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मैंने उनसे फ्रेश होने के लिए कहा तो दोनों फ्रेश होने के लिए कमरे के ही वाशरूम में फ्रेश होने लगीं, इसके बाद हम तीनों ने नाश्ता किया. वीडियो सेक्सी इंडियनऐसा करते समय दोनों इतनी सेक्सी लग रही थीं कि मैंने उन दोनों की एक फोटो खींच ली.

रोज सुबह 8 बजे पापा अपने फैक्ट्री के ऑफिस चले जाते, हमारी एक बड़ी कास्टिंग इंडस्ट्री है. लिंग बढ़ाने काये बात है भैया तो एक शर्त लगाओ, तुम मेरी कक्षा की दो लड़कियों को जो कि लगभग 21 साल ही हैं, उन्हें चोदो और यदि किसी ने भी एक हल्की सी उफ़ की आवाज की, तो रोशनी तुमसे कभी भी सुहाग की भीख नहीं मांगेगी.

मैं- क्या हुआ दीदी? मुंह में लो ना इसको… अगर नहीं लेना तो बता दो, मैं चला जाता हूँ कॉलेज!दीदी मेरी तरफ ही देखती रही.सेक्सी बीएफ बीएफ ब्लू: कभी कभी वो मेरे खाने की और मेरी खूबसूरती की तारीफ़ कर देता, खासकर जब मैं ब्लैक सूट पहनती.

पुलकित तो वैसे ही बहुत गोरा चिट्टा था, तो उसे किसी मेकअप की ज़रूरत नहीं थी.वो अपने लंड को पूरे जोश से मेरी चुत में अंदर बाहर कर रहे थे, मैं भी वासना से घिर कर बोल रही थी- आआआहह… उमआआआ… हां हां हां… हा चोदो मेरे राजा मेरी चूत को! हाय रे मर गयी।‌वो बोले- आआह… कितनी गर्म चूत है तेरी!फच्च फच्च!हा हाँ… आह… गयी मैं!” आआह कर के मैंने अपना रस छोड़ दिया लेकिन समधी जी अभी भी मुझे चोदने में लगे थे.

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दो बजे छुट्टी के बाद मैं निकल रहा था कि निर्मला जी ने आवाज दी- अतुल रुको, मुझे कमला मार्केट जाना है कुछ सामान लेना है, मैं स्कूटी नहीं लाई हूँ, तुम अपनी गाड़ी से ले चलो.तभी मेरी नज़र दूल्हे पे गई और उसके साथ खड़ी एक लेडी पर मेरी नजर टिक गई.

तभी सुरेश अंकल बोले- क्या गजब स्टाइल है आपका समधी साहब!पापा मेरे ऊपर चढ़ गए… यह सोच कर मेरी नसों में अजीब सी सिरहन दौड़ गई. सेक्सी बीएफ बीएफ ब्लू वो बीच बीच में मेरा लंड को दाँत से भी काट रही थी?मुझे और रहा नहीं गया मेरे अन्दर का शैतान अब जाग गया था.

फिर वो साले मेरी बीवी के हाथ में रूपए देते हुए अपने कपड़े पहनने लगे.

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मैं लंड अन्दर तक घुसेड़ता चला गया और साथ में सातवें आसमान में उड़ने लगा. मैं उसकी जांघों के बीच के बरमूडा ट्रायंगल को चूमता हुआ उसकी नाभि तक पहुँचा और उसके नाभि के छेद में अपनी जीभ डालकर उसको सहलाता हुआ. मैंने दीदी से कहा- मेरा निक्कर खराब हो गया है, मैं चेंज करके आता हूँ.

अब बॉस ने मेरी चूत में उंगली डाल कर उंगली से मेरी चूत को चोदा और मेरे चूत के रस को चाट लिया. उनकी दोनों चुचियां और सपाट पेट, गहरी नाभि के साथ पूरा नंगा मेरे सामने था. बॉस- नेहा बेबी जब तुम बांहों में रहोगी तब कोई नहीं आएगा, टेंशन मत लो.

कभी क्लास की लड़कियों का सोच कर कभी क्लास की टीचर्स का सोच कर लंड हिलाता रहता था, पर कभी सेक्स करने का या किसी को सेक्स के लिए पटाने की हिम्मत नहीं हो सकी. मेरे ख्याल से प्रिया एक से ज्यादा बार पहले ही स्खलित हो चुकी थी लेकिन मैं अभी तक डटा हुआ था. मेरी इस सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा था कि मेरी दोस्ती अवी नाम के लड़के से हो गई थी और आज मैं उसके साथ पहली बार मॉल में जा रही थी.

मैं इसी स्थिति में थोड़ा और ऊपर होकर उनकी कमर के बिल्कुल नजदीक आकर उनसे चिपक गया और थोड़ा सा तेल हाथों में लेकर उनके कंधे पर लगाने लगा. तो मेरा रक्तचाप बढ़ गया। उसने अपने मिनी शॉर्ट्स को पकड़ा और अपनी चिकनी टांगों से नीचे खींच दिया।नजारा देख कर मानो मेरा कलेजा हलक में आ गया। उसने शॉर्ट्स के नीचे पैंटी नहीं पहनी हुई थी। एकदम नंगी मधु मेरे सामने पीठ किए हुए खड़ी थी और मेरा लवड़ा फटा जा रहा था।तभी उसने अपनी गाण्ड को खुजाया और फिर सर झटकाते हुए बाथरूम में चली गई।मैं बेसुध सा खड़ा था.

मेरी छोटी बहन वर्षा की चुदाई करवाने के बाद मुझे उस पे बहुत तरस आया, मैंने सोचा अब से मैं उसको कभी नहीं तड़पाउंगी, मुझे उस बेचारी पर बहुत तरस आता और वो भी अब मुझसे प्यार करती थी.

मैंने अपने बॉस से बात की और उन्हें सारी बातें समझाते हुए कह दिया कि ऑफिस का काम हम दोनों डबल शिफ्ट करके पूरा कर देंगे.

इतनी चुदाई के बाद भी मेरे लंड का कड़कपन कम नहीं हुआ तो वो फिर से चुत में डाल कर दनादन चुत चोदने लगा. मोहन लाल ने अपने बच्चों की तरफ मुड़ते हुए कहा- काजल, तुम अपने दोनों भाइयों के लंड का मजा लो. फिर मैंने उसके होंठों को ऐसे चूमने लगा जैसे जैसे पूरा भरा आइसक्रीम कोन चूसते हैं.

अगले दिन मैंने ठान लिया था कि आज चाहे जो भी हो, मैं उससे माफी लेकर ही रहूँगा. क्योंकि मैं अच्छी लग रही थी और वो ड्रेस में मैं कहूँ, तो मेरा लगभग पूरा बदन तो दिख रहा था क्योंकि स्कर्ट मेरी पैंटी से 5-6 अंगुल नीचे तक ही थी, मतलब किसी तरह पैंटी छुपा रही थी और उस पर वो एक तरफ थोड़ी कटी थी जो पैंटी तक थी. मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और मैं भी वर्षा की प्यास बुझाने में लग गई.

मैं उससे बोला- मेरे लीवर जिगर फिगर में हो तुम, वक्त बे वक्त आए फीवर में हो तुम.

दीदी तो मानो पागल सी हो गईं, वो मुझे सहलाए जा रही थीं, उन्होंने मेरी आधी शर्ट निकाल दी थी, मैंने वो पूरी उतार दी, उसकी गरदन पर कान पर छाती पर पागलों की तरह किस करने लगा मुआहहहह. मेरा मन तो किया कि बाथरूम में घुस कर अभी चोद दूं, पर मैं कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था. आज भी हम एक ही बैंक में काम करते हैं, आज मैं असिस्टेंट बैंक मैनेजर हूँ और वो उसी पद पर हैं.

ये कहते हुए उसने मुँह छिपा लिया।मैंने उसके हाथ हटाते हुए बोला- कभी मना तो नहीं करोगी?नहीं. इतने में मुझे लगा कि शायद दीदी जाग गई हैं और सोने का नाटक कर रही हैं. कुछ ही देर में सीमा की अनचुदी बुर ने पानी छोड़ दिया। उसने उंगली चोदन का पूरा मजा लिया था.

उस वक्त मेरे बड़े पापा(ताऊ जी, पापा के बड़े भाई) के लड़के की शादी हुई थी.

हम दोनों पार्किंग के पास आ पहुँचे तो देखा उनके हज़्बेंड अपनी ऑडी कार में सो रहे थे. भाभी ने पूछा- और किसने ये सीडी देखी है और क्या चाहते हो? ब्लैक मेल करना चाह रहे हो?मैंने कहा- भाभी, आप इस सोसाइटी की सबसे नेक औरत हो, किसी की तकलीफ में सबसे पहले आप आती हैं, इसलिए उसे तो आप अपने दिमाग से निकाल लें.

सेक्सी बीएफ बीएफ ब्लू आज तो हम तेरी गांड मार कर ही रहेंगे।यह सुनते ही कुंती के चेहरे पर तनाव के भाव आ गये पर लंड मुंह में होने की वजह से वो कुछ बोल नहीं पाई और बस ना में सर हिलाने की कोशिश करती रही।पर अब तीनों मर्द उस अप्सरा जैसी सुंदर बाला पर बेरहमी से टूट पड़े थे।कहानी जारी रहेगी. बोल है कि नहीं?शाकिर- भाई साहब यह बात तो आप मेरे से बेहतर जानते हैं.

सेक्सी बीएफ बीएफ ब्लू मैंने इस विषय में कुछ सोचा नहीं था, फिर भी अचानक ही कह दिया- व्यवसाय में दिक्कत हो रही है बाबा!तो उन्होंने अपने पास एक कटोरे में रखी छोटी सी कागज की पर्ची मुझे उठा कर थमा दी और थोड़ी दूर पर एक मेज की ओर इशारा करके कहा- वहाँ चले जाओ।मैंने जी बाबा जी कहते हुए फिर चरण छुए और उस मेज की ओर बढ़ गया।कहानी जारी रहेगी. मैंने नीचे कुछ नहीं पहना था क्योंकि मैं चाची को अपना लंड दिखाना चाहता था.

फिर उसके बाद तो मेरी हालत ऐसी हो गई कि मैं आप सबको क्या बताऊं आप लोग को भी पता होगा, अगर अपने किसी से सच्चा प्यार किया होगा तो आप मेरी स्थिति समझ सकते हैं.

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लेकिन मेरे साथ तो बहूरानी थी और हम लोगों का ट्रेन से दिल्ली जाने का एक ही उद्देश्य था – चुदाई चुदाई और चुदाई!अदिति बेटा, अब आजा फिर से!”क्यों आऊँ पापा जी… मैं तो यहीं ठीक हूं!”अरे आ ना टाइम पास करते हैं दोनों मिल के!”टाइम तो अच्छे से पास हो रहा है मेरा यहीं बैठे बैठे!”बेटा जी, इस कूपे का हजारों रुपये किराया दिया है हमने. जैसे ही हम बेडरूम में पहुँचे, उन्होंने मेरा लंड छोड़ कर मुझे बेड पर पटक दिया और मुझे किस करने लगीं. मेरी इंडियन सेक्स स्टोरी उस समय की है जब मैं अपनी बुआ के यहाँ उनकी जेठानी की लड़की के विवाह हेतु हाथरस आया था.

सामने ही आँगन में पुलकित खड़ा था, वो उसका पास आई, उसके गले में अपनी बाहें डाल दी, पुलकित ने भी उसकी कमर में अपनी बाहें डाल दी उसे अपनी तरफ खींचा और कस कर अपने सीने से लगा लिया. ”पापा जी आज दिन और रात का सब्र कर लो फिर कल की पूरी रात, परसों का पूरा दिन और पूरी रात ट्रेन में अपने ही हैं. इतने में ही अदिति भी चाय लेकर आ गई और हम तीनों ने हल्की फुल्की यहाँ वहाँ की बातें करते हुए चाय खत्म की.

मेनका- आह आह अतुल, इतना मजा मुझे कभी नहीं आया… आइ लव यू अतुल!मैं- आई लव यू टू दीदी!मेनका- नहीं अतुल, अब मैं तेरी दीदी नहीं रही, अबसे हम दोनों प्रेमी प्रेमिका हैं.

इसलिए सोचा किसी नाइट क्लब में जाकर डांस एन्जॉय करता हूँ। फ्राइडे की शाम मैंने थोड़ा बहुत इंटरनेट पर डांस क्लब्स सर्च किए. टीवी देखते-देखते मुझे प्यास लगी और मैंने सोनी को आवाज़ लगा कर पानी माँगा. फिर मैं उनकी चूत पे आ गया और मैं भी चूत को कस कस के काटने और चूसने लगा.

दूसरों के सामने की तो बात ही क्या, जब कभी हम अकेले भी होते तो बहूरानी हमेशा अपने सर पर पल्लू डाल के नज़र नीची करके मुझसे सम्मान से बात करती; उसने कभी भी मुझे यह बात जताई नहीं कि वो मेरी अंकशायिनी भी है. एक 18 साल के गर्म लौंडे के सामने पूरी नंगी हो चुकी थी।वो- चाची जी आपने हाथों. 10-12 मिनट बाद जब मेरी छूट होने को आयी तो मैंने लंड बाहर कर उसके पेट पर पाँच पिचकारी मारी.

फिर मम्मी को भी मजा आने लगा, अब वो भी नीचे से अपनी कमर उछाल रही थीं. ये तेरा ही दोस्त है कि नहीं?इरशाद ने आगे बढ़ कर शाकिर की पैन्ट खोल दी, अंडरवियर नीचे खिसका दिया और उसके चूतड़ चूम लिए.

वो मेरी बीवी के कोमल और तने हुए स्तनों को दबाकर उसको और गर्म कर रहा था. जब मामी ने मुझे जगा कर बाजार से कुछ सामान लाने के लिए कहा, तब मुझे इतनी देर तक सोये रहने का अहसास हुआ. गांव में मैं अवी से ज्यादा से ज्यादा 4-5 मिनट ही बात करती थी ताकि किसी को पता ना चले.

दोस्तो, निर्मला सेक्स में हर तरीके से जितना सपोर्ट करती हैं, ऐसा कम लोग कर पाते हैं.

वो अंगूठी देखने लगीं और उसे चूमते हुए बोलीं- तुम मेरी जान हो… यह सच में मेरे लिए अनमोल तोहफ़ा है. भाभी की चुत पर बिल्कुल छोटे छोटे बाल उगे हुए थे, जो कि पकड़ में भी नहीं आ रहे थे. कुछ देर लोवर के ऊपर से लंड को छूने के बाद मैंने अपन लोवर भी नीचे उतार दिया और अब हम दोनों पूरी तरह से नंगे हो चुके थे.

बहूरानी, एक गिलास पानी ले आ… और फिर चाय बना दे जल्दी से!” प्रत्यक्षतः मैंने कहा. फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी जीन्स के ऊपर से ही उसकी चूत के ऊपर रखा और जीन्स के ऊपर से ही उसकी चूत रगड़ने लगा.

क्या मस्त सीन था, ऐसा आज तक मैंने सिर्फ कंडोम के एड में ही लड़की को लंड के लिए इस तरह तड़पते हुए देखा था. उन्होंने मुझसे रेट पूछा और सारी बात हो जाने के बाद उन्होंने मैरिज वेन्यू के लिए जम्मू के एक स्कूल (शिक्षा निकेतन जीवन नगर जम्मू) का अड्रेस लिखवा दिया. दीदी की चल ऎसी है जैसे कोई सेना का अफसर चल रहा हो!पिछले 3-4 महीने से दीदी अक्सर देर से घर आती थीं.

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मैं- अच्छा ठीक है फिर मैं तैयार हो लूँ?अमित- सुपर सेक्सी बन कर जाना ओके बाय.

जब लंड पेल रहा था तो वो केवल मेरी दोनों जांघों के बीच में लंड करके बहुत तेज आगे पीछे करने लगा. एक दिन दोपहर को टीवी देख रहा था और मानवी खुद नीचे आ गई और मुझसे कहने लगी- भैया, प्लीज़ आप मेरे साथ ऊपर चलेंगे?मैं- क्या हुआ भाभी?मानवी- सफाई करते वक़्त मेरे से टीवी का रिमोट बेड के नीचे गिर गया है और अब मुझसे निकल नहीं रहा. उसने हम सबको देखा और चुपचाप आकर मेरी जांघ से जांघ सटा कर बैठ गई और मुझे हाय करके विश किया.

अब मैंने अपने दोनों छेदों में अंदर बाहर होने वाले लंडों का मजा लेना चालू किया, उनको गाली दे दे कर उकसाना चालू किया। फिर एक बार रूक कर दोनों ने पोजीशन बदल ली. उस हल्की रोशनी में वो बहुत ही हसीन लग रही थी और कुछ पैग का सुरूर भी था. बैल का चित्र कैसे बनाएंपर क्यों पूछा?वो- तो चाची मैं पीछे से कर लेता हूँ।मैं फिर मजे में गनगना उठी, एक बार फिर मेरी गाण्ड बजने की स्थिति बन रही थी।मैं- अरे बुद्धू.

वो थोड़ी मोटी लग रही थी क्योंकि उसके बूब्स तो अच्छे थे, लेकिन बूब्स से नीचे सब बराबर लग रहा था. उधर सुकुमारी भौजी फसल काट रही थीं इधर मैं लंड हिलाते हुए समय काट रहा था.

यह थी मेरी पहलीहिंदी सेक्स कहानी, आप को कैसी लगी प्लीज़ मुझे रिप्लाई करना ना भूलें. इतने देर में बॉस ने मुझे टेबल पर झुका दिया और पीछे बैठ कर मेरी गांड का छेद चाटना शुरू कर दिया. दीदी के बूट में लगे नुकीली कीलों की मार से गुलाम की गांड पर कट आ गए थे, जिससे खून रिस रहा था.

आपने मेरी हिंदी सेक्स कहानी को इतना पसंद किया कि मैं अपनी अगली स्टोरी लिखने से खुद को रोक नहीं सकी. कुछ देर ऐसे अपनी चूत चूसवाने के बाद वो झड़ गयी और अपना सारा पानी मेरे मुँह में ही निकाल दिया. आपकी फीस क्या है?आनन्द- मेरी फीस ज्यादा है अगर आप दे पाएं, तो ही बात आगे करते हैं.

फिर वो मेरे पास बैठ गया और मेरे पैरों को हाथ से पकड़ कर सॉरी बोलने लगा.

इसके बाद अगले दिन उसके मम्मी पापा चले गए और हम उसी होटल में रुक गए ताकि दूसरे दिन उसका प्रोजेक्ट पूरा हो जाए. मैं ज्यादा कुछ बोलती, उससे पहले तो संजय ने मेरा हाथ खींच कर मुझे अपनी बांहों में भर लिया.

मैंने दरवाजा बंद कर लिया, दोस्त वो ड्रेस एक पार्ट वाली थी मतलब उसमें टॉप और स्कर्ट अलग अलग नहीं थे. मैंने अभी तक किसी भी लड़की को चोदा नहीं है, ना ही किस किया थादीक्षा अभी पेपरों की तैयारी कर रही है. मैं ये जानना चाहता था कि मेरी दीदी कैसे उन कुत्तों की मालकिन बन गईं और उन पर इतने जुल्म के बाद भी उन्हें कुछ नहीं हुआ.

मुझको पता था कि इसके लिए पहले मुझको उसकी चूत को पानी निकाल कर चिकना करना था सो मैं उसके उसके बगल में लेटा और उसके शरीर को सहलाने लगा. छोटी वाली लड़की कल्याणी मेरी तरफ़ देख रही थी उसने पूछा- आप कहां थे?मैंने कहा- मैं दूसरे कोच में था!सब विदा होने लगे तो फिर से मिलने के लिए कहा और आंटी ने अड्रेस भी दिया. रोशनी की गांड का ढक्कन खुल बंद हो रहा, जैसे वो एक जल बिन मछली की तरफ उछल उछल के सारे जूस को बाहर फेंक रहा हो.

सेक्सी बीएफ बीएफ ब्लू मैं चुंबन से उसका मुँह बंद कर दिया और बोला कि आज हम अपनी सुहागरात मानने जा रहे हैं. बॉस ने अपना लंड पैंट से बाहर निकाल लिया और खड़े होकर मेरे मुँह में डाल दिया.

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मैं आज तक मुठ मारते हुए लाखों पोर्न वीडियोज देख चुका था, मगर यह चूत उन वीडियोज में दिखाई गई चूतों से कहीं अलग थी. इसके बाद उसने अपनी सहेलियों से जाने की पर्मिशन ली और मेरे साथ चल दी. मैंने उसके कान की लौ को अपने होंठों और जीभ से चुभलाया और फिर कान के नीचे और गर्दन चूम डाली.

मैंने रोहण को यह बात बतायी तो हमने दुबई में स्थायी रूप से शिफ्ट होने का फैसला कर लिया. लेकिन अंजलि ने मुझे जबरन जगाया और कपड़े पहनने को कहा, वो अपने कपड़े पहन चुकी थी. सेक्सी एचडी मराठीमैं झट से कुत्ता जैसा बन गया और दीदी के सामने जीभ लपलपाता हुआ भौंकने लगा.

ये थी मेरी बीवी की बेवफाई की कहानी कि कैसे मैंने अपनीबीवी की नंगधड़ंग चुदाई देखी.

फिर कुछ देर बाद उन्हें भी मजा आने लगा वो भी नीचे से अपने चूतड़ उठा उठा कर मेरा साथ देने लगीं. तभी मैं बोली पापा को- मेरे राजा, आप पहले जी भर के चोदो मुझे, अपना लंड बाहर मत निकालिएगा.

अधिकतर मेहमान तो विदा हो चुके थे लेकिन अभी भी घर मेहमानों से भरा हुआ था. मैं उन्हें सोफा पर से उठा कर बेडरूम में ले गया और बेड पर लिटा दिया. एक दिन मानवी नहा रही थी और मैं हर रोज़ की तरह मानवी से मिलने ऊपर चला गया.

मैं अब क्या करती एक तरफ अवी चलने कि जिद कर रहा था और दूसरी तरफ ऐसी ड्रेस थी.

फिर मैंने उसे सीधा करके लेटाया, उसके ऊपर लेट गया और उसके होंठ पर अपने होंठ रख दिए और बूब्स को थोड़ी जोर से सहलाने लगा।कुछ देर बाद ज्योति भी मेरा साथ देने लगी, मैं उसके होंठ को पागलों की तरह चूस रहा था और चूम रहा था. फिर ऐसे ही वीडियो देखते वक्त उनके शादी की वीडियो आई, तो मैं उनसे पूछने लगा- आपकी शादी कब हुई और आपके बच्चे किधर हैं?इस सवाल से मधुरा का थोड़ा मूड खराब हुआ और वो बोलने लगीं कि उनके पति मुझसे प्यार नहीं करते, वो बस अपने जॉब और पैसों से प्यार करते हैं. पूरी नंगी होकर मम्मे मेरी तरफ तानकर बोली- सर कैसी लग रही हूँ मैं आज?आह.

पावर वाला चश्मापहली बार मैंने प्लेन में बैठ कर सफर किया था तो मुझे बहुत अच्छा लगा. मैंने उसे उठाया, बेड पर बिठाया… उसे कहा- आंखें खोलो और देखो बहाने मत करो!जबरदस्ती से मैंने उसे देखने के लिए मजबूर किया.

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आह… आह आह… और पेल बेटा, फाड़ दे अपनी माँ की चूत को! और पेल… आह… आह… ऊह ऊह… आह… ऊह…मैं भी उनकी चूचियों को पकड़ के उनके चूत में फ़च… फ़च… फ़च… लंड पेलने लगा।कमरे में सिर्फ़ ‘आह… आह… आह… ऊह… ऊह… ऊह… आह… फ़च… फ़च… आह… ऊह… आह… ऊह… फ़च… फ़च… आह… ऊहह…’ की ही आवाज़ आ रही थी. बाद में मैंने अलग हुआ तो हल्का सा खून भी था, मैंने उसे प्यार से चूम लिया. वो चाहते थे कि जैसे मैंने मुम्बई वाली भाभी को संतुष्ट किया, वैसे ही मैं उनकी बीवी को करूं.

अगले दिन शीतल दीदी की ससुराल देखने के लिए मेरी बड़ी ताई संगीता और बुआ गईं और उनके साथ मैं भी गया. मैंने उसे अच्छे से समझाया और फिर से लंड रखा और जोरदार झटका मार कर आधा घुसा दिया, वो फिर से रोने लगी और मैंने उसकी परवाह न करते हुए लगातार अपना पूरा लंड डाल कर रीना की गांड चोदने लगा. भाभी फिर बोलीं कि जोर से धक्का मार कर लंड को चुत के अन्दर घुसा दे!मैंने जोर से धक्का मारा, जिससे मेरा आधा लंड चुत में घुस गया.

दोस्तो मेरी गरम कहानी कैसी लगी, कृपया करके नीचे लिखी गई मेल पर बताएं. भैया ने जैसे ही उसकी बंद कली जैसी चूत देखी तो वो जोश में आकर बोले- इसकी तो मैं चीखें निकाल दूँगा. शुरू में कोचिंग क्लास जाते या आते समय उन लोगों से सामना होने पर बातचीत सिर्फ़ नमस्ते तक सीमित थी.

ऋतिक मेरे पास मेरे बिस्तर पर आकर बैठ गया और बोला- तू जो भी बोल रहा था. उनका बंगला भी काफी बड़ा था, वहाँ जाने के बाद वो भी मुझे देख कर काफी खुश हुईं.

मेरा ध्यान उसकी चूत पर गया, जहाँ से पानी के साथ हल्का सा खून भी निकल रहा था.

टीवी देखते-देखते मुझे प्यास लगी और मैंने सोनी को आवाज़ लगा कर पानी माँगा. सेक्स फिल्म दिखाएं हिंदीलेकिन अगले दो दिन मैं उसका इंतज़ार करता रहा और अपने लंड को समझाता रहा कि चिंता मत कर, चूत का इंतज़ाम हो गया है और मुठ मारकर सो जाता. रियल में सेक्स वीडियोऐसा कह के मामी ने मेरा लंड पकड़ के अपनी चूत पर रखा और शॉट लगाने को बोलीं. ”क्या मतलब? लड़कियों के?”जब मर्द लड़की की चाटता है, तो इतना गंदा नहीं लगता.

इधर मेरा लंड भी झड़ने के करीब पहुंच रहा था… और मेरे लंड की नसें फूलने लगीं.

मैं- तो ठीक है, मैं कॉलेज ही जाता हूँ और सारे कॉलेज में इस वीडियो को बाँट देता हूँ क्योंकि आपने तो अमित का ही लंड चूसना है, मेरा नहीं!मैं जाने के लिए मुड़ा और अपनी पैन्ट को ऊपर करने लगा; तभी दीदी उठ कर मेरे सामने आ गई; मेरे देखते ही देखते ज़मीन पर बैठ गई और मेरी पैन्ट को वापिस नीचे करके लंड को हाथ में पकड़ा और लंड की टोपी को किस करने लगी. मैंने भाभी को जूस पिलाया तो उन्होंने कहा- टाइम ख़राब मत करो, मुझे उनको खाना बना कर देना है, ताकि वो जोधपुर चले जाएं. फिर भाभी ने कहा- बहुत अच्छा लग रहा है, थोड़ी सी विक्स मेरी पीठ पर भी लगा दो.

मैंने प्रियंका से उसके बारे में पूछा तो उसने बताया कि वो उसकी ननद है और सेवा देना चाहती है. उसकी बेचैनी से मुझे महसूस हो रहा था कि उसे इस चुम्बन में मजा आ रहा है. मैं अपनी सबसे बड़ी वाली उंगली को दीदी की चूत की लाइन में ऊपर से नीचे चला रहा था और बूब्स चूसते हुए दीदी की तरफ देख रहा था.

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दोस्तों मैं पिछले 4-5 सालों से अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम की कहानियों को नियमित पढ़ता आ रहा हूँ. एक तो प्रिया अभिसार में मुझ से अधिक से अधिक काम-सुख लेने के लिए, मुझ से मेरी पत्नी की तरह अधिकारपूर्वक व्यवहार कर रही थी, दूसरे… चूंकि आज घर में कोई नहीं था इसलिए अभिसार के दौरान प्रिया के मुंह से निकलने वाली सिसकियों और सीत्कारों को किसी द्वारा सुन लेने का भय ना होने की वज़ह से प्रिया का आज बिस्तर में व्यवहार बहुत ही बिंदास था. अब मैं और जीजू किस कर रहे थे, मैं उनके अंडरवियर में अपना हाथ डाल कर उनका लंड पकड़ कर सहला रही थी.

अब कमल कभी मेरी चूत में डालता, तो कभी मेरी गांड में लंड पेलता जा रहा था.

मैं आपके लंड को बहुत प्यार करती हूँ और आपके लंड के बिना एक पल भी रहने का मन नहीं करता है.

जैसे ही उनका लंड उनकी बेटी की गांड को चीरता हुआ अन्दर घुसा, मैं जोर से चिल्ला उठी. मेरी नंगी छाती उनकी चूचियों की पिसाई कर रही थी तो मेरा उत्तेजित लंड ममता जी की दोनों जांघों के बीच अपनी असली जगह ढूंढ रहा था।ममता ने अपनी दोनों जांघों को‌ जोरो से भींच रखा था और मेरे लण्ड के स्पर्श से बचने के‌ लिये वो कसमसाते हुए मुझे हटाने की भी कोशिश कर रही थी. જાપાન સેક્સमेरे पीछे संजय के आने की आहट हुई, मैं पीछे मुड़ कर देखती, इससे पहले ही संजय ने पीछे से मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरी गरदन को चूमने लगा.

मैं आज भी पैंटी में थी और रोहण सो गया और मैं फिर आज उदास होकर सो गयी. करीब 5 मिनट की चूची चुसाई के बाद उसने धीरे से नीचे मेरी नाभि के अन्दर जीभ डालते हुए दोनों हाथों से मेरी पेन्टी उतार दी, जिसमें अब मेरी क्लीन शेव मखमली चूत बिल्कुल नंगी एक गैर मर्द के सामने थी. बॉस ने मुझे डिल्डो वाली पेंटी पहनने के लिए दी, मैंने डिल्डो को अपनी चुत में लेकर वो पेंटी पहन ली.

उनके दोनों चूचे आधे से ज़्यादा तौलिया के बाहर दिख रहे थे, जिसे वे हाथ से छुपाने का प्रयास कर रही थीं. आह्ह्ह अह्ह मर गईई!” मैंने कहा- जल्दी अपना काम कर लो, कोई आ जायेगा.

इईईई… श्श्श्शशश… ओय…”उत्तेजना व घबराहट के कारण ममता जी का पूरा बदन कम्पकपाने लगा था, वो सिसकारते हुए मुझे हटाने की कोशिश करने लगी… मगर मैं उनके बदन से किसी जोंक की तरह चिपकता चला गया।खड़े होने पर ममता जी का कमीज थोड़ा सा नीचे उनकी‌ चूचियों पर आ गया था मगर उनकी चूचियाँ अब भी‌ ब्रा के बाहर ही थी‌, मैंने कमीज ‌को चूचियों के ऊपर तक खिसका कर फिर से उनकी चूचियों को नंगा कर लिया.

खुल के बोल, तुझे मुझमें सबसे ज्यादा क्या पसंद है, मैं बुरा नहीं मानूंगी. कमर 28 की और कूल्हे 36 के थे।उसको देखते ही मेरा लण्ड खड़ा हो गया उसका नाम रोशनी था। बातों ही बातों में हमारी अच्छी दोस्ती हो गई। वो शाम मेरी अमेरिका में बिताई सबसे अच्छी शाम थी। रात के दो बजे जब नाईट क्लब बंद हुआ. उन्होंने बताया कि वो और उनकी पत्नी साथ में ही अन्तर्वासना साइट पर कहानियाँ पढ़ते हैं.

झारखंड आदिवासी मैं भी नीचे अपने कमरे में वापिस आ गया और उसके मादक शरीर के बारे में सोच कर मेरी कामुकता बढ़ने लगी और मुठ मारने लगा. मैं अभी भी उसके जिस्म को चूम रहा था और अपने ही पानी का मज़ा ले रहा था.

मैं खड़ा होकर बेड से उतरा और साइड में खड़ा होकर उदास सा मुँह करके उसे देखने लगा. आनन्द ने घबराते हुए कहा- क्या हुआ जान? मुझसे क्या भूल हुई?मोना- यही कि मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगी कर दिया, पर खुद के कपड़े नहीं उतारे. एक दिन सैटिंग बन गई, जब उनके घर का रिनोवेशन हो रहा था, उनके घर का सामान सैट होना था, मतलब कुछ सामान ऐसा भी था जो काफी भारी था, तो उनको सैट करने के लिए उन्होंने मुझे बुलाया.

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मैं अपने आप को शान्त करके नाश्ता बनाने लगी, तब तक संजय भी नीचे आ चुका था और हॉल में मेरी बेटी के साथ खेल रहा था. मैं बोली- तुम समझ नहीं रहे, मुझे फर्क पड़ता है, तुम सब कुछ कर सकते हो, तुम को हक़ है मुझे चोदने का क्योंकि मैं तुमको प्यार करती हूं, तुम्हें शर्म नहीं आती यह कहते हुए… वो मेरे बाप जितना है. उसने पूरे सुपारे को चॉकलेट लॉलीपॉप की तरह मुँह में भर लिया और चूसने लगी.

देवर जी पूरे जोश में आ चुके थे और उन्होंने अपने लौड़े को चूत के निशाने पर लेते हुए धक्का लगा दिया. कुछ मिनट जबरदस्त चुदाई के बाद उसने मुझे जोर से पकड़ा और रुक गया, वो अब झड़ने लगा था, मैं भी अपनी चरम सीमा पर पहुँच कर ठंडी हो गई.

मेन लाइन से लूप लाइन पर जाती ट्रेन फिर वापिस मेन लाइन पर आती हुई… पटरियों की खटर पटर सच में एक मीठा उन्माद भरा संगीत सुनाने लगी.

अब मुझे लगने लगा था कि शायद मैं जो अपनी बहन से चाहता हूँ, वो मुझे जल्दी ही मिलने वाला है. फिर मम्मी ने हाथ मोड़ कर ब्रा का हुक खोल दिया और अपनी चूचियों के निप्पल को फूफा जी के मुँह में दे दिया. उसने मेरे लंड की मुठ मारकर मेरे माल को गिरा दिया और उठकर अपने कपड़े ठीक करके चली गई.

मैं आशा करता हूँ कि मेरी भाभी की चुदाई कहानी पढ़ कर लड़के मुठ जरूर मारेंगे और लड़कियां चूत में उंगली करने लग जाएंगी. अचानक सड़क पर स्प्प्द ब्रेकर आने से गाड़ी को झटका लगा और उसकी शिकंजी कपड़ों पर गिर गई और उसके सारे कपड़े खराब हो गए. हम दोनों में से कोई किसी को हाथों से छू नहीं रहा था; बस अपने पैरों से ही एक दूजे को मजे दे रहे थे.

कुछ देर यूं ही लंड घिसने के बाद अचनाक से ऐसा धक्का दे दिया कि उसका पूरा का पूरा लंड मेरी गांड के अन्दर घुस गया.

सेक्सी बीएफ बीएफ ब्लू: गुरप्रीत ने हंसते हुए कहा- जी हां आज तो पूरा मजबूत वाला रिश्ता बना कर ही रहूँगा. फिर मैंने उनके लंड को पकड़ कर अपनी चूत छेद के बाहर टिकाया और दोनों पैर को फंसाते हुए चूतड़ उठाते हुए जोर से धक्का लगा दिया.

मुझे बैडरुम से लगी रसोई नजर आ गई, तो मैं वहाँ से पानी ले आया और दोनों को पानी पिला कर शांत किया।पूर्ण रूप से तुरंत ही शांत करा पाना संभव नहीं था, पर स्थिति अब काबू में थी. तीव्र काम-उत्तेज़ना के कारण मेरे नलों में हल्का-हल्का सा दर्द भी हो रहा था लेकिन प्रिया को सम्पूर्ण रूप से पाने की लगन कुछ और सूझने ही नहीं दे रही थी. मैं गांव जा रही थी इसलिए बिल्कुल सिंपल जीन्स टॉप पहना था, जिसमें मेरे शरीर का कोई भी अंग नहीं दिख रहा था.

मैंने रूम को लॉक किया और कहा- अरे पूजा ये चुन्नी सलवार कमीज मत पहना करो.

हाँ पापा जी, मैंने सुबह के टाइम योगा और प्राणायाम करना शुरू किया है और शाम को आधा घंटा जिम में वर्कआउट करती हूँ रोज!” बहूरानी थोड़ा इठला के बोली. जब लंड पेल रहा था तो वो केवल मेरी दोनों जांघों के बीच में लंड करके बहुत तेज आगे पीछे करने लगा. मैं अब अपने मोबाइल में हिन्दी पोर्न मूवीज देखती थी और अपनी चूत को अपने हाथ से सहला कर शांत करती थी.