चूत से खून निकलने वाला बीएफ

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होली गुलाल फोटो: चूत से खून निकलने वाला बीएफ, इससे पहले कि रिया भाभी और मयूरी भाभी कुछ कहतीं, एकता भाभी ने कहा- हम तुम्हें अकेले रिया को खुश करने नहीं देंगे, तुम्हें हम दोनों को भी खुश करना होगा.

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सुबह मुझे लगा कि जैसे कोई मुझे जगा रहा है, आँख खोलकर देखा तो पूर्वी थी. हिंदी में ब्लू पिक्चर दिखाइए सेक्सीजैसे ही वो अन्दर आया, मैंने गिरने के बहाने से उसे पकड़ लिया और गले से लगा लिया.

तो मैं समझ गया कि अब ये पूरी गर्म हो चुकी, सो मैंने देर न करते हुए उसकी ब्रा और पैंटी भी उतार दी और उसने मेरी. लंडन सेक्सीमुनीर हम हिंदुस्तानी औरतों से कुछ ज्यादा अलग नहीं थी, केवल उसकी शक्ल चीनी लोगों की तरह थी.

दोस्तो, मेरे लंड की स्पीड बढ़ती जा रही थी और सविता की सिसकारियां तेज हो रही थी, सविता के मुंह से बहुत मादक सिसकारियां निकल रही थी.चूत से खून निकलने वाला बीएफ: एक स्तन मुँह में लेकर छोटे बच्चे की तरह चूसने लगा दूसरे स्तन के निप्पल को मरोड़ रहा था। ऐसा दस मिनट तक चला। फिर मैंने धीरे-धीरे उसके पूरे बदन पर चुम्बन करना चालू किया। उसके चूतड़ कयामत थे। सोचा साली के चूतड़ ही खा जाऊँ।वो मेरा लण्ड चूस रही थी, मैं उसकी चूत चाटने लगा। जैसे ही मैंने चूत पर मुँह रखा, वो उछल पड़ी और ‘हह.

मैं नेहा की जांघों को चूमते चाटते हुए धीरे धीरे पग पग धरते हुए उसकी चुत की तरफ बढ़ रहा था.उसका मुँह पूरा भर गया, वो पूरा रस निगल गई।मैंने पूछा- ये तूने क्या किया? निगल गई?तो वो बोली- तेरा तो बहुत स्वादिष्ट है।फिर हम दोनों 15-20 मिनट निढाल होके पड़े रहे और फिर धीरे-धीरे उसने मेरे लण्ड के साथ छेड़छाड़ चालू की। लण्ड धीरे-धीरे खड़ा होने लगा। अबकी बार मैं उसके स्तनों के साथ खेलने लगा। उसके स्तन गजब के थे.

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इतने में वो बोली- आज तो तूने मुझे मजा दिला दिया … मेरा कब से किसी से चुदने का मन कर रहा था, अच्छा हुआ तू मिल गया क्योंकि तू तो मेरे घर कभी भी आ सकता है और तुझ पर कोई शक भी नहीं करेगा।फिर मैं उसे जोरदार चुम्बन करके अपने घर चला आया।तब से लेकर हमें अब जब भी मौका मिलता है, हम दोनों चुदाई कर ही लेते हैं.लेकिन मैंने तय कर रखा है कि अगली बार वो जब भी मिलेगी तो मैं उसकी चूत में अपना लंड डाल कर ही रहूंगा.

भाभी पूरा बदन पौंछ कर नाइटी को पहन लिया, लेकिन ब्रा और पैंटी नहीं पहनी. चूत से खून निकलने वाला बीएफ कमरे में जहां से घुसते हैं, वहीं टीवी रखा था, तो उसने ब्लू फिल्म तो नहीं देखी होगी लेकिन और कुछ देखा या नहीं, यह नहीं पता था.

जो मुझे चोद रहा था, वो मुझसे बोला- चुदवाने में कैसा लग रहा है साली?मैंने उस अपरिचित आवाज को उत्तर देते हुए कहा- चोद साले … मजा आ रहा है और जोर चोद मुझे ….

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थोड़ी देर बाद मैंने ड्रेसिंग टेबल के शीशे में देखते हुए एकाएक पूजा की पेंटी खींचकर उसके पैरों के पास ले गया. मेरा काम तो तू ही करेगा!” कह कर उसने कंडोम का पैकेट मेरे हाथ में वापिस दे दिया और टाँगें मोड़ कर अपना खम्बा मेरे सामने खड़ा करके वही बैठ गया. इस पर तारा जोर जोर से हंसने लगी और उसने मेरी दुविधा उन दोनों को बता दी कि मैं माइक के लिंग से डर गई हूँ.

प्रिया को देखकर मेरे शरीर में अब जान सी आ गयी थी और मेरी नींद भी कोसों दूर भाग गयी. आंटी की इस तरह से लपक कर हामी भरने से आज तो मैं एकदम सातवें आसमान पर था. मैं कम्मो से कुछ और कहने ही वाला था कि अदिति बहूरानी मेरी ओर आती दिखाई दी साथ में उसके चाचा जी भी थे.

शीतल (आश्चर्य से)- क्या…? सच में?मयूरी- हाँ माँ… कई बार तो पापा आपकी गांड भी मारते है… और आप बड़े मजे से अपनी गांड में उनका लंड लेकर उछल-उछल कर चुदवाती हो… सब देखा है मैंने…शीतल (हँसते हुए)- तो तेरा मन उस समय क्या करने का होता है?मयूरी- मेरा तो मन करता है कि मैं झट से जाकर पापा का लंड अपने मुँह में लेकर पहले तो जोर-जोर से चूस लूँ… फिर अपनी चूत में डालकर खूब चुदुँ. और एक बात, जिससे मैं तुमको मिलवाऊंगी, उसे मैं तुमको अपना कज़िन बोलूँगी. अब मरता क्या ना करता मैं सच बताने को हुआ ही था कि तभी दिमाग में आया क्यों न अपने झूठ पर अड़ा रहूँ.

शिवानी फटाफट आयी, सोनू ने कहा कि धीरे धीरे ये बोतल से बियर अपनी मम्मी के लहंगे में डालती जाना. वो ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ करती रहीं और इधर मयूरी भाभी उन्हें किस करती रहीं.

उनका लंड मेरे मुँह की तरफ था और सर मेरी चूत को पागलों की तरह चाट रहे थे.

मॉम रात में भाभी के पास रूकने लगी थीं और घर पर मैं और बहन अकेले ही रहते थे.

मैं अपने हाथों से पूजा की चूचियों को पकड़ कर दबाने लगा और कभी कभी जोर जोर मसलने लगा. मेरा थोड़ा मन था पर कोई बात नहीं, तुम्हारी मर्जी!और ऐसा कहकर उन्होंने मुझे गले से अपने लगा लिया. इस बार मैंने उसे खड़े होकर बेड पर झुकने को कहा और खड़े खड़े चोदने लगा.

हाँ, वो मास्टर बाथरूम था पर इतना भी बड़ा नहीं था कि उसमे 3 मर्दों का ग्रुप सेक्स आसानी से हो जाए!दूसरे वाले ने भरपूर कोशिश की पर वो बड़ी मुश्किल से मेरे चूतड़ों पर अपना मुँह ले जा पाया! जिसे जो मिला वो उसी में खुश हो रहा था! मेरे चिकने चूतड़ उसको इतने पसंद आये कि वो उनको की किसी लड़की के गाल समझ कर चूमने चाटने लगा और जल्दी ही उसका ये चूमना चाटना, काटने में बदल गया. करीब 15 मिनट बाद मैंने उन्हें कुतिया बनाने को बोला और पीछे जाकर उनकी चूत में पूरा लंड पेल दिया और तेज़-तेज़ शॉट मारने लगा. फिर मयूरी भाभी ने रिया भाभी की गांड में तेल लगाते हुए अन्दर गांड में उंगली भी कर दी.

जब मुझे कुछ समझ में नहीं आया तो मैंने चांदनी जी से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्होंने भी 3-4 साल से कुछ नहीं किया.

उन पन्द्रह दिनों में मुझे पन्द्रह से ज्यादा मर्दों ने, उनमें दो विदेशी नीग्रो भी शामिल थे, सबने पूरे दम से मेरी चुदाई की. सच कहूं मुझे बहुत दर्द हो रहा था, जब वो मेरी चूची दबा रहा था मगर उस दर्द से कहीं ज्यादा मज़ा भी आ रहा था. इसके बाद दिन भर प्रिया से मेरी कोई बात नहीं हुई, एक दो बार हमारा आमना सामना भी हुआ, मगर प्रिया से नजरें मिलाने की मेरी‌ हिम्मत ही‌ नहीं हुई.

बस जब ऐसा लगेगा कि मुझे जग चाहिए, तो उस वक़्त तुम्हारे बारे सोचूंगी, बाकी मैं अपने पति की हूँ. अंदर गयी और काफी पीते हुए अपने जीवन के पहले अनुभव के लिए साथी की तलाश करने लगी. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, मैंने रीना से पूछा- ये सब क्या है?वो बोली- सबकी सब अपने अपने कपड़े उतार कर एक केबिन में चली जाओ और अपने केबिन का अन्दर से दरवाजा बंद करने के बाद बेड पर लेट जाओ और अपने पैरों को अपनी कमर तक होल के बाहर निकाल लो और अपने केबिन की लाइट ऑफ कर लो.

मैं एक छोटे से गाँव के रहने वाली थी लेकिन पहले पढ़ाई और फिर नौकरी के लिए शहर में आ गयी.

आपसे बातों बातों में मैं तो उसका ज़िक्र करना ही भूल गया, उसकी वास्तविक उम्र लगभग 20 वर्ष रही होगी और फिगर 34-30-36 की थी, जो एक आकर्षक बदन के लिए पर्याप्त है. इससे पहले आगे चलूं, मैं आपको भाभी और उनकी सहेलियों के बारे में बता देता हूँ.

चूत से खून निकलने वाला बीएफ फिर मैंने उसकी पेंटी से ही मुठ मारी और सारा माल उसकी पेंटी में ही छोड़ दिया. मैंने उसके होंठ चूसते चूसते अपने एक हाथ की उंगली पर अपना थूक लेकर चुत की दरार में लगा दिया और चुत को ज्यादा गीला कर दिया.

चूत से खून निकलने वाला बीएफ मुझे एकदम से किनारे करके थोड़ा थोड़ा आगे पीछे करके पीछे की सीट में एडजस्ट होने लगे. सीई … इसीई … उफ्फ्फ … ओहहो मेरे राजा चोदो मुझे … आआह बस ऐसे ही … आआआह और जोर से … आआआ आह!”और फिर तो इस मदभरे खेल में धक्कमपेल शुरू हो गया, दो नग्न शरीरों का यह खेल खूब लम्बा चला मेरे लन्ड और मीता की चूत में जंग बहुत देर जारी रही.

हालांकि उन्होंने मुझसे भी साथ चलने को कहा था, पर मुझे छुट्टी नहीं मिल रही थी.

बूर के फोटो

उसकी बातों से मेरे अन्दर हिम्मत जगी और थोड़ा सोचने के बाद मैंने हां कर दिया. फिर सच बात तो यह है कि इसके लिए कोई कमलेश सर जिम्मेदार नहीं, मेरी मम्मी जैसी हैं. इसलिए अब जैसे ही मेरा हाथ पेट पर से होते हुए नीचे की तरफ बढ़ा, मेरे हाथ में उनकी पेंटी में कसी गद्देदार बालों से भरी हुई‌ और फूली हुई चुत आ गई.

अगले दिन रवि ने नेहा से कहा कि तुम किसी भी आवारा लड़के के साथ मत घूमा करो. एक खाली पीरियड में मैं, पिंकी और रिचा ग्राउंड के कोने में बैठी थीं, तभी देवेंद्र भी आ गया. केक को पूरी तरह से मयूरी के सारे कामांगों पर लगवाने के बाद अब अशोक आगे बोला- तो आज मयूरी का जन्मदिन बिना केक काटे ही मनाया जायेगा.

उसने पायल को अपने पास बुलाया और उससे कहा- देख पायल मेरी चूत में जीजू का लंड कैसे जाएगा!पायल का पूरा ध्यान नीरू की चूत और मेरे लंड पर ही था.

बस अगले दस मिनट में मैं भी मज़े से सिप करते हुए उन तीनों के साथ वोडका पी रहा था. ऐ … हुँहह … ऐ हहहह …”मेरे मुँह से कभी मादक और कभी दर्द भरी सीत्कारें निकल रही थीं- अरीई … उईईई … आअहह … उउउंम … हाँ … ऐसे ही अंकल जी … जरा धीरे अंकल जी स्स्स्स्स् … हुउउउ … आह री मौ …सी … दे …खो … अं …क …ल … ने मुझे चोद दिया … आह मौसी तुम … भी … चु …दवा … लो …मेरी और अंकल जी की ऐसी मिली जुली कामुक आवाजों से पूरा कमरा गूंज रहा था. मामा मामी खुली छत पर सो गए, हम दोनों अंदर कमरे में पंखा चला कर लेट गए.

अब आगे:वो बोली- मैं आपकी दोस्त हूँ तो दोस्ती की खातिर आपका मुझ पर और मेरा आपकर थोड़ा हक तो बनता है. जब मैं पूरा अठारह साल का हो चुका था … तब मेरा लंड तो दिन ब दिन मोटा और बड़ा होता जा रहा था. अगले दिन रवि ने नेहा से कहा कि तुम किसी भी आवारा लड़के के साथ मत घूमा करो.

मैंने पहली बार बिस्तर पर उसके दूध को हौले से दबा दिया, तो उसने मेरे होंठों को काट लिया. जगत अंकल के लंड रस अभी अभी मेरे चूत में छोड़ा था इसलिए एकदम मलाई से भरी हुई चूत थी.

शाम को मीतू दी का मैसेज आया- गजल कैसी लगी?मैं- गजल तो अच्छी थी पर…मीतू- पर क्या?मैं- गजल से ज्यादा तो आपके फोन में वीडियो मस्त थीं. इसके बाद सोनू खड़े होकर अपने लौड़े पे खाने का निवाला रखता जाता और मैंने उस निवाले को मुँह में लेने के लिए उसके लंड को भी चूसती जाती और निवाला भी खाती जाती. साथ ही मैं अपने हाथों को भाभी की पीठ पर ले जाकर उनकी पीठ सहलाने लगा.

मम्मीई … मेरे पास पहले की रखी हुई थी, जब मैं बीमार हुई थी ना … तब की बची हुई थी.

नया जगह, नए लोग वहां का वातावरण और सबसे बड़ी बात कि यह मेरा पहला अनुभव था. मैंने पहले पूछा कि क्या वो अम्मा फिर से आ सकती हैं?उसने कहा- नहीं अब वो नहीं आएँगी. मैं खड़ी हो गयी और सोनू ने अचानक से दो रसगुल्ले लेकर उन्हें हाथों से दबा के मेरी पैंटी में डाल दिए.

दोपहर में जब मेरे पति चले गए तो मैं जग के पास उसके कमरे में गई और उसको खाने के लिए पूछा, तो उसने कहा- मुझे नहीं खाना, मैं पढ़ाई कर रहा हूँ. कुछ देर बाद अँधेरे में ही भाभी की आवाज आई- मनीष ये क्या कर रहे हो?तब मनीष ने कहा- सॉरी भाभी, गलती से हाथ वहां पहुंच गया था.

जब कुछ देर के बाद मेरा दर्द थोड़ा सा कम हुआ तो मैंने उसे 3-4 धक्का मारे तो वो ‘आह आह … हम्म … हम्म आह …’ करते हुए बोली- बहुत दर्द हो रहा है … लेकिन उससे कहीं ज्यादा मजा आ रहा है. मैं जोर जोर से चाची की गांड को मसलने लगा और अपने लंड को चाची की जांघ पर रगड़ने लगा. दीपक- ओह …मैं- क्या हुआ?दीपक- मुझे शक है कि उसके पेट में बच्चा है।मैं- क्या!?दीपक- टेस्ट के बाद मैं यकीन के साथ कह सकूंगा.

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यह सुनते ही श्यामा ने मुझे अपने पैरों से मेरी पैरों को ठोकर मारते हुए आँख का इशारा किया, जिसको मैं समझ गई और बोली- क्यों नहीं सर.

तो वो एकदम खुश हो कर मेरे से लिपट गयी और बोली- वाह, आज तो मज़े आ गए … मैं भी व्हिस्की ही पसन्द करती हूँ. उसने बताया कि जब उसने मुझे जब पहली बार देखा था, वो तभी से मुझे पसंद करती थी. मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था इसलिए मैं अब सीधा ही उसके एक निप्पल को मुँह में भर कर गप्प कर गया और नेहा के‌ मुँह से एक‌ मीठी सीत्कार सी फूट पड़ी.

इतना सोचते हुए मैं गर्म हो गया और मैंने आंटी के होंठों पर अपने होंठ लगा कर उनको किस किया. तो मैं दोनों तरफ टांगें डाल कर बाइक पर बैठ जाती थी, जिससे मेरी चूचियां उसकी पीठ से टकरा कर रगड़ जाती थीं वो भी मेरी चूचियों का मजा लेने के लिए बार बार अपनी बाइक के ब्रेक मार कर मुझसे चूची रगड़ने का सुख ले लेता था. सेक्सी साड़ी वाली को चोदाख़ुशी मेरे ऊपर आ कर अपनी चूची चुसवा रही थी … तो मैं नीचे से उसकी चूत में लंड डालने की कोशिश करने लगा.

कम्मो तो मुझे सब तरह से समर्पित हो ही गयी थी कि जो करना है कर लो, जहां ले चलना है ले चलो. यह सुनकर तो मेरे मन में एक खुशी की लहर दौड़ गई, पर उसे इसका अन्दाजा नहीं था कि आज उसके साथ क्या होने वाला है.

तभी एक कमरे से लड़की की हंसने खिलखिलाने की आवाज़ सुनाई दी तो मैं वहीं रूक गया और ध्यान से कान लगाकर सुनने लगा और समझ गया कि लड़का लड़की का चक्कर है. छह बजे होटल पहुंच कर मेम ने कहा कि अभी रेस्ट कर लो … आठ बजे डिनर के लिए मिलते हैं. मैं- अगर आप किसी कुशल आदमी के साथ ट्राई करेंगी तो पहली बार जितना दर्द सेक्स करते समय होता हैं उससे बहुत कम दर्द एनल सेक्स करते टाइम होता हैं.

शीतल की चूत ने बहुत सारा पानी छोड़ दिया था जिससे चिकनाहट हो गयी थी और उसकी चूत अपने बड़े बेटे का लंड आराम से अंदर लेने लगी. क्या चल रहा है तेरी लाइफ में?इसी तरह की बातों में भाबी के एक सवाल ने मुझे हिला दिया. तब उन्होंने लंड को थूक से गीला किया और उंगलियों से चूत की फांकों को फैला कर अपना सुपाड़ा सैट कर दिया, फिर मेरे दोनों कंधों पर हाथ टिकाए, मेरे होंठ मुँह में भर सर ने झटका दे मारा.

मैं धक्के पर धक्का लगाये जा रहा था, नीरू अपनी गांड उछाल उछाल कर मेरे लंड गहराई में डालकर चुदाई का मजा ले रही थी और सविता हम दोनों की चुदाई देखकर पूरी गर्म हो चुकी थी.

तूने अब्दुल और रमीज जैसे पठानों के बड़े बड़े लंड लेकर जिस अंदाज से मस्त चुदवाया है. चुदाई करते हुए हर पल के साथ ऐसा महसूस हो रहा था कि छेद और अधिक फैलता जा रहा था.

वे साले सब मुझसे रोज़ उनकी गांड का उसके फिगर का फोटो मांगते थे पर मैं नहीं देता था क्योंकि किसी लड़की की इज़्ज़त ही उसका सब कुछ होता है. मैंने उसको देखा तो उस पत्र में उसने प्रेम का इज़हार किया था और अपना फोन नंबर लिखा था. अन्दर डैड का खड़ा हुआ लंड हिनहिनाने लगा तो उन्होंने मॉम से कहा- आजा ऊपर.

उसने कुछ नहीं कहा और वो कार की स्पीड बढ़ा कर मुझे सीधे अपने घर ले गयी. मैंने टांगें फैला कर उसे इशारा किया और अपनी गांड उठा कर उसके लंड को लीलने की कोशिश की तो उसने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया. विक्रम जब बाथरूम से बाहर निकला तो हॉल में बैठे रजत की नजर उन दोनों पर पड़ी- क्या बात है भाई… बड़ी जल्दी पटा लिया माँ को?विक्रम गर्व से- और नहीं तो क्या… अब कमरे में चल… आज तेरी माँ चोद दूंगा… और तू भी बनेगा मादरचोद!रजत हँसते हुए- हाँ बिल्कुल मादरचोद!दोनों भाई एक दूसरे को अपनी माँ के सामने ही मादरचोद नाम की गलियां दे रहे थे पर उनकी माँ को जरा भी बुरा नहीं लग रहा था, उल्टा उसको बड़ा मजा आ रहा था.

चूत से खून निकलने वाला बीएफ बस 8-10 धक्के मैंने और लगाए कि मेरा शरीर भी पिघल कर उनके शरीर में समाने लगा. रजत ने थोड़ी देर बाद अपना लंड शीतल की चूत पर सेट किया और विक्रम ने उसकी गांड का रुख किया.

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बोल क्या बोलती है?मैं बोली- पक्का … चल बन गई तुम लोगों की पन्द्रह दिन की रखैल. मेरे इशारे पे स्टीव ने एक झटके से अपना पूरा का पूरा नौ इंच का हथियार मेरी बीवी की चिलमिलाती चूत में घुसा दिया. मैं अपनी ही धुन में लगातार धक्के लगाता रहा, जिससे प्रिया अब जोरों से कराहने लगी- आआ … अहह्हह … ओय्य … बस्स्स … अब बहुत जल रहा है …प्रिया ने मेरी कमर को पकड़कर कराहते हुए कहा.

यह कहानी मेरे पहले सेक्स की है, जो मैंने पड़ोस के लड़के की मौसी के साथ किया था. अभी तो मैंने सुलेखा भाभी की चुत का रस बस चखा ही था … अभी‌ तो‌ उसे चाट चाट कर पीना बाकी था. سکس انڈینतो बोली- मैं आ जाऊं सुलाने?तो मैंने कहा- आ जाओ लेकिन अगर तुम आ गईं, तो हम सोएंगे ही नहीं.

मैंने उनकी चूत को किस किया और उनकी चूत को जीभ से ऊपर से नीचे तक चाटा.

बगल में वाशरूम था, वे बोले- अन्दर चली जाओ यार … सब धो लो जल्दी से … और यह नई ड्रेस पहन कर बाहर आ जाना. मैं डैड की बात भी नहीं टाल सकता था क्योंकि भाभी इस हालत में नहीं थीं और अगर वे जाने की बात करतीं, तो डैड को अच्छा नहीं लगता.

मुझे देखते ही वो खड़ी हो गयी और मेरे पास आकर उसने मुझे गले से लगा लिया. मैं- तो क्यों आयी फिर?बेबी- क्योंकि मुझे भी तुम्हारा लंड फिर से चाहिए था. इसके साथ साथ ही मुझे एक बुरी खबर भी मिली, प्रिया और उसके भाई कुशल की तो छुट्टियां चल ही रही थीं, अगले दिन से नेहा की भी छुट्टियां होने वाली थीं … इसलिये वो सब अगले दिन ही कुछ दिनों के लिये गांव जाने वाले हैं और उसके लिये ही वो सब बाजार से कपड़े वगैरह खरीदने बाजार जा रहे थे.

मैं पूजा की गांड मारते हुए कहने लगा- हाय पूजा रानी, तेरी गांड बहुत ही मस्त है.

उसे पटा था कि उसे चुदना तो हो ही… बेटी की चार बार चुदाई देख कर उसकी चूत भी चुदाई के लिए मचल रही थी. आशा करता हूं कि यह मेरी आपबीती सुनकर आप लोगों को उतना ही आनन्द महसूस होगा, जितना कि मेरे मन में विचार मात्र से हो जाता है. सारिका मेम के बारे में बताऊं तो वो एक अड़तीस साल की औरत हैं, जो कि कमाल की माल हैं.

বেঙ্গলি চুদাচুদি বেঙ্গলিजब एक ताजा जवान शक्ति से भरपूर लंड उसके यौवन दवार को खोलता हुआ मज़ेदार घर्षण करता हुआ उसके अन्दर की औरत को जगा रहा था. उसको बहुत अधिक पीड़ा हुई लेकिन उसने धीरे धीरे पूरा लंड अपनी चूत में ले ही लिया.

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कुछ पल अपनी जवानी को निहारने के बाद मैं तैयार होकर गेम के लिए आ गई. मैं समझ रहा था कि वो इमोशनल हो रही थी; चाहत का जो जज्बा, वर्जित फल खा लेने का वो पागलपन हम दोनों पर आज दिन में रेस्टोरेंट में सवार हुआ था वो घोर निराशा में बदला जा रहा था. फिर मैंने उसकी पेंटी से ही मुठ मारी और सारा माल उसकी पेंटी में ही छोड़ दिया.

दाएं हाथ की एक उंगली को पूजा की चुत में डाला तो चुत पूरी गीली हो गई थी. सिर्फ और उस बेड के आगे की तरफ एक करीब एक से डेढ़ फीट का मोटा सा होल है. इस प्रक्रिया से मेरी योनि चिकनी हो गयी और योनि के किनारे भी धीरे धीरे फैलते चले गए.

मैंने भाभी के ऊपर आकर अपने लम्बे लंड को उनकी बुर की फांकों पर रखा और एक धक्का दे मारा. फिर उससे पूछा- अब बोलो कैसे चुदवाओगी? मैं तुम्हारे ऊपर चढ़ कर चोदूँ या फिर तुम मेरे ऊपर चढ़ कर मुझे चोदोगी?पूजा मुस्कुरा कर बोली- क्या फर्क पड़ता है? मैंने पहले भी कहा था कि चाहे तुम ऊपर हो या मैं ऊपर हूँ, चुदेगी तो मेरी चूत ही ना? अब तुम जैसे चाहो चोदो मुझे. जब मैं कॉलेज में गई, तो वहां लड़कियों ने जो मेरे साथ रेंगिंग की वो रेंगिंग कम और नंगा नाच ज़्यादा था.

अब मुझे गुस्सा आया, मैंने एक तो उसे सब कुछ बताया, ऊपर से मुझे गलत बता रही थी. मैं और मनीषा दोनों देर रात तक संग ही पढ़ते थे और पढ़ाई खत्म होने के बाद अपने अपने रूम में चले जाते थे.

बीच बीच में मैं अपनी दीदी से आंखें भी मिला लेता था और वो भी मुझे देख कर मुस्कुरा देती थीं.

मैंने पूछा तो बोली- ये तो तब से गीली है, जब तुमने पहली पप्पी ली थी. సెక్స్ ఫొటోస్ వీడియోస్तभी सतीश मेरे सामने आकर मुझे बोला- वन्द्या तुमसे खूबसूरत और सेक्सी लड़की मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखी, तुम्हें अभी जिसने भी चोदा हो, पर तुम अभी भी बहुत प्यासी हो. हिंदी सेक्सी वीडियो एचडीxxxकुछ देर बाद वह फिर से मेरे लंड को चूसने लगी और मैं उसकी चूत सहलाने लगा. दिल ने कहा कि कमरा जैसा मर्ज़ी हो, इस माल को हाथ से जाने नहीं देना.

जैसे ही उसने चार-पांच मिनट तक चूत में अन्दर-बाहर करते हुए उंगली को रगड़ा कि मेरे अन्दर कुछ कुछ होने लगा था.

अगले दिन से ही वो मेरे साथ अलग सा बर्ताव कर रही थी, जब वो चलती तो गांड ज्यादा ही मटकाने लगती और आज तो टॉप भी ढीला और गहरे गले का पहना हुआ था. साली ले अब सहन कर … आज तू देख साली … आज तेरी चुत को भोसड़ा न बना दिया तो कहना … आह ले … साली लंड खा … हरामिन चुपचाप सहन कर … कुतिया आज से तू मेरी रांड है. मैंने रीना से पूछा- तूने बताया नहीं कि बिना देखे कोई कैसे कि सेक्स कर सकता है.

तभी मेरी पत्नी ने एक क्रीम की शीशी उठाई और मेरे लंड पर अच्छी तरह से उसको लगाया और कुछ क्रीम नीरू की चूत के मुहाने पर लगाई क्योंकि नीरू की चूत में बहुत हल्की सी दरार नजर आ रही थी, वह बिल्कुल बंद थी तो उसने उस दरार पर भी क्रीम लगा दी. मैंने सोच समझ कर कहा- इसमें दर्द होता है … पीछे वाले में नहीं होगा. यह बहुत सेंसेटिव जगह होती है, जैसे ही मैंने वहाँ पर जीभ फेरी और चूसना शुरू किया, मंजरी भाभी उत्तेजना के मारे एकदम छटपटा गईं और उनकी टाँगों पर पूरे रोंगटे खड़े हो गए.

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उसका लिंग किसी पत्थर सा प्रतीत हो रहा था मुझे, एकदम कठोर लग रहा था. जीजू ने पीछे से मुझे अपनी जफ्फी में लिया, तो उनका खड़ा लौड़ा मेरी गांड पर घिसने लगा. तभी वह जो पीछे मैक था, वह अपना पैंट खोलने लगा और जल्द ही वह अंडरवियर में आ गया.

ये सब लोग नीचे के कमरों में ही सोते थे और मेरे अकेले का कमरा ऊपर के चार कमरों में से एक था.

मैं तो पूरी गर्म होने ही वाली थी लेकिन उसने बीच में ही सारा मज़ा खराब कर दिया.

बस स्टैंड के पीछे जाकर मैंने उसे कहा- तुम्हारे पास कोई कपड़ा है तो मुझे दो. तुम लोग तो साले शुरू हो गए … बहुत जबरदस्त लौंडिया है … साली को देख कर ही कंट्रोल नहीं हो रहा है. বাংলা সিক্স ভিডিওदीपक इसी मौके की तलाश में था, उसने अपना लंड मानसी की चूत से निकाला और सीधे सुशीला के ऊपर झपट पड़ा.

मैं उसको प्यार से होंठों पर चूम लूँगी; फिर गले लगा लूँगी; उसको थोड़ा फीलिंग में ले आऊँगी मैं भी थोड़ा फीलिंग में आ जाऊंगी. महेश ने फिर से ठाकुर को फोन लगाया और बोला कि यार ठाकुर दादा … ये वन्द्या बहुत चुदासी है … बहुत गजब का माल लेकर आए हो तुम … हम क्या करें, इसे लेकर अपने बंगले में निकलें क्या? तुम लोग आ जाओगे?ठाकुर साब बोले- एक मिनट, मैं राज भाई से बात करता हूं … लाइन होल्ड रखना. मैक्सी भी पारदर्शी अन्दर से दूध के पर्वत खुद बाहर निकालने को बेताब थे.

इतने में जो अंकल मेरी चूत को चाट रहे थे, उन्होंने अपने हाथ का अंगूठा मेरी चूत में घुसा दिया और साथ में जीभ भी डाल दी. आप सोच रहे होंगे कि ये ढाई बार कैसे होता है?मैं बताता हूँ … 2 बार तो मेरा पानी निकला पर तीसरी बार जल्दी निकल ही नहीं रहा था और पूर्वी काफ़ी थक चुकी थी.

इतना बोल कर वो बेड पर लेट गयी और मैं अपने खड़े लंड को सहलाता ही रह गया, अब ज़ोर ज़बरदस्ती तो कर नहीं सकता था तो चुपचाप उन्हें देखता ही रह गया … बहुत ही मासूम लग रही थी वो उस समय …जब हमारी बात हुई थी मीटिंग के लिए … तब सिर्फ़ 3 घंटे के लिए ही तय हुई थी… मैंने घड़ी की तरफ देखा तो रात 11-30 बज रहे थे… और पूर्वी गहरी नींद में सो चुकी थी.

मुझे आईने से सब कुछ दिख रहा था, मजे की बात कि यह बात सोनल को पता थी. मैं अपना हाथ उनकी पीठ पे ब्लाउज के नीचे ले गया और उनकी स्किन को छूते ही जैसे उन्हें करेंट सा लगा. मीनल मैडम- फिजिक्स और केमिस्ट्री में तो तुम्हारे बहुत अच्छे मार्क्स हैं.

सेक्सी+मराठी मैं अब धीरे से खिसक कर उसके नजदीक हो गया और उसके दोनों कंधों को पकड़ कर धीरे से उसे बिस्तर पर धकेलने लगा. वक़्त का फायदा उठा कर मैंने उसकी एक चूची को अपने मुँह में ले लिया और उसको जोर जोर से चूसने लगा.

यही सोचकर मैंने रेवती के मम्मी पापा और रेवती के साथ उसकी दोनों बहनों का भी नाम लिखवा दिया, जिससे कि सारी व्यवस्थाएं हो सकें. मैं क्या करूँ?अब करना तो मैं भी चाहता था … लेकिन ये टाइम सही नहीं था. अगर तुम्हारे पति को आपत्ति नहीं है तो मैं तुम्हारी हर इच्छा पूरी करने को तैयार हूँ!”मुझे कोई आपत्ति नहीं है… मेरे लिए मेरी पत्नी की इच्छा सबसे महत्वपूर्ण है!” मैंने सहर्ष अनुमति दे दी.

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पहली बार में तो मेरा लंड फिसल गया, मगर दूसरी बार में लंड का सुपारा ही अन्दर जा सका. मैं कभी माइक के सवालों का जवाब देती, तो कभी उसके पीछे का दृश्य देखती. मेरे बारे में जानने के बाद कुछ पाठक यह भी सोच रहे होंगे कि मेरे इस काम में तो मैंने कई औरतों के साथ सेक्स किया होगा तो यही कहानी क्यों लिख रहा हूँ.

फिर बहुत जल्दी ही उनकी टांगें काँप उठीं और उनकी चुत का सारा माल निकल गया. वो भाग कर मेरे सामने आई और बोली- प्लीज यार किसी से मत कहना … मम्मी मार डालेगी मुझको.

माइक के चेहरे पे उदासीनता दिखी, पर उसने कोई जबरदस्ती नहीं की बल्कि उसने हां में सिर हिला कर हल्के हल्के धक्के मारने शुरू कर दिए.

नीता आंटी- अरे शशि तुम तो बहुत हैंडसम हो … तुम्हें कोई ना कोई गर्लफ्रेंड ज़रूर मिलेगी. अब तो वो जब चाहे मुझे हासिल होने वाला माल बन चुकी थी।फिर मैंने उसको दो दिन तक अच्छे से चोदा और हम दोनों ने बहुत मजे लिए एक दूसरे के!और उसके बाद जब भी वो हमारे घर आती तो मैं उसको पूरी रात चोदता!फिर कुछ टाइम बाद उसकी शादी हो गयी और फिर मैं उसको कभी नहीं चोद पाया उसके बाद!मेरी लाइफ कीमें रिश्तेदारी में शगुन सिर्फ ऐसी लड़की थी जिसके साथ मैंने सेक्स किया. हमारे पड़ोस में एक परिवार रहता था उसमें जो लड़का था वो मेरा दोस्त था.

वो भी गाली देते हुए बोला- साली बहन की लौड़ी … बता तो कितने लंड चोदते है तुझे रोज?मैं बोली- कोई नहीं … सिर्फ अपने पति से ही चुदती हूँ. जब उसने मेरा लंड देखा तो बोली- इतनी छोटी उम्र में इतना बड़ा लंड कैसे हो गया?मैं बोला- मैं रोज़ दीदी के नाम से लंड की मुठ मारता था, इसलिए ये खिंच कर इतना लम्बा हो गया. मेरे घर और मेरी कोचिंग के बीच एक सब्जी मंडी या हाट लगती थी, जहाँ से मैं सब्जी लेता था.

नेहा ने बस अपने पैरों को हल्का सा ही खोला था, बाकी का काम अब मेरे हाथों ने किया.

चूत से खून निकलने वाला बीएफ: इधर का माहौल कुछ ऐसा था कि केवल एक साल में ही में लंड, चूत, चोदना, हाथ से हिलाना … इस सबके बारे में काफी कुछ सीख गया. खेल मैं खेल रहा था, पर इसका पूरा प्लान हिना भाभी का रचा हुआ था, जो मुझे उन्होंने बाद में बताया.

उन्होंने ड्राइवर को कहा कि गाड़ी थोड़ा आगे मॉल के आगे ले लो, जहां एकांत सा हो. वास्तव में तो अब तक मेरी धर्मपत्नि इतनी निढाल हो चुकी थी कि उसके लिए अब मुंह चला पाना भी मुश्किल हो चुका था और हम दोनों लड़के ही अपने-अपने लंड एक बार अन्दर, एक बार बाहर कर रहे थे. मगर तभी सुलेखा भाभी ने ही हथियार डाल दिए और कहने लगीं- उफ्फ … महेश, जाने दे मुझे … नेहा और प्रिया यहीं पर हैं.

तभी मुन्ना अंकल फिर से मेरी छाती में दोनों टांगों को इधर उधर करके चढ़ गए और मेरे दोनों दूधों को कस के अपने हाथों से पकड़ कर दोनों दूधों के बीच में अपना लंड घुसा दिया.

मैं जब भी उनके मम्मों को देखता हूँ, तो मुझसे रहा नहीं जाता और मैं बॉथरूम में जाकर लंड हिला लेता हूँ और शायना भाभी को सपनों में ही चोद लेता हूँ. थोड़ी देर बाद जब मेरा निकलने वाला था, तब मैंने उससे पूछा- कहां निकालूँ?उसने कहा- आह … अन्दर ही निकाल दो. मानसी तो थोड़ी देर पहले अपनी माँ की चुदाई देख कर गर्म हो चुकी थी, वो भी कम नहीं थी। उसने सीधे दीपक की पैन्ट के ऊपर हाथ रख करके लंड को सहलाने लगी और आँख भी मिलाने लगी एक कामुक मुसकुराहट के साथ!जब दीपक ने उसकी ड्रेस उतार दी तो वो धीरे से नीचे बैठ गयी और दीपक की जिप खोलने लगी.