बाबाजी का बीएफ

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वैश्या सेक्सी: बाबाजी का बीएफ, मैं अपनी उंगलियों से‌ नेहा की चुत की फांकों को सहलाते हुए नीचे उसके खजाने के‌ द्वार की तरफ बढ़ रहा था.

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मैं अपनी मौसी के बेटे चिराग अलावा भी अपने एक ब्वॉयफ्रेंड से चुदवाती थी. animal सेक्सफिर दीदी को नींद आने लगी, तो वो और जीजा जी अपने कमरे में सोने चले गए और मैं माँ और दीदी की सास एक ही कमरे में सोने की तैयारी करने लगे.

मैं नेहा की जांघों को चूमते चाटते हुए धीरे धीरे पग पग धरते हुए उसकी चुत की तरफ बढ़ रहा था. दामाद शायरीसच में मुझे बेहद दर्द हो रहा था, अपने आप ही मैंने अपनी आंखें खोल दीं.

चाची- किस किस को चोदेगा रे तू … अपनी बीवी को चोदता है, मुझे चोदता है और दीदी को चोदने के लिए पागल हो गया है.बाबाजी का बीएफ: जब सुसु ख़त्म हुई तो आँखें खोली तो सामने एक कुंवारी कमसिन कली जो वहीं सुसु कर रही थी, मुझे देख जल्दी से उठी और अपने कपड़े ठीक करने लगी। उसकी पैंटी घुटनों तक उतरी हुई थी.

मैंने उसको बोला कि मैं हफ्ते में तीन दिन क्लास रहेगी, जो मैं आपके घर पे आकर सिखाऊंगा.मैंने पूछा, तो बोली कि जब मैंने तुम्हारा निक्कर उतारा था, तो देखा कि उसमें सिगरेट है.

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मैंने करीब 20-25 मिनट तक उन्हें अच्छे से चोदा और वो भी मज़े लेकर चुदवाती रही.उसने मेरी टांगों को चौड़ी करके ऊपर दीवार से मेरे पैरों को बांध दिया.

जैसे ही मैं हाथ धोकर वहां से जाने लगा, तो मेरी जांघ से भाभी की गांड रगड़ खा गयी. बाबाजी का बीएफ मुझे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था इसलिये मैंने एक बार अपनी आंखें मलकर फिर से उसे देखा.

चाचा- तुम्हारी गांड भी अगर शान्ति की गांड जितनी बड़ी होती, तो बहुत मजा आता.

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मैंने उसकी आंखों को चूम लिया और धीरे से नीचे करते हुए उसकी पेंट का बटन खोल दिया और अपने हाथ अन्दर डालते हुए उसकी जींस को नीचे कर दिया. मेरा काम तो तू ही करेगा!” कह कर उसने कंडोम का पैकेट मेरे हाथ में वापिस दे दिया और टाँगें मोड़ कर अपना खम्बा मेरे सामने खड़ा करके वही बैठ गया. उसके बाद मैंने उसकी चूत में जीभ डाली और उसके दाने को चूसने काटने लगा.

उसने आगे कहा- अगर मजे करने हैं … तो इन सब बातों को दिमाग में नहीं लाना चाहिए और असली मजा तो दर्द में ही है. क्योंकि दोस्तो मेरा लंड लगभग 7 इंच लम्बा और ठीक मात्रा में मोटा भी है. मैंने भी धीरे धीरे उनकी चूचियों की घाटी को अपनी जीभ निकालकर चाटना शुरू कर दिया जिससे सुलेखा भाभी अपनी आंखें बंद करके जोरों से सिसकारियां सी भरने लगीं.

दोनों बेटों ने फिर से अपनी माँ को एक साथ चोदा और फिर नंगे ही बिस्तर पर गिर गए और आराम करने लगे!शीतल दोनों बेटों के बीच में लेटी हुई थी और अपने दोनों हाथों से उनका लंड धीरे-धीरे सहला रही थी. फिर सोनल बोली- मैंने पढ़ा है कि इस पानी में बहुत ही विटामिन प्रोटीन रहता है. श्श्शशश … आह्ह …” की एक‌ मीठी सीत्कार सी भरते हुए सुलेखा भाभी ने जोरों से मेरे सिर को अपनी चुत पर दबा लिया और मेरे नथुनों में उनकी चुत की वो मादक सी महक समाती चली गयी.

मैंने उनकी चूत को किस किया और उनकी चूत को जीभ से ऊपर से नीचे तक चाटा. माइक ने जब मेरी योनि के दर्शन किये, तो उसके चेहरे पे रौनक सी आ गयी.

मेरा चूत छूने का मन तो था, लेकिन ये सोच कर रह गया कि कहीं बाजी हाथ से न निकल जाए.

वो उत्तेजित हो उठी लेकिन नारी सुलभ लज्जा के कारण बोली- छोड़ दो मुझे मुनीम जी!मैं कहाँ छोड़ने वाला था … मैं उसके होंठों को चूम लिया, उसकी चूचियों को मसलने लगा.

नजरों से ही मेरे बदन को खा जाओगे क्या?रेवती के मुँह से बेबाकी से ऐसे शब्द सुनकर मैं झेंप गया और कार की खिड़की से बाहर देखने लगा. मैंने कहा- यार नीरू, यह तो गर्म हो गई है, अब इसकी गर्मी का कुछ फायदा उठाया जाए!यह कह कर मैंने नीरू की चूत में अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. अब भाभी आसमानी रंग की पेंटी और उसी रंग की ब्रा में बहुत सेक्सी लग रही थीं.

मैं तो भाभी की चूचियों को पूरी ही नंगी करके उनके रस को पीना चाह रहा था, इसलिए मैं अब उनके ब्लाउज के हुक खोलने लगा. क्योंकि मैंने बिना रुके दस तक गिनती गिन कर जोरों से धक्का लगा कर उसकी चूत चोदी थी. महेश ने बोला- इसकी पेंटी उतार लेते हैं अपन इसके लिए दूसरी ला देंगे.

यह सुनते ही सोनू ने मेरा हाथ पकड़ के मुझे अपने ओर खींच कर मुझे अपनी जांघों पे बिठा लिया.

पता नहीं उसके यह कहने के बाद अचानक मेरी चूत में क्या हुआ कि मैं बिल्कुल चिल्लाने पर मजबूर हो गई. एक पल के लिए वह कसमसाई, पर इस नीचे जांघ हो रही हलचल ने उसे रोक लिया. फिर मैंने पूछा कि जब मैं खुजा रहा था तब तुझे मज़ा आया कि नहीं?तो उसने बोला कि बहुत मज़ा आया.

कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि अब तक मैं और रेवती एक दूसरे के बेहद करीब आ चुके थे और कई बार एक दूसरे का आलिंगन कर चुके थे. बस अगले ही पल मैं अपनी असल भाषा में चीख पड़ी- आररीए माई री माईए सी उउउ री माएई रे बाप रे … आअहह!मैंने अंकल की उंगली को बुर में मानो कस लिया और मेरा गर्म गर्म रज बुर में से अन्दर निकलने लगा. फिर मैंने पूजा की बांहों से ब्रा के दोनों स्ट्रेप को धीरे धीरे उतार दिया और ब्रा पूजा की बांहों से फिसल कर ज़मीन पे जा गिरी.

जब वो उठी, तो उसकी बुर से उसका और मेरा मिक्स वीर्य नीचे टपक रहा था.

मैं बड़ी तल्लीनता से उसकी बातें सुन रही थी कि वो कैसे कैसे किस किस से चुदवाती है. मैंने अपने होंठों से उसके होंठ दबा रखे थे, इसलिये उसकी आवाज बाहर नहीं आई.

बाबाजी का बीएफ अब तक चार बच्चे उसने जने थे और शायद बहुत से मर्दों से भी संभोग भी किया होगा. कभी दोनों उस पूरी महिला की योनि में लिंग डालते, तो कभी उसकी गुप्तांग में.

बाबाजी का बीएफ और तभीआआ आह … हम्म मम्म …” एक लंबी मदभरी हुंकार के साथ मीता झड़ने लगी और उसकी कमर कमान की तरह तन गयी उसने मुझे अपनी बांहों में कस लिया और मेरे लन्ड को अपनी योनि में जोर से कस लिया और तभी एक जोर के धक्के के साथ मैं भी स्खलित होने लगा और मीता की चूत मेरे वीर्य से भरने लगी. तारा अब फिर से झड़ने वाली थी और माइक पूरी ताकत से उसकी कमर पकड़ कर तेज़ और जोरदार धक्के मारे जा रहा था.

फिर मैं झड़ गया उसके मुहँ में और वो मेरा सारा रस पी गई।हम दोनों फिर फ्रैंच किस करने लगे, मैं उसके बूब्स मसलने लगा और कुछ देर बाद उसकी चूची चूसने लगा.

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सुशीला कुछ समझे उससे पहले वो मेरे ऊपर झुक चुकी थी और दीपक का लंड उसकी गाण्ड में तीन इंच तक घुस चुका था. कुछ सेंकड तक ऐसे ही हल्का हल्का हिलने के बाद मैंने धीरे से लिंग को थोड़ा सा बाहर खींचा और फिर एक पल से भी कम समय में वापिस पूरा अन्दर धकेल दिया. पूर्वी एक कमरे की तरफ इशारा करती हुई- आप उस बेडरूम में जाकर बैठो, मैं पार्सल लेकर आती हूँ.

उनमें से एक, जिनका नाम चांदनी था, शायद वे मुझे कई दिनों से नोटिस कर रही थीं कि मैं रोज यहाँ से ही क्यों गुजरता हूँ. उम्म्म आआह्ह्ह्ह उम्म्म्म स्स्स्स मेरी चूत उम्म्म्म!ऐसी पागल और मदहोश कर देने वाली आवाज़ें मुझे पागल कर रहीं थी और मेरा लंड भी अपनी चरम सीमा पर था. वैसे भी जो जानना और समझाना था, वह हो चुका।”मैं अपनी बात कर रही भाईजान.

चॉकलेट और उसकी बुर के पानी का नमकीन मीठा मिक्स टेस्ट बहुत अच्छा लग रहा था.

कॉन्वर्सेशन पूरी होने के बाद या मीटिंग के बाद मैं सब डेलीट कर देता हूँ. भाभी की बुर पर छोटे छोटे बाल थे, जिनको देख कर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने भाभी को लिटा दिया और उनकी बुर को पागलों की तरह चाटने लगा. नीट ही चार पैग बना लिये गये और हम आसपास बैठ कर अपने-अपने पैग चुसकने लगे।पक्का लाल पड़ गयी होगी ठुक के.

मैंने आंटी के सारे कपड़े एक एक करके उतार दिए और मैं खुद भी नंगा हो गया. मैं चुप रहा और उसे अपने से चिपटाए हुए उसके धक धक करते करते दिल की धड़कन महसूस करता रहा. मेरा लन्ड शनैः शनैः कठोर होने लगा था और एक अजीब सा आनन्द हम दोनों की नसों में सनसनाता हुआ सा गुजरने लगा था.

मैंने कहा- चाय चढ़ा दो, नहाने जा रही हूं,मैं नहाते वक्त अपनी फुद्दी पर हाथ फेर बोली- मेरी लाडो … आज तेरी प्यास बुझने वाली है. उस दिन के बाद से हमने कई बार चुदाई का मजा लिया और आज भी मौका मिलने पर सेक्स का मजा ले रहे हैं.

सुलेखा भाभी ने फिर कहा- आज रहने ही दे … आज तू प्रेस ही मत कर … कल जब ऑफिस में बिना प्रेस के कपड़े पहन कर जाएंगे ना … तब पता चलेगा. मेरी अब ज्यादा किसी से बात करने की या पूछने की हिम्मत नहीं हुई इसलिये मैं चुपचाप अपने कम्प्यूटर कोर्स के लिये निकल गया. दो मिनट बाद मुझे होश आया तो मैं भाभी की पैंटी को छोड़कर वहां से चला गया.

फिर इसके बाद हम लोगों ने काफी समय तक साथ में घूमने के बाद एक ही रेस्ट हाउस में रहने का विचार किया और हम दोस्तों ने दो कमरे और उन दोनों ने एक कमरा बुक कर लिए.

रात को श्यामा का फोन आया और बोली- तुम्हारे लिए लंड का पक्का अरेंज्मेंट हो चुका है. वो बोली- मेरा घर पास में ही है, आप होटल में जाओ, मैं दवाई लेकर आती हूँ. मेरी कार में अंधेरा था और मेरी सासू मोहिनी मेरे बाजू वाली सीट पर बिंदास बैठी थीं.

अपनी तारीफ सुन कर मैं भीतर से बहुत खुश हुई, पर सोच भी रही थी कि किसी तरह भी मैं स्खलित हो जाऊं. यह देख कर वो बोली- मुझे पता था कि तुमको जब चूत का असली मज़ा मिलेगा तो तुम्हारी यही हालत होगी.

उस वक्त भैया को किसी काम से बंगलोर जाना था और भैया ने कहा था कि पीहू तुम दिल्ली आ जाओ. मैं आज भी अपनी माँ को चोदता हूँ और जब भी दीदी के यहाँ जाता हूँ, तो किरण जी को भी पेलता हूँ. मैं चाहता था कि मैं दो अन्य हसीनाओं की मौजूदगी में श्रीमती जी की चुदाई का मजा लूँ.

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जिसके नाम की अनेक बार मुठ मारी थी, आज वो अप्सरा भाभी मेरे सामने बिलकुल नंगी पड़ी थीं.

मुझे बांहों में भरते हुए देवेंद्र उसपे लेट गया और मुझे नीचे लिटा दिया. मुझे थोड़ी घबराहट लग रही थी, पर इस समय मेरा बहुत ज्यादा मन था, इसलिए निडर होकर उनके साथ आ गई थी. पर जिस प्रकार वो लंबी थी, कोई कह नहीं सकता कि वो मोटी दिखती है, बस उसका शरीर भरा हुआ था, जो किसी भी मर्द के मुँह में पानी ला दे.

उसके हिप्स इतने शानदार उठाव लिए हुए थे कि मोनिका और मीना बस उसे काटने को आतुर हो रही थीं. माइक जब उनके पास गया तो मुनीर ने तारा को अलग किया और झुक कर माइक के लिंग को पकड़ लिया. वाह बेटा मौज कर दीकरीब बीस मिनट तक मेरी गांड पे चांटे मारते हुए गांड मरवा के मुझे थोड़ी सी भी शांति नहीं मिली, उलटे चुदवाने की आग और धधक गयी.

कार में मैंने उसके अन्दर भभक रही कामाग्नि को और भी हवा दी- अरे मेरे दोस्त कल तेरी बहुत सराहना कर रहे थे. इसी तरह हम आने जाने लगे, जब मैं लेट हो जाता तो वह मेरा इन्तजार करती थी और हम दोनों साथ-साथ वापस लौटते.

उन्होंने बोला- जरा तसल्ली रख … रुक जा हमारे पास पूरी रात पड़ी है … खाना कहीं बाहर अच्छे रेस्टोरेंट में चल कर करते हैं. मनीष कंधे सहलाते सहलाते गर्दन सहला रहा था और उंगलिया मम्मों की तरफ सरका रहा था. रजत- केक कैसा लगा दीदी?मयूरी- बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट मेरे भाई… मुझे बहुत मजा आया… तुम्हें केक कैसा लगा?रजत- दीदी, आपको तो पता है ना कि मुझे अपनी गांड का स्वाद बहुत पसंद है… उस पर केक का स्वाद तो जैसे मजा ही आ गया.

कुछ समय बाद मौसी मुझसे बहुत जोर से चिपक गईं और अकड़ कर ढीली हो गईं. मैंने कहा- चाय चढ़ा दो, नहाने जा रही हूं,मैं नहाते वक्त अपनी फुद्दी पर हाथ फेर बोली- मेरी लाडो … आज तेरी प्यास बुझने वाली है. मैंने पूछा- ये क्या है?तो बोला- सेक्स पावर की दवा है, आज पूरी रात चोदूंगा.

ये सब करते हुए मुझे बड़ा ही अजीब सा लग रहा था, लेकिन एक अलग ही फीलिंग आ रही थी कि आज मेरी चूत में किसी और का लंड जाने वाला है.

कुछ ही समय में मैं अपने सारे कपड़े उतार कर नंगी हो गई और बेड पर लेट कर होल से मैंने अपनी टांगें कमर तक बाहर निकाल लीं. तुमको क्यों इतनी पसंद है मेरी चूत?मैं- आप मोटी तगड़ी हो इसलिए, मोटी औरत की चूत बहुत बड़ी और बहुत फूली हुई होती है और मुझे ऐसी ही चूत पसंद आती है.

नहीं तो मैं तुम्हारे मुँह में ही झड़ जाउंगा और तुम्हारी चूत प्यासी रह जाएगी. यही कोई 26-27 साल की एकदम गोरी औरत थी वो … फिगर करीब 34-30-34 होगा उनका. मैं अपनी फैमिली के साथ रहता था मेरी फैमिली में मेरे पापा-मम्मी और मेरे ताऊ जी रहते थे.

तब अंकित ने बोला- अंकल, उसे देख लोगे तो पागल हो जाओगे तुम, बहुत दिनों से बोल रहे थे. उन्होंने मुझे अपने पति के नाइट वियर दिए, मैंने वो पहन लिए और खुद कमरे में जाकर नाइट गाउन काले रंग का पहन कर बाहर आ गईं. कोई हलचल नहीं देखी तो मेरी हिम्मत बढ़ गयी और मैं चुचियों को मसलने लगा.

बाबाजी का बीएफ जैसे ही मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में लगाई, उन्होंने एकदम धीरे आवाज़ में सिसकारी भरी ‘आआह्ह्ह्ह …’अब मैं समझ गया था कि वो जागी हुई हैं और मेरा पूरा साथ दे रही हैं. पूजा कभी कभी मेरे सुपारे को अपने आंखों से लगाती या फिर उसे अपने मुँह से निकालकर अपने गालों पर रगड़ती.

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जो बहुत ही छोटी सी थी, जिससे सिर्फ चूत का त्रिकोण ही छुपा रह सकता था. माइक अब हांफने लगा था, पर वो लगातार मुझे खुद को काबू में रख धक्के मार रहा था, जिससे मुझे ज्यादा तकलीफ न हो और मैं उसके झड़ने तक उसका साथ दे सकूं. वे साले सब मुझसे रोज़ उनकी गांड का उसके फिगर का फोटो मांगते थे पर मैं नहीं देता था क्योंकि किसी लड़की की इज़्ज़त ही उसका सब कुछ होता है.

उसका गेट स्टोर वाले ने खोला और अंकित को बोला कि पहले तुम अन्दर जाकर पीछे बैठ जाओ. शीतल- क्या?मयूरी- हाँ… जैसे मैंने आपको पापा से चुदते हुए देखा है वैसे उन दोनों ने भी कई बार देखा है और उन्होंने आपको पापा से गांड मरवाते हुए भी देखा है. साउथ हीरोइन के फोटो नंगेमैं कभी माइक के सवालों का जवाब देती, तो कभी उसके पीछे का दृश्य देखती.

जबरदस्त तरीके से उसकी चुचियों को भीच कर उसकी बुर में धक्के लगाए जा रहा था.

उसकी शानदार गांड देखते हुए उसके बचपन के बॉयफ्रेंड का लंड कठोर और कठोर होता जा रहा था, ऑफ़ कोर्स मेरा भी!क्या इरादा है जानेमन. मैं हरियाणा के जिला फरीदाबाद(दिल्ली के पास) के एक छोटे से गांव का रहने वाला हूँ.

शाम को मीतू दी का मैसेज आया- गजल कैसी लगी?मैं- गजल तो अच्छी थी पर…मीतू- पर क्या?मैं- गजल से ज्यादा तो आपके फोन में वीडियो मस्त थीं. कुछ देर ऐसे करने से मैंने महसूस किया कि भाभी भी उधर से अपनी कमर हिला रही थीं. फिर अपनी शर्ट उतारकर मेरे ऊपर लेटकर मेरे होंठों को चूमने लगे। मुझे बहुत मजा आ रहा था.

क्योंकि दोस्तो मेरा लंड लगभग 7 इंच लम्बा और ठीक मात्रा में मोटा भी है.

वो मुझसे बोला- चल आज कॉम्पिटिशन रखते हैं कि कौन ज्यादा देर तक अपने माल को चोद पाता है. उम्म्म आआह्ह्ह्ह उम्म्म्म स्स्स्स मेरी चूत उम्म्म्म!ऐसी पागल और मदहोश कर देने वाली आवाज़ें मुझे पागल कर रहीं थी और मेरा लंड भी अपनी चरम सीमा पर था. शीतल को अपनी गांड और चूत दोनों में एक साथ दर्द हुआ, वो चीख पड़ी- आह… मर गई… तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा है कुत्तो… उम्म्ह… अहह… हय… याह… मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

बंगाली लड़की सेक्समैंने कहा- यार नीरू, यह तो गर्म हो गई है, अब इसकी गर्मी का कुछ फायदा उठाया जाए!यह कह कर मैंने नीरू की चूत में अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू कर दिया. ऐसा करने से किरण जी को बहुत मजा आने लगा और वो ‘सीइइ … उउउम्म अहहह …’ करने लगीं.

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लेकिन मेरी प्यारी बीवी के होंठों पर हल्की सी दर्द मिश्रित मुस्कान थी. उसके इस तरह के संभोग क्रिया से मैं समझ गयी कि वो तारा को पूरी तरह सहज महसूस करवाना चाहता था. नीता मेरे इतने करीब आ गयी कि मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मैं उसे अपनी बांहों में लेते हुए बोला- मैं तुमसे प्यार करता हूँ.

कुछ देर बातें करने के बाद वो बोली- क्या खिलाओगे?मैं हंसा और बोला- जो तुम बोलो?वो बोली- मुझे कुछ अलग खाना खाना है. ” कहते हुए नेहा ने अब चोरी की निगाहों से एक बार मेरे उत्तेजित लंड की तरफ देखा और फिर शर्माकर उसने अपनी गर्दन दूसरी तरफ घुमा ली. मैंने उसको बैठाया और पीछे से उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और गीली पैंटी भी निकाल दी.

मैं अब धीरे से खिसक कर उसके नजदीक हो गया और उसके दोनों कंधों को पकड़ कर धीरे से उसे बिस्तर पर धकेलने लगा. इसके बाद नताशा ने चहकते हुए दीमा के बारे में बताना शुरू कर दिया कि वो बहुत अच्छी पियानो बजाता है, गाता भी बहुत मीठा था. अब मोनिका ने इसको सीधा कर उसके चेहरे पर मसाज करना शुरू किया और मीना नीचे की तरफ आ गई.

वो हांफते हुए बोली- सही में यार तुम बहुत मस्त चुदाई करते हो … कभी मुंबई आओ, उधर की सारी लड़कियां तुम्हें चाहने लगेंगी और खूब चुदाई करवाएंगी. मगर अब तो क़ानून और मेडिकल साइंस दोनों मुझे मंजूरी देते हैं कि मैं जिन्दगी के नये मोड़ को भी समझूं और उसे जियूं.

मेरी एक उंगली भाभी की योनि में ऐसे घुसी जैसे मक्खन में गर्म छुरी घुस गई हो.

मैंने कुछ सेकंड रूककर जोरदार धक्का लगाया तो आधा लिंग उसकी चूत में चला गया. गर्ल्स डॉग सेक्सी वीडियोतभी वे मेरी एक गाल में हाथ रखकर बोले- मेरी तरफ देखो, यह मेरा घर है, इसे तुम अपना समझो. अरब की सेक्स वीडियोअगले दिन हम दोनों ब्लू फिल्म देखने लगे और उससे बोला- मेरा देखना है तो अपनी दिखा. लेकिन जैसे कि होता है कोई भी उनकी बात पर ज्यादा ध्यान देता नज़र नहीं आ रहा था.

मुझे गर्म होती देख जीजू मेरी चूची को दबाते हुए बोले- बहुत रस भर रखा है इनमें.

वो आकर मुझसे ढेर सारी बातें करती थीं, मेरे कॉलेज के बारे में मुझसे बहुत सारी बातें करना उन्हें पसंद था. उसने मुस्कुराते हुए कहा- तेरा लण्ड बहुत गरम और बड़ा है।फिर वो घुटनों के बल बैठ कर लण्ड को हिलाने लगी। जैसे ही उसने मेरे लण्ड को चुम्बन किया. हिन्दुस्तानी वस्त्र धारण करने वाली मेरी पत्नी ने कहा- ये क्या करेंगी?मैंने कहा- कुछ नहीं तुम मेरे पास लेट जाओ.

उस दिन मेरी सास मोहिनी ने स्काई ब्लू कलर की साड़ी पहनी हुई थी और स्टेशन की भागदौड़ में उनकी साड़ी उनकी नाभि से भी नीचे हो गयी थी. सच कहूं तो मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि यह सब मेरे साथ घटित हो रहा है. माइक समझ गया, उसने मुझसे कहा- तुम्हें न तो शरमाने की जरूरत है … ना ही घबराने की, मैं ऐसा कोई काम नहीं करूँगा, जिससे तुम्हें तकलीफ हो.

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सतीश मेरे और नजदीक आ गया और बोला- वन्द्या, यह मुझे चमत्कार की तरह लग रहा है कि इतनी जल्दी 15 से 20 मिनट के अन्दर तू चुदाई के लिए रेडी हो गई है. हूहूहूह मम्मम मम्मी ईई!मैं रुकने वाला नहीं था और 15 मिनट के बाद मैं झड़ गया।और फिर भी मैं रुका नहीं … मैं चाची को प्यार करता रहा, चूमता रहा. वो बोला- साली बहुत मस्त गांड है तेरी … गजब चुदवाती है भैन की लौड़ी … बहुत मजा आ गया तुझे चोद कर वन्द्या … मैं धन्य हो गया.

वो मेरी उभर चुकी चूचियों का जायज़ा अपनी आंखों से लेते और अपने पेंट में उभरते अपने टूल को सहला लेते.

मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी … कुछ ही धक्कों के बाद मैंने अपना सारा पानी उनकी बुर में गिरा दिया … और उनसे चिपक कर लेट गया.

तभी बेरोजगार हो चुके दीमा ने मेरे हाथों से नताशा का सिर कब्ज़ा लिया और उसे अपने लंड की ओर मोड़ कर अपना दाहिना पैर सोफे पर टिका कर अपनी बालसखी का मुंह चोदने लगा. अब तक मैंने आपका मसाजर स्टाफ से तो परिचय नहीं कराया था, अब जान लीजिएगा. रानी रंगीली सॉन्ग 2021नीता आंटी का चेहरा बहुत ही खूबसूरत है, वो एकदम तीखी मिर्ची लगती हैं.

मकान मालिक सुबह 9 बजे घर से चले जाते थे और शाम को 6-7 बजे घर आते थे. मैंने सोनल को बोला- मैं आ रहा हूँ … जल्दी से बोल … कहां निकालूँ?तो बोली- आह … अन्दर ही डाल दे … मैं तेरा पानी लेना चाहती हूँ … तू मेरी बुर में ही डाल दे. मैं- अब सामान इस कमरे में रख कर निकलो … डॉक्टर के पास जाना है।सुशीला का मन थोड़ा शांत हुआ।मेरा एक दोस्त जो मेरे कॉलेज में था, डाक्टरी की पढ़ाई करके अब उसी शहर में सिटी हॉस्पिटल में स्त्री रोग विशेषज्ञ था। हम उसके पास पहुँच गये।उसका नाम दीपक था।दीपक- क्या तकलीफ है आपकी बेटी को?सुशीला ने इधर उधर देखा।दीपक- घबराओ नहीं, रोग तो सभी को होती है। इसमेँ शरमाने की बात क्या है.

इतना सुनते ही मैंने सबा को पकड़ा और एक धक्का मारा तो उसने मुझे मेरे पीठ पर नाखून गड़ा दिए जिसके वजह से मुझे बहुत दर्द हुआ तो मैं रूक गया. उन्होंने मुझसे मेरी हँसी का कारण पूछा तो मैंने बस ऐसे ही बोल कर बात को टाल दिया.

कमरे में जहां से घुसते हैं, वहीं टीवी रखा था, तो उसने ब्लू फिल्म तो नहीं देखी होगी लेकिन और कुछ देखा या नहीं, यह नहीं पता था.

यह सुन उसने अपनी दोनों टांगें यूं दबा लीं, जैसे कोई सुसु रोकने के वक़्त करता है. रजत जिद करते हुए- अभी बताओं ना माँ… प्लीज!विक्रम- हाँ माँ… बताओ ना… मुझे भी जिज्ञासा हो रही है. चूंकि वो एक भीड़ भाड़ वाला इलाका था, तो मुझे वहां अच्छी अच्छी बालाएं मतलब भाभियां, आंटियां वगैरह दिख जाती थीं, जिन पर मैं अपनी पैनी नज़र गड़ाकर कुछ रुक कर देखता और गुजर जाता था.

पावर प्लस टेबलेट ऐसा कहते हुए अशोक ने अपने दोनों हाथों से मयूरी की दोनों चूचियों को जोर से जकड़ लिया और दबाने लगा. जब तक एक दूसरी लड़की वहां न आ गयी जो मुझसे ज्यादा अच्छी भी थी और फ्रैंक भी थी। धीरे-धीरे उसका जुगाड़ उससे फिट हो गया तो मुझसे ब्रेकअप हो गया। फिर छः महीने सिंगल रही।इसके बाद एक और लड़का नया आया, जिसने खाली देख के प्रपोज किया तो मेरे सामने भी क्या ऑप्शन था। मैंने एक्सेप्ट कर लिया.

थोड़ी देर बाद उन्होंने अपने होंठों को मेरे होंठों पे रख दिए और हम दोनों जोर जोर से किस करने लगे. दोस्तो, नीरू आज भी मेरी दोस्त है और जब भी मायके आती है मुझसे अपनी चूत जरूर चुदवाती है, मेरी पत्नी भी हमारे साथ होती है, हम मिलकर मजा लेते हैं. बाद में भले जला लीजियेगा। फिलहाल इसे भी बंद कर दीजिये।”मेरा दिल धड़क उठा.

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मेरी इस बात से वो हल्का सा मुस्कुराईं और जानबूझ कर अपने मम्मों को तानते हुए बोलीं- फिगर?मैं उनके तने हुए मम्मों को ललचाई नजरों से देखने लगा. मैं अपने घर बाथरूम में अक्सर अपनी नंगी जवानी देख, अपने स्तनों को दबाती सहलाती रोंएदार चूत के गुलाबी होंठों को छेड़ लेती. वो बोली कि तुम कहां रहते हो?मैंने बताया कि पास में एक होटल (नाम बताया) में रह रहा हूँ.

उधर से- तब ठीक है, कब लाओगी?सुमन- मैं तो अभी ला सकती हूँ, बोलो?उधर से- ठीक है, उसे मेरे आफिस में ले लाओ. नेहा उत्तेजित थी और उसे मजा भी आ रहा था मगर शायद वो शर्मा रही थी‌ इसलिए उसने मेरे हाथ को छोड़ा तो नहीं, मगर अपने हाथों की‌ पकड़ को थोड़ा सा ढीला जरूर कर दिया.

मैं तब पूजा से बोला- ओह मेरी रानी, तुम्हारा खेल खत्म हो गया हो तो अब में तुम्हें फिर चोदना चाहता हूँ.

माइक मुझे देखे जा रहा था और अपनी कमर हिलाते हुए लिंग अन्दर बाहर कर रहा था. जीजू ने काले रंग की कच्छी और ब्रा में मेरा दूध सा सफेद जिस्म देखा तो एकदम से गनगना उठे. उसने परिस्थिति का सही उपयोग करते हुए धक्कों की गति बढ़ानी शुरू कर दी थी.

फिर धक्के तेज होते गए और वो एकदम से फुद्दी को ऊपर करते हुए मेरे गले से लग गयी. अब हम लोग सभी ऊटपटांग तरीकों से नए-नए एक्सपेरीमेंट करते हुए समय को आगे खींच रहे थे. उसकी ताकत मुझसे कहीं ज्यादा थी, मैं पूरी ताकत लगा कर भी उसे हिला न पाई.

ताकि मेरे जिस्म का एक एक अंग जोश से भर जाए और मैं आपको पूरा मज़ा दे सकूं.

बाबाजी का बीएफ: आधी बोतल ख़त्म हुई ही थी कि सोनू ने मेरी चुत पे दांत से काटा और दांतों से ही पकड़ के मेरी पैंटी खींच के उतार दी. बीवी बोली- क्या बात है आज तो थक ही नहीं रहे तुम?मैंने बहाना बना दिया कि इतने दिनों से प्यासा था.

चाची- किस किस को चोदेगा रे तू … अपनी बीवी को चोदता है, मुझे चोदता है और दीदी को चोदने के लिए पागल हो गया है. मैंने जाकर उन्हें अपने द्वारा लाया एक गुलदस्ता दिया और उनकी खूबसूरती की तारीफ में कुछ शब्द कहे, जो उन्हें पसंद आए. उसने यह बात अपनी सहेली सुमन को बतायी तो उसकी सहेली ने अपने भाई से ही अमीषा की विर्जिन बुर चुदवा कर उसकी वासना शांत कर दी थी.

सोनल बहुत ही उत्तेजित हो चुकी थी, वो मेरे सर को उसकी चुत पर दबाने लगी.

चाची लम्बी लम्बी सीत्कार भरने लगीं साथ ही वे बोले जा रही थीं- हाँ … हाँ ऐसे ही … ऐसे ही हचक कर चोद दे … सच्ची बहुत मजा आ रहा है … उफ्फ … उफ्फ … ओह … आह … चोदो जल्दी जल्दी … मैं बस झड़ने वाली हूँ … आह … आह!चाची की चूत में तेज सुरसुरी होने लगी और चाची ने मुझे जोर से जकड़ कर पकड़ लिया. नीरू के मुंह से हल्की सी आवाज निकली- जीजू, यार मार डालोगे क्या?मैंने कहा- क्या हुआ?नीरू बोली- अरे जीजू 7 इंच लंबा लौड़ा एक झटके में अंदर डालोगे तो थोड़ा दर्द तो होता है!मैंने कहा- अरे साली छिनाल … कितनी बार इस लोड़े को लेकर मजा ले चुकी है, अब भी दर्द होता है?नीरू बोली- हां जीजू, जब 7 इंच लंबा लंड एक झटके में डालोगे तो थोड़ा सा दर्द तो अभी भी होता है!मेरा पूरा लंड नीरू की चूत के अंदर समा चुका था. उस मदहोशी में मुझको पता ही नहीं चला कि मैं कब कविता के पास पहुंच गया.