भाभी देवर की हिंदी बीएफ

छवि स्रोत,जॉनी सिंह

तस्वीर का शीर्षक ,

सेक्सी mp4 में: भाभी देवर की हिंदी बीएफ, आप एक काम कीजिये! मैं बाहर जाता हूँ … आप कैसे भी कर के अपना लहंगा उतार कर मुझे बाहर दे दीजिये, मैं सीऊंग मशीन पर इसको दो सिलाइयाँ मार देता हूँ , आप पहनिए और फिर हम चलें.

तृषा कर मधु का क्सक्सक्स वीडियो

उसने मेरे टॉप के अंदर अपना हाथ डालना चाहा पर उसके मोटे हाथ के लिए जगह नहीं थी तो उसने मेरे गले के पास टॉप को पकड़ के नीचे खींच दिया उससे मेरा एक दूध बाहर आ गया. जा बेवफा जाउसकी कसरत की क्लास सुबह 4 बजे से शुरू होती थी और 11 बजे तक चलती थी.

मैं तो लड़कियों को ताड़ता रहता था लेकिन उसका चेहरा मुझे कहीं भी याद नहीं आ रहा था. नंगी पिक्चर वीडियो में दिखाइए”मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था मैंने पूछा- मैटिनी शो? क्या बोल रही हो आंटी?”आंटी शर्माते हुए बोलीं- अब तुम्हें कैसे बताऊं … कल को तुमने जो देखा … वो!ईशश … मैं … मतलब … गलती से हुआ … फिर कभी नहीं नहीं होगा”तभी दरवाजे पर कोई आया, आंटी उनके साथ दरवाजे पर जाकर बातें करने लगीं.

तो कहने लगे- अकेली नहाओगी क्या? हम भी तो है यहाँ पर!और मेरे पास आकर मुझे फिर से नंगी कर दिया और खुद भी नंगे होकर मुझे गोद में उठा के बाथरूम में ले गए.भाभी देवर की हिंदी बीएफ: ढीला पड़ने पर जब लंड बाहर आ गया, तो सुपाड़े पर लगी हुई एक दो बूंद को उसने जीभ से चाट कर साफ कर दिया.

मैंने आंटी की गोरी चिकनी गुलाबी गांड भी बड़े प्यार से … आंटी के बिस्तर पर ही, आंटी की इच्छा से मारी.इसके बाद हम दोनों को जब भी मौका मिलता है, तो हम दोनों सेक्स कर लेते हैं.

गुजरात सिक्स वीडियो - भाभी देवर की हिंदी बीएफ

मेरे कहने पर उसने स्पीड बढ़ाई जिससे दोनों लोग जोश में आ गये लेकिन वो ज्यादा देर तक स्पीड मेन्टेन नहीं कर पाई.मैंने दीदी के कमरे को नॉक किया, तो दीदी थोड़ी अस्त व्यस्त हालत में बाहर आईं.

मेरा लंड चाची के मुंह में था और ऊपर की तरफ मैंने चाची की गांड को अपने हाथों से फैला कर उनकी चूत को मुंह में भरने की कोशिश शुरू कर दी. भाभी देवर की हिंदी बीएफ तो हुआ यूं कि मैं भी अपने चाचा के घर जाकर उनके साथ बिस्तर पर बैठ गया.

मैंने रश्मि से पूछा कि क्या बात है … कुछ परेशान सी दिख रही हो?उसने मुझसे बोला कि नहीं ऐसी कोई बात नहीं है … सब ठीक है.

भाभी देवर की हिंदी बीएफ?

मगर अब जब उसने खुद ही पहल कर दी थी तो मेरा लंड खड़ा होते हुए देर नहीं लगी. जब अंदर की हवस जागी तो नजरों ने उसके शरीर का माप लेना शुरू कर दिया. पर एक दिन बाहर गाँव में रिश्तेदार की शादी थी, इसलिए घर में से सास ससुर और देवर तीनों चले गए.

वैसे मैं बहुत व्यस्त रहता हूँ, मुझे सिर्फ अपने सेक्स के अनुभव शेयर करना पसंद हैं, इसलिए कहानी लिखता हूँ. एक दिन मैंने उसको इशारा किया कि रात को बारह बजे अपने घर के पीछे आना, तो उसने मना कर दिया. उसके बाद मैंने तेजी से उंगली करनी शुरू की तो सोनू पांच मिनट के अंदर ही झड़ गई.

भाभी बोली- राज सामने देख कर बात तो करो, मैं खा नहीं जाऊंगी तुम्हें. मैंने वापस उसकी चुत में वाइब्रेटर और पैंटी को उसके मुँह में ठूंस दिया. जिस तरह से वह साहिल की तारीफ कर रही थी उससे लग रहा था कि मेरी भान्जी साहिल के लंड की दीवानी हो चुकी है.

तेजी से उसकी चूत में जीभ को अंदर-बाहर करते हुए मैंने उस हसीना को फिर से गर्म कर दिया. फिर मैंने भाभी की काली कच्छी को धीरे से खींच दिया तो भाभी के घने झाटों वाली चूत नंगी हो गई जो गीली सी लग रही थी.

फिर मैंने सुमन से अपने लंड पर चुम्मी करने को कहा और मैं उसके पूरे बदन को चूमने चाटने लगा.

भाभी बोली- ये सूसू किसने की है?मैंने कहा- मैडम ये हम दोनों की प्यास का पानी है.

मेरे मन में चोर था कि कहीं आंटी ने मेरे वीर्य से सनी हुई पेंटी को देख लिया और उनको पता लग गया कि मैंने बाथरूम में आकर कुछ गड़बड़ की है तो पता नहीं क्या होगा. वैसे तो सुबह उठने पर लौड़ा अपने तनाव के चरम बिंदु पर होता है पर कुछ समय बाद सब ठीक हो जाता है. ऊपर भाभी ने मैचिंग कलर का स्लीवलैस ब्लाउज़ पहना हुआ था, जिसमें पीछे की तरफ केवल डोरियां बंधी थीं.

वो बोला- आज बहुत चिकनी चुत है तेरी, बिल्कुल गुलाब की पंखुड़ियों जैसी चमक रही है. उसने संवाहक को बोल कर अपनी सीट बदल ली और मेरी बगल में ही आकर बैठ गई. फिर मैंने उसकी चूत में मुंह दिया तो उसकी चूत से गर्म नमकीन पानी निकल रहा था.

ऋतु बोली- ठीक है अजय सर, अब मेरा काम हो जायेगा न?अजय बोला- हां, लेकिन तुम्हें मुझे खुश करते रहना होगा.

हिरेन को इस बात का अहसास नहीं था कि उसकी बड़ी दीदी उस पर ऐसी नजर रख रही है. मेरे हर धक्के के साथ उसकी तेज स्वर में ;गूं गूं हम्म गूं उम्म्म …’ की आवाज निकल रही थी. फिर भाभी ने कहा- अशोक भी घर में नहीं है, लालू भी सो रहा है और मैं बोर हो रही थी.

अंकल अभी भी उसके ऊपर लेटे हुए थे और उनका सोया हुआ लंड मेरी मां की चूत को छू रहा था. चूंकि सोनम को सेक्स का कोई प्रेक्टिकल ज्ञान नहीं था, तो मैंने सोना बनकर उसे एक दिन बोला- सोनम, मेरे पति बहुत ही दमदार सेक्स करते हैं, पर मैं उनको संतुष्ट नहीं कर पाती हूँ. वो अब दोनों उंगलियों को धीरे धीरे मेरी गांड में अन्दर बाहर करने लगा.

लास्ट एग्जाम होने के बाद मैंने घर में दोस्तों के साथ एक पार्टी भी रख ली.

मैंने भी उसी अंदाज में जवाब दिया, तो बोली- क्या कर रहे है आप?मैं- बस वही. क्या मुझे आप गांड मारने दोगी?मैं भी तो कब से यही चाह रही थी कि ये अब मेरी गांड मार दें.

भाभी देवर की हिंदी बीएफ मैंने अब अपने लंड में वैसलीन लगा ली और थोड़ी वैसलीन उसकी चुत पे लगाकर उसके ऊपर लंड सैट कर दिया. हमारी माँ ने जानबूझ कर बसंती को मामा की प्यास बुझाने में इस्तेमाल किया.

भाभी देवर की हिंदी बीएफ मैं सामने खड़ा होकर उनको निहारने लगा, तो वो शर्मा कर अपने हाथ से चेहरा छुपाने लगीं. तो मैंने उसकी गांड के नीचे तकिया रखकर उसको लिटा दिया और खुद उसके ऊपर आकर चोदने लगा.

पुष्पिका- क्या हुआ भाई? कहां ध्यान है आपका? इतनी देर से मुझे ही देखे जा रहे हो.

ब्लू फिल्म का वीडियो भेजिए

आज जब मैंने तुम्हारी लोअर के ऊपर से तुम्हारे लंड के उभार को देखा था तो मुझे तुम्हारे साइज का अंदाजा हो गया था. मैं अपना एक हाथ उसके बांहों से हटा के उसके मुँह पे लाया और उसके मुँह को दबा दिया. भाभी तो खुद को मुझे सौंप ही चुकी थीं, वे मेरी किसी भी हरकत का विरोध नहीं कर रही थीं.

वो बोली- तो अब तक बोला क्यों नहीं?मैंने बोला- मैं डरता था कि तुम ना न कर दो. मैंने उसकी छाती को नंगी कर दिया और फिर मेरे हाथ उसकी पैंट के हुक की तरफ बढ़े. मैं दरवाजा बंद करके उसके पास गया और प्यार से उसके बालों को उसके कानों के पीछे करते हुए उससे प्यार जताया.

मौसी ने ब्रा को ऊपर खींच दिया और उनके फुटबाल जितने मोटे चूचे उनकी छाती पर दोनों दिशाओं में फैल गये.

मैं उससे अलग हुआ और उसके दोनों हाथों को उसी अवस्था में सर के तरफ ले जाके क्रमशः अपने दोनों हाथों से पकड़ के बेड में दबा दिया. खैर काम निपटाते हुए वो समय भी आ गया, जब मैं और नम्रता दोनों ही एक दूसरे के आमने-सामने हुए. जब मैंने मोबाइल देखा तो उसमें नेट सैटिंग ही बंद थी, जिसे मैंने सही कर दिया और उसके मोबाइल में नेट चालू हो गया.

वह अपने लंड को मेरे मुंह के पास लेकर आ गया और मेरे होंठों के करीब लाकर उसको उछालने लगा. फिर मैंने लंड को चूसने के लिए कहा, वो थोड़ा ना-नुकर करने के बाद लंड चूसने लगी. सभी को मैं दिल से धन्यवाद करती हूं, बस इसी तरह आपका स्नेह और प्यार मिलता रहे.

उससे बात करते-करते मैंने नम्रता से कहा- नम्रता तुम्हें याद है, तुमने मुझे मेरी बर्थ-डे पर एक गिफ्ट दिया था. भाभी ने डार्क ब्लू कलर की साड़ी पहनी थी, जो कि उनकी नाभि के ठीक नीचे बंधी थी.

मैं भी उसके निप्पल पर अपनी जीभ फेरता और होंठों के बीच ले लेता हुआ चूसने लगा. बस इतना कहते ही मैंने टी-शर्ट और पेन्ट निकाल दी और अंडरवियर में आ गया. उसका चेहरा और रंग रूप इतना सुन्दर है कि उसको देखने के बाद हर कोई अपने दिल में उसे उतारना चाहेगा.

क्या मस्त मजा था, क्या आनन्द था, जो बस महसूस किया जा सकता था … बताया नहीं जा सकता था.

मामा बड़े लाड़ से मेरी चादर में घुसा और चुपचाप लेट कर मुझे सिर्फ सहलाता रहा. वैसे मैं अपनी शादीशुदा लाईफ से खुश हूं … पर मेरी सेक्स लाईफ बोरिंग है. भाभी अब मुझे सेक्सी नज़र से देखने लगी थी और कोई ना कोई काम से मुझे घर बुलाने लगी थी.

मैंने अपनी गांड को ऊपर उठा लिया था ताकि उसका लंड मेरी गांड के छेद को पैंटी के ऊपर से छू सके. और उसके बाद से मैंने अपनी बीवी को कभी भी अकेली नहीं रहने दिया।आपको मेरी बीवी की चुदाई की यह सच्ची कहानी कैसी लगी? अपने विचार और सुझाव मुझे कमेंट्स में बता सकते हैं।.

राहुल से भी सीमा की जवानी बर्दाश्त नहीं हो रही थी … उसने सीधे ही उसकी चूत पर धावा बोल दिया और अपना लंड एक ही झटके में सीमा की चूत में घुसेड़ दिया. पिचकारी के बाद पिचकारी मारते हुए उसने सारा वीर्य मेरे गोरे पेट पर फेंक दिया. उसके बावजूद भी अगर कोई गलती मिल जाए तो माफ़ कर देना।अब मैं कहानी पर आता हूँ। मेरी फैमिली में हम 4 लोग हैं। मम्मी-पापा, मैं और एक भाई।चूंकि कहानी मेरे बारे में ही है इसलिए मैं अपने शरीर के बारे में जरा विस्तार से आपको बताना चाहता हूँ.

और भाभी का सेक्सी वीडियो

मैं परवीन के पास बैठ गया और उसके होंठों को मुँह में भरकर किस करने लगा.

उसके सांवले रंग से मुझे कोई दिक्कत नहीं थी, मैं तो बस उसकी बॉडी पे फिदा थी. मैंने बोला- डू यू लाइक इट स्लट ( तुम्हें पसन्द आया मेरी रंडी)उसने हामी में सर हिलाया. आंटी बोली- रोहन क्या हुआ? आज तुम चुपचाप हो!मैं बोला- आंटी कुछ नहीं, बस ऐसे ही कुछ सोच रहा था.

कुछ देर मेरी गांड को चोदने के बाद उसने मेरी गांड में अपना वीर्य छोड़ा तो मुझे काफी गर्म सा लगा. प्लान ये बना कि शाम को 10 बजे ही वो जिम से सबको निकाल देगा और मैं गली में सबकी नजरें बचा कर उसके जिम में आ जाऊंगी. होटल की सेक्सवो बोली- ऐसे क्या देख रहे हो?मैं- कुछ नहीं तुम्हारी खिली हुई चूत को देखकर मेरी जीभ लपलपा रही है.

अब उसने एक हाथ से मेरे टट्टों को भी पकड़ कर टटोल कर देखना शुरू कर दिया था. मैंने उसकी तरफ देखा कि ऐसा कौन सा नया खेल है, जिसके नियम बताना पड़ रहा है.

मैंने उससे मजाक करते हुए कहा कि तो फिर आ जाओ, मुझे मूवी में कम्पनी दे दो. तो लिंग का मुंड अंदर फंस गया और अक्षिता के मुँह से एक हल्की चीख निकली- उइई माँ … मैंने सोचा कि ये काम की देवी तो नाम की तरह ही अक्षत है. जब लंड तुम्हारी गुलाबी चूत में डालूंगा, तब आएगा जिंदगी का असली मजा.

इसके बाद मैं सपना चेहरे की तरफ बढ़ा और अपना लंड सपना के होंठों पर रख दिया. अंकल जी बड़े एहतियात से धीरे धीरे मुझे चोद रहे थे कि कहीं मुझे दर्द न हो; उनका मोटा लण्ड मेरी चूत में घुसता तो लगता कि चूत की मसल्स फैल रहीं है और जब लण्ड बाहर की तरफ निकलता तो लगता कि चूत की मसल्स लण्ड को जकड़ रहीं हैं जैसे उसे बाहर न देना चाहती हों. वो कहते हैं न एक से दो भले!”मैं समझी नहीं?”मेरी रानी… बीवी के साथ उसकी मां फ़्री”मतलब?”मेरी जान जो कुछ कामिनी करती है वही उसकी माँ भी करेगी.

अब मैं उसकी चूचियों पर पूरी पकड़ बना कर उसके चूचियों को मसलने लगा था और वो भी पागल हुए जा रही थी.

भाभी बोली- अकेले अकेले बियर पी रहे हो … हमें कब पिलाओगे?मैंने कहा- आ जाओ … अभी दो और रखी हुई हैं. उस शाम हम लोगों ने बाहर ही खाना खाया और घर को 11 बजे तक घर पर पहुंचे.

मैं घर पर अकेला ही रहता था इसलिए अधिकतर समय मैं आंटी के वहां बिताया करता था क्योंकि गर्मी का टाइम था और घर पर पड़े-पड़े मैं भी बोर हो जाता था. धीरे धीरे बात होने भी लगी और शायद आंटी को हमारी बातें ठीक नहीं लग रही थी. चाय पीते हुए उसी ने बात शुरू कि वो यहां पे एम बी ए करने आयी है और उसका नाम अदिति है.

बेबी ने मेरी टी शर्ट उतारी, फिर लोअर उतार कर मुझे नंगा कर दिया और पास रखी कुर्सी पर बैठकर मेरा लण्ड चूसने लगी. जिस दिन तुम अपनी चूत चोदने देने से मना कर देती हो, तो मैं हस्तमैथुन करता हूं न. कुछ देर मम्मों को मींजने के बाद मैं थोड़ा नीचे होके उनकी नाभि के ऊपर किस करने लगा.

भाभी देवर की हिंदी बीएफ लगभग 11 बजे कॉलबेल बजी, मैंने दरवाजा खोला तो मेरी जानेमन, गुले गुलजार बेबी खड़ी थी. जब वो जाने को उठी तब मुझे उसके पूरी जिस्म का मुयायना करने का अवसर मिला.

हिंदी में बात करते हुए चुदाई वीडियो

फिर वह बोली- मेरी चूत में जलन होने लगी है। यह कॉन्डम निकाल लो अपने मोटे लंड से बाहर। सिम्पल कंडोम लगा लो. अक्षिता मेरे इस प्यार से पागल होती जा रही थी।मैंने अपनी उंगलियों से उसकी फ़ांकों को फैलाया. मेरे लंड का नाप 6 इंच ही है, पर ये इतना मजबूत है कि किसी भी भाभी और लड़की की चीख निकालने के लिए काफी है.

मैंने फोन सेक्स से उसका पानी भी निकाला और मेरे लंड को मुठ मार कर ठंडा किया. अब मैं और वो दोनों बाइक के ऊपर बैठे थे मैंने उसे गले से पकड़ा और लिप किस करने लगा. बीपी सेक्सी फोटोलेकिन अपने चेहरे से ज्यादा चिंता तो मुझे अपने बोर्ड के एक्जाम्स की, अपना स्टेटस बरकरार रखने की थी.

पिछले साल की बनिस्पत वसुन्धरा ने कोई छह-सात किलों वज़न कम कर लिया था लिहाज़ा उसके चेहरे के तमाम नैन-नक्श … ख़ासकर उसकी सुतवां नाक और होंठ ज्यादा कातिल दिख रहे थे.

इसी तरह उनके गुलाबी होंठ भी बोल रहे थे कि चूस लो … मेरा पूरा रस निकाल दो. उसके मुँह से अब सिसकारी निकलने लगी थी और बोल रही थी- और जोर से चोदो मुझे! अपनी रंडी की तरह चोदो! बहुत दिनों बाद इतने लम्बे टाइम तक चोदने वाला मिला है, चोदो!और मैं भी जंगली की तरह चोदने लगा.

मैंने उसकी चूत की फांकों को फैला कर देखा और उसकी लाल चूत में उंगली घुसा दी. न जाने कितने अधिकारियों से मैंने अपनी चूत मरवाई है … आह आह आह!वंश भी नीचे से धक्का लगाने लगा. जब उसने मुझे लंड हिलाते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया तो मैं शर्म के मारे मरा जा रहा था कि अब क्या होगा.

पर जिस वक्त की ये कहानी है, उस वक्त तक मुझे ऐसा मौका कभी मिला ही नहीं था.

वो मेरे सामने को हुई, तो मैंने भी ज्योति के पैरों को पकड़ा और उसके लहंगे को थोड़ा सा उठाकर पायल को निकालने लगा. कुछ देर के बाद उसने मेरे मुंह को चोदते हुए अपने लंड का पानी मेरे मुंह में ही निकाल दिया. अब मुझे वो चाहिए थी चाहे कैसे भी!फिर मैंने उससे फोर्मली बात करनी शुरू की.

प्रेग्नेंट कैसे किया जाता हैभाभी बोली- तू कितनी देर से अंदर है?मैंने कहा- यही कोई एक घंटे से।अब तो भाभी को शक हो गया कि कहीं शायद मैंने उनको नंगी तो नहीं देख लिया हो. हे भगवान! ये मैं क्या देख रहा था? या तो मैं पहले अंधा था या अब हो गया था.

पंजाबी भाभी

उसने ब्लू कलर का पंजाबी सूट पहन रखा था जिसमें वो बहुत ही मस्त माल लग रही थी. जैसे ही मेरी पिचकारी छूटी मैंने अपने दोनों पैर हवा में उठा लिये और अपने पूरे शरीर का वजन बेबी पर डालकर धकाधक चोदने लगा. टीना आंटी- चोद मादरचोद … आह भड़वे … ठोक भैन के लंड … लौड़ा अन्दर तक पेल … आ आह ठोक दे इस चुत में … आह … बना दे इसे भोसड़ा … आह साले और तेज़ ठोक मादरचोद … जोर लगा के ठोक … निकाल दे इस निगोड़ी झुमरी तलैया बुर का रस … निचोड़ के रख दे इसे.

अब तक काफी देर से चुदाई होने के कारण हम दोनों पसीने से भीग गए थे, लेकिन पंखा की हवा से हम दोनों लोग को सेक्स करने में आनन्द आने लगा था. ऐसा कहते हुए जीजा ने अपनी पैंट निकाल दी और फिर अपने तने हुए लौड़े से अंडरवियर हटाकर वह भी उतार फेंकी और जीजा का मस्ता लौड़ा खड़ा हुआ मेरे सामने था. उन्होंने मेरा सिर अपने सीने पे ले लिया और मुझे समझाने लगीं कि देख तू नज़रें गिरा मत.

फिर देखा तो टाइम 9 बजने वाले थे, हम दोनों ही क्लास के लिए लेट हो गए थे. वो साइड में हुआ, फिर मैंने अपने हाथ से मेरे पैर में जो पायल थी, वो निकाल के उसके शॉर्ट के पॉकेट में रख दी. मैं ‘ऊह्ह आआह्हह …’ करते हुए नीचे से चूतड़ों को उछाल उछाल कर ‘हाय अंकल आह …’ कर रही थी.

मैंने कपड़े उतारे और अंडरवियर बनियान में बितर पर सोने को गया तो अम्मी के खर्राटे सुन कर मुझे कुछ अहसास हुआ, मैंने मोबाइल की लाईट चालू करके देखा तो वहां पर मेरी अम्मी सो रही थी. अचानक इसको क्या हो गया कि इसने इतने जोश में खड़ा हुआ लंड मुंह से वापस बाहर निकाल दिया.

इतना कहकर मैं अपने शरीर को अकड़ा रहा था ताकि मैं लंड को माल छोड़ने से रोक सकूं.

उन्होंने पांच मिनट तक लंड मेरे मुँह में ही रखे, फिर बाहर निकाल कर पौंछने लगे. चंपा की चुदाईपहली बार उसके होंठों से होंठों को लगाया था, तो वो भी मुझे खाने को मानो बेकरार थी. चूत को चोदते हुएमैं ऐसे लेटा आराम से मैगजीन पढ़ता रहता, वह भी बहुत मन लगाकर मेरे लंड को चूसता … पूरा-पूरा लंड अपने मुँह में गप से रख लेता. मेरा एक हाथ उसकी चूत को सहलाने में लगा था और ऊपर की तरफ मैं उसके चूचों को चूस रहा था.

वो मेरी गांड के छेद में ढेर सारी क्रीम भर देता और अपनी उंगली को गांड में करने लगता.

बहुत मजा लेने लगी थी मैं उसकी चुदाई का और उससे और तेज चोदने के लिए कह रही थी. वो जोर-जोर से ऊह्ह आह्ह … कर रही थी और बोल रही थी- और जोर से चोदो जान … बहुत मजा आ रहा है! और तेज … और तेज चोदो … और चोदो … आज मुझे अपनी बना लो. अब आगे शुक्रवार का मुझे बेसब्री से इन्तजार था, जब मेरी कमसिन चूत को अंकल का फौलादी लौड़ा फाड़ने वाला था.

इतनी मस्त औरत के बेटे से दोस्ती जो की है उसने।मां बाथरूम की ओर गई और अपनी चूत से अंकल का माल निकालने लगी लेकिन काफी देर हो चुकी थी. जब उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखा तो मैं थोड़ा सा घबरा गया, मैं उसके लंड पर हाथ रख कर ऐसे ही लेटा रहा. पीते हुए मुझे तो नशा सा होने लगा था लेकिन ऋतु और अजय अभी बिल्कुल होश में रहकर बात कर रहे थे.

सेक्सी चुदाई व्हिडिओ

जब मेरा छेद अच्छे से तैयार हो गया तो एक झटके में सुपारे को मेरी गांड में डाल दिया. उसने जाते समय आधा ही गेट बंद किया और वह भी धीरे-धीरे थोड़ा खुल गया. मैंने उन फोटोज को अपने नम्बर पर सैंड कर लिया और जल्दी से उसके मोबाइल से सेंडिंग डिलीट कर दी.

फिर बबीता और उसका पति तीन दिन तक मेरे घर पर ही रहे और हमने रोज ही मजेदार गंदा सेक्स किया.

वो बोली- अरे आप यहां कैसे?मैंने उसे बताया- मैं यहीं जिम में आता हूँ और थोड़ी दूर पे सोसाइटी में किराये पे फ्लैट ले लिया है.

अब तो मैं रोज छत पर जाकर उसे देखने लगा और शायद ये बात उसने भी नोटिस कर ली थी. रूम में घुसते ही मैंने दरवाजा बंद करते हुए उसको कस कर पकड़ लिया और उसको स्मूच करना शुरू कर दिया. मतलब पतलू की जोड़ीयह रूम वाकयी बहुत अच्छा था, पर शायद सुमन भाभी ने अब तक अच्छे होटलों के कमरे कम ही देखे थे, इसलिए उनको ऐसा लगा होगा कि ये हनीमून सुइट है.

मैं अंकल जी के ऊपर सवार हो गयी और उचक कर उनका लण्ड सही जगह पर लगाया और जोर लगा कर बैठने लगी. जब भी मेरी सहेली किसी पार्टी में अकेले जाती थी, तो मैं अपनी सहेली के पति शिशिर से चुदवा लेती हूँ. उन्होंने मुझसे कहा कि आपको मेरे से जो कुछ चाहिये हो, तो बेझिझक बोलो … मैं दे दूंगी.

एक हाथ से मेरे बाल पकड़ लिए और दूसरे हाथ से मेरी गांड पे ज़ोर ज़ोर से मारने लगा. अपने दोनों हाथों को उसके बाजू में रखा और अपना चेहरा उसके चेहरे के ठीक सामने ले आया.

अंकल ने अपने लंड को अम्मी के मम्मों के बीच में रखा और उनके मम्मों की चुदाई करने लगे.

उनका चांदनी जैसा बेदाग़ बदन था, स्वर्ग की अप्सरा जैसी चाची मेरे सामने एकदम नग्न थीं. मैंने काफी देर सोच कर उसे हाँ कह दिया।अब रीना ने एक प्रमुख ऑनलाइन रोजगार साइट पे आवदेन शुरू कर दिए। तभी एक सप्ताह बाद रीना मुझे बताया कि एक प्रमुख प्राइवेट कंपनी ने उसे इंटरव्यू के लिए बुलाया है।मैंने खुश होते हुए कहा- यह तो बहुत अच्छी बात है. इधर मेरा हाथ उसकी जांघों से होता हुआ चूत पर पहुंच गया और मैंने उसके क्लिट को सहलाना शुरू कर दिया.

सेक्सी चूत मारने वाली शायद यह मेरी किस्मत की मेहरबानी थी मुझ पर ऋषभ बाथरूम से नहा कर आया और अपनी तौलिया निकालकर झुककर अपने कपड़े ढूंढने लगा. इसके बाद जब तक मैं जयपुर में रहा मैंने कई बार परवीन को चोदा, अब उसकी शादी होने वाली है.

मेरा ऐसा एक भी अंग नहीं बचा होगा, जिसको मेरे लाड़ले बेटे ने ना चाटा हो. भाभी ने हाथ बढ़ा कर मेरा लंड पकड़ लिया और बोलने लगीं- बस अब अन्दर डाल दो और मत तड़फाओ. उसने गिरते गिरते सोफे के किनारे को पकड़ कर अपने हाथों से खुद को सम्भाला.

भाभी को देवर

लेकिन मैं कुछ कर नहीं पाया, क्योंकि मैं अभी उन्हें किस का जबाव देने लायक स्थिति में नहीं था. सर्दी का मौसम चल रहा था और मैं रोज सुबह अपने घर के पास टहलने के लिए जाया करता था. रात के समय चाची ने खाना बनाया और कोमल ने मुझे और ताऊ जी को खाना खिलाया.

अब कॉफ़ी की जलन तो कम हो गयी थी पर अंदर काम ज्वाला भड़क गयी थी, राहुल के हाथों में रजनी के बड़े बड़े मम्मे थे. मैं और शिशिर हम दोनों लोग जब भी अकेले में मिलते थे, तो एक दूसरे से खुल कर बात करने लगे थे.

वो दिन मेरे खुशी का पहला दिन था … क्योंकि उन्होंने भी मुझे इशारा किया.

मेरे पास मोबाइल नहीं था इसलिए एक पेपर पर मैंने अपना ईमेल पता दे दिया. सच में दोस्तो, एक दोस्त जो कर जाएगा, वो कोई और दुनिया में कभी नहीं करेगा. मुझे पता था कि रात को चुदाई करवाने के बाद मुझे बॉडी मसाज की भी जरूरत पड़ेगी.

अब हम दोनों रोज रात को छत पर मिलते, सबकी नजर बचा कर एक दूसरे को किस करते और फिर सो जाते. आपसे कभी दूर न होती, पता नहीं जब से मैंने आपको देखा है, आपका नशा मुझ पर हो गया है. सास ने बच्चा न होने के उलाहने और छोड़कर दूसरी लाने की धमकी देना शुरू कर दिया था.

ज्योति और मैं पूरे बिस्तर पर राउंड राउंड, एक के ऊपर के घूमते हुए एक दूसरे में समाने की कोशिश कर रहे थे.

भाभी देवर की हिंदी बीएफ: एक दिन मैंने उसको इशारा किया कि रात को बारह बजे अपने घर के पीछे आना, तो उसने मना कर दिया. उसकी खुशी मेरे लिए अहम थी, क्योंकि उसने मुझे वो खुशी दी थी, जो आज तक मेरे शौहर ने नहीं दी थी.

उसे अन्दर बुलाया काम की बातचीत की और पैसों की बात तय करके मैंने उसे काम पे रख लिया. उसकी दोस्त शायद अपनी चूत चुदवाने के चक्कर में थी लेकिन मैं सोनल भाभी की चूत चोदना चाहता था. फिर मैंने दीदी को बेड पर लेटा दिया और उसकी कुर्ती को उतार कर फेंक दिया.

वो भी समझ गयी थी कि मैं ज्यादा चिपक रहा हूँ, पर मुझे कुछ नहीं कह पाई.

टेबिल के कार्नर पर अपनी गांड टिका कर थोड़ा आगे झुकते हुए गांड में पैदा हुई खुजली को मिटा रही थी. मुकुल राय को भी तुरंत आभास होता है और वो एक झटके से अपना पूरा लंड परीशा के हलक से बाहर निकाल देता है। परीशा वही ज़ोर ज़ोर से खांसने लगती है. सीमा भाबी को लेकर मेरे मन में सिवाए उनके मस्त जिस्म को देखने के अलावा कभी कोई बुरे विचार नहीं आए थे क्योंकि हम एक दूसरे से ना के बराबर बात करते थे.