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पापा जी अब बस भी करो ना, चलो पहले खाना खा लो फिर ये सब बाद में कर लेना अब तो टाइम ही टाइम है अपने पास!”अरे बेटा, इतनी जल्दी नहीं अभी आठ बीस ही तो हुए हैं. जैसे ही उसका पूरा लंड मेरी चुत में घुसा, मेरे मुख से निकला- उम्म्ह… अहह… हय… याह…उसने जोर जोर से धक्के मारने शुरू किए. अंजलि सोफे से उठ कर हमारे पास आ गयी थी और पीछे से मेरी कमर पर किश करने लगी.

इस तरह से आधी रात तक उससे चुदवा कर मैं साइन किए हुए पेपर्स को लेकर वापिस आ गई.

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मैं अपने लिंग के चारों ओर प्रिया की योनि की हल्की-हल्की पकड़ और स्पंदन महसूस कर रहा था.

हम लोग कई मिनट तक ऐसे ही एक‌ दूसरे की बांहों में सिमटे हुए मजा लेते रहे, एक दूसरे को किस करते और लव बाईट कर लेते. मेरी दोनों चूचियाँ फड़कती रह गईं कि कोई पहले इन्हें तो चूसे, उस तरफ तो उन्होंने ध्यान ही नहीं दिया. ”हुस्न की शमशीर को धार लग रही थी, कोई किस्मत वाला परम मोक्ष को प्राप्त होने वाला था.

मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था कि क्या हो गया था लड़की को?सिप-सिप कर के मैंने अपनी कॉफ़ी ख़त्म की और वाशरूम में जा कर पहले ‘अपना हाथ, जगन्नाथ’ किया, फिर ब्रश किया. कुछ देर सुपारे को बुर की गर्मी का मजा मिला और मुझे थोड़ा ज्यादा मज़ा आने लगा. इंदौर कॉलेज की सेक्सी पिक्चरमैंने वैसे तो उसकी साड़ी निकाल दी थी, लेकिन चूंकि उसने अन्दर पेटीकोट पहना था… इसलिए मैंने उसके पेटीकोट का नाड़ा खोला और उसे भी निकाल कर फेंक दिया.

वो बोले- मुझे आपके साथ सुहागरात मनानी है।मैं बोली- होश में आओ जमाई जी… क्या बकवास कर रहे हो?वो बोले- सासू जी, मैं होश में ही हूँ. मेरे मेरी माँ के साथ सेक्स सम्बन्ध अक्टूबर 16 की दीवाली की रात से शुरू हो गए थे.

इससे पहले हम लोग नॉर्मली ही बातें किया करते थे, थोड़ी बहुत मस्ती भी हो जाती थी. खाना सजाने के बाद बहूरानी ने पहला कौर मुझे अपने हाथों से खिलाया; ऐसा पहली बार था कि उसने यूं मुझे खिलाया हो फिर मैंने भी उसको एक छोटा सा निवाला उसको खिलाया. दोस्त ने फिर से एक तेज धक्का मारा और उसका पूरा लंड मेरी वाइफ की चुत में घुस गया.

यह घटना करीब 3 साल पहले की है, जब मैं एक महीने के लिए अपने मुँह बोले भैया और भाभी पंकज और उसकी वाइफ स्मिता के घर छुट्टी बिताने इंदौर गया था. मैंने लंड के सुपारे को चुत की फांकों में घिसना शुरू किया, मुझे नहीं मालूम था कि चुत का छेद किधर होता है, बस यूं ही लगा था. मैं उनकी छोटे मोटे कामों में मदद भी कर देता था और वो अक्सर कहती थी- यार तू मेरा दुख का सबसे बड़ा साथी है, हमेशा मेरी मदद करता है और तेरी वजह से मैं इस मुश्किल समय में इतना सब कर पा रही हूँ।इसी तरह 4 महीने बीत गए लेकिन भाभी के पापा को कोई आराम नहीं मिल रहा था और उनकी हालत वैसी की वैसी ही रही.

वरना वो एक और शिकायत करेगा कि मैंने किसी से शादी करके उसको उससे पैसे ऐंठने के लिए तंग कर रहा हूँ.

थोड़ी देर बाद मैं उठा और निशा से बोला- उठो और अपने आप को साफ़ कर लो. यह सुन कर वो बोला- अगर आप मेरी कोई सहायता करना चाहती हैं तो मेरी बहन बन कर कर सकती हैं.

कुछ समय में उसे भी लगा कि मैं उसे देख रहा हूँ और वह तिरछी नज़र से कभी कभी मुझे नोटिस भी कर रहा था. क्या माल थी यार वो… बहुत ही धीरे धीरे और प्यार से मेरे लंड को सहला रही थी और चूस भी रही थी. शनै:शनै: प्रिया के शरीर में एक अकड़न सी उभरने लगी और मुंह से अस्पष्ट से शब्द निकलने लगे ऊँ… ऊ… ऊँ… ऊँ… हाँ… आँ… हा… हाय… उ… हक़्क़… ई… ई… इ… ई… ई.

अब क्या करूँ?मैंने कहा- शायद मैं वो रूम पे ही भूल आया हूँ, तुम मेरे साथ मेरे रूम में चलो, तुम्हें दे दूँगा. ज़ोर से और ज़ोर से!उसकी इन आवाजों से मेरा तो एक्साईटमेंट और बढ़ जाता था. एक दिन मैं अपनी जीएफ को कुछ अपनी पिक्स सेंड कर रहा था, तो वो ग़लती से भाभी के नंबर पे फॉरवर्ड हो गईं.

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अब वो थकान के मारे पसीने से लथपथ हो गई थी और मैं भी बुरी तरह से थक चुका था. आंटी की कामुक सिसकारियां मुझे और मजे दे रही थीं और मैं भी पूरा होश खोकर उसका बन चुका था. उसने मुझे बहुत ही धीरे से किस करना शुरू किया, जैसे मुझे सिखा रही हो.

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अंजलि सोफे से उठ कर हमारे पास आ गयी थी और पीछे से मेरी कमर पर किश करने लगी.

फिर मैंने उन का पेटिकोट भी उतार दिया और अब भाभी मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी, एकदम मस्त माल लग रही थी और धीरे धीरे करके उन्होंने भी मेरे कपड़े उतार दिए. मेरे प्यारे दोस्तो, मेरी एक फ्रेंड की संगत के कारण ये मेरी रियल सेक्स स्टोरी बन गई है.

मैं धीरे धीरे उसकी पूरी चूत को चूम रहा था और चाटते चाटते उसकी चूत की दरार में मैंने अपनी जीभ घुसा दी और उसके दाने को चाटने लगा. मैंने पहले भी लड़की चोदी थी, लेकिन यकीन मानिए इस रिश्ते को शायद इस असीम शान्ति के लिए ही पवित्र रिश्ता कहा जाता है. मैं कौन सा और इंतज़ार करने के मूड में था, फ़ौरन ही अलका की टाँगें फैलायीं, एक कुशन उसके चूतड़ों के नीचे टिकाया और लौड़ा पकड़ के चूत के मुहाने पर सुपारी लगा दी.

वाशरूम से लौटी तो एक ही कुर्सी खाली रहने के कारण उसके पीछे कुछ देर खड़ी रही.

ख़ैर वह दिन आ ही गया मैंने घर में बोल दिया कि मैं घूमने के लिए कानपुर जा रहा हूँ. एक कमलेश सर हैं जो ट्यूशन पढ़ाते हैं, वही बस मुझे टच किए हैं, उनका लन्ड मुंह में लेकर चूसा है मैंने और उन्होंने नीचे मेरी चूत चाटी है। पर अपना लन्ड मेरी चूत में नहीं घुसाया, मतलब डाला नहीं। मैं झूठ नहीं बोल रही… फर्स्ट टाइम आज आप दोनों चोदने वाले हो।मेरे मुंह से सब कुछ अपने आप साफ साफ निकलने लगा. एक दो बार तो उसने मेरे गले तक लंड डालने की कोशिश भी की, जिससे मुझे तेज खांसी सी आ गई.

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वो मुझसे बोलीं- तू उसके साथ ऐसे क्यों कर रहा था?मॉम मुझ पर गुस्सा हो रही थीं, मुझे डांट रही थीं कि तूने शराब भी पी हुई है. लेकिन अब मेरी जिंदगी से शारीरिक इक्षाओं का वो समय पूर्णतः गायब हो गया है. दोस्तो, इस कहानी के बारे अपनी प्रतिक्रिया मुझे इस ईमेल पते पर भेजें और बताएं कि सेक्स स्टोरी कैसी लगी.

उनकी बातों से ऐसा लग रहा था, जैसे प्रीति के सेक्रटरी ने प्रीति को प्रमोशन के बहाने चोदा है. वो चोदू भी बड़े ही चाव से साली के चुचे चूस रहा था, जैसे बरसों का प्यासा हो और उसमें से दूध आ रहा हो. जब मेरा माल आने वाला था, तब मैंने लंड निकाल कर उसके मम्मों के ऊपर अपना पूरा जूस निकाल दिया.

जब मुझ से रुका ना गया तो मैंने उसके एक निप्पल को अपने मुंह में ले लिया और मेरी बहन अंजलि सिसकारियाँ भरने लगी, उसके निप्पल को चूसना उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था. मैं तो देखते ही रह गई कि 18 साल के लड़के का लंड इतना बड़ा कैसे होगा. जिस दिन चाचा जी को जाना था, तो उन्होंने मेरे घर फोन किया कि आज घर पर चाची और बेटा अकेले हैं तो आज हार्दिक को बोल दो कि वो इधर ही सो जाएगा.

काफी देर बाद सैम अपने सारे कपड़े निकाल कर केवल कैप्री में आया और फिर हमने काफी मजा किया. दीदी- अच्छा प्रीति, एक मिनट रुक…कहकर दीदी फ्रिज खोल कर उसमें से पानी निकाल कर लाईं और पीने लगीं.

इससे मुझे काफ़ी बुरा फील हो रहा था क्योंकि क्लास में बैठे लड़के और मेरे वो हरामी टीचर, पढ़ने के बहाने मुझे देख रहे थे.

पहले परीक्षित ने मेरे मुँह को चोदा और उसके बाद चिंटू ने अपना लंड मेरे मुँह में घुसेड़ दिया. भाई बहन की सेक्सी पिक्चर चुदाईविवेक बोला- मतलब अब हमारी मैडम से बिना लंड लिये रहा नहीं जा रहा?वो बोली- इतनी देर से रगड़ रहे हो तो मेरी चूत गीली नहीं होगी क्या? और वो मेरा डब्बा पति उठ गया और तुमको चोदते देख लिया न उसने तो वो हार्ट अटैक से मर जाएगा. बिहार सेक्सी हॉटएक दिन वो फोन किसी से चुदाई करवाते हुए गलती से उसी ग्राहक के पास ही रह गया. अब तक की चुदाई की कहानी में आपने पढ़ा था कि उस हरामखोर अधिकारी ने मुझे दम भर चोदा और उसने मेरी चूत में ही अपना निकाल दिया.

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दिल कर रहा था कि मैं इन जवान जिस्मों को चूम लूं और उनके जिस्म की मस्तानी महक को अपने अंदर भर लूँ. एक दिन मैंने उनसे बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने मुझे कोई भाव नहीं दिया. थोड़ी देर में मैंने देखा कि उसकी चूत में से पानी निकल रहा है और मेरे लंड पर आ रहा है.

वन्द्या तो सील पैक माल थी, इतनी बदनाम होकर भी आज तक इसकी सील बची रही, गजब की बात है, इसे आज अपनी रंडी बना दिया, अब आज से यह फुल रंडी बनने लायक हो गई, इसकी चूत का उदघाटन मैंने कर दिया है। अब यह किसी से भी चुदाई करवा सकती है, आज मैंने वन्द्या की सील तोड़ दी।और जोश में आकर जम कर अपना लन्ड अंदर बाहर करने लगे। कुछ मिनट तक मुझे लगा कि मैं मर गई… मैं बेहोश तक होने लगी. शायद वो झड़ने को आ गया था, और इस तरह वो अपने वीर्य को निकलने को रोक रहा था. मैंने अपने बहन को बांहों में ले लिया और उनके रसीले होंठों को चूसने लगा.

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फिर एक दिन मेम ने सबका टैस्ट लिया और इस टैस्ट में मुझे सबसे कम मार्क्स मिले. वो पट्टी गाँव में रहता है जो कि मेरे शहर से करीब 38 किलोमीटर दूर है। उसके माँ-बाप ने उसे आगे पढ़ने के लिए मेरे पास आज ही भेजा हुआ था।जब मेरा भतीजा कहीं गया हुआ था तो तब वो आदमी हमारे घर आ गया. अब चाहे खून की नदियाँ क्यों न बह जाएं, मेरी गांड के मालिक अब तुम बन कर रहोगे.

दो दिन ऐसे ही बात हुई और तीसरे दिन मैंने उसे हिम्मत करके प्रपोज कर दिया.

उसने कहा- तुम्हें देखने के लिए अब इस पार्क की जरूरत नहीं है, किसी फ्लैट की जरूरत है.

भैया ने शुरूआत तो अच्छी की, लेकिन उनका लंड भाभी की गांड में सैट नहीं हो रहा था. मैं उनकी गांड ले ऊपर से हाथ फ़ेरने लगा और गांड को धीरे-धीरे मसलने लगा. एक्स एक्स सेक्सी ब्लू फिल्म हिंदीभाभी चीख पर चीख निकाल रही थीं, वो किसी सील पैक लौंडिया के जैसे रोने लगीं और चिल्लाने लगीं- मार दिया साले मादरचोद.

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दस मिनट बैठने के बाद मैंने उससे कहा- जल्दी चलो वरना मम्मी उठ गईं तो प्राब्लम हो जाएगी. मैंने देर ना करते हुए आराम आराम से चुत पर अपनी जीभ फेरना चालू कर दी.

ऑफिस वालों ने मेरी सेलरी, जितने दिन में ऑफिस नहीं गई थी, वो काट ली.

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अब मेरा दोस्त मेरी बीवी से बोला- भाबी, आज आपकी पूरी खुजली मिटा दूँगा.

वो मुझे हमेशा कहा करती थी कि रानी क्या रखा है इस जिंदगी में, जिन्दगी के असली मज़े लो. रुचिका चौधरी के एक्स बॉयफ्रेंड ने उसके घर रिश्तेदारी में सबको बता दिया था. बस का चलने का टाइम हुआ तो 3 सुन्दर सी लड़कियाँ बस में चढ़ीं, उनमें से एक मेरे पास बैठी और बाकी दो 3 सीट वाली पर बैठ गईं.

आह… आऽऽह…संजना बार-बार दरवाजे की तरफ देख रही थी; आखिरकार बोल पड़ी- बाहर कोई…सुरेश को जैसे होश आया, वह उठा और दरवाजा खोल कर बाहर निकल कर देखने लगा।कहानी जारी रहेगी. जैसे ही मैंने पैन्टी उतारी, सामने उसकी एकदम सुर्ख गुलाबी चूत थी, गोरे गोरे बदन पर एक हल्की सी लकीर… और मैं उस लकीर का फ़क़ीर… उसे एक तक देखता जा रहा था. अंकल और उनके दोस्त हँसने लगे और बोले- सच में सुनीता रंडी तुम्हारी चुदाई करके बहुत मजे आए… तुम बहुत सेक्सी औरत हो… हम तीनों ने आज तक कभी भी ग्रुप में ऐसी रंडी की चुदाई नहीं की थी.

भाभी बोली- यार प्लीज, मेरा भी उधर ही कुछ जुगाड़ करवा देना, इधर मैं सो नहीं पाऊँगी, बहुत भीड़ है, रात भर ट्रेन में भी ठीक से नहीं सो पायी और सुबह से तो तुम देख ही रहे हो!भाभी भी दिल्ली से आज सुबह ही पहुची थी.

मूवी बीएफ फिल्म: वे मेरे ऊपर आकर अपनी चुत में लंड लेने लगी और मुझे अपने चूचे चुसाने लगी. जिस हिसाब से उन्होंने रिएक्ट किया, उससे इतना तो पता चल गया था कि उन्हें भोगने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी.

मैंने कहा- आंटी जी, आपने तो कहा था कि आपके पति वापस चले जाएंगे, फिर क्यों नहीं गए?वो वर्षा आंटी बोली- हाँ जाने वाले थे लेकिन सन्डे की वजह से एक दिन और रुक गए हैं. उसमें भी गांड जब मेरी साली जैसी गोरी चिट्टी और एकदम साफ हो तो बात कुछ और ही होती है. मेरे मुंह से अपने आप लगातार सिसकारियां निकलने लगी, जीजा ने अब अपनी एक उंगली भी मेरी चूत में घुसा दी और उसे अंदर बाहर करने लगे.

मैंने उनसे इस बात का इशारा भी किया है और शायद आंटी को भी मालूम है कि उनको चोदते समय मैं बॉबी की चूत में उंगली कर देता हूँ या उसकी चूचियां मसल देता हूँ.

लेकिन उसने मुझे अपने मम्मों के दबने पर भी कुछ नहीं कहा, बल्कि वो और भी अधिक ऐसा करवाने के लिए मुझे टच करने आगी थी. जैसे ही वो बोर्ड पर लिखती तो उसकी चूतड़ों की वो लाइन सबको पागल कर रही थी. वो शांत हुई तो मैंने फिर से एक धक्का दे मारा और इस बार लंड महाराज उसकी चूत की जड़ तक पहुँच चुके थे.