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मेरे अन्दर जाते ही भाभी चौंक गईं और उन्होंने मोबाइल को नीचे रख दिया. बीपी सेक्स वीडियो आदिवासीमैं धक्के देने लगा, वे सहयोग कर रहे थे … बार बार चूतड़ उचका रहे थे.

यहां तक कि मेरी सगी बुआ ने मेरी चढ़ती जवानी में खुद आकर मेरा लौड़ा पकड़ लिया था. पीरियड्स आने की सही उम्रफिर वो बोली- क्या बोला तुमने?मैंने बात को टालते हुए कहा कि कुछ नहीं … कुछ नहीं.

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बुआ कुछ देर बाद लड़खड़ाते हुए उठीं और मेरा सहारा लेते हुए अपने कमरे में जाकर लेट गईं.विद्या- हम दोनों का दर्द एक सा है और आज तुम मेरे साथ हो, बस इसी में मुझे सुकून है.

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अब वो मस्ती में ट्रक चला रहा था और मैं उसकी गोद में मुँह रख कर उसका लंड चूस रहा था.फिर भाभी की रेशम जैसे होंठों को भी चूसा और अपना लंड बहन के मुँह में पेल दिया.

मेरा भी मजा देखो, घबराओ मत लगेगी नहीं।वे मुझे नए अनचुदे लौंडे की तरह समझा रहे थे जो पहली बार लंड का मजा ले रहा हो. स्कूल हिंदी बीएफ जोया रिया से किसी मायने में कम ना थी, अपनी बॉडी को ख़ूब मेंटेनेन्स करके रखा था।वह बोली- अब मेरी भी वैसी ही मसाज कर दो जैसी रिया की की है.

मेरी मामी को एक 4 साल की बेटी थी।यह बात उन दिनों की है जब मैं पढ़ाई करने के दौरान दशहरे की छुट्टियों में अपने घर गया हुआ था.

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मुझे देखकर उसकी माँ बोलीं- लाला जी आप श्वेता के साथ शहर चले जाना, उसको शॉपिंग करना है. मैं भी देख कर हैरान था कि इसने अपने चूचों को इतना टाइट कैसे रखा हुआ है. जब मैं वापस आ रही थी तो मैंने उसको उस वक्त भी वहीं पर खड़े हुए देखा.

मैंने बिना समय बर्बाद किए उसे बेड पर लेटा दिया और उसके गालों को चूमने लगा. उसने मुझसे कहा- भाई मोनिषा आंटी बहुत ही ज्यादा हॉट और सेक्सी हो रही हैं. मेरा वजन 84 किलो है। शरीर के वजन के हिसाब से मैं काफी भारी भरकम हूं.

मेरी बहन पढ़ाई करने में ज्यादा ध्यान नहीं देती थी मगर वह देखने में काफी सुंदर और सेक्सी है. मॉम ने मुझे पूरी घटना को बताया औऱ कहा कि मैं कई लोगों से चुद चुकी हूँ. गर्लफ्रेंड बना कर मजे करने का मन नहीं करता क्या तेरा?उसके चेहरे पर अजीब से भाव थे.

फिर वापिस अपने शहर ग्वालियर आने के बाद मुझे पता चला कि अब वह किसी ओर की गर्लफ्रेंड है। अब वह मेरी लाइफ में नहीं है।मेरी फ्री हिंदी सेक्स कहानी पर आप मुझे अपने विचार[emailprotected]पर भी बता सकते हैं।. अब उसे मेरे लंड की सख़्त ज़रूरत थी, मैंने उसकी चूत पर अपना लंड लगाया और धीरे धीरे उसकी चूत की दीवारों को चीरता हुआ अंदर पेल दिया.

हालंकि आज उन्होंने जब मुझे अपनी चूचियां देखते हुए पकड़ लिया, तो शायद वे मेरे जवान होने के अहसास से कुछ सोचने लगी थीं.

ये सोच कर मन में आग लगी हुई थी कि मेरे मामा को इतनी मस्त चूत चोदने के लिए मिल रही है.

फिर जब वो एक लय में धक्के देना शुरू करता, तो मैं अपनी पकड़ ढीली कर देती. उसकीनंगी जवानीदेख कर मेरे मन में फिर से चुदाई का ख्याल आने लगा मगर उसने मना कर दिया. उसके बाद मैंने उससे बोला- चलो बाथरूम में … और पहले अपनी चूत साफ करो.

लेकिन मैडम ने पहले दो तीन बार मेरा हाथ हटा दिया और वो मुझसे थोड़ा दूर होकर सो गईं. मैंने सोच लिया था कि चाहे जो भी हो, मुझे मोनिषा आंटी की चुदाई करनी ही है. मेरी फ्री हिंदी सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने पड़ोस की एक क्यूट लड़की को प्रपोज़ किया.

मैं थरथराने लगी और अपनी योनि को लिंग पर धकेलते हुए उसके सीने पर गिर पड़ी.

मैं लंड देखता रहा कि कहीं छाले तो नहीं है … दर्द तो नहीं हो रहा है. फिर उसने अचानक से लंड बाहर निकाला और बोला- क्या हुआ जान?मैंने कहा- आराम से करो!वो हंसने लगा, बोला- सॉरी जान!और फिर उसने अपना मोटा लण्ड मेरे होंठों पर रख दिया और फिर से मेरे मुँह की चुदाई शुरू कर दी. वो हमारे रूम पर रुकी थी और रात में मैं उसे पढ़ा रहा था कि …अन्तर्वासना के सभी मज़ेदार और चूत लंड के भूखे पाठकों को मेरा नमस्कार, सलाम.

मैंने एक चूची दबाते हुए कहा- अगर मैं ऊपर आया, तो मैं बहुत बेदर्दी से चोदता हूँ. सुरेश बोला- सरस्वती, अब हम चुदाई करने जा रहे हैं … और देखना हमें, देख कर ही तेरा पानी खुद निकल जाएगा. मैं बोला- मैं निकालने में आपकी हेल्प कर देता हूँ … बस आप अपने दोनों पैर ऊपर कर दो.

उस घटना के बाद बहुत कुछ बदल गया, कितने दिनों बाद मेरे बदन को किसी मर्द ने छुआ था.

मेरी बात सुन कर उसने जबरन 4-5 धक्के लगाए और हांफता हुआ वो खड़ा हो गया. अपने हाथों से ही अपनी चुची को दबाती और चूसती हूँ … और अपनी बुर को अपनी उंगलियों से खूब रगड़ती हूँ … फिर उसमे मूली डाल कर उसका पानी भी निकालती हूँ.

स्कूल हिंदी बीएफ मैंने कहा- मतलब तुम्हारे स्तन पर चोट लगी क्या?वो हिचकिचाते हुए बोली- हां … उधर ही. पर वो सब बाद में देख लेना, अभी कोई के आने से पहले कुछ करना हो, तो कर ले … नहीं तो मैं जा रही हूँ.

स्कूल हिंदी बीएफ वो बोला- क्या देखना है?मैंने उसके लंड को पैन्ट के ऊपर से मसला और कहा- इसको. मेरे मुँह में उसकी झांटों के बाल आ रहे थे, लेकिन चुत चाटने में मज़ा भी बहुत आ रहा था.

कल्पना बेचारी सकुचा गई, वह बोली- मैं इस गेम से अपने आप को बाहर करती हूं, यह फर्स्ट प्राइज एकता को ही दे दो.

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मैंने कहा- क्यों नहीं 3 साल साथ बिताये हैं … तीन महीने में क्या चेंज हो गया होगा. मेरा भाई बाथरूम से नहा कर निकलता है तो मन करता है कि मैं उसका तौलिया को उतारकर उसका नंगा जिस्म देखूं. मैंने उसकी चूत की चुदाई को जारी रखा और अगले दो मिनट तक मजे लेकर उसकी चूत में धक्के मारे.

कुछ देर बाद मैंने अपना लंड मॉम के मुँह से निकाल दिया और मॉम के मोटी मोटी चूचियों को जोर जोर से दबाने लगा. मैंने स्माइल कर दी … उसने भी वापस स्माइल की, लेकिन बहुत हल्की शर्माते हुए. पिताजी ने घर तो बनावा दिया था, मगर उसकी बाउंड्री वाल यानि बाहर की दीवार नहीं बन पाई थी.

फिर उसने अपनी शर्ट भी उतार दी और वो पूरा नंगा होकर दीदी की चूत पर लंड को रगड़ने लगा.

उसे खुद औरत होते हुए भी नंगी औरतों को देखना और उनके जिस्म से खेलने का बहुत मन है. वो अपने दोनों हाथों से मामी के स्तनों को दबाने लगे और उनका लंड मामी की जांघों के बीच में घुसने की कोशिश करने लगा. फिर मैंने झटकों की स्पीड अचानक से तेज कर दी और फास्ट सेक्स स्टार्ट कर दिया.

वो हंसा और उसने कहा- लो मेरी जान!और उसने अपने लंड से पेशाब मेरे मुँह पर करना शुरू किया. शायद इसका कारण ये था कि मम्मी और बुआ के बाजार चले जाने के बाद रंजन और मैं, हम दोनों लोग ही घर में अकेले रह जाने वाले थे. एक पल बाद मैं उठ कर चुदाई की पोजीशन में आया और मैंने उसे ऊपर से नीचे तक देखा.

मैंने भी मोनिषा आंटी के सर को पकड़ा और जोर जोर से उनके मुँह में अपना लंड डाल कर चोदने लगा. अहहऽऽऽ … पर आप दिल से तैयार हो, तब ही …”मैं पूरा विचार करके आयी हूँ.

ऐसे खूसट किस्म के गांडुओं ने मेरी गांड कम मारी थी, मुझे उनकी गांड उनके मजे के लिए मारना पड़ी थी. मैंने चूमते चूमते ही उसके पैरों को खोला और उसकी चुत पर किस करने लगा. जरा सोचिए कि जब आप अपने घर में ही अपनी शारिरिक इच्छाएं पूरी कर सकते हैं, तो फिर बाहर किसी गैर के साथ क्यों सम्बन्ध बनाना.

ज़रीना की काम वासना एकदम से भड़क उठी और कमरे में उसकी मादक सीत्कारें गूंजने लगीं.

क्योंकि नेहा दीदी को अपना बदन दिखा कर लौंडों को गरम करने में बड़ा मजा आता था. उस सेक्सी टीचर ने मेरी अन्तर्वासना, कामुकता जगायी, मुझे चुदाई, ज़िन्दगी जीना सिखाया. कल्लू मम्मी का बहुत मुँह लगा है, वो मम्मी से काफी मज़ाक कर लेता है, लेकिन मम्मी कभी उसकी बात का बुरा नहीं मानती हैं.

मैंने अपना मुँह खोला और उतार दिया उसकी गांड की गोलाइयों के अंदर … मज़ा आ गया बहन की लौड़ी का स्वाद चखकर … चूत भी भूल गया मैं. मेरी कामुक सिसकियों से सुनील भी जोश मैं आ गया और वह लंड को पूरा बाहर खींच कर फिर से जड़ तक अन्दर घुसाकर मुझे चोदने लगा.

उसकी चुत के रस को पी कर मेरी ज़िन्दगी की प्यास मानो एक पल के लिए बुझ सी गई थी. ”उसने अपना लंड थोड़ा बाहर निकालकर फिर से मेरी चूत के अन्दर डाल दिया. मेरे बेटे को मुझसे बहुत डर लगता है क्योंकि जब मैं गुस्सा हो जाती हूं तो गंदी गालियां देती हूं.

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पर मैं उसे और अधिक उत्तेजित कर देना चाहती थी ताकि संभोग ज्यादा लंबे अवधि तक न चले.

मैंने देखा, तो वहां ज्योति की फ्रेंड को समझ आ गया कि मैं क्यों आया हूँ. अब जाकर उसका पूरा लिंग घुसा था और मेरी बच्चेदानी मानो सुपारे से दब गई हो, मुझे ऐसा महसूस हुआ. मैंने तुरन्त उस शॉप से निकलने का सोचा और मम्मी से बहाना बनाकर उनके पीछे गयी.

एक तरफ मेरा पति था, जिससे मुझे दो साल तक कोई शारीरिक सुख नहीं मिला था और आगे भी मिलने की कोई गारंटी नहीं थी. इतना कह कर अनिरूद्ध ने मेरी बहन के सामने ही अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिये. सेक्सी चोदी चोदा हिंदीएक दिन सोमेश भैया अपने दोस्तों के साथ दारू पी रहे थे … मैं भी उनके साथ बैठ कर दारू पी रहा था.

उस चूतिए को कौन बताता कि तेरी गर्लफ्रेंड के चक्कर में महेंद्र के खुद के सॉफ्टवेयर उड़ गए हैं. दोस्तो आपको तो पता ही है कि इस उम्र में चोदा चोदी के बारे में तो सबको सब कुछ पता हो जाता है.

फिर कुछ देर के बाद मामा ने मेरी मामी के गालों को किस करने कोशिश की तो मामी ने मरे मन से उनको किस करने दिया. मम्मी बोलीं- इसको सहलाते ही रहोगे या यह लंड कुछ काम भी करेगा?कल्लू बोला- रानी, यह लंड ही तेरी चूत की आग को शांत करेगा. वो बोली- फिर इतनी रात को किसकी याद में खोए हुए हो?मैंने कहा- सच कह दूं.

मैं बोला- क्या प्राब्लम है सब ठीक है ना!वो बोली- हैलो माई सेल्फ़ दस्तूर (बदला हुआ नाम) यार … मेरी कार में कुछ प्राब्लम हो गई है, स्टार्ट ही नहीं हो रही है. मगर मुझे नहीं पता था कि वो एक दिन मेरी बहन पर भी हाथ साफ करने की सोचेगा. मेरी नजर नीचे झुकी हुई थी और मैंने देखा कि साहब के पजामे के अंदर कुछ उठा हुआ सा दिख रहा था.

मास्टर साहब का मस्त हथियार देख कर मेरी गांड में कीड़ा कुलबुलाने लगा.

जब चाची ने देखा कि मैं उनको दूध दुहते हुए बड़ी ध्यान से देख रहा हूँ, तो चाची ने कहा- तुम्हें भी दूध दुहना सीखना है कि थन से दूध को कैसे निकाला जाता है?मैं कहा- हां लेकिन मुझे से सीधे थनों से दूध पीना सीखना है. बाकी कोई और हिंदी सेक्स कहानी बाद में, ये चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी, मुझे जरूर बताएं.

विद्या- आई लव यू यश … मैं तुमसे बहुत प्यार करने लगी हूँ … प्लीज़ मुझसे दूर न जाना … मैं आपको एक बात बताना चाहती थी, तुमसे मिलने से पहले मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड था, उसकी गंदी हरकतों से तंग आकर मैं उससे दूर हो गई. आप ये बताओ कि आप मेरे यहां पर क्यों नहीं आते हैं? कभी मुझसे बात भी नहीं करते हैं. अब तक आपने सेक्स की इस गंदी कहानी के पहले भागबीवी को कोठे की रण्डी बनाया-1में पढ़ा कि मैं अपनी बीवी की फिगर साइज़ बढ़ाने के चक्कर में उसे रंडी बाजार में ले आया था.

थोड़ी देर में ही वो झड़ गईं और एक हाथ से अपने चूचों को सहलाते हुए चूत में से उंगली निकाल कर चाट ली. साहब ने अपने हाथ से मेरे हाथ को पकड़ लिया और अपने लंड पर मेरे हाथ को दबाने लगे. मैंने उसकी पीठ पर दबाव दिया तो वो दर्द के कारण तड़प उठी।मैंने पूछा- क्या हुआ?तो उसने कहा- क्रीम लगा कर हल्के हाथ से मसाज करिए! मर्दाना ताक़त मैं सहन नहीं कर पाऊँगी.

स्कूल हिंदी बीएफ सुरेश को मेरी योनि में बहुत मजा आ रहा था और मैं अब समझ गयी थी कि जितनी जोश में अब वो है, जल्द झड़ जाएगा. उस वक्त सेक्सी ख्याल आ रहे थे इसलिए लंड मेरे अंडरवियर में खड़ा हो चुका था.

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मन कर रहा था कि अगर अभी मामी पास में होती तो उसकी चूत को चोद चोद कर फाड़ देता. उसके दोनों हाथ उसके चूचों को दबा रहे थे और मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था. मैंने कहा कि मैंने तुम्हारी चोट कहां देखी है, जब तक मुझे मालूम ही नहीं होगा कि चोट किस जगह पर लगी है, तब तक मैं कैसे कोई दवा ला सकता हूँ.

उसने बैठते हुए मेरे लंड पर हाथ रखा और लंड सहलाते हुए मेरा अंडरवियर उतार दिया. उसने अपने होंठों को मेरी बीवी की गर्दन की तरफ बढ़ाया और एक मखमली सा चुम्बन अपने लाल होंठों से मेरी बीवी की गोरी सी गर्दन पर कर दिया. चोदा चोदी वाला चोदा चोदी वालामैंने कहा- तो प्रिया डार्लिंग … ये बताओ कि तुम शादी से पहले चुदी थी कि नहीं?भाभी ने कहा- हां मेरा एक बॉयफ्रेंड था जो मुझे चोदना चाहता था, लेकिन चोद नहीं पाया.

इतना कह कर वो चला गया … और जाते जाते उसने मेरी बीवी को किस किया … उसकी चुत में उंगली डाल कर आगे पीछे की और मेरी बीवी के मुँह में उंगली डाल कर चला गया.

उनकी भी नजर मेरे पर पड़ी और वे मुझे देख कर न जाने क्यों मुस्कुरा दीं. यह कहानी मेरी पिछली कहानी से पहले की है और मेरे विद्यालय से शुरू होती है, जब मैं पढ़ता था.

मैंने उसके कड़क टनटनाते हुए लिंग को योनि की छेद में टिकाया और बैठ गयी. मैंने कहा- पहले आप दीजिये तो सही, उसके बाद देखेंगे कि मैं थकूंगा कि नहीं. मैं- कहां है तू … और क्या अभी अकेली है?सरस्वती- मायके में हूँ, भैया भाभी अपने ससुराल गए हैं … इसलिए आज अकेली हूँ.

ये बात मैं भी समझती हूँ कि लगभग सभी लोग मुझे अपनी दोस्त बना कर चोदना चाहते हैं.

इतना कह कर वो चला गया … और जाते जाते उसने मेरी बीवी को किस किया … उसकी चुत में उंगली डाल कर आगे पीछे की और मेरी बीवी के मुँह में उंगली डाल कर चला गया. वो हर दिन मेरे साथ ही आती थी लेकिन आज उसने मना क्यों कर दिया, मैं इसी बात को सोच रहा था. मजे लो ज़िन्दगी के!वो आगे बोली- अब अंत में सबके लिए एक और तोहफा; आज तुम सब इस मंगल को पूरी तरह जान लो, पहचान लो, जांच लो और परख भी लो.

लड़की की इज्जतबोलो झांटें साफ़ करवाने के लिए क्या लगवाओगी?श्वेता- क्या लगवाओगी से क्या मतलब है?मैंने कहा- मतलब बाल साफ़ करवाने वाली क्रीम से झांटें साफ़ करवाना है … या रेजर से चुत की शेविंग करवानी है?श्वेता अपनी चुत को अपने हाथ से सहलाते हुए बोली- तुमको ही मेरी चूत चोदना है … जैसे भी अच्छा लगे … वैसे साफ़ कर दो. ये मेरी पहली कहानी है, अगर इसमें कोई गलतियां दिखें, तो प्लीज़ नजरअंदाज कर देना.

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मैं उम्मीद करता हूँ कि मेरी ये सेक्स कहानी आप सबको उत्तेजित और खुश कर देगी. कुछ दिन वो लड़के नहीं दिखे, उनके एग्जाम के कारण अब कुछ लड़के नहीं आ रहे थे. बुआ चुदास भरी आवाज में बोलीं- आह … केशव अब मत तड़पा … जल्दी से डाल दे मेरी चुत में अपना मूसल …मैंने बुआ की टांगों को फैला कर उनके बीच में बैठ कर अपना सुपारा चुत के छेद पर लगा कर एक तेज झटका दे मारा.

उसके बड़े बड़े दोनों चूतड़ मुझे मार डालने के लिए जरूरत से ज्यादा घातक थे. मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रख दिया उसने फ्राक पहना था और शॉर्ट्स का हुक खोल दिया था. मैंने कहा- हां, आंटी ने बताया तो था कि तुमको रात में अकेले सोने में डर लगता है.

उसने हमारे लिए नाश्ते में आलू का परांठा बनाया था, जो वो साथ टिफ़िन में लाई थी. मैं और मेरी बुआ का बेटा जिसका नाम रंजन है, हम दोनों लोग लगभग एक ही उम्र के हैं. एक दो लड़कों को मैंने ओर भी मौका दिया, पर वो अकेले में मुझे मसलते, मेरे जिस्म के मजे लेते … पर मुझे एक दोस्त का सम्मान कभी नहीं देते.

उसने उर्वशी की जांघों को फैला कर अपने गर्म होंठ मेरी पत्नी की योनि पर रखे तो उर्वशी के मुंह से सीत्कार फूट पड़े. उसने मुझे अंदर आने के लिए कहा और फिर हम दोनों बैठ कर बातें करने लगे.

उसको खुद के लिंग पर दर्द हुआ था, तभी उसने मेरी योनि के दर्द को समझा था.

शादी हमारे ही शहर में थी, क्योंकि हम लोगों के सबके घर आस पास ही थे. 1 साल का सेक्सतो मैंने फिर उसको बेड के किनारे पर घोड़ी बना कर पीछे से चूत में लंड डालता रहा. पीरियड में कम ब्लड आए तो क्या करेंउन्होंने अपनी टांगें टेबल पर पसार दी थीं और मस्त बातें करने लगी थीं. मैंने अपने हाथ से पेंट की पहाड़ी को ढकने का प्रयास किया … मगर लंड की लंबाई की वजह से पूरी तरह से उभार खत्म ही न हो सका, अब भी थोड़ा नीचे से उभार दिख रहा था.

मुझे अपने काम पर पहली बार गर्व हुआ और उस दिन के बाद पिछले तीन साल में अलग अलग कोखों से मेरे पांच बच्चे हुए.

अब मेरे दिल की धड़कन बहुत तेज रफ्तार से चल रही थी कि अब क्या होगा। तब तक मैडम जी ने दरवाजा खोला तो मैंने ऑफिस का मेन दरवाजा बन्द किया तो उन्होंने अपने कमरे में आकर पहले जिस तरफ से आई थीं उसका भी गेट बन्द कर दिया और वापस आकर ऑफिस का गेट भी चेक किया और मुझे अपने शयनकक्ष में ले जाकर बेड पर बैठने को कहा. मीनू की पहली चुदाई के बाद तो जैसे हम दोनों एक दूसरे के लिए प्यासे ही रहने लगे थे. हालांकि उस वक्त ऐसा कर पाना बहुत मुश्किल था मगर ऐहतियातन मैंने लंड को निकाल ही लिया.

उसके बाद रोज सेक्सी आंटी को हम दोनों के लंड का रस मस्त लगने लगा और हम भी जी भर कर मोनिषा आंटी की चुदाई का मजा लेने लगे. उसके गोरे गोरे स्तनों के ऊपर वो छोटे से काले निप्पल क्या मस्त लग रहे थे. फिर जब भी गांव जाता और कभी सरस्वती ससुराल से आती, तो दोनों की मुलाकात होती.

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उसको खुद के लिंग पर दर्द हुआ था, तभी उसने मेरी योनि के दर्द को समझा था. क्योंकि इतने लोग आपके सामने संभोग कर रहे हों और आप को कुछ हुआ न हो, ऐसा तो केवल नपुंसकों के साथ हो सकता है. मैंने कहा- अब तो मैंने देख भी लिए है … इसलिए समय ख़राब मत करो … आंटी के आने से पहले कर सब दर्द दूर कर देता हूँ.

काफी देर तक उसके चूचों को चूसने के बाद मैंने उसकी केपरी को भी निकलवा दिया.

उस वीडियो में सोमेश दीदी को किस कर रहा था और दीदी की अंडरवियर में उंगली करते हुए कस कस कर अन्दर बाहर कर रहा था.

वो बोली- तुम मुझे आप क्यों कह रहे हो, मैं तुमसे उम्र में इतनी बड़ी हूं क्या? मुझे ‘तुम’ कह कर ही बुलाया करो. उसके लिंग के सुपारे के ऊपर की चमड़ी हल्की सी खुली थी, जिसमें उसका मूत्र द्वार दिख रहा था और चिपचिपी पानी की बूंद सी निकल रही थी. अंग्रेजी ब्लू फिल्म दिखाओबात बचपन की थी, सो खत्म हो गयी अब इस उम्र में मैं मिली, तो सहायता के नाम पर उसने मुझे फंसा लिया.

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मामी ने मेरे लंड को पकड़ कर अपने कोमल हाथों से उसको सहलाना शुरू कर दिया.

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बस चाय नाश्ते के टाइम पर या रात के खाने के टाइम पर कुछ हल्की फुल्की बात हो जाती थी. उसके बाद उसने मेरी चूत को हथेली रगड़ते हुए अपना लंड मेरी गांड में लगा दिया. उस रात में मैंने मैडम को चार बार चोदा और वैसे ही हम दोनों किस करते हुए कब सो गए, पता ही नहीं चला.

भाभी बोली- इतना क्यूँ तड़पा रहे हो मुझे … मेरी चूत में जल्दी से अपना लंड डाल कर इसकी प्यास को शांत करो … अब देर ना करो … जल्दी से अपने लंड से मेरी चूत को फाड़ डालो … इसे चोद चोद कर इसका पानी निकाल दो. मेरे ये कपड़े इतने अधिक चुस्त और छोटे होते हैं, जिनसे मेरी चूचियों और उठी हुई गांड का आकार बिल्कुल साफ़ दिखाई देता है.

बस एक बार ऐसा जुगाड़ लगाओ कि तुम मैं और सारिका साथ रात भर मजे से चुदाई कर सकें.

वे देखते रहे, बोले- कब तक करोगे?मैंने कहा- आप दोनों नहा लें, तब में नहाऊंगा. एक तरफ चाचा जी कार्ड बांटने जा रहे थे तो दूसरी तरफ मैं बाकी की रिश्तेदारियों में कार्ड बंटवाने जा रहा था. विभोर के पास कार भी थी तो कभी कभी वो कार में भी मुझे किस करता था और मेरी चूची को दबाता था.

उसके मुँह से ये बातें सुनकर मैं बनावटी गुस्से में बोला- तुम कह क्या रहे हो?मेरे गुस्से को देखकर वो बोला- सुरेश तुम्हारी मॉम को आज भी शहर में जाकर चोदता है और अपने दोस्तों से भी चुदवाता है. उसे दूसरे दिन मैंने उससे कॉलेज में बात करने की कोशिश की, लेकिन वो मुझे नजरअंदाज करके चली गई. फिर उसकी शादी कहीं और तय हो गई और हमारा मिलना बंद हो गया पर हमें एक दूसरे का साथ पा कर अच्छा लगा.

तब मैं बोला- वह देखकर नहीं मालूम किया जा सकता, उसे चैक करने के लिए कुछ करना पड़ेगा, तभी पता चलेगा.

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रूम पर जाने के लिए मार्किट से होकर जाना पड़ता था, इसलिए मैंने सोचा कंडोम ले लूँ. चूंकि उसके घर के सदस्यों के साथ मैं घुल मिल चुका था इसलिए उसकी बहन का फोन नम्बर भी मेरे पास था. बेडरूम में, किचन में, बाथरूम में, मतलब आंटी की चुदाई घर के हर कोने में की, हर जगह बहुत सारे आसनों में उनको चोदा.

”क्या हुआ डार्लिंग … अभी भी दर्द हो रहा है क्या?”नहीं मेरे राजा … बहुत अच्छा लग रहा है … इतना मजा मुझे पूरी जिंदगी में नहीं मिला.

जब बस की लाइट ऑन थी, तब ही मैं अपना एक हाथ मॉम के जांघ पर रख चुका था. उसकी लार मेरे मुंह में जा रही थी और मैं उसकी लार को खींच कर पी रही थी. मैंने पूछा- और तुम क्या कर रही हो?वो बोली- मैं अपना मज़ा ले रही हूँ.