बीएफ फिल्म भाई बहन

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एक बात तो मुझे यहाँ पर समझ में आ ही गई थी कि संजना के अंदर यह चुदास शीना को गले लगाने के बाद ही जागी है. सेक्सी फिल्म ब्लू फिल्म दिखानाजैसे ही फराज अंकल ने रवि से मेरी गांड मारने की बात कही, तो रवि बोले- अरे राज भाई बिल्कुल.

मैं उसके मम्मे ज़ोर ज़ोर से दबाए जा रहा था और छोटे बच्चे की तरह चूस रहा था. गधे का लंड की सेक्सीगैब्रियल पहले ही अपने कपड़े पहन चुका था, पर मुझे उठने का होश नहीं था.

गीता बहुत खुश थी और फ़िर उसने दोनों खाली बोतल एक तरफ़ रख कर वापस शॉवर के नीचे मुझसे आ कर लिपट गयी.बीएफ फिल्म भाई बहन: शिल्पा को पता नहीं था कि मैं पेटीकोट के साथ उसकी पेंटी भी खींच लूँगा.

हेमा भाभी सब कुछ समझ गई थी, बस वे इतना ही बोली- राज! दरवाजा इतनी देर में क्यों खोला?मैंने कहा- मैं बाथरूम में था.मैंने उसे समझाया कई मर्द अपनी बीवी से प्यार तो करते हैं, पर वो एक्सप्रेस नहीं कर पाते.

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अब पता चला?इसके बाद वो उस डिल्डो को खींच खींच कर अन्दर बाहर करने लगी और अब वाणी आगे पीछे होने लगी और मैं फ़िर से आराम से खड़ा होकर मज़े लेने लगा.इस बात का एहसास होते ही देर न करते हुए प्रशांत ने उसे अपनी बांहों में लपेट लिया.

मैंने उनसे कहा- आप क्या चाहती हैं उनसे?तो बोलीं- हर लेडीज जो चाहती है भरपूर चुदाई …मैं उनके मुँह से ‘चुदाई’ शब्द सुनकर एकदम से शॉक्ड हो गया. बीएफ फिल्म भाई बहन मेरी तो एक मिनट में हवा टाइट हो गयी मैंने एकदम से पल्टी खायी और अब हम तीनों बिस्तर पर आ गये.

मैंने एक बात नोट की है कि एक बार जब औरत अपना पानी छोड़ देती है, उसके बाद उसे सेक्स का असली मज़ा आता है.

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पता बताने की बजाय उसने मुझे मंडी हाउस के मैट्रो स्टेशन पर आने के लिए कह दिया. इसका पूरा मजा लेने के लिए एक बार मेरी पिछली कहानी को जरूर पढ़ लें कि कैसे दिन बुरा हुआ था. कार में मुझे नंगी करके मेरे ऊपर दूसरे वाले ठाकुर अंकल चढ़ने की तैयारी में थे.

अब डेविड ने मुझे पीछे से कसकर मेरे मम्मों को पकड़ लिया और अपने लंड को मेरी गांड के छेद में फिट करते हुए सीधे मुझे उठा लिया. मैंने एक बड़ा घूंट भरा और उसे किस करने लगा और साथ में अपने मुँह से उसे बियर पिलाने लगा और दूसरे हाथ से उसके चूचे दबाने लगा. मैं चाह रही थी कि संभोग का एक दौर और चले, पर थोड़ा लंबा चले ताकि मैं भी चरम सुख का आनन्द ले सकूं.

बॉस ने मेरी बीवी की टांगों को फैलाकर उसकी गांड के नीचे तकिया लगा दिया. दोस्तो, मेरी कहानी के पिछले भागबीमारी ने दिलायी प्यासी भाभी की चूत-5में आपने पढ़ा कि मैं जब काम से वापस आया, तो गीता के साथ मज़े किए और फ़िर वो अपने घर चली गयी. उसके मम्मे वाकयी इतने हाहाकारी थे कि पहली ही नजर में किसी को भी पागल कर दें.

मैंने कहा- दीदी क्या मैं आपकी चुत चूस लूँ?दीदी ने कहा- हां क्यों नहीं … लेकिन तू उसे चुत मत बोल, मुझे अच्छा नहीं लगता … तू उसे बिल्ली बोला कर. भैया बोले- भाई चला जा ना … नौकरी का सवाल न होता, तो वहीं चोद कर आता.

मेरी सांसें तेज चलने लगीं और उसके बदन की खुशबू मेरी सांसों की गर्मी को और भी बढ़ा रही थी.

थोड़ी देर बाद भाभी ने कुछ देर सोचा और ससुर जी को मार्किट कुछ काम से भेज दिया.

तकरीबन दस मिनट तक अपने लंड को मुख मैथुन का सुख दिलाने के बाद उसने मेरी पेंटी उतार कर मुझे पूरी नंगी कर दिया और मेरी टांगें खींच कर मेरी चूत को अपने मुँह के नजदीक कर लिया. मैं भाभी के दूध दबाते हुए बोला- तुम तो ये बताओ मेरी जान कि मज़ा आ रहा है या नहीं?भाभी बोलीं- तूने तो आज मुझे पूरा मज़ा दे दिया. मेरा दोस्त भी हंस हंस कर उसे चोदता था और मुझे आवाज देकर मजाक करता था.

मुझसे अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हो रहा था, पता नहीं कैसे मेरी चूत बिल्कुल जलने सी लगी थी और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, ना ही मैं होश में थी. मेरी इस हरकत से वह उत्तेजित होकर कहने लगी- भाई क्या कर रहा है?मैंने कहा- बस तुम्हें प्यार कर रहा हूँ. आज भी उस सर्द शाम को याद करके लंड खड़ा हो जाता है और सोचता हूँ कि जीवन में कैसे कैसे पड़ाव आते हैं.

मैंने आंखें उठाई, उन्होंने टॉर्च को अपने चेहरे की तरफ घुमाया, तो मैंने देखा कि जो लड़का मेरी गांड में लंड घुसाए हुए था और मेरी गांड की चुदाई कर रहा था वह करीब 30 से 35 साल का पूरा आदमी था और जो बगल से था, वो एक जवान लौंडा था उसकी उम्र यही कोई बीस साल के करीब थी.

इस कहानी के बारे में अपने विचार आप मुझे नीचे दिये गए मेल पर बता सकते हैं. मैंने भाभी को लेटाकर अपना लंड भाभी की चुत पर रखा और एक ज़ोर का धक्का लगा दिया. मैं अपने एक हाथ से भाभी की चिकनी चुत में उंगली करने लगा और दूसरे से भाभी के निप्पल दबा कर चूसने लगा.

मैं बड़े दिनों का भूखा था, तो ज़्यादा देर टिक नहीं पाया और थोड़ी ही देर में मैं ज़ोर ज़ोर के झटके देने लगा. आंटी बोली- तो फिर अपने लंड को मेरी चूत में डाल दो न, तुम देर क्यों कर रहे हो? मैं अब और नहीं रुक सकती. पापा बोले- भारती (मेरी मम्मी का नाम) मैं यकीन से कहता हूं, वो भेनचोद यहाँ पर ही है.

और अगर मैं किसी तरह उसको यह बात बता दूँ तो क्या वह भी मुझे अपनाएगी.

अचानक भाभी ने मेरे पेट और लौड़े के बीच चिकोटी काटी और बोलीं- बाहर ही रहोगे … अन्दर नहीं आना क्या?मैं होश में आया और बोला- नहीं, आज तो अन्दर ही आना है. मैं बोली- क्या सच में? मैंने कुछ नहीं देखा … ना मुझे कुछ समझ आया, शायद इसलिए कि मैं अपने में ही मस्त हो गई थी.

बीएफ फिल्म भाई बहन आरती के पड़ोस में एक लड़का प्रसंग रहता था जिसकी शादी तो हो चुकी थी मगर उसकी बीवी किसी दूसरे शहर में रहा करती थी. मगर उससे पहले एक बात यहां कहना चाहूंगा कि सिर्फ चुदाई के बारे में पढ़ने वालों को ये कहानी शायद उतनी पसंद ना आए.

बीएफ फिल्म भाई बहन फिर मैंने आंटी के बूब्स को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिए और जोर जोर से मसलने लगा. फिर मैंने कहा कि आपको मेरा लंड देखना है, तो आप पहले अपनी चूत दिखाओ.

क्या मटकती थी गांड उन मस्तानी लड़कियों की … उफ्फ्फ …वैसे मैं देखने में ज्यादा खास नहीं हूँ, लेकिन मुझे इतना भरोसा है कि मैं जिससे भी, जो भी बात करूँ, उससे वो दीवानी हो जाएगी.

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वो चिल्लाने को हुई … लेकिन मुँह बंद होने से वो चीख न सकी, लेकिन उसकी छटपटाहट बता रही थी कि उसे भयंकर पीड़ा हो रही है. हुआ यूं कि आज से 4-5 साल पहले जब एक दिन मेरे भैया का कॉल आया- अगर तुम बोलो तो जग को तुम्हारे इधर 5-6 दिन के लिए भेज देता हूँ. कुछ देर बाद भाभी ने भी मुझे कसके गले से लगा लिया था और मेरी पीठ पर नाखून दबाये जा रही थी.

मैंने उससे कहा- जब फर्स्ट टाइम करते हैं, तो लड़की को बहुत दर्द होता है और खून भी आता है. ऐसे ही एक दिन नहाने के बाद भाभी ने ब्रा और पेंटी पहनी और फिर पेटीकोट व ब्लाउज पहनकर साड़ी लपेट रही थी तो मुझसे से कंट्रोल नहीं हुआ और मैं रूम में अंदर चला गया. हेमा भाभी बोली- मुझे बेवकूफ मत बनाओ, कई दिन से तुम उसी के पास आते-जाते हो और वह तुम्हारे पास आती है, कोई चक्कर चल रहा है, मैं कई देर से दरवाज़े के बाहर खड़ी बेड के चरमराने की आवाजें सुन रही थी.

शायद वो मेरे साथ थ्रीसम भी कर लेती, लेकिन उन्हीं दिनों मेरे दोस्त ने पूनम से शादी करने का फैसला कर लिया.

उसकी बातें, ज़िन्दगी के लिए उसकी अपनी सोच, अपनी कशमकश, उसके बोलने का तरीका, मुझे सब बहुत याद आता था. फिर थोड़ी देर हम दोनों एक दूसरे की आंखों में खोए रहे और एक दूसरे को निहारते रहे. उसे घोड़ी बनाकर पीछे से चोदा, बेड पर सुलाकर चोदा, शेल्फ पर बिठाकर चोदा, यानि हर मुमकिन पोज़ में चोदा.

फिर आया वो दिन … सच कहूँ तो मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं था कि कल्पना का मैसेज आएगा या वो मुझे बुलाएंगी, लेकिन ऐसा हुआ. रात का वक्त था और समय भी काफी हो गया था। उसके बाद हम दोनों फिर एक बार ज़बरदस्त तरीके से किस करने लगे. तभी एकदम से एक मिनट बाद ही जगत अंकल के लंड का पूरा रस मेरे मुँह में पिचकारी की तरह आने लगा.

मैंने भी बिना देर किए उसे जमीन पर चित लिटाया और अपना खड़ा लंड चूत में घुसा दिया. जैसे-जैसे वो अपनी जीन्स उतार रही थी वैसे-वैसे मेरे अंदर का शैतान जाग रहा था.

मेरी जैसी सेक्सी का आपने दो बार पानी छुड़ा दिया … अब आप मेरे हो गए हो, मैं कभी ना रोऊं … आपने ऐसा कर दिया है. घर पर कोई ना होने के कारण मैं और भाभी, भाभी के कमरे में ही सो रहे थे. अगर आप यहां पर अपनी गांड मटका कर चलते हैं या अपने कपड़ों या फैशन पर कुछ ज्यादा ही ध्यान देते हैं तो लोगों को समझते देर नहीं लगती कि आप किस कैटेगरी से संबंध रखते हैं.

ऐसा लग रहा था कि जाने वो मेरे प्यार को पाने के लिए कब से प्यासी हो.

मैं अभी और मज़ा लेना चाहता था, मैंने उनको लंड चूसने को कहा, पहले तो उन्होंने मना कर दिया लेकिन जब मैंने कहा कि आप चूसोगी तो ये और भी बड़ा हो जाएगा तो वो राज़ी हो गयी. ऐसा कहकर उन्होंने अपने लंड को आहिस्ता आहिस्ता मेरी चूत में पेलना शुरू किया. मैंने इसका कारण पूछा तो वो बोलीं- मेरे पति मुझसे बहुत कम सेक्स करते हैं.

लगभग 10-15 पिचकारियों के बाद मेरा लंड शांत हुआ और मैं भाभी को ऊपर सरका कर उनके ऊपर ही लेट गया. फ़िर बाहर आ कर हमने फ़िर थोड़ा खाना खाया और बिस्तर पर लेट कर पैग लगाने लगे.

भाभी मेरे पास बैठ गईं और पूछने लगीं- क्या हुआ तुझे, तू क्यों नाराज़ हो गया मुझसे?मैं उन्हें कुछ भी न कहते हुए उठ कर बालकनी में भाभी के ससुर यानि मेरे मामा जी के पास जाकर बैठ गया और अखबार पढ़ने लगा. फिर हम दोनों बिस्तर में आ गए और मैंने हचक कर भाभी की चुदाई की, पर मेरे मन में कमला आ रही थी. तुम भी मेरे अलावा फिर किसी से ना चुदवाओगी तो, तुम्हें इस लंड से प्यार हो जाएगा.

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घर वालों ने हमें कुछ देर के लिए अकेला छोड़ दिया ताकि हम आपस में बात कर सकें.

इसका नतीजा ये हुआ कि कुछ देर आराम करने के बाद हम दोनों दुबारा चुदाई के लिए तैयार हो गए. उसके हाथ मेरी ज़ुल्फों से होते हुए मेरे मुखड़े को सहलाते हुए होंठों तक पहुंच चुके थे. राहुल ने मुझे इशारा किया और मैंने एक बार चूत को चाटा और फिर संध्या से लण्ड चुसवा कर दोनों टांगों को कंधों पर रख कर मैंने अपने आपको संध्या के उपर सेट करके अपना लौड़ा उसकी चूत पर सेट करके ज़ोर का धक्का दे दिया.

मेरा लंड फटने वाला था, मैंने कहा- तुम जवान हो और क्या तुमने भाई बहन के सेक्स की कहानियां नहीं पढ़ीं हैं?बोली- हां मगर!मैं कहा- बस कुछ नहीं बोलो … मैं तुमको बहुत पसंद करता हूँ. पटेल मेरी पेशाब का एक एक बूंद चाट कर पी गया और बोला- इसकी पेशाब बहुत मस्त है … ये साली बहुत बड़ी चुदक्कड़ है यार. इंडियन सेक्सी होलीमुझे और भी मजा आने लगा ‘आह्ह मर गयीईई आह्ह …’फिर उसने मेरी जीन्स पेन्ट उतारी और बोला- वाह … आज अन्दर कुछ नहीं पहना मेरी जान … तू तो बिल्कुल तैयार होके आई थी मेरे पास.

मैंने भाभी को लेटाकर अपना लंड भाभी की चुत पर रखा और एक ज़ोर का धक्का लगा दिया. मैंने कहा- मगर बताओ तो सही क्या है ये?उसने कहा- तुमको मुझ पर भरोसा नहीं है क्या?उसकी ये बात सुनकर मैंने उसके बाद उससे कोई सवाल नहीं किया और चुपचाप उसके हाथ से गोली लेकर खा ली.

लेकिन कुछ देर बाद मुझे एक लड़की ने बुलाया और कहा कि दुल्हन को आपसे मिलना है. उफ्फ्फ … क्या बताऊं … यार उसने अपनी खुद की सारी मनी मेरे मुँह से साफ़ कर दी. इधर अभी तक काम करते-करते मेरी जोरू नीना बरामदे और आंगन के बीच आ-जा रही थी.

जब मेरी नींद खुली तो भोर के 3 बज चुके थे, कौशल्या मेरी तरफ पीठ करके लेटी थी, मैंने कमर से सटते हुए उसकी चुचियों को पकड़ा और उसके निप्पल मसलने लगा. वह इतनी ज़ोर से दबा रही थी कि मैं सही तरीके सांस भी नहीं ले पा रहा था. अचानक भाभी ने मेरे पेट और लौड़े के बीच चिकोटी काटी और बोलीं- बाहर ही रहोगे … अन्दर नहीं आना क्या?मैं होश में आया और बोला- नहीं, आज तो अन्दर ही आना है.

अजय ने आँख दबाते हुए कहा- तुम जानती हो, बीपीएल राशनकार्ड कैसे बनता है?सुजाता ने झुक कर अपनी चूचियों को हिलाया और कहा- हां, मुझे सब मालूम है.

मैंने सबके लिए खाना बना लिया और पलंग पर बैठी उदास होकर मन में ही मन में उसको गालियां देने लगी. मैंने भाभी से पूछा- क्या ये बात भैया को पता है?तो उन्होंने बताया कि भैया को अभी इस बारे में कुछ पता नहीं है.

मैं मुस्कराई और मैंने पहले पानी पीया, फिर राहुल ने मेरा झूठा पानी पिया. शायद मेरी झिल्ली फट चुकी थी और इधर मेरी बहन की चूत से भी खून बह रहा था. आओ मेरे लाल, अपनी एक्स सास को अपनी रखैल बना लो, पेल दो मेरी चूत में अपना लंड.

उसने मेरी तरफ देखा और उसे एकदम से न जाने क्या हुआ कि उसने बड़ी हिम्मत करके मेरी चूत को देखना शुरू कर दिया. मुझे तो इतना गुस्सा आया, जिसने डोरबेल बजाई होगी उस पर कि अभी जाके उसकी गांड में डंडा घुसेड़ दूँ और गांड फाड़कर उसके हाथ में दे दूँ. इसके बाद बॉस ने मेरी बीवी की ब्रा की स्टेप खोल दी और मेरी बीवी की 34 साइज की चूचियां हवा में फुदकने लगीं.

बीएफ फिल्म भाई बहन इस तरह चूत की अपेक्षा गांड मारने में मेरे लंड को ज्यादा मज़ा आने लगा. मैंने भी बदले में उसे कस कर चिपकाते हुए उसकी गांड दबाते हुए चूम लिया.

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भैया बोले- क्या नहीं … दो साल से इस दिन की मैं राह देख रहा हूँ और तुम कहती हो नहीं. अब बस मेरे तन पर सिर्फ ब्रा और पैंटी रह गए थे, मैंने भी उसके सारे कपड़े उतार दिए. लगभग दस मिनट की लंड चुसाई के बाद मैंने अपना माल भाभी के मुँह में ही निकाल दिया और वो एक प्यासी औरत की तरह सारा का सारा माल एक ही घूंट में पी गईं.

मेरी बीवी को अब तक यह नहीं पता चला कि उसकी चूत दूसरे मर्दों के तीन लंड से चुद चुकी है. फिर मैंने धीरे-धीरे चूमते हुए उसकी चूत के ऊपर से पैंटी के ऊपर अपना मुँह रख दिया वो एकदम से सिहर गयी. ब्लू फिल्म सेक्स वाली ब्लू फिल्म सेक्सीवो मुझसे पूछने लगा- सर, ये शंकर सर की पत्नी तो कब का स्वर्ग सिधार गई थीं.

गीता बोली- क्या इरादा है?तो मैंने कहा- इसने तुझे चोदा था ना … अब तू इसे बिस्तर पर पूरे जोर से चोद.

उस रात हमने प्लानिंग की और मैं रात में अपने घर से बिना किसी को बताए बाइक लेकर उसके घर पहुँच गया. फिर उसने अपनी चूत का मुँह मेरे होंठों पर लगा दिया और मैं भी उसकी मादक खुशबू में मदहोश होकर मुखमैथुन करने लगा.

चूत चिकनी हो चुकी थी और तीन-चार धक्कों के बाद मेरा लावा भी उसकी चूत में फूट पड़ा. थोड़ी देर उसकी चुत में लंड पेलने के बाद मैं नीचे लेटा और वो मेरे लंड के ऊपर बैठ गई और खुद से पूरा लंड अपने चुत में लेने लगी. कई बार कहने पर नहीं मानी तो मैंने कहा कि एक बार मुँह में लेकर देखो अगर अच्छा नहीं लगे तो मत लेना.

आपको मेरी कहानी के बारे में अगर अपनी राय देने का मन हो तो आप मुझे मेल कर सकते हैं.

उसने ट्रान्सपेरेंट (आर-पार दिखाई देने वाली पारभासी) नाइटी पहनी हुई थी. एक अजीब सी खुशी थी जिसको मैं शायद शब्दों में नहीं कह पा रहा हूँ।उसी वक़्त कोमल का मैसेज आया- जानू, आज पहली बार किसी ने मुझे इतना प्यार किया है; आज से मैं तुम्हारी हो गई हूँ. वह बोला- मैडम हम यह सब आपको फ्री में दे देंगे … आप बुरा नहीं माने तो एक थोड़ी सी गुस्ताखी वाली बात कर दूं?मैं बोली- हां बोलिए क्या कहना चाहते हैं? मैं बुरा नहीं मानूंगी, आप दोनों मेरी हेल्प कर रहे हैं.

सेक्सी देंगेथोड़ी देर बाद वो भी मजे लेने लगीं और बोलने लगीं- और जोर से चोद दो … ज़ोर से चोदो मेरे राजा. फिर आपने उस औरत को उनकी मैडम क्यों कहा?इस बात पर मैंने उससे कहा- देख भाई राजू, हमारी बातें तेरे पल्ले ना आएंगी और अधिक जानकारी चाहिये तो अन्तर्वासना की साईट में जाकर मेरी एक रचना हैमेरी मस्त पड़ोसन की चाय और गर्म चूतउसे पढ़ ले, तुझे सब पता चल जाएगा.

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लंड टच हुआ तो न जाने क्यों मेरे मुँह से ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाज निकल गई. उस दिन का नाश्ता भी जग ने ही बनाया था और मेरे पति जाने से पहले जग को बोल गए थे कि मेरे पूरा ध्यान रखे और उस दिन जग ने वैसा किया भी. ऑफिस जाना शुरू हो गया था, शुरूआत की कुछ दिक्कतों के बाद सब स्थिर हो गया और काम में भी मन लगने लगा.

मन कर रहा था कि उनके होंठों को अभी चूस लूँ मगर मैं भी उनको और ज्यादा तड़पाना चाहता था. उस दिन मेरे मन में लड्डू फूटने लगे थे और मैं ख़ुशी से उसकी चुदाई के सपने देखने लगा. तो उन्होंने कहा- कोई बात नहीं, तुम मेरे अंदर ही निकालो।मेरे लंड से वीर्य का फ़व्वारा निकला और भाभी की चूत वीर्य से भर गयी.

मैं- अरे मायूस क्यों होती हैं आप … चलिए इसी बात पर एक एक जाम और हो जाए. उसने मुझे गाली देते हुए कहा- बोला- साली अभी चुदवाएगी या नहीं?मैंने ना में सर हिलाया, तो बोला- साली मेरे को पता है … तेरा बेटा भी आया है. एक छोटा सा टेबल और उसके साथ एक स्टूल भी था और अंदर से ही एक अटैच्ड बाथरूम भी था.

जैसे ही उसने थोड़ी तेज़ी दिखाई, फिर से मेरे सब्र का बांध टूटने को हो चला. वो जोश में सिर्फ गर्दन हिला मना कर रही थी और जोर जोर से सिसकारियां ले रही थी.

उसने मेरी कामोत्तजना इस प्रकार और अधिक बढ़ा दी क्योंकि अब उसका लिंग हर धक्के पर मेरी बच्चेदानी को चूम रही थी.

मेरे बॉयफ्रेंड ने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और मैं उसके सामने ब्रा और पेंटी में हो गयी. सेक्सी चुदाई लडकी चुदाईमैंने उसे तीन बार चोदा, जिसमें से एक बार मैंने उसे अपने लंड का पानी पिलाया और दो बार उसकी चुत में भर दिया. सेक्सी जानवर बीपीइतना सुनते ही जैसे मेरे दोनों कान सुन्न हो गए, समझ में ही नहीं आया कि अभी जो मम्मी जी ने कहा, क्या मैंने वही सुना या कुछ गलत सुन लिया … कन्फर्म करने के लिये मैंने पूछा. उसने जरा भी मना नहीं किया, तो मैंने चूचियां चूसने की और दबाने की स्पीड और बढ़ा दी.

मैंने उसका लोअर उसके घुटने तक सरका दिया और फिर उसकी पैंटी की इलास्टिक को अपने दांतों से पकड़ कर नीचे खींचने लगा.

उसकी यह हरकत धीरे धीरे मेरे अन्दर गर्मी और एक्साइटमेंट जगाने लगी, आखिर जवान लड़की हूं. खाली जेब और तंगहाली वैसे तो एक अभिशाप है, लेकिन मेरे जैसे कई किस्मत वाले होते हैं, जो इसी तंगहाल फाकामस्ती में अपना रास्ता खोज कर बेफिक्र जिंदगी जीते हैं. राहुल ने झट से मुझे जमीन पर बिछे गद्दे पर गिरा दिया और मेरे ऊपर आ गए.

मुझसे अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हो रहा था, पता नहीं कैसे मेरी चूत बिल्कुल जलने सी लगी थी और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, ना ही मैं होश में थी. दोनों की गांड के नीचे एक एक तकिया लगाया, जिससे उनकी गांड भी साफ नज़र आने लगी. इनके पूरे खानदान में मे ही एक मात्र जीजा हूँ, इसलिए सभी मेरी बहुत इज्जत करते हैं.

अनुष्का शर्मा नंगी फोटो

तुझे रंडी बाजी करने का छिनाल बनने का इतना शौक है, तो हमारे घर के लड़कों को क्यों फंसाया. ऊपर 32 इंच के मस्त चुचे, बीच में 26 की कमर और नीचे 38 की मखमली गांड. मैंने ज़रीना को चूमते हुए कहा- तुम्हारा हाथ तो मैंने खाला से खुद मांगा है.

मैंने उसकी चूचियों के अंदर हाथ डाल दिया था और उनको जोर-जोर से भींचना शुरू कर दिया था.

फिर सर ने मुझे टेबल के साथ में खड़ा कर लिया और मेरी एक टांग को ऊपर उठा दिया.

मम्मी ने जब ये सब देखा तो उन्हें थोड़ा अजीब लगा, क्योंकि इससे पहले मैं कभी भी घर के लिए सब्जियां नहीं खरीदी थीं. मैंने खाला से पूछा- ज़रीना के लिए क्या सोचा है?तो खाला बोलीं- अभी सोच रहे हैं … सोचती थी कि तुमसे इसका निकाह करवा दूँगी. सेक्सी चुड़ै देहातीवहां मैं एक महिला से मिला और रात उसके साथ पहली रात बिताने के बाद उसके कहने पर मैं अगले दिन उसके घर पर रुकने चला गया.

सुजाता अजय को बोलने लगी- रमेश जी को तुमने क्या बोला है मेरे बारे में?अजय बोलने लगा- दोस्ती की बात दोस्तों ही को तो बोलते हैं यार. एक दिन की बात है जब मेरे चाचा-चाची दोनों ही किसी काम के सिलसिले में बाहर गए हुए थे. वह ऐसे हुआ कि एक रोज़ लता भाभी शनिवार को, जब मेरी छुट्टी होती थी, मेरे कमरे में ऊपर आई और मैंने फटाफट दरवाज़ा बंद करके, अपना लोअर निकाला और उन्हें बेड पर लिटा कर, उनकी साड़ी ऊपर करके चोदने लगा.

वो मेरी चूत में दो उंगली डाल कर चूत के अन्दर बाहर कर रहा था और साथ में मेरी चूत को चाट रहा था. इस दौरान मैंने उन्हें बता दिया कि अभी तक तो मैं फ्री हूँ, लेकिन आपने कुछ भी फिक्स नहीं किया और मुझे किसी और ने बुक कर लिया, तो मेरा आना मुश्किल हो जाएगा.

मैंने शारदा से कहा- तो फिर मैं आज अपनी इस सुहागरात को इतनी यादगार बना दूंगा कि आप इसे कभी नहीं भूल पाओगी.

चल जल्दी से भाग चलें, नहीं तो बहुत ज्यादा गड़बड़ हो जाएगी और बहुत पिटेंगे. अब आगे:वे दोनों अपने अनुभव का फायदा उठा कर मुझे तृप्त करने में लगी हुई थीं. हां तुम से थोड़ी देर हुई है … और मैं इस बात तुमसे जुर्माना वसूलूँगी.

सेक्सी 9 साल की लड़की की अभी मेरे लंड का टोपा ही अन्दर गया था कि एकता ने अपने मुँह से तेज आवाज निकाल दी- आआआह … मर गई. मयूर ने मुझे एक प्यारी सी और लंबी सी किस की और मुझे अपनी बाहों में भर लिया.

सुखबीर अपनी गाड़ी खड़ी कर घर का दरवाजा बंद करने ही वाला था कि मुझे इस तरह परेशान देख तुरंत बाहर निकल आया, उसने बहुत व्यग्रता से मुझसे पूछा- क्या हुआ?वो भी शायद मुझे इस अवस्था में देख कर डर गया था. लेकिन जाते जाते वो बोली कि कभी मौका मिला, तो फ़िर जरूर मिलना चाहूँगी. उन्होंने आशीष को भी बोला कि तू मेरी ननद का लड़का है, यहां मेरी बेटी रहती है और तू मेरे घर में रंडी लेकर आता है.

सुन्दर चुत

उसके बाद मैंने देखा कि रिशु ने यहाँ-वहाँ देखते हुए अपनी पैंट की चेन को खोल दिया और मिशिका के हाथ में अपना लंड पकड़ा दिया. मुझे लग रहा था कि भाभी जी आज स्पेशल तैयार हो कर मेरे कमरे में आई थीं. दिन तो जैसे तैसे नौकरी और घर के काम में निकल जाता था, पर एक एक रात काटना मुश्किल हो चुका था.

वो वहां पेट में नाभि में हाथ चलाता रहा और फिर धीरे से भीड़ का फायदा उठाते हुए उसने अपना हाथ और नीचे कर दिया. जैसे ही खाना तैयार हुआ, मैंने खाना लगा दिया और उन दोनों को भी बुला लिया.

तेरी गरम गांड में लंड डाल कर चुदाई करने से आज पहली बार मैं इतनी जल्दी झड़ने को हो गया हूँ.

मेरा मन कर रहा था कि अभी अपनी निगोड़ी चूत को इसके लंड से चुदवा लूं. मुझे इसका कारण पता नहीं चल पा रहा था। मैंने कई दिन एक मेडीकल स्टोर से दवा भी खाई लेकिन कुछ आराम नहीं मिला। फिर मेरे छोटे भाई ने मुझे न्यूरो सर्जन के पास ले जाने के लिए कहा. सच में … अब मैं हर रोज़ तुमसे चुदा करूंगी, हाय मेरी जान … करो … करो … करो, मेरे राजा!और अचानक भाभी का शरीर अकड़ने लगा, उन्होंने ज़ोर से मुझे अपनी बांहों में कसकर अपनी छाती के साथ भींच लिया और भाभी की चूत ने पानी छोड़ दिया.

अब मैंने उसे किस करना प्रारम्भ कर दिया और अपने एक हाथ से उसके एक उरोज दबाने लगा. प्रीति के ऐसे नये आक्रमण के कारण मेरी योनि में भंयकर हलचल होने लगी और और मेरा जिस्म फिर से जोर से अकड़ा और निढाल हो गया. उसने तभी एक उंगली से योनि की ऊपर की दीवार की तरफ रगड़ना शुरू किया और बस पल भर में ही मेरे सब्र का बांध टूट पड़ा.

हमने सोचा कि मियां बीवी होंगे … क्योंकि वो कर ही ऐसा रहे थे कि कोई भी समझ जाए.

बीएफ फिल्म भाई बहन: कुछ देर बाद ही जब उनकी चूत से पानी छूट गया तो एकदम शांत होकर मेरे ऊपर लेट गई. मैंने कहा- आप उसे छोड़ो, बताओ आपकी क्या सेवा करूँ?हेमा भाभी कहने लगी- मैं तो अपनी एक प्रॉब्लम बताने तुम्हारे पास आई थी.

उसके बाद मैंने कहा- ठीक है, जैसे तुम पहले हाथ से कर रही थी वैसे ही कर दो. मैं उस दिन बहुत ही खुश था और बार-बार सुषी के साथ हुए सेक्स को याद करके मेरा लंड खड़ा हो जा रहा था. मैं- अरे वाह आप भी ड्रिंक करती हो … वो क्या है ना … मैंने कभी किसी महिला के साथ ड्रिंक नहीं किया, तो थोड़ा अजीब लगेगा … वैसे मदन के पापा घर कब तक आएंगे?मदन की मां ने बुरा सा मुँह बनाते हुए कहा- वो ज्यादातर घर से बाहर ही होते हैं … अपनी बिज़नेस ट्रिप पर … उनको बस पैसों से प्यार है.

फिर राहुल ने कहा- अमित, तुम इसके मुंह को चोदो, मैं इसकी चूत चोदता हूँ.

थोड़ी देर बाद उसने मेरे दूध को पकड़ा तो मैंने भी अपने इस दूध के चूचुक को उसके मुँह में ठेल दिया और वो अपने होंठों से दबाता हुआ मेरे दूध को चूसने लगा. मैं- ठीक है, पर कितने टाइम के लिए मिलना है आपको?कल्पना- पता नहीं, सिचुएशन पर डिपेंड करेगा. रात को करीब 8 बजे व्हाट्सएप पर मुझे कल्पना का हैलो लिखा हुआ मैसेज मिला.