स्कूल गर्ल बीएफ सेक्स

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দেশি বৌদি সেক্স: स्कूल गर्ल बीएफ सेक्स, उसने पद्मिनी को बिस्तर पर लिटा दिया और उसके पैरों के तरफ बैठ कर उसकी स्कर्ट को उठाते हुए जाँघ पर अपना जीभ को फेर कर कहा- चल बोल… क्या मामला है तेरा टीचर के साथ?पद्मिनी ने देखा कि उसके बापू की नजर उसकी स्कर्ट के नीचे उसकी पेंटी पर ही टिकी है, तो उसने हाथों से अपनी स्कर्ट को नीचे करके जांघों को ढक दिया.

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वो थोड़ा बहुत चिल्ला भी रही थी और साथ में हंस भी रही थी, पद्मिनी कह रही थी- बापू बस करो. इंडियन हेवी ड्राइवरतभी एकदम से मेरे दिमाग में आया जो मैंने सेक्स कहानी में सुहागरात में चुदाई की कहानी पढ़ी थी, उसी का मजा लेती हूँ.

अब आप ही देखिए, मैं नौकरी के साथ चुत से कमाई कर रही हूँ ताकि कुछ पैसे बचा कर अपनी लड़की की शादी कर सकूँ. सेक्स करते हुए बताओउधर मैं उसके मम्मों को दबा रहा था, उसको कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था.

मैं थोड़ी देर ऐसा ही पड़ा रहा और फिर लंड निकालने लगा तो वो बोलीं- ऐसे ही रहने दो.स्कूल गर्ल बीएफ सेक्स: एक दिन मुझे मेरे भाई का फोन आया कि उसका साला, जिसे अभी अभी नौकरी मिली है.

मुझे ऐसा लगा जैसे वे आंखों से बयान कर रही हों और कह रही हों कि उनको बहुत मज़ा आया.हर एक नए ट्रेनी की तरह मैं भी यह सोच कर खुश था कि अब तो लाइफ सैट हो गई.

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मैं कभी उसके गाल पे तो कभी गले के नीछे कान के पास और सबसे खास उसके होंठों को अपने होंठों से चूसने लगा.इसलिए मैं उठ के बैठ गया और रजाई को पूरी तरह से हम दोनों के शरीर से हटा दी.

मैंने फिर भी नीचे सर कर रखा था, इतने में कमलेश सर मेरी स्कर्ट के अन्दर हाथ डाल कर मेरी पैंटी के अन्दर हाथ डाल दिया और अपनी उंगली मेरी चूत में डालने लगे. स्कूल गर्ल बीएफ सेक्स फिर 3 दिन तक मैं कॉलेज नहीं गया तो चौथे दिन उसने मुझे फ़ोन किया और सीधे ‘आई लव यू…’ बोला.

कोई होश ही न रहा।तन्द्रा तब टूटी जब अहाना ने थपक कर जगाया।यह क्या हो गया था मुझे.

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फिर मैंने उसकी लाल रंग की पेंटी उतारी, जिससे उसकी चूत साफ़ दिखने लगी. तो उन्होंने कहा कि नहीं मुझे अकेले सोने में डर लगता है, तो आप मेरे साथ ही सो जाइए. बाबा ने हवा में हाथ घुमाया और चमत्कारी रूप से उनके हाथ में एक फूल आ गया.

मैं जीभ को निकाले उसे चाटते हुए नाभि पर आया, नाभि के चारों तरफ जीभ को गोल गोल घुमाने लगा, उसकी सिसकारी भी बढ़ती जा रही थी।उसके चूतड़ के नीचे तकिया रखा तो चूत और खुल कर मेरे मुँह के सामने आ गई, मेरे लिये यह पहला प्रयास था तो हिचक भी रहा था. तभी मैं टीचर से बोली कि कमलेश सर मुझे कुछ हो रहा है, यह क्या है?कमलेश सर बोले- यही जन्नत है वन्द्या इसी को मजा कहते हैं, सारी लड़कियां और मर्द इसी पल के लिए इंतजार में रहते हैं, सभी इसीलिए प्यार करते हैं. तो मैं अपने लंड को भाभी की गांड में डालने लगा और भाभी को जब दर्द हो रहा था तो बोलीं कि बहुत मोटा है, यार ऐसे नहीं ले पाऊंगी.

उसने मेरे चूचे भी देख लिए थे और उसने मेरी चूत की तरफ भी देखना शुरू कर दिया था. रेखा ने हँसते हुए कहा- मैंने भी इनसे यही कहा कि मेरी स्कूल में साथ पढ़ी एक सहेली है जो मेरठ में रहती है… उसको मिलना चाहती हूँ. सब ठीक से चल रहा था और मोहल्ले के सभी बच्चों की तरह पद्मिनी भी स्कूल जा रही थी.

बुआ का लड़का बोला- तुम खाना मत बनाओ, मैं बना हुआ खाना बाहर से लेकर आता हूँ. मैंने कहा- तो कम से कम आपको टाइम पास तो अच्छा रखना चाहिए ना, जो आपकी इज़्ज़त करे, ऐसे मारे तो नहीं.

एक में कमरे में रखे फ्रीज़ में से एक कोक निकाल कर उसमें मिला दिया और जूली को पीने के लिए दे दिया.

उसके बाद मैंने खाला को इस तरह लिटा दिया कि मेरी छाती के साथ नूरी खाला की पीठ लगने लगी.

फिर मयूरी ने धीरे से कहा- भैया…विक्रम- ह… हाँ… बहना…मयूरी- क्या मैं तुम्हारा ये हथियार देख सकती हूँ? मैंने आज तक किसी का देखा नहीं है ये वाला!विक्रम मुस्कुराते हुए- इसको लंड कहते है मेरी बहना…मयूरी इठलाती हुई- मुझे पता है कि इसको लंड कहते हैं. आप तो जानते ही हो मैं एक अच्छे घराने से हूँ और दिखने में भी काफी हॉट सेक्सी और हैंडसम हूँ. लेकिन अभी मैं बोल ही रही थी कि सैमी मेरे ऊपर चढ़ गया और उसने मेरे मम्मों को चूसना और निचोड़ना शुरू कर दिया.

अब मुझे बहुत बेचैनी हो रही थी क्योंकि ज्यादा शाम हो गई थी और बुआ और मम्मी के आने का अब तक कोई फोन भी नहीं आया था. मैं बोला- यार भाभी, आप तो पूरी तैयारी के साथ आई हो?तो भाभी हंस कर बोलीं- अब मैं चुदवाने आ ही रही थी तो पूरा मजा लेकर ही जाऊंगी. अन्दर अलग अलग काउन्टर थे, पहले मैं लायेंज़री काउन्टर पर गयी, मैंने काफी सारी ब्रा और पैंटी निकलवा कर देखी, पर कुछ जमा नहीं.

मैंने उन्हें अपने नीचे लिटाया और उनकी दोनों टांगें चौड़ा कर फैला दीं.

अनुप्रिया मुझसे पूछने लगी- आप क्या करती हो?तब मैंने उसे बताया- मैं तो लेस्बीयन सेक्स कर लेती हूँ. हमने डिनर करना शुरू किया पर जेम्स की नजरें सिर्फ और सिर्फ रितु के बूब्स पर थी और उसकी पेंट में तम्बू बनाना शुरू हो चुका था. उनके मस्त हिलते दूध दबा दबा कर चूसते हुए मैंने नीचे से अपनी गांड उठा कर उनकी चूत चुदाई करने लगा.

वरुण की सिसकारियां चालू हो चुकी थी- आआआआ… मज़ा आ रहा है।मैंने बेटे का लंड अपने मुंह में लिया, मानो वरुण तो पागल ही हो गया हो, मेरी जीभ के गर्म स्पर्श से उसका लंड और टाइट हो रहा था मानो फट ही जायेगा. भैया को आने दो, तुम्हें जेल में ना करवाया तो कहना, तुम्हें ज़रा भी शर्म नहीं आई, अपनी छोटी बहन से गंदा काम करते हुए?मैं बहुत डर गया था कि आज तो सब खत्म हो गया है, बस किसी तरह से जान बच जाए और मैं यहाँ से भागूं. जब उसने अपने कपड़े उतारे और मेरी नज़र उसके लंड पर गई, तो मैं तो देखती ही रह गई.

ऐसे मर्द, जिनकी उम्र अधिकतर ज्यादा हो, वैसे वाले मर्द मुझे बहुत भाते हैं.

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स्कूल गर्ल बीएफ सेक्स मेरा दिन शुरू होता था, सुबह नौ बजे और रात कब होती थी, कोई पता नहीं था. लंड से लास्ट धार के निकलते ही मेरे दिल को एक सुकून सा मिला और अनजाने में ही शावर का हैंडल मुझसे मुड़ गया.

इस बात को सुनके मैं चौंक गया क्योंकि नार्मली या तो वो खुद बाजार जाती थीं या मुझे सामान लाने के लिए कह देती थीं.

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संभल जा सुकान्त …” अपनी बहूरानी के साथ शादी में आये हो; अगर कोई ऊँच नीच हो गयी, तूने कुछ गलत किया और लड़की ने शिकायत कर दी तो पूरी बिरादरी में थू थू हो जायेगी, तेरा सोशल स्टेटस खत्म हो जाएगा और अदिति बहू भी नफरत करने लगेगी तुझ से … मेरे भीतर से चेतावनी सी उठी तो मुझे आत्मग्लानि सी हुई और मैं वहां से उठ कर चल दिया. मैं धीरे से एक आँख खोल कर देख रहा था, वो मेरी तरफ देखते हुए निकल गईं. एक दिन मैं घर पे था, सेठानी जी और बुआ जी को उनकी किसी रिश्तेदारी में छोड़कर आया था.

मेरे हाथों ने उनके स्तनों को अपनी हथेलियों में भरा और उन्हें किस करने लगा. बाबा ने दुबारा लंड पे थूक लगाया और वल्लिका की चूत पे सैट करके एक जोरदार धक्का लगाया. उस लड़की की आवाज़ बहुत प्यारी थी जो मुझे बहुत पसंद आई थी तो मैंने उससे कहा- अगर आपको कोई प्रॉब्लम ना हो तो हम नॉर्मली बात कर सकते है फ्रेंड बनकर?तो उसने कहा- सिर्फ फ्रेंड बनकर ही बात कर सकते हैं, इससे ज्यादा कुछ सोचना मत!मैंने कहा- ठीक है, हम फ्रेंड बनकर ही बातें करेंगे.

आज सुबह मैं जब कपड़े सूखने डालने के लिए गई तो मैंने जानबूझ कर एकदम शॉर्ट और स्लीवलैस टॉप.

उन्होंने मुझे बेड पर अपने नीचे लेटाया और मेरा लंड हाथ में लिए सहलाते हुए मेरे ऊपर आकर उल्टी बैठ गईं. लेकिन मुझे अब तक ये नहीं मालूम चल सका कि रवि के अलावा वो मुझसे क्यों चुदती है. जैसे ही वो अपना पूरा लंड मेरे मुँह में डालता, मुझे खांसी आ जाती, मेरे गले में उसका लौड़ा अटक जाता.

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अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार!भगवान की दया से सब ठीक होंगे और अपनी अपनी लाइफ में मज़े ले रहे होंगे. वो भी यदि तुमने मेरे बताए नियमों का पालन किया तो!वल्लिका- नियम बताइए प्रभु.

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उसके भैया बोले- टेन्शन ना ले भाई के होते… खानदानी परंपरा जारी रहेगी. मैंने कहा- तुम तो कह रही थीं कि मुझे भी पिला देना?तो हंस कर कहने लगी कि वो तो यूं ही मजाक में कहा था. जितना प्यार मैं तुमको करता हूँ, शायद ही दुनिया में कोई बाप अपनी बेटी को करता होगा.

मैंने उसकी आँखों में देखा तो उसकी मुस्कान में मुझे मूक सहमति सी दिखी. मैं- ओह शबनम भाभी, लव यू भाभी, लव यू सो मच भाभी, आई वान्ट टू लव यू, आई वान्ट टू किस यू भाभी, आई वान्ट टू फक यू भाभी, वान्ट टू फक योर पिंक पुसी, वन्ना फक योर ऐसहोल.

उसका लौड़ा बहुत ही तगड़ा औजार था, साला मेरी मुठ्ठी में समा ही नहीं रहा था. मैंने ऋतु के निप्पलों को पकड़ा और चूसना शुरू कर दिया, उसने भी मेरे सर को अपने बूब्स पे दबा दिया और बोली- चूसो और जोर से चूसो. 7 इंच का लंड बाहर निकल आया।नेहा आंटी ‘सो बिग…’ कह कर मेरा लंड जोर-जोर से हिलाने लगीं। अगले ही कुछ पलों में मेरे लंड को आंटी ने अपने मुँह में रख लिया और चूसने लगीं।यह मेरा फर्स्ट टाइम था इसलिए मैं जल्दी ही झड़ गया।उन्होंने कहा- इतनी जल्दी?तब मैंने जवाब दिया- इट्स माय फर्स्ट टाइम.

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कुछ देर तक शांत हो गया जैसे मानो एक बड़े युद्ध के बाद सन्नाटा छा गया हो.

इसीलिए उनके कमरे में जो कुछ भी चलता था, मैं बड़ी आसानी से समझ जाता था. वल्लिका- मैं कुछ समझी नहीं प्रभु?बाबा- तुम्हारी पवित्रता तुम्हारे पति के मार्ग में बाधक है. इसके बाद मैंने हल्के से उनके एक पैर की जाँघ को उठा कर लंड को छेद पर लगा दिया.

मेरी बुआ का हमारे घर आना जाना लगा रहता है और वो जब भी मेरे घर आती हैं, तो मुझे भी अपने साथ अपने घर लेकर जाती हैं. उन्होंने अपने दोनों हाथ मेरे कंधे के दोनों तरफ रख दिए और मैं नीच झुक कर उनकी बगलों में घुस कर सूंघने लगा. पिज़्ज़ा दिखाइएइतने राहुल ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और बहुत ही अच्छी तरह से बड़े प्यार से उनको चूसा.

मम्मी ने तो कहा- राम तो कल आया था, उसने तो ऐसी कुछ बात ही नहीं कही थी?मैंने गुस्सा दिखाकर कहा- ठीक है, उसने नहीं कहा तो मैं नहीं जाती. कम जगह की वजह से पोजीशन तो चेंज नहीं कर पाए, पर आंटी ने मुझे जन्नत की सैर करवा दी थी.

अभी भी उसके लंड में इतना दम था कि 2 मिनट तक वो मुझे बेरहमी से चोदता रहा. मैं पहली बार कहानी लिख रहा हूँ और वो भी मोबाईल से, तो कुछ शब्द सही से नहीं लिख पाया हूँ. कोई भी लडकी घर से निकल कर ज्यादा उन्मुक्त महसूस करती है और अपनी दबी छुपी तमन्नाओं इच्छाओं को पूरा कर गुजरना चाहती है.

पम्मी की सगाई हो चुकी थी और वो मॉडर्न ख्यालात की थी, पर जरा नैरो माइंड फैमिली से थी. मुझे सबसे ज्यादा अजीब लगा कि दीदी के ससुर मम्मी हाथ पकड़ पकड़ कर मजाक कर रहे थे। दीदी के ससुर की उम्र 43 साल थी, वो हेल्थी आदमी थे, उनकी वाइफ नहीं है, घर में सारे मर्द थे बस मेरी दीदी ही थी उस घर में।रात दीदी ने सबको खाना खिलाया, फिर सब लेटने की तैयारी करने लगे. यह कहते हुए सर ने मेरा हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखवा दिया और मेरे हाथ में पकड़ा दिया.

फिर मैं दिन भर यही सोचता रहा कि कैसे उसके मोबाइल से अपने फोटो डिलीट करूँ.

फिर कुछ देर बाद वो कार मेरे सामने से ग़ुज़री, पर उसमें उस मोटे आदमी के अलावा कोई नहीं था. कोमल भाभी- रॉबी, हम खुले विचारों वाले हैं और लाईफ का मज़ा लेते रहते हैं.

फिर मैंने अपने कजन से उनके बारे में पूछा तो वो बोला- तू क्यों पूछ रहा है?मैं बोला- बस ऐसे ही. बहुत हॉर्नी फील कर रही होगी तभी तो लड़कों को आंख में आंख डाल के मुस्कुरा के देखती है … इसे पूरी नंगी करके भोगने में कैसा सुख मिलेगा … ये कैसी कैसी कलाबाजियां खाते हुए ये लंड लीलेगी …” ऐसे ऐसे न जाने कितने विचार मुझे मथने लगे. मुझे शुरू से ही अपने से बड़ी उम्र की औरतें पसंद हैं तो मैं आंटी को पसंद करता था.

और कुछ देर बाद मैं भी जोश में आ गया और मेरे लंड से पानी निकलने वाला था. वो बोली- मेरी शादी होने वाली है मेरे पति को कोई शक तो नहीं होगा?मैंने कहा- इससे तो आपको फायदा ही मिलेगा. उसकी नंगी पीठ, उस पर बिखरे हुए बाल, बड़ी सी परफेक्ट शेप वाली उठी हुई गांड.

स्कूल गर्ल बीएफ सेक्स शीतल (मुस्कुराते हुए)- क्या वाकयी?मयूरी- हाँ मेरी प्यारी माँ… हाँ… अब तुम थोड़ी देर में उनके पास जाओ और उनके थोड़ा और नजदीक जाने की कोशिश करो… मैं अपने मिशन पर जा रही हूँ… पापा के पास… अपने हुस्न का जादू चलाने…शीतल मुस्कुराते हुए- ठीक है… मैं भी थोड़ी देर में उनके पास जाकर थोड़ा अपने अंगो का थोड़ा और प्रदर्शन करती हूँ. मैंने फिर उसे किसी प्राइवेट स्कूल में भेजना शुरू किया और वो जल्दी ही ओपन स्कूल की दूर से पढ़ाई करने लगी तथा हाई स्कूल की प्राइवेट प्ररीक्षा में बैठ कर पास भी हो गई.

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अब वह मेरा लंड पकड़े था, मैंने उसके गले में हाथ डाल कर उसका एक जोरदार चुम्बन ले लिया, मैं अपना हाथ बढ़ा कर उसके लंड को सहलाने लगा, हम दोनों करवट बदल कर एक दूसरे के आमने सामने थे, एक दूसरे से चिपक गए. लेकिन मैंने ऐसे ही भाभी को ताबड़तोड़ चोदता रहा और भाभी की कई तरह से चुदाई की. हमने पानी पिया, फिर उसने मोबाईल पर लाईट म्यूजिक लगा दिया और हम बातें करने लगे.

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मैं इस साईट का बहुत पुराना शैदाई हूं और बड़े ही प्यार से और उत्सुकता से कहानियों को पढ़ता हूं.

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अब मेरा बांया पैर बीवी के दोनों पैर के बीच में था और दांया पैर उठाकर बिस्तर पर बीवी की कमर के बाजू में रखकर बीवी की चुत चोदने लगा.

मुझे परेशान समझ कर वो मेरे पास बैठ कर अपने हाथों से मेरे माथे को और मेरे चेहरे को सहलाने लगीं और मैं गहरी नींद में होने का नाटक करते हुए धीरे धीरे बड़बड़ाने लगा. मैं आशा करता हूँ कि ये कहानी आपको मेरी जिंदगी की सबसे अच्छी सेक्स स्टोरी लगेगी. मैं आज सबको हाज़िर नाजिर जान कर यह कसम ख़ाता हूँ कि ए चूत मैं तेरा सेवक बन कर रहूँगा पूरी जिंदगी भर.

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मैं अपनी उंगली भाभी की चूत में चलाने लगा,भाभी की कामुकताकी आग विशाल रूप ले चुकी थी. नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम जॉनी है और यह मेरी अन्तर्वासना पर पहली कहानी है, जो कि मेरी सच्ची घटना पर आधारित है. मैं उसमें इतना खो गया कि उसने आगे आकर कहा- गेट पर ही खड़े रहने दोगे या अन्दर भी आने दोगे?मैंने उसे अन्दर बुलाया.

सामने से मैं रीना की गांड नहीं देख पा रहा था लेकिन उसके शरीर का आकार महसूस कर सकता था कि जितनी सेक्सी आगे से है पीछे से उतने ही लंड फाड़ सेक्सी होगी. मेरे चूसते रहने के कारण उनका लंड तन कर खड़ा हो गया तो सुरेश जी ने मुझे झट से डॉगी स्टायल में कर दिया और अपना लंड मेरी गांड में डालके पेलने लगे. वो एक पल के लिए रुका और एक धक्का देकर अपना आधा लंड मेरी चूत में उतार दिया.

लेकिन मेरा मन तो स्वाति को चोदने लिए कर रहा था तो मैं उसके पास चला गया और उससे बोला कि तुमको कोई प्रॉब्लम है. दिन भर घर का काम करते करते बिल्कुल शाम तक मुरझाए हुए गुलाब की तरह काम वाली बाई की तरह लग रही थी. फिर मैं धीरे धीरे धक्के मारने लगा और आंटीजी भी मेरे साथ दे रही थी अपनी गांड को उछाल उछाल कर…फिर मैंने धीरे धीरे अपने गति तेज़ कर दी.

जब परेड खत्म हुई लगभग 7:00 बजे तो हम भाई बहन उसी गाड़ी से वापस आने लगे तो उस गाड़ी वाले ने उस गाड़ी में कुछ ज्यादा ही पैसेंजर बैठा लिए, उस गाड़ी में बहुत भीड़ हो गई थी. आज तक जिसे सिर्फ सपने में चोदा था, जिसके साथ बात करते हुए, फोन सेक्स करते हुए अपना लौड़ा हिलाया था, वो मधु, मेरी प्रेम की देवी, आज मुझे दर्शन देने वाली थी.

मनोरमा ने कहा- उसकी नौकरी के लिए कोशिश क्यों नहीं करती हो?वो बोली- जितनी भी कर सकती थी, कर चुकी.

शाम को उसे बुला कर गीता से मिलवा दिया और बोला कि तुम दोनों अब पति पत्नी बन कर उस डॉक्टर के पास जाओ. १८ क्सक्सक्सफिर जब वो अगले दिन कॉलेज आई तो मैंने हिम्मत करके जाकर उसे बताया कि वो कॉल मैंने किया था. खलीफा इमेजफिर मैंने उसे अपने पास खींच लिया और अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए. इसके साथ वो मुझे इतनी गंदी गंदी गालियां और बातें बोल रहा था कि मेरे होश और जोश दोनों में बिल्कुल आग लग रही थी.

बस मैं उनसे लिपट गई, अपने दोनों हाथों से चाचा को अपने बांहों में कस लिया.

वो हंस दिया, बोला- तो पर्स में रखती हो? टांगें तो कहीं भी फैला देती हो. उसकी आंखें चुदास के नशे में ऐसे लग रही थीं, जैसे उसने पूरी बोतल शराब पी ली हो. वो ब्रा पैंटी में इतनी गजब की माल लग रही थी कि मन कर रहा था कि साली की ब्रा खोल कर नहीं, फाड़ कर इसके चुचे आजाद कर दूँ, पर मैंने अपने आप पर काबू रखा.

मैंने उससे कहा- ठीक है, तुम इसको अपने हाथ में पकड़ लो और इससे मजा लो. हुआ यूं कि मुझे एक शादी के लिए देहरादून से आगे कलसी नगर जाना था, तो मुझे रात को ठीक दस बजे दिल्ली आइएसबीटी से कलसी की बस पकड़नी थी. कुछ देर बाद उसकी चूत के सब्र का बांध टूट गया और उसकी चूत से उस बांध का पानी बहने लगा.

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मुझे न जाने क्या हुआ कि मैंने उसकी इस हरकत का कोई विरोध ही नहीं किया. मैंने जूली से पूछा- तुमने तो 6:00 बजे आना था?जूली ने बताया- मेरी मम्मी को कुछ दवाइयों की जरूरत थी, अतः मार्केट से दवाइयां खरीद कर मम्मी को दे कर आई हूँ और उनको बोल कर आई हूँ कि मुझे दोबारा नाइट शिफ्ट में होटल जाना है. फिर उन्होंने मेरा ब्लाउज और ब्रा भी उतार दी और खुद की चड्डी को भी उतार दिया.

नौ बजे मैंने मम्मी से कहा- मुझे आज मेरी फ्रेंड की सिस्टर की सगाई में जाना है.

मैं नीचे आकर फोन को साइलेंट करके सो गया और थकान के कारण मुझे जल्द ही नींद आ गई.

मैंने नीचे की और खिसकते हुए उनका बॉक्सर खोला और उनका लंड बाहर निकाल लिया. उन्होंने एक पार्क के सामने गाड़ी रुकवाई और मुझे पार्क में चलने को कहा. सीआईडी दिखाओमैं पहली बार कहानी लिख रहा हूँ और वो भी मोबाईल से, तो कुछ शब्द सही से नहीं लिख पाया हूँ.

इसके बाद मुझे उसने वहीं सोफे पर लिटा दिया और मेरे मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही जोर जोर से दबाने लगा. इधर मैं नहाने के लिये बाथरूम के लिए उठी तो मुझसे चला भी नहीं जा रहा था. और फिर वो अकड़े, और करीब करीब अपना सारा लंड मेरे मुँह में ठूंस दिया- आह, मेरी जान, सविता, मादरचोद, खा जा मेरा लंड, कुतिया की बच्ची, साली रांड, खा खा खा इसे हरामज़ादी!और उन्होंने ढेर सारा माल गिराया, कितना तो मेरे गले में सीधा ही उतर गया, कितना मेरे चेहरे बालों पर बिखर गया.

फिर मिलेंगे!दोस्तो, आपने मेरी बीवी की चूत चुदाई की यह कहानी संजू के शब्दों में सुनी, बोल उसके थे, लेखनी मेरी!अंत में मैं यही कहना चाहूंगा कि जिसे यह कपोल कल्पित कहानी लगे, वो उसकी अपनी सोच… जिसे हकीकत लगे, वो उसकी अपनी समझ!मुझे मेसेज में उल्टे उल्टे सवाल पूछ कर मेरा अपना समय न बर्बाद करें. जैसे ही वो लंड को धक्का मारने के अन्दर की तरफ़ आता, मैं चूत को ढीला छोड़ देती.

हम दोनों बिल्कुल साथ साथ रहने लगी, साथ साथ कैंटीन जाती, खूब बातें करती, खूब मस्ती करती कॉलेज में!मुझे स्विमिंग पूल में नहाना शुरू से ही बहुत अच्छा लगता था। मेरे चाचा के सरकारी बंगले में स्विमिंग पूल बना हुआ है, जिसमें मैं और चाचा अक्सर नहाया करते थे।क्या सोच रहे हो मेरे प्यारे पाठको… हाँ, मैंने और मेरे चाचा साथ साथ स्वीमिंग पूल में स्वीमिंग करते थे और साथ साथ नहाते थे, अठखेलियाँ करते थे.

अब तो मेरा भी लंड खड़ा हो गया था, जो मेरी निक्कर में से साफ दिख रहा था. मेरी सास की चुदाई की इस सेक्स स्टोरी के पिछले भागमेरी प्यारी चुदासी सासू माँ-1में आपने पढ़ा कि मैं अपनी सास के मुँह में अपना लंड डाल कर मजा ले रहा था. मैं उन्हें देखने में खोया हुआ था, मुझे उनकी आवाज़ दूर से आती सुनाई दे रही थी.

लड़कियों का कंडोम जैसे इस साईट के रुल्स रेग्यूलेशन्स में कहा गया है कि कोई वास्तविक नाम, स्थल का उल्लेख नहीं होगा तो ये बात ध्यान में रखते हुए आवश्यक बदलाव किए गए हैं. इस तरह वो पागल हो कर मेरा साथ देने लगी और बोलने लगी- ऐसा मेरे साथ कोई ने नहीं किया है, न ही कर सकता है.

करीब 15 मिनट चूत चुसाई के बाद मैंने अपना 7 इंच का लंड बाहर निकाला और उसके हाथ में दे दिया. यह बात 2008 की है, जब मैंने पहली बार घर से दूर भोपाल में एडमिशन लिया था और कॉलेज की दहलीज पर कदम रखा था. अचानक पीछे से मेरे कान में में किसी ने जोर से चिल्लाया- लो मैं आ गई.

सेक्सी हिन्दी कहानिया

मैंने मेरी बुर को हाथ सा छू कर देखा, तो मेरा हाथ खून से लाल हो गया था. मैं बोली- ये टूट तो नहीं जाएगी?उन्होंने बोला- नहीं, ये नहीं टूटेगी जानेमन. यह गुण इन्हें ईश्वरीय देन है जो इन्हें छोटी उमर से ही ज्ञान करा देता है.

इस बार हम दोनों ने एक दूसरे को इतना ज़ोर से बांहों में भर लिया था जैसे हम दोनों बहुत साल बाद एक दूसरे को मिले हों. सपना ने मेरे पास आकर मेरी 34 साइज गांड को पानी के अंदर मसलना शुरू कर दिया। मैं उस जाटणी की हिम्मत देख कर हैरान रह गई। वो पानी के अंदर मेरे सेक्सी बदना को सहलाने लगी.

उसने अपने पैर मेरी जाँघों पर रखा, थोड़ी कमर उठाई, मेरा लंड अपने हाथ में लिया, अपनी गान्ड के छेद पे मेरा लंड टिकाया और धीरे से अपनी गान्ड नीचे कर के मेरे लंड का टोपा पूरा घुसा लिया, धीरे धीरे अपनी गान्ड ऊपर नीचे करने लगी.

घर पहुंच के थोड़ा सा रेस्ट किया, सोफा पे बैठे, निक्की ने हम दोनों को पानी पिलाया और चेंज करने चली गयी. उस फ्लोर के बाकी के 3 फ्लैट बंद हैं, सो मेरे फ्लोर पे सिर्फ़ मैं हूँ. मेरी सास बोलीं- क्या आज मेरे पेटीकोट को भी अन्दर डाल दोगे?तो मैंने कहा- पेटीकोट ही नहीं उसके नीचे पेंटी भी होगी ना.

दो कमरों में 4 घुस आए और एक बच गया था तो भैया ने तुषार भैया को मेरे कमरे में भेज दिया. फिर मैंने उनके ब्लाउज के सारे हुक खोले और उन्हें अपने सामने बिठा लिया. उसका एकदम नंगा बदन, बदन से फव्वारे का बहता हुआ पानी, उसके सिर से उतर कर गांड की तरफ जाता हुआ बड़ा मादक लग रहा था.

स्मिता- उम्र क्या है तुम्हारी माँ की?वरुण- लगभग 48 साल!स्मिता- क्या करती है तुम्हारी माँ?वरुण- उसकी अपनी शॉप है, खुद का बिजनेस है!स्मिता- किस चीज का बिजनेस है?वरुण- मॉडर्न लौन्ज़री शॉप!स्मिता- तुम्हारे पापा क्या करते हैं और वो कहाँ रहते हैं?वरुण- पापा हमारे साथ नहीं रहते, वो 3 साल पहले मम्मी को छोड़ कर चले गए थे, उसके बाद वो कभी लौट कर नहीं आये.

स्कूल गर्ल बीएफ सेक्स: चाचा लंड चुसवाते हुए इतनी सेक्सी और गंदी गालियां दे रहे थे कि बता नहीं सकती. हम दोनों ने जो जो गुल खिलाए हैं वो मैं सब आपके साथ बांटना चाहता हूँ.

स्मिता- तुम्हारी माँ का नाम क्या है?वरुण- उसका नाम सविता अग्निहोत्री है. मैंने उसका लंड पकड़ के अपनी चूत पर सैट कर दिया लेकिन पता नहीं क्या हुआ, उसने मुझे नीचे बेड पर गिरा दिया और ख़ुद मेरे ऊपर आ गया. उस वक़्त वह वैसे ही एक तंग चोली और छोटी स्कर्ट में थी, जैसे हमेशा से घर पर पहना करती रही है.

इतनी हसीन गर्म जिस्म वाली कामुक लेडी अगर पास में सोई हो तो नींद कहां से आती है.

मैंने उसके लंड को पकड़ के बाहर निकाला तो काला मोटा 8 इंच का लंड देखकर शॉक रह गयी. एक दिन मैं अकेला बैठा हुआ था, दोपहर का समय था, वो खेतो में गयी थी तो उसने मुझे कॉल किया और हम ऐसे ही नॉर्मली बातें करने लगे. मेरे सामने जो नजारा था वह मेरे अनुमान क्षमता के बाहर था, क्या मोटी मोटी चूची थी उनकी… और चूत तो उनकी ऐसी फूली हुई थी जैसे कि डबल रोटी!मैंने तो बस अपना काम शुरू कर दिया, मैं अपना होश खो बैठा और मैं मामी की चुचियों की गहराई में उतर गया, उनको मन भर कर दबाने लगा, चूसने लगा.