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जल्दी ही मैंने उनका टॉप और स्कर्ट उतार दी, अब वो सिर्फ ब्रा में थी और उनके स्तन बाहर आने को बेताब थे. ચાઇના સેક્સउसने मुझे सीधा किया और अपने दोनों होठ मेरे होंठों पर रख दिए और उन्हें बेदर्दी से चूसने लगा.

मगर मेरी मर्दानगी के आगे कहाँ टिक पाती, मैंने फिर से उसके पलंग पर पटक दिया और उसके लहंगे को ऊपर कर, उसकी चड्डी उतार फेंकी. सेक्सी पिक्चर हिंदी में बतानाअब वो फ़ायरिंग करने को बेताब था…… मेरा लंड गीला होता जा रहा था और दीदी की चूत की प्यास बढ़ती जा रही थी। अब उसे रोकना नामुमकिन सा लग रहा था……….

इस बार उस हाथ ने मेरी अंडरवियर खींचकर मेरे लंड को अपने हाथ में लिया। हाथ नाज़ुक सा था….हिंदी सेक्सी पिक्चर बीएफ एचडी: जैसे ही हम अलग आये तो सोनम ने मुझे एक लाल गुलाब पकड़ाया और मुझे ‘आई लव यू ‘ बोलकर मेरे गले लग गई.

उसकी चूचियों को एक हाथ से सहलाते हुए मैंने हल्का सा लंड को अन्दर दबाया। उसने अपने पैरों को थोड़ा और फैला दिया ताकि मेरा मोटा लंड अन्दर जा सके.वो मेरा हाथ हटाने लगा…” मैम ना करो ऐसे…गुदगुदी होती है…”अच्छा… कैसा लगता है…?” मैंने अब उंगलियों से उसके लण्ड को ऊपर से पकड़ कर दबाया।मैम आह…… अह…… नहीं… मैम छोड़ो ना…”पहले बताओ कैसा लग रहा है…?”मैम… मीठी मीठी सी गुदगुदी हो रही है.

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दीपाली के होंठ बहुत रसीले थे… मुझे सबसे ज्यादा मजा उसके होंठों को चूमने में आया।फिर मैं उसके चुचे दबाने लगा। उसके स्तन बहुत बड़े थे और मुझे भी बड़े ही पसंद हैं.मैंने अपने दोनों हाथ उसके चूतड़ के नीचे डाल दिए। उसके चूतड़ किसी कुंवारी लड़की जैसे सख्त थे.

उसने अपनी एक टांग मेरी कमर पर डाल दी और आंखे बन्द किये हुये बोली- सखि रे, सारा कस बल निकाल दिया. हिंदी सेक्सी पिक्चर बीएफ एचडी वो चिल्लाती, उससे पहले मैंने अपना मुँह उसके मुँह पर रख दिया और उसके होटों को चूसने लगा.

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थोड़ी देर बाद हमने एक बार और सेक्स का मजा किया और मैंने उनकी गांड भी मारी ज़िस कारण थोड़ी देर तक तो वो ठीक से चल भी नहीं पाई. फिर हम लगभग हर सप्ताहाँत पर चुदाई करते थे क्योंकि काम के दिनों पर उसे जल्दी फ्लैट पर जाना होता था. आज कल तेरे जिज्जाजी मुझे बस हफ़्ते एक या दो बार ही चोदते हैं वो भी जल्दी जल्दी से, मेरी नाइटी उठा कर अपना लंड मेरी चूत में डाल कर बस 10 मिनट में ही लंड का माल चूत में झाड़ देते हैं.

अब वो सच कहते थे या अपने आपको और मुझे कल्पना की दुनिया में ले जा रहे थे यह तो नहीं मालूम लेकिन मैंने सोच लिया था कि अपने जिस्म की आग बुझाने का सबसे आसान और महफ़ूज़ ज़रिया यही है कि मैं अपने एक साल छोटे भाई के जिस्म को इस्तेमाल करूँ. उसके सीधे होते ही उसका लण्ड सीधा खड़ा हुआ, बिल्कुल नंगा, मदमस्त सा, सुन्दर, गुलाबी सा जैसे मुझे चिढ़ा रहा हो, मुझे मजा आ गया. D किया हुआ है। साले ने जरूर कहीं से कोई फर्जी डिग्री मार ली होगी या फिर हमारे मोहल्ले वाले घासीराम हलवाई की तरह ही इसने भी Ph.

उसने झट से तकिया अपनी गोद में रख लिया और फिर बोली- ओह जीजू, आख़िर तुम अपनी औक़ात पर आ ही गए… मुझे तुमसे कोई बात नहीं करनी। अकेली मज़बूर लड़की जानकर उसे तंग कर रहे हो। मुझे नींद आ रही है।’ वो नाराज़ सी हो गई।प्यार पाठकों और पाठिकाओं, मेरे कार्यक्रम का दूसरा चरण पूरा हो गया था. मगर मैंने अपने आप को संभाला और बोला- हाय! माय नेम इस अमित!फिर उसने अपना नाम तान्या बताया, श्यामलाल ने अगले दिन से ही पढ़ाने की लिए कहा. सिपाही कमरे में घुसा और कमरा तलाशने लगा, मेरे पास आया और सर झुका कर कहने लगा- क्षमा कीजिए महारानी जी ! यहाँ कोई नहीं है.

प्लीज तू कर दे ना… तू मेरा प्यारा सा अच्छा सा इकलौता दोस्त नहीं है…? है ना…? तो करदे ना प्लीज …. तो वो बोली- तो तुम मुझसे बात क्यों नहीं करते? जबकि बाकी पूरे कॉलेज के लड़के मेरे पीछे कुत्ते बने घूमते रहते हैं, तुम्हारा दोस्त योगी भी मेरे पीछे घूमता रहता है.

मैंने उसकी पेंटी नीचे की तो चिंकी की चूत देखते ही मैं मस्त हो गया, मैंने उसकी चूत पर हाथ फिराना शुरू किया.

और फिर वो उम्र ही ऐसी थी… दूसरे लिंग के प्रति आकर्षण स्वाभाविक था…!!पर लोगों का हमारे बारे में बातें बनाना उसे बुरा लगता था.

उसके बाद शीतल ने मुझे कंडोम पहना दिया और फिर मैं उसे दनादन चोदने लगा। मेरा चिक बहुत जल्दी निकल गया था। मगर थोड़ी ही देर में मैं अच्छे से चोदने लगा। उसे मैं बहुत जबरदस्त शारीरिक सुख दे रहा था और वो उससे आनंदित हो रही थी।सच में जब लंड चूत में जाता है तब जो आनंद मिलता है उससे कोई आनंद बड़ा नहीं।हाए ओह ओह ओह…. अभी कॉलेज जाते जाते एक महीना ही गुजरा था कि मेरे पड़ोस में रहने वाले एक लड़के की शादी हुई जिसका नाम विक्की था. बरबस ही मुख से निकल पड़ा- विपिन, यूँ मत कर, मैं तो तेरी भाभी हूँ ना…’मेरी बेकरारी बढ़ती जा रही थी.

मैंने सोनम से बोला कि हम दिल्ली पहुँचते ही शादी कर लेंगे तो किसी को भी पता नहीं चलेगा कि तुम पहले से ही गर्भवती हो. कितने दिनों के बाद मिली तू!दोनों सहेलियाँ एक दूसरे से बात करती रही और मैं रागिनी को देख रहा था. मैं समझ गई …घर में कोई नहीं था, मैंने अपने मम्में बाहर निकाल लिए टी शर्ट से ! क्यूंकि मैं हर वक़्त ब्रा नहीं पहनती.

अगले दिन मुकेश ने मुझसे निगाहे नहीं मिलाई लेकिन मैंने देख लिया था की वो पीछे देखने वाले शीशे से बार बार मुझे घूर रहा है.

तब मेरे मन में आया कि मैं भी इसी कमरे में सो जाती हूँ और मैं उनके साथ वाले बेड पर लेट गई. उसने मुझे जोर से दबोच लिया और बोली- वाह, तुमने मुझे जन्नत में भेज दिया, अब यह रूपाली सदा के लिये तेरी हो गई, जब जी चाहे बुला लेना, मैंने ऐसा मजा आज तक नहीं लिया. जीजू का लंड देखा तो मेरे होश उड़ गए, नौ इंच का फनफनाता लंड! मैं तो देखकर ही काँप गई कि यह मेरी इतनी सी चूत में जायेगा कैसे?मैंने जीजू से कहा- आप इस लंड का जो करने को कहोगे, वो मैं करूँगी लेकिन इसे मेरी चूत में मत घुसाना, नहीं तो वो फट जायेगी.

मैंने जोश में गौरी के स्तन थाम लिए और गौरी ने राधा के!गौरी मुझे चूमती भी जा रही थी. जैसे ही हम अलग आये तो सोनम ने मुझे एक लाल गुलाब पकड़ाया और मुझे ‘आई लव यू ‘ बोलकर मेरे गले लग गई. ऽऽऽ करके रह गई पर अगले धक्के में लण्ड ने चूत की जड़ को छू लिया।मौसी की दबी सी चीख निकल गई- अ आ आ…वो धनुष बन गई। दोनों टांगें मेरे सीने के पीछे से ले जाकर वो मुझे लपेटे थी, उनकी आँखें वासना के ज्वर से बंद हो गईं थी, उनकी नाजुक कमर मेरी मजबूत बाजुओं में जकड़ी हुई थी। वो अपनी गाण्ड उठा-उठा कर लण्ड अन्दर लेने की कोशिश कर रही थी।पूरा लण्ड बाहर तक खींच कर मैंने एक जोर का धक्का मारा और मौसी आआ.

क्योंकि मैं गुस्से में था इसलिए भाभी ने मुझे अकेले नहीं जाने दिया और मेरे साथ चल दी.

और जैसे ही मैंने उसके पैरों को फैला कर मेरी जीभ चूत की गुलाबी फांक के अन्दर डाली।‘आह. उसका पति भी उसे सिर्फ तीन-चार मिनट चोदता, फिर सो जाता ! वो लम्बी चुदाई चाहती थी… उसकी चूत की प्यास कभी शांत ही नहीं होती थी….

हिंदी सेक्सी पिक्चर बीएफ एचडी प्रेम गुरु और नीरू बेन को प्राप्त संदेशों पर आधारितप्रेषिका : स्लिम सीमामुझे लगा जैसे कोई मूसल मेरी फूलकुमारी के अंदर चला गया है, मुझे लगा ज़रूर मेरी फूलकुमारी का छेद बुरी तरह छिल गया है और उसमें जलन और चुनमुनाहट सी भी महसूस होने लगी थी। मुझे तो लगा कि यह फट ही गई है। मैं उसे परे हटाना चाहती थी पर उसने एक ज़ोर का धक्का और लगा दिया।मेरी जान…. तब बहादुर ने रीटा की फड़कती फुदकती और उछलती चूत में एक झटके से अपना लण्ड ठोक दिया तो बेचारी रीटा की अपनी सुधबुध खो बैठी.

हिंदी सेक्सी पिक्चर बीएफ एचडी रानी को अपने ऊपर ले आया…ले रानी, अब तू मुझको चोद! देखता हूँ तुझमें कितना दम है…अब रानी मेरे ऊपर थी… और इस अवस्था में मेरा पूरा लंड उसकी चूत में एकदम अन्दर तक जा रहा था. हालांकि इससे मेरी चूत गीली हो जाती थी और मेरे चूचे तन जाते थे लेकिन मैं इसे जीजा का साली के प्रति प्यार समझ कर टाल देती थी.

और मैं अक्सर छोटी मेम का छुप छुप कर दीदार किया करता था…छोटी मेम जूस पी लो…ओह्ह हो! राजू सोने दे ना…छोटी मेम हमेशा बड़ी बेखबर होकर सोती थी…उस दिन भी… उनकी नायटी थोड़ी ऊपर थी और उनकी लातों के बीच गांड के दरार बिल्कुल साफ़ नज़र आ रही थी, शायद अन्दर पैंटी नहीं पहनी है… उनकी गोरी गोरी.

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मैंने उसके गाण्ड से अपना लंड निकाला और उसे अच्छे से पौंछा…थोड़ा सा तेल लगाया और रानी की चूत में फिर से डाल दिया. पर मैं उस आदमी के नीचे काम नहीं करना चाहता था जिसने मेरी बहन को अपने दूसरे नौकर के साथ मिलकर चोदा था, मगर मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था क्योंकि एक लेक्चरार की सेलरी पर काम करना मुश्किल था इसलिए अगले ही दिन मैंने कॉलेज से छुट्टी ली और श्यामलाल के ऑफिस चल पड़ा. ”मैंने अपना लौड़ा जैसे ही चाची की चूत पर टिकाया तो यह क्या ! बिना जोर लगाये ऐसे सरक गया अन्दर मानो किसी बैग में डाल दिया हो।और फिर इतनी चिकनाई छोड़ दी थी उन्होंने कि फिसलता हुआ जा रहा था। लेकिन चाची चिल्ला रही थी, वो कह रही थी,” हाईई रे मर गई रे…….

सी-डी के बारे में पूछने पर मैंने अपने आप को बचने के लिए कह दिया कि यह योगासन की सी-डी है…दीदी को शायद शक हो गया था और कपड़े बदलने के बहाने अन्दर चली गई।मेरी तो फट के चार हो गई मैं और चुपके से खिसकने वाली ही था कि इतने में अन्दर से आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह की आवाज़ें आने लगी, दीदी रावत रावत कह कर मुझे बुलाने लगी। मैं डरते हुए अन्दर गया. फिर मैंने उसे बाहों में ले लिया और हम दोनों ज़मीन पर लेट गए और ऐसे ही पड़े रहे बहुत देर तक !उसके बाद उसने कहा- अब मुझे जाना है. फिर मैंने सोनम और योगी से पूछा- बाकी सब कहाँ हैं?तो योगी और सोनम ने बताया कि योगी के माता-पिता और योगी की बहनें गाँव चले गए हैं.

फिर उसके साथ सेक्स बहुत बार हुआ और वो मेरे जीवन से मस्त जुड़ गई और उसने अपना जिस्म मेरे सिवा आज तक किसी और को नहीं दिया.

‘आआह्ह हा आदित्य आह्ह्ह्ह्…’लेकिन मेरा सिर उन्होंने अपनी छाती पर दबा लिया। ऊऊफ़्फ़ धीरे! इतने ज़ोर से मत दबा!’मैंने कुछ सुना नहीं, बिस्तर पर धकेला… उनके पैर नीचे लटक रहे थे…मेरा तो लंड अब बेकाबू होने लगा…. पापा और मम्मी भी साथ थे, इसलिए उन्होंने मेरे सर को चूमा और फिर जल्दी आने को बोल कर चलेगये।मगर मैं पूरा दिन और पूरी रात बिस्तर पर ही अपनी चूत और गाण्ड को पलोसती रही. मेरी बात सुनते ही वो उठकर मेरे पास आ गया और मेरे गाउन में हाथ डालता हुआ बोला- क्यों नहीं मैडम मैं ख़ुद निकाल लूँगा!!ये बात कहते हुए वो बड़ी अदा से मुस्कुरा उठा था.

रीटा ने भी बहादुर को कस कर बांहो में भींच कर अपनी सैन्डल की हील बहादुर के चूतड़ों में गाड़ दी और अपनी बुंड को हवा में बुलंद कर दी ताकि बहादुर का घीया जड़ तक अंदर ले सके. और जनम-जनम की प्यासी हो… अपने उन्नत उरोज उसने इस कदर मेरे छाती में दबा दिये जैसे उन्हें निचोड़ डालना चाहती हो… उसके हल्के-हल्के भीगे बाल मेरे चेहरे पे आ रहे थे… उसके होंठ मेरी गर्दन पर थे… और उसके पूरे शरीर में अजीब सा कम्पन थी… ऐसा कम्पन न तो शशि में था न ही स्मिता में…ऐसी तड़प और बेचैनी न तो शशि में थी न ही स्मिता में…मैं अपने हाथों में उसके नितम्ब थामे हुए था…. फिर उसने बोला- अब कितना तड़पाओगे?तो मैंने उसकी चूत के ऊपर अपना लण्ड थोड़ा सा रगड़ा और फिर अन्दर डाल दिया…उसके मुँह से बहुत सिसकारियाँ निकल रही थी… वो खूब मजा ले रही थी…मैंने 6-7 मिनट तक उसको चोदा तो उसने कहा- मैं तो झड़ने वाली हूँ !तो मैं उसे बहुत जोर से चोदने लगा.

बहादुर का लण्ड भी शहर की लौंडिया की चूत पाते बुरी तरह से मस्ता के अकड़ गया था और रीटा गांव के तन्दरूस्त ताकतवर और फौलादी लौड़े को पाकर निहाल हो उठी और उसकी चूत झनझना उठी. मुझे देखते ही चाची ने अपने आपको थोड़ा संभाला और कहा- काफी दिनों बाद इतनी अच्छी बारिश हुई है!मैंने पूछा- आपको शायद बहुत अच्छा लगता है बारिश में नहाना!!तो उन्होंने कहा- हाँ नहाना भी, बारिश में नाचना भी.

वो बेचैन हो उठी।मैंने दो उंगलियाँ गांड में घुमा कर निकाली और लंड को गांड के मध्य में रख कर राधा से बाहर को जोर लगाने को कहा।जैसे ही उसने गांड में बाहर को जोर लगाया मैंने कस कर धक्का मारा !वो चीख पड़ी !लंड का अगला हिस्सा गांड के अन्दर चला गया था।हाय मार डाला. मुझे इंतज़ार करते करते पाँच मिनट बीत गए तो मैंने सोचा कि क्यूँ न पहले खाना खाकर फ्री हो लूँ ये सोच कर मैंने अपना खाना निकाल लिया जो मैं घर से साथ लाई थी. बोर्ड के पेपर थे और पेपर करवाने के लिए मेरी सहेली ने तो सेंटर के सुपरवाइज़र से बाहर ही बाहर ही खिचड़ी पका ली थी और दोनों ने पेपर अच्छे दिए.

मैं बहुत खुश हुआ, सोचा कि शायद उससे बात करने का और समझाने का मौका मिल जायेगा…और मैं निर्धारित समय, 28 अप्रैल शाम के 5 बजे उसके बताए हुए स्थान (मधुबन रेस्तरां) पहुँच गया…उसने काले रंग का सलवार-सूट पहना था और बहुत ही कमाल लग रही थी…हम दोनों साथ में कुछ जलपान करने लगे और बातों का सिलसिला चल निकला.

उसने अपनी बनियान जल्दी से उतार फ़ेंकी, मेरी टी शर्ट भी वो ऊपर खींचने लगे…‘नहीं करो जीजू… बस ना…!’ पर उन्होंने एक नहीं सुनी और मेरी टीशर्ट खींच कर उतार ही दी. और…थोड़ी देर गांड दबाने के बाद मैंने उसके अन्दर अपना लंड डाल दिया और उसके मम्मे दबाने लगा…वो भी पूरा लंड ले रही थी. ‘विपिन, चुप हो जा, बड़ा आया गुड मॉर्निंग करने वाला!’‘इतनी प्यारी और सलोनी गाण्ड का उदघाटन तो करना ही पड़ेगा, भाभी, कर दूँ उदघाटन?’मैं शरमा उठी.

मैंने मालिक को आवाज़ लगाई तो परदे के पीछे कुछ हड़बड़ाने जैसी आवाजें आई और थोड़ी ही देर में दुकानदार लुंगी पहने आया. तभी दीदी ने फिर पूछा- बोल न नेहा, क्या करते हो तुम दोनों?” अनीता दीदी ने नेहा की बड़ी बड़ी चूचियों को अपने हाथो से मसल डाला.

मैं समझ गया और उसको बाहों में लेकर एक प्यारा सा किस किया और समझाया कि यह सब जरूरत है, आपने कुछ गलत काम नहीं किया है. ये बात दिमाग में आते ही मैंने वो जालीदार कवर निकाल लिया और ज़ल्दी से अपनी साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट निकाल दिए. अब दो लोग बचे थे और मेरी चूत की आग अभी भी नहीं बुझी थी लेकिन मैं डोगी स्टाइल में खड़े खड़े थक गई थी इसलिए मैं सीट पर पीठ के बल लेट गई और उन बचे हुए दो लोगों से कहा’ चलो अब तुम दोनों मेरी चूत में बारी बारी से अपना पानी डाल कर चलते बनो.

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चूत की मल्लिकाओ और लण्डों के पुजारीआज तुम्हारा भोंसड़ा फाड़ने की बारी है हमारीजहाँपनाह के दरबार मेंचूत सजी भयानक काले लण्ड के इन्तजार में…सर्दियों का दौर था, चारों तरफ हमारे लण्ड का शोर था.

दीदी ने मुझसे हंसते हुए पूछा- यह कौन सा आसन हो रहा हैं ?गलती से मेरे मुँह से निकल गया- यह रामदेव बाबा चोदासन कर रहे हैं………. !मैं बताना ही भूल गया ! मिक्की जब मुझे फूफाजी बुलाती तो मुझे लगता कि मैं कुछ बूढ़ा हो गया हूँ। मैं अपने आप को बूढा नहीं कहलवाना चाहता था तो हमारे बीच ये तय हुआ घरवालों के सामने वो मुझे फूफाजी कह सकती है पर अकेले में या घर के बाहर जीजाजी कहकर बुलाएगी।ओह…. वो खिड़की से उतर के थोड़ी देर बाद चोरी से मेरे घर अंदर आ गई जिसके लिए मैंने पहले से ही दरवाज़ा खुला रखा था.

और लंड को गांड से निकाला और एक ही धक्के में चूत के अन्दर डाल दिया फ़िर वैसे ही चूत से बाहर निकला और गांड में एक धक्के में अन्दर पूरा लंड डाल दिया. यह कह कर वो मेरे लौड़े को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी और अपने हाथों से मेरा मुठ मारने लगी. नर सेक्सी वीडियोमैंने जोश में गौरी के स्तन थाम लिए और गौरी ने राधा के!गौरी मुझे चूमती भी जा रही थी.

मैं उसकी क्लास में जा पहुंची और उसकी अध्यापिका के पास जाकर बोली- वेदांत को मिस मोनिका बुला रहीं हैं…!!!वो मेरे साथ बाहर आया. वो पेड़ के पीछे जा कर बोली… ऐसे भी कोई ?!?तो फिर बैठी रहो रात भर यहाँ ! या ऐसे ही कपड़े पहन लो… मैं चला !मैं मुड़ा ही था कि वो बोल पड़ी- अरे सुनो तो….

रोहित, तुम बायोलोजी में कमजोर हो… तुम्हे मदद की जरूरत हो… तो घर पर आकर मुझसे पूछ सकते हो. हम भी ऐसा ही करते हैं!मैं समझ गया कि चाँदनी अब चुदने के लिए पूरी तरह तैयार है पर उसको यह नहीं अंदाज़ है कि वो फिल्म की लड़की कितना चुद चुकी है, और इसकी पहली बार चुदने वाली कसी चूत! काफ़ी अंतर है दोनों में!तो मैंने उसको बिस्तर के किनारे पर लिटाया, उसको उसके दोनों पैर कंधे तक मोड़ कर पकड़ने को कहा. पर मैं एक सार्वजनिक-स्थल में था… भीड़भाड़ में।शाम चार बजे लहरें(वेव्स) शुरू होते हैं। ऐसा कृत्रिम माहौल बनाया जाता है जैसे समुद्र तट हो….

पाँच मिनट बाद माया वहाँ से निकल गई, पिंकी ने मुझे आवाज दी- मनुजी…!!मैं- हह…हाँ?पिंकी- बाहर आइए!मैं चुपचाप बाहर निकल आया. उसके स्कूल जाने के बाद 8 बजे मैं ज्योति के कमरे में उसको जगाने के लिए गया तो उसके कपडे अस्त-व्यस्त थे. हो सकता है तुम्हें छोटा मोटा फिल्म में रोल मिल जाये और हमारी किस्मत चमक जाये?मैं- लेकिन अंकल ….

तुमने तो ए सी और डी सी दोनो ही सही कर दिए… पर हवा-पानी बदलने के लिए कल फिर आना पड़ेगा !”कोई गल नई जी, मैं कल फेर आ के ठीक कर जावाँगा जी !”जस्सी अगले दिन फ़िर आने का वादा करके चला गया और मैं एक बार फिर से बाथरूम में चली गई।आपको मेरी यह गाण्ड चुदाई कैसी लगी?मुझे और प्रेम गुरु को ज़रूर बताना !आपकी नीरू बेन (प्रेम गुरु की मैना).

जब मम्मी लहँगा उतारने के लिए खड़ी हुई तो मुझे उन्हें देख कर पता चला कि मेरी मम्मी कितनी सेक्सी दिखाई देती है. बाद में जब सब अपने पलंग पर चले गये तो मैंने उससे कहा- ये क्या छोटे छोटे सेब खिला रही हो!तो वो बोली- अगर बड़े सेब खाने हैं तो घर आना पड़ेगा! फिर तुम्हें असली मुलायम और बड़े सेब खिलाऊँगी.

??उसकी सवाल करती नज़रें मेरे भीतर सूई सी गड़ी जा रहीं थी…मैंने एक साधारण सा जवाब दिया… ” कोई बात नहीं… होता है. नीचे मेरा लण्ड उसकी चूत का बाजा बजाने में लगा हुआ था। मैंने अपनी कमर उठा उठा कर पूरा लंड बाहर निकालते हुए धक्के मारना चालू कर दिया। वो कसमसाने लगी- उओं. मैंने कहा- अमित अब मेरे अन्दर समा जाओ!अमित उठे, मेरी टांगों के बीच आकर अपने लंड का सुपारा मेरी चूत के होठों पर रखा, हल्के से दबाया और सुपारा चूत के अन्दर!एक झटके में आधा लंड और दूसरे झटके में हल्के दर्द के साथ पूरा लंड मेरी मेरी मुनिया रानी के अन्दर जा चुका था.

अपनी गाण्ड को मेरे मुख पर रख दिया… मैंने भी शौक से जवान गाण्ड के छेद में जीभ घुसा कर चाट डाला. एड करने लगी, कभी चली जाती थी, कभी आ जाती थी।एक दिन में घर अकेला था, उस दिन मेरे घर वाले भी गाँव में गए हुए थे, हमारा खेती-बाड़ी का बहुत बड़ा काम है, डैड और मॉम कभी हमारे पास शहर रुकते, कभी गाँव। मेरा अपना बिज़नस है।रात के साढ़े आठ बजे का वक्त था, मैं घर में बैठा दारु के पैग लगा रहा था, साथ साथ टी. प्लीज मुझे मझधार में छोड़ कर मत जाओ। ये मैना तुम्हारे बिना नहीं जी पाएगी। पहले तो मैं उस मधु से बदला लेना चाहती थी पर अब सचमुच मैं तुमसे प्यार करने लगी हूँ। ओह.

हिंदी सेक्सी पिक्चर बीएफ एचडी मुझे मौका मिला कि मैं सोनू को बहका कर उसे थोड़ा और खोलूँ ताकि हमारे सम्बन्धों में और मधुरता आ जाये. ”उनकी बातें छोडो, वो तो हैं ही बेवकूफ!” अनीता दीदी ने नेहा की ब्रा खोल दी और नेहा ने भी हाथ बढ़ा कर दीदी की ब्रा का हुक खोल दिया.

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मेरी एक उंगली उनकी चूत में अंदर-बाहर हो रही थी और वो अपने हाथों से मेरे लंड से मुठ मार रही थी. ”देवर ने मेरी चूची छोड़ दी और मेरे ऊपर से उतर कर बगल में लेटकर बोला- ठीक है भाभी! तुम मेरे ऊपर आओ और अपने हिसाब से जैसे चाहो वैसे करो…मैं पलट कर उसके ऊपर आ गई. उसके स्कूल जाने के बाद 8 बजे मैं ज्योति के कमरे में उसको जगाने के लिए गया तो उसके कपडे अस्त-व्यस्त थे.

आज तो मुझे स्वर्ग का ही आनंद मिल गया जिससे मैं वंचित और अनजान था। ओह थैंक्यू नीरुजी …. मैं उनके सीने से लग गई, उन्होंने मेरे माथे पर चूमा, मेरे चूतड़ों को हल्के-हल्के हाथों से दबाने लगे, मैं बेहाल होती जा रही थी. ಕಾಲ್ ಗರ್ಲ್ ಸೆಕ್ಸ್शगुन की रात से एक रात पहले सभी नाच रहे थे, लड़के अलग, लड़कियाँ अलग!नाचते-नाचते बहुत थक गई, पसीने से कुर्ती भीग गई.

”तो दोस्तो! कैसी लगी मेरी आगे की कहानी?अब तो मैं इतना चोदने का आदि हो गया हूँ कि जब तक दो बार झड़ता नहीं, मैं नीचे उतरता ही नहीं.

एक रात जब हम दोनों सोये हुए थे तो मुझे नींद नहीं आ रही थी और मैं शालू की नाइटी में हाथ डाल कर उसकी चूची दबाने लगा. लण्ड में एक कॉण्डम लगाया और उसको बताया कि हम जब चुदाई करंगे और अगर ग़लती से भी मैं झड़ने के समय चूत से लण्ड ना भी निकालूं तो मेरा पानी जो कि तुम्हारे ऊपर मूठ मारते समय गया था, वो इसी के अंदर रह जायगा और किसी भी हालत में बच्चा नहीं होगा.

फिर आंटी ने कहा- बेटा, मैं अब झुक जाती हूँ, तू पीछे डाल!मैंने कहा- ठीक है!मैं पीछे से आंटी की गाण्ड में लण्ड डालने लगा तो आंटी बोली- यह क्या कर रहा है? चूत में डाल!और मोना ने मेरा लण्ड पकड़ पर चूत में डलवा लिया. मैंने धक्के लगाने शुरु किए और अब लण्ड प्यार से अंदर-बाहर चल रहा था और कमरे में मेरी, अमिता और शालू की सिसकारियाँ गूंज रही थी. पता नहीं नेहा ने यग जादू कहां सीखा था। उस दिन मुझे पता चला कि मेरा (और शायद सभी मर्दों का) सबसे सेन्सिटिव स्पॉट कहां होता….

मैं काफी गोरा हूँ, मेरा वजन 56 किलो है, मैं काफी चिकना हूँ और मेरी टाँगें और गाण्ड तो एकदम लड़कियों जैसी ही है.

उसके लंड का रंग बिल्कुल स्याह काला था और लम्बाई करीब छः इंच थी लेकिन मोटाई काफी ज्यादा थी करीब तीन इंच मोटा था. मैंने कहा- ठीक है।शाम को जब उसका भाई आया तो तरुण ने उससे मुझे मिलवाया…अगले दिन 13 जनवरी थी तो मैंने रक्षिता के भाई से पूछा- कल मैं आपके साथ आपकी छत पर पतंग उड़ा सकता हूँ?तो बोले- हाँ क्यों नहीं ! मुझे भी कोई साथी मिल जाएगा. मुझे देख कर वो बोली- क्यों मनुजी? लड़कियों के बाथरूम में क्या चेक कर रहे थे?मैं बोला- यही कि कोई गड़बड़ तो नहीं हो रही, आजकल के बच्चे सूनेपन का फायदा उठा लेते हैं ना!पिंकी- हाय… सूनेपन का फायदा तो टीचर भी उठा सकते हैं.

सिल्क साड्या दाखवाबहुत देर ये खेल चला!मामी, क्या बस करूँ गांड की ठुकाई?”हाँ नयन, अब जरा मेरी चूत पर जोर लगाओ!”मैंने गांड से लंड बाहर निकाला और उनको घोड़ी बना कर उनकी चूत में डाल दिया और पूरी गति से कमर हिलाने लगा. मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से चोदने लगा। उससे उत्तेजना बर्दाश्त नहीं हो रही थी- राहुल….

गली और दिसावर

लड़कों से बातचीत करके मैं ज़ाहिरा के टेंट में गया तो देखा वो गाउन पहने लेटी हुई थी. इधर मेरा भी होने वाला था।उस तूफानी स्पीड में मैंने कहा- भाभी, मेरा झड़ने वाला है, मैं कहाँ निकालूँ?‘मेरे अंदर डाल दो. तुम्हारे इन रस भरे होंठो का एक चुम्बन ही तो मांग रहा हूँ मैं! समझो मैं भीख मांग रहा हूँ।’‘भीख मांगने से कोई फायदा नहीं है, मैं इसके लिए आपको मना करने वाली नहीं!’ और वो मुस्कुरा दी।उसके सफ़ेद दांत उसके सुंदर चेहरे पर और चार चाँद लगते हुए दिखे- ठीक है! लेकिन सिर्फ़ एक ही दूंगी.

जब मैं चोद रहा था, तब भाभी मीनाक्षी को चुचूक चूस रही थी और मैं भाभी के चूसने लगा …मीनाक्षी बोली- आज तो बड़ा मजा आ गया जान. सोनिया की मम्मी-2से आगे की कहानीप्रेषक : राज कार्तिकदोस्तो,आपने मेरी कहानीबुआ हो तो ऐसी-1औरसोनिया की मम्मी-1पढ़ी और पसंद की, धन्यवाद. आपके मेल बताएँगे कि… मैं लिखूँ या नहीं!आपके मेल का इंतज़ार रहेगा!धन्यवाद![emailprotected].

वह शरमाई तो मैंने देर नहीं की और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और अपनी बाहों में भर लिया. उन्होंने कहा- अब देर मत कर और मेरी जवानी की प्यास बुझा दे!तो मैंने अपने लंड का टोपा उनकी दोनों टांगो के बीच के गुलाबी छेद पर रख दिया. टीवी देखते-देखते मैंने कहा- आंटी, मैं तो सोने जा रहा हूँ, कहो तो टीवी बंद कर दूँ?आंटी ने कहा- हाँ, कर दो! मैंने तो सोचा कि तू देखेगा इसलिए बंद नहीं किया था.

चूत !और उसे चाटने लगे !चूत वैसे भी काफी गर्म हो रही थी और वो पानी छोड़ने लगी। मैंने कहा- अब आप ऊपर आ जाओ !वे शरारत से बोले- साफ बोलो कि मुझे क्या करना है?मुझे पता था अब ये मेरे मुँह से बुलवाकर छोड़ेंगे इसलिए मैंने जल्दी से अपनी आँखे बंद कर के कहा- आप मुझे चोद दो !पर वे कौन से कम थे, बोले- मैंने सुना नहीं ! जरा जोर से बोलो !मैं जोर से उन्हें अपने ऊपर खींचते हुए बोली- मुझे चोद दो ! चो…. ’मेरे इस तरह नाराज होने से वो लोग डर गए और मुझे मनाते हुए राजू ने कहा ‘ नहीं मैडम ऐसा नहीं है अगर आप नहीं चाहोगी तो कुछ भी नहीं करेंगे.

मैंने नीना को समझाया- देखो भई, अगर तुम अकेले में किसी के साथ चुदाई कर सकती हो तो मेरे सामने चुदाई का मजा लेने में क्या हर्ज़ है?और यही बात मेरे ऊपर भी लागू होती है कि अगर मैं किसी लेडी के साथ मस्ती कर रहा हूँ तो छुप कर करने से बेहतर है कि हम खुल कर मज़े करें?पति-पत्नी के बीच भरोसा सबसे बड़ी चीज है.

जी वो… मुझे छबीली से मिलना है…”माईने पधारो सा…” उसकी मीठी सी मुस्कान से मैं घायल सा हो गया. आम्रपाली का सेक्सी फोटोअब तक मेरा पूरा लंड उसकी चूत में जा चुका था फिर मैं हल्के हल्के अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा. रियल सेक्सी रियल सेक्सीघर पर सब होते थे और सबको पता था कि वो पढ़ने आती है तो एक कमरा हम दोनों के लिए खाली रखा जाता था। फिर ऐसे ही चलता रहा, वो पढ़ने आती रही. दर्द से मैं कराहने लगी, बीच बीच में मैं चिल्ला भी पड़ती थी मगर उसे कुछ फ़र्क नहीं पड़ रहा था। उसने तो आज अपनी बहन की चूत फ़ाड़ने का सोच ही लिया था…वो मेरे निप्पल चबाने लगा, मैं मदहोश हो चुकी थी पूरी तरह.

और तो और वो समझेंगे भी नहीं कि यह सिर्फ दोस्ती है… और इससे ज्यादा कुछ नहीं…मैं इस बात से परेशान नहीं थी की घरवालों को पता चला तो क्या होगा.

लेकिन अब सब कुछ सामान्य हो गया था।हम दोनों की सांसें तेज होने लगी। मैंने जम कर मैडम के पूरे बदन को बेतहाशा चूमा. और जैसे ही उसने मेरे लंड को पकड़ा मैंने उसके बाल पकड़ लिये। और पकड़े-पकड़े ही ऊपर आ गया और जैसे ही वह चेहरा ऊपर आया, मेरी आँखे फटी की फटी रह गईं और मुँह खुला का खुला…. उसके बलिष्ठ प्रहारों को भी मैं कितना झेलता, कुछ ही मिनटों में मेरा वीर्य भी लण्ड से छलक पड़ा.

राहुल ने मजाक किया –साहिल… कामिनी चाहे तो मुझ पर लाइन मार सकती है… ”और मैं… रीता पर… ” साहिल ने रीता को आँख मारते हुए कहा. वो मेरी दोनों चूतडों को मसल रहा था और मैं इतनी उत्तेजित थी कि अपनी ऊँगली अपनी चूत में डाले जा रही थी…फ़िर उसने मेरे चूतडों को चाटना शुरू किया… कसम से मैंने बहुत बार चुदवाया बहुत बार ! हाय ! मगर इतना मजा मुझे पहली बार आ रहा था वो भी मेरे भाई से… मैं आह आह आ औच… की आवाजें निकाले जा रही थी. मेरी तो यही कामना है कि ऊपरवाला सब की प्यास ऐसे ही बुझाये।आप अपनी राय इस कहानी के बारे में जरुर लिखे ताकि मैं आगे भी आपको मस्त कहानियाँ भेजता रहूँ …….

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और…थोड़ी देर गांड दबाने के बाद मैंने उसके अन्दर अपना लंड डाल दिया और उसके मम्मे दबाने लगा…वो भी पूरा लंड ले रही थी. मेम चीख पड़ी… उई मम्मा उई आह अह… राजू नहीं राजू अहहमैंने मेम की टांगों को अपने कंधो पर रखा और दे दना दन चोदने लगा. मैंने कहा- यहाँ सबसे अच्छी जगह है बिल्डिंग की सीढ़ियों में जहाँ कोई नहीं आता क्योंकि सब लिफ्ट प्रयोग करते हैं.

मेरे दिमाग में ज्योति का वो ब्रा-पेंटी और आयशा का नाईटी वाला रूप घूमने लगा और मैंने सामने खड़ी आयशा को बाहों में ले लिया वो चिल्ला पड़ी, जिसे सुन कर ज्योति भागती हुई आ गई.

मेरी गति तेज़ होती जा रही थी और माँ की सिसकियाँ भी!अब माँ ने मुझे अपनी बाहों में कस कर जकड़ लिया पर मेरी चोदने के रफ्तार बढ़ती ही गई और कुछ ही समय में मैं झड़ गया और उनके ऊपर ही लेट गया.

”फिर अनीता दीदी ने पूछा- अच्छा नेहा एक बात बता, तूने कभी किसी लण्ड से अपनी चूत की चुदाई करवाई है क्या?”नहीं दीदी, आज तक तो मौका नहीं मिला है. क्योंकि अंदर से दरवाजा बंद था इसलिए मुझे किसी का डर नहीं था, मैंने अपनी पैंट की ज़िप खोलते हुए अपना लण्ड प्रिया भाभी की तरफ किया और एक बार चूसने को बोला. सेक्सी वीडियो गीत हिंदीथोड़ी देर वहीं खड़े रहने के बाद नेहा अपने कमरे में चली गई और उसके कमरे का दरवाजा बंद हो गया, जिसकी आवाज़ मुझे अपने कमरे तक सुनाई दी.

मैंने रागिनी से कहा- अब तुम अपनी चूत मेरे लंड के ऊपर रखो और दोनों पैर मेरे पैरों के साइड में फैला लो. !”मैं दर्द के मारे कसमसाने लगी थी पर वो मेरी कमर पकड़े रहा और 2-3 धक्के और लगा दिए।मैं तो बिलबिलाती ही रह गई !आधा लण्ड अंदर चला गया था। उसने मुझे कस कर पकड़े रखा।ओह… जस्सी बहुत दर्द हो रहा है. चारों के तनतनाते हुये कठोर लण्ड हमारे बिस्तर के दोनों ओर खड़े हुये हमे चुदाई का निमंत्रण दे रहे थे.

मैं ऑफिस पहुंचा तो चपरासी ने कहा- मैडम बॉस के साथ मीटिंग में हैं! आप इंतज़ार कीजिये. । हाय… आप कैसी हैं ?बस तुम्हारा ही इंतज़ार कर रही हूँ ?मैं आ जाता हूँ पर तुम अपना नाम और पता तो बताओ ना ?निरे लोल हो तुम क्या अब भी नहीं पहचाना ?ओह.

‘ये देख, मैं भी मर्दानी हूँ… ये मेरा सीना देख… और नीचे मेरी ये…’ उसने चादर उतारते हुये कहा.

प्रेषक : रोहित खण्डेलवालदोस्तो, आपके बहुत सारे मेल मिले ! मुझे ख़ुशी हुई कि सबको मेरी कहानी पसंद आई … गुरूजी को धन्यवाद जिन्होंने मेरी कहानी आप लोगों तक पहुँचाई …. मुझे आज मेरे सपनो की रानी को जी भर कर प्यार करने दो!’और मैं फ़िर से उसके निपल मुँह में लेकर एक एक कर चूसने लगा।‘आआआ आआह्ह्ह. जीजू मज़ा आआ रहाआआ रहाआ है… जीजू तुम चुदाई के भी मास्टर हो। (मेरे जीजाजी सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं) क्या चोदते हो यार ! वास्तव तुम किसी को आनन्द दिला सकते हो। एक साथ दो को संतुष्ट कर सकते हो ऊऊउ ….

हिंदी+सेक्सी+ब्लू+फिल्म और जैसा मैंने सोचा था, वैसा ही हुआ! मम्मी अंकल के घर पर जा घुसी!फिर मैं भी उनका पीछा करता अंकल के घर की तरफ निकल पड़ा. फिर सामान्य हो गई… फिर मैंने स्पीड से उसे चोदना शुरू कर दिया वो भी मेरा साथ दे रही थी….

और साथ साथ मैं उसे चूस रहा था… वो भी मेरा लंड जान लगाकर रगड़ रही थी…थोड़ी देर बाद मैंने उसे ज़मीन पर लिटा दिया और उसकी चूत चाटने लगा. मेरे हाथ तो उसके ब्लाउज के बटन खोल रहे थे। उसका हाथ मेरे हाथ पर था। लेकिन कोई हरकत नहीं थी. बहुत ही प्यार से बोली- ये मेरे लिये हैं? सच में ?मैंने कहा- हाँ !फिर मैंने उसका हाथ अपने हाथो में लेकर कहा- एक डांस हो जाए.

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पूरा घर खाली था फिर भी इस बात का डर तो था ही क़ि कहीं किसी पड़ोसी की नजर रात को 12 बजे अमित को मेरे घर में आते समय न पड़ जाए. ‘हाय भैया… होता तो मुझे भी है…!’मैं धीरे से सरक कर उसके पीछे आ गया और अपनी कमर उसके चूतड़ों से सटा दी. ”ऐसा कहते के साथ ही ठन्डे ने अपना मुँह दुल्हन की जाँघों के बीचोबीच सटा दिया और चाटने लगा। दुल्हन के मुँह से सिसकारियां फूट पड़ीं। सीई…आह,,, छोड़ो.

‘प्यारी सी गाण्ड है!इसे ही चोद दूं क्या?’ मैंने उसकी प्यारी सी गाण्ड देख ललचाई नजरों से देखा. फिर काफी देर तक बाहर कोई हलचल नहीं हुई तो लगा कि वो चला गया।फिर हमने फटाफट कपडे पहने। अनु से मैंने उसकी पैंटी ले ली और कहा- इसे मैं ही रखूंगा, यह तुम्हारी मेरे पास निशानी के तौर पर रहेगी.

क्या मादक गंध और स्वाद था मैं तो निहाल ही हो गया।आंटी ने मेरे लंड को मुंह में भर लिया और लोलीपोप की तरह चूसने लगी। मैंने अपनी जीभ से उनकी चूत की फांकों को चौड़ा किया और उनकी मदनमणि को टटोला। जैसे कोई मोटा सा अनार या किशमिश का फूला हुआ सा दाना हो। मैंने उस पर पहले तो जीभ फिराई बाद में उसे दांतों से दबा दिया। आंटी की हालत तो पहले से ही ख़राब थी। उन्होंने कहा ओह चंदू….

मैंने कहा- तनवी, मुझे तुम्हारे कोमल-कोमल गाल, कोमल-कोमल होंठ, बड़ी-बड़ी आँखें जो हल्का सा काज़ल लगने के बाद इतनी कातिलाना हो जाती है कि किसी का भी खून हो जाए. तभी राज अंकल ने अपना मुँह चूची से हटा कर बाजी के मुँह पर लगा दिया जिससे उसके मुँह का दूध बाजी के मुँह में चला गया और बाजी उसके मुँह को अपने मुँह में लेकर जोर जोर से चूसने लगी. अगले दिन मैं दिए पते पर पहुँच गया!दरवाजा खुला, आज आकांक्षा कल से ज्यादा स्मार्ट लग रही थी!उसने मुझे चाय के लिए पूछा, मैंने मना कर दिया.

ही करता रह गया। अचानक मैंने उसके गालों पर अपने दांत गड़ा दिए तो उसकी चीख निकलते निकलते बची। उसने भी मुझे जोर से अपनी बाहों में कस लिया। यही तो मैं चाहती थी। आप शायद हैरान हो रही हैं। ओह. मुझे आज मेरे सपनो की रानी को जी भर कर प्यार करने दो!’और मैं फ़िर से उसके निपल मुँह में लेकर एक एक कर चूसने लगा।‘आआआ आआह्ह्ह. रीटा ने भी नौकर को शह देने के लिये अपना पैर से बहादुर के लण्ड को सरेआम दबा दिया और पैर से सहला कर बहादुर के लण्ड को खडा कर दिया.

शायद ज्योति ने उससे पहले कभी गाण्ड नहीं मरवाई थी, मगर मैंने उसकी एक भी ना सुनी और उसके दोनों चूतड़ों के बीच में अपना लण्ड घुसाने लगा.

हिंदी सेक्सी पिक्चर बीएफ एचडी: अब मामी ने धीरे से अपने पैर उठाये और अपनी छाती के पास ले गई जिससे अब उनकी गांड का छेद मेरे सामने आ गया था. कुछ देर के बाद हम बाथरूम में गए और एक दूसरे को साफ़ करने लगे मगर आयशा ने फिर मेरा लण्ड पकड़ लिया और वहीं चूसने लगी.

वो अब पहले से कुछ ठीक था…!!!इंटरवल में फुल्ले खाकर और फिल्म देख कर हम बाहर निकले, बस पकड़ी और घर चले गए. मैंने देखा तो गौरी भी अपने कपड़े उतार कर अपनी चूचियाँ मल रही थी, एक अंगुली अपनी चूत में डाल रखी थी और आहें भर रही थी. केले के तने जैसी।मुझे उसके होंठ अब रसीले नज़र आने लगे थे। मैं जब भी उसको निहारता वो नज़रें झुका लेती थी… मेरी आँखों मे शायद कुछ और नज़र आने लगा था। मैं सोचता था जैसे शशि और स्मिता अपने आप आकर मेरी झोली में गिरी थीं नेहा भी गिरेगी.

थोड़ी देर में उसने मेरा पैर पकड़ कर अपने पास खींच लिया और अपने सीने पर दबा दबा कर रगड़ने लगी.

ले…पूरा ले मुँह में रांड……ले ले मेरे लौड़े को !” मैं बोला।उसके बाद हमने कपड़े पहने और फिर उसे उसके घर छोड़ दिया।इस घटना के बाद मैंने कई बार कोशिश की उससे मिलने की, मगर वो कहीं नहीं मिली………आप बताइए, आपको मेरी कहानी कैसी लगी?. तब तक तुम दोनों आपस में मस्ती करो…फिर दोनों बहनें आपस में एक दूसरे की चूत में हाथ डालने लगी…मैं पाँच मिनट बाद फिर से चोदने आ गया … फिर भाभी को झड़वा कर मीनाक्षी को मस्त चुदाई की. कॉम पर यह मेरी पहली कहानी है। यह कहानी सस्पेंस, थ्रिलर, एक्शन और गर्म कहानी है।तो शुरू करते हैं….