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मेरी चूत में उसके लंड से ठोकर लग रही थी तो ऐसा लग रहा था कि मैं चूत में लंड को लेकर चुदती ही रहूं. सेक्स बॉलीवुड”जब तुम चिल्लाई थी तो उस समय क्या किचन में थी?”हाँ, किचन में पानी पीने गई थी.

मैंने उससे पूछा कि ऐसा क्यों हो गया है?तो उसने कहा कि आज पहली बार कोई मस्त डंडा मेरी चूत में गया है और मुझे चोदाई में संतुष्ट किया है … ऐसे में हमेशा इसी लंड से चूत ख़ुशी से फूल कर कुप्पा हो जाती है. हरियाणवी शायरीवो फिर से मेरे सीने में समा गई और सरगोशी से मेरे कानों में बोली- तुम भी बहुत हॉट हो.

मुझे यकीन है कि जो आदमी अभी काव्या की जगह अपनी बीवी के साथ ऐसा होते हुए सोच रहा होगा, उसके लंड का हाल भी बहुत बुरा हो गया होगा … हैं ना दोस्तों …अब मैंने काव्या की चुचियों पर एक थप्पड़ मारा … वो दर्द से तड़प गयी.हिंदी बीएफ सेक्सी कुंवारी लड़की की: काव्या मुझे हटाने की कोशिश करने लगी और बोली- ये क्या कर रहे हो यार.

मैंने माँ पापा को धीरे से देखा तो वो दोनों नींद में सो रहे थे।उसके बाद मैं उसके बिल्कुल पास आ कर बैठ गया और धीरे धीरे एक हाथ से उसकी कमर पर फिराने लगा। उसने कुछ नहीं कहा तो मेरी मेरी हिम्मत बढ़ी.फिर टाइम पास करने के लिये मैंने अन्तर्वासना पर कहानियां पढ़ना शुरू किया.

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वह खाना छोड़ कर उस पर झपट पड़ा और एक कोने में ले जाकर खड़े खड़े ही उसकी चड्डी नीचे कर पूरा लंड पेल दिया.फिर उसने अपनी कुर्ती और पजामी उतारी और जब पजामी पहनने के लिए वो नीचे झुकी तो फिर से उसका ध्यान शायद चौकी के नीचे गया लेकिन उसने अनदेखा कर दिया.

फिर मैंने उसकी भारी सी गांड में फंसी हुई छोटी सी जालीदार पैंटी को उसके कूल्हों के बीच से उंगली घुसाते हुए खींच दिया. हिंदी बीएफ सेक्सी कुंवारी लड़की की सब की सब जवान हो रही थीं इसलिए चूतों को लंड की प्यास महसूस होने लगी थी.

मैंने जल्दी से अपनी टी-शर्ट उतार दी और अपने नंगे बदन से उनकी नंगी पीठ को सटा दी.

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लेकिन बहुत दिनों के बाद आज मौका मिला है। अगर कुछ त्रुटि हो गयी हो तो माफ कीजियेगा. मैंने कहा- स्पर्म वो तरल पदार्थ होता है जो पुरुष के गुप्तांग से सेक्स करने के बाद निकलता है. वो भी एक मदमस्त कली थी, जिसके नीबू जैसे टिकोरे देख कर मेरा लंड फनफनाने लगा था.

’ बोला और कहा- मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि कोई मेरे साथ इतने प्यार से सेक्स करेगा और मुझे इतना एन्जॉयमेंट मिलेगा. मैं अब पूरे जोश में आ गई और मेरे भीतर ऐसा लगने लगा, जैसे ऊर्जा का भंडार फूट पड़ा हो. कई बार तो मुझे डर भी लगता है कि कहीं कुछ हो न जाये लेकिन मैं खुशनसीब हूं कि अभी तक कुछ नहीं हुआ है.

ऐसा लग रहा था जैसे भूखे शेरों के सामने कोई मांस का टुकड़ा डाल दिया गया हो. नमस्ते अन्तर्वासना के सभी दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी भाभी की चुदाई की है, इसलिए कोई गलती दिखे, तो प्लीज़ माफ़ कर दीजिएगा. ताकि मेरी मम्मी उससे पूछतीं, तो वो मेरे माँ को वही सब कहती, जो मैंने तय किया था.

उस रात मैंने मॉम की 4 बार चुदाई की और उन्हें मैंने अपनी पहली पत्नी बना दिया. दूसरे दिन सुबह मैं देर से उठा और मैंने जानबूझ कर ऐसा दिखाया कि मेरा मूड बहुत खराब है.

वो ऐसे सो रही थी जैसे एक बेफिक्र इंसान किसी की बांहों में जा कर मस्ती से सो जाता है.

उसकी वो पतली छोटी छोटी आंखें, पतले होंठ, छोटी सी नाक जो कि थोड़ी दबी हुई थी.

अंतरा ने मुझे किस करना शुरू कर दिया और हम दोनों ने सेक्स का पूरा मजा लिया. और अब मैंने भी धक्कों की स्पीड तेज कर दी जिससे अब मेरा लन्ड सीधा आंटी की बच्चेदानी को ठोकर मार रहा था जिससे आंटी को और मज़ा आने लग गया. फिर मैंने भाबी को दीवार के सहारे खड़ा कर दिया और पीछे से उनकी चूत नीचे बैठकर चाटने लगा.

मैं बड़े कामुक और लुभावने अंदाज में बोली- प्लीज जानू इतना भी मत तड़पाओ. उसका नाम नीलू था और वो भी दिल्ली में अपने परिवार के साथ ही रहती थी. प्लीज़ मुझे मेल करें और बताएं पड़ोसन की चुदाई की गंदी कहानियां कैसी लगी.

उसके लिंग की चमड़ी घुसते निकलते मेरी योनि की दीवारों से खुलते बंद होते हुए रगड़ती.

बीवी बोली- क्या बात है … भाभी के आने की खुशी में मेरी चूत का भोसड़ा बना देने पर तुले हो क्या. गर्म चिकनी चूत की चुदाई का जो मजा भाभी उस रात को मुझे दे रही थी उसको अपने शब्दों में मैं लिख नहीं पा रहा हूं. मुझे अकेले में पाते ही रमा मेरे काम की तारीफ करने लगी और वो इस बात से काफी खुश थी कि किसी को शक नहीं हुआ.

कुछ एक मिनट तक चूसने के बाद उसने छोड़ दिया, मैंने भी उससे कुछ नहीं कहा. ठंड का टाइम चल रहा था और मेरी तबियत भी थोड़ी खराब थी इसलिए मैं अपने कमरे में जल्दी चला गया. दूसरी बात ये थी कि यदि एकल पुरूष और स्त्री संभोग करते हैं, तो उनका ध्यान एक चीज़ पर केंद्रित रहता है और उन्हें चरम सीमा तक पहुंचने में कोई बाधा नहीं होती.

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जब मैंने महसूस किया कि अब यह पूरी गर्म हो चुकी है, तो मैंने धीरे से उसके कान में कहा- चलो बगल वाले कमरे में चलते हैं. इस बात पर वो थोड़ी नाराज हुई और बोली- आप कैसे इंसान हैं? एक औरत आपको बुला रही है और आप हैं कि औरतों की तरह ही नखरे कर रहे हैं?मुझे उसका इस तरह से बोलना बड़ा अच्छा लग रहा था क्यूंकि उसकी हिंदी ज्यादा अच्छी नहीं थी.

हिंदी बीएफ सेक्सी कुंवारी लड़की की मैंने इसे उसकी स्वीकारोक्ति मानकर अपना काम शुरू कर दिया और हल्के हल्के धक्के देने लगा. मैंने कहा- अभी तो राकेश फ्रेश होने गया है, जब तक वो आता है, तब तक तो करूंगा ही.

हिंदी बीएफ सेक्सी कुंवारी लड़की की उनसे बातचीत में पता चला कि वो घर पर अपनी बहु और बेटे के साथ रहती हैं. उसने साड़ी का पल्लू लपेट कर इस तरह मेरे कंधों पर रखा कि स्तन, पेट और पीठ का भाग ज्यादातर खुला ही रहे.

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मैंने अपने उन रिश्तेदार को बताया कि लड़के की उम्र ज्यादा है, आप बात करके देखो, यदि बात बन जाए, तो साले की शादी हो जाएगी. मैंने कहा- वो कैसे?अम्मा- मैं घुटनों पर बैठ कर कुतिया बन जाती हूँ … तू भी कुत्ते जैसे मेरे ऊपर चढ़ जा और मेरी गांड में अपना लंड पेल दे. जब मुझे मामी के आने की आवाज सुनाई दी तो मैंने आंखें खोली ही थीं लेकिन उस वक्त मेरे हाथ में मेरा लंड था और मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी निकल रही थी.

कांतिलाल तो मजे से यूं तिलमिला उठा कि उसने झट से उठकर कविता के स्तनों को मुँह में भर चूसना शुरू कर दिया और दोनों हाथों से उसके चूतड़ों को दबाने लगा. इतनी खूबसूरत औरत आपके सामने खड़ी हो और आपके पास उसको पकड़ने के लिए जाल भी हो, तो सैयाद क्यों किसी पर तरस खाये. जब वो मेरे करीब आई तो मैंने मामी के चूचों को नजर बचाकर छू लिया और मामी ने मेरा हाथ झटक दिया.

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थोड़ा सम्भलते हुए मैंने भी साथ देना शुरू कर दिया, मगर दो मिनट के बाद ही हम दोनों अलग हो गए. उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया और मुझे अपनी छाती से चिपका लिया. फिर मैंने ऑनलाइन सेक्स चैट करनी शुरू की, जिसमें एक लड़की से मेरी चैट शुरू हुई.

मैं तुम्हारी हर कमी को पूरा कर दूँगी।अब भला सामने से ही कोई मस्त सी प्यासी चूत खुद को चुदवाने का न्यौता दे रही हो तो कौन ऐसे मौके को हाथ से जाने देगा. जब सोनू और मोनू ने भाभी को मेरे साथ देखा तो उनकी आंखों में हवस की एक चमक सी आ गई. मैं 32 साल का हूं और अपने व्यापार में कुछ ज्यादा ही व्यस्त रहता हूं.

यह सेक्स कहानी मेरी शादी के एक साल बाद की है, तब मेरी बीवी अपने मायके कुछ महीनों के लिए गई हुई थी क्योंकि वो माँ बनने वाली थी. मुझे ऐसा करते देख कर राकेश बोला- उफफ्फ़ यार निहाल … मैंने तो अपनी बीवी के बारे में कभी ऐसा सोचा ही नहीं था.

पर उसने मेरे हाथों को और जोर से दबाया और धीरे धीरे लिंग अन्दर बाहर करता हुआ बोला- दर्द में ही तो मजा है सारिका, अभी ये दर्द तुम्हें खुद मजेदार लगने लगेगा. मुँह हाथ धोकर मैं फिर से उसी साफ सुथरी घरेलू महिला के रूप में आ गई. जैसा कि मैंने लिखा कि उसका ये पहली बार का सेक्स था, तो जैसे ही मैंने लंड पेला, वो बहुत जोर से चिल्लाने लगी थी.

उसने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और जोर से धक्का मेरी चूत में मारा था तो मैं चीख उठी और कुछ देर में मैं सीत्कारें भरने लगी- आह उई उई आह!और वो अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मेरी चूत को चोदने लगा.

वो मेरी टांग अपने कंधे से नीचे गिरा कर मेरे ऊपर लेट गया और मेरे कंधों को मजबूती से पकड़ एक सुर में धक्के मारते हुए गुर्राने लगा. कुछ ही पलों में कविता सिसकती, चीखती हुई अपनी योनि का रस से कांतिलाल के लिंग को नहलाने लगी और फिर कुछ झटके मारते हुए कांतिलाल के गले से लग ढीली पड़ने लगी. इस वक्त काजल के साथ चूमने में मुझे जो मजा आ रहा था और जो अहसास उस समय हो रहा था, उसे शब्दों में बताना मुश्किल है.

तो मैंने कहा- घर पर कोई नहीं है और मैं नीचे से आपका दरवाजा बंद करके आया हूं. थोड़ी देर उसकी जीभ मेरी योनि पर और क्या चली कि मैं कांपते हुए झड़ने लगी.

तभी मकान मालिक की आवाज आई और अलग होकर अपने कपड़े पहनने लगी और वहां से जल्दी से बाहर निकल गई. ठीक मेरी तरह ही राजशेखर मुझे तब तक झटके मारता रहा, जब तक उसने अपने वीर्य की थैली की आखिरी बूंद मेरी योनि की गहरायी में न छोड़ दी. भाबी ने एक रजाई मुझे दे दी और दूसरी रजाई में खुद और अपनी बिटिया के साथ लेट गई।सोने से पहले भाबी ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया था और नाइट बल्ब जला दिया था जिससे कमरे में अंधेरा था और बहुत हल्का सा आस पास दिखाई दे रहा था.

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यह कहानी मेरी और एक ऐसी औरत के बीच में है, जिससे न मैं कभी मिला था, ना कभी उसको लेकर कुछ सोचा था कि जिंदगी में ऐसी कोई औरत आएगी.

करीब दस मिनट लंड चूसने के बाद मैंने परी को उठाया और उसे लिटा कर हम दोनों 69 की अवस्था में आ गए. प्रिया बोली- कैसे?मैंने रोहण के बारे में बताया तो दीदी ने पूछा- कोई रिस्क तो नहीं होगा?अब मैंने दीदी को बस किसी तरह रोहण से चुदने के लिए मना ही लिया. मैंने पीछे से उनकी नाइटी उठाई और पेंटी नीचे करके उनकी चूत में लंड पेल दिया.

उसके धक्के लगातार एक सांस में चल रहे थे और जब कभी उसे थकान लगती, तो लिंग मेरी योनि के भीतर दबा कर मेरे स्तनों, चूतड़ों और जांघों को सहलाकर मेरे बदन का आनन्द लेते हुए थोड़ा सुस्ता लेता. मैंने उसको हटाने की कोशिश की लेकिन वो नहीं रुका और मेरे मुंह में धक्के देता रहा. દેહાતી સેકસીमेरा लंड तो उसकी बीवी की वजह से टाइट भी था और थोड़ा गीला भी हो गया था.

आह्ह् … स्स्स … उम्म… मैं भी अपना लंड उसकी चूत पर लगा रहा था तो मुझे बड़ा मजा आ रहा था. फिर मैंने बात शुरू की- दीदी, आप ऐसी साइट पर सेक्स स्टोरी पढ़ती हो … क्या आपको शर्म नहीं आती … आप रात भर सेक्स चैट करती हो.

फिर मैंने अपने लंड को दीदी की चूत पर रखा और उसको दीदी की चूत पर पटकने लगा. मैं जल्दी आकर विशाखा से हंसी मजाक करके उसको पटाने के चक्कर में रहता था. फिर हमने एक दूसरे को उत्तेजित कामुक नजरों से देखते हुए किस किया और लिपट कर एक दूसरे को गले लगा कर लेट गए.

मैंने कंट्रोल खो कर उसके कंधे को सहलाते हुए कहा- तुम इसको पकड़ देख लो, तुम्हारे सारे सवालों के जवाब मिल जायेंगे तुम्हें. डॉली की चूत पर लौड़ा रगड़ते रगड़ते मेरे लौड़े का सुपारा और डॉली की चूत दोनों ही लाल लाल हो गए थे. फिर हम लोगों ने वाइन से लेकर सिगरेट और खाने पीने के अलावा हमने डांस बार में भी डांस किया, जिसमें मेरे ग्रुप में मैंने और सनी ने … और अल्पना और वरुण ने साथ में डांस किया.

मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं, इतने नुकीले चूचे मैंने जिंदगी में कभी नहीं देखे थे.

मैं मौली से पूछती थी कि ‘कैसे चुदवाती हो’ तो वो सब कुछ खुल कर बताती थी. मेरे पति भी अब उसमें ज्यादा इंटरेस्ट लेने लगे थे, वो भी आये दिन राहुल की तारीफ करते रहते थे.

मैं बहुत खुश हो रहा था कि सोनी को एक पराये मर्द के साथ सेक्स की बातें करके कितना मजा आ रहा है. इस बार हमारे बीच इतनी अधिक नजदीकी बढ़ गई थी कि मैं हंसी मजाक के बहाने उसके शरीर को जहां तहां छू देता था. राजशेखर ने भी मेरे चूतड़ों को सहारा दिया और मुझे ऊपर नीचे होकर धक्के मारने में सहायता देने लगा.

वो तो भला हो कि मैं कुर्सी पर मम्मी के स्कूल आफिस में बैठा था तो किसी को दिखा नहीं. आज से पांच साल पहले मैं और मेरे दोस्त का परिवार एक यात्रा गए थे, तब तक मेरी शादी नहीं हुई थी. कुछ देर जुबैदा की गांड मारने के बाद मुझे लगा कि मेरा लंड पानी छोड़ने वाला है.

हिंदी बीएफ सेक्सी कुंवारी लड़की की उसने मुझे व्हिस्की लेने को कहा मगर मैंने विनम्रतापूर्वक मना कर दिया क्यूंकि मैं अल्कोहल का सेवन नहीं करता हूं. अब मैं देखने लगा कि ग्राहक लोग मेरी बीवी के बारे में पूछ रहे थे कि ‘मौसी इसका कितना?’ ये बोलते वक्त वो मेरी बीवी के मम्मे भी दबा रहे थे.

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अब गर्मी तो पहले से ही बहुत थी, तो मैंने बिना कोई और देरी किए, इंशा को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी फुद्दी में अपना लौड़ा घुसेड़ दिया. थोड़ी ही देर में उनके साथ हंसी मजाक होने लगा और हम तीनों की आपस में अच्छी जमने लगी. फिर मैंने आंटी की गाउन को उतार दिया और उनके 34″ के मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही दबाने और चाटने लग गया.

थोड़ी देर में अम्मा ने एक गाजर को निकाला और अपनी चुत में डालना शुरू कर दिया. मैंने अपने साले को कहा आप आराम से नौकरी खोजिए … मैं भी आपके लिए कुछ करता हूँ. गेहूं की बाली का चित्रकभी मेरी जांघों पर हाथ फेर कर कहता कि कितनी गोरी, चिकनी और गठीली जांघ हैं.

मुझे लगने लगा था कि रेनू ने मुझे यहां बुला कर चूतिया बना दिया है और वो चूत नहीं देने वाली.

मैं उनकी मोटी गांड पर थप्पड़ भी मार रहा था, जिससे वह और भी गर्म हो रही थीं. उसने साड़ी का पल्लू लपेट कर इस तरह मेरे कंधों पर रखा कि स्तन, पेट और पीठ का भाग ज्यादातर खुला ही रहे.

जब पहली बार सोनू ने मुझसे पूछा कि राज क्या तुम मेरे घर पर आकर भी काम कर सकते हो क्या? काम बहुत ज्यादा है और ऑफिस टाइम में काम पूरा नहीं हो सकता है। तब पहली बार मुझे ऐसा लगा कि अब मेरा काम बन सकता है। काम ज्यादा होने के कारण कभी कभी सोनू मुझे अपने घर भी बुला लेती थी।एक शाम जब मैं सोनू के घर गया तो वह मुझे कुछ परेशान लगी. फिर पता नहीं क्या हुआ कि मैंने आंटी की गांड को दबाने के लिए हाथ बढ़ाए लेकिन मैं डर के मारे रुक गया कहीं बात बिगड़ न जाये. जीजा जी उस दिन जा चुके थे और जब मैं घर पहुंचा तो दीदी सोफे पर बैठी हुई थी.

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वैसे मेरी साराह से कोई मुलाकात नहीं हुई थी, मुझे तो कम्पनी के एच आर ने ज्वाइन करवाया था. अब विशाखा बोली- मेरे सोना … अपनी सलहज की जवान चूत में अपने लौड़े को जल्दी से पेल दो. हम लोग उसी मॉल के सिनेमा हॉल में टिकट लेकर मूवी देखने के लिए घुस गए.

सेक्सी कहानी सुनाएंचूंकि ग्रुप में पांच लड़कियां हैं तो इन्हीं पांचों में से हर बार एक नयी लड़की अपनी कहानी आप तक लायेगी. वो ऐसे सो रही थी जैसे एक बेफिक्र इंसान किसी की बांहों में जा कर मस्ती से सो जाता है.

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इस तरह हमारा एक क्लासमेट राज जो विवेक और सनी का भी दोस्त है और साथ ही रुचि का कजिन था. और वो अपनी ब्रा को एक किनारे रख कर मुझे अपने चूचियों से चिपकाने लगी. मैंने तुरंत उसके चूचों को अपने हाथों में भर लिया और उसके चूचों को अपने हाथों में लेकर जोर से दबाने लगा.

अगले दस मिनट तक मैं उसकी चूत को चोदता रहा और फिर मैंने अपने लंड का सारा दूध उसकी चूत के दरिया में बहा दिया. चूंकि वो एक लड़की थी तो पुरुष के प्रजनन अंग के बारे में उसकी जिज्ञासा स्वाभाविक थी. आंटी ने उसके मुँह को दबा लिया और मुझे फुल स्पीड से चुदाई करने के लिए कह दिया.

थोड़ी देर बाद वो बोली कि अब मेरा ताश खेलने का मन नहीं कर रहा, कुछ और खेल खेलते हैं. मैंने ज़ोर से उसके चूतड़ों पर च्यूंटी काट दी, तो वो चिहुंक उठी- आअहह. मेरा मन कर रहा था कि मैं वहीं पर उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दूं.

मैं फ़ेसबुक की अपनी प्रोफाइल पर हमेशा सेक्सी भाभी या लड़कियों की तस्वीर डाला करता था. उसने मुझसे कहा- तुम बहुत दिनों के बाद मिली हो, इसलिए तुम्हारे लिए मैंने एक नई बात सोची है.

मेरे हाथ की उंगली में व जींस पर थोड़ा सा खून लग गया था।और उधर भाबी कमरे के अंदर घुस गई थी।उन्होंने कमरे में अंदर घुसकर मुझे आवाज लगाई। मैं तुरंत बाथरूम के दरवाजे के पीछे हो गया। मैंने भाबी से कहा- कुछ देर रुको, मैं अभी आता हूं।तो भाबी ने सोचा शायद मैं बाथरूम यूज कर रहा हूं.

लेकिन मैं उन सबकी तरह नहीं थी, सो मैंने मुस्कुराते हुए शर्मीले अंदाज़ में उसके कथन का पालन किया और मैं रवि की गोद से उतर गई. पिज़्ज़ा कैसे बनातेचाहती तो मैं बहुत समय से थी कि कोई शानदार मर्द मुझको मिले, मगर वो शानदार मर्द मेरे घर में ही मुझे मिल जाएगा, इसका पता नहीं था. धोरीमना सेक्सी वीडियोमैं अपने भाई के सामने पूरी की पूरी नंगी लेटी हुई थी और उसके लंड को अपने हाथ में पकड़ कर जोर से सहलाते हुए मजा ले रही थी. फिर एक दो बार मौसी की गांड के करीब पहुंच कर मैंने उंगली वहां पर टच की तो मौसी ने और आगे मालिश करने के लिए मना कर दिया.

सबने मेरा फोन नम्बर लिया और फ़िर शाम को 7 बजे मुझे हवाई जहाज से धनबाद छोड़ दिया.

तभी उसकी मम्मी का कॉल आया और वो उसे घर वापस आने के लिए बुलाने लगीं. मैंने उनकी चूचियों को चूसना शुरू किया और अपने खड़े लंड को एक बार फिर से भाभी की चुत में पेल दिया. उसने हाथ पीछे करते हुए मेरे गाल पर चिकोटी काटते हुए कहा- चलो हम बाथरूम में चलते हैं … वहां करेंगे.

मैं बोला- अरे यार … ये भी कोई कहने की बात हुई? तुम निश्चिन्त रहो, यह बात सिर्फ हमारे बीच रहेगी, किसी को कानों कान खबर भी नहीं होगी।उसके बाद हमने चुदाई के मजेदार खेल का समापन किया, मैंने उसे काफी देर तक प्रगाढ़ चुम्बन करके अपना प्रेम प्रदर्शित किया. फिर मैंने उसी रात अपने पति के साथ में सेक्स करते हुए उनसे कहा- क्या मैं रोशनी से तुम्हारे लिए बात करूं?ये सुनकर उनका तो खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा. अब मैं भी चुदाई में मदहोश होकर उनका साथ देने लगी।मेरा पूरा बदन पसीने से भीग चुका था.

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मैं बोला- ठीक है भाबी, जैसी तुम्हारी मर्जी!उसके बाद वह फिर नीचे चली गई और मैं दूध पीकर लेट गया. मेरी मदमस्त जवानी से लट्टू होकर कमलनाथ मेरे साथ सम्भोग करने लगा था. कुछ पल यूं ही रुके रहने के बाद मैंने आराम आराम से लंड को अन्दर बाहर करना चालू कर दिया.

मैंने उससे कुछ नहीं कहा … क्योंकि उससे इस बारे में बात करने का कोई सबब ही नहीं था.

कांतिलाल ने भी अपने कपड़े उतारे और फिर कविता के पूरे बदन से खेलना शुरू कर दिया.

जब मेरे सीने से उसके मम्मे लग गए, तो मुझे ऐसा लगा, जैसे मेरे शरीर को मलाई लग रही हो. बल्कि वो तो हर धक्के पर अपने चूतड़ों को यूं हिला डुला रही थी, मानो पिछले धक्के का आकलन कर अगले धक्के को सही अंजाम देना चाहती हो. निकोलेट शीया sex xxxमेरा लंड उनकी गांड में लगा हुआ था और मेरे हाथ उनके चूचे मसल रहे थे.

कांतिलाल ने मेरे चूतड़ों को ऐसे चूमना और काटना शुरू कर दिया कि मेरी सिसकियां रोके नहीं रुक रही थीं. उसके बाद फिर मेरी जॉब दिल्ली में लग गई थी तो मैं दिल्ली में आ गया था. भाभी की माँ चुद गई … उनके मुँह से दर्द भरी आह निकल गई ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’ भाभी की आंखें फ़ैल गईं और उनकी मुट्ठियों ने बिस्तर की चादर को भींच लिया.

मैंने दूसरे हाथ से अपनी पैंटी एक किनारे कर उसे अपनी योनि के स्पष्ट स्पर्श दे दिया. कुछ औपचारिक बातें हुईं हम दोनों के बीच और मैं अगले दिन से अपने काम पर जाने लगा।शुरुआत के कुछ दिन तो ज्यादा बातचीत हम दोनों के बीच नहीं हुई लेकिन मेरा ध्यान काम में कम रहता था और पूरे समय मैं बस सोनू को ही देखता रहता था.

वो मेरे हाथ बाजू कंधे को छू लेता, तो मैं ऐसे रिएक्ट करती, जैसे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।तो बस एक दिन हिम्मत करके उस्मान में बातों बातों में मेरे मम्मों को भी छू लिया। छू क्या लिया … ब्रा दिखाते वक़्त उसने ब्रा मेरे मम्मों पर रखी और पूरी फिटिंग करके दिखाई.

उसने ऐसा ब्लाउज पहन रखा था, उसमें से उसके आधे बूब्स तो बाहर ही झाँक रहे थे, वो बहुत सेक्सी लग रही थी. फिर उसके बाद उसने अन्दर से ही आवाज लगाई कि आप दूध ले आओ ना … तब तक मैं बाहर निकल कर कपड़े पहन कर आपके लिए खाना लगा देती हूं. दो किराएदार अपने परिवार के साथ बाहर गए हुए थे और एक महाशय अपनी ड्यूटी पर गए थे.

कृति सेक्स आज आपको मैं इस नयी साईट पर अपने एक पाठक की भेजी हुई कहानी बताने जा रहा हूँ। इन पाठक महोदय ने अपने अंदाज़ में कहानी लिख कर भेजी थी, मगर मैंने उसे सिर्फ उनसे पूछ पूछ कर इस कहानी को थोड़ा और रोचक बनाया है. आंटी मेरी रखैल जैसी बन गई थीं, उनके साथ मैंने हर तरह की चुदाई के मजे लिए.

मैंने प्रिया का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखवा दिया तो वो मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी. फिर 5 मिनट बाद जब मेरा लंड थोड़ा शांत हुआ, तो उसने फिर से अपने हाथ से मेरा लंड खड़ा कर दिया और मैंने फिर से उसकी चूत में डाल दिया और उसे चोदने लगा. हुआ यूं कि मेरा ब्वॉयफ्रेंड मेरे साथ सुहागरात मनाना चाहता था, मैं भी उसके साथ फर्स्ट टाइम सेक्स करने के लिए तैयार थी.

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मैं आप लोगों से कहना चाहती हूं कि मुझे कहानी लिखने का समय नहीं मिल रहा था इसलिए मैं नई कहानी नहीं लिख पा रही थी. अब मैंने उसके आंडों और गुदा द्वार के बीच वाले हिस्से की नसों को हल्के हल्के दबाते हुए सहलाना शुरू कर दिया. भाभी ने जिद करते हुए कहा- बताओ ना यार?मैंने बोला- आपका फिगर … आपका फेस सब कुछ मस्त है.

मैं अपने भाई का लंड अपने हाथ में लेकर उसकी लोअर के ऊपर से ही सहला रही थी. मैं धीरे धीरे उसका राइट बोबा चूसते हुए उसके पेट की तरफ बढ़ा, जहां उसकी छोटी सी प्यारी नाभि उसकी सांसों के साथ थिरक रही थी.

इतना सुनने के बाद मैंने भाभी को कार से नीचे उतरने के लिए कहा और कार को लॉक कर दिया.

वो पूरी क्रीम खाकर उठ गया, तो रमा ने मेरी योनि में फिर से क्रीम लगा दी. फिर मैं रुक गया और उसे खोल कर उसके बालों को पकड़ कर उसको सीधा खड़ा किया. मैं अंदर रजाई में घुस गया और अंदर ही उसकी पजामी को खींच कर निकाल दिया.

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मुझे देखकर मेरी साली ने एक प्यारा सा स्माइल दिया और बोली- जीज्जा जी, आज तो आप बहुत जल्दी घर आ गये.

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इस कारण मुझे मेरी उम्र की लड़कियां या मुझसे कम उम्र की लड़कियां पसंद ही नहीं आती थी. वहां काफी भीड़ थी, देर लगती देख पापा मुझे छोड़कर बैंक चले गए और कह गये कि तुम्हारा काम हो जाये तो मुझे फोन करना. अब उन्होंने दोबारा से भाभी को बेड पर लिटा दिया और मोनू भाभी की चूत को चाटने लगा.

कई बार मैं इसकी गर्म और देसी बुर चोदन कहानी पढ़ कर लंड को भी हिला लेता हूं.

लंड की हालत लोहे के सरिया जैसी हो गई थी और वो उसे नीचे उसकी चुत में चुभ रहा था. भाभी ने जिद करते हुए कहा- बताओ ना यार?मैंने बोला- आपका फिगर … आपका फेस सब कुछ मस्त है. ये सब इतनी जल्दी में उसने किया कि मेरे लिए न कुछ समझ पाना आसान था, न खुद को संभाल पाना.