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लेकिन मैंने मजबूती से उसे पकड़ रखा था इस कारण वो कुछ नहीं कर पाई और उसका मुंह मेरे हाथ से बंद होने के कारण उसके मुंह से गूँ गूँ की आवाजें आने लगी और उसके आंसू बहने लगे. सेक्सी हिंदी वीडियो डाउनलोडिंग”अगर तेरा मन करने लगा कि आज चाची के साथ वो सब कर डालूं जो एक पति अपनी पत्नी के साथ करता है तो तू कर डालेगा.

लेकिन एक काम तो कर सकते हैं?मैंने पूछा- हाँ…बोलिए…क्या काम?ज़ाहिरा ने सुझाव दिया- ऐसा करते हैं. सेक्सी कुत्ता वाली सेक्सी कुत्ता वालीजल्दी से आ आकर ले लो, वरना मैं कभी खुद को माफ़ नहीं कर पाऊँगा…!!!”इतना पढ़ते पढ़ते ही मेरी आँखों की नींद उड़ चुकी थी.

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तो उस दिन के बाद किसी और को नहीं देख पायेगा तू…!!!मेरी आँखें भर आई थी… पर साथ साथ होंठों पर मुस्कान भी थी.जब वो नहा रही थी…” वो शर्माता भी जा रहा था और मैंने देखा कि उसका मुंह लाल हो रहा था.

उसने मुझे उसकी बेटी को पढ़ाने के लिए रख लिया, मैं उसे मना करना चाहता था मगर पढ़ाने के लिए उसने काफी ज्यादा पैसे देने कि पेशकश की और मैं कॉलेज के साथ-साथउसकी बेटी को पढ़ा भी सकता था इसलिए मुझे कोई परेशानी नहीं थी और मैंने हाँ कह दी. हिंदी बीएफ गांव वाला बड़ी कड़क बनती थी? एक मिनट भी नहीं लगा नंगी होने में।मोना- तुझे अपने आदमियों पर बहुत गर्व है ना….

क्या??अरे मैं मैदान के लिए… पर मेरा लोटे का पानी गिर गया है…प्लीज मेरी मदद करो, …कहीं से पानी ला दो…‘अब यहाँ पानी कहाँ है ? कुछ और मदद करूँ क्या…’ थोड़ा और पास आकर मैं बोला।क्या??? वो परेशान थी।मेरा रूमाल ले लो, इसी से काम चला लो… अँधेरे में मैं रूमाल हाथ में लिए उसके पास पहुँच गया।छी….

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!!! हा ह़ा हा हा!!मंत्री मेरी तरफ बढ़ चला, तो भीड़ से आवाज़ आई- मंत्री जी छुइएगा नहीं! कहीं पानी न छोड़ दे राण्ड. लेकिन वो दोनों कुछ शरमा रहे थे इसलिए पहल मुझे ही करनी पड़ी और मैंने दीपू के गले में हाथ डाल कर उसके होंठ चूसना चालू कर दिए. रीता ने उसके चूचुक खींचने और घुमाने चालू कर दिए।कामिनी का मुंह खुलने लगा… आहें बढ़ने लगी। अचानक ही उसने रीता का हाथ हटा दिया और राहुल को खींच कर अपनी बाहों में भींच लिया,” मैं गई मेरे राज़ा… गई आआह… ” उसने अपने होंठ भींच लिए.

चुदवाने के ख्याल से दिल बल्लियों उछल रहा था, मन में हल्का सा डर भी था लेकिन डर पर चाहत भारी थी. कभी कभी रीटा राजू से जिद कर के पाँच पाँच बार चुदवाने के बाद भी और चुदवाने की जि़द करती. मैं फ़िर से झड़ने के लिये तैयार हो गई तो मैंने देवर को रोक कर कहा- एक मिनट रुक जाओ ना… मैं फ़िर से बिना उसके ही झड़ जाऊँगी.

प्रेषक : राज कार्तिकसोनिया अब मस्त गांड उठा उठा कर मेरा लण्ड ले रही थी अपनी चूत में।करीब दस मिनट के बाद सोनिया का शरीर अकड़ने लगा और वो चिल्ला उठी- मैं तो गईईई. बात करते करते अंकल मम्मी के और करीब आ गए और मम्मी को इशारे में कुछ कहा पर मम्मी ने मेरी ओर इशारा किया. अब अंकल की आँखों में मुझे एक अजीब सी चमक नज़र आ रही थी और मम्मी की आँखों में एक नशा सा दिखाई दे रहा था.

मेरे दोस्त के बगल वाले घर में एक लड़की रहती थी, उसका नाम कविता था, 18 साल की उम्र होगी, छोटे-छोटे चूचे, मस्त गांड और गोरा बदन!जब से मैं गया था वो मुझे देखती रहती थी. फिर उसने मेरा हाथ पकड़कर कहा- मुझे भी तुम अच्छे लगते हो! पर मैं शादीशुदा हूँ हमारी इस दोस्ती को कोई भी अच्छा नहीं समझेगा.

मैंने अपनी चूत दबा ली, फिर बस नहीं चला तो अपना पेटीकोट ऊँचा करके चूत को नंगी कर ली और उसे सहलाने लगी.

आंटी ने कहा- हैरी, जोर से चूस मेरे चुच्चों को! निकाल दे सारा दूध इनमें से! बहुत दिनों से किसी ने नहीं पिया इन्हें!मैं भी जोश में आ गया, मैं मोना के स्तनों को जोर-जोर से चूसने लगा.

ज़ब हम गेट के पास पहुँचे तो उसने फिर से मुझे पकड़ लिया और एक प्यारी सी पप्पी दी और बोली- अगली बार और मजे करेंगे. हम दोनों ने ज्योति को पकड़ा और ले जाकर सोफे पर बिठा दिया, हम दोनों ने एक-एक चूचा पकड़ लिया और मसलने लगे. पापा… शर्म छोड़ो… और अपने मन की प्यास बुझा लो… और मेरी खुजली भी मिटा दो!” उसकी विनती मुझे वासना में बहा ले जा रही थी.

तभी दीदी और उसके बॉस श्यामलाल कपड़े पहन कर दीदी के कैबिन में आ गए और फिर दोनों मिल कर तरह-तरह के कारण देने लगे. अब मैं और तान्या ही उस कमरे में थे, मेरा पूरा ध्यान तान्या के होंठो की तरफ था, मैं अपनी कुर्सी से उठा और तान्या का चेहरा पकड़ कर तान्या के होंठों पर एक चुम्बन जड़ दिया. अब मेरे सामने दिक्कत यह थी कि इसे उतारूँ कैसे!मेरे दिमाग में एक विचार आया, मैंने कैंची ली और उसकी ब्रा को काट दिया.

उनकी सिसकियाँ अब तेज़ होती जा रही थी!! उनकी आआआ आआआह्ह ह्ह्ह आआआ अह्ह्ह सुनकर मुझे एक अलग सी ताक़त मिल रही थी!!मेरे हाथ उनके पूरे बदन पर चल रहे थे.

मेरे पेपर शुरू होने से कुछ दिन पहले ही भाभी का तबादला दिल्ली से जयपुर (राजस्थान) हो गया. वो कितनी देर तक मुझे नोचता खसोटता रहा, मुझे नहीं मालूम था, मैं तो नींद के आगोश में जा चुकी थी. [emailprotected][emailprotected]सोने के पिंजरे में बंद एक मैना- निर्मला बेन पटेल[emailprotected].

मगर मैंने अपने आप को संभाला और बोला- हाय! माय नेम इस अमित!फिर उसने अपना नाम तान्या बताया, श्यामलाल ने अगले दिन से ही पढ़ाने की लिए कहा. बहादुर पूरा का पूरा लण्ड बाहर खींच कर पूरे वेग से वापिस अंदर ठोकता तो रीटा की चुदक्कड़ चूत को थोड़ा सा चैन पड़ता. अब चित्रा पूरे होश में थी और वो हमारा पूरा साथ दे रही थी शायद वो भी दो-दो लंड का मजा एक साथ लेना चाहती थी.

उसे सच में अब मजा आ रहा था… जैसे छोटा बच्चा लॉलीपोप लिए रहता है वैसे चूस रही थी…फिर उसने पॉउच में से नया कंडोम निकल कर लगाया!अब हम दोनों सेक्स के लिए तैयार थे… मैंने फिर उसकी चूत को चाटा क्योंकि मैं उसको और गर्म करना चाहता था… उसी सेक्स में मजा है.

असल में मेरे दोनों हाथो में बर्फ के टुकड़े थे जो मैंने उसके स्तनों के ऊपर रख दिए थे जिससे उसकी सिसकियाँ निकलने लगी थी।उसने मेरे लंड को पजामे में से खींच कर बाहर निकाल दिया और जोर जोर से आगे पीछे करने लगी। गर्मी इतनी ज्यादा थी कि उस वक़्त दो मिनट में ही सारी बर्फ पिघल गई। फिर उसने वो बनियान उतार दी और मुझे धक्का देकर पलंग पर गिरा दिया और मेरा पजामा खींच कर उतार दिया, अपनी जींस भी उतार दी. और जोर से … आआअह्ह्ह्ह …मैंने अपने नाख़ून सोफे में घुसा दिए थे … मेरी चूत में पानी भर गया था और छप-छप की आवाज़ आ रही थी। मकान-मालिक ने एक ज़ोरदार धक्का मारा और मेरी चूत को अपने वीर्य से भर दिया। मैं भी कराह उठी ….

हिंदी बीएफ गांव वाला मेरी फुद्दी में उसके वीर्य के अलावा खून के दाग भी थे जो जांघों के नीचे लकीर की तरह बह के जम चुके थे …मैंने गार्डन के वाटर पाइप से साफ़ कर लिया उसे. वो : दबाओ दूसरे को… उम्म्म्म इसको भी चूस लो…काफ़ी देर हम ऐसे ही मज़ा लेते रहे, मुझे उसकी वासना भरी आवाज़ मस्त कर रही थी तो उसे उसे मेरी किस और लिक करने की आवाज़ गरम कर रही थी….

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फट गई ! वो चिल्लाई- हाय मोरी अम्मा …मैं मर जाऊंगी …प्लीज़ मत करो…वही बातें जो सभी लौंडिया शुरुआती चुदाई में कहती हैं …पर शायद उसे पता नहीं था कि मर्द का लंड जब तनता…है तब लावा उगल कर ही शहीद होता है.

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‘विपिन को नाश्ता करा देना, मैं जा रहा हूँ! आज मैंने दिल्ली जाना है, दोपहर को घर आ जाऊँगा. दादी मेरी मम्मी का … मम्मी मेरी चाची का और चाची मेरा लिंग चूसने लगी। फिर थोड़ी देर के बाद सब एक दूसरे की गांड चाटने लगे।थोड़ी देर बाद सबकी गांड नरम हो गई। दादी ने मुझे कुतिया बनाया और अपना लिंग मेरी गांड में डाला। डालते ही मुझे स्वर्गीय सुख का आनंद आने लगा।उधर मैंने देखा कि मेरी चाची मेरी मम्मी पर अपना जौहर दिखा रही थी। मैं भी गांड उठा उठा कर दादी की मदद करने लगा. मैं जिगोलो कैसे बना और मेरा लण्ड मोटा कैसे हुआ, मैं यह आगे की कहानी में बताऊंगा।मुझे मेल जरूर करना। आपके मेल ही दिल की सच्चाई बांटने पर मजबूर करते हैं।[emailprotected].

और कहा,’एक बात कहूँ?’मैं भी आगे झुक गई और कहा,’कहो!’मेरे वक्ष मेरे टॉप के गले से पूरे के पूरे दिख रहे थे और आलोक की निगाहें सीधे वहीं पर थी।आलोक धीरे से उठ कर मेरे साथ एक ही सोफे पर बैठ गया और मेरे कान के पास फुसफुसाकर कहा- मैंने आज तक तुम जैसी सेक्सी हाउस वाइफ नहीं देखी. लेखिका : श्रेया अहूजामैं आपकी चहेती लेखिका इस बार एक लड़की की आपबीती लेकर आपके सामने आई हूँ ! आजकल मैं एक ऍन. रात में दस बजे खाना खाकर यूँ ही गाड़ी लेकर निकल गया लेकिन बार बार छवि का चेहरा, छवि की चूत, छवि की कड़ी कड़ी चूचियाँ, छवि के चिकने चूतड़ मेरे सामने आ जाते थे। इसी तरह छवि की यादों में खोया जब मैं आई.

अब विपुल ने मुझे चूतड़ों के बल लेटा दिया और अपना फनफनाता लौड़ा लेकर मेरे ऊपर चढ़ गए और कहने लगे- अब नीविया लगाकर इसको चिकना कर दे.

मेरी मैना, मेरी नीरू रानी, मेरी बुलबुल आज तुमने मुझे स्वर्ग का मज़ा दे दिया है। हाई …. थोड़ी देर में मैंने उनकी चूत में ही अपना पानी छोड़ दिया और मैं भाभी के वक्ष के ऊपर थक कर गिर गया, भाभी ने मेरे होंठ चूम लिए और बोली- थैंक्यू देवर जी!फिर हम दोनों बाथकमरे में गए और एक दूसरे को साफ़ करने लगे. कुछ दिन बीत गए, एक दिन मोना आंटी रात को घर आई और मेरी मम्मी से कहने लगी- बहन जी, सनी के जाने के बाद बिल्कुल भी दिल नहीं लगता अब! और मेरी तबीयत भी कुछ दिनों से अच्छी नहीं चल रही है.

?” उसने शरमा कर अपनी नज़रें झुका लीं!मैं जानता था कि रश्मि तो अभी बिलकुल कोरी है। मैंने पूछा प्लीज बताओ न?”वो शरमाते हुए बोली,”किया तो नहीं पर………!”पर क्या………. क्योंकि मेरे पास उस वक्त कंडोम नहीं था इसलिए मैं बिना कंडोम के अपना लंड सोनम की चूत में पेलने लगा. चूँकि मेरा लंड अभी भी खड़ा था, उसके हाथ अचानक मेरे लंड पर पड़ गए, वो मेरा लंड सहलाने लगी.

अगर आगे से वृंदा के आस पास भी फटका तो…उसे अनिरुद्ध पर जरा भी तरस नहीं आ रहा था… मैं उसका हाथ खींच कर बाहर ले जाने लगी. चूँकि सभी सदस्य घर पर थे इसलिए उस दिन प्रिया भाभी से अकेले में बात ही नहीं हो पाई.

वहाँ मैंने जींस और टीशर्ट पहनी ब्रा और पेंटी के ऊपर ही, और तुरन्त बाहर निकल कर घर के लिए बस पकड़ ली. दोस्तो, आपने अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर मेरी पिछली कहानीपापा के साथ समलैंगिक सम्बन्धमें पढ़ा कि कैसे मैंने अपने पापा को उत्तेजित किया। अब आगे की कहानी पढ़िए. अच्छा छोडो एक और बात बताओ !क्या ?क्या तुमने कभी मधु के साथ गधा-पचीसी खेली है ?गधा पचीसी ….

हम दोनों की जुबान बाहर थी और एक दूसरे से रगड़ खा रही थी।मैं ऊपर था इसलिए मेरे खुले मुँह से लार टपकने लगी जो मेरी जीभ से होती हुई उसके जीभ और फिर उसके मुँह में जाने लगी.

फिर शालू ने अमिता से कहा- अगर यह तेरे साथ सेक्स करे तो तू करेगी या नहीं?उसने कहा- हाँ करुँगी. बेटे के कमरे तक वहाँ से कोई आवाज भी नहीं आयेगी लेकिन हमें दोपहर के खाने के बाद बेटे के सोने तक इन्तजार करना पड़ेगा. ऐसे घुट घुट कर प्यार करने से क्या मजा आएगा।मैं भी अब अपने आप को रोक नहीं सकती थी…मैंने अपनी बांहें उसके गले में डाल दी… फिर तो जैसे वो पागल हो कर मुझे चूमने चाटने लगा…मैं बहुत दिनों से प्यासी थी… मुझे भी ऐसे ही प्यार की जरूरत थी जो मुझे मदहोश कर डाले और मेरी चूत की प्यास बुझा दे.

असल में मैं चुदाई के बारे में बिल्कुल नहीं जानती थी, मैंने केवल पुरुषों को आपस में गालियाँ देते हुआ सुना था जिसमें वो कहा करते थे- तेरी माँ को चोदूँ! तेरी बहन को चोदूँ! तेरी बीवी की चूत में मेरा लौड़ा!अब इतनी नासमझ तो मैं भी नहीं थी, यह तो समझ गई थी कि चूत मेरे पास है और लौड़ा जीजू के पास! और अब जो भी कहानी बनेगी वो इनसे ही बनेगी. ‘ये देख, मैं भी मर्दानी हूँ… ये मेरा सीना देख… और नीचे मेरी ये…’ उसने चादर उतारते हुये कहा.

अभी तो हमने अच्छे से बातें भी नहीं की!‘अब तो मैंने तुम्हें अपना फोन नम्बर दे दिया है, रात को जब जी चाहे फोन कर लेना. मैं: यदि तुम कुछ कह नहीं पाओगे तो मैं कैसे तुम्हारी कुछ सहायता कर पाऊँगी…?वो कुछ नजदीक आया और अपने दोनों हाथों से मेरे हाथ पकड़ कर बोला- आप सच में बुरा नहीं मानेंगी ना. जैसे ही मैंने बाथरूम के दरवाजे को धकेला तो मैं अंदर का नजारा देखता ही रह गया, अंदर मनीषा नहा रही थी और उसने उस वक्त कुछ भी नहीं पहना हुआ था.

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जितनी ज़ल्दी मुझे थी उतनी ही उसे भी थी इसीलिए वो भी पाँच-सात मिनट में ही वापस आ गया.

कि तभी दो सिपाही आए और मेरे जिस्म से मेरे हाथों को अलग कर अलग अलग दिशा में थाम लिया।मैं नंगी खड़ी जमीन में गड़े जा रही थी!सब मंत्री खड़े होकर मुझ पर थूकने लगे और ठहाके लगा कर हंसने लगे. मैं जीजू से बोली- जीजू, मजा आ गया!जीजू बोले- मजा तो तब आएगा जब तू रंडी की तरह गालियाँ देने लगे!मैंने कहा- मुझे तो गालियाँ आती नहीं हैं. ‘हाय रेएए में तो गईईईई!’ यह कह रीटा राजू को अपनी गोरी गोरी टांगों और बाहों में दबोच कर राजू से बुरी तरह से चिपक गई और जंगली बिल्ली की तरह राजू के कन्धे में दाँत गड़ा दिये और भूखी चूत की दीवारों को लण्ड पर पूरे जोर से कस दीं.

‘बस अब यूँ ही बैठे रह, हिलना मत!’वो टीवी देखती जा रही थी और मेरा लण्ड मलती जा रही थी. इधर मेरा भी होने वाला था।उस तूफानी स्पीड में मैंने कहा- भाभी, मेरा झड़ने वाला है, मैं कहाँ निकालूँ?‘मेरे अंदर डाल दो. सेक्सी बुर चोदा चोदी वीडियोथोडी देर तक इस पोसिशन में चोदने के बाद उसने कहा – अब तुम नीचे आओ… मैं बेड पे लेट गई.

सभी के जाने के बाद मैंने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया और सोनम की तरफ देखा तो सोनम के चेहरे पर एक शर्म थी जो मुझे बहुत अच्छी लगी. जब मेरा माल निकलने वाला था तब मैं उसके मुंह के पास चला गया…कशिश ने अपने मुंह खोला और मैंने उसमें अपना सारा इकट्ठा माल गिरा दिया…मैं अब कशिश के साथ ही बेड पे गिर गया.

रीटा की बल खाई नागिन सी पतली कमर के नीचे रीटा के सरसराता यौवन का रस रीटा की गाण्ड को गीला करके टिप टिप कर टपकने लगा और फर्श को गीला करने लगा. किसी एक साथ मैं ज्यादा देर टिक नहीं पाती, जो भी लड़का या कोई भी मर्द मुझे सेक्स में खुश नहीं कर पाता या फिर जिस के साथ मुझे बिस्तर में मजा नहीं मिलता, मैं उसे छोड़ देती हूँ. हम दोनों लगभग दो घण्टे तक अलग ही घूमते रहे और उसके बाद हम धर्मशाला में वापिस आ गए.

पर फिर भी मैं उनसे इतनी दूरी पर थी की उनकी क्रियाएँ देख सकूँ… वो दोनों पास वाले बगीचे में घुस गए कुछ देर बाद मैं भी वहाँ पहुँच गई. मछली फंसते देख मै सोचने का नाटक करते हुए बोला – अच्छा ठीक है, मैं प्रिसिपल को कुछ नही बताऊंगा, यह बात तुम्हारे और मेरे बीच रहेगी, लेकिन तुम बताओ कि यह चक्कर कब से चल रहा है?उसने कहा- सर ४-५ दिन से वो लड़का मेरा पीछा कर रहा है और यह दूसरा ही लैटर है जो उसने मुझे दिया है. चारपाई टूटते हुऐ रीटा बहादुर के नीचे थी और ज़मीन पर गिरने से बहादुर का लण्ड का सुपाड़ा रीटा की बच्चेदानी में घुस गया तो रीटा चिहुंक कर दोहरी हो गई.

!तो मैंने पूछा, तो उसने बताया कि उसने ‘यह’ पहली बार देखा है, पर उसकी दूसरी सहेलियाँ उनके बॉय-फ्रेंड्स के साथ इससे खेलती हैं और बताती है कि खूब मजा आता है.

क्योंकि आप सभी लोग इतने समझदार तो है कि क्या क्या मैंने उसको समझाया होगा…जब उससे नहीं रहा गया तो मेरा लंड पकड़ कर खुद ही चूत में अपने अन्दर डालने की कोशिश करने लगी और मै उसको होंठों को चूमते हुए उसकी चूचियों को दबा रहा था। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर पढ़ रहे हैं।वो बोली- जान, अन्दर करो ना … मेरे नीचे आग से लग रही है…. मगर उसका लण्ड तो जैसे कभी झड़ने वाला ही नहीं था…मैं अपनी गाण्ड को जोर जोर से ऊपर-नीचे करने लगी.

प्रेषक : रोहित खण्डेलवालदोस्तो, आपके बहुत सारे मेल मिले ! मुझे ख़ुशी हुई कि सबको मेरी कहानी पसंद आई … गुरूजी को धन्यवाद जिन्होंने मेरी कहानी आप लोगों तक पहुँचाई …. मैं घूमते हुए उसके पास गयी, उसके कंधे पर हाथ रख कर बोली,”रोहित कुछ मुश्किल है क्या…” मैंने उसका कन्धा दबा दिया. उसके बाद धीरे धीरे मैंने अपना पूरा लण्ड उसकी गाण्ड में घुसा दिया और हम दोनों फिर से बिस्तर पर लेट गए.

सिंह अंकल मेरे ऊपर आ गये और अपना लण्ड मेरी चूत के ऊपर रख कर धीरे धीरे से अन्दर डाल दिया और फिर अन्दर बाहर करने लगे और झड़ गए।फ़िर राठौड़ अंकल ने मुझे अपने नीचे लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर आकर मेरी चूत चोदने लगे. तब मेरा ध्यान सोनम के वक्ष की तरफ गया जो लाल-लाल सेब की तरह लग रहे थे क्योंकि सोनम ने लाल रंग की ब्रा पहनी हुई थी. ‘नहीं देवर जी, मैं नहीं पीती हूँ, आप शौक फ़रमायें!’‘अरे कौन देखता है, घर में तो अपन दोनों ही है… ले लो भाभी… और मस्त हो जाओ!’उसकी बातें मुझे घायल करने लगी, बार-बार के मनुहार से मैं अपने आप को रोक नहीं पाई.

हिंदी बीएफ गांव वाला उसकी थकान दूर करने के लिए पुरुष उसके हाथ, कंधे, बाजू, सिर इत्यादि दबाने के बहाने उसको छू सकता है। इससे शुरू-शुरू की झिझक तोड़ने में सहायता मिलेगी और लड़की को साहस भी मिलेगा। इन दो बातों को ध्यान में रखते हुए कुछ इस तरह से बातचीत शुरू की जा सकती है :-मानो लड़की का नाम मीना है,वाह मीना ! मैं बहुत खुशनसीब हूँ ……. मैं- विश्रांती तुझे पता है रेशमा तो इसे आइसक्रीम से भी अच्छा प्यार करती है…विश्रांती- वाह रे बदमाश! अपनी विश्रांती को लंड मुँह में लेने बोल रहा है….

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शायद ज्योति ने उससे पहले कभी गाण्ड नहीं मरवाई थी, मगर मैंने उसकी एक भी ना सुनी और उसके दोनों चूतड़ों के बीच में अपना लण्ड घुसाने लगा. मैंने अब तक बहुत सब्र से काम लेते हुए अपने लौड़े को कुँवारी चूत में घुसाया था, पर अब मेरा सब्र साथ नहीं दे रहा था और मैंने उसकी चूत में धक्का-पेल चूदाई शुरू कर ही और उसको बाँहों में कस के जकड़ कर उसकी चूचियों को करीब करीब चबाते हुए खूब चोद डाला. ओह… ब… भरजाई जी… एक मिनट… ओह… करता ही रह गया !कहानी अगले भागों में जारी रहेगी।आपकी नीरू बेन (प्रेम गुरु की मैना)[emailprotected][emailprotected]2053.

बहुत खूबसूरत बन कर आई हो साली साहिबा?”हाँ, जब जीजा का दिल आ गया है तो मेरा भी कुछ फ़र्ज़ है!”यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं. मम्मी बार बार उसके लण्ड को ऊपर से ही दबाती जा रही थी और उनके कसे अण्डरवीयर को नीचे सरकाने की कोशिश कर रही थी. मुसलमानों का सेक्सी पिक्चरउस वक्त उनको देख कर मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया और जब चाची बाल सुखा कर आई वो भी मेरे लण्ड को देख कर मेरे पास आकर मेरे गले लग गई और बड़े प्यार से बोली- बताओ ना ? क्या करूँ मैं तुम्हारे लिए ?मैंने कहा- ठीक है, बताता हूँ !चाची से मैंने कहा- जाओ जाकर पहले काले रंग की ब्रा और पैंटी पहन कर आ जाओ और अच्छा वाला परफ्यूम भी लगा लो.

की आवाज आने लगी।मुझे बहुत मज़ा आया।मैंने भाभी की चूत को अपने मुँह में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगा, भाभी के मुँह से आह.

और उससे अपने प्यार का इजहार किया…” वेदांत, एक बात कहूँ…?”फिर से करने का इरादा है क्या…?”नहीं वो… मतलब हाँ. दोनों के जिस्म एक बार फिर से एक होने लगे… कमरे में हलचल होने लगी… सिसकारियाँ गूंजने लगी…एक दूसरे में फिर से डूबने लगे…[emailprotected].

आशा करता हूँ सभी चूतों और लौड़ों को मेरी यह कहानी भी पहले वाली कहानियों की तरह ही पसंद आएगी. उन्होंने मुझसे पूछा- घर चलना है?मेरे हाँ कहते ही उन्होंने कार का दरवाजा खोला, मैं उनके बगल की सीट पर बैठी और थोड़ी ही देर में घर पहुँच गई. खान सर ने मेरी जांघों को पकड़ा और मेरे होंठों से होंठों को मिलकर मुझे चूमा …एक एक करके तीनों ने उसी तरह प्रैक्टिस की.

?… ” एकाएक मैंने आँख खोल कर देखा…वो मेरे सामने खड़ा था उसका लंड हवा में तना हुआ… और मैं अधनंगी उसके सामने लेटी हुई थी… मेरे चमकते जिस्म की चमक उसकी आँखों में देख सकती थी… मेरी निक्कर आधी नीचे उतर चुकी थी.

और यह जलाने को बेक़रार और इस मुक़ाबले में चूत हार जाती है, ठंडी पड़ जाती है मर्द की मनी से भीग कर उसकी प्यास यूँ बुझ जाती है जैसे रेगिस्तान की प्यासी ज़मीन पर बारिश के क़तरे पड़ते हैं… लेकिन मर्द भी कहाँ यह दावा कर सकता है कि वो जीत गया. ’मेरी बात सुनते ही वो दरवाजा खोल कर बाहर चला गया और तीन-चार मिनट बाद ही वापस आ गया. !! चल कहीं घूमने चलते हैं…!!! क्या बोलता है…??उसने नज़रें उठा, मेरी बड़ी सी नटखट आँखों में देखा…मैंने उसका हाथ पकड़ा और स्कूल के अन्दर जाने की बजाये बस स्टैंड ले गई…उसने कोई विरोध नहीं किया… मूक बना मेरी और देखता रहा और चलता रहा.

सेक्सी वीडियो हिंदी सुहागरात कीकुछ ही देर में हम दोनों सामान्य हो चुके थे… और एक दूसरे को प्यार भरी नजरों से देख रहे थे… हम दो बार झड़ चुके थे…पर तरोताजा थे… थोड़ी देर के बाद हमने कपड़े पहने और फिर मैं अपने कमरे में आ गया. मैं बहुत ही दुबला पतला हूँ, मेरे शरीर पर नाम मात्र के बाल हैं। झांट और सर के बाल के अलावा छाती या हाथ पैर पर बाल नहीं हैं। मतलब यह है कि मैं अगर साड़ी में भी आ जाऊँ तो लोग मुझे पहचान नहीं पाएंगे, मेरी आवाज़ भी वैसी ही लड़कियों वाली है।खैर, दोस्तो, यह कहानी नहीं सच्ची घटना है.

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जाने कैसे मेरे हाथ उसके उभारों पर चले गये, उसके सीने के मस्त उभार मेरी हथेलियों में दब गये. उधर सुमन ने लण्ड पकड़ कर उसे मसलना चालू कर दिया था और बार-बार उसे अपनी चूत में घुसाने का प्रयत्न कर रही थी. नीचे मेरा लण्ड उसकी चूत का बाजा बजाने में लगा हुआ था। मैंने अपनी कमर उठा उठा कर पूरा लंड बाहर निकालते हुए धक्के मारना चालू कर दिया। वो कसमसाने लगी- उओं.

मेरे पति एक प्रसिद्ध दवा कम्पनी में विक्रय-प्रबन्धक हैं।पति के साथ सुहागरात का किस्सा अगले भाग में !. तभी उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिये जिससे मेरी बची हुई शर्म भी चली गई और मैं भी उनके होंठ चूसने लगा. हम दोनों भाई बहन ही तो थे केवल इस वक़्त घर पर, और उसे पता था मेरी इस आदत के बारे में.

उसे ऐसे देख कर मैं हैरान रह गया क्योंकि उस साड़ी वो एक युवती की बजाय बिल्कुल औरत लग रही थी और मेरा तो दिल कर रहा था कि अभी उसके साथ सुहागरात मना लूँ. भेनचोद छोड़ ! बाहर निकाल … मैं मार जावाँगी… उईईईईईईई !”दर्द के मारे मेरा पूरा बदन ऐंठने लगा था, ऐसा लग रहा था जैसे कोई गर्म लोहे की सलाख मेरी गाण्ड में डाल दी हो।मेरी बुलबुल ! कुछ नहीं होगा…. । मुझे चूत में मीठी सी जलन होने लगी… मैंने अपने आप को रोका… उसके लण्ड पर भी मैंने दवाई लगा दी।‘मैम… आई एम सोरी.

और वो… साली संभावना शेट्टी की बच्ची … मेरा बस चले तो मैं उसकी चुटिया पकड़ कर जमीन पर पटक दूं. नीचे मेरा लण्ड उसकी चूत का बाजा बजाने में लगा हुआ था। मैंने अपनी कमर उठा उठा कर पूरा लंड बाहर निकालते हुए धक्के मारना चालू कर दिया। वो कसमसाने लगी- उओं.

हाय मैं मुक्ता! गत कहानीजीजू के साथ मस्त सालीमें मैंने आपको अपने जीजू विपुल से अपनी धमाकेदार चुदाई के बारे में बताया था.

15 मिनट बाद मैं झड़ गया तो दोनों लड़ने लगी कि मेरे मुँह में पानी डालो… मैंने पहले मीनाक्षी के मुँह में लंड डाल कर पानी डाला … भाभी अब भी उत्तेजित थी, बोली- रोहित यार चोदो ना …मैं बोला- पाँच मिनट रुको. देवर भाभी की सेक्सी दिखाएंइसे प्यार से चोदो”तो मैंने अपनी रफ्तार थोडी धीमी कर दी और उसको और गरम करने के लिए उसके चूचियों को जोर जोर से दबाने लगा और उसके लबों को चूसने लगा. गांव की सेक्सी मूवीसअचानक राजू ने मेरी गांड में से अपना लंड बाहर निकाल लिया और मेरे मुंह में लंड डाल कर खड़े आदमी से बोला ‘चल अब तू आ जा बे तू डाल अब गांड में मैं तो झड़ने वाला हूँ. नए पाठकों को बता दूँ कि मेरा नाम अमित अग्रवाल है और मैं रोहिणी, दिल्ली का रहने वाला हूँ, एथेलेटिक शरीर का मालिक हूँ और मेरा लण्ड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है.

में…डाल…’मेरी बात सुन कर उसने चूत में से अपना लंड निकाल लिया और मेरे गाण्ड के छेद पर लगाने लगा.

मैंने कहा- लेकिन तुम्हें दो दो किताबों की क्या जरूरत है? एक रखो और दूसरी लौटा दो, मुझे पढ़नी है. फिर उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिये और पंद्रह मिनट तक हम एक दूसरे के होंठ चूसते रहे. प्रेषिका : श्रेया अहूजामैं और मधु बचपन में घर-घर, लुक्का-छिप्पी, डॉक्टर-डॉक्टर खेलते थे …बचपन ने जवानी का कब रुख लिया पता ही नहीं चला …अब मैं इंटर में हूँ और मधु भी.

मैंने माँ से पूछा- अगर मेरा वीर्य चूत में चला गया तो क्या होगा?माँ ने हँसते हुए कहा कि उन का ऑपरेशन हो चुका है और वो अब गर्भवती नहीं हो सकती. आह अआह आहाह आः आह आह की ध्वनि फ़ूटने लगी।मैंने उसके टॉप को निकाल दिया और उसके स्तनों को ब्रा के ऊपर से चूसने लगा। उसकी सेक्सी आवाजें ओह आह आह आहा आह आह …. अब मुकेश उठा, उसने इधर उधर देखा और एक परदे को जोर से खींच उसकी डोरी निकाल ली, उसने मेरे दोनों हाथ पीछे किये और डोरी से बांध दिए.

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पर तू भी वादा कर… मुझसे बात करनी बंद नहीं करेगा…!?उसने मेरे चोट वाले हाथ पे हाथ रख दिया और मैंने भी उसके दूसरे पर दूसरा हाथ रख दिया. वैसे उसको पहनने का कोई फायदा नहीं था क्योंकि उसमे से सब कुछ साफ़ नज़र आ रहा था और उससे ज्यादा मज़ेदार बात ये थी कि अन्दर पहनी हुई ब्रा और पेंटी भी जालीदार थी. जो जन्नत से उतरी हो…हम प्यार से छोटी मेम कहते थे।छोटी मेम हमेशा टीवी काम्पुटरवा में लगी रहती थी….

” दुल्हन यह सुन कर हक्का-भक्का रह गई।उसने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। इस बीच ठंडा राम बाथरूम से बाहर आ गया। उसने पूछा,”क्या हुआ भाभी जी? आप इस तरह क्यों चिल्ला रहीं हैं?”सचमुच एक नंग-धड़ंग व्यक्ति सामने आ खड़ा हुआ।कौन हो तुम…? तुम अन्दर कैसे आये ? ” दुल्हन के प्रश्न पर दोनों भाई जोरों से हंस पड़े।कहानी आगे जारी रहेगी।.

निकाले जा रही थी।उसे देख कर मेरीऔर सोनू कीरफ़्तारमें बेतहाशा तेजी आ गई, चुदाई के मारे सोनू का बुरा हाल था, अब उससे रुका नहीं जा रहा था- जीजाजी, मेरा तो बस होने वाला है, मैं गई, मैं गई ! आह्ह्हह्ह ….

कहानी का पहला भाग:बेटा और देवर-1अब आगे-देवर ने मेरी चूत के दाने (भग्नासा) को मुँह में लेकर कुल्फ़ी की तरह चूसा…स्सीईईईई हाआआ देवर जी स्सीईईई ईईईई बस करो स्स्सीईईई देवर जी ब्ब्ब्स्स करो!” मैं बुदबुदाई. पर यदि इसे ठीक ढंग से गर्म किया जाये तो यह 8-10 लड़कियों का मज़ा एक ही बार में दे सकती है… इसलिए मैं इसकी चूत, गाण्ड सिलने का आदेश वापिस लेता हूँ और लड़की पर छोड़ता हूँ कि वो मेरी सबसे प्यारी रखैल बनना चाहती है या गली मोहल्ले में नंगी घूमने वाली रंडी? या फिर किसी टुच्चे की रखैल बन कर अपनी जवानी बर्बाद करना चाहती है और नौकरानी बने रहना चाहती है सारी ज़िन्दगी. कपूर की सेक्सी फिल्ममैं अभी भी अपने लंड को आगे-पीछे करने को जद्दोज़ेहद में लगा था…एक बार बहुत जोर से मुझे भींचने के बाद जब वो निढाल सी हो गई तो मैंने उसे वैसे ही पकड़कर… अपना लंड उसकी चूत में फ़ंसाये हुए… बमुश्किल चलता हुआ बिस्तर पर ले आया….

और मेरी चूत चाटने लगा उसकी ये अदा मुझे बहुत पसंद आई क्यूँकि मेरे बॉस ने अपना लण्ड मुझसे बहुत बार चुसवाया था मगर मेरी चूत चाटने से मना करते थे. उसने अपनी बनियान जल्दी से उतार फ़ेंकी, मेरी टी शर्ट भी वो ऊपर खींचने लगे…‘नहीं करो जीजू… बस ना…!’ पर उन्होंने एक नहीं सुनी और मेरी टीशर्ट खींच कर उतार ही दी. रात को अमित का फ़ोन आया- कल का क्या प्रोग्राम है?मैंने कहा- कुछ नहीं! आप बताएँ!तो बोले- कल कॉलेज बंक करो, मैं भी ऑफिस नहीं जाता! मेरे घर आ जाना, दोनों मिलकर अच्छा सा खाना पकायेंगे, खायेंगे.

मेरा लंड खड़ा होकर पैंट के अन्दर से ही नजर आने लगा था और उसके टांगों के बीच में रगड़ खा रहा था. उन की जीभ मेरे मुँह में घूमने लगी और उन के हाथ मेरे बालों में!मैंने उन की नाईटी निकलनी शुरु की, सारे बटन खोल दिये और नाईटी निकाल फेंकी.

मतलब सेक्सजूली- कह सकती हो कि मैं बहक गई थी पर इस तरह से कोई करता है क्या?मैं- पर तू तो तीनों से सेक्स करनी की सोच रही थी, फिर कैसे करती?जूली- पता नहीं था यार कि सेक्स इतना दुखदायी है!मैं- सेक्स कितना सुखदायी है कोई मुझसे भी तो पूछे!!!.

‘साला… हरामी… हीजड़ा…!’‘बस गाली मत दे… चल आ जा…!’‘यो हराम जादो, मेरे हागे सोई ही ना सके… बड़ा मरद बने है!’वो धीरे से सुबक उठी और मेरे पैरों के नजदीक रोती हुई बैठ गई. फटाक से अपनी टांगों के बीच को हाथ से दबाती बोली- हाय बहादुर, मुझे बड़ी जोर से पेशाब आया है, प्लीज़ जरा जल्दी से अपने घर ले लो, नहीं तो यहीं निकल जायेगा. इधर-उधर देखने लगी, मैं भी दूसरी तरफ देखने लगा और ज्योति वापिस अपने कमरे में मुड़ गई.

सेक्सी वीडियो में सेक्सी सेक्सी सेक्सी मुकेश तिलमिला उठा उसने मेरे गाल पर कस कर दो चांटे मारे और मेरे दोनों हाथ कसकर पकड़ लिए. तब से उसके एक स्कूल के टीचर के साथ उसकी अफ़वाहें उड़ने लगी थी… मैंने भी उन्हें होटल में, सिनेमा में, गार्डन में कितनी ही बार देखा था.

मेरी दीदी की जब शादी हुई तब मैं 18 साल की थी पर 18 साल की उम्र में मेरे वक्ष पके आम की तरह हो गए थे, चूतड़ उभर गए थे और उनकी दरार क़यामत ढाने लगी थी. फिर मैंने सामने की तरफ़ से ज्योति को अनिल के ऊपर लिटाया और पीछे से मैं ज्योति की गाण्ड में धीरे धीरे अपना लंड घुसाने लगा. मैंने इतना कहा तो दीदी की आँखों से आँसू निकल आए और फिर हम दोनों ने एक दूसरे को बाहों में भर लिया.

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‘हाय रे मेरे राजा… मेरा तो निकाला रे… मैं तो गई… आह्ह्ह्ह्ह्ह’ और सोनू की चूत ने पानी छोड़ दिया. जैसे ही हम अलग आये तो सोनम ने मुझे एक लाल गुलाब पकड़ाया और मुझे ‘आई लव यू ‘ बोलकर मेरे गले लग गई. इससे भाभी भी जोश में आ गई और उन्होंने मेरा एक हाथ पकड़ कर अपने चूचों पर रख दिया और हम दूसरे को पकड़ कर चूमते रहे.

तभी अचानक मैंने देखा कि अनीता दीदी ने नेहा की टी-शर्ट के अन्दर अपना हाथ डाल दिया और उसकी चूचियों को पकड़ लिया और धीरे धीरे सहलाने लगी. मैंने नीची नजरे करते हुए रिंकी से कहा- सॉरी! रात को मैं नशे में था इसलिए मैं रिश्तों को भूल गया.

जब मैं घर के अंदर पहुँचा तो देखा कि घर बहुत ही शानदार है, मैंने नौकरों से तान्या का कमरा पूछा और सीधा कमरे में घुस गया.

मैंने योजना बनाई, मैं स्कूल के बाहर दुकान पर गया और दूकान वाले को बोला- राजू, तेरे और सुनीता के खेल के बारे में प्रिंसिपल को पता चल गया है, तेरे खिलाफ पुलिस में शिकायत जाएगी. उसने फिर से 3-4 चांटे मेरे गाल पर मारे और जल्दी से मेरे दोनों बोबों को अपने मुँह में ले लिया और उन्हें तेजी से चूसने लगा. अब तक मेरा पूरा लंड उसकी चूत में जा चुका था फिर मैं हल्के हल्के अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा.

हम दोनों दूसरी कक्षा से एक साथ पढ़ती आ रही हैं, तो दोस्तो, जब उसने मुझे अन्तर्वासना डॉट कॉम पर कहानी पढ़वाई तो कहानी पढ़ कर मैं मचल उठी अपनी चूत फड़वाने को!हम दोनों उसके घर बैठीं थी उसने मुझे अपनी बाँहों में लेकर मेरे होंठ चूमे और फिर मेरे मम्मे दबाने लगी. !आंटी बोली- तो क्या हुआ, आ जाओ ना ! क्या तुम अपनी बीवी के रहते बाथरूम में नहीं जाते क्या?शर्माओ मत और नल खोल दो…. वीरवार को जब मैं कॉलेज से वापिस आया तो मम्मी बोली- बेटा! तुम्हारे दोस्त योगी का फोन आया था.

‘यो तो यूँ ही रहेगो… जतरा नीचे दबाओगे उतना ऊँचो आवेगो!’ उसकी खिलखिलाहट कमरे में तैर गई.

हिंदी बीएफ गांव वाला: फिर शराब का सहारा किस लिए ? वैसे भी डॉक्टरों का मानना है कि शराब लिंग के लिए उत्तेजक नहीं बल्कि एक अवरोधक का काम करता है। शराब के बाद पुरुष सेक्स के बारे में बातें तो बहुत कर सकता है पर उसकी पौरुष शक्ति कमज़ोर हो जाती है और कई बार वह सम्भोग में विफल भी हो सकता है।हाँ, एक और बात…. पर हमारी बातें सिर्फ हम तक ही रहती थी… कोई भी बात चाहे वो यौन क्रीड़ाओं से सम्बंधित हो या फिर, नंगी साइटों से, या नंगी फिल्में हों हम सब कुछ आपस में बाँटते थे.

और जनम-जनम की प्यासी हो… अपने उन्नत उरोज उसने इस कदर मेरे छाती में दबा दिये जैसे उन्हें निचोड़ डालना चाहती हो… उसके हल्के-हल्के भीगे बाल मेरे चेहरे पे आ रहे थे… उसके होंठ मेरी गर्दन पर थे… और उसके पूरे शरीर में अजीब सा कम्पन थी… ऐसा कम्पन न तो शशि में था न ही स्मिता में…ऐसी तड़प और बेचैनी न तो शशि में थी न ही स्मिता में…मैं अपने हाथों में उसके नितम्ब थामे हुए था…. मेरी आनन्द से भरी सीत्कारें कमरे के माहौल को और कामुक बनाने लगी… मेरा हाथ खुद ब खुद उसके बलिष्ठ शरीर से फिसलता हुआ उसके कूल्हों पर जा पहुँचा … मैं उसकी गोलाइयाँ मसलने लगी…अच्छा जी…!!! यह बात. तभी दीदी ने फिर पूछा- बोल न नेहा, क्या करते हो तुम दोनों?” अनीता दीदी ने नेहा की बड़ी बड़ी चूचियों को अपने हाथो से मसल डाला.

मैंने कहा- ज्योति तो सो रही है और वो सात बजे से पहले नहीं उठेगी!तो आयशा मान गई और मैं योगी के पापा के कमरे में गया और वहाँ से दो कंडोम उठा कर ले आया ताकि आयशा को चोदने के बाद मुझे अपना लण्ड जल्दी में बाहर ना निकलना पड़े.

वो कह रही थी- चोद बेटा चोद! हेयी ईए उईईईईए उफ्फ्फ्फफ्फ जोर से! मजा आ रहा है हैरी! और जोर से बेटा यीईईईईई आयीईईईई उईईईईए मर गयी हाय!फच फच कर रही थी आंटी की चूत चुदाई के वक्त!बहुत मजे से हम दोनों चुदाई कर रहे थे. यह क्या कह रहा है… क्या हो रहा है यह सब… हे भगवान…मुझे घबराहट होने लगी…मैंने बोला- छोड़ मुझे. ऽऽऽ करके रह गई पर अगले धक्के में लण्ड ने चूत की जड़ को छू लिया।मौसी की दबी सी चीख निकल गई- अ आ आ…वो धनुष बन गई। दोनों टांगें मेरे सीने के पीछे से ले जाकर वो मुझे लपेटे थी, उनकी आँखें वासना के ज्वर से बंद हो गईं थी, उनकी नाजुक कमर मेरी मजबूत बाजुओं में जकड़ी हुई थी। वो अपनी गाण्ड उठा-उठा कर लण्ड अन्दर लेने की कोशिश कर रही थी।पूरा लण्ड बाहर तक खींच कर मैंने एक जोर का धक्का मारा और मौसी आआ.