हिंदी टीचर बीएफ

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दोस्तो, आप महसूस कर सकते हैं कि जीवन में पहली बार जब एक लड़का और लड़की एक बंद कमरें में अकेले होते हैं तो कैसा अहसास होता है. सेक्सी वीडियो बीएफ देहातमैंने उसके मुंह के पास लंड लाकर कहा- चूसना चाहोगी मेरी जान इसे?उसने खुद ही मुंह खोल दिया और मैंने उसके मुंह में लंड दे दिया.

कुछ देर बाद वो खुद ही बोल पड़ी- यहीं खड़ी रखोगे क्या?मैंने फोन की टॉर्च जलाकर दरवाजा बंद किया और फिर उसको गोद में उठाया और बेड पर ले गया. बीएफ जानवर वाला वीडियोउनका वो ब्लाउज उनके कंधे से थोड़ा फटा सा था और वो झुकी हुयी थीं, तो साड़ी का पल्लू भी सही नहीं था.

कविता- हाह्ह … उफ्फ … उम्म … लगता है बहुत आग लगी हुई है तुम्हें!वो हंस रही थी लेकिन मुझे गुस्सा आ रहा था.हिंदी टीचर बीएफ: भाभी स्लो आवाज में कह रही थीं- आह रहने दो न … मनीष देवर जी सो रहे हैं, वो जाग जाएंगे.

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ससुर जी ने मुझे चोदते चोदते बहुत गालियां दीं, पर उस वक्त मुझे वो गालियां भी अच्छी लग रही थीं.मेरे पति के दोस्त ने जब मेरी चूत में अपना सारा पानी निकाल दिया … तो मैंने उसे अपनी बांहों में भींच लिया और उसे प्यार करने लगी.

जो तूने आदीबा के साथ किया, वो सब मेरे साथ करना चाहेगा?मैंने कहा- आंटी, अभी तो मैं बहुत थक चुका हूं. हिंदी टीचर बीएफ फिर उस टाइम पर उनके घर पर पहुंच कर मैंने बेल बजाई, तो अन्दर से एक बहुत ही खूबसूरत आंटी बाहर आईं.

मुझे उस दिन चुदने का सबसे ज्यादा मजा आया और तब से लेकर अब तक हमने पांच बार चुदाई कर ली है.

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मामी अक्सर घर से ही अपने ऑफिस का काम करते हैं और वो कभी मामी को अकेला नहीं छोड़ते हैं क्योंकि मामी को अकेला रहने में डर लगता है. वो बोली- साले मैं मर जाती तो!मैं- मरी तो नहीं न मेरी जान … पर अब जरूर मर जाएगी साली. फिर सुमन बोली- मुझे आधा घंटा दो … और आप दूसरे कमरे में मेरी प्रतीक्षा करो.

जब प्यार से मैंने पूछा, तो कहने लगी- मेरा आपके साथ सोने का मन कर रहा है. प्रणव और उसकी रंडी बहन को बुलाने का जिम्मा मेरा।फिर अनमोल ने मेरी बहन को कॉल किया और उसको बताया कि आज शाम को चार लन्ड से चुदना है उसे।मेरी बहन फटाक से तैयार हो गयी अपनी गैंगबैंग के लिए।अब अनमोल ने मुझसे बाद में कहा- जब वो लोग मेरे घर पर आकर इकट्ठा हो जायेंगे तो तुम ऐसा बोल देना कि तुम चखने के लिये पनीर लाना भूल गए हो और बोलना कि लेने जा रहे हो. मैं अपनी बीवी की चूत चाट चाट कर गीला कर रहा था और मेरी बीवी मेरे सर को पकड़कर अपने चूत में दबा रही थी.

जब सभी लोग खाना खाने के बाद सोने के लिए जाने लगे, तो भैया बोले- मनीष तू हमारे साथ छत पर सो जाना!मैं भाभी और भैया छत पर एक साथ तीनों बिस्तर लगा कर सोने लगे. उन्होंने एक बार मेरी ओर देखा और फिर दोबारा से स्क्रीन पर देखने लगे. उसने दरवाजा खोला और मुझे देखकर बोली- इतनी जल्दी आ गये?मैंने कहा- हां, मेरा काम जल्दी हो गया तो मैं आ गया.

उसने उसे लंड की तरफ इशारा करते हुए कहा- क्या तुम कुल्फी चूसना नहीं चाहोगी?अलीमा बोली- मुझे अच्छा नहीं लगता है. फिर दोस्तो, मेरी किस्मत ने मेरा साथ दिया और मेरी भी सरकारी नौकरी लग गयी.

दूसरे दिन 26 जनवरी को जब अमन सुबह मेरे घर आया, तब मैंने एक ब्लैक कलर की जाली वाली नेट की साड़ी पहनी थी.

इसके बाद वो एकदम घबरा गई और उल्टा अब वो मुझसे बोलने लगी कि दादी को मत बोलना.

उसको मैंने 20 हजार की शॉपिंग करवा दी थी और मूवी देखते हुए ही मैंने उसको गर्म करके चुदाई के लिए मना लिया. चाची को चोदने का मौका बहुत दिन बाद मिला था तो आज उनकी चुदाई तबियत से करूंगा और आपको भी अन्तर्वासना चाची की चुदाई कहानी पूरे विस्तार से लिखूंगा. उस चादर पर मेरी और हेमा चाची की जिस्मानी भूख की चाशनी उस चादर पर एक निशानी के रूप में छप गई थीं.

वो बोला- हां जान, अभी तुम इसे मुँह से एक बार शांत कर दो ताकि मुझे चैन आ जाए और हम दोनों अपनी आज की आजादी का जश्न ढंग से मना सकें. कोई बीस सेकंड के इस ज्वालामुखी बिखंडन के बाद मैडम लस्त हो गईं और बिस्तर पर चुत पसार कर निढाल लेट गईं. पहले तो मैंने लंड का टोपा अपनी जीभ से गीला किया और हल्का हल्का उसका लन्ड का टोपा अंदर बाहर करने लगी।अब तक कभी मैंने इतना बड़ा लन्ड वास्तव में देखा नहीं था तो लेने की बात तो दूर है।मेरी आदत नहीं थी इतना बड़ा लन्ड लेने की क्योंकि मेरे आदमी का लन्ड 4 इंच का था बस!और कभी मैंने उनका लन्ड अपने मुँह में नहीं लिया था.

मेरे रहने के लगभग 3 महीने बाद हमारे पड़ोस के एक नए मकान में रूबी नाम की नई किराएदार और उसका पति रमेश आए थे.

वो कुछ नहीं बोल रही थी इसलिए मैंने उसकी चूचियों को मसलना शुरू कर दिया. मगर फिर न जाने उसके मन में क्या आया कि उसने एकदम से पूछ लिया- क्या देख रहा है?मैं एकदम से घबरा गया और कुछ नहीं बोल पाया. मगर दो तीन दिन में आपकी बीवी कैसे वापस आ सकेगी!मैंने कहा- हां ये बात तो है.

अभी तक मैं एक लंड को पाने के लिए तड़पती थी मगर मुझे पहली ही चुदाई में दो-दो लंड से चुत चुदाई का सुख मिल गया था. हम उनको घर ले आये लेकिन उनकी हालत बिगड़ती चली गयी क्योंकि दिमाग में चोट आई थी. क्यों न रात में भाभी की चुदाई करके उसको मनाया जाये?वैसे भी भैया भाभी को तो साथ लेकर नहीं जायेंगे क्योंकि उनकी खेत वाली चूत चुदाई का सारा मजा खराब हो जायेगा.

मगर तुमने तो कहा था कि तुम शिमला में मजा ले चुके हो?मैंने कहा- हां.

वो मुस्कराते हुए बोली- क्या बात है, काम नहीं करने देंगे क्या आप?मैं भी हवस भरे लहजे में बोला- जब आप जैसी कामदेवी सामने हो तो बाकी काम की किसे फिक्र है?ये कहते हुए मैंने उसके कोमल हाथ को जोर से भींच दिया और सहलाते हुए उसके होंठों के करीब बढ़ने लगा. ‘आहह आहह आहह आहह ऊऊह आऊऊऊ’ की आवाज से पूरा कमरा गूंज उठा था।अब धीरे धीरे उजाला होने लगा था।मामी के होंठ मेरे होंठों को चूसने लगे और उसने मुझे अपनी बांहों में जकड़ लिया।अब मामी की चूत ने पानी छोड़ दिया और वो मुझसे लिपट गई.

हिंदी टीचर बीएफ पहले पहल तो ज़ायना कुछ शर्मा रही थी, मगर तभी मैंने पैंट की जिप खोल कर लंड सामने कर दिया. प्रीति- आह … आहहह … ओह … राहुल बहुत दिनों के बाद ये सुख मिला है, आह जोर से करो … रुको मत उम्म मम्म ओह आहहह अह … साले कितना अन्दर तक पेल रहा है.

हिंदी टीचर बीएफ अभी भी हम दोनों बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड हैं और एक दूसरे के साथ पूरा मजा करते हैं और एक दूसरे की फंतासी भी पूरी करते हैं. मगर जब धीरे धीरे उसके गहरे गले से झांकती चूचियों ने मेरे सामने अपना जलवा दिखाना शुरू किया तो दिल बेईमान होता चला गया.

मेरी फीगर 36-32-38 की है।मेरे इंटर पास करते ही मेरे घर वालों ने मेरी शादी करा दी.

लड़कियां कैसे बताएं

मेरे लन्ड से वीर्य की पांच छह पिचकारी निकली और उसका मुंह मेरे वीर्य से भर गया. मैं बोला- क्या हो रहा है मेरी रानी … खुलकर बताओ ना … मुझे अपना ही समझो जान!वो बोली- मेरा मन कर रहा है. वे जब ऐसा कर रहे थे, तो मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं तो स्वर्ग में हूं और मुझे इतना आनन्द आ रहा था कि मैं बता नहीं सकता.

फिर अपना हाथ पीछे करके मेरी साड़ी के नीचे से मेरी नंगी कमर पर हाथ डाल कर उसने हम दोनों की फ़ोटो निकाली. अब आगे की गरम औरत चुदाई कहानी:मैडम ने अपनी बांहें मेरी तरफ फैला दीं, तो मैंने भी उन्हें अपने आगोश में ले लिया और हम दोनों की चूमाचाटी शुरू हो गई. शबाना भाभी ने भी मेरे लंड के रस को पूरी तरह से चूस लिया था और वीर्य को चटखारे लेकर मजा ले रही थी.

भाभी ने हंस कर कहा- अरे चलो न … तुम भी आदत डाल लो, कभी अपनी गर्लफ्रेंड के लिए भी खरीदना हुई, तो कोई टेंशन नहीं रहेगी.

उसके गहरे रंग के निप्पल और उसके आसपास का काला घेरा बहुत ही उत्तेजित करते थे. हमारा एक कमरा छत पर बना हुआ था जिसको हम स्टोर रूम की तरह इस्तेमाल करते थे. बलविंदर ने भी उसी समय अपने लंड को अलीमा की चुत में जड़ तक ठूँसा और आह करते हुए अपने लंड को स्खलित करने लगा.

भाभी ने पूछा- जब कुछ करना नहीं है तो क्यों मिलना है?मैंने कहा- बस यूँ ही मिलने का मन है. पहले तो जीभ घुसा घुसा कर मानो मेरी गांड चोद रहा हो अपनी जीभ से!फिर मेरी गांड के छेद में बहुत सारा सरसों का तेल भर दिया और अपने मोटे लोहे के रॉड जैसे लन्ड को भी पूरा तेल से भिगो लिया. एक दूसरे की बांहों में बांहें डाले हुए हम पड़े रहे और फिर ऐसे ही नींद आ गयी.

मैंने कई मर्तबा सोचा कि अपनी अम्मी की एक गैरमर्द से अपनी चुत चुदाई की चीटिंग सेक्स स्टोरी को लिख कर भेजूं, मगर कभी अभी पढ़ाई के चलते समय ही नहीं मिला … या यूं कहना ठीक रहेगा कि साहस ही नहीं हुआ. महिलाओं का तो मुझे पता नहीं लेकिन मर्द तो औरत के जिस्म को ताड़ने का कोई मौका नहीं छोड़ते.

मगर वो कैसे चुदी और प्रियंका के साथ और क्या क्या हुआ वो सब मैं आपको अगली गरम सेक्स की स्टोरी में बताऊंगा. ओये होये होये … यारो जवानी क्या होती है … ये मुझे उस रात ही पता चला था. लेकिन मजबूत मर्द के लंड के सानिध्य के कारण अलीमा चुदाई के इन पलों का पूर्णरूपेण आनन्द ले रही थी.

वो अपने दोनों हाथों से उसके स्तनों पर मसलता रहा।अब रानी ने अपना एक हाथ पीछे करके साहिल की पैन्ट में बने तम्बू को अपने हाथ से थोड़ा आराम दिया.

मैं बोला- भाभी कुछ काम था?भाभी- हां, तुम्हारे भईया अभी तक नहीं आये हैं. [emailprotected]सिस्टर इन लॉ सेक्स स्टोरी का अगला भाग:भाभी की बहन चोदकर बीवी बना ली- 2. तुम मुझे आंचल ही बुलाओ, नहीं तो मुझे ऐसा फील होगा कि मैं अब आंटी हो गई हूं.

मैंने उससे अच्छे से लंड चटवाया फिर उसके मुँह में लंड पेल कर लौड़ा चुसवाया. दिल में बहुत घबराहट होती है।मेरी जान, मेरी कट्टो हिमानी तो बहुत ही घबरा रही थी.

लेकिन बलविंदर को अलीमा के चेहरे को देखकर लग रहा था कि वो उसे खुश करने के लिए फिर से मुँह में लेना चाहती थी. भारतीय परिस्थितियों में एक महिला को सबसे पहले अपने घर के मर्द ही दिखते हैं और वो उन्हीं की तरफ आकर्षित होने लगती है. एक और भी अच्छी बात ये थी कि लॉकडाउन लगने के पहले होली का त्योहार था … इसलिए आजू-बाजू के सभी किराएदार पहले ही अपने अपने गांव चले गए थे.

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बाबा के रूम की लाइट जल रही थी और उनके कमरे से किसी के बात करने की आवाज आ रही थी.

मेरी पत्नी ने हंसते हुए कहा- धन्यवाद रूबी, तूने तो मेरी समस्या ही हल कर दी. इस बार का फव्वारा इतना ज्यादा था कि ठाकुर भी खुद को रोक ना सका और वो भी झड़ने लगा. वो बोली- वो दोनों कहां हैं?मैंने बताया कि भाभी और प्रिया तो ऊपर वाले कमरे में चली गई.

एक्सरसाइज करते समय सहिल का लन्ड भी अलग से साफ साफ दिख रहा था जिसको राजसी ने देखा और वो कमरे में आ गयी. लगभग 10 मिनट रानी को चोदने के बाद फिर वो उसकी चूत में ही झड़ गया और कुछ देर तक चूत में ही लण्ड डाले पड़ा रहा. पतली कमर वाली बीएफरास्ते में मैडिकल शॉप से 2 पैकेट कॉन्डम, 3 सेक्स की गोली और 2 शिलाजीत और सेक्स टाइम बढ़ाने की गोली भी ले ली.

फिर मैंने चुत की फांकों में लंड का सुपारा फंसाया और बिना रुके एक तेज झटका लगा दिया. मैंने लंड घुसेड़ना शुरू कर दिया मगर उसकी अनछुई कसी सी फ्रेश बुर होने के कारण लंड अन्दर नहीं जा रहा था.

उसके बाद मैं कभी दिन में जब कोई नहीं रहता तो साहिल को बुला लेती और कभी रात में दीदी चुपके से!इसी तरह हमारी और हमारे इंस्टीटयूट की बाकी मैडम और ना जाने कितनी लड़कियों का एक मात्र सहारा अब साहिल बन चुका था. ठाकुर ने मंजू की गांड को फैलाया, अपने लंड पर अपना थूक लगाया और गच्च की आवाज से पूरा लंड चुत के अन्दर घुसा दिया. उसकी मां मुझे जानती थी क्योंकि कई बार वो रानी के पास रुक कर जाया करती थी.

मैं उसके पास आकर उसके कान में बोला- जान … आज क्या इरादा है? आज ये बिजली किस पर गिरेगी?वो खिलखिलाकर हंस पड़ी. फिर मैंने उसका पल्लू नीचे गिराया और उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके स्तनों को जोर से दबाने लगा. आंटी तो पागल सी हो गईं और मादक सिसकारियां भरने लगीं- आआह ईईई उई उम्म … जल्दी से चोद दो गोलू … उउइ आह!मुझे भी अब और जोश चढ़ने लगा था.

ठाकुर उसका इशारा पाते ही थोड़ा झुक गया और उसने चंपा को अपने कंधे पर उठा लिया.

मेरी आँखें बंद थीं और वो साली बिल्कुल कुतिया की तरह मेरा लंड मुंह में लेकर पूरा चूस रही थी. मैंने कहा- इसे खोल कर देखो न!शबाना ने मेरी चड्डी को नीचे खींचा तो लंड एकदम से उसकी नाक पर लगा.

अब मेरे मन में भी लालच आ गया कि जब ये चुदाई का धंधा करने ही लगी है तो क्यों न मैं इसका फायदा उठाऊं और इसको एक टॉप क्लास रंडी बना दूं और फिर मैं भी पैसा कमाऊं?ये बात सोचते हुए मेरे मन में मेरे एक दोस्त का ख्याल आया. अब उसने मेरी बुर पर तेल लगा दिया और अपनी एक उंगली मेरी बुर पर घुमाने लगा. मैंने कहा- ब्रा तो है ही नहीं इसमें?लड़का बोला- इस टॉप में ब्रा की जरूरत नहीं होती है.

फिर वो शांत हुई और बोली- आपको पता था?मैं बोला- हां मुझे पहले से पता था. मैंने अपने हाथ से उसकी ब्रा के हुक को खोला और उसको उतार कर अलग कर दिया, उसकी चूचियां एकदम से बाहर फुदकने लगीं. कुछ देर तक मैंने इसी तरह चोदा, फिर मैं चित लेट गया और ज़ायना को अपने ऊपर ले लिया; उसे अपने लंड पर बैठा लिया.

हिंदी टीचर बीएफ वो बहुत कराह रही थी … मगर मैंने उसकी एक न सुनी और एक जोर को धक्का लगा दिया. मैं बोला- अब तो हाथों को हटा लो?मेरे कहते ही भाभी ने बूब्स पर से हाथ हटा लिये.

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मैंने उसकी चूत को थोड़ा और खोला … और अब मैं चुत में अन्दर तक जुबान ले गया. सेक्सी चुत की कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने एक जवान लड़की से पहले कुछ द्विअर्थी बातें की फिर उसे अपनी बांहों में भर कर उसकी वासना जगाने की कोशिश की. दोस्तो, मैं रोहित आपके सामने एक अनजान महिला की होटल में धमाकेदार चुदाई की कहानी लेकर पेश हूँ.

मेरा ईमेल आईडी है[emailprotected]देसी लड़की की चूत कहानी का अगला भाग:गांव वाली गर्लफ्रेंड की बहन को चोदा- 2खूबसूरत जवान लड़की बाथरूम में नहा रही है. ये मेरी तीसरी सच्ची सेक्स कहानी है इसमें आंटी की गांड मारी मैंने!आशा करता हूं कि ये भी आप सबको पसंद आएगी. एक्स एक्स एक्स वीडियो बीएफ सुहागरातवो एक ही झटके में पूरा लन्ड अपनी चूत में लेकर लन्ड को महसूस करने लगी और झुक कर मेरे होंठों से अपने होंठ सटा दिए।मैं भी उसकी चूत की गर्मी को महसूस करते हुए उनका किस करने में साथ देने लगा।कुछ समय बाद मैडम ने मेरे होंठ छोड़े और लन्ड पर ऊपर नीचे होने लगी।वो पूरी स्पीड से ऊपर नीचे हो रही थी।उनके मुंह से मस्ती भरी आवाज़ें निकलने लगीं.

मार्च में जब से लॉकडाउन लगा था, तब से मुझे किसी चुत को चोदने का अवसर ही मिला था.

मैंने छोटू से पूछा- क्यों बुलाया है, क्या काम है?वो बोला- मुझे क्या पता … जाकर पूछ लो. मैं उसके ऊपर आया और उसके दोनों पैर अपने कंधों पर रखकर लंड पर थूक लगा कर उसकी चूत पर घिसने लगा.

और राज का लंड चूसते हुए मुझे लगने लगा था कि उसका भी अब निकलने वाला है तो मैं राज का लंड और ज़ोर से चूसने लगी।और फिर कुछ ही देर में राज अपने मर्दाना माल से मेरा मुँह भरने लगा।उसने अपने वीर्य की एक-एक बूँद मेरे मुँह में ही डाल दी. मैंने इस मौके का मजा कैसे लिया?दोस्तो, मैं आपका दोस्त सुमित एक बार फिर से अपनी पारू भाभी की ननद नन्दा की इंडियन चूत की सेक्स स्टोरी के साथ हाजिर हूँ. तब तक मैंने रागिनी का हाथ पकड़ा और लेजा कर साहिल के लन्ड पर रख दिया.

वो उत्तेजनावश उछल रही थीं और बोल रही थीं- आह जानू … और मत तड़पाओ … मुझे वो सुख दे दो, जिसके लिए मैं बरसों से प्यासी हूँ.

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इन मेल्स में मुझसे सभी ने कहा कि एक और नयी कहानी लिखिए, तो मैं एक और नई सेक्स कहानी के साथ हाजिर हूँ. हमारे बीच की बातें अब बुआ भतीजे की न होकर दोस्तों जैसी होने लगी थी. मैं बिस्तर पर लेट गई और राहुल मेरे सीने के दोनों तरफ टांगें डाल कर बैठ गया.

बुआ ने एक बार मेरी तरफ गुस्से से देखा और बिना कुछ जबाव दिए किचन के अन्दर चली गईं. जैसा कि आपने मेरी पहली सेक्स कहानीमौसेरी भाभी की मस्त चुदाईमें पढ़ा था कि कैसे इत्तफाक से मेरी भाभी मुझसे चुद गयी थीं. वन नाइट स्टैंड का मतलब: शाम रात को मिले, थोड़ी बातचीत हुई, दारू शारू पी.

तो मैं चलता हूं होटल जाकर नेट से फ्लाइट बुक करनी है और अपना समान भी पैक करना है. ये मेरी पहली देसी भाभी की चूत कहानी है, यदि कोई ग़लती दिख जाए, तो नजरअंदाज कर दीजिएगा. पिछले भागपड़ोसन चाची को लंड चुसायामें अब तक आपने पढ़ा था कि मैं चाची को चुदासी हालत में छोड़कर अपने घर आ गया था.

अब पानी पीने के बाद मैं खड़ी हुई और उसके सीने से लग गयी।कुछ देर गले लगने के बाद उसने मेरे पूरे चेहरे को चूमा और फिर मैंने भी उसके पूरे चेहरे को चूमा. बीच बीच में मैं अपनी पहली उंगली और अंगूठे के बीच में उसकी चूची के निप्पल को जोर से भींच देता था.

वो चाय बनाने लगी, चाय बना कर वो फिर से ठाकुर के कमरे में पहुंची और शर्मा कर बोली- साहब चाय.

अब उन्हें मज़ा आने लगा।काफी अरसे बाद उनकी चूत में लन्ड घुसा था।अब हम दोनों बुआ भतीजा चूत चुदाई का मज़ा लेने लगे।मैं बहुत खुश था कि मैं अपनी बुआ को चोद रहा हूं।बुआ की चूत ने पानी छोड़ दिया. बीएफ पिक्चर कुत्ता वालीलेकिन वो गांड पे चांटे बहुत मरवाती थी जिसकी वजह से उसकी गांड भी बहुत सूजी थी 34″ की … और उसकी उम्र 23 की!तो अब साहिल उसके कपड़े सूंघ कर उसका स्पर्श ले रहा था. बीएफ हिंदी देसी गांव कीरास्ते में भी लड़के माय हॉट सिस्टर की गांड और चूची देख कर अपनी आंखें सेक रहे थे।बाइक पर बैठी हुई मेरी बहन की चूची हर झटके के साथ उछल रही थी. उसके बाद मामा ने मेरे साथ क्या क्या किया वो सब भी मैं आपको बताऊंगा.

वो अपने मुँह को पौंछ रहे थे और नीचे गीले जांघिये में से उनका मोटा लंड बड़ा ही मोहक लग रहा था.

शालू अपने कमरे में लेटी हुई सोचने लगी कि ससुर ने उसको साथ जो किया वो ठीक था या नहीं. कविता- उफ्फ … क्या कर रहे हो निहाल जी! अंदर चलिये, यहां गेट के पास नहीं. वन नाइट स्टैंड का मतलब: शाम रात को मिले, थोड़ी बातचीत हुई, दारू शारू पी.

उन दोनों को वहीं छोड़ते हुए मैं हिमानी से बोला- तुम भाभी से बातें करो. या बहू तेरे सामने ठीक से बात ना करने की।तो कमला वहाँ से चली गई।बाबा- हाँ बेटी, बताओ क्या हुआ कल रात को?कुसुम- बाबा किया तो था पर थोड़ी देर ही हुआ।बाबा- बीज अंदर गया था?कुसुम- हाँ बाबा. मैंने उनसे पूछा- चाची, क्या आपने कभी ब्लू फिल्म देखी है?हेमा चाची हंसने लगीं और बोलीं- हां यार, ब्लू फिल्में देखना तो आजकल आम बात हो गई है.

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फिर मैंने अपने लण्ड पर थूक लगा कर उसकी गांड में लंड को अंदर कर दिया।वो सिसकारने लगी और कहने लगी- चोदो मुझे प्लीज़ … फक मी … आह्ह … फक मी … जोर से।ऐसे कहते हुए वो अपनी गांड आगे पीछे करने लगी।मैं झटकों के साथ साथ उसके कूल्हों पर हल्के थप्पड़ मार रहा था।थोड़ी देर में मेरा भी होने ही वाला था. इसके बाद मैंने गांड में लंड तो बहुत लिए; पर मैं आज आपको अपनी एक ग्रुप सेक्स कहानी सुनाना चाहता हूँ. मेरे बदन पर मेरी काली ब्रा और पैंटी बची थी और अपने गोरे रंग पर उस काली ब्रा और पैंटी में मैं किसी रंडी से कम नहीं लग रही थी जो तीन तीन मर्दों का एक साथ मनोरंजन करने वाली थी.

तो उन्होंने तुरंत अपना मोबाइल बंद कर दिया और मुझसे पूछा- क्या हुआ?तो मैंने झूठ ही उनको बोला- वो मेरी बुक दे दीजिए, आपकी अलमारी में है.

मैं पूरे मूड में आ चुका था, तो मैंने हेमा चाची को अपनी बांहों में जकड़ा और अपने ऊपर खींच कर लिटा लिया था.

वो बोली- कहां रह गयी?मैं- भाभी आप अकेली ही हो ना?भाभी- हां, बोलो क्या हुआ?मैं- भाभी ऊपर आओ, एक प्रॉब्लम हो गई है।भाभी- ठीक है, आती हूं. खुशबू वाली कैंडल, फूल और परफ्यूम से महकता हुआ मेरा रूम बहुत सुंदर लग रहा था. मां बेटे की चुदाई बीएफ फिल्ममेरे मम्मी पापा रोड एक्सीडेंट में चल बसे।हम दोनों भाई बहन के 10-15 दिन तो ठीक से गुजरे लेकिन बाद में खाने को भी लाले हो गये.

फिर मैं भी वहां से हट गया और घूमते हुए करीब दस मिनट बाद जब मैं उस महिला के घर पहुंचा, तो मोना हॉल में ही बैठी थी. प्रेमा के अच्छे बर्ताव के कारण ही शालू अब तक इस घर में टिकी हुई थी. वो बोला- सिर्फ देखना है कि चूसना भी है!मैंने अपनी बात दोहराई कि नहीं मुझे तुम्हारा लंड देखना भर है.

कुछ ही पलों में भैया ने भाभी की चुचिया एकदम नंगी कर दीं और भाभी के दोनों पैर ऊपर करके चुदाई की पोजीशन में आ गए. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं अपने मामा के गठीले कसरती बदन को कहां कहां से चूमूं और चाटूं.

उसने झट से मेरे शॉर्ट्स को नीचे कर दिया और मेरे तने हुए लंड को मुंह में भर लिया.

हेमा चाची तो बस सेक्स भरी आवाजें निकाले जा रही थींमस्त चुदाई होने लगी थीं मैं हुम्म हुम्म करके चाची की चुत में लंड पेले जा रहा था और चाची भी नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर लंड से लिहा ले रही थीं. मामा अभी कई दिन रुकने वाले थे और मेरी कहानी भी अभी खत्म नहीं हुई है. मैंने किचिन में जा के देखा तो मंजुला जरूरत के बर्तन इत्यादि, और खाने का जरूरी सामान ला के रख चुकी थी.

जानवरों की बीएफ मूवी फिर दीदी ने हम दोनों को खाना खाने के लिए बुलाया और हमारा खाना लगाया. पैंटी के ऊपर से मैं उसकी चूत मसलने लगा। अब वो पूरी तरह तैयार हो गई थी.

मैं भी धक्का देता हुआ बोला- फाड़ने ही तो आया हूं … आज आपकी चूत का भोसड़ा बना कर ही छोड़ूँगा. रूबी ने आंख नचाते हुए कहा- नहीं, तुम मुझे थोड़ा परेशान कर सकते हो … क्योंकि दीदी के नाते में मैं तुम्हारी साली ही लगती हूं. मैंने उसकी बात का सम्मान किया और उसे चुदाई की पोजीशन में लिटा दिया.

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उसकी चुत चुदाई के साथ ही मुझे उसकी मक्खन गांड भी लुभा रही थी, जिस पर मैं चाटें मार रहा था, जिसमें अंकिता को मजा आ रहा था. उनके टच में बने रहना और मैं भी फोन से उनकी बात तुम तक पहुंचाता रहूंगा. बस एक ही बात की वजह से उस गांव को चुना गया था क्योंकि उसके आस पास के बहुत सारे गांवों को हम एक बार में ही पूरा कवर कर सकते थे.

थोड़ी ही देर मैं मोहल्ले में सब लोगों के शादी से लौट आने की हलचल सुनाई दी और हम दोनों जल्दी से सतर्क हो गए. फिर एक दिन उसने रानी को फोन पर बात करते करते ज्यादा ही गर्म कर दिया.

वो मेरी बात से खुश हो गया और बोला- ठीक है साब बता दो, नल किधर लगा है?जिधर नल लगा था, वो जगह एकदम खुली थी.

सलमान ने मेरी अम्मी के एक चूचे को अपने होंठों में दबाया और चूसना शुरू कर दिया. 30 घंटे के बाद में बस एक जगह रुकी खाने के लिए।मुझे तो नहीं खाना था तो मैं बैठी रही. वो वैसे ही पेड़ से टिकी हुई हांफने लगी और मैं पैंट पहन कर जमीन पर बैठ गया.

मीशू ने उसके मुंह पर अपनी चूत रख दी और वो मीशू की चूत को चूसने लगी. तब तक के लिए बाय-बाय फ्रेंड्स।मैं अपनी और भी कहानियां आपके साथ जल्दी ही शेयर करूंगी।[emailprotected]. अब आगे की प्यासी पड़ोसन Xxx कहानी:कुछ देर बाद अंकिता हाथ धोकर आई और मेरे साथ चिपकर बैठ गई.

बलविंदर ने कहा- कुछ दिन रुक जाओ … मैं तुम्हें चुदाई के हर खेल में पारंगत कर दूंगा.

हिंदी टीचर बीएफ: वो बोली- क्या बात है मधु? आज तो तुमने दरवाजा भी बंद नहीं किया?दीदी समझ गई कि आज बहन चुदाई की फिल्म बन गई है. अबकी बार साहिल ने फिर से रागिनी की चूत में ताबड़ तोड़ हमला करना शुरू कर दिया.

फिर वो बोली- मैं इतनी भी बुरी नहीं जितना तुम मुझे समझ रहे हो।मैंने उनको देखा तो वो थोड़ा मुस्करा रही थी।फिर मैं भी उनको देख मुस्करा दिया. कभी उसकी चूचियों पर हल्का सा मारता तो कभी उसके चूचों को जोर से खींच देता. अलीमा और भी आनन्द से सिसकारियां निकालने लगी- आहह … ओहह … ओ माय गॉड अंकल … ये क्या कर दिया आपने आह!बलविंदर फिर से अलीमा को किस करने लगा.

अगर आपका अच्छा रिस्पॉन्स मिला तो अगली सेक्स कहानी में मैं बताऊंगा कि मैंने ज्योति की सील कैसे तोड़ी और कैसे उन दोनों बहनों को एक साथ चोदा.

ऐसी गोल गोल चूचियों को फिर से पीने का मन कर रहा था लेकिन अब स्पर्म जा चुका था और फिर से मैं सारी क्रिया को खराब नहीं करना चाहता था. [emailprotected]Xxx चूत की कहानी का अगला भाग:पापा के दोस्त से पहली मस्त चुदाई- 4. मैं बोल पड़ा- क्या कर रहे हो?उन्होंने कहा- अब कुछ मत बोलो और जो हो रहा है उसे होने दो.