बीएफ असली चुदाई

छवि स्रोत,देहाती ब्लू सेक्सी

तस्वीर का शीर्षक ,

రజిని సెక్స్ వీడియో: बीएफ असली चुदाई, मौका पाते ही मैंने दूसरा जोरदार झटका दे दिया और अपना पूरा लंड भाभी की चूत में डाल दिया.

पोरन बिडियो

मैंने कहा- सुहानी खाना खा लो, फिर जो मेरे से लेना है … ले लेना और जो मुझे देना है, वो मैं तुमको दे दूँगा. सेक्स न्यूडअभी तक सोनी सिर्फ नीचे से ही नंगी थी, उसके टॉप ने अभी भी उसके उरोज़ों को ढक कर रखा था और मेरा एक भी कपड़ा नहीं निकला था.

फिर अब मैं दुबला पतला, सूखा सा माशूक लौंडा भी नहीं रहा कि जिसका जब चाहे मन करे, पकड़ कर पेल दे, उस तरह के माशूक लौंडों की राजी हो या नहीं, ले जाकर पेल देने वाली बात खत्म हो गई. बहु की चुदाई कीवो मुझे और मेरी सहेलियों को बहुत ही गंदी नजरों से ऐसे देखा करता था, जैसे कच्चा ही खा जाएगा.

मैंने उसे उठाया और हाथ में लिया तो उस पर चिपचिपा पानी सा लगा हुआ था.बीएफ असली चुदाई: वो मेरी बात समझ तो गई थी मगर तब भी वो बोली- ऐसा कुछ नहीं है यार … तुझे गलत समझ आया होगा.

अपने टॉप के अन्दर उसने पिंक कलर की ब्रा पहनी थी जो बड़ी सहजता से दिख रही थी.विपिन मुझे देख कर एक बार मुस्कुराया और बस मुझे जोर से धकेल कर दीवार से सटा दिया.

एक्स एक्स एक्स देहाती - बीएफ असली चुदाई

जब मैं उन्हें पेल रहा था तो वो मेरी गांड को जोर जोर से दबा कर ‘हूँ आंह …’ कर रही थी.कुछ पल फौजी की तोप ने दुश्मन की बारूदी सुरंग को लहूलुहान कर दिया और अपनी जगह सही से बना ली.

इधर मैं सोनी से भी नहीं मिल पा रहा था तो सोनी के ताने अलग मिल रहे थे. बीएफ असली चुदाई मैं रसिका भाभी की सुराहीदार गर्दन को चूम रहा था और मेरे हाथ उसके नर्म मुलायम पेट के साथ खेल रहे थे.

देसी इंडियन गर्ल सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैं बुआ के घर गया तो उनकी भतीजी ने मुझे पटा लिया.

बीएफ असली चुदाई?

आज फ़ज़लू मियां को नशा चढ़ रहा था, जो शीरीं की उम्र और हुस्न को देखकर बढ़ता जा रहा था. कैसे हो आप सब … मुझे आशा ही नहीं वरन विश्वास है कि आप सब ठीक होंगे. यूँ तो मोहिनी ने कभी भी किसी मर्द को अपने पास फटकने तक नहीं दिया था, पर ये भी सच है कि शरीर की भी अपनी जरूरतें होती हैं.

जब मैं उसकी चूत में जोर का धक्का मारता तो वो उछल जाती और आह ‘आह उई मई मां … आ आ आ सी उई ओह्ह …’ की सेक्सी आवाजें करने लगती. शायद पाटिल जी को गांड चुदाई में कम मजा आता होगा इसीलिए इस रंडी की गांड कम चुदी थी. मैंने उसके बालों को सहलाना शुरू कर दिया और उसके होंठों, गालों को कोमलता से चूमने लगा.

भैया भी मुझे डांटने का नाटक करते हुए बोलने लगे- ये क्या कर दिया तुमने?मैं डर गई और रोने लगी. थोड़ी देर में अली ने मेरे लंड को निक्कर के ऊपर से पूरा पकड़ लिया और दबाने लगा. जल्द ही मैंने उसकी साड़ी को अलग कर दिया और फिर उसके ब्लाउज और पेटीकोट को भी निकाल दिया.

अम्मी को लंड पर बैठाकर गंदी गंदी गालियां देते हुए उछालने की, मेरे लंड से चुदते वक़्त अम्मी के चहरे पर कामुक भाव देखने की, जिसके लिए मैं रोज़ कुछ न कुछ नया तरीका अपनाता. चाची ने इठला कर कहा- हां, पर पहले आज तुम जी भरके अपनी चाची को चोद लो.

एक लम्बे स्मूच के बाद मोहिनी बोली- क्या हमारे पहले मिलन को सेलिब्रेट नहीं करोगे?तो अर्णव हॉल से बोतल और गिलास ले आया और मोहिनी स्नैक्स.

वो आहें भरती हुई बोली- ओह हर्षद … तुम्हारे लंड ने तो आज कमाल ही कर दिया है.

पॉल के चूतड़ पीट पीट कर रीना अपने पति को मेरे सामने जलील कर रही थी और मैं अपना लौड़ा सहलाते हुए उन दोनों की वासना के मजे ले रहा था. नीता बाईक चला रही थी और मैं उसके पीछे बैठकर उसकी जांघें सहला रहा था. कहानी के दूसरे भागकोचिंग सर ने मेरी चूत मार लीमें अब तक आपने पढ़ा था कि कोचिंग का कर्मचारी भोलू मुझे चोदना चाहता था और मुझे भी एक नए लंड का स्वाद लेने का मन था.

उसी ने कुणाल को हमारे बारे में सारी बातें बताई हैं और ये भी कहा है कि आज रात में वो यहां आएगा, तो मैं उसके साथ मजे कर सकती हूँ. कभी वो अर्णव की जीभ अपने मुँह में ले कर चूसती, तो कभी अपनी जीभ उसके मुँह में दे देती. अब आगे हॉट सेक्सी भाबी की कहानी:कुछ पल बाद भाभी पानी लेकर आईं और मुझको पिलाने लगीं.

अपना गिलास खाली करते हुए मैं किरण के पीछे जाकर खड़ा हुआ और उसके नीचे दबी रेशमा के मुँह के पास जाकर लौड़ा उसके मुँह में दे दिया.

एक बड़ी दीदी भी हैं पर उनकी शादी 4 साल पहले हो गई थी, इसलिए वो अब अपनी ससुराल में रहती हैं. मैंने रीमा को अपनी तरफ थोड़ा खींच लिया, जिससे मेरा लंड रीमा के चूतड़ों की दरार में घुस गया. वो मेरे सर को अपने हाथों से चूत पर दबाने लगी और बोली- हर्षद, अब बस भी करो.

सोनी मुझे लिटा कर मेरे ऊपर आ गयी और मेरे लंड को पकड़ कर अपने बुर में घुसाने लगी. फिर मैंने अपने कमरे के बाथरूम के बाहर आकर उसे आवाज दी और कहा- ये लो अनंग, तुम्हारा तौलिया. मैंने अपनी कामुक सिसकारियों को धीरे धीरे निकाल रही थी क्योंकि बाहर सब आते जाते रहते थे.

बीवी के गुजरने के बाद घर का सारा काम, खाना बनाना सब कुछ मुझे ही करना पड़ता था.

लेकिन यहां तक पहुंच कर रुकना अब मेरे लिए संभव नहीं था और मैंने बिना उसकी परवाह किए लंड उसकी चूत पर रख कर एक धक्का दे मारा. फ़ज़लू ने शीरीं को घोड़ी बनाकर जब गांड में लंड घुसाया, तो शीरीं और फ़ज़लू दोनों के मुँह से आवाज निकलने लगी.

बीएफ असली चुदाई फिर मैंने उसकी एक बात को नोटिस किया कि वह मेरे सामने दूसरे लड़कों की तारीफ करने लगी थी. तभी वो पीछे से आया और उसने मेरी साड़ी को ऊपर उठा कर मेरी पैंटी को नीचे कर दिया.

बीएफ असली चुदाई मैं समझ गया कि चाची को ये सब अच्छा लग रहा है, नहीं तो अभी तक चाचा तक बात पहुंच गई होती. अब वो अपने दोनों हाथों से मेरी गांड और पीठ सहलाती हुई अपनी गांड उठाकर लंड अन्दर बाहर करने लगी थी.

मगर अन्दर से चूत पानी छोड़ चुकी थी तो अन्दर जाने के बाद लंड ने चूत में अपनी जगह बना ली.

सेक्सी बीएफ हिंदी में एचडी

चूंकि हम दोनों एक दूसरे के सामने बैठे थे तो मैं उठ कर उसके बगल में उससे चिपक कर बैठ गया और अपना हाथ सीधे उसकी जांघों में रख दिया. पहले मैंने उसे छोड़ा, फिर जैसे ही वो जाने लगी तो उसने कहा- अवी, यार वापसी जाना हो, तो छुट्टी खत्म होने से कुछ दिन पहले चलना … हम दोनों और मेरी सहेली ईशा चंडीगढ़ घूमेंगे. मैं तो उत्तेजित था लेकिन उसके कहने पर मैंने थोड़ा धीरे चूमना शुरू कर दिया.

रीना ने मेरे लौड़े को पकड़ कर फिर से पॉल के मुँह में दबाते हुए कहा- इसे क्या तेरा बाप आकर साफ़ करेगा बहन के लौड़े … चूस कर साफ़ कर रंडी की औलाद … तेरी वजह से दुनिया भर की रंडी बन चुकी हूँ मैं मादरचोद … चूस अच्छे से कुत्ते!पॉल ने शौक से मेरे लंड को अपने मुँह में भर लिया और किसी पालतू कुत्ते की तरह मेरा लंड पर लगा सफ़ेद पानी चाटने लगा. मैं अन्दर आ गई और सब सामान यथावत रख कर मैंने अपने कपड़े बदलने की सोची. उसने मुझे पानी दिया और फिर खाने का पूछने लगी कि क्या खाओगे?मैंने कहा कि मैं यहां तुम्हें खाने आया हूँ.

उसको सोते देख मेरे लंड और गांड दोनों में आग लगी हुई थी कि साला ये क्या हो रहा है.

अच्छा तुम ये बताओ कि तुम कब तक मुझे ऐसे ही चोदोगे?अनंग- फिक्र मत करो मेरी जान, आज तुम्हें मैं वो मज़ा दूंगा कि कोई मर्द तुम्हें ऐसा मज़ा नहीं दे पाएगा क्योंकि मैंने आज तुम्हें चोदने के लिए एक टेबलेट खाई है और मैं अभी एक घंटा तक थकूंगा ही नहीं. कुछ देर बाद स्नेहा हमारे पास आई और बोली- आप सबके लिए पैग बनाओ, मुझे पीना है. पांच मिनट बाद मैंने उसे घोड़ी बनने के लिए कहा और पीछे से लंड डालकर चुदाई शुरू कर दी.

मैं उसके मैसेज के बारे में बात करने लगा तो करिश्मा ने कहा कि घर में मम्मी पापा के आगे हम नार्मल ही रहेंगे और अब से तुम मेरे दोस्त, ब्वॉयफ्रेंड पार्टनर सब कुछ हो. आखिर मैन्टेन कैसे करती है?सनी बोला- सही में यार, साली की जवानी है ही ऐसी … बिल्कुल कसी हुई. किस के दौरान मेरे हाथ कभी सोनी की पीठ सहलाते तो कभी उसके नितंबों को.

पर कभी-कभी उन तीनों की बदमाशियां बहुत ही ज्यादा बढ़ जाती थीं और उनको सहन करना कुछ मुश्किल सा होता जा रहा था. पर मैं उनसे प्यार नहीं करती थी।हम दोनों दो प्रेमियों की तरह छिप छिपाकर मिलते जरूर थे, बुरका पहन मैं उनके साथ होटलों में जाकर चुदाई का कार्यक्रम भी करती थी, पर कभी इच्छा नहीं हुई की उनका बसा बसाया संसार उजाड़ूं और उनके बच्चों को उनसे अलग करूं।इसीलिए धीरे धीरे मैंने उनसे दूरी बनाना शुरू कर दिया.

मैं नीचे ही देख रहा था कि शैली की सबूत वाली बात सुनकर मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं. दोस्तो, मैं आपका आजाद गांडू आपको अपने जीवन में हुए गांड मराने की गे सेक्स कहानी सुना रहा था. दोस्तो, आपको पता है कि मैं फ्री सेक्स स्टोरीज अन्तर्वासना का एक नियमित पाठक भी हूँ और अपने साथ घटी सत्य घटनाओं को सेक्स कहानी के रूप में आपको लिखता भी रहता हूँ.

मैं उनके सामने नंगी उठी और अपनी नाइटी पहन कर जाने लगी तो भैया ने अपने गाल के तरफ इशारा करते हुए मुझसे एक और किस मांगा.

भाभी- क्यों मैंने ऐसे क्या देख लिया?मैंने लंड से हाथ हटाया और कहा- क्या देख रही थी, तुम ही बताओ भौजी?उसने कहा- मैंने तो आपकी बॉडी को देखा था. बाथरूम में अन्दर अंकिता के अभी के बदले हुए ब्रा और पैंटी रखे हुए थे जो गीले नहीं थे. जब मैंने यह महसूस किया तो मैंने बात बदलते हुए उनसे कहा कि मैं थोड़ा नीचे जाकर वापस आ जाऊंगी और कुछ दिनों के लिए तुम लोगों बाथरूम और टॉयलेट यूज़ करना चाहूंगी, जब तक मेरा बाथरूम टॉयलेट ठीक नहीं होता.

चाहे वो मौसी की लौंडिया हो या बुआ की, मामा की हो या चाचा की, फ़ज़लू ने सबकी चूत में लंड पेला था. मेरी इस मॉम डैड सेक्स कहानी में मैंने अपनी मम्मी पापा की मस्त चुदाई अच्छे से देखी थी.

कुछ देर उसके गर्म नर्म जिस्म को अपने बदन पर लगाते हुए उसकी जवानी का कामुक अहसास करने लगा. फिर वो अर्णव के ऊपर आ कर लेट गयी और उसके होंठों पर हल्की सी किस की. मैं अपनी उंगली उनकी चूत में अन्दर बाहर करने लगा और इधर उनके होंठों को चूसने लगा.

सेक्सी बीएफ मोटी चूत वाली

मेरी ये हॉट Xxx बेहन सेक्स कहानी भी ऐसी ही एक भाई बहन सेक्स स्टोरी की वजह से पूरी हो पाई.

पॉल के मुँह की गर्मी से लंड की नसों में उबलता हुआ खून दौड़ने लगा था. करीब साढ़े 10 बजे रोहण ने मुझे कॉल किया तो मैं बाहर आ गयी और उसके साथ बाइक पर बैठ गई. फिर मैं उसके पेट पर अपना हाथ फेरने लगा और पेट को चूमने लगा, जहां हमारा बीज पड़ चुका था और अगले कुछ महीनों में बाहर आने वाला था.

मैंने पूछा- क्या हुआ भाई ऐसे क्या देख रहे हो?इस पर उसने कुछ नहीं बोला और अगले ही पल मेरी बुर पर अपना मुँह रख दिया. चाची खुश हो गईं और उन्होंने मुझसे कहा- आज से तुम ही मेरे पति हो … मेरे देवता हो. ब्लू फिल्म आ जाएइधर मैं अपनी पूरी रफ्तार से अपनी बुआ को सटा सट सटा सट लंड अन्दर बाहर करके चोद रहा था.

मैं नियमित रूप से उन बूढ़े अंकल के पास जाकर नई आई अश्लील पुस्तकें खरीदा करता था. उन दोनों के चेहरे पर संतुष्टि के भाव थे पर मैं अभी भी संतुष्ट नहीं थी.

मैंने शॉवर लिया और रसिका भाभी भी नहा कर ब्लैक साड़ी पहन कर तैयार हो गई. हमको मॉर्निंग में घर के लिए वापिस भी निकलना है और तुमको गाड़ी ड्राइव करनी है. चूत की आग तो रीमा की भी भड़क गई थी, पर कल के दिन वो पूरे इत्मीनान से चुदवाना चाहती थी.

आंखों के बंद होने के साथ ही उसके होंठ दुबारा मेरे होंठों की गिरफ्त में आ गए. मैंने उन दोनों से कहा- तुम दोनों बैठो, मैं थोड़ी देर टैरेस पर जाकर आता हूं, ठंडी हवा चल रही होगी. लंड को ऐसा लग रहा था कि उसकी किसी मुलायम गद्दी में फंसा कर मालिश की जा रही हो.

उसने मुझे पानी में भीगा हुआ देखा, तो उसका लौड़ा पूरी तरह से खड़ा हो गया था, जो मैंने देख लिया.

इतने दिनों के बाद मिले चुदाई के अवसर के कारण उत्साह में हमारी आवाजें भी शायद बढ़ गई थीं. मैं खुश हो गया कि ट्यूब लाइट की रोशनी में बिल्कुल साफ साफ चुदाई देखने को मिलेगी.

मैंने बात रखी- बुआ हमें एक कामवाली की आवश्यकता है, आपकी नजर में कोई है क्या?मैं रेखा को बुआ कहता था क्योंकि मेरे मां पापा को वो भैया भाभी कहती थी. अगले ही पल मैंने उसकी टांगें फैलाकर अपने एक हाथ में अपना तना हुआ लंड पकड़कर गीता की चूत की दरार में सैट कर दिया और एक जोर का धक्का मार दिया. उसका गांव बहुत छोटा है, वहां पर उस समय स्कूल नहीं था, तो उसको मामा के यहां भेज दिया था.

मुझे खुश देख कर मेरे भाई अंकित ने पूछा- क्या बात है … आज तुम बहुत खुश लग रही हो. घर ना आने को क्यों मना किया है?मैं शाम को ब्रांच से थोड़ा जल्दी निकला और सिरमौर पहुंच गया. अपने हाथों का सहारा लेकर रीना पॉल के सीने पर बैठ गयी और उसके बाल पकड़ कर उसने पॉल का मुँह जोर से अपने भोसड़ी पर दबा दिया.

बीएफ असली चुदाई फिर भी मेरी फैमिली काफ़ी चुदक्कड़ है और सभी लोग सेक्स का मज़ा भरपूर लेते हैं. मुझे बहुत तेज दर्द होने लगा लेकिन पिछली बार की तरह अबकी बार भी सर बिना रुके मेरी गांड चोदने लगे.

सेक्सी बीएफ वीडियो देवर भाभी का

वो कुछ ही देर में वहशी रांड बन गई थी और मेरे लंड को अपने गले तक लेने लगी थी. तभी मोहिनी पेट के बल हो गयी तो अर्णव उसकी पिंडलियों पर चुम्बन लेने लगा. फिर आजकल नौकरी के लिए इतनी प्रतिस्पर्धा मची है कि पहले जिस काम के दस हजार मिलते थे, अब उसी काम को सात से आठ हजार में करना पड़ता है.

वो यह देख कर एकदम से डर गई और कहने लगी- यार, ये सब किसी को मत बताना प्लीज़. मुझे किसी का लौड़ा लिए छह साल हो गए थे, फिर मैंने ब्ल्यूड एप चलाना शुरू कर दिया था. सेक्सी ब्लू वीडियो में दिखाएंमैं करीब 15 मिनट तक उसे ऐसे ही चोदता रहा, फिर मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ.

चूत को तसल्ली ही नहीं थी कि किसी के आने का इन्तजार किया जाए, उसे तो लंड से मतलब था.

आज दोनों भाई न होने के कारण हम सब कहीं घूमने का प्रोग्राम नहीं बना सके. यह बात मुझे पहले मालूम नहीं थी, लेकिन इस घटना के बाद बहुत कुछ साफ हो गया था.

वो मदमस्त और पागल होती जा रही थी, खुद अपने हाथ से अपने दूध को पकड़ कर मेरे मुँह में दे रही थी. अबकी बार वो मुझे थोड़ा तेज धक्के लगा रहा था और मैं भी मजे से अपने भाई से चुद रही थी. कुछ ही पल बाद सर मेरे सामने पूरे नंगे खड़े थे और मैं घुटने पर बैठ कर सर का लंड चूसने लगी.

अब मैंने रोशनी में देखा कि भाभी की चूत पर बहुत छोटे छोटे बाल उगे थे.

ये वही लड़की थी जिसको मैं कोचिंग में बहुत लाइन मारा करता था पर उससे मेरी कभी आगे बात नहीं बढ़ पाई थी. धीरे धीरे लंड ने बुआ की गांड में जगह बना ली और अब बुआ अपनी गांड आगे पीछे करके आहह आहहह आहह करके लंड का मज़ा लेने लगी थी. जैसे ही मेरी मादक सिसकारियां निकलने लगीं, वैसे ही उसने मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया.

किन्नर सेक्स विडिओ‘आअहह रेश्माआ …’ की आवाज देते हुए मैं अपने लंड का सारा माल रेशमा की चूत में निकालने लगा. कुछ पल बाद मां की आवाजें आना बंद हो गईं तो मैंने गांड में लंड अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया.

नंगी सीन चाहिए

मैं मेरी मसाज या सेक्स की सारी बातें नहीं बताता हूं क्योंकि कुछ प्राइवेट भी होता है. अब हम भाई बहन रोज चुदाई करते हैं और घर में मम्मी पापा को पता भी नहीं चलता है. आगे की सेक्स कहानी में मैं बताऊंगा कि कैसे मैंने दिमाग लगा कर उसकी गांड भी मारी.

यह कहते ही बाकी तीनों भी हंसने लगे और मैं भी शर्म के मारे नीचे देखने लगी. उसके बाद वो एक हाथ में मेरी चूची और दूसरी चूची में मुँह लगा कर सो गए. मैं आज तुमसे चुदने के लिए तैयार हूँ, लेकिन मेरी एक शर्त है!ये सुनकर तो मेरे मन में खुशी की लहर दौड़ गई.

उनमें से एक आगे बढ़ा और एक ही झटके में मेरी पैंटी को फाड़कर मेरे जिस्म से अलग कर दिया और मुझे मादरजात नंगी कर दिया. बुआ चिल्लाने लगी- उईईई ऊई ईईई ऊईईई मर गई राज … निकाल मुझे दर्द हो रहा है. मैंने फिर से अमित को आवाज़ दी, तो वो जैसे नींद से जाग गया और मुझसे बात करने लगा.

जब मेरी नींद खुली, तब गीता फिर से मेरी गांड और पीठ सहलाकर मुझे गर्म करने लगी थी. मेरा ऊपर कम्बल ढका हुआ था और उसके अन्दर अली मेरा लंड बाहर निकाल कर देख रहा था.

मैं अब तक चूंकि बहुत बार झड़ चुकी थी, जिससे मैं अन्दर से थकी हुई थी.

मेरी स्कर्ट भी इतनी छोटी थी कि मुश्किल से मेरे चूतड़ ढक पा रही थी और उसमें झुकने पर मेरी गुलाबी पैंटी साफ़ नजर आ जाती थी. नंगी पिक्चर वीडियो सेक्सीफिर इस बात का सिलसिला शुरू हो गया कि मैंने उसे उस समय आगे क्यों नहीं दोस्त बनाया था. बड़े दूध वाली सेक्सी वीडियोमैंने चुप्पी को तोड़ते हुए बातचीत का सिलसिला शुरू किया- अंजलि जी, आपको इतने वर्षों के बाद मिलने पर मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है. फिर ब्रेकफास्ट खत्म होने तक उसने कुछ बात ही नहीं की और न ही नजरें उठा कर देखा.

वो बोली- ये क्या बदमाशी है?मैंने उसे बताया कि मैं डेज़ी के साथ बाथरूम में नहाया करता था.

उस दिन के बाद से लगभग हम तीनों को उन तीन लड़कों की तरफ से कोई भी परेशानी नहीं हुई. मैं सीधी हो गई और दोनों टांगों को फैला कर पापा के सामने चूत खोल दी. बस फिर क्या था … उनके मुँह से इतना सुनते ही मैंने उन्हें अपनी बांहों में भर लिया और उन्हें किस करना शुरू कर दिया.

उठने के बाद रागिनी मुझसे थोड़ी नाराज थी क्योंकि मैंने उसकी गांड जो फाड़कर रख दी थी. पर अब मेरे कुछ करने का या मेरे चिल्लाने का किसी के भी ऊपर कोई भी फर्क नहीं पड़ने वाला था. मैं अन्तर्वासना साइट का भी धन्यवाद करता हूँ, जिस कारण इतने सारे लोग मुझे पसंद कर रहे हैं.

बीएफ सेक्सी हिंदी हॉट

उसने कहा- यह कारण नहीं हो सकता, कुछ और बात है … सही बताओ?मैंने उससे कहा- तुम सुनकर मजाक तो नहीं बनाओगी?वो हंस दी. बाथरूम में आए, चाची ने शॉवर चालू कर दिया और नीचे बैठ कर मेरा तना हुआ लंड मुँह में लेकर चूसने लगीं. साथ ही आपको ऐसा लगेगा कि ये घटना जीवन के किसी ना किसी पहलू से मेल खाती हुई ही है.

इस बार किस नहीं, हमारे बीच स्मूच शुरू हो गई थी और उसके हाथ भी मेरे चेहरे पर आ गए थे.

मैंने खुद ही उसे कॉल करना छोड़ दिया क्योंकि मैं उसे भुलाना चाहता था.

उस पर भी सेक्स हावी हो चुका था और मेरे बीच में छोड़ने से मुझे तो बुरा लग ही रहा था, पर उसको भी अन्दर से काफी खीज आ रही थी. एक बार मैंने उन्हें अपनी सेक्स स्टोरी की लिंक भेजी थी, जिससे वह प्रभावित हुई थीं और उन्होंने मुझे अपनी कहानी लिखने के लिए बोल दिया था. एचडी सेक्सी ब्लू फिल्मफिर वो नीचे आयी और मुझे गाली देने लगी, उल्टा सीधा बोलने लगी- साले हरामी तूने मेरे कपड़े खराब कर दिए, तुझे तमीज नहीं है कि किस तरह से घर में रहना चाहिए.

मैंने कहा- क्यों सही नहीं है? इतनी खूबसूरत है, मुझे तो अच्छी लगती है. कुछ समय बाद उसने लंड मेरे मुँह से निकाल कर मेरे सामने हिलाना शुरू कर दिया और करीब दस झटकों में उसके लंड का सारा माल मेरे मम्मों और मुँह के ऊपर फिंक गया. इसी बीच मेरे अपने मकान मालिक की बेटी करिश्मा से भी जान पहचान हो गई थी.

मैंने कुणाल से कहा- चलो कुणाल, मेरी बीवी की तुम एक बार और चुदाई कर लो, इस चूत लंड के लिए तैयार है. एक दिन कैरम खेलते हुआ पूजा ने कहा- मोनू, तुम आज मेरे यहां ही रुक जाओ.

वो गुस्से में बोली- आने दो आंटी अंकल को, मैं उनसे तेरी शिकायत करूंगी.

अपनी सहेलियों से ही उसने अंतर्वासना के बारे में जाना और को इसमें प्रकाशित सेक्स कहानी पढ़ना अब उसका शगल हो गया है. मेरा एक हाथ सरक कर उसके सुडौल मम्मों पर चला गया और मैं उन्हें दबाने लगा. उस वक्त हम दोनों इतने करीब आ गए थे कि उनके निप्पल मुझे मेरी छाती पर महसूस हो रहे थे.

नेपाली रंडी की चुदाई जो लड़की या औरत मेरे लंड के नीचे आ जाती है वो बार बार मेरे लौड़े से चुदना चाहती है. मैंने बात रखी- बुआ हमें एक कामवाली की आवश्यकता है, आपकी नजर में कोई है क्या?मैं रेखा को बुआ कहता था क्योंकि मेरे मां पापा को वो भैया भाभी कहती थी.

किरण भी अपनी कमर ऊपर नीचे करते हुए मेरे लौड़े पर कूदने लगी, सुपारा भी पूरे अन्दर तक घुसकर उसकी बच्चेदानी की चुम्मी ले रहा था. उधर एक लड़की थी, वो बोली- क्या चाहिए भाभी जी?मैंने कहा- कोई नई डिजायन की नाईटी दिखा दो. मेरी बहुत सी लड़कियों के साथ दोस्ती रही, पर मुझे आज तक तुम सी कोई नहीं मिली.

ब्लू मूवी हिंदी सेक्सी

अदिति ने मेरे नंगे सीने को अपने हाथों से सहलाती हुई बोली- हर्षद, अब तो मुझे पूरा यकीन हो गया है कि सोहम तुम्हारा ही बेटा है. मेरी इतनी मस्त चुदाई से वो भी मन ही मन मेरे लंड की तारीफ करने लगी थीं कि सच में आज उनकी मस्त चुदाई हुई थी. मैं किसी से कुछ नहीं बोलूंगी, आप जल्दी से मार लो मेरी गांड, नहीं तो मम्मी आ जाएगी.

मैं आशा करता हूँ कि सब अपने अपने सुहाने रिश्तों में मज़े कर रहे होंगे और आनन्द भी ले रहे होंगे. वो मेरे साथ चल दी, तो मैंने किचन में आकर गैस चालू करने कहा और उससे एक कटोरी व चम्मच मांगी.

मौसी उस वक़्त कानपुर गयी हुई थीं और मैं और भाभी घर पर अकेले रह गए थे.

लंड चूत में लेते ही उसके मुँह से तेज़ी से ‘आह आह मर गई …’ आवाज निकल गई. वो आपस में बात कर रही थी।थोड़ी देर बाद मेरी नज़र उस भाभी से मिली, मैं उसको देखकर मुस्कुराया और वो भी मुस्कुरा दी।फिर हम दोनों की इशारों में बात होने लगी।वो चुदाई के लिए तैयार लग रही थी. फिर मैं उसकी पैंटी को साइड करके उसकी चूत को अपनी जीभ से सहलाने लगा.

लंड के अन्दर जाते ही मेरी गांड में से एक पक्क की आवाज़ आयी और दर्द और जलन के कारण मेरी आवाज निकलने लगी. मैं उन्हें दिन दिन भर निहारने लगा था, हमेशा ही उन्हें ढूंढने लगा था और ख्याली पुलाव पकाने लगा था. उसमें मैंने लिखा:बेबी, आपके लिए ब्रा और पैंटी मेरे तरफ से तोहफा हैं.

मैं उसकी तरफ वासना से देखता हुआ बाथरूम में चला गया और वो अपनी गांड मटकाती हुई अन्दर चली गई.

बीएफ असली चुदाई: इससे पहले वो कुछ और बोलता, मैं ही बोल पड़ी- सिर्फ़ जीएफ़ या दीदी को भी?इस पर वो चौंक गया. इस स्लीपर ट्रेन सेक्स कहानी में मैं बहू के धोखे में उसकी सास को गलती से चोदने लगा।एक बार मैं ‌‌‌‌‌‌‌किसी काम के सिलसिले में दिल्ली से लखनऊ जा रहा था।नई दिल्ली से रात को मेरी एक्सप्रेस ट्रेन थी, मैंने 3 टीयर ऐसी का रिजर्वेशन ले रखा था।रात 10 बजे में स्टेशन पहुंच गया और 10:30 बजे ट्रेन छूटनी थी।ट्रेन में काफी सारी सीटें खाली थी.

वो भी अपने हाथों से मेरी पीठ को पकड़ कर अपनी तरफ खींच रही थीं और ‘आह … उफ्फ्फ … हाय … उम्म …’ जैसी आवाज निकालती हुई मुझे अपनी तरफ समेट रही थीं. जब मैंने उसे बताया कि इसमें स्मेल नहीं आती है और नशा भी अच्छा आता है. प्लीज भैया, मैं आपके पैर पड़ती हूं, प्लीज यह वीडियो मम्मी पापा को मत दिखाना प्लीज।वह रोने लगी और बोलने लगी- भैया मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई प्लीज!मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया और बोला- देख पिंकू, तुझे डरने की जरूरत नहीं है मैं इसके बारे में किसी को नहीं बताऊंगा। पिंकू तू रो मत तूने कुछ गलत नहीं किया है!यह बोल कर मैं उसे चुप कराने लगा.

मैं अपने दोनों हाथों से अदिति की कसी हुई और बाहर निकली हुई गांड को मसलने लगा.

मैंने एक दो बार कोशिश भी की कि अपनी जीभ को बुर की दरार की गहराई में पहुंचा दूँ, पर मैं सफल नहीं हो पाया. वो वहीं खड़ी चुपचाप देखने लगीं और यहां मैं अपनी धुन में मस्त आंखें बंद करके मुट्ठी मार रहा था. मैंने अपना पानी तो अपनी उंगली से काफ़ी बार टेस्ट किया लेकिन कभी किसी लड़के का टेस्ट नहीं किया.