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माँ बेटा बफ: वीडियो में एक्स एक्स एक्स बीएफ, उनके मुँह से चोदना शब्द सुनकर मेरी आँखें चमक उठीं, मैंने कहा- भाभी आपने तो डरा ही दिया मुझे.

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ऐसा हम कम से कम 20 मिनट तक करते रहे, उसी बीच में उसने अपनी स्पीड ओर तेज कर ली. साड़ी का बीएफमोना- आह काट क्यों रहे हो जानू?आनन्द- अच्छा नहीं लगा जान?मोना- बहुत अच्छा लगा.

दो मिनट बाद फिर उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया जिससे थोड़ी देर में मेरा लंड फिर से तैयार हो गया तो मैंने उसे उल्टा घुटने के बल किया यानि उसे घोड़ी बना दिया, पीछे से उसकी चूत पर लंड रख कर उसकी चूची पकड़ उन्हें दबाने लगा और लंड चूत में घुसा कर चोदने लगा, अब वो मेरा लंड आराम से चूत में ले रही थी, उसके मुंह से सिर्फ मादक आवाज आ रही थी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’मैं उसे जम कर चोदा. बीएफ बीएफ फुल एचडी में बीएफबीच में ही वो रुका और मेरा एक पैर उठा कर उसने बोनेट पे रखवाया। ऐसा करने से उसे और ज्यादा जगह मिल गयी और उसका चोदने की स्पीड बढ़ गई.

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और मयूरी ने मोहन लाल के स्थिति का लगभग बिल्कुल सही अंदाजा लगाया था.मयूरी फिर बोली- दरवाज़ा अन्दर से बंद कर दिया पापा? क्योंकि मैं नहीं चाहती कि इस अवस्था में हमें कोई बाहर का आदमी देखे.

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मैंने कहा- चुपचाप बैठ जा, वरना यहीं बवाल करने लगूंगा, आज मेरा दिमाग़ बहुत खराब हो गया है.देखा तो क्या… उसके बूब्स क्या मस्त लग रहे थे, जैसे कह रहे हों ‘हमें इस ब्रा से मुक्त करो.

कमी है तो प्यार की, जो अब सिर्फ तुम दे सकते हो और मैं तुम्हारे इस एहसान का बदला कभी नहीं उतार पाऊँगी।मैं वहाँ से आ गया।उसके बाद जब भी मौका मिलता. वीडियो में एक्स एक्स एक्स बीएफ इस तरह सेचाची के संग चुदाई की शुरूआत हुई, इसके बाद तो चाची की मालिश और चुदाई का काम रोज का हो गया था.

मैंने कहा भी कि ऐसी कोई बात नहीं है, मैं बिल्कुल ठीक हूँ, पर वो जिद करने लगीं, कहने लगीं- नहीं, मुझे जानना है कि बात क्या है? तू क्यों इतना परेशान रहता है.

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बाद में मैं बाथरूम में चला गया और मामी के नाम की मुठ मार कर कमरे में जाकर सो गया. अब मैं भी चाचा का साथ दे रही थी, नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर चाचा से चुत चुदवा रही थी. हमारी बातें अभी हो ही रही थी कि उसकी एक फ्रेंड आ गई और वो अपनी सहेली के साथ चली गई.

एक दिन यूं ही हमारी सन्डे की छुट्टी थी तो पापा ने कहा- जाओ बेटा, तुम तीनों घूम आओ, उधर मेला लगा है थोड़ा एंजाय भी कर लोगे. [emailprotected]भाई बहन सेक्स कहानी का अगला भाग :कंजरी मंजरी की पहली चुदाई-2. हालांकि मैं गांव में ये सब करने नहीं गई थी, लेकिन मेरे वापस आने के पहले की बात है कि अंजू ने मुझसे कहा- दीदी, आज शाम को अपनी एक ड्रेस मुझे दे देना.

अब मैं हमेशा शनिवार का इन्तजार करती हूँ कि कब उसके पास जाऊं और चूत व गांड की चुदाई करवाऊं. तभी अमित मेरे होंठों को अपने होंठों से चबाने लगा और कसके दबाए हुआ था तो उसका लंड मेरे पेट पर बढ़ता हुआ लग रहा था. चाचा कुछ देर रुक गए और उसके बाद वो मुझे धीरे धीरे चोदने लगे, मेरा दर्द थोड़ा कम हुआ था तो चाचा मुझे थोड़ा तेज तेज चोदने लगे और जोर के धक्के मेरी चूत में मार मार कर जल्दी जल्दी चोद रहे थे और मैं सिसकारियाँ ले रही थी.

मैं भी नीचे अपने कमरे में वापिस आ गया और उसके मादक शरीर के बारे में सोच कर मेरी कामुकता बढ़ने लगी और मुठ मारने लगा. मैं बिना कुछ बोले बैठ गई, पता नहीं मुझे क्या हो गया था कि मैं कुछ कह नहीं पा रही थी, उसके ऐसा करने से कहीं खो सी गई थी.

संजय मेरे पूरे बदन को चूम रहा था, मुझ पर वासना इतनी हावी हो चुकी थी कि मैंने संजय के शर्ट के सारे बटन तोड़ दिए और उसकी शर्ट उतार फेंकी.

कैसे हो? ज्यादा देर इंतजार तो नहीं करना पड़ा?अवी- नहीं बाबू, तुम्हारे लिए इंतजार कैसा और तुम बताओ.

मैंने भी हंस कर धीरे से उसके लंड पर किस किया और लंड मुँह में लेकर चूसने लगा. मैंने उसे बियर साइड में रखने को कहा और उसका लंड पकड़ कर अपने मुँह में डाला।एक साथ तीन लंडों से चुदते हुए मैं कुछ अलग सी फीलिंग पा रही थी. अब इसके आगे की कहानी में मैंने उसको क्या जबाव दिया और उसकी चुदाई का क्या सीन रहा। ये सब अगले भाग में लिखूंगा।आपके ईमेल मिल रहे हैं.

भाभी बोल ही नहीं पा रही थीं, मैंने अपना काम स्टार्ट किया और उन्हें उसी अवस्था में दस मिनट तक और चोदा. मैंने चाची की दोनों टांगों को अपने कंधे पर रख लिया और एक ही झटके में अपना आधा लंड चाची की चुत में बाड़ दिया. गोलू का लंड मुर्झाई हुई भिन्डी जैसा लटक रहा था, इसलिए वो कंडोम नहीं चढ़ा पा रहा था- सर मुझसे नहीं हो रहा!मैंने कहा- ठीक है अभी तू रहने दे.

ये उन्होंने मुझे बाद में बताया ताकि चाची मुझसे पूछें तो मैं उनको यही बता सकूँ.

फिर तब मैंने संजना को फ़ोन किया और उसे घर आने को कहा।संजना मेरे घर आ गयी।मैंने संजना से कहा- यार संजना, यह गलत नहीं होगा राजीव के साथ?संजना ने कहा- कुछ गलत नहीं होगा यार… और तुम कौन सा राजीव को धोखा दे रही हो?मैंने कहा- संजना, अगर किसी को पता चल गया तो मैं किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहूँगी. उनकी वो पावरोटी सी फूली गुलाबी चुत थी, उसे देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया. मैंने भी कहा- क्यों नहीं ज़रूर मिलेगी, बोलिए क्या चाहिए आपको?तो उन्होंने कहा कि पहले घूमना फिर मूवी और फिर एक अच्छे से रेस्तरां में डिनर.

तभी ओमार को गोल छेद की याद आई और वो आसानी के साथ उस पर शिफ्ट हो गया. उसने रूम में आकर पानी की बॉटल रखी और जाने लगी कि तभी उसकी नज़र मेरे पे पड़ी. पूजा ने मुझे बहुत बुरी तरीके से चूस के अलग कर दिया, मैं अब हांफने लगा.

तभी मैंने एक और झटका मारा और पूरा 8 इंच का लंड चूत में समा गया तो उसने हाथ पैर जमीन पर मारने चालू कर दिए क्योंकि उसकी आवाज मेरे मुंह से बाहर नहीं जा रही थी क्योंकि मैंने उसके होंठ जोर से दबा रखे थे।मैं कुछ सेकंड रुका और उसके होंठ छोड़ कर लंड अंदर बाहर करने लगा.

मेरे मना ना करने के बावजूद मेरे मजे में खलल पड़ गया क्योंकि कोई आ गया था. मैंने उसकी बुर की सुराख पर अपना लंड टिका कर धक्का लगा दिया, वो चिल्ला दी- मैं अभी कुँवारी हूँ.

वीडियो में एक्स एक्स एक्स बीएफ और डॉक्टर ने फोन करके नेहा की माँ को अपनी क्लिनिक बुला कर नेहा के प्रेग्नेंट होने की बात बता दी क्योंकि उसके बिना कुछ संभव नहीं था. मैंने उनको दोनों मम्मों को अपने दोनों हाथों में लेकर सहलाने लगा, तो दीदी के मुँह से गर्म सिसकारियां निकलने लगीं, ‘म्म्म्मो… उम्म्ह… अहह… हय… याह… उहाआआ.

वीडियो में एक्स एक्स एक्स बीएफ यह बात मुझे पता चली तो मैं तो खुशी से पागल हो गया, पर मम्मी को पता ना चल जाए इसलिए नॉर्मल रहा और सिंपली हाँ बोल दिया. ” बहूरानी बोली और मेरे ऊपर मेरे सीने पर लेट गयी; उसके मम्में मेरी छाती में पिसने लगे.

करीब 2 घंटे बाद जब भाभी गहरी नींद में चली गईं, तब मैंने उन्हें देखा क्या मस्त लग रही थीं.

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मैंने कहा- क्यों नहीं आंटी, एक महीने में इसे भी सिखा दूंगा, अगर रोशनी मेरा साथ दे तो!रोशनी ने कहा- मेरी तरफ से तुम्हें पूरी इजाजत है. मैं समझ गया कि भाभी मस्ती के मूड में हैं, मैं बोला- भाभी मैं एक बार आपके मम्मों को टच कर सकता हूँ?वो बोलीं- नहीं. अब मैं बिल्कुल तड़प उठी अंदर से!तभी और ऊपर मेरे पेट को चाटने लगे, पूरे पेट पर जीभ चलाने लगे और नाभि को बहुत चूमने लगे.

रोशनी सलवार कमीज और चुन्नी पहने मेरी प्यारी सी बीवी जैसी लग रही थी. करीब 15 मिनट मेरे मुंह को सुरेश चोदता रहा, अंदर बाहर मुंह में लंड तेज़ी से करने लगे। मैं भी जी भर के उनका लंड चूसने लगी और चाट चाट के लंड पूरा जबरदस्त अंदर मुंह में भर लेती थी।तभी सुरेश बोला- आज आरती, तूने मेरा लंड रस निकलने में मजबूर कर दिया. मुझे खुद को भी पता है कि वर्षा को अच्छे बुरे की समझ नहीं है, वो पढ़ाई में टॉपर है पर इस काम में कच्ची है, वो एकदम शरीफ किस्म की है और मैं एकदम कमीनी किस्म की हूँ, मैं हद से भी ज्यादा चुदक्कड़ हूँ, पर क्या करू मेरी मजबूरी है, अब मैं सुधर नहीं सकती, कितनी बार सुधरने की कोशिश की पर परिणाम कुछ नहीं आया.

रोशनी बोली- नहीं राहुल, मैं बहुत तेज चिल्लाऊंगी अगर तुमने विक्की का लंड मेरी गांड में फंसाया तो.

काफी देर बाद मेरा पानी निकलने को था तो मैंने अपना लंड उसके मुख से निकाल लिया और उसे मुठ मरने को कहा. प्रिया फ़ौरन मेरी मंशा समझ गयी और उसने मुस्कुराते हुए अपने कूल्हे जरा से ऊपर हवा में उठा दिए. क्योंकि पदमा की चीख निकल गई और मैंने उसे दर्द से दांतों को दबा कर लंड सहन करते हुए देखा.

फिर खाना खा कर बॉस अपने घर चले गये, मैं भी नंगी ही सो गयी।जब सुबह मेरी नीन्द खुली 5 बजे तो मेरे मौसा जी का फ़ोन आया।अब आगे क्या हुआ, वो सब मैं अपनी अगली सच्ची चुदाई कहानी में बताऊंगी।तब तक के लिये गुड बाय… लव यू आल![emailprotected]. थोड़ी देर बाद हम अलग हुए और फ्रेश होकर वापस अपने अपने घर जाने के लिए तैयार हो गए. जैसे ही मेरी उंगलियों ने उसकी चूत के दाने को छुआ, उसके मुख से ह्ल्की आह… की आवाज निकल गयी और मैं उसके होंठों को चूसता जा रहा था और दूसरे हाथ से मैंने उसका टॉप ऊपर किया, वह अंदर कुछ नहीं पहने थी, मैं उसकी रसीली चुची को जोर से दबाने मसलने लगा, वो तड़पने लगी.

एक दिन शायद फरवरी का आखिरी सप्ताह था, मैंने उसे अपने रूम में आने को कहा तो वो आने को मान गई. इईईई… श्श्श्शश… महेश्श… अआआ… ह्हह…” कहते हुए बल से खाने लगी…ममता जी मदहोश सी होकर मुँह से हल्की हल्की सिसकारियाँ सी भर रही थी.

आंटी के चूतड़ों पर जोर से चमाट मारते हुए उन्हें एक तरह से भंभोड़ने लगा. मैंने कहा- मैं तुम्हारे स्तन देख सकता हूँ?ना कहोगे तो नहीं देखोगे क्या?” उसने पलट सवाल किया. मेनका- अतुल, तूने कभी किसी लड़की को किस नहीं किया क्या?मैं- नहीं दीदी!मेनका- कोई नहीं भाई, आज मैं तुझे सिखाती हूँ कि एक लड़की को कैसे प्यार करते हैं.

मैंने जबसे सेक्स के बारे में जाना है, तब से मुझे इन भाभी को चोदने की इच्छा थी, पर सैटिंग ही नहीं बन पा रही थी.

चाय बना कर बाहर आया था तो देखा निर्मला जी ट्रांसपरेंट गाउन पहन कर सोफे पर बैठी थीं. मैंने कहा- अब मैं आपकी प्यास बुझा दूँ छाया?वो बोलीं- मैं तुम से चुदने के लिए कब से तैयार हूँ. माया ने जल्दी से अपना हुलिया ठीक किया, अपना सामन समेटा और पार्किंग की तरफ दौड़ पड़ी.

मैंने भाभी को कोने से खींच कर बेड पर ज़बरदस्ती लिटा दिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. कुछ पल बाद मयूरी दरवाजे को ठीक से अन्दर से बंद करने के बाद वापिस मोहन लाल के पास आई, उसने दुपट्टे का एक भाग अपने सर पर रखा और उसके पैर छूती हुई बोली.

कमल ने मेरे दोनों टांगों को जोड़कर पकड़ लिया और अपने लंड से मेरी चुदाई करने लगा. धीरे धीरे उसने मेरे होंठों को अपने होंठों के बीच में ले लिया और दबाये रहा. फिर उस रात हमने खूब मस्ती की पर चूत चुदाई नहीं की, मैंने उसकी चूत चाट चाट कर उसे एक बार स्खलित करवा दिया.

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विक्रांत को भी समझ नहीं आ रहा था कि क्या कहा जाए और दूसरी तरफ ईशा को तो जैसे सदमा लग चुका था वो सपनों की दुनिया में चली गई.

कुछ देर बाद बहन ने ठंडी का बहाना बना कर बैग में से शॉल निकलकर ओढ़ ली. मेरी उम्र चौबीस वर्ष की है, यह जो अपने जीवन की सच्चाई बताने जा रही हूँ वह तब की है जब मैं बीस साल की थी और बी एस सी फर्स्ट इयर की स्टूडेंट थी। मेरे बड़े भाई की ससुराल मेरे शहर से बीस किलोमीटर की दूरी पर एक गाँव में है। उस समय मेरा साइज़ कमर 28 सीना 32 और हिप्स 34 की रही होंगी. मैंने दीदी से कहा- प्लीज़ मेरे लंड को अपने हाथ से सहलाओ न, अपने हाथ से मजा नहीं आता.

अगले दिन हम होटल से निकल गए और एयरपोर्ट आ गए वहां से हमने फ्लाइट ली और घर आ गए।हमारी जिंदगी अच्छी चल रही थी।फिर अगले दिन करवा चौथ था, मैं रोहण के लिये व्रत रखना चाहती थी, मैंने रोहण को बताया, वो खुश हो गए. मैं ये जानना चाहता था कि मेरी दीदी कैसे उन कुत्तों की मालकिन बन गईं और उन पर इतने जुल्म के बाद भी उन्हें कुछ नहीं हुआ. बीएफ नंगी एचडीमैं सोचने लगी- हे भगवान ये क्या… अब मुंह बोले अंकल से भी इस माया को चुदवाओगे?तभी किचन में अंकल आया, मजदूरों में सबसे बड़े वो थे जिसे मैं चाय देने घर पर आती तो अंकल बोलती थी,मुझे डर लग रहा था, मैं थोड़ी काम्प रही थी.

फिर उसके बाद तो मेरी हालत ऐसी हो गई कि मैं आप सबको क्या बताऊं आप लोग को भी पता होगा, अगर अपने किसी से सच्चा प्यार किया होगा तो आप मेरी स्थिति समझ सकते हैं. सबसे पहले आप सभी को थैंक्स कहना चाहती हूँ कि आप लोगों ने मेरी पिछली हिंदी सेक्स स्टोरीपड़ोसी ने मुझे फंसा कर मेरी चूत की पहली चुदाई कीलवर के दोस्त के बड़े लंड से चुद कर मजा आयाको इतना पसंद किया और मुझे आप लोगों की मेल भी मिली.

तभी दीदी ने अपना सर नीचे कर लिया; मैंने भी हाथ से दीदी के सर को पकड़ा और उसका फेस ऊपर कर दिया, दीदी ने एक पल मेरी तरफ देखा. तभी वीडियो में विक्रान्त बाहर चला जाता है!हट यार… यह तो चला गया।”सिमरन- कुछ भी बोल, बेचारी ईशा की हालत देखने वाली थी। लगता है कि उसने पहली बार इतना बड़ा लंड देखा है. शुरूआत के कुछ वर्ष ठीक ठाक रहा, परंतु काम के सिलसिले में भाई साहब बाहर रहते थे तथा उम्र के प्रभाव के कारण, जब भाई साहब 50 के और भाभी 35-36 साल की हुईं तो प्रॉब्लम वहीं से शुरू हुई.

अब शाकिर ने खुद ही शीशी का ढक्कन खोला, फिर उंगलियों में लेकर अपनी गांड में लगा कर दोनों उंगलियां डाल लीं. जोर जोर से कराहते हुए मेरी पतिव्रता पत्नी बिना किसी थकावट के अपनी बारीक़, मीठी आवाज में कराहते हुए दोनों मोटे भसंड लंडों को चाटने में लगी थी, तब ओमार ने पूरे लंड अन्दर ना जा पाने की झल्लाहट में लंड बाहर निकाल, सोफे पर लेटते हुए मेरी धर्मपत्नी की चूत को अपने लंड के ऊपर टिका कर उसे अपने ऊपर कूदने का हुक्म दिया!गोरी रण्डी हुक्म की तामील करते हुए अपनी चूत को ओमार के खड़े हुए लंड पर पटकने लगी. मेरी कामुकता अपनी चरम पर आ चुकी थी, मैंने छाया के होंठों के ऊपर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा, उसके मम्मों को भी दबाने लगा.

उसने कुछ नहीं कहा, तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने अपना हाथ आगे करके ब्रा के ऊपर से ही सीधा उसके मम्मों पर रख दिया.

कौन सा?संजय- वही ब्लैक ड्रेस, जिसमें मैंने तुम्हारी पेंटिंग बनाई है. इसी तरह की बात करते हुए वो जब रोटी बनाने लगी, तब मैं उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया और उसकी पीठ को अपने हाथों से सहलाने लगा, मैं कभी इधर कभी उधर.

हुआ यूं था की मेरे बेटे और बहू ने भी चुदाई का प्रोग्राम बनाया था और छत पर इसी कमरे में मिलने का बनाया था. वो नॉनवेज माँस मच्छी सब खाते हैं, तो बोलो क्या कहती हो? उसे कल बुला लूँ?मैंने मन मार कर हां में सर हिला दिया, पर मन में कुछ घबराहट सी महसूस हो रही थी. नतीज़न! घर में हल्की-फ़ुल्की बहस बाज़ी और छिट-पुट नाराज़गी के दौर शुरू हो गए थे.

मैंने विनोद को कुछ देर रुकने को कहा, पर वो कहने लगे कि स्वाति उसके सामने खुल नहीं पाएगी, इसलिए वो नहीं रुकेंगे. अबकी बार चलने में मैंने चाची का सहारा नहीं लिया तो चाची बोलीं- अच्छा तो ये सब तेरा ड्रामा था. इस दोहरे हमले को माया सह नहीं पाई और चिल्ला चिल्ला के झड़ने लगीअंकित.

वीडियो में एक्स एक्स एक्स बीएफ अंकित भावुक होते हुए बोला- आज तुमने मुझे वो आनन्द दिया है जान, जो मैं तुम्हें बता भी नहीं सकता. अपनी कहानी शुरू करने से पहले आप सबको अपना परिचय दे दूँ, मैं राजेश 25 साल का हूँ, वाराणसी उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ, मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और मेरी एक छोटी बहन है।मेरे पापा का इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का काम है तो वो घर से अक्सर बाहर ही रहते हैं।ठंडी का मौसम था और रात के 11 बजे थे, मैं अपने कमरे में कर अन्तर्वासना की कहानी पढ़ रहा था.

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मगर मैंने उन्हें ऐसे‌ ही दबाये रखा… मैंने हल्के से बस एक बार ममता जी के कम्पकपाते होंठों को चूमा‌ और फिर सीधा उनके चिकने बदन को ऊपर से चूमते हुए धीरे धीरे नीचे की तरफ खिसकने लगा. अइय्आआ आऐययईया…मैंने भी मौका पाते ही झट से लंड चूत से निकाल कर गांड में घुसा दिया. अगर अभी पांच मिनट में अगर तू न आती तो मैं निकल जाता घर!वह बोली- ओ के सॉरी बाबा, आगे से ऐसे नहीं करुँगी.

करीब 15 मिनट बाद मैं उनकी गांड में ही झड़ गया और हम दोनों एक साथ बेड पर गिर पड़े. मैं कभी कभी उनके घर जाता और सोनू के साथ खेलता और भाभी से भी बातचीत और हँसी मज़ाक करता रहता. छोटी लड़की के साथ सेक्सी बीएफमेरी नजर उसके चुचों पर पड़ी, उसके टॉप का गला बड़ा होने की वजह से मुझे उसकी चुचों की लकीर दिख रही थी.

अब मैं भी चाचा का साथ दे रही थी, नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर चाचा से चुत चुदवा रही थी.

मैंने पूछा- भैया आपने भाभी को कल अपने सुहाग का शगुन क्यों नहीं कराया?भैया गुस्से से रोशनी को देखकर बोले- मुझे रोने चिल्लाने वाली कच्ची कलियां बिल्कुल पसंद नहीं, मैं तो केवल आंटियों को ही चोदता हूँ. ओहहह…संजय- मजा आया नसीम मेरी जान?मैंने शरमाते हुए अपनी नजरें झुका लीं.

मैं उसके कमरे में गया और कुछ ही देर में हम दोनों अपने ऑफिस के काम के लिए निकल पड़े। हम लोगों को सिटी जाना था। उधर लगभग 4 बजे तक हम दोनों ने अपना काम पूरा किया और फिर बंगले में वापस आने लगे तो मधु ने मुझसे कहा- अपना काम तो पूरा हो ही गया है. कहीं तुम्हारे मम्मी पापा तो नहीं होंगे?अवी- नहीं बेबी, कोई दोस्त होगा. मन तो किया कि अपना सारा पानी उसके मुँह में ही निकाल दूँ, पर मैं नहीं चाहता था कि वो आगे कभी लंड चूसने की सोचना तक छोड़ दे.

वो तो सिर्फ बेड पर बैठी थी… गाउन के क्लिप खुल गए… मैंने उसका गाउन उतार फेक दिया… वो सिर्फ पेटीकोट और निकर पर ही थी.

भाभी उठ कर झट से खड़ी हो गईं, तो मेरी नजर उनके हाथ में एक किताब पर पड़ी, जो कि सेक्स से सम्बंधित कहानियों की थी. मेनका- आह आह अतुल, चूसते रहो मेरी चूत को, मेरा आ…आह आहह्हा हाअ आहहाहा निकलने वाला है आह अहह… अतुल मैं… आह अतआ… गयी… अतु…ल… आहहहह्ह…और मेनका दीदी की चुत का ज्वालामुखी फट गया. चाची तो झड़ गईं, पर मेरा अभी नहीं हुआ था, उनकी चुत का गरम माल मुझे मेरे लंड पे महसूस हो रहा था.

बिहारी सेक्सी बीएफ चाहिएमैंने पीछे से एक हाथ की उंगलियों से बड़े प्यार से उसकी निप्पल को सहलाया, दूसरे हाथ की उंगलियों से उसकी क्लिट वाली लुल्ली पे घुमाने लगा. हमने कुछ 5 मिनट तक स्मूच किया, फिर हम अलग हो कर एक मिनट के लिए बैठ कर एक दूसरे की आँखों में देखने लगे.

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दो पल बाद मुझे चूमते हुए बोले- मजा आ गया भाभी आप मेरे लिए पहली थीं. मैंने अपना दांया हाथ उनके गले में डाल दिया जो कि उनकी छाती को छू रहा था. ड्रिंक की वजह से अब हिम्मत भी थी और मैं समझ गया था कि मीना जी ने ब्रा निकाल कर हरा सिग्नल दे दिया है.

अंधेरे में क्या पता चलेगा झड़े हो कि नहीं?”हाथ लगाकर देख लो ना फिर?”हट. हम दोनों एक दूसरे के साथ एक दो बार फिल्म भी देखने गए थे और वहाँ पर चाचा ने मुझे किस भी करने की कोशिश की थी लेकिन मैंने उनको मना कर दिया क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि मुझे और चाचा को किस करते हुए कोई देखे. मैं उसके लंड को देख सकती थी कि वो पेंट के अन्दर से कैसे तना हुआ था.

उसको मालूम था कि मैं बहुत बड़ा रंगीला हूँ, तो उसने भी कपड़े बदलने का नाटक किया और अपने टॉप को खोल कर साइड में रख दिया और कहा- मेरा काम हो गया, अब तुम अपनी आँखें खोल सकते हो. फिर दूसरे ही पल उसने टॉपिक चेंज कर दिया और हम यहां वहां की बातें करने लगे. अब तक आपने मेरी और मेरी मम्मी की एक साथ चुदाई की कहानीमेरी और मम्मी की चुदाई की क्सक्सक्स मूवी-1में पढ़ा था कि मेरी मम्मी उस नीग्रो का लंड चूस रही थीं और उनकी ब्लू फिल्म बन रही थी.

मैंने खुश होकर बॉस को गले से लगा लिया और इसके लिए बॉस को थैंक्स बोला. फिर वो बोलीं- एक बात बता, मैं तुझे कैसी लगती हूँ?मैंने कहा- अच्छी लगती हो.

हम दोनों एक दूसरे के लंड पकड़ कर हिलाते, एक दूसरे के गाल चूमते, साथ साथ घूमते खेलते पढ़ते.

मैंने कहा- चिंता मत करो मैं सिर्फ लंड को तुम्हारी चूत पर सहलाउंगा, अन्दर नहीं डालूँगा. सेक्सी बीएफ बढ़िया-बढ़िया सेक्सी बीएफउसने मेरी खूबसूरती की तारीफ भी की मुझे बहुत अच्छा लगा, मैंने थैंक्स कहा. चुदाई वीडियो चुदाई वीडियो बीएफअंत में मेरा लंड वीरगति को प्राप्त होता हुआ चूत से बाहर निकल आया और उसकी चूत से मेरे वीर्य और उसके रज का मिश्रण बह बह कर टपकने लगा. वह- अब चोद भी दे मादरचोद… कितने दिन से चुदी नहीं हूँ!मैं- कितनी बार और कितने लड़कों से चुदी हो तुम?वह- कभी गिना नहीं… पर मेरा बॉयफ्रेंड मुझे हर हफ्ते में दो बार तो चोदता ही चोदता है.

आह… कितना प्यारा नजारा था वो… बहूरानी के गोरे गुलाबी मुलायम पैर जिनमें शादी में जाने हेतु मेहंदी रचाई हुई थी और उनके बीच मेरा काला मोटा लंड.

वो खाने के बारे में, मेरी जॉब के बारे में बातें कर रही थीं, मैं कब अमेरिका आया, या कभी घूमने के लिए इंडिया गया कि नहीं, मेरी पसंद नापसंद वगैरह की बातें कर रही थीं. जिस बहूरानी को मैंने हमेशा अपनी सगी बेटी जैसी ही समझा, जिसकी तरफ मैंने कभी नजर भर के नहीं देखा, मेरी वही कुलवधू मेरे घर की लाज, मुझ पिता समान व्यक्ति के नंगे जिस्म से अपना नंगा जिस्म रगड़ते हुये मेरे लंड पर अपनी गीली चूत घिस रही थी. अभी तक मुझे इस विषय में कोई जानकारी नहीं हुई थी कि किसका किसके साथ खेल चलता है.

मैं भाभी की गांड में सटासट धक्के दिए जा रहा था और वो छटपटा रही थीं. चचा माँ माल मेरी चूची और पेट पर गिरा जिसे चाचा ने मेरी ही पेंटी से पौंछ दिया. और मेरे बालों को पकड़ कर राजेंद्र अंकल ने मेरी गांड को जोर से कस के और अपना पूरा लौड़ा अन्दर घुसा दिया पूरी तरह! अंकल मेरी गांड चोदते हुए जोर से पकड़ के घुसाने लगे और मेरे बाल जोर से पकड़ कर गाली देते हुये बोले- और ले अपनी गांड में मेरा पूरा लंड!और इस तरह से उन्होंने अपना लंड गरम गरम रस मेरी गांड में भर दिया और मेरे पीठ से लिपट गए.

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ठीक है सब कुछ उतार के इस बिस्तर पर सीधे लेट जाओ, मैं तुम्हारी झांटों की मस्त वी शेप बनाता हूँ. हम दोनों सखियाँ बहुत थक गई थी, हमें बहुत दर्द भी हो रहा था पर इस हॉट चुदाई से मैं पूरी तरह खुश हो गयी थी. मेरी सेक्स कहानी के पहले भागमेरी रशियन बीवी दो लंडों से खेली-1में आपने पढ़ा कि कैसे मेरी रूसी गोरी नाजुक सी बीवी एक गोरे और एक काले लंड के साथ खेल रही है.

उनकी पीठ मेरी तरफ़ थी और फिर मैं ब्रा के ऊपर से ही भाभी के चूचों को दबाने लगा.

इधर सिराज मेरे गांड को मालिश कर रहा था अब उसकी तीनों उंगलियाँ मेरे पिछवाड़े में भूकंप मचा रही थी.

मैंने उन्हें कुछ नहीं कहा और चुपचाप देखता रहा, अपना लंड सहलाता रहा. मैं अपना मुँह साफ करके भाभी की चुत के दरवाजे पर अपना लंड फिराने लगा. हिंदी बीएफ नेपाली बीएफमैं इन्हीं बातों की वजह से फोरप्ले में जोर ज्यादा जोर दे रहा था, क्योंकि कला वाली चीजों में साइज का मायने घट जाता है।और हुआ भी यही, मैं एक हाथ से ब्लाऊज के ऊपर से ही उसके उरोजों को सहलाता दबाता और मरोड़ता रहा, दूसरे हाथ से उसकी पीठ को सहारा दे रखा था और अपने तीसरे हाथ से उसकी भगनासा पर दस्तक दे रहा था.

कुछ 5 मिनट की लंड चुसाई के बाद मैंने खुद ही उनको पकड़ कर खड़ा किया और बेड पर लेटा दिया, उनकी दोनों मखमली टांगों को फैला कर, मैं उनकी चुत में अपनी उंगलियों से खेलने लगा. दीदी बेड पर बैठ कर मेरे सर के ऊपर झुकी हुई थी और मेरे लिप्स को किस कर रही थी, तभी मैंने दीदी को अपने ऊपर खींच लिया दीदी ने भी अपनी टाँगें सीधी कर ली और मेरे ऊपर आ गई जिस से दीदी का हाथ मेरे लंड से हाथ गया. मैं उसकी गांड पर हाथ रख कर उसको अपनी और उछाल रहा था ताकि उसकी चूत में अन्दर तक लंड पेल सकूँ.

थोड़ी ही देर में कल की सील टूटी लड़की किसी खिलाड़ी की तरह चूतड़ नचा नचा कर गटागट लंड घोंटने लगी. वह चाहता है कि मैं उसकी स्टोरी पोस्ट करूं ताकि उसकी भोली भाली दिखने वाली बेवफा बीवी की गैंगबैंग चुदाई से आप सब अवगत हों और सचेत रहें.

और जो अभी सुबह सुबह तू मुझे थैंक्स बोल रही थी वो किसी ख़ुशी में था?”वो तो ऐसे ही आपका दिल रखने के लिये; रात में आपने इतनी कठोर मेहनत जो की थी न मेरे ऊपर चढ़ के!”और अब क्या इरादा है मेरी प्यारी प्यारी बहूरानी का?”पापा जी, जो आप चाहो… आखिर हमने हजारों रुपये रेलवे को पे किये हैं, उसमें से जितने वसूल हो जायें उतना अच्छा!”यह हुई न बात!” मैं बोला और बहूरानी को अपनी गोद में घसीट लिया.

राज डोगी पोज में झुका हुआ था और करण उसकी गांड खोल कर मस्ती में चाट रहा था, उसका चेहरा राज की गांड में था. फिर हमने साथ लंच किया, उसके बाद मैंने कमल से कहा- कमल, मैं थोड़ा रेस्ट करना चाहती हूँ. पापा अपना लंड पकड़ कर मेरे चूत में फिट करने लगे, मुझसे बोले- आरती मेरी जान, मैं तुमको चोदना चाहता हूं!मैं बोली- प्लीज चोद दो मुझे, अपना लंड मस्त डाल दो मेरी चूत में!पापा बोले- सच बता, आज तक किसी से चुदवाई हो?मैंने बोला- हां पापा, मैंने आज से पहले कई बार चुदवाया है, पर आज से आपसे चुदाई कराऊंगी और जिससे आप बोलोगे, उनसे चुदवाऊंगी.

बीएफ सेक्सी बंगला में मैं कई बार मोना को फैंटसी की बारे में बात करना चाहता, पर वो हर बार मना कर देती ओर कहती कि तुम पागल हो गए हो. आजा उन्होंने ब्यूटी ट्रीट्मेन्ट ली थी, वो उनके मेकअप से पता चल रहा था, साथ ही उन्होंने बाल भी स्टाइलिश तरीके से बनाए हुए थे.

” बहूरानी बोली और मेरे ऊपर मेरे सीने पर लेट गयी; उसके मम्में मेरी छाती में पिसने लगे. सर्दियों के दिन थे तो इसलिए अधेरा था और मैं नीचे से ऊपर वाले चौबारे में फूफा जी के पास चला गया. उन्हें इस रूप में देखकर मेरा लंड लोहे की तरह टाईट हो गया, ऐसा लग रहा था, जैसे अभी पैन्ट फाड़ कर बाहर आ जाएगा.

बुर फाड़ चुदाई

बैठिए ना?मैं अक्सर जब भी यहां आया तो मीना जी को अकेले ही पाया, इसलिए मैंने पूछ लिया- बच्चे दिखाई नहीं दे रहे?वो शाम का वक्त था, बच्चे अगर होते तो जरूर दिखाई देने चाहिए थे. एक दिन भाभी अपने कमरे में लेटी हुई थीं तो मैं वहां अचानक ही उनके कमरे में चला गया. ’मैं अब झड़ने वाली थी तो मैंने अपने हाथों से जोर से संजय का सर अपनी चुत में दबा दिया, जिससे संजय की जीभ मेरी चुत में अन्दर तक धंस गई.

मैं झट से कुत्ता जैसा बन गया और दीदी के सामने जीभ लपलपाता हुआ भौंकने लगा. अब मैंने उसके सिर के बाल पकड़ कर अपने हाथों में लपेट कर खींच लिए जिससे उसका चेहरा ऊपर उठ गया और मैं इसी तरह उसकी चूत मारने लगा; बीच बीच में मैं उसके नितम्बों पर चांटे मारता हुआ उसे बेरहमी से चोदने लगा.

गाड़ी जब स्टेशन पर रुकी तो मेरे भैया जो मुझसे 2 साल बड़े थे, उन्हें मैंने सीट नंबर बताया था.

मैं हिम्मत करके कविता के कमरे में चला गया और कविता सोफे पर सो रही थी, उसने अपने लबों को खोल रखा था जैसे मेरे लबों की प्रतीक्षा कर रही हो! मैंने धीरे से उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए, वो जाग गई पर बिना विरोध के लेटी रही. लगभग दस मिनट चलने के बाद मेरी बैटरी लो हो गई, उधर सुकुमारी भौजी भी हांफने लगी थीं. तब पता चला कि यहाँ काफी अच्छे अच्छे नाईट क्लब हैं।ऑफिस से आकर फ्रेश होकर अपने दोस्तों से पूछा.

जब वो मेरे पास बात करने आई थी तो काम करने की वजह से पसीने से भीग चुकी थी, जिसके कारण उसकी साड़ी उसके बदन से चिपकी हुई थी. ये लो मेरी रानी…” मैंने भी कहा और लंड को बाहर तक निकाल कर पूरी दम से पेल दिया चूत में!हाय राजा जी… ऐसे ही चोदो अपनी बहूरानी को!” बहूरानी कामुक स्वर में बोली और मेरे धक्के का जवाब उसने अपनी चूत को उछाल कर दिया. मैं पूरा का पूरा उसे पी गया, मुझे एक अजीब सी मदहोशी आने लगी और मेरा लंड और तन गया.

कुछ मिनट उंगली करने के बाद भाभी भी मेरा साथ देने लगी और हांफने लगी.

वीडियो में एक्स एक्स एक्स बीएफ: आह्ह…मैंने भी स्पीड बढ़ा दी, अब मैं भी पूरे मजे में था और बोल रहा था- आह. रविवार के दिन हम अभी लोग इकट्ठा होते, जिसमें औरतों की किटी पार्टी बच्चों का खेल कूद मनोरंजन प्रोग्राम आदि होता.

तभी पहले दोस्त ने पदमा की गांड को हाथों से उठा कर थोड़ा थूक उंगली से लेकर गांड के अन्दर डालकर लगा दिया और उसके न न करने पर भी उसकी गांड को जोर की झापड़ लगा दिया. उसके बाद मैं उसके लंड पर थूक लगाती और फिर चूसती, पूरा गले तक ले लेती. नीचे खड़े किड ने बिना ज्यादा सोचे अपनी जीभ मेरी क़ानूनी पत्नी के मुंह में घुसेड़ दी, जिसे गोरी वेश्या लपालप चाटने लगी.

चूंकि मेरी चुदास बहुत बढ़ चुकी थी तो मैं ज्यादा देर न टिक सका और मेरे लंड का माल उसके मुँह में निकल गया.

एडल्ट स्टोरी का पिछला भाग :बस के सफर से बिस्तर तक-2मगर मैंने तुरन्त अपना हाथ उनकी नंगी चूची पर रख कर उसे अपने हथेली में पूरा भर लिया. दीदी बड़े ध्यान से मेरी बातें सुन रही थी- अच्छा, सच में तू मुझे इतना लाइक करता है?मैं- हाँ दीदी, बहुत लाइक करता हूँ, कब से सोचता था कि कब आपकी चूत मारने के मौक़ा मिलेगा, कब आपके साथ मस्ती कर सकूँगा, और आज मौक़ा मिल गया. पापा जी… मेरे पांव छोड़िये… मुझे अच्छा नहीं लगता!” मेरी संस्कारशील बहू रानी बोली और अपने पैर पीछे खींचने लगी.