बीएफ अंग्रेज वाला

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इंग्लिश सेक्सी एप्स: बीएफ अंग्रेज वाला, आज जी भर के चुदवाऊंगी इस लंड से…चाचा का मोटा लंड किसी बैंगन के समान था.

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उन्होंने मुझे बुलाया और पूछा- आप अभी फ्री हो?मैंने कहा- जी बिलकुल फ्री हूँ. सेक्सी वीडियो म्प३मैंने उसकी पैंटी को उतारना शुरू किया तो उसने भी सहयोग करते हुए अपने कूल्हे ऊपर की ओर उठा दिए.

अब तक मेरा लंड भी एकदम तन कर रॉड बन गया था, जो अंडरवियर में जकड़ा हुआ था. हिमाचल प्रदेश सेक्सधीरज ने उसी समय अपना लंड निकाल कर मेरी चूत में डाला और मुझे जितनी भी जोर से चोद सकता था चोदा और बोला- कोमल, अब पिछली कसर पूरी निकालनी पड़ेगी.

तारा बिस्तर पर गिरते गिरते पूरी तरह से झड़ गयी, पर माइक हार मानने वाला नहीं था.बीएफ अंग्रेज वाला: चाची अपने मोटे चूतड़ उछाले जा रही थीं और मैं चुची चूसते हुए चाची की चूत में लंड पेल रहा था.

मैंने कहा- हां, कुछ मैंने रख लिये हैं ताकि तुम किसी को ये ना बता पाओ कि इस बारे में मुझे पता था.एक ने अपना लंड भी चुसवाया लेकिन किसी ने भी मेरी बुर नहीं चाटी। बस उंगलियों से सहला कर गर्म कर लिया.

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फिर हमारी रोज बातें होने लगीं और मैं उसे रोज धीरे धीरे गर्म करने लगा.आज 68 साल में जिंदगी में पहली बार अनटच जैसी कम उम्र की लड़की को चोदने वाला हूं.

दोस्ती तो थी लेकिन पूरी तरह पवित्र, किसी भी प्रकार का सेक्सुअल आकर्षण या शारीरिक संबंध कभी भी किसी के साथ नहीं रहा. बीएफ अंग्रेज वाला मेरा हाथ अभी भी उसकी जांघ पर रखा हुआ था जिसे हटाने का उसने कोई प्रयास नहीं किया.

वहीं पर मैंने उनके कुर्ते को उतार दिया, फिर एक दूसरे को चूमते हुए बेडरूम में जा पहुंचे.

बीएफ अंग्रेज वाला?

ये कहानी वहीं से शुरू होती है … जहां सेमाइक, मुनीर और शालिनी की कहानीखत्म हुई थी. यह बात उन दिनों की है, जब मैं 19 साल का हो चुका था, मेरा कलर फेयर और बॉडी स्लिम थी और आज भी है. बेदाग़ हुस्न की मलिका निकली कम्मो रानी; उसके चिकने बदन पर मुझे एक भी तिल या और कोई दाग नज़र नहीं आया, खूब भरा भरा सा पुष्ट बदन था उसका.

मैंने जरा पर्दा हटाया तो देखा कि वो दोनों आगे बैठे थे, उसमें लड़की भी ऊपर से नंगी थी और वो लड़का एक हाथ से उसका स्तन दबाते हुए मजा ले रहा था. इसके बाद मैंने पूछा कि अब भी आपको लगता है कि आपमें और हम में कोई भेद है?वो बोलीं- आपके व्यवहार ने तो मेरे दिल को ही जीत लिया है और मुझे कुछ भी कहने के लिए नहीं छोड़ा. चाची लंड को जोर जोर से हिलाते हुए कहने लगीं- आपका लंड भी तो मेरी चूत चोदने के लिए देखो.

तो मैंने दिल की मानकर फिर से पगडंडी ढूंढना शुरू किया तो कुछ दूरी पे मुझे एक पगडंडी दिखाई दी, जिधर ढूंढ रहा था उसके उल्टी साइड में। शायद मैं गलत दिशा में था पहले, तो अब मैंने उसी पगडंडी पर बाइक दौड़ा दी, लगभग 15 मिनट बाद मेरी मंजिल मेरे सामने थी।मैंने झोंपडी के पास जाकर आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं आया, फिर से आवाज लगाई तो भी आवाज नहीं आई. जब शीतल ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो उसका साहस और बढ़ गया, वो उसकी गांड को जोर जोर से दबाने लगा. मेरी चुदाई से पूजा की चूत और गीली हो गयी और वो ओह ओह आह आह करने लगी और नीचे से अपनी कमर उठा उठा कर अपनी चूत को मेरे लंड से चुदवाने लगी.

मैं तुम्हारे साथ कैसे कर सकती हूँ?मैंने कहा- क्यों नहीं कर सकती हो? लंड और चूत तो एक दूसरे की प्यास बुझाने के लिए ही होते हैं. गोद में बैठते ही अब मेरी छोटी छोटी चुचियां केवल समीज़ में एकदम बाहर की ओर निकली हुई दिख रही थीं.

मैं ऐसी बातें कभी किसी को नहीं बोलता, केवल सुखद बातें बोलता हूं लेकिन तुम्हारा परिवार मेरे लिए बहुत खास है इसलिए मैंने तुम्हें इसके लिए सचेत किया है.

जब वो किचन में सामान ले रही थी, तो वो नीचे झुकी हुई थी, जिसकी वजह से मुझे उसकी सेक्सी गांड मस्त दिख रही थी.

वो पहले तो विरोध करती रहीं, फिर कुछ पलों बाद ही उनकी योनि में फिर से जोश आने लगा और वो धीरे धीरे टाइट होने लगी. सुन्दर गोल सा चेहरा, उमड़ते यौवन से भरपूर मजबूत सुगठित बदन जो कि सिर्फ मेहनत करने वाली कामिनियों का ही होता है. इसके बाद मैं तैयार हुआ और चला गया आज मुझे बहुत बुरा लग रहा था कि पहली बार किसी से लव यू कहा और वो भी किसी और की प्रेमिका निकली.

मुझे भी अपनी मामी की चूत के छेद से निकल रही गरमी का अहसास अपने लंड के सुपारे पर हो गया था. ताकि हमारा एक दूसरे के साथ रहना पूरी तरह से क़ानूनन एक पति पत्नी का रिश्ता हो जाए. जब वापिस 11 बजे घर की तरफ़ जाने लगे, तो उसने मेरे कंधे पे अपना सर रखा.

पांच मिनट यूं ही चोदने के बाद मैंने मौसी की चूचियां मसलते हुए उनके कान में कहा- मेरी घोड़ी.

मैं ऐसी बातें कभी किसी को नहीं बोलता, केवल सुखद बातें बोलता हूं लेकिन तुम्हारा परिवार मेरे लिए बहुत खास है इसलिए मैंने तुम्हें इसके लिए सचेत किया है. मैंने सुबह की ताज़ी ऊर्जा के साथ भाभी से सेक्स किया और इसके बाद मैं घर चला आया. तुम्हें बहुत बहुत धन्यवाद… नहीं तो तुम्हारा ये मखमली जिस्म मुझे भोगने और चोदने को कैसे मिलता.

मैं एक हाथ जांघों के बीच योनि में ही रखे बदन को सिकोड़े कब सो गई, मुझे पता ही नहीं चला. स्टॉप का बटन जो एना ने दबाया था, वो अपने आप बाहर आ गया और लिफ्ट चल दी. फिर मैंने उसकी टांगों को पकड़ कर अपनी ओर खींच लिया और उसकी टांगों को फैला कर उसकी चूत में थूक लगा कर उसकी गुलाबी चूत के दाने पर लंड को रख कर घुसाने लगा.

उन्होंने भी अपने हाथ को मेरी पैन्ट के अन्दर डाल दिया और मेरे लंड को सहलाने लगीं.

यहाँ आए हुए मुझे 10 दिन हो गए थे, लेकिन चुदाई तो दूर, अभी तक तो एक भी लड़की से हाय हैल्लो तक नहीं हुई थी. उसके साथ बातचीत हुई, उसने मुझे रोजाना के आधार पर ब्वॉयफ्रेंड हायर किया था, उसका हज़्बेंड बिज़्नेस के लिए ऑस्ट्रेलिया में रहता था.

बीएफ अंग्रेज वाला दोस्ती तो थी लेकिन पूरी तरह पवित्र, किसी भी प्रकार का सेक्सुअल आकर्षण या शारीरिक संबंध कभी भी किसी के साथ नहीं रहा. इन्होंने मेरे पति का नाप मँगवाया हुआ है जो एक बार टेस्ट करोगी, तो किसी लड़के का लंड लेना भूल जाओगी.

बीएफ अंग्रेज वाला फिर मैंने उसकी टांगों को पकड़ कर अपनी ओर खींच लिया और उसकी टांगों को फैला कर उसकी चूत में थूक लगा कर उसकी गुलाबी चूत के दाने पर लंड को रख कर घुसाने लगा. मुझको इस में बहुत मज़ा आ रहा था और मालूम था कि यह सब नेहा को इतना उत्तेजित कर देगा कि चुदाई के बिना ही वो इतनी गर्म और चुदासी हो कर झड़ जाएगी.

तभी संपत जी ने भी अपना लावा मम्मी की चूत में छोड़ दिया और वे दोनों निढाल हो गए.

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कुछ देर बाद पहले उन्होंने पानी छोड़ा लेकिन मैं नहीं रुका और उनके काँपते हुए पैरों को पकड़ कर चुदाई में लगा रहा. मैंने भी उसको कसकर पकड़कर जोर जोर से 8-10 झटके मारे और लंड खींच कर सारा माल उसके पेट पर गिरा दिया. दोनों के बीच कोई वार्तालाप नहीं हुआ पर जैसे दोनों को पता था कि आगे क्या करना है.

मैंने आज का प्लान पूछा तो उसने बताया- आज हम एक बजे के करीब मोहाली जाएंगे. मैंने जैसे ही प्रिया की चूत में दो उंगलियां डालीं, तो अभी दोनों उंगलियां आधी ही अन्दर गई होगीं कि प्रिया सिसकारने लगी- ओह … दर्द हो रहा है. ठीक है अंकल जी मैं तो भाटइसएप चला कर देखूंगी अभी!” वो बोली और उसने व्हाट्सएप्प पर टच करके उसे ओपन कर दिया और मेरे कॉन्टेक्ट्स के कन्टेन्ट्स देखने लगी.

चुत ने लंड को जड़ तक निगल लिया और चुत की गर्मी और कसावट दोनों लंड को पिघलाने को तैयार थी.

फिर मैं उसके ऊपर आ गया और 10 से 15 मिनट मैंने भी उसकी चूत में लंड डालकर चोदना शुरू किया. और मानसी ने मेरी धोती खींच दी … मेरा लंड फन लहराते हुए धोती से आजाद था … सुशीला की नजर एक बार उस पर पड़ी तो वो देखती ही रह गई. जब दोबारा कॉल आया तो मैंने जैसे ही फ़ोन उठाया तो दूसरी तरफ से एक प्यारी सी आवाज ने ‘हेलो …’ बोलकर दिल को छू लिया.

उसने मेरी तारीफ़ करनी शुरू कर दी, पर वो ज्यादातर अंग्रेज़ी में बोल रहा था. और वो अपने पापा की एकदम नजदीक बैठी है इसलिए जरा सा भी हिलने-डुलने पर उसकी चूचियां उसके पापा की चेहरे से टकरा रही थी. एक तो वो समझ नहीं पा रही थी कि किसी स्त्री के प्रति उसका ये आकषण इतना तेज़ क्यूँ है… और वो भी अपने खुद की बेटी के ऊपर… पर जो भी हो, आज उसको मयूरी के पीठ की मालिश करने में एक अलग ही मजा आ रहा था.

जो होगा जैसा होगा अभी सामने आ जाएगा ऐसा सोचते हुए मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खींच कर खोल दिया और इसके पहले कि वो कुछ रियेक्ट करे मैंने सलवार ढीली करके सामने का हिस्सा नीचे सरका दिया. मैंने कहा कि अब जिंदगी भर तुम्हारा मुझ पर हक हो गया है, जब चाहो तब मेरे इस लंड का मजा लेती रहना.

भाभी साड़ी या गाउन पहनती थीं लेकिन उनको देख कर तो किसी का भी लंड खड़ा हो जाए. मैंने बैठने के बाद उसका नाम पूछा, तो उसने अपना नाम आंचल बताया और पूछने लगी- तुम मुझे इतनी देर से क्यों घूर रहे थे?मैंने कहा- आप हो ही इतनी अच्छी कोई भी देखेगा. पर मैंने पता नहीं क्यों इतना धैर्य दिखाया और अभी भी सोने का नाटक ही करती रही.

ऐसा करने से संभोग के दौरान जो सनसनी रहती है, वो कभी कभी धीमी हो जाती है और वैसी सनसनी फिर से पैदा करने के लिए दोबारा मेहनत करनी पड़ती है.

ये लो चाबियां और हां किसी को भी कमरे में मत आने देना, तू तो जानती है सब तरह के लोग आते हैं शादी में किसी का कोई भरोसा नहीं. फिर एक दो बार करने के बाद उन्हें शायद अच्छा नहीं लगा, तो उन्होंने मुझे चोदने की कला सिखाई. पर अब मेरी हालत बहुत खराब थी, मुझे अंकित प्यासा छोड़ गया था, मेरा पूरा जिस्म अकड़ रहा था, पूरा बदन टूट रहा था, कभी भी लड़की को ऐसे नहीं छोड़ना चाहिए।मैं बता नहीं सकती कि मुझे क्या फील हो रहा था.

अन्दर का नजारा देख के वो हंसने लगी और मेरे कमीने दोस्त उसे हवस भरी नजरों से देखने लगे. मैं- इसे चूसने से क्या होगा?अंकल- चूसने से तुम्हारे बदन की गर्मी को ठंडी लगेगी.

फिर उसने मेरा बैंक नम्बर मांगा और आइएफसी कोड भी मांगा, जो मैंने दे दिया. फिर भाभी मुझे चूमते हुए मेरे ऊपर आ गईं और मेरा लंड अपनी चूत में लेकर ऊपर नीचे होने लगीं. मैं आवाज देता हुआ जरा अन्दर को गया तो महसूस हुआ कि उनके बेडरूम से कुछ आवाज आ रही थी.

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जब वो ऊपर चढ़ीं, तब उन्होंने अपना गाऊन करीबन जांघ तक ऊपर को उठा लिया था.

इतना कहकर मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे फिर से गर्म करने कर प्रयास करने लगा. क्या मस्त स्वाद था उसके गुलाब की पंखुड़ियों जैसे नर्म और रसभरे होंठों का …फिर ये किस से शुरू हुआ कब लम्बे स्मूच में बदल गया, पता ही नहीं चला. मुझे अजीब लगा पर जोश जोश में मैं निगल गया और थोड़ी देर में मेरा भी हो गया और मेरा रस उसने निगल लिया.

इसलिए मैंने जल्दी बाहर निकलकर भाभी को पीछे से पकड़ा और उनकी गरदन पे किस करने लगा. प्रिया का‌ हाथ फिसलता हुआ अब मेरे गोलों पर आ गया, जो कि उत्तेजना में आकर सख्त और गोल हो गए थे. लेडीस पुलिस सेक्सीअब हम पार्क रेस्तरां में मिलने लगे और बात चूमाचाटी से शुरू होकर एक दूसरे के लंड चुत को छूने तक पहुंच गयी.

मैंने भी सबको अच्छे से विश किया क्योंकि वो लोग हमारे पड़ोसी थे, जो मौसी के घर के अलग आजू बाजू के हिस्से में रेंट पर रहते थे. मैं चंडीगढ़ में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता हूँ और अपने मम्मी पापा, जो रिटायर्ड हैं, के साथ अपनी बड़ी सी कोठी में रहता हूँ.

यह बात आज से लगभग 5 महीने पहले की है, जब मैं अपना एक एग्जाम निपटा के कुछ दिन के लिए अपने गाँव आया था. फिर मैंने मुस्कान को कस के पकड़ लिया और जोर जोर से उसके होंठों को चूसने लगा. वो कभी कभी मेरी गांड को भी जोर से दबा दे रहा था और कभी कभी मुझे अपने ऊपर लेकर मुझे चोद रहा था.

रह रह कर बातों ही बातों में अपनी शादी शुदा सहेली की चुदाई के पहले दर्द और उसके बाद के मजे बारे में बात करके वो उत्तेजित हो जाती, जिसको वह अपनी उंगलियों से शांत कर लिया करती थी. जब बेटे अपने माँ के बदन से खेलने में लगे थे, ठीक उसी समय मयूरी ने जब अपने पापा अशोक के कमरे में प्रवेश किया तो अशोक अपने बिस्तर पर तकिये को सिरहाने से लगाकर, उस पर आधा लेटने और आधा बैठने की अवस्था में बड़ी ही गहनता के साथ कोई किताब पढ़ रहा था. मनीषा भी की-होल की तरफ ही देख रही थी और मादक सिसकारियां ले ले कर अपनी चुत में बैंगन का मजा ले रही थी.

मैंने एक सेकंड के लिए उनके होंठ छोड़े, तो वो छूटते ही हांफने लगीं और बोलीं- ये गलत है.

फिर वो बोली- अपने पड़ोस में आ जा।पूजा भाभी हमेशा चुप्पी साध कर रहने वाली औरत थी, मैंने सोचा कि शायद यह आज रात को ही चुद जाये. मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपने खड़े 8 इंची लण्ड पर पैंट के ऊपर से ही हाथ रख दिया.

मुझे कोई प्रोब्लम नहीं थी बल्कि मेरी तो शायद किस्मत चमकने वाली थी, मैंने कहा- ठीक है. भाभी की हल्के से चीख निकल गयी तो बोलीं- आराम से करो डार्लिंग, अब मैं तेरी ही हूँ. वहां चाची की दी गई शिक्षा और वादे को ध्यान में रखते हुए मैंने बड़े मजे किए और कइयों को मजे दिए.

मैंने फिर से अपना लंड प्रिया की चूत पर रखा और एक जोरदार झटके के साथ प्रहार कर दिया. मेरी गांड के अन्दर कोई गरम रस निकला, इस तरह का एक मस्त अहसास मुझे हुआ. और मैं एक तेज आवाज के साथ उसकी चूत में झड़ गया, उसके ऊपर निढाल होकर गिर गया.

बीएफ अंग्रेज वाला मैं- चाची बहुत मजा आ रहा है आह … आह!चाची- जल्दी से झड़ जा … मैं अब झड़ने वाली हूँ. उसने कहा- कोई क्यों मुझमें क्या कोई कमी है?मैंने कहा- कहाँ मेरी किस्मत और कहाँ तुम.

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मैंने पूछा- कहाँ पर पढ़ाना है?हिमानी की मम्मी कहने लगी- सारा घर खाली पड़ा है, जहाँ दिल करे वहां बैठ जाना. पर वो दो दिन तक दिखे नहीं, शायद जवाब न पाकर या फिर अपनी गलती पर शर्मिन्दा होकर हमारे घर नहीं आ रहे हो!पर मैंने उन्हें खोना नहीं चाहती थी इसलिए मैं उनके घर गयी, वो अपने रूम में पढ़ाई कर रहे थे, मैं चुपचाप अंदर चली गयी और कुर्सी पर बैठ गयी।बोली- घर क्यों नहीं आये?वो बोले- तुमने आने को नहीं कहा था।मैंने कहा- अब से मत आना. पापा जी, रिश्ते से तो कम्मो मेरी भतीजी हैं पर हम सहेलियां ज्यादा हैं.

उनका पति सुबह जाता था और रात को ही आता था, जिस कारण वो अपनी सारी बातें मुझे बता देती थीं. लगभग 20 मिनट बाद एक लाल कलर की होंडा सिटी दुकान के बाहर रुकी और उसमें से करीब 28 साल की एक औरत निकली. साक्षी वीडियोदस मिनट बैठकर हम दोनों ने थोड़ी सेक्सी बातें की, फिर मैं भाभी को किस करने लगा.

मैंने सोचा कि घर जाकर वैसे भी बोर ही होना है, अब यहाँ आ ही गए हैं तो क्यों ना पूरा बुकस्टोर घूम लिया जाए.

क्या है तुम्हारे पास?मैंने उन्हें उनकी वीडियो रेकॉर्डिंग की एक झलक दिखा दी, वो एकदम घबरा गईं और पूछने लगीं कि ये तुम्हारे पास कैसे आया?लेकिन मैंने उन्हें कुछ नहीं बताया. फिर उसने कान में बोला कि गाजियाबाद में मेरे रूम पर चलना तो खूब मज़ा दूँगा.

इसी लिए सभी औरतों ने मिलकर पायल को भी काम करने के लिए और खुद के पैरों पर खड़ा होने के लिए बहुत समझाया. मामी से यह सुन कर मैं चकरा गया क्योंकि वह दो औलादों की मां हैं और मेरे मामा घर में उनके साथ ही रहते हैं. मैं- कहाँ झडूं … चूत के अन्दर ही या बाहर?चाची- अन्दर ही झाड़ दे … तेरा वीर्य अन्दर गिरेगा तब ही तो चूत की गर्मी शांत होगी.

मेरी भी फट गयी कि कहीं नेहा ने घर में सोनिया को बता दिया तो मैं तो गया काम से क्योंकि मोनिका को पता चला तो वो मुझे कहीं का नहीं छोड़ेगी.

जैसा कि सभी पाठक जानते होंगे दिल्ली में सेक्स बाजार, होटल मसाज पार्लर, दिल्ली का रंडीखाना मशहूर जी बी रोड जगह पर उपलब्ध है. उन्होंने बताया- हिमानी बीच में एक बार फेल भी हो चुकी है और इसकी मम्मी ने कहा था कि इसकी दो सब्जेक्ट की ट्यूशन रखनी है, तो मैं वही बात करुँगी. अब मैंने भी बिना देर किए भाभी को सीधा लेटाया और अपना लंड उनकी चूत की फांकों में लगा कर अन्दर डालने लगा.

चूत चाटने की विधिदस बजे तारा मेरे घर पहुंच गयी … मेरे घर वालों को कुछ हैरानी नहीं हुई क्योंकि सभी तारा से मिल चुके थे. फ़क माय एस डार्लिंग हस्बैंड!क्रमशः[emailprotected]कहानी का अगला भाग: अतिथि-3.

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मैंने आज तक कोई ऐसी ब्लू फिल्म में चुदाई नहीं देखी, जैसे यह वन्द्या चुदवाती है. तभी समाली अंकल, जिनका घर था, बोले- इतनी देर में वन्द्या खुली है तू, लाल जी ने सब बताया है कि तेरे सामने सभी रंडियां भी फेल हैं. कुछ ही देर में मैं उसके दोनों चूचों को पकड़ कर दबाने लगा और गांड में लंड से चुदाई करना जारी रखी.

उस दिन बड़े दिनों के बाद चुत मिली थी और वो भी कुँवारी बुर का मजा मिला था. मेरी मम्मी हमेशा कहा करतीं है कि उससे दूर रहा कर, वो लड़की ठीक नहीं है, तुझे बिगाड़ देगी. मुझे पढ़ाई के लिए पैसों की बहुत जरूरत रहती थी, तो मैं कॉलेज में एडमिशन लेते ही एक मसाज पार्लर में जॉब करने पहुंच गया.

खैर इतना कहते ही माइक ने बड़ी शालीनता से मेरा स्वागत किया और भीतर आने का न्योता दिया. कोई तुम्हारे सामने आँख उठा कर भी नहीं देख सकेगा, जब कोई जानेगा कि तुम किसके साथ रीलेशन रखती हो, तो वैसे ही चुप हो जाएगा. फिर वो बोली- जीजू फिर कब मिलोगे?मैंने बोला- तुम फिर कब आओगी? शाम को फिर आओ ना …!वो हंस के बोली- आई विल ट्राय बट जीजू … तुम अकेले ही रहना, मैं सिर्फ आप के लिए आऊंगी.

कुछ दिन बाद अमित उसके मामा के यहां चला गया, तो मैं अकेला ही सर के घर क्लास पढ़ने जाता था. ऐसे ही धकापेल चुदाई के बाद वो झड़ गयी और उसके झड़ने के बाद मैं भी उसकी चुत में झड़ गया.

वो बोला- क्यूं?मैंने कहा- नहीं यार, बस कर, आगे नहीं!वो बोला- ऊपर से तो हाथ फेरने दे।मैंने कहा- दुख रही है।वो बोला- दिखा … कहां से दुख रही है।मैंने कहा- नहीं!वो बोला- प्लीज़ …कुछ नहीं करूंगा … एक बार दिखा तो दे, कहां से दुख रही है।मैंने कहा- पिछली बार तुमने मुकेश के खेत में जो किया था उसके बाद बहुत दुखी थी। मैं आज वो सब नहीं करवाऊंगी।वो बोला- हां तो मैं कब अंदर डाल रहा हूं ….

11 बजे मैंने ज्योति को कोचिंग क्लास से बाइक पर बैठाया और खेत की तरफ निकल गए. पोछा लगाने के फायदेआंटी गरमा गईं, उनका एक हाथ मेरे कच्छे पर आ गया, तो मैंने तुरंत अपना कच्छा खोल कर लौड़ा बाहर निकाल लिया. न्यू लड़कीमैंने उसकी तरफ देखा तो उसने मेरा गाउन उतारा औऱ मुझे भी नंगा कर दिया. जब भी मैं उसके कमरे में जाती तो इधर उधर भी देखा करती थी ताकि कुछ ऐसा उसके सामने मिल जाए, जिससे मैं उससे पूछूँ कि यह सब क्या है.

क्योंकि जीने को पूरी लाईफ पड़ी है और हम लोग मैत्री का रिश्ता नहीं तोड़ना चाहते थे.

इसी प्रकार श्लोक को भी उसके बच्चे से अपनापन होगा, हम चारों के बच्चे हमारे बच्चे होंगे और कोई भेद नहीं होगा। अगर ऐसा होता है तो तेरा बच्चा मेरा बच्चा की भावना भविष्य में हमारे सामने नहीं आएगी. लंड को चुत की फांकों में घिसते हुए लंड का टोपा चुत के छेद पर रखा और नीचे से गांड उठाकर खुद लंड को अन्दर लेने की कोशिश करने लगीं. मैंने हिम्मत करते हुए कहा- फोन का नम्बर भी दे दो और अपनी ब्रा का नम्बर भी दे दो.

तो कभी बाईं तरफ अपना चेहरा रगड़ता और कानों के पास मस्ती भरे शब्द फुसफुसाता आह. मैंने चूत पर लंड रखा एक ही झटके में पूरा लंड अन्दर कर दिया और रात भर आंटी को इतना चोदा कि सुबह वो ठीक से चल नहीं पा रही थीं. मैंने देखा कि कम्मो ने अब अपने पैर खोल लिए थे और अगली सीट से सिर टिकाये झुकी हुयी नज़रों से अपने पैरों की तरफ देख रही थी.

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मयूरी अपना फैसला सुनाती हुई बोली- तो एक बात मेरी भी सुन लो… अगर तुम लोग एक साथ नहीं आओगे तो मेरे शरीर को हाथ लगाने के बारे में भी मत सोचना… अगर मैं अपनी चूत तुम्हें दूंगी तो एक साथ … नहीं तो मैं अपना कोई और इंतज़ाम कर लूंगी. खेत वाले कमरे के अंदर मस्त बेड लगा हुआ है और गद्देदार गद्दा लगा हुआ है जिस पर रोमांस करने का एक अलग ही मजा आता है।वो समझ गया कि किस लिए चाबी चाहिए, वो बोला- ठीक है ले जा!क्योंकि हम बहुत अच्छे दोस्त हैं, दोस्त तो क्या भाई हैं।मैं चाबी ले आया और अगली सुबह का इंतजार करने लगा. उसकी आँखों में लाली तैर रही थी जैसे नशे में हो और चेहरे पर जैसे हवाइयां सीं उड़ रहीं थीं.

भाभी ने लंड की तरफ लालसा से देखा तो मैंने अपने लंड को हाथ में पकड़ कर कहा- लो भाभी चूसो न लंड को.

फिर अपनी सोच को विराम देते हुए मैंने ढेर सारा शहद उसकी चूत पे लगा दिया और उंगलियों से चूत के अन्दर भी डाल दिया.

मयूरी अब चुप हो चुकी थी पर उसने रजत का खड़ा लंड अपने नीचे महसूस किया. मेरी चुत के छेद को उनके लंड का सुपारा जाने कैसा गर्मागर्म सा लगा, उस फीलिंग को शब्द में बता नहीं सकती. किन्नरों के नंबरपायल मुझे ड्रिंक कंटीन्यू करने के लिए बोली और कहा- मैं कुछ बना के दे दूँ क्या?मैंने ना बोल के उसके लिए टीवी शुरू कर दिया और दोस्तों के साथ चालू हो गया.

मैंने उसकी गर्दन को कान को चूमना शुरू कर दिया और उसके दोनों चूचों को हाथ में लेकर दबा दबाने लगा. हम दोनों पानी में भीग रहे थे, दोनों के बदन आग की तरह गर्म हो रहे थे. तभी पीछे वाले ने मेरे मुँह पर हाथ रखा और अपना मूसल मेरी चुत में आधा पेल दिया.

उनका अंदाज इतना सही था कि मुझसे रहा नहीं गया और मेरे लंड से एक डेढ़ मिनट में ही ज्वालामुखी फूट पड़ा. अब मैंने उसको कसकर गले लगा लिया, करीब दस मिनट पड़े रहने के बाद मैंने उसको छोड़ा, अपना लंड चूत में से निकाल कर कंडोम निकाला.

उसकी मम्मी मुझे बोली- सोनू तू तो बड़ी दिखने लगी है पढ़ाई ठीक चल रही है तेरी?मैं बोली- जी मौसी जी!और चली गई.

चाची एक बार फिर से एक लम्बी सिसकारी भरते हुए दाँतों पर दाँत बैठा कर अपनी गांड को जोर जोर से उछालते हुए बोलने लगीं- आह. वो अन्दर आके सोफे पे बैठी और मैंने उन्हें रेट लिस्ट और मसाज के टाइप और उनके बारे में बताया. और उसके पके तोतापरी आम जैसे विशाल गुलाबी मम्में मेरे सामने उजागर हो गये.

सेक्सी वीडियो साड़ी वाली देहाती अब आगे:चाची फुंफकार मारते हुए बोले जा रही थीं- ओह … आह … चोद … चोद मुझे … अपनी छिनाल चाची को चोद मेरे राजा भतीजे … मेरे चूत की आग मिटा मेरे चोदू भतीजे … तेरे लंड ने मेरी चूत की गहराई की आग को और बढ़ा दिया रे … चोद जोर जोर से. मेरा हाथ पूरा फ़ैलाने के बाद भी उसकी गांड को पूरी तरह से नहीं ढक पा रहा था.

फिर मैंने एक प्लान बनाया और सोने की कोशिश करने लगा था कि मैं कल सुबह जल्दी उठ कर दोपहर को अपने प्लान पर काम कर सकूं. अंधे को और क्या चाहिए बस दो आंखें … उस रात मैंने 2 बार उनकी गांड मारी और 1 बार चूत!आखिर में वो बोली- अब समझ में आया मुझे कि आजकल गे लड़के क्यों बढ़ते जा रहे हैं. लेकिन अगर तुम चुदना न चाहो तो कोई बात नहीं।”अब तो लंड को मेरी चूत की गहराई दिखा ही चुके हो और उसे मेरा रस चखा ही चुके हो। आगे-पीछे करके धक्के न लगाये तो क्या.

త్రిబుల్ ఎక్స్ వీడియోస్ ఎక్స్ వీడియో

मैंने कहा- कौन, देवेन्द्र …?मुकेश बोला- इसका मतलब आप जानते हो, मैंने उसका नाम कब बताया था, बस लड़के के बारे में पूछा था. इस भीड़ में मुझे नहीं पता कितनी बार लोगों ने मेरे कूल्हों को दबाया. अब मेरी जवानी भी कूदने लगी और मेरी चूत भी उसका लंड लेने को बेताब हो गई.

फिर मेरे मन में शरारत सूझी तो मैंने उसकी चुत में उंगली कर दी और उसके चुत के दाने को मसलने लगा. फिर मुझसे 10-15 मिनट बात उसने, तब मुझे जाने को कहा, मैं अपना काम पूरा करके उससे फाइल लेकर चलता बना.

आप खुद अपने आप में ही शराब हो, तो ऐसे शवाब को और शराब जरूरत ही क्या है?ये सुनते ही पायल शरमा गयी और कहने लगी- क्या सर… कुछ भी बोलते हो.

वो किसी रंडी लड़की के चक्कर में आ गए थे और वो रोज रात में उस रंडी लड़की के पास जाने लगे थे. इस चीख से लोगों का ध्यान किसी और तरफ न चला जाए, इसलिए मैंने चीखने के बाद आगे वाले को अपना पैर हटाने को कहा कि पैर पर पैर मत रखो. मेरा भाई जल्दी जल्दी मुझे चोदने लगा और उसके बाद कुछ देर की जबरदस्त चुदाई के बाद मैं और मेरा भाई साथ में झड़ गए.

तो वह तड़प उठी और बोली- बेबी क्यों तड़पा रहे हो? डालो न अंदर!तो अब मैंने लिंग को उसकी चुत पर रगड़ना शुरू कर दिया तो वह और ज्यादा मचलने लगी और अपने हाथों से लिंग को चुत के अंदर डालने लगी. तब मैं भी पूजा की बातों को मान कर उसको अपनी कमर चला चला कर चोदने लगा और अपने दोनों हाथों से उसकी चूचियों को मसलने लगा. मैं उनके सामने सिर्फ मेरी प्रिंटेड ब्रा में थी और अपनी दोनों हाथों से अपना चेहरा छिपा रही थी.

मैंने उससे पूछा कि माइक और मुनीर कहां हैं और मिलने की जगह सुरक्षित तो है न?तारा ने तुरंत जवाब दिया- फिक्र मत करो … इस बार ऐसी जगह पर सारा इंतज़ाम है कि दिल खुश हो जाएगा और किसी प्रकार का कोई भय नहीं रहेगा.

बीएफ अंग्रेज वाला: अंदर आकर वो रसोई में पानी पीने जा रही थी कि रास्ते में ही बाथरूम से सिसकारियों की आवाज सुनकर रुक गयी और बाथरूम के पास आकर जोर से दरवाजा बजाया. तो वो बोली- मैंने सुना है कि जो गिटार बजाते हैं, उसके पीछे बहुत सारी लड़कियां पीछे पीछे मंडराती हैं?मैंने ऐसे ही मजाक में अपने पीछे देखा तो उसने कहा- पीछे क्या देख रहे हो?तो मैंने कहा- लड़कियों को मंडराते हुए देख रहा हूँ.

मैं जोर जोर से चीखने चिल्लाने लगी कि छोड़ दो मर जाऊंगी, मुझे कोई बचाओ. मैंने कहा- तेरे पास खुद का फ़ोन नहीं है क्या?तो बोली- सिम तो है लेकिन फ़ोन खराब हो गया. उसकी एकदम मुलायम रुई जैसी गांड और ऊपर से गांड की गर्माहट मिली, तो मेरा लंड तो एक ही झटके में पूरा तन गया.

मैंने होंठ जकड़ कर उसकी चूची को जोर से दबाया तो उसने एकदम से अपनी गांड उठा दी.

वो कुतिया बन गई और मैंने उसकी कमर को पकड़ कर अपने पास खींच कर अपने लंड पर थूक लगा लिया. ये सुन कर जगतदेव अंकल ने मेरी चूत में और जोर से और एक धक्का लगा दिया. मेरी गर्म और गंदी कहानी के पहले दो भागोंशादी में चूत चुदवा कर आई मैं-1शादी में चूत चुदवा कर आई मैं-2में आपने पढ़ा कि मैं राजस्थान के एक गाँव में शादी में आई हुयी थी और मेरी चूत की आग मुझे जीने नहीं दे रही थी.