बीएफ चाहिए बीएफ फिल्म

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उन्होंने पैसे दिए थे और वे अपने हर एक पैसे का पूरा हिसाब लेना चाह रहे थे. एक्स एक्स एक्स ओपन सेक्सीकुछ देर यह सब होने के बाद पापा ने अपना लंड मम्मी के मुँह में डाल दिया.

अब मैंने उन्हें ज्यादा परेशान करना ठीक न समझा और मैंने करवट बदल ली अब मेरी पीठ व गांड उनकी तरफ थी. బంగ్లాదేశ్ సెక్స్ వీడియోबापू ने पद्मिनी को उसकी पीठ के बल औंधा लिटा दिया… और खुद ने पद्मिनी की गांड पर अपना लंड रगड़ना शुरू कर दिया.

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मेरी बीवी का नाम निधि जैन था, लेकिन दो तीन साल तक काफी बीमार रही और उसके बाद दो वर्ष पूर्व वो इस धरती लोक को त्याग कर ऊपर वाले के पास चली गयी.वो भी खूब मचल रही थी और मादक सिसकारियां ले रही थी, उसके मुँह से जबरदस्त ‘आआह उम्म्ह… अहह… हय… याह… अयाया आह.

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प्रिय पाठको, अब मैं आपको अपनी जिन्दगी की वो सच्चाई वो कहानी बताने जा रहा हूँ जो शायद कोई किसी को नहीं बताएगा लेकिन अन्तर्वासना की कहानियां पढ़ कर मुझे लगा कि यहाँ पर मुझे अपनी सत्य कहानी भेजनी चाहिए.तब उन्होंने मुझसे कहा- आरव जी, मैं आज अपना सब कुछ तुम्हें दे रही हूँ, इसके बदले में मुझे एक चीज़ दे देना.

उसके लंड में इतना दम न हो या उसका साइज़ इसके जैसा न हो तो फिर तुझे मजा नहीं आएगा. बीएफ चाहिए बीएफ फिल्म उसने उस लड़के से कहा- प्लीज़ इसको बाहर निकालना, वरना कुछ हो सकता है.

बिल्कुल कर सकती हूँ… लेकिन वहां स्टूडियो में सब कुछ रियल नहीं होता, एक-एक शॉट के दस दस रीटेक होते हैं, फैसिलिटी ही अलग होती हैं… और मैं तो आज बिल्कुल ही तैयार नहीं थी एनल सेक्स के लिए… और वो भी ऐसे मोटे ढपाल लंड के साथ!”प्रत्युत्तर में आर्थर सिर्फ हंसने लगा और उसने अपने कंधे उचका दिए.

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मेरी टांगों के बीच आकर उन्होंने मेरे पैरों को घुटनों के पास से मोड़कर मेरे पेट की ओर किया. मैंने उसकी कमीज ओर ब्रा को निकाल दिया, जिससे उसके चुचे उछल कर बाहर आ गए. फिर बापू बोला- बेटी, तेरी चूत अभी भी दर्द कर रही है क्या?पद्मिनी बोली- जी बापू, अभी भी हल्का दर्द है.

डॉली हाथ के बल से थोड़ी झुकी हुई थी और डॉली के हिप्स एकता की चुत के कुछ ही ऊपर रखे हुए थे. अचानक किसी को पास देख वो झट से दूर हटी, वो बोली- अरे तुम कब आए?मैं बोला- अभी ही… तुम्हें सोती देख जगाया नहीं, तुम्हारे उठने का वेट करने लगा. तभी दरवाजा खुला और माधुरी केवल एक तौलिया में बाहर निकली, उसे देखते ही मेरे को पसीना आ गया.

मधु और उसके यार की चुदाई मेरी आंखों के सामने घूमने लगी, राज के लंड को देखने के बाद सेक्स की मेरी इच्छा और बढ़ने लगी. मेरे हाथ उनके कन्धों पर थे और वह मुझको अपनी ओर खींच रही थी और उसी बीच मेरे हाथ उनके चोली पर से होते हुए खाला की पीठ कमर पर होते हुए उनके स्तनों पर पहुँच गये. वहाँ पहुँच कर मैंने वॉचमैन से कविता के बारे में पूछा तो उसने बताया कि कविता मैम का सुबह फोन आया था कि मैं आज आ रही हूँ, और अभी एक सज्जन आयेंगे इसलिए उन्हें इज्ज़त से बैठने को कहना.

अब नीलू अपनी बेटी याना को पकड़ के चूमने लगी और मुझसे बोली- मुझको देखो और मेरी बेटी की चुत में अपना लंड खड़ा करके डाल दो. इसी दौरान एक बार की यात्रा के मेरी मुलाक़ात एक लड़की से हुई, जिसका नाम शबाना था.

उसे पता था कि वो इस हालत में घर नहीं जा सकती, इसलिए वो कैसे ना कैसे ऑफिस पहुँच गई.

मगर वह प्यार जो एक मर्द और औरत के बीच होता है, वैसा प्यार पद्मिनी के प्रति बापू के मन में उभरने लगा.

उसके घर में दो भाई-भाभी, माँ-बाप के अलावा और कोई नहीं था, सब अपने-अपने कमरे में जाकर सो गए. बापू की उंगली आधे से कम चूत में पहुँच गई और उसने उससे थोड़ा ज़्यादा जाने की कोशिश की तो पद्मिनी चिल्ला उठी. मैंने दुबारा अपना लण्ड उनकी पैन्टी के ऊपर लगाया और अबकी बार लगभग उनके मम्मों के ऊपर अपने हाथ रख कर पहले तो खड़ा खड़ा उनके शरीर को भींचता रहा.

शंकर दिमाग में कुछ खुरापात पक रही थी, वो मुझसे बोला- राजा आज चुदाई करने का मन कर रहा है, चल चल कर चुदाई का मजा लेते हैं. अब मैं उसकी बातें सुनकर ख़तरनाक जोश में आ गया, मैंने पूरी ताकत के साथ एक और धक्का लगा दिया. फिर उसने अपनी स्पीड को तेज़ कर दिया, मेरा शरीर कसने लग गया और मैं चरम सीमा पर पहुंच गयी.

फिर जब भी भाभी सामने आतीं, तो हम दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा देते.

पर मैंने सोचा कि अगर आज अकेले हैं तो आज उसे भी कोशिश करके इस खेल में शामिल करूंगी. मैंने ध्यान देना शुरू किया तो समझ आया कि वो बाइक हफ्ते में दो बार सोसाइटी के बाहर खड़ी रहती थी. उसके बारे में सोच कर मैं थोड़ा नर्वस भी था और उतेजित भी कैसा होगा? क्या होगा? लेखक है तो ना जाने उसका व्यवहार कैसा होगा? इत्यादि!कुछ देर बाद राज आया, हम दोनों ने हाथ मिला कर एक दूसरे का स्वागत किया, शुरू शुरू में तो हम दोनों काफी चुप थे लेकिन फिर बात होनी शुरू हो गयी, बातों बातों में राज ने मुझे ड्रिंक्स के लिए पूछा तो मैं मना नहीं कर पाया.

उस नाइट में मेरा फ्रेंड अपने फ्रेंड को मेरे घर ले कर आ गया और मेरी वाइफ को बोला- देख लो भाभी… ये मेरा फ्रेंड है. चूँकि मैं यह चाहता था कि जब मोटी का नंबर आए तब तक वह ताजी ताजी झड़ी हो और पतली भी यहाँ अपनी कुछ जरूरत से ज्यादा टाइट योनि के साथ मजे ले रही थी. लेकिन भैया भाभी की सिसकारियों की आवाज़ खिड़की से सुनाई देती थी।तो यह थी मेरे भाई भाभी की सुहागरात की चुदाई की कहानी, आपको कैसी लगी, मुझे ई-मेल करके जरूर बताएं.

पता नहीं मुझे भी क्या हो गया था, मैंने लालजी के पैंट की ज़िप खोली और अन्दर हाथ डाल कर अंडरवियर में पहुंचा दिया.

मैं- मैं कौन सी स्टोरी पढ़ रहा था बताओ?तो वो बोली-बड़ी बहन को पटाया और छोटी चुद गईमैं उसकी जुबान से खुल्लम खुल्ला चुद गई सुन कर चौंक गया- यार तुम्हारी आँखें है या गिद्ध की आँखें?अब हम दोनों एक दूसरे को देख कर हंसने लगे. अलका ने एक सिप लिया और सर हिलाकर जताया कि ब्रांडी मिक्स कॉफ़ी के स्वाद में मज़ा आया.

बीएफ चाहिए बीएफ फिल्म सबसे पहले सभी भाभियों, आंटियों और जवान लड़कियों की चूत को मेरे खड़े लंड की सलामी. थोड़ी देर की चुदाई के बाद वो झड़ गई पर मेरा नहीं हुआ था क्योकि मैं उससे मिलने को आते समय मुठ मार कर आया था.

बीएफ चाहिए बीएफ फिल्म हमारी बातें चल ही रही थीं, तभी मैंने अचानक से भाभी से पूछा- आपने अभी तक कोई बच्चे के बारे में क्यों नहीं सोचा. अब मनोहर ने मेरे मुँह से अपना लंड निकाला, मुँह से लंड निकलते ही मैं चीखने लगी, रोने लगी, बोलने लगी कि चाचा छोड़ दो मुझे, मुझे नहीं करवाना बहुत दर्द हो रहा है, मैं मर जाऊंगी मुझसे दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा.

मैंने दीदी की आँखों में देखा तो दीदी ने मुस्कुरा कर आँख मारी और अपनी गांड उठा कर मेरे लंड को खाने की कोशिश की.

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शुरू में ऐसा हो पाना मुश्किल लग रहा था, क्योंकि आर्थर का दो किलो का लंड तेजी के साथ मेरी गुड़िया की गांड में अन्दर-बाहर हो रहा था! शायद आर्थर को भी मेरी परेशानी का अंदाजा लग गया, और उसने कुछ समय के लिए अपनी गति कम कर दी. उसके घर में दो भाई-भाभी, माँ-बाप के अलावा और कोई नहीं था, सब अपने-अपने कमरे में जाकर सो गए. वहां पहुच कर हमने होटल बुक किया और मैंने राज को मिलने के लिए बुलाया.

सभी साथियों को मेरा प्रणाम!मैं काफी लंबे समय से अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज की पाठक हूं मुझे इस साईट की कहानियां बहुत अच्छी लगी तो सोचा कि क्यों ना मैं भी अपने जीवन की एक सच्ची घटना को कहानी के रूप में आपके सामने प्रस्तुत करूँ ताकि आप भी उसका आनंद ले सकें. ऐसा करते हुए मैंने कुछ ही देर में उसका पानी निकाल दिया और फिर उसके पानी को अपने मुँह में ले कर पी गया. शीशे में अपने आपको देखते ही उन्होंने अपनी आँखें शर्म के मारे झुका लीं.

फिर वो बोली- देखो यार, नौकरी तो मिल जाएगी मगर तुम्हें अपना जलवा भी दिखाना पड़ेगा.

इस तरह मैंने भरपूर आनंद उठाया अपनी चूत चुदाई का… मैं बहुत खुश थी क्योंकि बहुत दिनों बाद मेरी चुत में लण्ड गया तो भी मोटा और लम्बा। मेरे पति का तो इनका आधा लण्ड ही है. उन्होंने मुझे बेहिचक बाँहों में ले लिया और बोलीं- बहुत मिस किया तुमको. आर्थर के मजबूत लंड की रगड़ से मेरी कोमल पत्नी की चूत लाल हो चुकी थी, वो उसे निर्दयता के साथ किसी कुतिया की भांति चोदे जा रहा था.

और मैं अभी रोज रात वैशाली यानि अपनीबड़ी बहन की चुदाईकर रहा हूँ क्योंकि वो गर्मियों की छुट्टियां मनाने हमारे घर आई हुई है. मेरी ड्रेस उस वक़्त ऐसी थी कि अगर कोई बूढ़ा भी देख लेता तो अपने लंड पर हाथ फेर लेता. परंतु मैं जानता था कि वह गर्म हो चुकी है और ऊपरवाले मन से ही मना कर रही है.

[emailprotected]देसी कहानी का अगला भाग:खेत खलिहान में देसी छोरियों का यौवन का खेल-2. आह आज तो तुम्हारी माँ की याद आ गयी, वो भी ऐसे ही लंड चूसती थी, काश तुम मेरी बीवी होती तो खुलेआम भी खेल सकती थी.

अब मेरी ख्वाहिश है कि कोई ऐसा हो, जिसका लंड लंबा मोटा हो, जो मेरी चुत की अच्छे से चुदाई कर सके, उसकी चुदाई करने की स्टेमिना भी अच्छी होनी चाहिए. जब वो अधिकारी आ गया तो देखा कि वो कोई 45-46 साल का आदमी था, बस फिर उसको फंसाने का पूरा इंतज़ाम कर लिया. पहले तो उसने ना नुकुर की लेकिन मेरे जोर देने पर वो मान ही गई और मैंने उसका टीशर्ट उतार दिया। उसकी अर्धविकसित गोलाइयाँ देख कर मेरा मुंह खुला का खुला रह गया था। कम रोशनी में अर्धनग्न अवस्था में वो कमाल लग रही थी.

कुछ मिनट के बाद मैं भी झड़ गया और बांहों में भर कर उसे किस करने लगा.

लेकिन कोई बात नहीं, मैंने भाभी के मोबाइल से आपका नंबर निकाल लिया है. मैं समझ गया था कि भाभी बहुत प्यासी हैं और उन्हें भी लंड की ज़रूरत है. चुदाई के वक्त भाभी के मम्मे जो अप डाउन अप डाउन कर रहे थे, उनको देख कर मुझसे रहा नहीं गया.

वो तो बस चुदाई की फिल्म को देखते हुए अपने लंड को मसल रहा थाबिंदु ने उसके कंधे पर हाथ रख कर पूछा- क्या कर रहे हो?वो हड़बड़ा कर उठा, मगर उसका लंड उसके काबू से बाहर था. दीदी- साले हरामी, सीधे सीधे क्यों नहीं कहता कि तुझे दूसरी चुत चोदने की चुल्ल हो रही है.

इसके बाद वो पद्मिनी के पास आया और बोला- चलो बेटी तुम्हें नहला दूँ, पसीने से भीग गयी हो और मेरे रस से भी सनी हो. मेरी चुत पूरी तरह से गीली हो गई थी, मैं भी जोश में आ गयी थी।उसने उसका लण्ड मेरे मुंह में दे दिया, मैं उसका लण्ड चूस रही थी, वो मेरे बूब्ज चूस रहा था।वह बोला- पूरा लण्ड ले ले!और जोर से एक झटका दिया, अपना पूरा लण्ड मेरे मुंह में घुसा दिया।फिर साथ ही वो मेरी चुत चाटने लगा. हम दोनों इस बारे में सोच ही रहे थे कि इतने में उन्होंने कहा- मैं नहाने जा रही हूँ, तुम वहाँ आ जाना, हो सके तो वहीं कर लेंगे, नहीं तो बेडरूम में आकर कर लेंगे.

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फिर लगभग 1 महीने बाद एक औरत का मैसेज आया, जिसका नाम प्रेरणा (बदला हुआ) था, मैंने तुरंत उसे रिक्वेस्ट सेंड की, परंतु बहुत देर तक उसने एक्सेप्ट नहीं की.

मैंने मौसी को सेक्स की गोली देकर उनकी कामुकता जगाई और मौक़ा पाकर मैंने मौसी को चोद दिया. कई बार तो मैं परेशान हो जाता था क्योंकि मैं पहले कभी इतना फोन पर बात करता नहीं था. नीचे मनोहर ऐसे रगड़ कर चूत को चाट रहा था और खा रहा था कि बस पूछो मत.

नई अंडरवियर के कारण लंड बाहर को उतना नहीं उठ पाया था, पर उसने ये महसूस कर लिया था कि लंड फूल रहा है. सुबह लंड के बाल साफ किये, उसकी तेल से मालिश की और फिर अच्छे से उसे साबुन से मल मल कर नहला कर साफ़ किया. भोजपुरी वीडियो सेक्सी वीडियोआआआआ… ईईईई ईईईई… वाउ! लाइक इन हेवेन! जब वो मेरी गांड के अन्दर घूमता है, तो मैं तो पृथ्वी के चक्कर लगाने लगती हूँ! आआआआ आआआआह! मैं तो उड़ रही हूँ मेरे दोस्त!!”गोरी रूसी मेम की चुदाई की कहानी जारी रहेगी.

यानि मेरी तरफ जहाँ खड़ा होकर अपनी मॉम और उस आदमी का ये वासना भरा खेल देख रहा था. एक दिन मैंने उनसे उनकी फोटो मांग ली तो सुकन्या जी बोलीं- फोटो की क्या जरुरत है, मैं तो आपसे मिलने का सोच रही हूँ.

अब वो अपनी चूची और चूत की बात करने लगी कि जब वो गर्म हो जाती है तो कैसे अपनी चूत में उंगली करती है. भाभी ने अपना हाथ पीछे करके लौड़े की लंबाई और मोटाई का जायज लिया और मेरी तरफ घूम गई. वह किसी बड़े शहर का था, सरकारी नौकरी लग गई, ज्वाइन कर ली तो छोड़ना नहीं चाहता था, काम भी नहीं करना चाहता था.

मेरी कामुक कहानी के पिछले भागप्रियंवदा: एक प्रेम कहानी-3में आपने पढ़ा:मैडम ने आगे बढ़कर मुझे गले से लगा लिया. वैसे भी मैं काफी बाहर रहता हूं, पूरा गुजरात घूमता रहता हूँ तो तुम मुझे कभी भी फोन कर सकती हो. मैंने पूछा- क्या?तो बोली- कभी किसी और लड़की या औरत के साथ रिलेशन मत बनाना.

मैंने कहा- मॉम आप एक बिकिनी भी लाना और कभी कभी घर में वो ही पहनना, पर कपड़े सिर्फ तभी पहनना, जब कोई आए.

और आप जाओगे कहां?मैं बोला कि किसी रेस्टोरेंट या और कहीं उसका इन्तजार करूँगा. आप जानते होंगे जब कोई चुदने को चाहती हो और उसकी चुत न चुद पाए तो उसे कैसा लगता है.

किस से बात करनी है?मैं बोला- मैं राहुल बोल रहा हूँ, मुझे आपका नम्बर मेरे फ्रेंड से मिला है. जिस दिन उसने होटल में आना था, उसी दिन हम लोग यह कह कर घर पर कि दो तीन दिनों के लिए किसी से मिलने जाना है… और जाकर होटल में शिफ्ट हो गए. धीरे से मैंने अपने लोअर को नीचे किया और अपना मोटा तगड़ा लंड अभिलाषा के सामने खोलकर उसके हाथ में पकड़ा दिया.

अभिलाषा की जांघें, बाल रहित चिकनी चूत और चूतड़ बहुत ही मस्त और सेक्सी थे. लालजी बोला- वन्द्या तुम बताओ कि तुम्हें प्रॉब्लम तो नहीं होगी क्योंकि तीन तीन नए लड़कों को झेल लोगी. मुझे उनके निप्पल मिल गए, फिर मैं उनके निप्पल मसलने लगा और मैं कभी इस तरफ की चूची को दबाता, कभी उस तरफ की चूची को मींजता.

बीएफ चाहिए बीएफ फिल्म उसके बाद हम दोनों दुकान पर गए और दुकान में हिसाब का काम करने लगे।आप सब मुझे फीडबैक दीजिये और बतायें कि मेरी पहली चुदाई की कहानी आप सबको कैसी लगी।[emailprotected]. फिर उनके बॉडी की आइस क्रीम को मैं चाटने लगा, पहले बूब्स पे लगी आइस क्रीम को चाट गया और फिर चूत के अंदर अपनी जीभ पे आइस क्रीम रखकर जीभ चूत के अंदर डाल दी.

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अन्नू मेरे पास आकर मेरे होंठों पर किस करके बोली- क्यों एकता, कैसी लगी हमारे घोड़े की राइडिंग??एकता ने कहा- यार अन्नू, इतनों से चुदवा चुकी हूँ. जब मुझे जल्दी है स्कूल जाने की, तभी आप को यह सब बातें करनी है क्या? हमेशा तो आप को खुश करती ही हूँ. काफी लम्बी चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने उनसे पूछा कि कहाँ झड़ाना है?वो बोलीं- तेरा जहाँ मन करे.

और मैं अभी रोज रात वैशाली यानि अपनीबड़ी बहन की चुदाईकर रहा हूँ क्योंकि वो गर्मियों की छुट्टियां मनाने हमारे घर आई हुई है. मैंने उसकी चुत में जरा सा तेल डाल दिया और एक उंगली चूत के अन्दर डाली. गरम भाभी की चुदाईभाभी ने मेरे वीर्य की आखरी बूँद तक अपनी चूत में ली और मैंने उनकी टांगों को नीचे बेड पर रख दिया.

अब मैं किसी को ऐसा लिखने से रोक तो नहीं सकती… क्योंकि हर एक की अपनी सोच है.

पर वो मानी ही नहीं, भाभी बोलीं- अमित तुमसे एक मदद चाहिए, मुझे बच्चे नहीं हैं. फिर उन्होंने अपनी जीन्स उतारी, उन दोनों ने अपनी अपनी ब्रा के रंग की पैंटी भी पहनी हुई थी.

मैंने उसको एक फोन लेकर दिया, जिसको वो छुपा कर अपनी पेंटी में रखती थी. आप आकर कह देना कि मैं वन्द्या को ड्रेस दिलवाने ले जा रहा हूं फिर घर पहुंचा दूंगा।सुरेन्द्र जीजा बोले- अब आप के लिए कल का पूरा कार्यक्रम रद्द करना पड़ेगा, चलो ठीक है परसों तैयार रहना अपनी मनपसंद ड्रेस के लिए… मैं सुबह नौ से दस के बीच आ जाऊंगा।मैं सच में खुश हो गई कि परसों मुझे मेरे पसंद की ड्रेस मिलेगी. इस तरह से वे दोनों अपनी चुदास की मस्ती में न जाने क्या क्या बड़बड़ाते हुए एक दूसरे को चूमते चाटते रहे और न ज़ाने क्या क्या बोले जा रहे थे.

चेन्नई होटल में बुकिंग की मेनेजर अभिलाषा ने मुझे अपने होटल का परमानेंट ग्राहक बनाने के लिए जूली नामकी एक ट्रेनी रिसेप्शनिस्ट लड़की को मेरे कहने पर रात भर चोदने के लिए भेजा.

मैं उसके मम्मों को कपड़ों के ऊपर से ही दबाने में लग गया और साथ ही मैं उसके होंठों को चूम रहा था. अब मेरी वाइफ की चुत पूरी गीली हो गई थी, तो वो रंजीत से बोली- अब तू भी अपना लंड डाल…रंजीत ने अपना लंड मेरी वाइफ की चुत पर रख कर धक्का मारा, पर लंड चुत में नहीं गया. एक रात ऐसे ही मैं घर के बाहर निगरानी कर रही थी कि अचानक बारिश आ गई.

क्ष्क्ष्क्ष विडियोपीठ से साबुन लगाते हुए मैं उसके पूरे शरीर पर साबुन लगाने लगा और फिर उसे पानी से धोया. तो अब क्या बापू?बापू घुटनों पर ही था और सर ऊपर उठाकर पद्मिनी से कहा- बस अपना यह स्कर्ट ऊपर उठाकर बापू को अन्दर की जाँघ और अपनी पेंटी दिखा दे, मैं बहुत खुश हो जाऊँगा.

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मैंने देखा कि उसकी चूत का छेद पांच रुपये के सिक्के के बराबर खुला हुआ दिख रहा था और उसके आगे अंधेरी गुफा की सुरंग सी दिख रही थी. मैं अपनी और बिंदु की चुत को दिखा कर बोली- यहाँ जो अन्दर एक बार घुस जाता है, वो फिर अपनी मर्ज़ी से नहीं जाता और अगर उसका अन्दर जाना पसंद आ गया तो कोई भी उसे बाहर का रास्ता नहीं दिखा सकता. मैंने सेक्स टॉय का पैकेट उनके हाथों में थमाते हुए कहा- भाभी ये रही आपकी ईदी.

फिर इस तरह से मैंने उसको 2 बार और नॉन स्टॉप चोदा और उसकी चूत फाड़ डाली. दूसरे दिन सुबह को मैंने उसे पिक किया और कार में बैठाते ही मैंने उसे किस किया. उधर आशीष पूरी इंजीनियरिंग करके बंगलोर में ही किसी कंपनी में जॉब करने लग गया.

मैं उन्हें यूँ दबाने लगी थी जैसे कोई स्पंजी बॉल दबा रही होऊं और साथ ही उसकी घुंडियों को भी ऐसे चूसने लगी जैसे बच्चा दूध पीता है।साथ ही बीच-बीच में दांतों से भी कुतर रही थी हल्के-हल्के, कि उसे तकलीफ न हो. यह सुनकर वो जाने लगीं, तभी मैंने भाभी से बोला- अरे आप तो जाने लगीं. अभी उनकी जवानी को सोच ही रहा था, कि वो बता रही थी- हम दोनों माँ बेटी साथ में योगा करने जाती हैं.

इस पर उन्होंने गीता के मुँह पर टेप चिपका दिया और उसकी चुत का बुरा हाल कर दिया. अगले दिन सुबह सुबह भाभी के पति का कॉल आया और उन्होंने बताया कि वो आज और नहीं आएंगे.

अभी बैठी थी तो उसके चूतड़ों के आकार का नाप सही से समझ नहीं आ रहा था, पर मेरा अंदाज था कि इसके चूतड़ भी भरपूर मटकते होंगे.

फिर मैंने उसे समझाया कि इससे कुछ नहीं होता कुछ ही देर में ठीक ही जायेगा और उसे शांत किया।फिर मैंने करीब बीस मिनट तकबहन को चोदाऔर बेड के हिलने की वजह से वैशाली जग गई और उसने हम बहन भाई को चुदाई करते देख लिया. एक्स वीडियो गुजरातदोस्तो, यह कहानी मेरी सत्य घटना है और आज भी मैं गुप्त रूप से चुदाई कर रहा हूं, मुझे अपने विचार यहां भेजें. थ्री एक्स बीपी व्हिडीओशाम को मैं पूरी तरह से बन ठन कर ठीक समय पर होटल मेट्रो के बाहर खड़ी थी. तब हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहने, मैं तो बहुत थक चुका था मगर वो साली मोटी थकी थी या नहीं… मुझे नहीं मालूम!उसके बाद वो रोने लगी और बोलने लगी- तुम मुझे रोज चोदना… मैं तुझे जब बुलाऊंगी, तब आना… रोज मुझसे मिलना!मैं तो घबरा गया, मैंने कहा- तुम यह क्या बोल रही हो? मैं रोज रोज कैसे आ सकता हूँ तुम्हारी चुदाई करने!मैं आगे बोला- जान, मैं जब मौका मिलेगा, मैं तुमको चोदने आ जाऊंगा.

खाला ने लाल लहंगा, चोली चुनरी और ढेर सारे गहने पहने हुए थे और साथ में गजरा और फूलों से शृंगार किये हुए स्वर्ग से आयी हुई अप्सरा लग रही थी.

मैं पेग बना कर एक हाथ में चिकन लेकर खड़ी होकर अपने बेटे के मोटे मूसल लौड़े को देखने लगी. भाभी ने मेरे वीर्य की आखरी बूँद तक अपनी चूत में ली और मैंने उनकी टांगों को नीचे बेड पर रख दिया. इस कहानी से पहले भी मेरी एक कहानी प्रकाशित हो चुकी हैसलमा ने बनाया बलमायह बात कुछ समय पहले की है.

इसके कुछ देर बाद मैं जब खाना खाने बैठा, तभी दीदी नहाने के लिए आ गई और पहले के जैसे कपड़े पहन कर नहाने लगी. वैसे तो वह चुदाई के बाद सोना चाहती है लेकिन रेखा को चोदने, भोगने, चूसने के ख्यालोंके कारण मैंबहुत अधिक भड़का हुआ था, तो मैंने उसको सोने नहीं दिया. नेहा दीदी ने मेरी बांह पर हाथ फेरते हुए कहा- क्यों नहीं है? तुम तो इतने हॉट लड़के हो.

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उसके मम्में मेरी छाती पर झूल रहे थे जिन्हें मैंने पकड़ कर झूलने से रोक दिया और उन्हें दबाते हुए बहू के धक्कों का आनन्द लेने लगा. ये कह कर भाभी जाने लगीं, मैं भी उनके पीछे पीछे उनको दरवाजे तक छोड़ने गया. जैसे कैसे मैंने उसके मन में पराये आदमी से चूत चुदाई की बात बैठा दी.

मैंने राज और मंजू का आपस में परिचय करवाया! राज की आखों में चमक थी, वो मेरी मंजू को देख खुश था!राज ने हमें कैम्पिंग करने के लिए कहा तो हम तीनों शिवपुरी कैंपिंग के लिए चल दिये.

फिर मैंने पूरे दम से और बेरहमी से बहूरानी की चूत की चटनी बनाना शुरू की.

अब उसको भी बेहद मजा आने लगा और वो अपनी गांड उठाते हुए मेरे लंड की हर ठोकर का जबाव देने लगी. मेरी तो जैसे मन की मुराद पूरी हो गयी हो, मैंने भी हां बोल दिया और मैं माँ और बेटी के बीच वाली सीट पर बैठ गया. हिंदी सेक्सी वेदोपर अब उस आदमी का हाथ मॉम की गांड पर नहीं था बल्कि उसने अपने हाथ से मॉम के बड़े बड़े चुचों को ब्लाउज के ऊपर से ही दबोच रखा था.

आप तो जानते ही हैं कि फीमेल में भी यही बात पसंद की जाती है कि कोई उनकी बात को सुने, समझे. मैंने तुरंत अंकल को लोगों की मदद से अपनी कार की पीछे वाली सीट पर लिटाया और आंटी को आगे सीट पर बैठा कर सीधे अस्पताल ले कर आ गया. पापा जीऽऽस्स्स्स स्स्स्स बस अब घुसेड़ भी दो ना, चोदो जल्दी ई …ऽऽ से मुझे!”हां … ये लो बहू अपने ससुर का लंड अपनी चूत में … संभालो इसे!” मैंने कहा और अपने दांत भींच कर, पूरी ताकत से लंड को उनकी बुर में धकेल दिया.

क्योंकि उनको कुछ भी काम होता था या बाहर से कुछ लाना होता था, तो मैं ही वो सारे काम करता था. हम दोनों ने कुछ देर बातें की और दोनों बाथरूम में नहा कर कमरे से बाहर निकल आए.

मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रखा और अपनी जीभ उसकी चूत के अन्दर डालने लगा.

दोनों ने अपनी बहुत सी सहेलियों से भी मिलवाया और फिर उनकी भी चुत दिलवाई, जो मैं आगे की कहानियों में लिखूँगा. कितनी जगह है इस छोटी सी बुर में?रेखा रानी ने प्यार से एक चपत मुझे लगायी- मूरख चंद… सर्प शांत होकर छोटा हो गया ना तो बन गई जगह… बहुत आनन्द आया राजे… बरसों की आग बुझ गई. भाभी ने तुरंत पूजा को बुलाया और पूजा से कहा कि अगर तुम चाहती हो कि में किसी से कुछ न कहूँ तो मैं भी अमित से सेक्स करूँगी.

सेक्सी चुदाई हिंदी में कभी अपने कानों के बुंदों को कुछ करती, तो कभी बैठ के अपने पैरों के बिछुओं के साथ कुछ घसर पसर करती. जब उन्हें मजा आने लगा तो फिर भाभी जी खुद अपनी कमर उठा उठा कर मुझसे चुदने लगीं और मेरे लंड को अपने अन्दर तक डलवाने लगीं.

दोस्तो, कैसे हो आप सब… मेरा नाम भूपेन्द्र है और मैं राजस्थान के भीम का रहने वाला हूँ. अचानक मैंने सोनिया से कहा- आपा!वो बोली- क्या हुआ?मैंने कहा- आपा, ये गेम बहुत अच्छा है, आप खेल कर देखो. बापू के कपड़े धोना, खाना पकाना, खाना परोसना और सब वह काम जो उसकी माँ बापू के लिए करती थी, वह सब पद्मिनी बहुत प्यार से करती थी.

কলেজ সেক্সি ভিডিও

उस वक़्त मेरे लौड़े में कुछ दर्द सा भी हुआ, मगर चूत की गर्मी ने उसे ठीक कर दिया. मैं सब कुछ समझ कर भी अंजान बनने लगा और पूछा- कौन सी बात के बारे में सोचा भाभी?भाभी मेरे इस सवाल पर मेरी तरफ गुस्से में देखकर बोलीं- यही कि तुम मुझे वो खुशी दे सकते हो. फिर लंड और उसकी गांड के छेद पर वैसलीन लगा कर लंड अन्दर डाला तो उसने जम्प किया और बोली कि मुझे नहीं मरवानी गांड.

तो सोचो उन दोनों का प्रणय मिलन कैसे होता होगा। अगर साथ दो तो थोड़ा झूठ बोलकर दोनों को बाहर भेज दो।पहले तो हमारे दोस्त ठहरे जात के मास्टर; तो चुदायी शब्द सुनते ही बमक(गुस्सा) गये, बोले- तुमको औरो कुछ सूझता नहीं है क्या रे इत्ते बड़े हो गये हो; अभी भी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हो।मैंने कहा- देख तिवारी… होगा तुम मास्टर अपने स्कूल का, और पंच पूरे कस्बे का; पर जो मुझे समझ में आया वो कहा. वो मुझे अपने कमरे में ले गया क्योंकि मुझे भी अपनी सहेली के भाई से खुल कर चुदवाने का मन था.

मेरे शरीर का ऊपरी हिस्सा उसी की तरह आवरणरहित था। मैंने हम दोनों के दूध की तुलना की.

एकता को डॉली के मुँह पर आगे की तरफ झुक के घोड़ी स्टाइल में होने का कहा और मैं डॉली की मोटी मोटी जांघें ऊपर उठा कर फैलाने लगा. आंटी शर्मा कर मुझसे लिपट गई और बोली- प्रशांत, मैं अपने पति को धोखा नहीं देना चाहती थी पर पोर्न मूवी देख कर मेरी चूत में आग लग गई थी और तुमने आज मुझे जो चोदा मुझे बहुत मजा आया है. कहने को तो सारी चुन्नटें मिली हुई थीं लेकिन उनमें सख्ती नहीं लग रही थी। मैंने थूक से गीली करके एक उंगली छेद पर सटा कर अन्दर दबाई.

चूंकि चाची की चूत थोड़ी खुली हुई थी तो उन्हें भी कुछ ज्यादा दर्द नहीं हुआ. अब बस कुछ दिनों की बात है, फिर तुम इस दलदल से हमेशा के लिए छूट जाओगी. मैंने अपनी बहन को बिना जगाये उसके पैर दायें बायें सरका कर उसकी चूत को खोला और अपनी जीभ से चाटने लगा.

कश्मीर मैंने देखा भी नहीं था और नूरी खाला का साथ मुझे अच्छा लगा था.

बीएफ चाहिए बीएफ फिल्म: उसने मेरे लंड को जड़ तक अपने मुँह में लेकर उसका बचा हुआ एक एक बूंद भी निचोड़ कर पी लिया. इस बीच ऊपर शावर से गिरता पानी… मैं अपने उस अनुभव को ब्यान नहीं कर सकता.

जबकि वो अपने कॉलेज के कई कपल देखती रहती देखती थी कि हर किसी का अफेयर चल रहा है और सब ख़ुश भी हैं, बस वो ही नहीं है. बापू चाय लेकर आया तो पद्मिनी आइने के सामने खड़ी आँखों में काजल लगा रही थी. ऊपर दिनेश ने अब मेरे एक दूध को पकड़कर इतने जोर से दबा दिया कि मेरी चीख निकल गई.

किचन के पीछे का दरवाज़ा जो बैकयार्ड में खुलता है, अक्सर खुला रहता है.

थोड़ी देर में सोनू चिकन लेकर आ गया, मैंने चिकन बनाया और सबसे पहले शिवानी को खिला दिया. फिर मैंने शबाना को खड़ा करके उसके मुँह से रूमाल बाहर निकाला और उसके आँसू पोंछे. फिर हमने पलंग का सारा सामान … कपड़े, मिठाई के डिब्बे जैसे रखे थे वैसे ही रख दिए.