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न्यू पॉर्न एचडी: बीएफ मूवी एक्स एक्स एक्स बीएफ, मैंने भी उसे उत्तर दिया- रमा ने ही मेरा सब कायाकल्प किया है … वरना मैं तो पहले की ही तरह हूँ.

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वो हल्के हल्के से अपने दांत मेरी पीठ पर गड़ाते हुए लिंग को थोड़ा बाहर निकालता और जोर से झटका मार देता. बीएफ हिंदी विडियोमैं इसको खा जाऊंगी … आह्ह् … चोदो मुझे मेरे राजा … आह्हह …दोनों ही मस्ती में सेक्स का मजा लेने लगे.

मैंने अपनी ट्यूशन टीचर के साथ सेक्स करके उन्हें अपने बच्चे की माँ बनाकर औलाद का सुख दिया. एक्स एक्स बताएंचुदाई ही एक ऐसा तरीका है, जिससे उसकी साइज़ बढ़ेगी और वो हॉट लगने लगेगी.

इससे मेरा काम भी चलता रहता और घर की बात घर में ही रहती।ये सब सुनकर मैं बहुत खुश हुआ और उसको चूमने लगा.बीएफ मूवी एक्स एक्स एक्स बीएफ: मैं हँसा और बोला- मैम, सर्विस कब से शुरू करनी है?अंगिका बोली- आज से लेकर शुरू कर दो और पूरे हफ्ते देते रहो.

मैंने ये भी नोटिस किया कि चुदाई के वीडियो देख कर फरजाना के चेहरे पर भी रंग बदल गया था.यह घटना मेरे साथ तब हुई थी, जब मेरी बड़ी बहन की सहेली ने मुझे नंगा करके मेरे साथ सेक्स किया था.

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वो लंड देख कर डर गई और बोली- ये कितना बड़ा है … मैंने तो पहले कभी नहीं देखा.थोड़ी ही देर में उसके दोनों निप्पल कड़े हो गए … और उसकी चूचियां टाइट हो गईं.

कमलनाथ- आ जाओ अब तुम्हें बताता हूं कि शादी के बाद लड़का लड़की क्या करते हैं. बीएफ मूवी एक्स एक्स एक्स बीएफ मुझे यकीन है कि जो आदमी अभी काव्या की जगह अपनी बीवी के साथ ऐसा होते हुए सोच रहा होगा, उसके लंड का हाल भी बहुत बुरा हो गया होगा … हैं ना दोस्तों …अब मैंने काव्या की चुचियों पर एक थप्पड़ मारा … वो दर्द से तड़प गयी.

मैंने बोला- अच्छा वो कैसे?अम्मा ने कहा- वो जब हमारे ससुर जी थे, तब उनसे सेक्स करती थीं.

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इस बार वो मान गई और फिर मैं अपने तरीके से अपनी साड़ी पहन कर घरेलू और संस्कारी महिला की तरह तैयार हो गई. उसने फिर बोला- पूछ लेना मुझे बेहतर लगा … क्योंकि काफी समय के बाद मिली हो न … और क्या पता औरतें ये धारणा भी रखती हैं कि दूध सिर्फ उनके बच्चे पीते हैं. मैंने स्वीटी के हाथ को पकड़ लिया और उसका हाथ अपने लंड पर रखवा लिया.

उन चारों ने फिर से मदिरा पीनी शुरू की और अपनी अपनी पत्नियों के अगले दिन आने की बात कही. उनकी तरफ से कोई विरोध न देख कर मैंने दीदी की ब्रा भी खोल दी और उनके दो परिंदों को आज़ाद कर दिया. थोड़ी ही देर में वो ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’ करती हुई स्खलित हो गई.

उन दोनों के लंड एकदम से तन कर भाभी के जिस्म में जैसे घुसने को बेताब लग रहे थे. फिर वो उठी और उसने मुझे पकड़ कर अपने ऊपर गिरा लिया और ताबड़तोड़ मेरे होंठों और गालों और गर्दन पर चुम्मियों की बरसात कर दी. साथ ही मैंने अपनी जीभ को उसके मुँह में डाल कर उसकी जीभ को चूसा, तो उसने अपनी जीभ को भी मेरे मुँह में डाल दिया.

तो वो बोली- मैं पहले से ही प्रेगनेंट हूँ, बस अभी एक महीना ही हुआ है. जीत की खुशी में मैंने उसे किस करते हुए बोल दिया- डार्लिंग, थोड़ा और खेलने दो ना!मुझे डर इसलिए नहीं लग रहा था कि मैं सनी को हमेशा से प्यार करती थी और अभी मैं नशे में भी थी, जिससे कोई शक नहीं कर सकता था कि इनके बीच कुछ चल रहा है.

फिर मैंने फिल्मों के गानों में दिख रही हिरोइन के चूचों को देख कर ही अपने लंड को हिलाना शुरू कर दिया.

शाम को उन चारों में से एक ने बताया कि मैं आपको प्रश्न और उत्तर दे दूंगा.

एक और बात मैं आपको बता देना चाहती हूं कि जब भी बिंदास ग्रुप की कोई भी कहानी यहां पर पोस्ट होगी तो वह हर बार किसी न किसी नई लड़की की होगी. जी हां, परिवार के मर्द ही उनको चोदते हैं, ये खुलासा आपको कहानी के अंत में हो जाएगा. दोस्तो, मैं एक फिटनेस ट्रेनर हूं और देश विदेश घूमते हुए अपना बिजनेस करता हूं.

मेरी पैंटी को निकालने के बाद मेरे भाई ने मेरी चूत को अपने हाथ रगड़ना शुरू कर दिया. तो मैं उनकी पीठ पर साबुन लगाने लगा।शायद बुआ को मेरा मोटा लंड याद आ रहा था और शायद उनका मुझसे चुदाई का मन बन रहा था जिसके लिए वो मुझे उत्तेजित कर रही थी।क्या मुलायम बदन था बुआ का … जी कर रहा था कि उसी वक़्त उनको चोद दूँ. मैंने कई बार आपको आवाज लगाई लेकिन आप शायद बाथरूम में होने की वजह से मेरी आवाज को सुन नहीं पाई.

पहले मैंने उसकी ब्रा का हुक खोलकर उसके निप्पलों को अपने होंठों में दबा लिया और मम्मे मसलते हुए निप्पल चूसने लगा.

उस डर के साये में लंड का खड़ा हो पाना भी एक बड़ी मुश्किल बात होती है. रवि हांफने और गुर्राने लगा और 5-6 जोर जोर के धक्के मार कर पूरा वीर्य का पुंज मेरी योनि के भीतर खाली कर दिया और सुस्त होकर मेरे ऊपर लेट गया. अंदर जाते ही भाभी ने बल्लू की शर्ट और पैंट उतरवा दी और फिर सोफे पर उसको बिठा दिया.

उसे दर्द भी हो रहा था मगर वो आवाज नहीं कर सकती थी क्योंकि बच्चों के उठ जाने का डर था. वो बोली- भैया रहने दो ना प्लीज़।मैं कहाँ रुकने वाला था, आगे बढ़ते हुए मैंने अपनी जीभ उसकी चूत के दाने पे लगा दी।इतना कुछ वो बर्दाश्त नहीं कर पाई और मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी। जबकि उसने पहले ऐसा कभी नहीं किया था। वो पास में खड़ी होकर मेरा लंड चूस रही थी जबकि मैं लेटे-2 उसकी चूत को चाट रहा था।काफी देर तक हम दोनों इसी हालत में एक दूसरे के साथ मजे लेते रहे. मैं खाना खाने के बाद अपने कमरे में गया और अन्तर्वासना साईट खोल कर भाई बहन की सेक्स स्टोरी पढ़ने लगा.

अगले दिन संडे था और हमारे पड़ोस में हमारे घर पर ही टीवी था और संडे को फ़िल्म भी आती थी। अगले दिन वो हमारे घर पर टीवी देखने के लिये करीब 11 बजे मेरे घर आ गई। मेरे घर वाले टीवी नहीं देखते थे तो माँ और पापा दूसरे कमरे में सो गए थे।चूंकि राजस्थान में गर्मी बहुत पड़ती है तो मेरे घरवाले शाम के तीन बजे के बाद ही सोकर उठते थे.

मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सारी कहानियां पढ़ी हैं जिसमें लिखने वालों ने सेक्स की परिभाषा ही बदल दी तो मैंने सोचा कि मैं भी अपनी कहानी लिखता हूं और इसी वजह से मैं आपके साथ मेरी आप बीती साझा कर रहा हूं. इसी तरह मैं एक दिन दो बजे पहुंची तो कोई पेशेंट नहीं था, उनका सहायक भी नहीं था.

बीएफ मूवी एक्स एक्स एक्स बीएफ मैंने पूछा कि कहीं पर जा रहे हो क्या आप?भाभी ने बताया कि उसके सास-ससुर पांच दिन के लिए बाहर जा रहे हैं. मैंने खेलना चालू किया, जिससे में खेलते खेलते दो हजार से बीस हजार तक पहुंच गई.

बीएफ मूवी एक्स एक्स एक्स बीएफ वहीं निर्मला रवि के ऊपर उछल उछल कर तेजी में धक्के दे रही थी और ऐसा लग रहा था कि वो झड़ने वाली है. फिर धीरे-धीरे हम दोनों की सांसें एक दूसरे से टकराने लगीं और मैंने ही पहल करते हुए उसके सिर के पीछे से हाथ ले जाकर उसके कंधों पर रख लिया.

वो बोली- मेरी एक प्रॉब्लम है कि मैं जिम नहीं आ सकती … क्योंकि मेरे घर पर मेरा एक साल का छोटा सा बेबी है … मुझे उसकी देखभाल करनी होती है.

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आगे से अमन ने मेरी बीवी का मुँह पकड़ा हुआ था और वो श्रुति के मुँह में लंड पेलने में लगा था. वो जब श्रुति का मुँह पकड़ कर लंड अन्दर बाहर करने में लगा था, तब मेरी बीवी फड़फड़ा रही थी. शायद ये बात मेम को पता चल गई थी कि मैं उनके चुचे देखता रहता हूं, इसलिये अब मेम का ज्यादा ध्यान मेरे तरफ ही रहता था और वो बार बार साड़ी का पल्लू संवारने लगती थीं.

किसी तरह बहुत विनती करने के बाद वो मुझे छोड़ा और बगल में लेट गया और मुझे अपनी ओर खींच कर सीने से लगा लिया. गेम खेलते खेलते कभी कभी मैं उसकी जांघ पर अपना हाथ रख देता … तो वो मुझसे और भी सट जाती. मैं तो वहीं पास में ही खडा़ हुआ था, मैंने मां से कहा- मां, आपने दरवाजा बंद किया हुआ है.

माफ करना दोस्तो, मैंने अपनी मॉम का नाम नहीं बताया, मेरी मॉम का नाम नीलम है.

तभी अमन बोला- अभी कहां फाडूंगा … अभी तो हर रोज़ तुझे हम दोनों से चुदना है रंडी साली. लेकिन जिस वक्त की बात मैं आपको बता रहा हूं उस वक्त सेक्स को लेकर बहुत ही कम बातें होती थीं. उस दिन तो उनके दूध इतने बड़े लग रहे थे, जैसे मानो वो बाथरूम में खुद अपने दूध चूस कर बाहर आई हों.

9 बजे आंखें खुलीं जब रूम सर्विस वाले की कॉल आई- सर नाश्ता तैयार है. सबकी कामुक अवस्था देख मेरी उत्तेजना जरा भी कम नहीं हो रही थी, जबकि मैं फिलहाल अकेली थी. फिर तो आंटी को अक्सर आते जाते देखता तो आंटी मुझसे धीरे-धीरे मेरे बारे में जानने की कोशिश करने लगी थी जैसे- मैं कौन से फ्लोर पर रहता हूं.

मैंने दस मिनट तक मामी की चुदाई की और फिर मैं दूसरी बार मामी की चूत में झड़ गया. वैसे भी आजकल अधिकतर सीजेरियन विधि द्वारा ही बच्चे का जन्म होता है तो कम से कम तीन महीने तो टांकों पर कोई जोर नहीं पड़ना चाहिए.

उसको भी मेरा इस तरह से अपनी चूचियों को मसलवाना जम रहा था और वो खुद भी मुझे कंधे पर हाथ रख कर अपने आपको मुझसे चिपकाए दे रही थी. दूसरी तरफ रमा, कांतिलाल और राजशेखर काम वासना की आग में जलते दिख रहे थे. मुझे नहीं पता था कि ये सब करना भी होता है या नहीं, मगर जो भी हो रहा था अपने आप ही होता चला जा रहा था.

चूंकि पढ़ाई पूरी होने के बाद मुझे कोई अच्छी नौकरी नहीं मिली थी तो मैं अपनी बुआ की बेटी के पास गुवाहाटी चला गया था.

सुहागरात का दृश्य खत्म हो चुका था और कविता कांतिलाल एक दूसरे से अलग होकर सुस्त अवस्था में बिस्तर से उठ सोफे पर आ गए थे. सामने बिस्तर पर सुहागरात का खेल जारी था और अपने अगले पड़ाव को पार कर चरमसुख की ओर अग्रसर था. मैं समझ गया कि अपूर्वा अब पूरी गर्म हो चुकी है, उसे चूत का मजा लेने का मन हो गया है.

फिर उसने मेरी जीन्स की चेन खोल ली और मेरी जीन्स के अंदर हाथ डाल कर मेरे अंडरवियर के ऊपर से ही मेरे लंड को हाथ में भर लिया. अगर घर पर कोई मेहमान आता था तो वह मेरे रूम में ही रुकता था क्योंकि दूसरा रूम तो मां और पापा के लिए था.

तो वो हंस कर बोली- लेकर आ यहां पर, एक महीने में उसका सब कुछ बढ़ जाएगा … यहां पर उसकी चुदाई की चुदाई … पैसे की भी कमाई होगी, दोनों फायदे हैं. अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी पसंद करने वाले मेरे प्यारे दोस्तो, मैं एक कहानी लेकर आया हूँ. वापस जाते वक़्त किरण ने मुझे ज़ोरदार लिप किस दी, मुझे अपनी गोरी बांहों में लेकर हग किया तो जाते-जाते मैंने भी उसके एक चूचे को चूमा और फिर उसको बाय कहा.

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बस उसके मुस्कुराने पर ही मैंने अपना अगला तीर चला दिया- फरजाना, अगर तुम चाहो तो ये खड़ा लंड तुम्हारा भी हो सकता है.

पर अब उनके कई सारे देसी और विदेशी मित्र हैं, जो इस तरह की जीवन शैली पसंद करते हैं. मगर ऐसा कुछ हो न पाया। फिर मेरी पढ़ाई वहां से खत्म हो गई और मैं अपने घर आ गया. मैंने एकदम से उनको पकड़ कर चारपाई पर डाल लिया और उनको चूमने लगा।वो भी मेरा साथ दे रही थी.

कुल 7 दिनों के एग्जाम थे और परीक्षा केंद्र घर से दूर होने के कारण हम लोगों ने वहीं एक रूम किराये पर ले लिया था. इस तरह से वीर्य निकलने का मजा मैंने जिन्दगी में पहली बार ही चखा था. सेक्सी पिक्चर बीएफ हिंदी सेक्सीतभी राजशेखर बोल पड़ा- क्या यही सारिका है तुम्हारी सहेली?रमा ने हंसते हुए जवाब दिया- जी हां चौंक गए न … मेरी इस तरकीब से सब … यही है वो सहेली, जिसका आप सब बेसब्री से इन्तजार कर रहे थे.

मैंने उसे पहले ही फोन से बता दिया था कि मैं अपने घर पर ये सब कहने वाली हूँ. जिस लड़के की बात मैं यहां पर कर रहा हूं उसकी उम्र 25 साल के करीब थी, वो जॉब करता था.

अब मुझे आनन्द आने लगा था और मैं उसे कभी पकड़ कर, कभी अपने चूतड़ उठा कर मजे आने के संकेत देने लगी थी. दोनों अब एक दूसरे को पूरी ताकत के साथ पकड़ कर लंबी लंबी सांस ले रहे थे. उनका ये जवाब पढ़ कर मैं समझ गई कि मेरी पहली चुदाई का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मैं अंकल के लंड के बारे में सोचने लगी थी क्योंकि मैंने अभी तक किसी भी मर्द के लंड के दर्शन अपनी आंखों के सामने नहीं किये थे.

उसकी गुलाबी पैंटी को नीचे खींच कर उसकी चूत को नंगी कर दिया और उस पर हाथ फिराने लगा. फिर मैंने उसकी पजामी के ऊपर से ही उसकी बुर पर हाथ फिराना शुरू कर दिया. फिर मैंने मौसी के टी शर्ट को निकाल दिया और मौसी ने ब्रा भी नहीं पहनी हुई थी.

संभोग न केवल शारीरिक संतुष्टि के मार्ग था … बल्कि मानसिक तनाव से भी दूर करने का साधन था.

जीजा जी उस दिन जा चुके थे और जब मैं घर पहुंचा तो दीदी सोफे पर बैठी हुई थी. अब हम दोनों ही खुश थे मानो हम लोगो की दुनिया ही बदल चुकी थी।दोस्तो, उम्मीद है कि मेरी ये कहानी आपको ज़रूर पसंद आएगी.

मैंने उसके गले में हाथ डाल कर थोड़ी और गहराई में जाने लायक धक्के देने शुरू किए, तो वो अपने होंठों को होंठों से भींचता हुआ मुझे चूमने को लपक पड़ा. मैंने भाबी को चूमते हुए धीरे से कहा- आपने मुझे आज वो प्यार दिया है जो मुझे पहले कभी नहीं मिला. शायद वो झड़ने के क्रम में खुद पर संतुलन न रख पाती होगी, पर करीब 4-5 बार ऐसा हुआ था.

उसके मन में पता नहीं क्या चल रहा था लेकिन मेरे मन में उसकी चुदाई के ख्याल आ रहे थे. सुनो जब कोई लड़का अपना लंड लड़की की चुत में डालके अन्दर बाहर करता है. हॉट वाइफ स्टोरी में पढ़ें कि मेरी सेक्सी बीवी का गोरा रंग, मटकती गांड, तने बोबे देख सबके लंड अकड़ जाते हैं.

बीएफ मूवी एक्स एक्स एक्स बीएफ उसने मेरी बांयी टांग को घुटने के नीचे से हाथ डाल उठा कर ऊपर कर दिया, इससे मेरी टांग मेरे सीने तक उठ गई. मैंने प्रिया का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखवा दिया तो वो मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी.

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उस एक ठोकर के बाद कांतिलाल ने अपने चूतड़ों को आगे पीछे करना शुरू कर दिए. [emailprotected]गोवा टूर में ग्रुप सेक्स का मजा- 2गोवा सेक्स की कहानी का अगला भाग:. उनकी गांड को देख कर तो न जाने कितनों का लंड तो उनकी पैंट में ही पानी निकल जाता होगा.

जब तक मेरे पति घर नहीं आये मैं विकास के लंड से चूत और गांड की चुदाई करवाती रही. किचन में, बैठक में, स्टोर रूम में जहां भी मन किया उसकी चूत का कुआं खोद डाला. बीएफ पोर्नमैं धीरे धीरे उसका राइट बोबा चूसते हुए उसके पेट की तरफ बढ़ा, जहां उसकी छोटी सी प्यारी नाभि उसकी सांसों के साथ थिरक रही थी.

मैंने बोला- तुझे पता भी है कि एक माशूका ओर आशिक के बीच क्या होता है?वो बोली- कुछ भी होता है … लेकिन लास्ट में तो चुदाई ही होती है.

थोड़ी देर में मैंने उसे तेज़ी से चूसना शुरू कर दिया और हाथ से भी तेजी से हिलाना शुरू कर दिया. फिर उस मुन्ना नाम के लड़के ने अपने दोनों हाथ अंतरा के चूतड़ों के नीचे ले जा कर उनको तकिया जैसा सहारा दे दिया और ज़ोर ज़ोर उसकी चुत का बाजा बजाना शुरू कर दिया.

उसके कंधों को भी दांतों से हल्के हल्के काटा और धीरे धीरे किस करते हुए उसकी कमर तक पहुंच गया. लौंडिया हंसी तो फंसी, मेरे दिमाग में तुरंत ये कहावत गूँज गई और मैं समझ गया कि अपूर्वा भाभी भी चुदने को मचल रही हैं. तभी कांतिलाल ने तेज़ी से कविता को उठाया और बिना लिंग बाहर किए खुद पीठ के बल गिर गया.

उसने आगे बताया कि क्या पता वो आदमी कैसा हो … सीधा संभोग करने चाहे और हो सकता है, कंडोम भी न लगाए.

सोने के कारण गाउन तो मैं पहले ही निकाल चुकी थी, जिसकी वजह से मेरे स्तनों का अधिकांश हिस्सा दिख रहा था. रवि भी पिछले बीस मिनट से एक ही आसान में संभोग करते हुए थकने लगा था. मेरा मन कर रहा था कि मैं वहीं पर उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दूं.

मुंबई की चुदाई दिखाओमैं जब भी उसको छूने की कोशिश करता तो ऐसे बर्ताव करता था कि वह सब मैंने जानबूझ कर नहीं किया है और गलती से ही उसको टच हो गया है. मैंने मैडम को जांघें चौड़ी करने को कहा, उन्होंने अपने पैर दायें बायें फैला कर अपनी जांघें खोल दी और मेरे लंड का निशाना अपनी चूत के छेद में सेट कर लिया.

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बीवी की अदला बदली की अन्तर्वासना कहानी पढ़ कर मैंने अपने पति से पूछा कि अगर उन्हें किसी दूसरी लड़की को चोदने का मौक़ा मिले तो मेरे सामने चोद देंगे उसे?मेरा नाम आकांक्षा जैन है, नाम बदला हुआ है मेरी उम्र 27 साल है. बिस्तर तैयार हो गया था और कविता और कांतिलाल भी तैयार होकर बिस्तर पर आ गए थे. मुझे भी शर्म आ रही थी कि मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था और दरवाजा नॉक करके आना चाहिए था.

छठी मंजिल आने के बाद आंटी ने मुझसे हेल्प करने के लिए कहा तो मैंने उनको हां कहा और दो बैग उठा लिये. मैं 32 साल का हूं और अपने व्यापार में कुछ ज्यादा ही व्यस्त रहता हूं. मेरी शादी के 4 साल बाद भी आज भी ऐसा लगता है, जैसे अभी भी हमारी नई नई शादी हुई है.

रिश्तों में चुदाई की गर्म कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरी अम्मा ने मुझसे ओरल सेक्स का मांग की तो मैंने किया. मुझे भाभियों और आंटियों की चूत भी मिल जाया करेगी और इस तरह से मेरी चुदाई की इच्छा पूरी होने के साथ ही मेरी कुछ कमाई भी हो जाया करेगी. पहले जो मुझे दीदी लगती थीं … वो अब चोदने के लिए एक माल लगने लगी थीं.

अब मैंने अपने कपड़े भी उतार फेंके और पूरा नंगा होकर उसकी टांगों को चौड़ी कर लिया. कभी योनि में नमी न होने की वजह से … या कभी मन न होने की वजह से … तो कभी गलत तरीके या अत्यधिक ताकत के धक्के से.

उसने फिर बोला- पूछ लेना मुझे बेहतर लगा … क्योंकि काफी समय के बाद मिली हो न … और क्या पता औरतें ये धारणा भी रखती हैं कि दूध सिर्फ उनके बच्चे पीते हैं.

कोई पंद्रह मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैंने उसकी चूत में ही अपना सारा वीर्य छोड़ दिया. जंगल की चुदाई हिंदीउन्होंने मुझे यह करता देख कर पीछे धक्का दिया और कहा- मैं तेरी मॉम हूं. बीएफ ब्लू फिल्म दिखाओअंतरा के एग्जाम चल रहे थे तो उसे परीक्षा दिलवाने लेकर मुझे जाना था. मैं सोचने लगा कि कुछ गलती तो नहीं हो गयी मुझसे?फिर उस दिन शाम को मेरे घर वाले भी लौट आये.

पर जाते हुए समय मैंने देखा कि कांतिलाल और राजशेखर के चेहरे पर वासना की भूख थी.

मेरी बात सुन राजशेखर राजेश्वरी के ऊपर से उठ गया और बिना समय गंवाए हम दोनों संभोग की अवस्था में आ गए. मैंने भी उसे देखते हुए हाथ में थूक लगा कर अपनी योनि के मुख पर मल लिया और चुदाई के लिए तैयार हो गई. किस करते करते कब सोनू ने अपनी टीशर्ट निकाल दी मुझे पता भी नहीं चला.

अम्मा ने कहा- हां बेटा सब दिखाऊंगी … लेकिन कल … अब तू रुकना मत और मेरी जम के गांड मार … मैं काफी टाईम से सेक्स की प्यासी हूँ. इसी बीच मैंने जानबूझ कर अपना मोबाइल नीचे गिरा दिया और उसे उठाने के लिए जब मैं नीचे झुका, तो मैंने टेबल के नीचे से ही काव्या की साड़ी हल्की ऊपर करके उसकी टांगों को हौले से चाट दिया. वो भीतर से 5 प्लास्टिक के छोटे छोटे गमले लाया, जिनमें रेत भरी हुई थी.

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मुझे उसकी साँसों में एक अलग सी खुश्बू आने लगी थी, जो मेरी कामोत्तेजना को और बढ़ा रही थी. फिर जब वो उल्टी लेट कर उठ कर करने वाली एक्सरसाइज करने लगी और उल्टा लेट गई. डॉक्टर से अनुमति लेने के बाद भी जब स्त्री खुद मानसिक रूप से तैयार हो तो ही सेक्स करना चाहिए.

फिर मैंने ऑनलाइन सेक्स चैट करनी शुरू की, जिसमें एक लड़की से मेरी चैट शुरू हुई.

मैं तब तक योनि उठाने का प्रयास करती रही, जब तक मैं पूरी तरह से झड़ न गई और मेरी योनि तथा शरीर की नसें ढीली न पड़ने लगीं.

कभी मैं कहती कि आज वह ऐसी लग रही थी, आज उसने ब्लैक कलर की ड्रेस पहन रखी थी, तो उसमें वो बड़ी हॉट लग रही थी. मैं एक पल चिहुंक उठी और पूरी ताकत से राजशेखर को पकड़ कर अपने चूतड़ों को उठाते हुए योनि एकदम ऊपर करके बोल पड़ी- आईईई. ओपन सेक्स बीएफ व्हिडिओआपको मेरी यह कामवाली जवान लड़की की कहानी कैसी लगी, इस पर अपने विचार और प्रतिक्रयाएं मैसेज व मेल के जरिये मुझ तक पहुंचाना न भूलें.

रमा ने मुझसे कहा कि मैं यहां की खास मेहमान हूँ … इसलिए मैं ही केक काटूँ. उसकी गर्म गर्म सांसें और उसके बदन का स्पर्श, मेरे लंड पर सहलाना और मेरा हाथ अपने हाथ लेकर अपने बूब्स के बीच में रखना!लेकिन मैं चुपचाप सो गया क्योंकि मुझे अंदर से कमज़ोरी लग रही थी।खैर अगली सुबह जब मैं सो रहा था तब वो नहा कर आई. जब लिफ्ट बंद होने लगी तो आंटी ने मुझसे पूछा- ऊपर जा रहे हो या नीचे?एकदम से उनके सवाल करने पर मैं कुछ जवाब न दे सका और मैंने कहा- अम्म … मैं … ऊपर जा रहा हूं.

थोड़ी देर में मम्मी झड़ गईं और शांत हो गईं … लेकिन मेरा अभी भी पानी नहीं निकला था. काजल दिखने में एकदम आलिया भट्ट जैसी थी, जिस पर कोई भी जवान लड़का अपनी जान लुटा दे.

वो समझ गई- हां … उस समय मैं समझ नहीं पाई थी और शायद तुमने भी मुझे डरने से रोकने के लिए टॉपिक बदल दिया था.

इसी वजह से मैं थोड़ा सतर्क होकर उसके लिंग को चूस रही थी ताकि कहीं अगर वो वीर्य छोड़े, तो मेरे मुँह में न चला जाए. फिर मैंने जबरदस्ती उसके हाथ को अपने लंड पर रखवा लिया और उसके हाथ को अपने लंड पर रगड़ने लगा. शोभा को इस हालत में देख कर मेरा तो लन्ड खड़ा हो चुका था, ये युक्ता ने भी महसूस कर लिया था.

बिहारी में ब्लू फिल्म मैंने फिर अपनी जीभ को मौसी की चूत से निकाल लिया और मौसी से कहा कि जैसे मैंने चूत में किया है आप भी मेरे लंड को चूस लो. मेरे तने हुए लंड की छुअन से भाभी की हल्की सी आह्ह निकली लेकिन भाभी ने खुद को रोका हुआ था.

मौसी के चूचों का साइज ज्यादा बड़ा तो नहीं था लेकिन उसके चूचे देखने में संतरे के आकार के लगते थे. वो बार-बार मेरी गांड को अपने हाथों के सहारे से अपनी चूत की तरफ धकेल रही थी. अगर कहानी में कोई गलती हो जाये तो मैं आप लोगों से पहले ही माफी चाहता हूं.

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इतना आनन्द आने वाला है, अगर ये पहले से पता होता तो शायद मैं कान्तिलाल को पिछली रात खुद को रौंदने न देती और शायद ये मजा और कई गुणा बढ़ गया होता. मेरे साले मेरे से रिश्ते में बड़े हैं, मेरी जब शादी हुई थी, तो मेरे साले टेलीकॉम सेक्टर में जॉब करते थे. कांतिलाल ने पहले ही संकेत दे दिया था कि वो शायद ही मुझे आज रात सोने देगा.

दूसरी बार में अंतरा बिना कपड़ों के थी क्योंकि हमें अब किसी का डर नहीं था. तभी खेलते खेलते अचानक प्रीति का फ्रॉक अपने आप उठ गया या पता नहीं उसने जानबूझ कर उठा दिया था, ये सिर्फ उसे ही पता था.

पर मैं नहीं गया क्योंकि बुआ के साथ एक जने का रहना जरूरी था। मैंने कहा कि मैं बुआ के पास रुक जाता हूँ तो सब लोग मुझे और बुआ को घर में छोड़ कर लखनऊ चले गए.

वो बोली- तुम इतना डरते क्यों हो? वैसे भी तुम्हारी उम्र में ये सब वीडियो, पॉर्न देखना तो सामान्य सी बात है. थोड़ी देर में मैंने उसे तेज़ी से चूसना शुरू कर दिया और हाथ से भी तेजी से हिलाना शुरू कर दिया. मैंने उसके बाद आंटी की सलवार भी निकाल दी और आंटी की जांघों को चाटने लगा.

आप ऐसा भी समझ लें कि वो सब शायद इसीलिये उस मूवी को देखने आये थे ताकि मूवी के बहाने बस मजे ले सकें. उस ड्रेस में वो क्या कयामत लग रही थी कि क्या बताऊं दोस्तो!उस समय मेरे घर पर कोई नहीं था और आंटी ने मेरे को फोन लगाने के लिए बोला. फिर उसे ऊपर उठाने में मदद करने के लिए वो जब ऊपर को आती, तो मेरे लंड पर अपने चूतड़ थोड़ा कुछ ज्यादा दबा देती.

मगर उसकी इज़्ज़त का ख्याल आते ही मन बदल गया और सोचा चलो थोड़ा इंतज़ार और सही.

बीएफ मूवी एक्स एक्स एक्स बीएफ: मुझे मजा आ रहा था; मैं चाह रहा था कि वह मेरा अंडरवीयर नीचे कर मेरी गांड में पेल दे. दो साल तक वो मेरी हर तरह से चुदाई करते रहे। दो साल के बाद उनका ट्रांसफर हो गया और हम दोनों का रिश्ता भी वहीं समाप्त हो गया। मगर मेरी चुदाई का सिलसिला अभी थमा नहीं था.

तो इस चुदाई कहानी में पढ़ें कि कैसे चोदा मैंने उस गर्म माल को!नमस्कार दोस्तो … इस चुदाई कहानी के पहले भागफेसबुक फ्रेंड ने अपनी बीवी की चुदाई करवायी-1में आपने पढ़ा और मुझे बहुत सारा प्यार भी दिया. इस खेल का मूल मंत्र यही था कि अलग अलग उम्र स्थिति और रिश्तों में लोग अलग अलग अंदाज में संभोग करते हैं. मैंने उसके होंठों को चूसते हुए एक जोर का झटका मारा, तो लंड के आगे का हिस्सा उसकी चूत में घुस गया और काजल चीख पड़ी- उम्म्ह … अहह … हय … ओह …उसकी आंखों में आंसू आ गए.

दोनों ने करीब दो-दो पैग लिए, लास्ट पैग लेते हुए मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

मुझे यकीन है कि आप लोगों को भी असलियत में ऐसी गंदी गंदी बात करके सेक्स करने में बहुत मज़ा आता होगा. अपनी मर्दानी ताकत का प्रयोग करते हुए उसने मुझे भी मेरी टांगें पकड़ खींचा और बिस्तर से नीचे उतार दिया. मेरी रफ्तार इतनी तेज थी कि अगर बीच में कुछ रख दिया जाए तो वह भी टूट सकता था.