

बीएफ सेक्सी अच्छा वाला अब जब भी मैं लंच टाइम में बाहर जाता तो वो खूबसूरत लड़की भी एक बार नज़र भर कर मेरी तरफ देख कर नज़र फेर लेती थी. मगर अभी आधा काम बाकी था क्योंकि मां के रहते तो आंटी की चुदाई नहीं हो सकती थी.

मैंने बहुत सी लंड की प्यासी भाभियों और चुदासी लड़कियों को अपनी सर्विस से खुश किया है. उसकी नजर झुकी हुई थी और नीचे ही नीचे उसने मेरे तने हुए लंड को भी देख लिया था. मेरे ऑफिस में मेरी सहेलियों ने मेल एस्कोर्ट को बुला कर मुझे अलग-अलग मर्दों से चूत चुदवाने का चस्का लगा दिया था.

मारवाड़ी सेक्सी वीडियो चलना चाहिए

कुछ देर बाद मेरा लंड छूटने वाला था और पिचकारी निहारिका की सलवार पर जा गिरी. चाय या कॉफी?मैंने बड़े रोमांटिक मूड में कहा- आज तो मुझे दूध पीना है. अभी मैं लंड चूस ही रही थी कि पीछे से अजय हाथ में सिगरेट लेकर आया और बोला- साली कुतिया मादरचोदी … आराम से लंड खा … एक और भी लंड है तेरी गांड फाड़ने के लिए.

तभी उसने गुस्से में मेरा लंड पकड़ा और खुद ही चुत में सुपारा सैट करके ज़ोर से गांड ऊपर की तरफ करके झटका दे दिया. उस मस्त गुलाबी फूल जैसे गांड के छेद में मुझे अपना मोटा लंड घुसाने की तमन्ना जाग उठी.

उसने मुझे खींच कर अपने करीब किया और अपने होंठ मेरे होंठ पर रख कर किस करने लगी.

कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या सही है और क्या गलत?मन में तूफान सा उठा हुआ था और मैं उसमें फंसता ही जा रहा था. बीवी ने अनमने मन से मुझे देखा, फिर गांड हिला कर पूरा लंड गांड में ले लिया. पर एक बात थी कि खाना बनाने की तैयारियों के बीच वो मुझसे चिपकती, फिर पलटी मार के अपनी पीठ को मेरे सीने से चिपकाती और फिर मुझे पीछे से पकड़ लेती.

इससे पहले कि वो कुछ कहता या सफाई देता मैंने उसके लंड को पकड़ कर सहलाना शुरू कर दिया. वो भी दारू के एक पैग से मस्त होने लगी थी और धीरे धीरे पूरी तरह से गर्म होना शुरू हो गई थी. मैंने पहली बार अपनी बहन की मोटी गांड को इस तरह से बिना कपडों के देखा था.

तभी मैंने उनकी एक चूची के निप्पल को उंगलियों से पकड़ कर जोर से उमेठ दिया.

चुदाई बीएफ ब्लू फिल्म: अन्दर जाते ही मैं आयशा पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा।वो बोली- क्या कर रहे हो? कोई आ जाएगा।मैंने कहा- कोई नहीं आएगा, बस थोड़ी देर … केवल 5 मिनट।वो मना करने लगी. थोड़ी देर चाटने के बाद मैं एक उंगली उसकी बुर के दाने को रगड़ते हुए अन्दर डालने लगा.

जब वो चल रही थी, तो उसकी पतली कमर के साथ हिलते चूतड़ बहुत सेक्सी लग रहे थे. उसने मेरी पीठ पे हाथ रखे हुए थे तो मेरी पीठ को उसने अपने नाखूनों से खरोंच दिया था. मुझे लंड से बड़ी राहत सी मिल रही थी क्योंकि इस बार मैं काफी दिनों बाद चुद रही थी.

हफ्ते भर में मुझे पता लग गया कि वो प्रिया की सहेलियों में से एक है.

फिर पास ही पड़ी मेज पर उसको लेटा लिया और उसकी एक टांग से सलवार को निकाल कर अपने हाथ में उसकी टांग को उठाकर फैला दिया. कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि रात को सोते समय मेरी वासना ने मुझे मोनी के बदन को छूने के लिये मजबूर कर दिया. जैसे खलहड़ से हल्दी पीसते हैं ठीक उसी तरह वो मेरी बुर की पिसाई करने लगा.