बीएफ गुजराती वीडियो

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जो करना है कर लो…!राहुल जल्दी से बेड की तरफ बढ़ता है।आरोही- रूको भाई ऐसे नहीं तुम भी अपने कपड़े निकाल कर आओ, तब प्यार का मज़ा आएगा।राहुल तो पता नहीं कौन सी दुनिया में खो गया था, उसके मुँह से आवाज़ ही नहीं निकल रही थी। वो भी जल्दी से नंगा हो गया, उसका लौड़ा तना हुआ था, जो करीब 6″ का होगा और ज़्यादा मोटा भी नहीं था।आरोही- ओह. सेक्सी सेक्सी ब्लू फिल्म वीडियो मेंवो भी मेरे होंठ चूसती रही, साथ ही मेरे हाथों से जो उसके दूध दब रहे थे, उसका मजा ले रही रही थी- आ आआ आअम्म आ आह्ह्ह! किये जा रही थी.

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मेरा पहली बार था तो थोड़ी चमड़ी कट गई लेकिन मैं धीरे धीरे धक्के देने लगा और गति बढ़ाई।अब उसकी और मेरी मादक आहें कमरे में गूंज रही थी, मैं कभी उसके बूब्स तो कभी कान चाट रहा था और कभी उसकी गांड में भी उंगली कर रहा था।वो चिल्ला रही थी- फक मी हार्ड ! आह और जोर से… आह चिंटू ! माह लवली फ्रेंड ! और डाल !बीच में गाली बक रही थी तो मैंने भी उससे कहा- डोंट वरी जान ! आज तुझे नहीं छोडूंगा.मैं यही सोच रहा था कि रात को एक बार कोशिश तो जरूर करूँगा… यह अच्छा ही था कि सलोनी बैडरूम में रहेगी और मैं आसानी से मधु की बन्द चूत खोल पाऊँगा।मगर फिर एक डर भी सता रहा था कि अगर वो ज़ोर से चिल्ला दी तो क्या होगा !बहुत से विचार मेरे दिल में आ जा रहे थे… मैं बहुत सारी बातें सोच रहा था… कि मधु को ऐसे करके चोदूंगा, वैसे चोदूंगा.

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सम्पादक – इमरानजैसा कि हम दोनों यह सोच कर आज घर से निकले थे कि आज केवल होगी तो मस्ती- मस्ती और बस मस्ती…तो आज की रात ऐसी ही गुजर रही थी.

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ऐसा लग रहा था जैसे चुदाई का बैकग्राउंड म्यूजिक चल रहा है…और मुझे अचानक होश आया…नीलू पर जैसे कोई फर्क नहीं पड़ा. अच्छी लगी मुझे, उसमें से मुझे कुछ बू सी आ रही थी, उसको सूंघने का मन हुआ, मैंने सूंघा, अजीब सी महक थी. मैंने उसे आखिरी मौका देने का सोचा, मैंने पूछा- डाल दूँ?उसने सिर्फ हाँ में सर हिलाया पर कुछ बोली नहीं!मैंने उसको सीधा किया, उसकी चूत पर किस किया, थोड़ा गीला किया और फिर से लंड को रगड़ना शुरू कर दिया पर अंदर नहीं डाला.

मैंने साजन के अंग से फिर, मुँह से खेले कई खेल सखीकभी होंठों से खींचा उसको, कभी जीभ से रस फैलाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. उसने कसकर मेरे लण्ड को पकड़ दबा दिया…उसकी चूत पूरी गीली हो गई थी और लगातार पानी छोड़ रही थी…तभी उसने मेरे कान में कहा- …चलो कहीं साइड में चलते हैं…क्या बात है !! मतलब वो चुदवाने के मूड में आ गई थी…मैंने सलोनी की ओर देखा तो वो उन दोनों से मस्ती कर रही थी… उस मोटे आदमी ने सलोनी को पीछे से दबोच लिया था और उसके हाथ आगे से सलोनी की स्कर्ट के अंदर थे. !”प्रिय पाठकों आपकी मदमस्त सुधा की रसभरी कहानी जारी है। आपके ईमेल की प्रतीक्षा में आपकी सुधा बैठी है।[emailprotected].

हाँ अगर ऊपर से कोई नीचे आ रहा हो तो वो भी सीढ़ी से तभी किसी के देखने की संभावना थी।इसीलिए भाभी बाहर नंगी आने को तैयार हो गई थीं. फिर उसने कहा तू दस तक गिन, और दस स्पंदन कड़े कियाफिर करवट लेकर उसने तो, पुनः अपने ऊपर मुझे कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. सच कहूँ दोस्तो, उस रस से भरी गीली चूत का स्वाद इतना अच्छा लगा कि मैं पागलों की तरह उसे चूसने लगा, उसका रस पीने लगा।इशरत भी मचल उठी और अपना सर इधर उधर पटकने लगी।तभी मेरा मुँह पर एक लंड आकर टकराया और इशरत की चूत में फ़च से घुस गया।इशरत फिर एक बार कराह उठी.

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मैंने अपनी जुबान से अन्दर तक चाटना चालू किया, मैं राधिका की चूत का सारा रस खींच-खींच का पीना चाहता था.

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राजू… के पिताजी… यानि मेरे पति… राजेश मेरी इच्छा पूरी नहीं कर पाते इसलिए मैं और चीजों से काम चलाती हूँ, वो कल से गाँव गए हैं, मैं आज बाजार खरीददारी करने गयी थी. पर तू कुछ करता ही नहीं था…‘चाची आज सब कुछ क़र दूंगा… मैं भी आपकी चूत के लिए बहुत तरसा हूँ! मैंने तो पहली बार जब मुठ मारी थी तो आपको ही सोच क़र मारी थी कि आपकी टांगों पर इतने बाल हैं तो आपकी चूत पर कितने बाल होंगे, मैंने आज तक जितनी बार मुठ मारी है उनमें से 98% आपको सोच क़र मारी है…!’चाची बोली- ओहो मेरे आशिक, चल अब मजे लेते हैं. !मैं प्रेम से गांड मराने लगी, वो भी प्यार से गांड मार रहा था।अचानक उसने पूरा लंड बाहर निकाल कर पूरा का पूरा एक झटके से मेरी गांड में डाल दिया, तो एकदम से मेरा मूत ही निकल गया। हम दोनों ही जोर-जोर से हंसने लगे। चुदाई के बाद मैं शर्माने जैसा नाटक कर के शिशिर से बोली- मुझे अब बहुत शर्म आ रही है.

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मेरे हाथों से पीओ।ओके माई फ्रेंड्स ! आज का भाग यहीं तक ! अब अगले भाग में आपको पता चलेगा कि क्या होता है?दोस्तो, आपने मेल करके कहानी की तारीफ की है, उसके लिए थैंक्स।अब रेहान का क्या इरादा है, वो जानता है कि जूही तैयार है फिर भी वो जूही को नशे में क्यों कर रहा है?अन्ना को रेहान ने रात के लिए कौन से इंतजाम के लिए कहा था?सब सवालों के जवाब आगे के भाग में मिलेंगे. ***कुछ सवालों के मज़ेदार जवाब पप्पू के मुख से:छिपकली क्या होती है?पप्पू- छिपकली गरीब मगरमच्छ की औलाद होती है जिसे बचपन में बोर्नविटा वाल दूध नहीं मिला पीने के लिए…पिज्जा क्या होता है?पप्पू- पिज़्ज़ा वो परांठा है जो अपनी पढ़ाई के लिए विदेश चला गया था…***पप्पू भागते भागते घर आया और अपनी मम्मी प्रीतो से बोला- मम्मी मम्मी, अभी थोड़ी देर में आपको बहुत मज़ा मिलने वाला है. तो उसके ब्लाउज और पेटीकोट सिलने देने थे…मैं- अरे कुछ देर पहले फोन आया था कि वो तो उसने दे दिए थे…मधु- नहीं, वो बाजार वाले दर्जी ने मना कर दिया था.

लेखक : राहुल शर्मामिलासा ने मेरी गाण्ड में माल निकाला और अपने कपड़े ठीक करके हम दोनों हाल में आ गए जहाँ गीता बैठी थी. तो वो चुप हो गई, मैंने पूछा- क्या हुआ?तो उसने बोला- प्यार तो मैं भी आपसे करती हूँ, पर मुझे बहुत डर लगता है कि अगर घर में किसी को पता चला तो बहुत मार पड़ेगी. चाची चिहुंक गई पर मैं कहाँ रुकने वाला था, क्योंकि जो बन्दा इतने साल जिसके बारे में सोच क़र मुठ मारता हो आज वो नंगी उसके सामने हो तो वो उससे बिल्कुल नहीं छोड़ेगा.

उत्तेजना से मैंने उसकी बुर ज़्यादा अंदर तक अपनी जीभ से पेलने के लिए जैसे ही अपना सिर थोड़ा ऊपर उठाया कि तभी एक हादसा हुआ.

ये क्या है, सचिन कौन सी फिल्म और कौन अन्ना यहाँ कौन सा गेम चल रहा है? यार पटाखा यहाँ क्या कर रही है?संजू- माँ कसम. अब तो मज़ा आ जाएगा, चलो जल्दी से घोड़ी बन जाओ आज तुमको घोड़ी बना कर बड़े प्यार से तेरी गाण्ड मारूँगा।आरोही घोड़ी बन कर राहुल को आराम से करने के लिए बोली।राहुल- फिकर मत कर बहना, बड़े आराम से थूक लगा कर तेरी गाण्ड मारूँगा, जैसे सिमरन की मारी थी।यह बात सुनते ही आरोही सन्न रह गई और जल्दी से सीधी होकर राहुल के पास बैठ गई।आरोही- भाई अपने भी सिमरन के साथ किया था.

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बीएफ गुजराती वीडियो अब तुम गौर से सुनो, जो मैं कहता हूँ आज वही सब करना ओके…!आरोही- ओके बॉस…!रेहान पंद्रह मिनट तक आरोही को समझाता रहा कि क्या करना है उसको और आरोही बड़े गौर से सब सुन रही थी।आरोही- वाउ. !राहुल- तो अब कौन से बड़े हो गए और क्या फ़र्क पड़ गया है, अब यार तुम तो कहती हो कि मुझे फिल्म में हीरोइन बनना है, ऐसे शरमाओगी तो तुम हीरोइन कैसे बन पाओगी?आरोही- हाँ भाई.

चाची बोली- जोर से चोद! मैं झड़ने वाली हूँ!मैं और जोर से चोदने लगा और मेरा लंड उनकी चूत में ही झड़ गया, चाची भी झड़ चुकी थी.

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! चूत पर एक भी बाल नहीं था।उसकी गुलाबी चूत का पानी पीकर आनन्द आ गया।उसकी चूत बिल्कुल सील बंद थी और मेरा लंड भी सील पैक था।मैंने उससे अपना लण्ड चूसने को कहा तो उसने बिना मना किए मेरा लण्ड चूसना शुरू कर दिया।क्या मज़ा आ रहा था. !मैंने एक पैग खींचा। उसने काफी दारु खींच डाली। उसको काफी नशा हो गया। वो पक्का पियक्कड़ निकला।वो खाना खाने जाने तक लायक नहीं रहा, सोचा था आज शायद नशे में मुझ पर हाथ फेरेगा. !मैंने कहा- कैसे?वो बोलीं- बस तेरी हरकतों से पता चल गया।मैंने कहा- दीदी आप बार-बार वो बात बोल कर मत चिड़ाइए.

!मेरा मन बहुत ही खुश था, पर मुझे नहीं मालूम था कि इतनी जल्दी मौका मिल जाएगा।रात को मामी ने मेरा बिस्तर, एक ही पलंग पर लगा दिया। रात को सोते समय मुझे लगा कि कोई मेरे लौड़े को हिला रहा है, तो मैंने देखा मामी मेरे लौड़े को चूस रही हैं।मेरा लौड़ा सख्त होने लगा लेकिन मैंने सोने का नाटक जारी रखा।वो शायद ये समझ गई थीं, मुझे सताने के लिए मामी भी सोने लगीं।तो मैं बोला- मामी और करो ना. !”फिर क्या करूँगी? यह बच्चा कहाँ से आया? इसका बाप कौन होगा?”मैं हूँ इसका बाप।”क्या तुम इस बच्चे को अपना नाम दे सकते हो?”हाँ आंटी, मैं इस बच्चे को अपना नाम दूँगा।”तुम पागल हो गए हो अमन ! यह पाप है, मैं तुम्हारी आंटी हूँ… तुम्हारी माँ जैसी? दुनिया थूकेगी हम दोनों पर. मैंने भाभी से पूछा- ये क्या है?भाभी ने कहा- मादरचोद, गांडू… चाट इसको!मैंने रस को चाटा तो काफी गरम और टेस्टी था.

नीलू… उसने बहुत काम संभाल लिया है…सलोनी- ओह… तो यह बात है, लगता है उसने मेरे बुद्धू राजा को रोमांटिक भी बना दिया है…उसने आँखे घूमाते हुए बोला- …केवल ऑफिस का काम ही ना… फिर लण्ड को पकड़ते हुए… कुछ और तो नहीं ना…??अचानक मेरे दिमाग में विचार आया और बोला- …क्या यार सलोनी.

आप करो तो सही।”उम्म …करती हूँ… हे भगवान तू भी ना वीर एक्सपेरिमेंट का बड़ा शौक है तुझे भी। तू तो मुझसे भी बड़ा चोदू है कुत्ते।”मैं मुस्कुराया और शॉट मार दिया।उफ्फ्फ…देख कितना मुश्किल है बैलेंस करना इस पोजीशन में… मैं नहीं बनी रह सकती इस तरह घोड़ी… उफ्फ्फ. मैंने उससे पूछा कि क्या उसने पहले भी सेक्स किया है तो उसने मना किया कि उसने पहले कभी सेक्स नहीं किया. खोदत-खोदत कामांगन को जल के सोते फूटे री सखीउसके अंग के फव्वारे ने मोहे अन्तस्थल तक सींच दियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!.

3बजे थे, सो मैंने सोचा एक बार और नहा लूँ, नहा कर फ्रिज में से निकाल कर कुछ खाया और ससुर से चुदने को तैयार हो गई।यह दास्तान मैं फिर कभी सुनाऊँगी. कितना सुकून मिल रहा है इसको… यह तो तुम्हारे हाथ की गर्मी से ही पिघलने लगा…मुझे पता था… यह सलोनी की सबसे बड़ी कमजोरी है. मैंने अपना एक हाथ नीचे उसकी टांगों की तरफ बढ़ाया उसकी गोरी खूबसूरत टाँगें जिन पर बालों का नामोनिशान नहीं था, वो मुझे मदहोश करने लगी.

मैं गुस्से में उठकर बैठ गया और चाची का हाथ पकड़ कर अपनी ओर खींच लिया। इस बार चाची मेरी गोद में लेटी हुई थी. साजन भी अब जल में उतरे, मुझे अपनी बाँहों में उठा लियाफिर कमर से मुझे पकड़ सखी, अपने अंग पे जैसे बिठा लियाअंग से अंग मिल गया सखी, अंग स्वतः ही अंग में उतर गयाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!” कह कर हम दोनों ऊपर जीजाजी से मिलने चल दिए।सीढ़ी पर मैंने कामिनी से पूछा- यह सब क्या है? तूने तो कमाल कर दिया अब बता प्रोग्राम क्या है?”मेरे कान में धीरे से बोली- सामूहिक चुदाई…! अब बता जीजाजी ने तेरी चूत कितनी बार मारी?चल हट. मैंने धीरे से उसके सर को चूम लिया, उसने चौंक कर अपना सर ऊपर किया, हमारी नज़रें मिली, आँखें भूरी थी उसकी पर चमक ऐसी कि कोई भी सम्मोहित हो जाए, निचला होंठ ऊपर के होंठ से हलके भारी था, गुलाबी और चमकदार। रंग सांवला और शरीर भरा पूरा था।जब मैं उसका मुआयना कर रहा था, तभी उसने मेरे चेहरे को अपने हाथों में लेकर मुझसे कहा- क्या देख रहे हो जनाब?मैंने कहा- कोशिश कर रहा हूँ कुछ देखने की ! शायद कुछ दिख जाए. नीलू ने भी अपने चूतड़ों को आगे को कर अपनी चूत को उभार दिया…उसकी चूत पर हल्के हल्के निशान दिख रहे थे जो खुजाने से सफ़ेद भी हो रहे थे।मैंने अपनी उँगलियों को उसकी चूत पर फेरते हुए ही कहा- क्या जानेमन? कुछ चिकना तो लगा लेती.

पहले तो थे धीरे-धीरे, अब स्पंदन क्रमशः तेज हुएअंग ने अब अंग के अन्दर ही, सुख के थे कई-कई छोर छुएतगड़े गहरे स्पंदन से, मेरा रोम-रोम आह्लाद कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!मैं उसकी बातों से और गरम हो रहा था। कुछ देर बाद उसकी चूत को मजा आने लगा।वो बोली- अब लेट के कर लेकिन मैं ऊपर रहूंगी. !तो उसने कहा- ठीक है।अब मैं आपको अपनी दिव्या के बारे में बता दूँ, मुझे यकीन है, उसके बारे में जान कर आप आप अपनी मुठ्ठ मारना नहीं भूलोगे।दिव्या देखने में एकदम माल लगती है, उसकी चूची एकदम मस्त हैं, मन करता की मुँह में भर लूं और बाहर ही ना निकालूँ। उसकी चूची का साइज 30 है। उस पर वो जब काली ब्रा पहन लेती है, तो अय. मुझे छोटी चड्डी में डाल कर नीलू मजा ले रही थी, क्योंकि मेरा लिंग फूल कर बाहर झाँकने की कोशिश कर रहा था.

बैण्ड का नाप (B) – धड़ के नाप में 4 इंच जोड़ दें। अगर धड़ का नाप विषम (odd) संख्या है तो 5 जोड़ दें (B=D+4/5)| विषम संख्या में 5 इसलिए जोड़े जाते हैं क्योंकि ब्रा केवल सम-सांख्यिक (even number) साइज़ में ही मिलती हैं।4. उसने अपने दोनों पैर फैलाये हुए थे, अब मेरी बारी थी उसे असीम आनन्द देने की, मैं अपने मुख को उसके योनि के पास ले गया और अपनी साँसों से उसे अपने करीब होने का एहसास कराया.

कल तो जोश-जोश में आपसे 3 बार प्यार कर लिया और रात को पूरा बदन अकड़ रहा था, थकान की वजह से ऐसी नींद आई कि सुबह आँख ही नहीं खुली, राहुल ने आवाज़ दी तब जाकर उठी. मैं उसकी चूचियों को मसलता हुआ उसकी चूत में धक्के लगा रहा था…यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !और दरवाजे के बाहर खड़ी रोज़ी की दरवाजे पर की जा रही खट-खट. घटना को लिपिबद्ध करने में कामुकता पैदा करना आवश्यक हो जाता है और उद्देश्य भी यही होता है कि लड़कों के लंड से रस टपकने लगे और वे सब मुट्ठ मारे बिना न रह पायें तथा सब लड़कियों की चूत रसीली हो जाए और उनके हाथ भी जबरदस्ती उनकी चूत में घुस जाएँ.

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यह सभी कुछ हम बारिश में गीली छत पर ही कर रहे थे कि अचानक दीदी बोली- बाकी का काम बिस्तर पर करना।और मुझे भी लगा कि काम को आखिरी अंजाम देने के लिए हमें बेड पर जाना ही पड़ेगा.

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!यह बात सुन कर मैं उससे दूर हो गया। मुझे बहुत शर्म आ रही थी क्योंकि वो मेरी चाचा जी की लड़की है।मैंने उसे बोल दिया- मुझसे नहीं होगा यह डान्स. ” और मैं झड़ गई। थोड़ी देर बाद मेरा भाई भी झड़ने ही वाला था तो मैंने उसको लंड निकालने को कहा और अपने मुँह में ले लिया।वो मेरे मुँह में झड़ गया। अब हम जब भी मौका मिलता है चुदाई करते हैं।आपको मेरी दोस्त की कहानी कैसी लगी? ज़रूर बताना।. चुदाई व्हिडिओ चुदाईयह कर सकती हूँ मैं तुम्हारे लिए। तुम्हें पता है कि एक माँ के लिए उसके बच्चे को अलग कर पाना कितना मुश्किल है।”इस बच्चे को कोख में मारना भी पाप है। आप उसे धरती में आने दो। उसे अनाथ आश्रम में डाल देंगे। फिर थोड़े समय बाद उसे गोद ले लेना आप.

उस सबको याद करके एवं सलोनी के इतना निकट होने से मैं यह काम आसानी से नहीं कर पा रहा था…मुझे पता था कि मधु आसानी से मेरे लण्ड को नहीं ले पायेगी और अगर ज़ोर से झटके से अंदर घुसाता हूँ तो बहुत बवाल हो सकता है…खून-खराबा, चीख चिल्लाहट. तेरी गाण्ड से लौड़ा बाहर निकल गया इसका स्वाद ले ले।दोनों ने मिलकर लौड़े को चाट-चाट कर साफ कर दिया। कुछ देर वो तीनों वहीं बातें करते रहे.

!मैंने कहा- आप क्यों नहीं धो देतीं इसे, यह कल से आप का ही हो गया है, तो इसका खयाल रखना भी तो तुम्हारी ही जिम्मेदारी है ना?तो भाभी ने मेरे लंड को तुरंत ऐसे ही पकड़ लिया और वाशरूम में ले गईं, जहाँ वो मेरे लंड को बड़े ही प्यार से देख रही थीं और उस पर हाथ फेर रही थीं। भाभी ने मेरे लंड को धोया और जाने लगीं।हम रात से ही नंगे थे। मैंने फिर से भाभी हो पकड़ लिया और कहा- मेरे साथ नहा कर जाओ. मैंने माल गले के नीचे नहीं किया और सारा माल मुँह में रखा और पूरे मुँह में घुमाने लगी और फिर तैयार हो गई और बाहर आ गई. अंकल- जी हाँ, पर साड़ी के साथ पेटीकोट और ब्लाउज मैं फ्री पहनाता हूँ…अब तुम सोच लो पेटीकोट और ब्लाउज भी मुझ ही से पहनोगी, तभी साड़ी भी पहनाऊँगा… हा हा हा…सलोनी- ओह ब्लैकमेल… मतलब साड़ी पहनाने की फीस आपको एडवांस में चाहिए…अंकल- अब तुम जो चाहे समझ लो… मेरी यही शर्त है…सलोनी- हाँ हाँ… उठा लो मज़बूरी का फ़ायदा… अच्छा जल्दी करो अब.

तो आप मेरा मार्गदर्शन कर सकते हो।मेरी[emailprotected]पर मेल करके आप कहानी से जुड़ा कोई भी सवाल पूछ सकते हो।तो अब जल्दी से मेल कीजिए और आज के भाग के बारे में अपनी राय बताइए।बाय फ्रेंड्स…. कभी कभी तो केवल जरा सा देखकर ही कच्छा ख़राब कर देता था…मगर आज इतना मस्त नजारा चारों ओर था, सब तरफ चुदाई चल रही थी, ऋज़ू की खूब चुदाई भी की थी. अच्छा लड़कियों के पास केवल एक क्रेडिट कार्ड होता हैं और शायद ही कभी इसका इस्तेमाल करती हैं ! बुरा लड़कियों के पास केवल एक ब्रा होती है और शायद ही कभी इस्तेमाल करती हैं.

पहली बार लौड़े को ऐसे देख रही थी और सेक्सी कहानी क कारण मेरी चूत एकदम गीली हो रही थी।मैंने उसके लौड़े को सहलाना शुरू किया कुछ ही देर में वो अपने असली आकार में आने लगा।दीपक तो बेसुध सा पड़ा हुआ.

गहरी नींद सोया कि पता ही न चला कि आस-पास क्या हुआ या जो भी बात हो जब जगा तो देखा नीलू सामान सजा कर मेरे पास ही कुर्सी पर बैठी थी. मैं तो चाह रहा था कि यह स्कर्ट यूँ ही फँसी रहे, पर मैं जल्दी से खुद को काबू कर कील से स्कर्ट हटाने लगा.

’ इस तरह के शब्द निकलने लगे।मैंने उसके लंड की टोपी पर अपनी ज़ुबान रखी तो उसने मेरे बाल पकड़ कर मेरे मुँह में अपना लंड ज़बरदस्ती घुसेड़ दिया।उसकी ताक़त के आगे मैं कुछ नहीं कर सकी, उसका पूरा लंड एक झटके में मेरे हलक से जा टकराया।मैंने लंड मुँह से निकालने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही।वो बोला- अगर मैं जानता कि तू मुझसे चुदवाना चाहती है तो तुझे मैं अपने बुटीक में ही चोद देता. इंस्पेक्टर ने मुजरिम की पिटाई रोककर यह खुशखबरी अपने साथी पुलिस वालों को सुनाई– साथियो, मेरी बीवी सलमा ने बेटे को जन्म दिया है !!!अचानक मुजरिम सन्तारोता हुआ जोर-जोर से चिल्लाने लगा–‘डाल दे… डाल दे… डाल दे… डाल दे…’अब यह केस भी मुझ पर ही डाल दे कमीने……. हह…!राहुल के लंड से पिचकारी निकलने लगती है और उसकी आँख खुल गई।राहुल को जब यह अहसास हुआ कि ये सपना था, तो वो मुस्कुराने लगा और अपने आप से ही बोलने लगा- सुबह का सपना है, जरूर सच होगा और आरोही तुमको ऐसे ही मेरा लौड़ा चूसना होगा, लेकिन पानी तो मैं तेरी चूत में ही निकालूँगा.

!तो मैंने दुकान बंद करके आया और उसकी ब्रा-पैन्टी निकाल दी। उसने भी मेरे पैन्ट और बाकी के कपड़े निकाल दिए।अब हम दोनों पूरे नंगे थे एक-दूसरे से लिपट गए और मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया और उसके मम्मे दबाने लगा।उस को भी मजा आ रहा था और वो मेरा लंड छोड़ ही नहीं रही थी।वो बोली- आज के दिन मैं तेरी हूँ. दीदी की कच्छी में कैद उनके चूतड़ और नंगी जाँघें एकदम अचानक सामने आकर नुमाइश लगा देते थे, पर तब मैं उन्हें इस नज़र से नहीं देखता था. सन्ता- और?सलमा- इमानदार हूँमेहनती हूँअनुभवी हूँकाम में तेज हूँसन्ता- और बताओ?सलमा-युवा हूँजवान हूँगोरी हूँखूबसूरत हूँस्लिम हूँसन्ता- और बताओ?सलमा-स्वस्थ हूँनिरोग हूँकॉपर टी लगवाई हुई है69 में होशियार हूँदसियों आसान आते हैंपीछे भी लेती हूँसबसे बड़ी बातअपने फ़्लैट में अकेली रहती हूँसन्ता: बस कर.

बीएफ गुजराती वीडियो मेरी आँखों में तो आँसू थे, साजन ने आँखें चूम लईआँखों से गिरी हीरों की कनी, होंठों की तुला में तोल दईहर हीरे की कनी का साजन ने, चुम्बन का अद्भुत मोल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. मैं रूम पार्टनर के लैपटॉप पर पॉर्न साइट्स देख रहा था, दोपहर का वक़्त था… और बाहर मौसम भी ठीक ना था…उसका कॉल आया- सुनो मैं तुम्हें अपना घर दिखाना चाहती हूँ !! तुम तैयार रहना, मैं लेने आ रही हूँ.

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वो मुस्कुरा दीं- क्या-क्या? सब बता दो नहीं तो…!मैंने कहा- आपका ऊपर का नीचे का!अरे देविन खुल कर बता, मैं भाभी को नहीं बता रही ये सब. ! ऐसे तो वो सबके मम्मे दबा कर मज़ा ले सकता है।जूही- हाँ रेहान जी वो ही तो आप आगे तो सुनिए, उस कुत्ते की करतूत…!रेहान- अच्छा बता, मेरा तो दिमाग़ घूम रहा है तू बच कैसे गई उनसे क्योंकि ये तो 100% मैं जानता हूँ तेरी चूत की सील मैंने तोड़ी है, अब बता उस दिन क्या हुआ? कैसे बची?जूही- आप सुनो तो सही. हिंदी सेक्सी फुक्किंग वीडियोउसका पानी थोड़ा नमकीन था, सोचा नहीं चाटूँगा, पर मस्त पानी निकला और मुँह दबा होने की वजह से पूरा मेरे मुँह में उतर गया.

मैं शादी करूँगा, तो सिर्फ तुमसे और किसी से नहीं।वह मेरी बातों में आ गई। फिर मैंने एक झटके से उसकी जीन्स खोल दी। अब वो सिर्फ अपने चड्डी और ब्रा में थी।भाइयों क्या कहूँ.

ज़ोर से भाई आ…!पाँच मिनट की कड़ी मेहनत के बाद राहुल कामयाब हो गया, आरोही की चूत ने पानी छोड़ दिया था।आरोही- आ आह उफ़फ्फ़ मैं गई. !”इस पर चमेली व्यंग्य करती हुए बोली- जब दूसरे की में गया तो भूस में गया और जब अपनी में गया तो उई दैया.

!वो बोलीं- मेरी क्लास में मेरा बॉय-फ्रेंड था… अबराम, हर डेट पर लंड चुसवाता था। पहले थोड़ा अजीब लगता था, पर लगातार 4 साल तक उसका लंड चूसा और फिर आदत पड़ गई और फिर शादी के बाद तेरे जीजू जब भी चुदाई करते हैं, तो मैं एक बार लंड ज़रूर चूसती हूँ और अब तो बिना लंड चूसे नींद नहीं आती।यह बात सुन कर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया।मैंने दीदी से कहा- दीदी आप डॉगी स्टाइल में हो जाओ. !” बस पाँच मिनट तक ये तूफ़ान चलता रहा। साहिल भी जूही के साथ ही झड़ गया। आज उसके लंड ने इतना पानी छोड़ा, जितना शायद ही कभी निकला हो। दोनों के पानी का समागम हो गया और रूम में एकदम सन्नाटा हो गया। जैसे तूफ़ान के बाद सब ख़त्म हो जाता है, एकदम शान्त। दोनों बेड पर निढाल होकर गिर गए। दो मिनट की शांति के बाद साहिल ने जूही के मम्मों को टच किया।जूही- क्या बात है तुम्हारा मन नहीं भरा क्या. मैं भी चूसने लगी फिर उसने मुझे चोदना शुरु किया तो मुझे थोड़ा दर्द हो रहा था, क्योंकि चाचू का लण्ड 6 इंच था, पर कासिम का लण्ड 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था.

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फिर भाभी ने मेरा लण्ड मुँह में लिया और प्यार से चूसने लगीं, चारों तरफ अपना हाथ लण्ड पर फिराने लगीं और आधा लण्ड 4 इंच मुँह में ले लिया. मैं- अहह अह अह्ह्ह अह! जय, ये गलत है ये गन्दा काम कहाँ से सीखा?जय- मैं जानता हूँ ओरल सेक्स लड़कियों को पसंद आता है, तुम्हें भी आता है, बोलो?मैं- अह, मत करो! मैं खुद को नहीं रोक पाऊँगी! और कुछ गलत हो जायेगा हमारे बीच!जय भी यही चाहता था और शायद मैं भी! जय ने मेरी टाँगें फैलाई और अपने लंड को अंदर डालने की कोशिश करने लगा. मेरी गाण्ड फट गई और तुझे मज़ा आ रहा है, जीजा जी की गाण्ड तूने मारी और गाण्ड की धज्जियां उड़वा दीं मेरी.

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आम तौर पर लड़कियों की चूत गीली ही रहती है और गीली और तब हो जाती है जब कोई उससे सेक्स की बातें करता है, या प्यार से छूता है, इसे पानी छोड़ना नहीं कहते हैं, पानी छोड़ने का अर्थ, लड़कियों के चरमोत्कर्ष को कहते हैं जो किस्मत वालियों को नसीब होता है वर्ना अक्सर लड़के मुठ चूत में निकालने के बाद पीठ फेर कर सो जाते हैं. चाय बना कर ननदोई जी को जगाया, फिर चाय पीते पीते वो फिर मूड में आ गए।मैंने मना कर दिया कि दिन भर थकान रहेगी, रहने दो, फिर कभी. बस तुमसे मिलने आई थी। बहुत दिनों से तुम दिखे नहीं और बात भी नहीं करते हो क्या हो गया?मैंने कहा- भाभी मैंने गलती की थी उसी की सजा मिली। आपने ही तो कहा था की बात मत करना, इसलिए…!उसने कहा- नहीं.

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!कविता- जी हाँ… पर मेरी एक शर्त है !दीप- जी बतायें?कविता- मैं एक पोर्न-स्टार की तरह चुदना चाहती हूँ और जैसे मैं चाहूँ आप वैसा ही करोगे !दीप- बहुत खूब. कमल प्रीतदोस्तो, आप सभी को मेरा यानि कमल का नमस्कार।मेरी उम्र 40 साल है और मैं जालंधर में रहता हूँ। मेरा मोटर पार्ट्स और पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री का काम है।एक सच्ची कहानी आपकी नज़र है।पिछले अगस्त के महीने में मेरे पास एक पति-पत्नी आए, जो अपनी पुरानी आल्टो कार बेचना चाहते थे। आदमी की उम्र 38 और महिला की करीब 33 होगी।मैंने कार देखकर उनको एक लाख 60 हज़ार रूपये बोल दिए, लेकिन उन्होंने कहा- 1.

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मैं समझ रही हूँ सच कहूँ तो मुझे आपसे प्यार हो गया है। अब यह जिस्म सिर्फ़ आपका है, कोई दूसरा इसको टच भी करता है तो बुरा लगता है। आपने बहुत मज़े दिए मुझे, अब आप जो कहोगे मैं करने को तैयार हूँ, बस मुझे हीरोइन बना दो प्लीज़. सेकसी चूत!भारती बहुत ही चालू थी। मैं एक घंटे में दो बार झड़ चुका था, इसलिए इस बार मेरा पानी जल्दी कहाँ निकलने वाला था. கிராமத்து தமிழ் செக்ஸ் வீடியோऔर दिल किसी की यादों की गहराईयों में था !मैंने जल्बाजी से काम न लेते हुए थोड़ा इंतज़ार करना ही बेहतर समझा, अपना फ़ोन निकाल उसमें गाना लगा दिया. अभी तक कूल्हा लाल है… फिर तूने उस दुकानदार लड़के से… शैतान कितनी देर तक मेरे सभी अंगों को छूता रहा… उसने तो मेरी चूत को सहलाया था……देख़ा था ना तूने…पारस- …हाँ भाभी… सच बताओ… मजा आया था ना…सलोनी- अगर अच्छा नहीं लगता.

मोहब्बत… इन शब्दों का मतलब सिर्फ वही समझ सकते हैं जिन्होंने इसे महसूस किया है, वरना ये सारे शब्द बेमानी से लगते हैं।मैं ईशानी को बेहद चाहने लगा था और मुझे इस बात का भी यकीन था कि वो भी मुझे उतना ही चाहती है।मैंने ईशानी से वादा किया था कि मैं उसको कहीं ऐसी जगह ले जाऊँगा जहाँ हम दोनों के सिवा कोई नहीं होगा.

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मेरे से रहा नहीं गया, मैंने उसके स्तन को मुँह में लिया और चूसने की कोशिश करने लगा। तो वो बोली- मादरचोद क्या क्या करेगा? मैंने कहा- रुक गांड की छल्ली ! तुझे तो मैं चोद चोद के फाड़ दूंगा !इतनी गोरी थी साली कि पूरा बदन लाल हो गया था मां की लौड़ी का…मन कर रहा था उसके गोरे जिस्म को कच्चा चबा जाऊँ. मैंने कहा- अब काम हो चुका है तुम्हारा! थोड़ा और बर्दाश्त कर लो बस!और उसके होंठ चूसता रहा, साथ ही सोचता रहा कि एक बच्चे की माँ है और खून?पर मुझे चोदने से मतलब था. हाथ बाल्टी पर…!”आंटी ने हाथ बाल्टी पर रखे और मैंने लंड उनकी गाण्ड में घुसेड़ दिया और उनकी कमर पकड़ कर चोदने लगा। मैंने इस बार बबिता की कमर नहींछोड़ी और हुमच-हुमच कर उस रंडी की गाण्ड मारने लगा। कुतिया 5 मिनट में ही भिनभिनाती हुई झड़ गई.

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तुम बस आज बर्दाश्त कर लो फिर सब ठीक हो जाएगा। आरोही को देखो दो ही दिन में उसकी चूत को ऐसा घिसा कि आज राहुल से मज़े लेकर चुद रही है।जूही- आ मई आ ज ज्जानती हूँ एमेम मैं पर दर्द बहुत हो रहा है आ. खूब अच्छे से चुदाई हुई थी।भरपूर चुदाई के आनन्द के बाद हमने सोचा कि अब वापस चलना चाहिए तो दोनों ने कपड़े पहने और एक-दूसरे को खूब प्यार किया और वादा किया कि हम फिर मौक़ा मिलते ही इस सब को फिर से करेंगे और बार-बार करेंगे।अब जब भी मेरे पति बाहर जाते हैं, शिशिर चोदने की जिद करता है। मैं भी कभी-कभी उसे मौक़ा देती हूँ, पर बाकी मेरे ढेरों और यार भी तो हैं… उनको भी तो अवसर देना होता है न…!खैर आप आइएगा. उसने मेरी बात नहीं मानी… मैं चुपचाप बर्तनों में एक एक करके खाना लगाने लगी। वो समझ गई मेरी नाराजगी, फिर वो बोली- मैं मदद करती हूँ.

उसके भगनासे की झालर को धीरे से छेड़ दिया और फिर क्या था, नीलू उठ कर बस लिपट गई और मेरा चड्डी निकालकर मेरे लिंग को जबरन अपने योनि में डाल लिया.

अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है।दोस्तो, बीच में आने के लिए सॉरी। मैं आपको बता दूँ कि अंकित तो सारी बात शॉर्ट में ही बता रहा है, इतना डीप में नहीं। मगर आप लोगों को चुदाई का भरपूर मज़ा मिले इसलिए वहाँ क्या हुआ, ये मैं आपको विस्तार से बता रही हूँ ओके…एंजाय…!अंकित आपने कपड़े निकाल देता है। उसका 7″ का लौड़ा आज़ाद हो जाता है।सिमरन- उउउ आ.

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मैं उठी और देखा, उसका पूरा लण्ड मेरे पानी और उसके वीर्य से चिपचिपा हो गया था… मेरी गाण्ड भी वीर्य से लथपथ थी…मैं सुस्ती छोड़ नहाने चली गई. !लेकिन मैंने पूरा जोर लगा कर एक जोर का धक्का दिया। मेरे लण्ड का सुपारा ही घुसा था कि वो रोने लगी और मुझको अपने ऊपर से हटाने लगी, लेकिन मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने फिर एक जोर का धक्का मारा. इस पर बोली- क्या?मैं बोला- आपको अपना स्वास्थ्य पत्र देना होगा, मैं आपको अपना दे दूँगा क्योंकि इस काम में कोई भी किसी भी तरह का यौन रोग लग सकता है.

फ़िर मैंने खिड़की के काँच से देखा तो पता चला कि वो दरवाजे के पास कुर्सी डाल कर चुपके से मेरे कमरे में झांक रही थी. !प्रभा बोली- दीदी, आज मुझे जो मज़ा आया, उसके आगे ये दर्द कुछ भी नहीं है। मैं नहीं जानती थी कि चुदवाने में इतना मज़ा आता है। पहले जब थोड़ा सा दर्द हुआ तो मैं घबरा गई थी, तुमने आज मुझे ज़िंदगी का वो मज़ा दिलाया है कि मैंने ज़िंदगी भर नहीं भूल पाउंगी।प्रभा फिर मुझसे बोली- जय, मुझे ये मज़ा लेने के लिए दीदी ने राजी किया था, आपने ही मुझे ये मज़ा दिया है। मैं आपको ज़िंदगी भर याद रखूंगी, आप ही मेरे पहले पति हैं.

मैंने देखा सलोनी बिना पलक झपकाए उसको देख रही है जो ऐसा लग रहा था कि बिल्कुल हमारे सामने बैठा हो…वो खिड़की के कोने में जाली से चिपका था… और कमबख्त की नजर पूरी तरह सलोनी की चूत पर ही थी…उसने उसकी चूत में मेरे लण्ड को घुसते हुए पूरा साफ़ देखा होगा…पर मेरी नजर तो सलोनी पर थी.

!तो उसने कहा- ठीक है।अब मैं आपको अपनी दिव्या के बारे में बता दूँ, मुझे यकीन है, उसके बारे में जान कर आप आप अपनी मुठ्ठ मारना नहीं भूलोगे।दिव्या देखने में एकदम माल लगती है, उसकी चूची एकदम मस्त हैं, मन करता की मुँह में भर लूं और बाहर ही ना निकालूँ। उसकी चूची का साइज 30 है। उस पर वो जब काली ब्रा पहन लेती है, तो अय. ! सच बताओ माजरा क्या है…!आरोही- ओह्ह कहा है तो हम कल से रेहान रेहान कर रहे हैं इसलिए गलती से उनका नाम ज़बान पर आ गया यार ! और रेहान कैसे सील तोड़ेगा हा मेरे बॉय-फ्रेंड के बाद आपने मुझे चोदा और आपके कहने पर मैंने रेहान के लिए ‘हाँ’ की उसका नम्बर तो बहुत बाद में आया था, लेकिन मज़ा बहुत दिया रेहान ने, यह मैं जरूर बोलूँगी…!राहुल- हाँ ये तो है. !मैंने दीदी से गाण्ड ढीली छोड़ने को कहा।गाण्ड ढीली होने पर मैंने जीभ अन्दर डाल दी और अन्दर से चाटने लगा। जीभ को चारों तरफ घुमा कर मैंने 15 मिनट तक गाण्ड चाटी फिर मैंने पीछे से सर अन्दर डाल कर चूत को मुँह में भर लिया।और दीदी से बोला- दीदी थोड़ा मेरे मुँह में सुसू करो ना.

एक्स एक्स एक्स फुक्किंग मेरी चूत में भी अब तूफान मच चुका था।मैं ज़ोर से आनन्द से चिपक गई और आनन्द के मुँह में मुँह लगा दिया।हमारी चुदाई शुरू हुए करीब एक घंटा होने को आया था।अब आनन्द की साँसें तेज हो गई थीं और वो रफ़्तार बढ़ाने लगा था. पिंकी सेनमाँ के जाने के बाद रीना ने नेट पर सेक्सी स्टोरी साइट खोली और ऐसे ही किसी बाबा की स्टोरी सर्च करके पढ़ने लगी। उसको पढ़ते-पढ़ते ही उसने अपने कपड़े निकाल दिए और चूचे दबाने लगी, उसको बहुत मज़ा आ रहा था।रीना- उफ्फ आ.

मेरी शादी इसी वर्ष हुई है।मेरी उम्र 22 साल और पत्‍नी की 20 साल है।हम अभी बच्‍चा नहीं चाहते हैं।संभोग के दौरान मेरी पत्‍नी कंडोम का इस्‍तेमाल पसंद नहीं करती, वो कहती है कि कंडोम से प्राकृतिक स्पर्श की कमी खलती है. !और इन आवाजों से मेरा जोश और बढ़ रहा था। करीब दस मिनट तक मैं उसके चूचों को दबाता रहा और उसके होंठों को चूमता रहा।फिर उसने कहा- अब बस भी करो ना… क्या पूरा दूध आज ही पीओगे क्या…! कुछ और भी करो ना जल्दी…!मैं- हाँ ना. तेरी गाण्ड से लौड़ा बाहर निकल गया इसका स्वाद ले ले।दोनों ने मिलकर लौड़े को चाट-चाट कर साफ कर दिया। कुछ देर वो तीनों वहीं बातें करते रहे.

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उस पर उसका गोरा बदन और मोटे मोटे बोबे! उसको देखते ही ऐसा लगता था कि बस कैसे भी इसे चोद डालूँ!अब मैं असली बात पे आता हूँ. जिह्वा अंग को थी उकसाती, उसे होठों से मैं कसकर पकड़े,साजन के बदन में थिरकन के, सखी कई-कई अब बुलबुले उड़े,अंग को जिह्वा-होठों से खींच, सखी मैंने कंठ लगाय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. मैं बुलाऊँगी, चलो फिर मिलते हैं।मैं वापस आ गया।आपको मेरी कहानी कैसी लगी, बताइएगा जरूर।callboyescort @gmail.

मैंने भाभी को लिटाया और उनकी टाँगें फैला कर उनकी टांगों के बीच में बैठ गया और अपना लण्ड भाभी की चूत पर रगड़ने लगा. सम्पादक : इमरानमस्ती भरी रात का पूरा मजा आ रहा था… सलोनी तो मस्ती कर ही रही थी… उसके चेहरे से लग रहा था कि वो हल्के नशे में है और वहाँ का माहौल उसको कुछ ज्यादा ही नशीला बना रहा था…इस तरह खुले में इतने लोगों के बीच सेक्स का मजा करने का यह मेरा तो पहला ही अनुभव था.

मम्मी पापा के ऑफिस चले जाने के बाद मैं अपने कपड़े बदल कर सिर्फ़ कुरता पहन लेती थी, अन्दर कच्छी भी नहीं पहनती थी.

मैंने तुरंत ही अपनी अंगुलियों से ऊपर की तरफ किया और योनिरस को इकठ्ठा करके राधिका के आहें भरते हुए मुँह में डाल दिया. जब अच्छी लड़कियों को गरमी लगती है तो वे अपनी शर्ट का एक बटन खोल लेती हैं, बुरी लड़कियाँ कुछ बटन खोल कर यह गर्मी पैदा करती हैं. अब तो मैं बँधी थी… हर कारनामे के वक़्त खड़े रहने वाले मेरे उरोज अब जैसे मरे पड़े थे… नीचे लटक रहे थे, शायद उन्हें भी डर था कि आज उनके साथ क्या होगा, पता नहीं !श्रेया ने दोनों हाथ से मेरी चूचियाँ बगल से ऊपर को बीच में की मगर फिर नीचे लटक गई.

वो एक सुन्दर औरत थी, 28 साल उम्र होगी, वो ज्यादा गोरी नहीं थी और उसके दूध भी बड़े नहीं थे लेकिन मुझे वो बहुत पसंद आई क्योंकि उसके छोटे दूध एकदम नुकीले खड़े थे जो मुझे हर लड़की में आकर्षित करते थे. मैं एक अत्यंत महत्वपूर्ण, पेचीदा, जटिल व आकर्षक अंग हूँ। मेरे और भी कई सूक्ष्म संकट और समस्याएं हैं जिनकी जानकारी देना यहाँ संभव नहीं है। हालांकि मुझे स्त्री-अंग माना जाता है पर मैं पुरुषों में भी पाया जाता हूँ पर वहां मेरा कोई उपयोग नहीं है। एक बात हिंदी भाषा की मुझे हैरान करती है …. !साहिल आगे सिम्मी का नाम लेता, उसके पहले ही रेहान ने उसे रोक लिया।रेहान- नहीं साहिल, चुप… तू कुछ मत बोल अगले सीन की तैयारी कर अबकी बार तू चोद साली को…!आरोही- नो.

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बीएफ गुजराती वीडियो: तभी नीचे से किसी के आने की आवाज आई तो हम दोनों उठ गये और अपने-अपने कपड़े झाड़ लिए, वो नीचे चली गई और मैं छत पर बाथरूम में जाकर पूजा के नाम से मूठ मार कर ही काम चला कर नीचे आ गया और ऊपर आने वाले को गाली दे रहा था. बच्चा नहीं होगा।दीपाली ने बिना बोले दवा ले ली।अनुजा- थोड़ी देर टीवी देख लेते हैं उसके बाद चुदाई शुरू करेंगे.

अह्ह्हह… चाची ने मुझे बहुत जोर से दबा लिया…तभी एक ही मिनट में चाची का शरीर अकड़ा और चाची की चूत ने काफ़ी सारा पानी छोड़ दिया. अया…आ गई मैं फिर से…इधर उसके लंड पर दीदी के चूत का गाड़ा सफेद पानी तेल की तरह लिपट कर चमक रहा था और अब उसका लंड की मशीन की तरह अंदर बाहर हो रहा था. आह…!दोस्तों चाहे कुछ भी हो एक जवान लड़की और खास कर जूही जैसी सेक्सी आइटम लौड़ा चूसे तो उसे मना करना मुमकिन नहीं है। यही हाल साहिल का था, वो बस बोल रहा था कि हट जाओ ये ठीक नहीं है, मगर मज़ा पूरा ले रहा था और जूही भी शातिर थी। होंठों को भींच कर लौड़े को ऐसे अन्दर-बाहर कर रही थी, जैसे लौड़ा चूत में जा रहा हो।साहिल- आ.

चरमोत्कर्ष केवल पांच-दस मिनट के सेक्स से नहीं मिलता, लगातार तीस मिनट की चुदाई से मिलता है, और जब मिलता है तब ‘हयो रब्बा’ क्या मजा मिलता है! अंदर से सिकुड़न होती है और कान से धुंए निकल जाते हैं, बस आग ही आग बदन से टपकने लगती है.

!आपको मेरी कहानी का पहला भाग कैसा लगा, मुझे[emailprotected]पर जरुर बताएं।कहानी अगले अंक में समाप्य है।. तब मुझसे गेंद भाभी की छत पर चली गई तो मैं लेने गया।छत पर जाकर मैंने देखा भाभी ब्रा-पैंटी में आँगन में नहा रही थीं।मैं तो उन्हें देखता ही रह गया। वो सांवली सी शक्ल वाली नीलम भाभी का बदन बहुत गोरा था। उनके बोबे क्या मस्त थे शानदार से और टाँगें क्या मांसल थी।वो मुझे छत पर देख कर एक पल को घबराईं, फिर मुझसे पूछा- क्या देख रहा है?मैं तो जैसे कुछ सुन ही नहीं रहा था. चूसने में मजा आ जाता है।और फिर कुछ देर चूसने के बाद वो झुकी और मेरे सामने उनकी बड़ी सी गुलाबी चूत थी। चूत को नज़दीक से देख कर लगा कि ये तो जम कर लंड खा चुकी है।तो मैं भी अपना लंड को चूत के पास हल्के सा रगड़ा और फिर घुसा दिया और अन्दर-बाहर करने लगा और वो भी पूरा मजा ले रही थी।इस बात का अहसास मुझे तब हो रहा था, जब वो ‘आहहा… आआआआ.