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मैंने कहा- किसका लंड चूस रही हो जान!मौसी ने हंसते हुए कहा- अबे यार, लंड चूसने की फीलिंग तभी आती है, जब वैसी ही आवाज भी निकले … मैं एक खीरा चूस रही हूँ ताकि तुम्हें लंड चुसाई की आवाजें सुनाई दें. क्षक्शक्श वीडियोमैं तो बस ऐसे आंखें बंद करके भाबी की चुदाई के बारे में सोच रहा था जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया था.

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इसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि मैं जब भी सिम्मी भाभी को देखता था तो भाभी भी मुझे उसी पल नोटिस कर लेती थीं कि मैं उनको देख रहा हूं … और मुझे बरबस उनकी खूबसूरत जवानी के दीदार से महरूम हो जाना पड़ता था.अब मैंने फिर से एक बार उनके होंठों में होंठ लगाकर किस करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने इसमें मेरा साथ नहीं दिया.

फिर मैं नहा कर बाहर निकल आयी और उसके सामने ही अपने कपड़े ठीक करने लगी. हिंदी बीएफ देसी गांव की फिर वो कुछ सोच कर बोली- मैंने तुमसे जॉब के लिए कहा था कि मैं दूंगी जॉब.

ये सोच कर कि लोगों को पता चलेगा तो क्या कहेंगे, मैंने फिर से उसे नजरअंदाज कर दिया.

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मैं उसको अपने से अलग करते हुए बोली- दीदी को चोदकर तुम्हें मजा लेना है!वो बोला- आप मेरी बहन थोड़ी ना हो. फिर हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे और लम्बी लम्बी सांसें लेते हुए अपनी आंखें मूंद लीं. और मैं सोच रहा था कि साली की गांड अब भी टाइट थी … क्या इसके शौहर ने कभी इसकी गांड नहीं मारी है.

ये सुनकर दो लोगों का लंड सुम्मी की गांड और चुत में तेजी से चलने लगा. अगले दिन जब वो काम पर आई, तो मैं उस समय उसके बारे में सोचते हुए ब्लू फिल्म देख रहा था. मैं रोमांचित था … और वह भी तो अपनी आंखें बंद करके इस पल का आनन्द ले रही थी.

इससे वो एकदम से तड़प रही थीं- इस्स रवि … अब नहीं रहा जाता आहहा … रवि प्लीज … फक मी. मैं उसका हाथ हटाकर नीचे हुआ और एक चूची को सहलाने लगा हुआ व एक को दबाने लगा. अब मैं उसकी क्लिट रगड़ने लगा!उसके सब्र का बांध टूट गया और लंबी-लंबी आहें भरने लगी- जा…न…क्या कर रहे हो?मैंने उसकी चूत में उंगली डालकर उसे सीधा किया और उसकी चूचियां चूसते हुये उंगलीबाजी तेज कर दी.

तो चलिए इस गर्म माँ चोद कहानी को भानु राय की जुबान से ही सुनकर मजा लेते हैं. फिर हम उस जगह आ गए जहाँ हमारा घूमने का प्रोग्राम था।वो जगह एलिस्टर का फार्म हाउस थी।वहां बहुत बड़ा खेत और वहीं पर एक स्विमिंग पूल भी था और पास में ही एक बड़ी सी झील थी जिसका पानी बहुत ही साफ था।उसके बाद हम आराम करने लगे।वो दिन तो हमारा ऐसे ही निकला.

नीरू की आंखों में आंसू आ गए और वो रोती हुई अपनी चूत में उंगली करके अपने आपको शांत करने लगी.

आगे कुछ देर बाद जब हम दोनों ने करवट ली, तो शहज़ाद मेरे ऊपर आ गया और मैं उसके नीचे हो गई.

वो 23 साल की खूबसूरत लड़की है … उसके होंठ बहुत सुंदर हैं, चूचियां नार्मल हैं … पर गांड ऐसी मस्त उभरी हुई है कि जिसे देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए. अब मुझे तो पता भी नहीं पता लगता कि तेरा लंड चुत के अन्दर गया भी है या नहीं. मैंने उससे कहा कि पिछली बार आप जो कपड़े लाए थे, उसमें एक कपड़ा कम निकला था.

वो मरी सी आवाज में बोली- अब इसे पहले बाहर तो निकालो … मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है अगम … प्लीज इसे एक बार बाहर निकालो. मैंने आशारा को एक दो बार जगाने की कोशिश की पर वो गहरी नींद में चली गई थी. रघु अब भी चौंकी हुई आँखों से शेखर के कमरे के दरवाज़े पर खड़ा होकर सब देख रहा था और कुछ समझने की कोशिश कर रहा था.

मैंने फ़लक को दीवार में लगे शीशे के सामने खड़ा किया और उसके पीछे जाकर उसके दोनों मम्मों को अपने हाथों से पकड़ लिया.

अगर तू चाहेगा कि तेरी वाइफ को सिर्फ तू ही चोदेगा … तो तेरे अलावा उसे कोई और नहीं चोद सकता. मैं उसी के सामने झुक कर तौलिया से अपना सिर पौंछते हुए उसका हाल-चाल पूछने लगी. ऋतु के कमरे पर आया तो देखा वहां उसका एक बेड ही बिछा था, जिस पर चंचल और रुचि एक दूसरे के मम्मों को दबा रही थीं और एक दूसरे के मुँह में उंगली डाल रही थीं.

बस अभी आप मेरे साथ लेटो और सेक्स करने का अगर तुम्हारा मन है, तो मेरे लंड पर बैठ जाओ. एक बोला- मेरी रानी आज पूरी रात हम दोनों मिलकर तेरी चुदाई ही करेंगे. वो बोला- सर, मेरे घर में ऊपर वाले हिस्से में एक रूम खाली है, अगर आपको दिक्कत न हो तो सर आप वहां रुक सकते हैं.

मेरी पिछली कहानी थी:ऑफिस वाली लड़की की हवसजैसा कि आपको पता है कि मैं राजस्थान के सीकर का मूल निवासी हूँ और हाल में जयपुर का निवासी हूँ.

इंडियन कॉलेज गर्ल Xxx कहानी में पढ़ें कि एक लड़की को पड़ोसी लड़के के कमरे में पोर्न फोटो मिली. सविता भाभी के साथ खेलिए क्रिकेट का खेल!सविता भाभी वीकएंड में भी पति के घर में ना रहने के कारण काफी बोर महसूस कर रही थीं किसी काम में मन नहीं लग रहा था।इस समय वो सिर्फ एक पेटीकोट और काफी खुले गले का ब्लाउज पहने थी.

हिंदी बीएफ देसी गांव की लेकिन अब जिस तरह मेरी बेटी जवान होते ही एकदम खिल गयी थी, उससे मुझे लगने लगा था कि अब तो इसके चुदने के दिन आ गए हैं. मानस के हाथ अब सोनम की चूचियां उसकी ड्रेस के ऊपर से ही मसल रहे थे और सोनम के हाथ मानस के बालों में घुस चुके थे.

हिंदी बीएफ देसी गांव की मयंक ने धीरे से लंड को गांड के अन्दर से आधा बाहर खींचा और फिर अन्दर घुसा दिया. मेरे कुछ ना कहने पर उसने बड़े प्यार से मेरी टी-शर्ट उतारी और मेरे दोनों निप्पलों को बारी बारी से चूसने लगा.

ऐसे कपड़े वो डेली पहनती थी, पर आज मुझे इसमें भी वो माल लग रही थी और मैं उसे ही देखे जा रहा था.

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एक दिन हम मंडी में सामान लेने गये थे तो वहां मेरा पैर डगमगाया और समीर ने मुझे संभालते हुए मेरी चूची को दबा दिया. अब दोनों ही एक-दूसरे को पागलों की तरह चोदने लगे थे।पिंकी की गांड में कसावट बढ़ी और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया. दोपहर में उसने जो धारा से बात की थी उसके बारे में ललित को कैसे पता?या फिर धारा ने दोपहर की सारी बात ललित से बता दी हो ऐसा भी हो सकता है.

मैं कभी भाभी की चुत की दोनों फांकों पर जीभ फिरा रहा था तो कभी चुत के दाने को होंठों से पकड़ कर खींचता, तो कभी जीभ की नोक से उसे छेड़ता. चाची ने उसी प्रकार अपने घुटने मोड़कर चूत और चूतड़ों को थोड़ा सा ऊपर उठा दिया. अब धारा की पीठ शेखर के सीने से और विशाल नितम्ब शेखर के लंड से चिपक गए.

चाची उठी और दूसरे कमरे में जाकर एक गद्दा लाई और उसे कमरे में जाली के दरवाजे के आगे बिछा दिया.

उसने मेरी मॉम की चूत कैसे मारी?दोस्तो, काफी दिन हो गए थे, लॉकडाउन के बाद पहली बार दोस्त के साथ मैं अपने घर आया था. वो तो थोड़ी देर में ही झड़ गईं क्योंकि वो मेरी और ताई की चुत चटाई देख कर पहले से ही चूने लगी थीं. उसने लिखा- कोई बात नहीं … लेकिन आपको मेरे यहां पर कम से कम 3 दिन 4 रातें रुकना होगा.

उसने मुझे लिटाया और फिर मेरे दोनों पैर पकड़ कर मुझे हवा में उल्टा लटका दिया. काफी मजा आएगा।ऋतु- पहली बात तो मुझे वाइस प्रेसिडेंट या प्रेसिडेंट या कुछ भी बनने में कोई रुचि नहीं है. फिर रात को जब सब सोने जा रहे थे तो अवनि ने मुझे एक पर्ची पकड़ा दी, जिसमें उसका नंबर और 20 मिनट बाद कॉल करने के लिए लिखा था.

वो उससे कुछ फुसफुसाकर बोल रही थीं कि तभी मैं भी पीछे से उठ कर उनके कमरे में जाने लगा था. मैंने शन्नो रंडी को बोला- साली तुझे लंड से चुदने का बहुत चस्का है?वो बोली- हां लंड मुझे बहुत पसंद हैं और मैं हमेशा सोचती थी कि मेरी चूत गांड में ऐसा लंड कब जाएगा.

बोलिए मिलेंगे मुझसे?”अंधा क्या माँगे … दो आँखें!!ये सब पढ़कर शेखर की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, उसकी आँखें चमकने लगीं और शरीर के हर अंग में खून का दौरा बढ़ गया. कुछ देर बाद मां कपड़े पहन कर बाहर आ गईं और मुझे देख कर बोलीं- हो गया तेरा?मैंने कहा- हां. आपकी सबीना[emailprotected]कहानी का अगला भाग:बेटी के यार के लंड से चुदाई की लालसा- 5.

सच में बड़े गज़ब का स्वाद था शहज़ाद के लौड़े का … और इतना बड़ा और मोटा लंड को अपने मुँह में लेकर मैं खुद को बड़ी किस्मत वाली समझ रही थी.

तभी विजय का बाप नामदेव उन दोनों के नजदीक आ गया और दोनों को एक साथ किस करने लगा. मैं अपना थूक आंटी के मुँह में जाने लगा था और उनका रस मेरा मुँह में. उस समय भाभी को देख कर किसी का भी मन बेईमान हो जाए और लंड खड़ा हो जाए.

कोई मेरी मटकती गांड ताड़ रहा था तो कोई कमर और कोई मेरी छाती का उभार देख रहा था. वहां पहुंच कर मैंने अपनी शाल जैसे उतारी तो शहज़ाद मेरी चूचियों को देख कर बोला- कसम से … आज आप एकदम कयामत लग रही हो.

मैंने उनको गुस्से से देखा तो वे मुस्कुरा दिए और मुझे अंदर आने को बोला. मैं उसका हाथ हटाकर नीचे हुआ और एक चूची को सहलाने लगा हुआ व एक को दबाने लगा. मैंने कैसे उसे उत्तेजित करके चुदाई के लिए तैयार किया?प्रिय पाठको,आपने मेरी पिछली कहानीमौसी की जेठानी को दिखाकर मौसी को चोदामें अब तक आपने पढ़ा किनीतू को हमारे सम्बन्धों से कोई ऐतराज नहीं था इसलिए मैं रूपाली को उसके कमरे में चोद रहा था.

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अब रुचि पास आ गयी, उसने मेरे होंठों पर किस किया और लंड को हिलाने लगी.

मैंने भी फरियाल से कहा- जान मेरा भी निकलने वाला है … कहां लोगी?फरियाल बोली- आह … तुम मेरी चूत में ही निकाल दो और मेरी चूत की प्यास मिटा दो. इस वजह से उनसे चुदाई से मेरी चुत शांत ही नहीं हो पाती थी और मेरी गर्मी निकल ही नहीं पाती थी. मैंने शीना की कुंवारी बुर कैसे फाड़ी, मैं आप को अपनी हॉट मॉम सेक्स वीडियो कहानी के अगले भाग में बताऊंगा।[emailprotected]हॉट मॉम सेक्स कहानी का अगला भाग:माशूका की जवान बेटी की चुदाई- 3.

मैं पहले ना ना करती रही लेकिन मेरा मन भी अंदर से अनिकेत के खड़े लंड को पाने के लिए बेताब था. खैर … अब मुझे बस ये देखना था कि भाभी का तब क्या रिऐक्शन होगा, जब उन्हें थैले में कंडोम का पैकेट मिलेगा. हिंदी मेंxxxमैंने अपने दोस्त की मां को कसके अपनी बांहों में भर लिया और उनके नर्म नर्म होंठों को चूसना शुरू कर दिया.

अपनी शर्ट को उतारा … तो भाभी ने मेरे सीने पर किस किया और कहा- तुम तो बहुत स्मार्ट हो. धीरे धीरे मेरी उनसे जान पहचान बढ़ी और हमारी फैमिली एक दूसरे में काफ़ी घुल-मिल गए.

दीपा बोली- ये किसलिए?तो रीमा बोली- कुछ मत पूछिये, सब बता देंगे।रीमा ने बेग से निकाल कर दो डिस्पोसबेल बेड शीट भी वहीं रख दीं।टोनी बोला- अब शुरू करते हैं।सबसे पहले मनीष और शिखा आए तो टोनी ने उन्हें डिस्पोसेबल अंडरगार्मेंट्स दिये और कहा कि इन्हें पहन लीजिये, लेट जाइए।पर मनीष और शिखा तो अपने कपड़े उतार के केवल तौलिया लपेट के आ गए. बताइए कब और कहाँ मिल सकता हूँ आपसे?इतना लिखकर शेखर धारा के जवाब का इंतज़ार करने लगा और इसी बीच रघु से चाय मँगवा कर पीने लगा. मैंने अपनी पूरी जीभ उनके मुँह डाल दी और वो कुतिया की तरह चूसने लगीं.

मैंने कहा- भाभी शटर की आवाज से अम्मा को खबर नहीं लगेगी क्या?भाभी बोलीं- वो सब तुम मुझ पर छोड़ दो. मैंने उससे झट से बोल दिया- यार, यही सब बार बार करने में मज़ा नहीं आ रहा है. ये करते वक्त प्रिया बहुत खुश हो गई थी और उसी के साथ प्रियंका भी मस्त हो गई थी.

अब प्रिया को एक कमरे में बंद कर दिया और बाकी लोग फिर से अपनी अपनी चुत पकड़ कर चुदाई में लग गए.

मैंने भी आशारा को बांहों में कसते हुए कहा- तुम जब कहो आशारा, मैं हाजिर हो जाऊंगा. फिर जब मुझे लगा कि मेरा रस निकलने वाला है तो मैंने उन तीनों को खड़ा कर दिया और तीनों के चेहरे पर लंड से वीर्य की पिचकारियां मारनी शुरू कर दीं.

चाची- राजू, प्लीज थोड़ा रुक जाओ, जल्दबाजी में मज़ा नहीं आएगा, मैं खुद भी मजा लूँगी और तुम्हें भी दूँगी, अभी छोड़ो. अह्ह की सिसकारी निकलती।अपनी एक उंगली रूपाली उसकी चूत के अंदर डालती और बाहर निकाल लेती।थोड़ी देर में नीतू की चूत पनिया गई और चूतरस उसकी चूत से टपकने लगा।रूपाली ने अपनी जीभ उसकी चूत के दाने पर रख दी।दाने पर जीभ पड़ते ही नीतू ने रूपाली के सर को पूरी ताकत से अपनी चूत के ऊपर दबा लिया. मैंने कहा- आपकी कोई रिश्तेदार नहीं है, जो बिल्कुल आपकी तरह हो दिखने में!मोना भाभी बोलीं- हां है तो एक.

भैया से हाथ मिलाया तभी भाभी ने भी अपना हाथ बढ़ा दिया, तो मैंने भाभी से भी हाथ मिलाया. मौसी- अब मैंने तेरे लंड की गोटियों को सहलाना शुरू कर दिया, तो तेरा लंड मुझे देख कर ऐसे गुर्राने लगा … जैसे मैंने उसकी बात ही नहीं सुनी हो. क्योंकि सच कहूँ तो चंचल और ऋतु को तो मैं कई बार चोद चुका था पर रुचि को मैं पहली बार चोदने वाला था.

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उसके शरीर का रोमांचक कम्पन भी मैं महसूस कर रहा था और मेरी तो दशा खराब थी ही. स्नेहा ने फिर शरारत से मुस्कुराते हुए पूछा- मॉम ने डैड के मुँह मूत दिया क्या?नेहा- वो मूत नहीं था छुटकी … उनके गर्म भोसड़े की ताजी ताजी मलाई थी, जो डैड पूरी कि पूरी चाट गए थे. हमें देख कर उन्होंने एक मजदूर को बोल कर एक खटिया मंगाई और हमको बैठने का कह कर अपने काम में लग गए.

उसने ऑफ़िस में फ़ोन करके अपनी तबियत का हवाला देकर ऑफ़िस से छुट्टी ले ली।आज शेखर का मन कल से ज़्यादा बेचैन था, कल रात धारा का अचानक ऑफ़लाईन हो जाना उसे पच नहीं रहा था. मसाज करते करते मैंने देखा कि उसकी चूत के बिल्कुल पास में एक छोटा सा काला तिल है. ढोंगी बाबा सेक्सी वीडियोमैंने एक दो बार दोबारा कॉल करके देखने का प्रयास किया लेकिन रोहन ने कॉल का उत्तर नहीं दिया।कुछ देर बाद फिर से रोहन का मैसेज मिला- कैसा लगा राज जी?मैं- सुंदर जिस्म है नेहा का.

फिर मेरी गीली और गर्म चूत में अपनी जीभ घुसा घुसा कर मेरी चुत चाटने लगा.

उनके चेहरे पर एक सुकून था जो उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहा था. जब मुझे लगा कि लंड तैयार है, तब मैंने ऋतु को लेटने को कहा और उसकी दोनों टांगों को पकड़ कर अपने कंधों पर रख लिया.

दोस्त की बीवी की चुदाई कहानी के पिछले भागमेरे सेक्सी जिस्म को मिले दो और लंडमें अब तक आपने पढ़ा था कि मेरे पति अमित के दो दोस्त राजेश और प्रशांत मेरी चुदाई के लिए मुझे पटाने में लगे थे. उसके बाद निखिल ने 20-25 जोरदार धक्के मारे और वो मेरी मम्मी के अन्दर ही स्खलित हो गया. मेरे पिता जी की नशे की आदत और हॉस्पिटल के खर्चे की वजह से हमारे ऊपर थोड़ा कर्जा भी हो गया था.

जहां भी मौका मिलता, हम दोनों किस कर लेते और मैं उसके बूब्स दबा देता.

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सेक्सी देवर भाभी केवो मेरी चुत में उंगली भी कर रहा था जिससे मैं और भी ज्यादा मजे में अपनी गांड मरवा रही थी. जैसे ही उन्होंने मेरा लौड़ा हाथ में लिया और थोड़ी देर हिलाया, तो वो अपने असली रूप में आ गया और एक गर्म रॉड की तरह बिल्कुल सीधा लम्बा और मोटा हो गया.

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उसने पूरा दरवाजा खोल के अपनी जिंदगी में पहली बार किसी पुरुष टॉयलेट में प्रवेश किया था. मैंने पहले थोड़ी ना नुकुर की, फिर अंत में हां कह दी और पूछा कि मुझे एड्रेस भेज दो, मैं वहां आता हूँ. क्योंकि ये सच था कि उनका सेक्स करने का मन नहीं था लेकिन उन्होंने पैसे लिए थे, तो अपना काम भी अधूरा नहीं छोड़ सकती थीं.

वो बिकिनी उतार कर नाईटी पहनते हुए बोली- अच्छा एक बात तो बता?स्नेहा- कौन सी बात मेरी चुद्दो?ज्योति- तूने अपनी लाईफ में कुल कितनी चूतें देखी होंगी?स्नेहा- ज्यादा नहीं. तू यहाँ क्या कर रही है?मैंने बोला- अरे, मेरे फोन की बैटरी डाउन हो गयी तो चार्जिंग पे लगाने आई थी।भाभी ने बोला- मेरी ब्लाउज़ की डोरी बांध दियो. मैंने प्रभा की पुस्तक आदि से भरा थैला पकड़ा और कक्षा से बाहर निकल आया.

काफ़ी देर तक धारा का कोई जवाब नहीं आने से शेखर एक मिश्रित से मनोभाव लेकर बिस्तर से उठा और अपनी बालकनी में टहलने लगा. उसने पूछा- कहां पर?मैंने गांड की तरफ इशारा किया तो वो बोला कि उधर दवाई लगानी पड़ेगी. इतने में भाभी ने अपने शरीर को अकड़ा दिया और एक फुट ऊंची गांड उठाने लगीं.

शेखर का लंड जो अब तक अकड़ कर किसी स्टील की रॉड की शक्ल ले चुका था वो धारा के विशाल नितम्बों को कुरेदने लगा था. नीचे भाभी की चुत एकदम चिकनी थी, शायद उन्होंने शाम को ही चुत की झांटें साफ की थीं.

उसकी बीवी के बूब्स और गांड देखकर मेरा लौड़ा उसकी चुदाई मांगने लगा पर मैंने अपने पर काबू रखा और सिर्फ दोस्त की बहन की चूत गांड मार कर काम चलाया.

जैसे ही लंड को आजादी मिली, वो एकदम से झटके देता हुआ सीधा खड़ा हो गया और भाबी को सलाम करने लगा. செக்ஸ்படம் குத்து படம்तब उन्होंने जिस उंगली को चूत में डाला था … उसे मुँह में लेकर चूसने लगीं. मारवाड़ी चूत चुदाईमैंने उन्हें गले से चूमते हुए उनके चुचे पीने लगा और उनके निप्पल को दांत से दबाते हुए जीभ को चारों ओर घुमाने लगा. जब कहीं से कुछ मदद नहीं मिली, तो मेरे बड़े चाचा सामने आए और मम्मी से बोले कि भाभी आप अपना हिस्सा मुझे बेच दो और पैसे लेकर कहीं और चले जाओ.

शन्नो बोली- आह राज चोदो मुझे … और चोदो … मुझे रोज लंड से चुदाई का सपना आता था.

एक बार मैंने भी अपनी निगाह उठा कर उसकी आंखों में देख लिया तो उसने जल्दी से पानी निकाला और पीने लगा. उससे बातचीत करके, मेडिकल हिस्ट्री समझकर मैं उसे चेकअप के लिए अन्दर ले गया. जब मैं साड़ी पहनती हूँ तो ब्लाउज में से मेरी चूचियों की घाटी एकदम अलग सी दिखती है.

दस मिनट बाद वो बाथरूम से बाहर आई तो उसने पीले कलर की बेबी डॉल पहन रखी थी. क्यों चिराग तुम क्या कहते हो?चिराग ने आइसक्रीम खाते हुए कहा- जैसा आप लोग कहो, मुझे कोई ऐतराज नहीं. तमन्ना- अले…ले…ले रूठ गये! देखो कितने क्यूट लग रहे हो रूठे हुये!मैं- तन्नू! छोड़ो दर्द हो रहा है!उसने गाल छोड़कर मेरे होंठों पर होंठ रख लिये और मेरे चेहरे को हाथों में लेकर किस करने लगी.

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फिर मैंने उनको नीचे किया और ऊपर से लंड पेल कर चुदाई की स्पीड तेज कर दी. जैसे ही अपनी जीभ उनके गीली चूत पर रखी, तभी भाभी ने एक लंबी आह भरी और मचल गईं. कुछ देर बाद आसन बदला और अब शन्नो मेरे लौड़े पर सवार होकर सरपट भाग रही थी.

आप लोगों में से बहुत लोगों ने पूछा कि मेरा बेटा कैसा है और कहां है.

जैसे ही उसके नंगे सीने पर मेरी चुचियों की नोक गड़ी और जब मैं उससे एकदम से चिपक गई, तो उसका लंड भी हिलने लगा.

अपना घर, दो दो गाड़ियां, घर में हर सुख सुविधा का सामान! और मैंने तो हमेशा यही महसूस किया कि पापा मम्मी को बहुत प्यार करते हैं. मैं धीरे से अपना हाथ नीचे ले गया और जैसे ही चाची अपने छेद को मेरे टोपे के पास लाई, मैंने मेरे फूले हुए टोपे को चाची की चूत में फँसा दिया. सेक्सी चुदाई फिल्मऔर फिर फोन काट दिया।मैंने पूछा- किसका ध्यान रखने की बात हो रही है?उसके मुंह से एकदम से निकला- तुम्हारा।मैं एकदम से चौंक गयी और बोली- मतलब?फिर अजय बोला- अरे कुछ नहीं … घर वालों का फोन था, वो बोल रहे थे कि रात में गाड़ी ध्यान से चलाना।मैंने कहा- ओह, अच्छा अच्छा!बीच बीच में मैं और अजय छुटपुट मज़ाक भी कर रहे थे.

भाभी के पेटीकोट और पैंटी के अन्दर हाथ डालकर अब मेरा हाथ उनकी चूत पर आ गया था. वो नंगे ही मेरे ऊपर चढ़ गए और अपने घुटनों से उन्होंने मेरी जांघें चौड़ी कर दीं।फिर उन्होंने अपना लंड मेरी चूत पर रखा और कहा- शबनम, बहनचोद! लंड घुसवाने के लिए तैयार हो जा रंडी।मैं बोली- जेठ जी प्लीज धीरे धीरे घुसाना. पब्लिक सेक्स सिस्टम की कहानी में पढ़ें कि एक नगर में खुली चुदाई का रिवाज था.

फिल्म खत्म हुई, हमने रेस्टोरेंट में खाया पिया और मैंने उसको चौराहे पर ड्राप करने को कहा. साथ ही यह भी कह दिया कि उसने अभी लंच नहीं किया है।बहरहाल लंच साथ में ही करना था तो डॉक्टर साहब ने लंच का ऑर्डर कर दिया।नीना के पहुंचने के 10 मिनट के भीतर लंच भी हाजिर हो गया।हालांकि डॉक्टर साहब तो समझ ही रहे थे कि नीना लंच करने तो आई नहीं है; वह तो अपनी चूत की खुजली मिटाना चाहती है; लंच तो बहाना था.

मैं इससे और भी ज़्यादा तड़प उठी और मैंने उसका कड़क लंड उसकी पैंट के ऊपर से ही पकड़ लिया.

इस पोर्न भाभी हिन्दी कहानी के सभी पात्र काल्पनिक हैं लेकिन कहानी हकीकत है. आह … उसके बोबे ऐसे तने हुए दिख रहे थे … जैसे अब तक किसी ने छुए ही नहीं हों. उधर स्टेज के सामने बने अजय के कमरे में प्रिया भी नंगी हो गई थी, लेकिन लोग उसको चोद नहीं सकते थे.

सेक्सी पिक्चर हिंदी में नंगी फिर जब लंड मिले तो पूरे नगर के हरेक लंड से उसे चुदाई के लिए लेटना पड़े. बड़ी देर तक दोनों ने एक दूसरे की जीभ चूस चूस कर एक दूसरे की थूक को भी चाट लिया.

मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको मेरी ये पहली सेक्स कहानी पसन्द आएगी और पसंद आने पर आप सराहना भी करेंगे. थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझसे पूछा कि मज़ा आ रहा है!मैंने हां में सर हिला दिया. अवनि की गहरी नाभि में मैंने अपनी एक उंगली घुमाई और जीभ की नोक से नाभि को चाटा तो वो सिहर गयी.

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चाची ने मुझे बेड पर बैठा दिया और मेरी टाँगों के बीच खड़ी हो कर ऊपर से चुन्नी ढीली कर दी जिससे उनकी चूचियाँ बाहर आ गई. मैंने भी मौके की नजाकत देखते हुए उसके सीने पर चूमते हुए उससे दोबारा पूछा- बेबी राहुल से चुद रही हो न?अभी इतने दिनों तक पति से दूर नेहा बिना चुदे बेबस सी चुदने को आतुर थी. वहां से एक ज्यादा खूबसूरत तो नहीं, लेकिन बहुत ही अच्छे फिगर की मालकिन एक बंजारन लड़की अपने कबीले के साथ ट्रेन में चढ़ गई.

एक रात में मामा जी ने मेरे कच्छी को नीचे कर दिया और अपना लंड मेरी जांघों के बीच डाल कर अपनी प्यास बुझाने लगे थे. फिर आंटी ने मुझसे पूछा- आजकल तू घर पर अकेला रहता है क्या … तुझे रात को डर नहीं लगता?मैंने कहा- आंटी मैं अब बड़ा हो गया हूँ.

मेरे ऐसा बोलते ही मेरी भाभी सामने आ गईं और बोलीं- लो … तो अभी पी लो … मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

वो मेरे कंधों को बहुत अच्छे से दबाने लगी और फिर मुझे सीधा लेटाकर मेरे लंड पर अपना शरारती हाथ फेरने लगी. हमारी मेहनत का परिणाम भी बहुत जल्दी आ गया और हम दोनों बड़े अच्छे अंकों से पास हो गए. वो टीवी को जल्दी से बंद भी नहीं कर रही थीं क्योंकि मैं वही देख रहा था और मेरा लंड खड़ा हो गया था.

थोड़ी देर में लकी गहरी नींद में सो गया … मगर मैं लंड सहलाते हुए लकी की गांड मारने कि सोचता रहा. उसने मेरा नाप लेने के लिए मेरे ऊपरी शरीर को छुआ, तो पता नहीं कैसे … मैं उसके छूने भर से गीली हो गयी. इतना सा कह कर दीदी ने कॉल काट दी और मुझे एक फ्लैट का पता बताया, जहां उन्होंने चलने के लिए बोला.

मैंने तुरन्त ब्लाउज के ऊपर से उनका एक निप्पल पकड़ लिया और मींजने लगा.

हिंदी बीएफ देसी गांव की: थोड़ी देर बाद फिर मुझे अहसास हुआ कि फिर कोई मेरे लंड के साथ खेल रहा है. ललित को इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि मेरे मन में क्या चल रहा है या फिर मैं क्या चाहती हूँ!शायद ये पहला मौक़ा है जब मैं किसी से ये सारी बातें शेयर कर रही हूँ.

लगभग 30 सेकंड बाद उसके मुंह से गर्म-गर्म लावा मेरे मुंह के अंदर गया. उसने भी मेरे लोवर में हाथ डालकर लंड को बाहर निकाल लिया और सहलाने लगी. अब मैं फरियाल को पूरी ताकत से चोद रहा था और वो हवा में टांगें उठाए लंड का मजा ले रही थी.

प्रिया अपनी चुत में गगन का लंड ले रही थी और रोमा गगन के मुँह पर बैठ कर अपनी चुत उससे चटवा रही थी.

ये देख कर मेरे अन्दर और जोश आ गया और मैंने आंटी का चेहरा पकड़ कर अपना पूरा लंड उसके गले तक उतार दिया. ” कंपकपाती हुई आवाज़ में उन्होंने आज्ञा देने के भाव से मुझसे विनती की. वो ये कहते हुए अपना जिस्म ऐंठने लगी और उसी वक्त उसने कमर ऊपर उठाते हुए अपनी चुत से पानी छोड़ दिया.