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मंदिर बीएफ: बीएफ बीएफ पिक्चर बीएफ, मेरा लंड अब पूरी तरह से मामी जी की चूत के पानी से भीग चुका था और फक-फक की आवाज़ से अन्दर बाहर हो रहा था.

सुनीता बीएफ

मैंने वासना से उसे देखते हुए कहा- तू मेरी कुतिया रंडी है … आज बड़ी मस्त सजी है … आज तो मैं तुझे जरूर चोदूंगा. सेक्सी बीएफ डाउनवो एकदम ग़ुस्सा हो गई और बोलने लगी कि मैं कोई ब्लू फिल्मों की कोई ऐक्ट्रेस नहीं हूँ, जो तुम्हारे लंड को चूसकर खड़ा कर दूं.

इसके बाद हम अलग अलग जगहों पर जाने वाले थे और बाकी के समय हम वहीं अलग अलग जगह रुकने वाले थे. डोरेमोन बीएफइसी मजे के बीच मैंने देखा कि मेरे सामने वाले दूसरे बेड पर भाभी अपने साथ उन दोनों लड़कों के साथ खेल रही थीं.

मेरी पूरी फैमिली खुली विचारधारा वाली फैमिली है, तो मॉम घर में एकदम खुल कर रहती हैं.बीएफ बीएफ पिक्चर बीएफ: दूर राजस्थान बॉर्डर पड़ता था।इतनी दूरी में सिर्फ पत्थर और अधकटे जंगल थे।मैंने वहां पेट्रोल पंप बनाने का सोचा। वहीं अपना फार्म हाउस भी बनाना चाहता था मगर किसानों ने ज़मीन नहीं बेची।फिर शहर के बाहरी इलाके में मुझे ज़मीन मिल गयी। वहां से मृणालिनी का घर सिर्फ बारह कि.

तभी मेरी वाली लड़की हुर्रेम उन दोनों के पास गई और वो नवीन का लंड पकड़ कर हिलाने लगी.मतलब करीब एक घंटे तक दोनों भाई बहन एक दूसरे की चूत और लंड चाटते और चूसते रहे थे.

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उसके पति ड्यूटी गए थे और दोनों बच्चे अपने मामा के घर गए हुए थे।जैसे ही हम घर पहुंचे वो जल्दी से रजिस्टर लेकर आ गई और डरते हुए बोली- सर लीजिए।मैंने मुस्कराते हुए कहा- मैडम आपके घर आए हैं.कुछ देर बाद मैंने कहा- हां तू मेरे प्यारे भाई अब बता तेरे सपनों की रानी कौन है?अफ़रोज़- आपा, आप बुरा मत मानिएगा पर मैंने आज तक जितनी भी मुठ मारी है, सिर्फ़ आपको ख़्यालों में रखकर मारी है.

फिर भी मैंने नाराजगी जताते हुए सवाल किया- आपने यहां हाथ क्यों लगाया?वे कुछ नहीं बोले. बीएफ बीएफ पिक्चर बीएफ मेरे लंड ने चूत में सैट होना शुरू कर दिया, दो चार झटकों के बाद उसकी चूत ने लंड को घोंटना चालू कर दिया.

फिर उन्होंने मेरा चेहरा अपने हाथों में लेकर मेरे होंठों पर किस किया और चूसने लगे.

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तभी एक दिन मैं छत पर गया तो एक कमसिन काया कैटरीना कैफ की डुप्लीकेट गुलाबी रंग का गाऊन पहने छत पर टहल रही थी. तभी लवली उठ गई और बोली- साहिल जी, ये आप क्या कर रहे हैं?मैं- लवली जी मजा तो आ रहा है ना!वो शर्मा कर बोली- हां जी, मजा तो आ रहा है. हालांकि उन्हें ज्यादा बड़े मम्मे तो नहीं कह सकते थे, पर लौंडियों के नजरिये से उसके मम्मे मीडियम साइज से थोड़े बड़े थे और बिल्कुल गोल थे.

ये सुन कर मैं बोला- कोई बात नहीं मां … मैं आपको अपनी बांहों में उठा कर ले जाता हूँ. एक दिन मैंने उससे मिलने की इच्छा जाहिर की तो उसने मुझे हां बोल दिया. मैंने कहा- फिर तुमको कैसे मालूम है कि ये बड़ा है?वो बोली- मुझे मालूम है.

वो मस्ती से बड़बड़ाने लगी- ओ ऊपरवाले … क्या लौड़ा दिलाया है तूने … आह मेरे खुदा अपना करम यूं ही बनाए रखना … मेरे सरताज के लंड पर अपनी मेहर अता फरमा. मैंने उसके मुँह से उसके होंठों में एक जोरदार चुंबन करके अपना मुँह हटा दिया. चार दिन लगातार जाने के बाद मेरा मन भी हुआ कि दीदी की चूची को छूकर देखूं.

कचरा निकालते समय झुकने से मेरे यौवन उभारों का सीन बड़ा दिलकश नजर आता था. मैं रुक गया और लंड चुत से निकाल कर दोबारा से भाभी की चुत को चाटना शुरू कर दिया.

मैंने विवेक और नवीन की तरफ देखा तो उन दोनों ने होंठों पर उंगली रख कर लाइव ब्लूफिल्म देखने का इशारा कर दिया.

रोहन अंकल- सुन राजेश बेटे, अपनी मॉम को लेकर ब्यूटी पार्लर चला जा और इसे एकदम नयी दुल्हन की तरह तैयार करवाके ला.

पर जैसे ही वो साड़ी उठाकर टॉयलेट करने के लिए बैठीं कि एक गाड़ी वहां से गुज़री और उसकी लाइट मामी की गांड पर पड़ी. दोस्तो, मैं अपनी अगली कहानी में बताऊंगी कि ससुर जी जब मुझे लेने आये तो रास्ते में कैसे मैंने मुकेश के बारे में पूछ लिया. फिर बहूरानी मेरे लंड पर अपनी चूत रख कर बैठती गई और पूर लंड लील गई फिर वो मुझे देख कर मुस्कुराई और फिर अपनी एड़ियों के सहारे बेड पर उल्टा घूम गयी जिससे उसकी पीठ मेरी तरफ हो गयी, लंड अभी भी उसकी चूत में धंसा हुआ था.

हमको सेवा का मौका नहीं दोगी? वादा करते हैं उससे ज्यादा ही मजा देंगे।उस वक्त मैं पहले ही प्यासी तड़प रही थी।मैं बोली- चलो मैं चलती हूँ. मैं उनकी बांहों में समा गया और अपनी गांड आगे पीछे करते हुए मां की चुत में लंड के झटके देने लगा. मिहिका को चूत चटवाने में मजा आ रहा था, तो वो ‘उन्हह आंह …’ करती हुई मेरे सिर पर हाथ फेरने लगी.

फिर मैं पूछा- आपका कितनी देर तक खड़ा रह सकता है?अंकल बोले- वो तुम चिंता मत करो, मैं दवा ले लूंगा.

वो मेरे सामने ऊपर से बिल्कुल नंगी हो गई थीं, उनके मस्त भरे हुए मम्मे देख कर मुझे उत्तेजना होने लगी थी और मेरा लंड तुनकी मारने लगा था. यहाँ तक कि एक बार उन्होंने अपने तीन दोस्तों से भी मुझे चुदवाया, यानि उन्होंने मुझे पूरी रंडी बना दिया।वो कहानी मैं फिर कभी लिखूंगी।दोस्तो, आपको मेरी बहु ससुर सेक्स की यह कहानी कैसी लगी मुझे कमेन्ट करके ज़रूर बताएं. हरीश सुम्मी के दोनों मम्मों को सहला रहा था और सुम्मी आंख बंद करके सिसकारियां भर रही थी.

वो भैन का लौड़ा मुझे ही सुनाने लगा- अबे चूतिया है क्या तू? साले वो गर्म थी, उसे चुत चुदवाने का नशा चढ़ा था. लंड मिल जाए तो अपने सगे बेटे का ना छोड़े, उछल उछल के अपनी फटी भोसड़ी में ले ले. मैं अंकल को कभी दूध वाले अंकल कहती थी, तो कभी लौड़े वाले अंकल कहकर बुला लेती थी.

मुझे फ़लक की चूत इतनी पास लगने लगी कि दिल किया कि उसके पास जाऊं और गिरा कर चोद दूँ.

रात को उसका पति आया तो जीजू साली में खूब दोअर्थी बातें चली और वे आपस में काफी खुल गए थे. मैंने पूछा- ये सब क्यों?वो बोलीं- आपने जो मेरी इतनी मदद की, तो मेरा भी कुछ फर्ज बनता है.

बीएफ बीएफ पिक्चर बीएफ अब यह बताओ कि हम आगे इनकी चुदाई की बात कहां करेंगे, यहां हम बात नहीं कर सकते क्योंकि यहां बहुत सारे लोग हैं और कोई भी हमारी बातें सुन सकता है. वो बोला- सामने से ऑटो मिलेगा।मैं झट से उधर गई और ऑटो पकड़ शिमलापुरी पहुंची।दिल में उमंग थी गुलाब से मिलने की। बसंत ढाबा देखा और सीधी गली में चलती गई.

बीएफ बीएफ पिक्चर बीएफ उसके लंड का साइज तो नहीं बता सकते, पर उसके लंड को बड़ा कहा जा सकता था. एक दिन मैंने भी सोचा कि मैं भी अपनी सेक्स कहानी आप सबके साथ साझा करूं.

वो बोली- हां तो आप वो हॉट वाली क्या बात कह रहे थे?इतना कह कर वो अपनी आंखें नचाती हुई अपनी टी-शर्ट ठीक करने के बहाने से अपने मम्मे उठाती हुई मुझे रिझाने लगी.

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फिर सिसकारते हुए सुरजन बोला- उफ् … संतरे की फाड़ जैसी दिखती है तेरी मस्त चूत भाभी!मैं- तो इस फाड़ी का रस चूस लो मेरे राजा! आह्ह … निचोड़ लो इसके रस को!उसने मेरी चूत पर जीभ से कुरेदा तो मैं तड़प उठी- उफ … सुरजन … खा जाओ मेरी चूत को!सुन्दर बराबर मेरे दूधों को मसल रहा था, दबा रहा था. उसने अपनी बहन की चूत का दाना पकड़ कर मसलना शुरू कर दिया, जिससे उसने अपनी जांघें फट से खोल दीं. मीना की दर्द भरी तेज आहें और कराहें निकल कर महल का वातावरण गर्म कर रही थीं जिसे पूजा बड़े ध्यान से सुन रही थी.

रोहन अंकल ने सबके सामने मेरी मॉम के दूध दबाए और कहा- सुन लिया रंडी … चल अब मंगलसूत्र निकाल कर रख दे और मुझे किस कर. पापा ने कहा- जितना जी चाहे मेरे लंड से … और अपनी मम्मी की चुत से खेल लो. बीच बीच में मैं जाकर उन्हें दिलासा देता रहता था, ताकि वो जीने की उम्मीद न छोड़ें.

वो बोलीं- जो भी तुझे करना है, जल्दी कर ले … कोई जाग गया तो सब खेल खराब हो जाएगा.

मैं उसकी तरफ देख रहा था कि ये उपाय बता रहा है या अपने पड़ोसी अंकल की समस्या बता रहा है. कुछ देर लंड चूसने के बाद उसने शहज़ाद से अपने साथ अन्दर कमरे में चलने को बोला, तो शहज़ाद भी नंगा ही वहां से निकल गया. इस तरह से मैं तो हमेशा शहज़ाद से चुदती रही लेकिन उसने मेरी तीनों बेटियों की झोली में भी उसने अपने लंड से ही खुशी भर रखी थी.

उनके लंड का स्पर्श मेरी ठीक चूत पर चुभ रहा था … ये मुझे बड़ा सुखद और अच्छा लग रहा था. मेरा गुस्सा अब भी बरकरार था, पर मैंने अपना चेहरा उनकी तरफ किया, तो उन्होंने जैसे अपनी नज़रों से ही समर्पण कर दिया और मेरे हाथ को फिर से अपने हाथों में थामे, दिल पर रख लिया. पिछले भागचुदासी भाभी ने मुझे मूत पिलाया शराब मेंमें आपने पढ़ा कि एक घंटे से हो रहे जबरदस्त ओरल सेक्स की वजह से फिर से मैं झड़ गया था और लंड का पूरा माल मैंने भाभी के मुँह में छोड़ दिया था.

हैलो फ्रेंड्स … मैं राजेश एक बार फिर से आप सभी के सामने अपनी काल्पनिक हिंदी सेक्स कहानी का अगला भाग पेश कर रहा हूँ. उसने मम्मी की चुत में लंड लगाया और मम्मी की कमर पकड़ कर लौड़ा चुत में एकदम से ठांस दिया.

तभी पापा ने मम्मी की बदन से चादर खींचकर हटा दी और अपनी चड्डी उतार दी. अदिति की फ्लाइट दिल्ली से शाम सात बजे की थी तो हमें भी जल्दी ही निकलना था क्योंकि मुझे बहूरानी को स्टेशन तक छोड़ने तो जाना ही जाना था. उसका मस्त और गठीला शरीर मुझे पागल किए जा रहा था और मैं मस्त होकर कभी उसके होंठों को तो कभी चूची को, तो कभी पेट को पागलों की भांति चूम रहा था.

मां मेरे पास ही सोती थीं क्योंकि उनके लिए अभी ये जगह नहीं थी और उन्हें यह सब समझने में समय चाहिए था.

अन्दर मेरी बेटी रुबिका और मुझे चोदने वाला लड़का दोनों एक दूसरे को बेतहाशा चूम और चाट रहे थे. मैंने पूछा- ये क्यों किया?तो वो आंख मार कर बोली- किसी के आने का झंझट नहीं रहेगा. फिर हम वापस आ गए, उसने मेरे रूम के बाहर छोड़ा और चली गई।दोस्तो, मेरी चुदाई करने की कला ही मेरे काम आई थी और मैंने पुलिस वाली को उसके घर में जमकर चोदा था।उसके बाद भी मैंने कई बार चुदाई का मज़ा लिया लेकिन वो फिर कभी!दोस्तो, मेरी पुलिस गर्ल Xxx कहानी पढ़कर कमेन्ट जरूर करें.

चाट चाटकर मेरी चूत को लाल कर देता था मगन।मगन की मजबूत बांहों में पिसने के बाद मुकेश के साथ मुझे आंनद ही नहीं आ रहा था।मेरी चूत में आग लगी पड़ी थी. फिर धीरे से मैंने नीचे से हाथ अन्दर डाला और उनके एक दूध को पकड़ कर दबाना शुरू कर दिया.

मुझे भी ये अहसास हुआ कि मैंने गलत ही पिटाई कर दी थी इसलिए मैंने उनसे सॉरी कहा और पूछ लिया कि किसी को ज्यादा तो नहीं लगी थी. अपने लण्ड की खाल को चार बार आगे पीछे करके बहार की बुर के लब खोले और अपना सुपारा रख कर बहार से कहा- बहार, अपना गिफ्ट सम्भालो. जेठ जी से चुदाई के बाद अब मुझे मेरे शौहर से चुदाई में वो मजा बिल्कुल नहीं आता था.

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कसम से मैंने आज तक इतनी फूली और चिकनी चूत नहीं देखी। मुझे लगा था बाल होंगे.

थोड़ी देर बाद चाची कराहीं- आहह सर बस बस रूको आहह आऊ छोड़ दो न … मैं झड़ गई हूँ, छोड़ दो आहहह. वो अपनी एक गोटी मेरे पीछे ले आया और बोला- आपको भी फिर से मरवानी है, चाहे आगे से मरवाओ … चाहे पीछे से!मैं बोली- यार तुम तसल्ली से मार लेना, मगर अभी रुको तो!मैं थोड़ा आगे बढ़ी. मेरा लंड इंजन के पिस्टन की तरह शन्नो की चुत में अन्दर बाहर अन्दर बाहर होने लगा.

मैं तो न जाने कब से आपकी चूचियों का रस पीना चाहता था और आपकी चुत में लंड पेलना चाहता था. मैं उसके ऊपर आ गया और उसकी एक टांग ऊंची करके पीछे से दिखती चूत को चोदना आरम्भ कर दिया. बीएफ फिल्म घचाघचउन अंकल की उम्र 40 के करीब थी और उन्होंने अपनी बॉडी को बहुत अच्छे से बनाकर रखा हुआ था.

वो फिर से पूछने लगी- बताओ न?मैंने कहा- यार अब कैसे कहूँ?वो बोली- क्या आप मुझे प्यार नहीं करते हैं?मैंने कहा- हां मैं तुम्हें बहुत प्यार करने लगा हूँ. अब आगे Xxx मामी की चूत की कहानी:पिछले चार पांच दिनों से कई कई बार मामी जी की चुदाई कर चुका था, पर कभी भी इस तरह मामी जी की बड़ी बड़ी चूचियों की चुसाई नहीं की थी.

आजू बाजू में रहने वाले लोग भाभी पर बुरी नजर गड़ाए बैठे थे, वो मौके की तलाश में थे कि कब भाभी बुलाए और कब वो अपनी हवस मिटा लें. इसी बीच सुम्मी का पुराना ड्राइवर हरीश, जो कुछ महीनों से अपने गांव में था, वो काम पर वापस लौट आया. अच्छा पापा जी! तो आप इस इक्कीस साल की कुंवारी छोरी के तन को मसलना मीड़ना चाहते हो, उसे भोग कर लड़की से औरत बनाना चाहते हो, है न?” बहूरानी बड़ी अदा से बोली.

वो बोली- मैं तो तब ही समझ गयी थी, जब तुमने उस दिन कहा था कि भाभी देख रही हैं … और तुम इनको चोदोगे. अब मैं बड़ा हो चुका था, देश के श्रेष्ठ योद्धाओं में मेरी गणना होती थी. मैं सिसकारने लगी- उफ … उफ … आह … गई … मैं गई … उफ तेज़ तेज … और तेज आह्ह … आह्ह और तेज।इतने में ही अंदर से मेरा गर्म लावा फूटने लगा.

दोस्तो, मैं सोहेल एक बार फिर से अपनी छिनाल शबनम चाची की गांड चुत चुदाई की कहानी में आपका स्वागत करता हूँ.

मैं अपने एक हाथ से उसकी पीठ को दबा रहा था और दूसरे हाथ से उसकी गांड को दबा रहा था. लंड खड़ा हो गया। मैंने सोच लिया कि आज अपनी जवानी से इनका जोश वापस लाऊंगी.

लंड गांड में घुसा, तो चाची कराहते हुए बोलीं- आहहह आह आह ओह … कितना मोटा लंड है मजाहह आ गया आहह ओह. हाय उफ्फ मर गईई माउम्मी!मैंने लन्ड के टोपे को बिना हिलाये डुलाए अंदर ही रखा और उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर चूसने लगा. वो मुस्कुराने लगी और धीमे से बोली- हां मैं भी आपको पसंद करने लगी हूँ.

ममता ने अपनी एक उंगली नेहा की टाईट गांड में झटके से पेल दी और आगे पीछे करने लगी. मैंने मौसी की ताबड़तोड़ चुदाई करना शुरू कर दी और झड़ने को आ गया तो मैंने उनसे पूछा- कहां छोड़ूँ?मौसी ने अपना मुँह खोल दिया और जीभ बाहर निकाल दी. यह दृश्य देखकर मेरी चुत फड़क उठी और मेरा मन दोबारा से सेक्स करने का करने लगा.

बीएफ बीएफ पिक्चर बीएफ अपनी मुलायम गद्देदार गांड पर मेरे हाथों का स्पर्श पाते ही मामी जी की नींद खुल गई और उन्होंने मेरी तरफ देखा. मैंने जिस घर में कमरा किराये से लिया था, उस मकान में एक परिवार और किराये से रहता था.

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मैंने बोला- आप परेशान ना हो मां, मैं आपको ये सारा मजा दूंगा … इसी लिए तो मैं आपको यहां लाया हूं ताकि आप ये सब देखो … फिर हम ये सब घर पर करें. इतनी देर में उसकी चूत से पानी निकल कर उसकी जांघों को भिगोने लगा था. जब 1 घंटे बाद मेरी नींद खुली तो फ़ातिमा वैसे ही मेरे नीचे सो रही थी.

उन्होंने सेकेंड फ्लोर पर भी एक वन रूम सेट बना रखा था जिसमें हमेशा कॉलेज स्टूडेंट्स रहती थीं. मैं गुड्डू …मेरी पिछली सेक्स कहानीरॉंग नम्बर वाली लौंडिया को जमकर चोदाको आप सबने बहुत पसंद की और बहुत प्यार दिया, जिसके लिए मैं आपका आभारी हूँ. सेक्सी मारवाड़ी बीएफकिस करते करते मेरे हाथ उसकी मदमस्त जवानी की निशानी यानि उसकी चूचियों पर चले गए और मैंने उसकी एक चूची पकड़ कर जोर से दबा दी.

मैं पूरी ताकत से उसके उठे हुए दोनों नितम्बों को दबा रहा था और दोनों हाथ के अंगूठों को अन्दर दबाता हुए गांड के छेद के पास तक ले जा रहा था.

वो मेरे घर पर आई, वो मेरे साथ चिपक कर बैठी थी क्योंकि मूवी डरावनी थी. मामी जी ने जब मुझे अपने चूचियों को घूरते हुए देखा तो मुस्कराते हुए मेरे सर पर हाथ ले जाकर मेरे बालों को सहलाते हुए मेरे चेहरे को अपनी बड़ी बड़ी चूचियों से सटा लिया.

सर मेरे लंड को देखकर बोले- देख शबनम साली रांड देख इसका लंड कैसा टनटना रहा है. उन्होंने मेरे मम्मों को चूमते हुए चुदाई की रफ्तार बढ़ा दी और मैं मस्ती में सिसयाने लगी- वाह मामा जी, कितना अन्दर तक पेल रहे हो … आह मजाहह आ रहा है. वो वासना में मस्त थीं और मुझे गाली देते हुए चुदाई का मजा ले रही थीं.

इसके बाद दोनों अच्छे से रेस्टोरेंट में गए, वहां अच्छा सा लंच करके वापस घर की तरफ चल पड़े.

थोड़ी देर बाद मैंने शन्नो को लंड से उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी चूत में लंड घुसा कर गपागप गपागप अन्दर बाहर करने लगा. वो ऊईई ऊईई ऊईई करने लगी और उसके आंसू निकलने लगे।मैंने अपने लौड़े को आगे पीछे करना शुरू कर दिया और धीरे धीरे झटकों की रफ्तार बढ़ा दी।‘ऊईई ऊईई ऊईई ऊईई ऊईई’ की आवाज आहह आहह आहह में आने लगी और वो धीरे धीरे गांड चलाने लगी. बारहवीं में बोर्ड के एग्जाम का डर इतना ज्यादा था कि अभी महीने बचे होने के बावजूद घबराहट होती थी.

कन्नड़ बीएफ वीडियोचाची- हे भगवान कैसे?मैं- ज़्यादा कुछ नहीं हुआ, चाची क्रिकेट खेलते वक्त बहुत बार उधर गेंद लग चुकी है, इसलिए अब जरा सा भी दबने से दर्द होने लगता है. साथ ही अपने होंठों को दांतों में भींच कर अपनी गांड को ऊपर की तरफ उछाल कर अपनी चूत को मेरे लंड पटकने लगीं.

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पर मां आप यही पहना करो, इससे आपका सीना उठा हुआ लगता है, जवान लड़कियों की तरह. और मेरा हाथ अपनी जांघ पर से परे हटा दिया और गहरी गहरी सांसे लेते हुए खुद पे काबू पाने लगी. मगर जब मैंने उसके मोबाइल में जो कुछ देखा … तो दंग रह गया कि कैसे उस लड़के ने मेरी गर्लफ्रेंड की चूत और गांड को चोदने के प्लान बनाए थे.

फिर मैंने भाभी जी को पेट के बल उल्टा लेटा दिया और बालों के नीचे उनकी नंगी पीठ पर किस करने लगा, चूमने चाटने लगा. वो अपने हाथ से अपना दूध निकालने की कोशिश करती थीं मगर दूध इतना ज्यादा बनता था कि वो दर्द से तड़फती रहती थी. मुझे तो पता ही नहीं चला कि आप कब उस बिस्तर पर उठ कर चली गई थीं?उन्होंने मुझसे कहा- जिसको तुमने चुना था, वह एक बार मेरे साथ सेक्स करना चाहता था.

मैंने उससे कहा- तुम चिंता न करो आज से वो तुम्हें परेशान तो क्या … तुम्हारे आस-पास दिखाई भी नहीं देगा. सर बोले- शबनम मादरचोद … अहमद के आने की वजह से हम नहीं मिल पाते हैं. मैं धीरे-धीरे अपनी गति को बढ़ाता जा रहा था और प्रभा ने भी नीचे से पूरा साथ देना शुरू कर दिया था.

उस दिन भी मैंने उसकी चुदाई का मजा लिया और उसकी कुंवारी गांड की चुदाई भी की. मैं कभी भी अकले घर से दूर नहीं गई थी पर एग्जाम देना भी जरूरी था … तो मेरी मां ने मेरे साथ मेरे जीजा जी को जाने के लिए बोला.

मैंने बुआ के चुचों से खेलते खेलते अपनी जींस को नीचे को सरका दिया और खड़े होकर अपना लंड बुआ के हाथ में दे दिया.

वो मूत कर आई मैं तब तक चेंज कर चुका था, मेरे शरीर पर केवल बरमूडा था. ब्लू फिल्म बीएफ ब्लू पिक्चरबंगालिन भाभी- ठीक है, पर इसे कैसे तैयार करूं! अच्छा होगा कि तू ही अपने देवर को मेरा दूध पीने को तैयार कर दे ना!भाभी- ओके भाभी … मैं कोशिश करूंगी. सेक्सी बीएफ चूत लंड की चुदाईऐसा होते हुए काफी समय हो गया और मैंने अब तक अपनी मां को अनेक तरह से देख लिया था जो एक जवान लड़के की यौन उत्कंठा को बढ़ाने में काफी था. हिना के घर में होने का मतलब ये था कि नगमा ने मुझसे झूठ कहा था कि हिना अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ बाहर जा रही है.

यूं ही दस मिनट तक हमने एक दूसरे के लंड चुत को चूस चाट कर बेहद गर्म कर दिया था.

सादिका ने किंजल की चुदाई की सुनकर अपनी कमर फिर से चलाना शुरू कर दी वो फिर से गर्मा गई थी. उसने अपनी टांगों को हल्के से थिरकाया तो चुत की सिकुड़ने फ़ैलने की क्रिया हुई. इस बात के अगले दिन सुबह:सुनिये जी, रात में अदिति का फोन फिर से आया था.

अबकी बार मुझे कुछ अलग ही फीलिंग्स आ रही थी पर मैंने इग्नोर करते हुए उर्वशी को अपने ऊपर ले लिया और उसकी चूत पर अपना लंड सैट करते हुए उसे अपने लंड पर बिठा दिया. तो उसने कहा- मेरे सिर्फ पापा हैं … और वो भी विदेश में रहते हैं, इसलिए मैं अकेली ही रहती हूँ. मैं मजाक करती हुई बोली- अच्छा फिर बिकनी में चलूं!इस पर अमित थोड़े गुस्से में बोला- तुम आजकल बहुत बेशर्म होती जा रही हो.

फिल्मी लोकगीत

मेरा बेटा मेरे स्तनों से दूध बहुत कम ही पीता था, जिस वजह से मेरे स्तनों में दूध भरा रहता था और दर्द रहने लगा था. मेरे शरीर की भूख दिन पर दिन बढ़ती जा रही थी। एक बार मेरी ननद का पति किसी काम से मेरे घर आया. मैं- सिर्फ डिस्चार्ज नहीं करना इसका सारा पानी भी पीना हैशीना- श्योर अंकल, मैं बिल्कुल सारा पानी पियूंगी, बस आप देखते जाओ.

कुछ देर बाद रमेश ने दीदी के पैर फैला दिए और उनकी सफाचट चुत को चाटने लगा.

ममता सिसिया उठी- आआह भैया ज़ोर से!उसने भी झुक कर भाई का लंड एक बार फिर से मुँह में ले लिया और चूसने लगी.

आपकी गर्लफ्रेंड भी काफी खूबसूरत है, आपकी जॉब भी अच्छी है, सब कुछ है आपके पास!इस बात का मैंने शालीनता से जवाब दिया- जी भाभी, बात तो आप सही कह रही हैं, लेकिन जब तक एक इंसान जीवित हैं … बिना समस्या के वो अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकता है. कॉलेज गर्ल सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरे पड़ोस वाले घर में किराए पर कॉलेज की लड़कियां रहती थी. इंडियन बीएफ सेक्सी मूवीसदोस्तो, मेरे बच्चे की पैदाइश में पहला अजनबी मर्द ये डॉक्टर होने वाला है.

रुबिका के कॉलेज जाते ही मैंने अपने भाई को बुला लिया और उन दोनों को अपनी नानी के यहां भिजवा दिया. मैं और जीजा जी एग्जाम से दो दिन पहले जा रहे थे और एक दिन बाद आने का टिकट था. मेरा मन खिन्न सा हो रहा था; इतनी उम्मीद से आया था कि बहूरानी को जी भर के प्यार करने को मिलेगा, उनकी चूत सवा साल बाद चोदने को मिलेगी.

सोते समय मैंने दीदी को कस कर पकड़ कर जोर से किस किया, लेकिन वो बोलीं- अब बस. अब मैं आपको बता दूँ … मैं राजस्थान से लगे हरियाणा के एक शहर में रहता हूँ.

दो दिन तो ऐसे ही चला, फिर मां ने मुझसे कहा- बेटा, मेरा महीना अब आने वाला है, तो हम कुछ दिन चुदाई नहीं कर पाएंगे.

इससे वो भी समझ गयी थी कि उसकी मम्मी उसको चुदने का समय देने के लिए बाहर जा रही हैं. आह ये सब इतना गजब महसूस हुआ कि उधर ही मेरा सब माल निकल गया और मैं करवट बदल कर सो गया. उस बोतल का पानी ठंडा था, मैंने अपने हाथ से चाची को थोड़ा पानी पिलाया और पानी से मधुमक्खी के काटे के स्थान को धोया.

दिल का बीएफ ममता अब सीधे सीधे नेहा से बात करने लगी थी- नेहा एक बार भाई से चुदवाने के बाद तो जब भी मेरा मन करता, मैं अभय भैया के सामने चूत खोल देती या भैया के रूम में नंगी चली जाती या जब भैया का लंड खड़ा होता, वो मुझे चोदने मेरे कमरे में आ जाते. हम दोनों को ही दूसरे मर्द के साथ अच्छा लग रहा था और दोनों दोस्त एक दूसरे की पत्नियों को एक दूसरे के साथ बदलते हुए हमको मजा दे रहे थे.

सविता भाभी के चचिया ससुर उसके घर आये तो उन्होंने अपनी सुशील बहू सविता को अपने यार के लंड को याद करते हुए चूत में उंगली करते देखा. समय ऐसे ही गुजरता गया और मेरी बहन की शादी भी हो गयी और मैं शहर में एक कारखाने में नौकरी करने लगा. दीदी ने लंड देख कर उंगली से इशारा किया तो मैं उनके करीब आया और अपना लौड़ा दीदी के मुँह में दे दिया.

लड़की वाला फोटो

वो चीख पड़ी- आह मर गई … याल्ला आहहह आहहह धीमे चोद करमजले … आह मर गई साले. अगले ही दिन मेरे शौहर शहर से बाहर चले गए और उसी दिन मैंने शहजाद को घर बुला लिया. इसी दौरान उनकी चुत गीली हो गयी थी … तो मैंने उंगली डाल कर चुत का सारा पानी भी निकाल दिया था.

चूंकि सर्दी की ठंडी लहर चल रही थी और हाड़ कंपकंपाने वाली हवा चल रही थी. इस वक्त मुझ पर इतनी मस्ती छाई थी कि क्या बताऊं … मन कर रहा था कि अभी जाकर अफ़रोज़ का लंड अपनी चुत में डलवा लूं.

और उस पर झड़ने के कारण उसकी बुर का पानी ऐसे चमक रहा था जैसे फूलों पर ओस की बूंद चमकती है.

आह नीचे मामी जी आपकी चूत मेरे लंड को कैसे निचोड़ रही है … उईईई … मेरी प्यारी मामी जी. उसने अपने नाखून मेरी गर्दन के नीचे पीठ में ऐसे गड़ा दिए, मानो वो अपने नाखूनों की सहायता से ऊपर की ओर होने का प्रयास कर रही हो. बुआ सेक्स स्टोरी में आगे बढ़ने से पहले दोस्तो से अनुरोध है कि अपने लंड को अपने-अपने हाथों में धारण करें और भाभियों से प्यार भरी गुज़ारिश है कि वे अपनी मुनिया को ज़रा मुट्ठी से मसल कर तैयार होने का इशारा जरूर कर दें क्योंकि आपका प्यारा देवर राहुल (यानि मैं) कभी भी आपकी चुत के होश उड़ाने आ सकता है.

मां- बेटा अब मैं थक गई हूं … तेरा हथियार कब अपना माल निकालेगा?जैसे ही मां ने एक बार और पानी छोड़ा, मैंने अपना बाहर निकाला और कंडोम निकाल लंड को मां के मुँह पर रख हिलाने लगा. नीचे से वह लड़का भाभी के मम्मों को बहुत बुरी तरह से चूस रहा था और पीछे के छेद में लंड पेले हुए दूसरा लौंडा उनकी कमर को अपने दांतों से काट रहा था. दोस्तो, मेरी इस हॉट लेडी सेक्सी कहानी के अगले भाग में आगे की घटना लिखूँगी.

फिर रमेश ने बड़ी स्टाइल से दीदी की नंगी चुत की एक दो फोटो ले लिए कुछ पोज उसने दीदी से खुद की चुत में उंगली करवाते हुए और दूध मसलवाते हुए ले लिए उसने मेरी दीदी की रंडी की तरह फोटो ले ली थीं.

बीएफ बीएफ पिक्चर बीएफ: मैंने नशीली आवाज में अंकल से सवाल किया- आह इस्स … आप यह क्या कर रहे हो?अंकल मेरी आंखों में आंखें डालकर बोले- एक छोटे बच्चे की तरह तुम्हारा दूध पी रहा हूं. सुरजन अपना लंड पकड़कर सहला रहा था।मस्ती और सेक्स से आंखें चढ़ रहीं थी मेरी। कामुक सीन था.

मैं- अबे मुझे क्या पता कि तुम लोग ये क्या खिचड़ी पका रहे हो, मुझे पहले क्यों नहीं बताया?कुच्ची ने कहा कि मैं पूरा मामला फिट होने के बाद ही तुझे बताना चाह रहा था. मैंने जब उन तीनों को पहली बार देखा … तो तभी मन बना लिया था कि जब ये ऊपर से देखने में इतनी खूबसूरत हैं, तो इनकी चूत और गांड कितनी मस्त होगी. मेरे पेट में राजेश का बच्चा था और बिंदु के पेट में गोविन्द का बच्चा था.

वो मेरा चूस रही थी और उसने पूरा लंड साफ़ कर दिया।फिर उसने होटल से खाना मंगाया, हमने एक साथ खाना खाया और फिर बिस्तर पर आ गए।मैंने उसकी गान्ड को सहलाना शुरू कर दिया और वो लंड से खेलने लगी।उससे मैंने पूछा- कैसी लगी चुदाई?वो बोली- राज, तुम मस्त चोदते हो।मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसकी गान्ड का छेद चाटने लगा.

उन्होंने मुझे चूसते रहने के लिए बोला तो मैंने चूसना जारी रखा।10 मिनट चूसने के बाद वो फिर पहले की तरह सख्त हो गया।इस दौरान उन्होंने मेरी चूत चाट चाटकर एक बार और पानी निकलवा दिया।अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं हो रहा था।मैंने उनसे कहा- प्लीज पापाजी, अब रहा नहीं जा रहा. मैंने उसके कंधों को दबाते हुए कहा- अरे यार, अगर यही करना था तो कम से कम दरवाज़ा तो बंद कर लिया होता. अरे बेटा, मुझे दिल्ली की तरफ थोड़े ही जाना है तू जा, मेरी नागपुर वाली ट्रेन एक घंटे के बाद है!” मैंने कहा.