जबरदस्त बीएफ सेक्स

छवि स्रोत,सील पैक बीपी

तस्वीर का शीर्षक ,

बीएफ दिखाइए सेक्स बीएफ: जबरदस्त बीएफ सेक्स, भाभी बोली- तू कितनी देर से अंदर है?मैंने कहा- यही कोई एक घंटे से।अब तो भाभी को शक हो गया कि कहीं शायद मैंने उनको नंगी तो नहीं देख लिया हो.

बिल्ली वाला गेम दीजिए

मैंने न्यूजपेपर हटा कर पूछा- क्या बात है भाभी, आप वहां फर्श पर क्या कर रही हो?भाभी घबरा कर बोली- कुछ नहीं. महावर लगाने की डिजाइनचाची ने अपनी आंखें बन्द कर लीं और अपने हाथ को ताऊ जी के लुंगी के अन्दर डाल दिया.

लेकिन मैं भी बहुत हरामी था, मैं वहां छोड़कर उसके स्तनों पर आ गया और वहां हलचल शुरु कर दी. चुदाई का सीन दिखाओसुमन भाभी हंस कर कहने लगीं- अगर तुम्हें कोई दिक्कत ना हो, तो क्या तुम मेरे पांव दबा सकते हो?मैं- अरे इसमें दिक्कत की क्या बात है भाभी … मैं आपके पैर ज़रूर दबा सकता हूँ.

एक तरफ तो लंड ज्योति के मुंह में था और ऊपर से उसकी चुसाई भी वो जोरदार तरीके से कर रही थी.जबरदस्त बीएफ सेक्स: उस भाभी ने मुझे जिगोलो बना दिया था, लेकिन मैंने कभी किसी से पैसे नहीं लिए थे.

मुझको भी समझ आ गया कि वह औरत शायद इस तरह की नहीं हो, इसलिए मैंने भी और कोशिश करना जरूरी नहीं समझा.अब एक दिन मैं मौसी की चूत चोदता और फिर दूसरे दिन मानसी मेरे कमरे में आकर मुझसे चूत और गांड चुदवाने पहुंच जाती थी.

लिपस्टिक कैसे बनाई जाती है - जबरदस्त बीएफ सेक्स

आह … ओह्ह … आह्ह … करते हुए मैंने सारा का सारा वीर्य मौसी की चूत में खाली कर दिया.अब्बू अम्मी के पास तो थे नहीं … तो वो कहाँ हैं?मुझे ख्याल आया कि मेरी बीवी और मेरी अम्मी ने अपना रूम चेंज कर लिया था जो अब्बू को पता नहीं था।कहीं अब्बू अपने पहले रूम में तो नहीं चले गये?अब मेरी हवा सरकी.

उसमें भी वो अच्छे से इस बुर की आग ही शांत नहीं कर पाता, तो गांड क्या खाक मारेगा मादरचोद. जबरदस्त बीएफ सेक्स अब मैं उनकी चुत चाटने लगा था और मैं एक बार पैन्ट में झड़ भी चुका था.

दीक्षा से पहले से मेरा परिचय तो नहीं था, पर भाभी ने हमारा परिचय कराया और एक घर में होने के कारण हमारे बीच बातें होने लगीं.

जबरदस्त बीएफ सेक्स?

वह मेरी लोअर पर अपने मुंह को ले गई और मेरे तने हुए लौड़े पर अपनी नाक को रख कर उसको अपनी नाक से रगड़ने लगी. आपने मेरी 2 साल पुरानी एक कहानी पढ़ी होगीऑनलाइन लड़की को पटा कर रूम पर चोदायह कहानी उसी लड़की के बारे में है जिसको मैंने दुबारा चोदा, कब और कैसे चोदा, इस कहानी में पढ़ें और मजा लें।जो लोग नए हैं उनको मैं अपने बारे में बता दूँ।मेरा नाम जॉर्डन चौधरी है, मैं इस टाइम राजस्थान में रहता हूँ। मेरी उम्र 27 साल है, मेरी बॉडी एवरेज है यानि देसी बॉडी है। मेरे लण्ड का साइज 7. मैंने अपने आप को संभाला और कहा- फिर मेजबान और मेहमान दोनों तैयार हैं तो शुरू करें पार्टी?उसने कहा- यहाँ नहीं।फिर कहाँ, कहीं और चलना है क्या?” मैंने पूछा.

चूंकि मेरा दिमाग अब फोन की स्क्रीन पर मैसेज पढ़ने में व्यस्त हो गया था इसलिए शारीरिक गतिविधियों की तरफ इतना ध्यान नहीं जा रहा था. उसने कहा- तुम्हारी कोई जीएफ़ है क्या?मैंने कहा- होती तो क्या तुम साथ मेरे होती?उसने एकदम से मुझे ‘आई लव यू …’ बोला. नींद खुलने के बाद जल्दी से उसने अलमारी से निकालकर पैन्टी-ब्रा, पेटीकोट ब्लाउज और साड़ी पहनी.

मैंने उनकी तरफ हैरत से देखा, तो वो रोते रोते हल्की सी मुस्कुरा दीं. अपना एक भी कपड़ा नहीं उतारा?तो मैंने भाभी की तरफ इशारा किया कि ये तो आपका काम है. उसके होंठों को काटने लगा, जिससे ज़ायरा और भी उत्तेजित होती जा रही थी.

मैंने आंटी की झुमरी तलैया, जन्नत के द्वार के ऊपर की कच्छी को अपने मुँह से पकड़ा और नीचे खींचते हुए आंटी को भी पूरा नंगा कर दिया. मेरे इस हरकत से श्वेता मैडम जोश में आ गईं और बड़ी बड़ी सिसकारियां भरने लगीं.

नम्रता ने अपनी टांग को मेरी कमर पर रख कर मुझसे और कस कर चिपकने लगी.

मैं 6 महीने से प्यासी हूँ और अपनी प्यासी चूत को लेकर बैठी रहती हूं.

बुक्स उठाती हूं तो पढ़ने में मन लगता ही नहीं है, किताब में क्या लिखा हैवो दिमाग में घुसता ही नहीं है बल्कि दिमाग बुर की तरफ डाइवर्ट हो जाता है. रोते रोते मेरी हिचकी बंध गयी थी और अंकल जी लगातार मुझे प्यार से समझाए जा रहे थे- सोनम बेटा, बस अब चुप हो जा!अंकल जी मेरा गाल चूम कर बोले उनका लण्ड मेरी चूत में किसी कांटे की तरह घुसा हुआ दर्द भरी चुभन दे रहा था. फिर दोपहर बाद परीशा घर आ गयी और मुकुल भी बहाने से छुट्टी लेकर आ गया.

फिर दीक्षा की पढ़ाई आरम्भ हो चुकी थी, तो वो लखनऊ अपने हॉस्टल में चली गयी, मैं भी दिल्ली आ गया. जल्दी ही मेरे लंड ने मेरी बहन की कमसिन जवानी के सामने ख्यालों में ही घुटने टेक दिये. चूंकि वो दिल्ली में है और मैं जयपुर में इसलिए ज्यादा चुदाई हो नहीं पाती है लेकिन जब भी होती है मैं उसकी चूत की प्यास मस्त तरीके से बुझाता हूँ.

मैं उससे बात करना चाहती थी। वह काफी हैंडसम और इंटेलीजेंट लड़का था। मैंने उसे देखते ही सोच लिया था कि चुदना तो इसी से है।एक दिन मैडम ने उसको कुछ काम बताया और मैडम ने कहा कि सब छात्रों को भी बता दे और कह दे कि कल याद करके और लिख कर भी लाना है.

इससे पहले कि मैं इस कहानी में आगे बढूँ, मैं आप सभी को सीमा भाबी के बारे में बताना चाहूँगा. फिर मैंने अपनी लोअर और अंडरवियर एक साथ नीचे कर दिये और अपना लंड भाभी के हाथ में दे दिया. अब वह खुद भी नंगा हो जाता था और अपना लंड मेरे हाथ में थामकर मुझे कहता था- इसे सहलाओ.

आई मम्मी रे … मर गयी … मैं!” मेरे मुंह से चीत्कार निकली जिसे दबाने का उन्होंने कोई प्रयास नहीं किया. पहले पहल दर्द होता था पर चिकनाई के कारण मुझे उसकी उंगली से गांड मरवाने में मजा आने लगा. मैंने अपने आपको इतना पीछे की तरफ खींचा कि सुपारा भर उसकी सुराख में फंसा रहा.

अब उन्होंने मेरी मां को स्पूनिंग पोज में चोदना शुरू किया मगर उन्हें इसमें ज्यादा मजा नहीं आया, तो उन्होंने मेरी मां को कुतिया बनाया और चोदने लगे।यहां मेरी मां की चूत पानी छोड़ने लगी जिस वजह से शॉट की आवाज बदल गई।अब रमेश अंकल बड़े शॉट मारने लगे.

मैं यहां आप लोगों को अपने बारे में बता दूँ कि मैं दिखने में बहुत ही औसत टाइप का लड़का हूँ और मेरा रंग भी थोड़ा सा सांवला टाइप का है. अब मैं उसके भीगे बदन से खेल रहा था, कभी उसके बूब्स दबाता कभी उन्हें काट देता और वो खड़े खड़े अपनी गर्दन को पीठ की तरफ झुका कर सिसकारी लेती ‘सीईई ईए ईईई ईईईई आहह!फिर मैंने अपना हाथ उसकी पैंटी में डाल दिया जिससेमेरी उंगली गीली हो गयी और मैं उसकी चुत में उंगली करने लगा.

जबरदस्त बीएफ सेक्स क्योंकि आपको तो मालूम ही है कि हरियाणा के जाटों की छोरियां बहुत सुन्दर होती हैं. अब ऊपर के ऑफिस में सिर्फ हम दोनों ही थे ज्योति टीचर और मैं … उस दिन उन्होंने पिंक साड़ी और ब्लैक ब्लाउज साथ में शायद ब्लैक ही ब्रा पहनी थी.

जबरदस्त बीएफ सेक्स क्या आप हमारी मदद करेंगे?रश्मि ने मुझे कुछ भी बोलने से मना किया हुआ था, लेकिन अब मेरे मन में कुछ और ही चल रहा था. ”पत्नी को कह दिया कि ‘सुन डालो’ लेकिन मुझे अब नींद नहीं आ रही थी, मैं देखना चाहता था कि मोहतरमा हैं कौन? मैंने यदा-कदा आते जाते उस फ्लैट पर नजर रखनी शुरू की.

मैंने और तेजी से लंड को मसला और मेरे बदन में करंट के झटके के समान लहर सी दौड़ी और लंड ने बंदूक की गोली की गति के समान वीर्य का शॉट बाहर फेंक दिया जो पता नहीं ऊपर हवा में उछल कर कहां पर जाकर गिरा … और फिर पिचकारी दर पिचकारी लंड से वीर्य के रूप में उसका लावा बाहर आने लगा.

भोजपुरी सेक्सी गाने भोजपुरी सेक्सी गाने

अब नम्रता अपने दाहिने मम्मे के निप्पल को चुटकी से मसलने लगी और बीच-बीच में नाखून भी चलाती. ऐसा करते करते मैंने उसके दोनों दूधों को पकड़ लिया और उनसे खेलने लगा. मैंने अपना बायां हाथ थोड़ा सा और पेटीकोट के अंदर घुसाया, तत्काल मेरी उंगलियां जाली जैसी संरचना से टकराई.

वो कभी कभी अपना लंड मेरे मुंह में अन्दर बाहर भी कर रहा था और हम दोनों बीच बीच में कभी कभी एक दूसरे को किस भी कर रहे थे. वह मेरे सामने नीले कलर की चड्डी में खड़ा था और मुझे पागलों की तरह किस कर रहा था. अब खुल्लम खुल्ला लंड चूत चुदाई जैसे शब्द माहौल की कामुकता को खोलने लगे थे.

उसके पति से उसका पूरा नहीं होता क्या, जो अब वो तेरे लंड के पीछे पड़ी है?भाबी के इस तरह के शब्द सुन कर मेरे लंड में हलचल होने शुरू हो गई और लंड धीरे धीरे भाबी के सामने निक्कर में ही टेंट बनाने लगा जिसको भाबी ने भी नोटिस कर लिया.

मैं तो चूचियों से मजा ले रहा था और वो बार बार अपने चूतड़ पीछे खिसकाकर चूत को लण्ड से छुआना चाहती थी. डर और आशंका के मारे मेरा बुरा हाल था जैसे किसी पेशेंट को ऑपरेशन थिएटर में जाने के पहले होता है. क्या मस्त नजारा था दोस्तो … चाची के भरे हुए मम्मे देख कर मेरे तो होश ही उड़ गए थे.

एक दिन शिशिर ने मुझसे मेरा मोबाइल नंबर माँगा, तो मैंने उनको दे दिया और अब हम दोनों की फ़ोन पर बातें भी होने लगीं. शाम के लगभग 6:00 बजने वाले थे और बादलों और बरसात की वजह से अंधेरा होने लग गया था मेरा दिल बैठने लग गया. फिर मैंने उसका ब्लाऊज़ खोल दिया तथा ब्रा को हटाकर उसके स्तन में से दूध पीने लगा तथा दूसरे हाथ से उसका दूसरा स्तन मसलने लगा.

उन्होंने मुझे देखा और हैरानी से पूछा- अरे तुम … आज जॉब पर नहीं गया क्या?मैंने अन्दर आते हुए कहा- नहीं मुझे बैंक में काम था. आह-अह … हीना … रंडी … ले ले मेरा लंड … आह … करते हुए मैंने लंड को रगड़ दिया.

”मतलब… उसके मुंह में?”और क्या … अंशु बता रही थी कि वो तो रोज़ एक बार तो अपना प्रशाद ज़रूर देती है. किसी से चुदवाने का तो मैंने पक्का इरादा कर ही लिया था अब यक्ष प्रश्न मेरे सामने ये था कि मैं अपनी चूत दूं तो किसको दूं? किसी लौंडे लपाड़े के चक्कर में तो मैं आने वाली थी ही नहीं; इनकी हरकतें मुझे वैसे भी सख्त नापसंद थीं. और वो मेरे लम्बे मोटे लण्ड को आइसक्रीम की भान्ति चूसे जा रही थी। उसकी चूत बहुत टाइट थी.

अब जब भी हम दोनों घर में अकेले होते हैं तो हम पूरे नंगे होकर चुदाई करते हैं.

इसलिए जब भी मेरा ऊपर जाने का चक्कर लगता था, मैं भाबी के कमरे में जरूर झाँक लेता था. अंकल उन्हें लेके नीचे आने लगे, तभी मैं रूम में सोने की एक्टिंग करने लगा. अब आगे:नम्रता ने अपने हाथों को खिड़की से टिकाकर अपने जिस्म का वजन टिका दिया.

वो दोनों कुछ इधर-उधर की बातें करने लगी और मैं अपने फोन में टाइम पास करने लगा. इसके बाद वह मेरे पास आकर खड़ी हो गयी और पूछा- कैसा लगा सरप्राइज़?मैं क्या बोलता … मैंने कहा- तुम्हें पहले बताना चाहिए था.

इतनी कम उम्र में इतनी फैल गई है तेरी चूत … मगर मेरी रांड तू ये नहीं जानती कि मेरा लौड़ा इन उंगलियों से दस गुना ज्यादा बड़ा है. वो बोली थी कि वो तन और मन से अपने प्रेमी की है, अगर मैं उसे टच भी करूंगा तो वो सुसाइड कर लेगी. फिर अंकल ने अपनी दो उंगलियां अम्मी की चूत में डाल दीं और हल्के हल्के सहलाने लगे.

सेक्सी वीडियो चोदा चोदी लड़का लड़की

हम दोनों अपनी वासना में बहे जा रहे थे।अब मैं धीरे से उसकी पैंटी की तरफ बढ़ा.

इसके एक साल पहले ही मैंने अन्तर्वासना पर सेक्स कहानी पढ़ना शुरू किया था. प्रिया- तुम क्या करते हो?मै- बताया तो था कि पढ़ाई।प्रिया- मैं भूल गई थी। तुम्हारी गर्लफ्रैंड है?मैं- नहीं!प्रिया- क्यों? काफी हैंडसम हो, फिर भी एक भी नहीं है हो ही नहीं सकता।मैं- सचमें नहीं है. फ्रेंड्स … मेरा नाम दीपक कुमार है, मैं 26 साल का हूँ, मैं जोधपुर सिटी में रहता हूँ और अभी कॉम्पटीशन के एग्जाम्स की तैयारी कर रहा हूँ.

इसके बाद जब तक मैं जयपुर में रहा मैंने कई बार परवीन को चोदा, अब उसकी शादी होने वाली है. मैं- तो फिर इतने दिन से आप ने मुझे इतना क्यों तड़पाया हुआ है?भाभी- बस मैं देखना चाह रही थी कि तुम मुझ पर लाइन मारते रहते थे या मेरी सहेली पर. पेला पेली पेला पेलीउसने मुझे बाहर आने को बोला और खुद अपने रूम की तरफ गया, बाहर बरामदे की लाइट ऑन की और रूम का ताला खोलने लगा.

मैं पहले भी सेक्स कर चुकी हूँ और जो सेक्स कर लेता है उसको सेक्स का मजा पता चल जाता है. यह बात 4 साल पहले की है जब मैं अपने मामा जी के यहाँ घूमने गया था। मेरे मामा जी की फैमिली में 5 मेम्बर हैं.

उसके दोनों चुचे आजादी के साथ फड़क उठे और साथ ही मेरे दिए हुए हजार रुपए भी नीचे गिर गए. मैं चाह रहा था कि सोनू खुद मेरे लंड को मेरी पैंट से बाहर निकाल ले लेकिन वो ऐसा नहीं कर रही थी और मेरे अंडरवियर में अंदर ही अंदर मेरे लंड का दम घुट रहा था. वो मस्तानी औरत की तरह आह-ओह करते हुए उंगली से अपनी चूत की चुदाई कर रही थी.

मैंने छोटा वाला स्टूल पैर से खींचा और उसकी दाएं पैर को स्टूल पे रखवा दिया. दारू पीकर आ जाता है और बहू गिन्नी की बातों से ऐसा लगता है कि ठीक से करता नहीं है. उसके लिए वह विक्रम ही था यानि कि मैं उसका पति। सुबह जब उसकी नींद खुली तो उसके पास कोई नहीं सोया था, वह पूर्ण रूप से नग्न अवस्था में थी।लेकिन जब उठ कर बरामदे की तरफ आई तो मुझे सोफे पर सोया देखकर उसने रात का अंदाज़ा लगा लिया कि आप समय से पहले ऑफिस चले गए थे। शराब पीकर रात में सोफे पर ही सो जाना मेरी आदत थी। तभी रीना समझ गई थी कि रात में उसने आपके साथ चुदाई की है.

क्या तुम्हारे पास कोई ट्राउजर है जो मैं पहन सकूं?उसने कहा, हां शालिनी जी, मैं आपको देता हूं.

लेकिन कहते हैं कि कई बार ऊपर से खराब दिखने वाला आम असल में अंदर से बहुत ही मीठा और रसीला होता है. दस मिनट की लगातार चुदाई और चूचों की रगड़ाई से आंटी की सिसकारियां और तेज हो गईं और छटपटाने लगीं.

वह भी नीचे से अपनी गांड को उठा कर जोर लगा रहा था जिससे उसका लंड मेरी चूत को फाड़ने लगा. उनकी चुदाई की बातें सुनकर मेरी सांसें तेज होने लगती थीं, गला सूख जाता था और कभी कभी तो चुत भी गीली हो जाती थी. वे बोलीं- तुम्हारा मुझसे प्यार करना गलत है और मैं तुम्हें खोना नहीं चाहती इसलिए समझाने आई हूँ.

कुछ देर बाद उसके नर्म होंठ मेरे गालों को छू कर निकल गए और अपनी लिपस्टिक का निशान छोड़ गए. क्या आप मुझे राज का लंड दिलवा सकती हो?हेतल बोली- मैं कोशिश करूंगी, क्योंकि अब मैं शादीशुदा हूं और इस काम के लिए मुझे काफी प्लानिंग करनी पड़ेगी. फिर प्रिया ने कहा- तुमने टीटी से ये क्यों कहा कि तुम मेरे मंगेतर हो।मैं- वो इसलिए कि टीटी तुम्हें परेशान ना करे और तुम्हें फाइन ना देना पड़े।प्रिया- जब तुम्हें पता था कि ये मेरी सीट नहीं है तो अपनी सीट क्यों दी?मै- बताया तो है कि आपको दिक्कत ना हो इसलिए!प्रिया- और तुम?मैं- बैठे बैठे सो जाता.

जबरदस्त बीएफ सेक्स कुछ देर चुदाई के बाद निहारिका को दर्द होने लगा क्योंकि अब तक वो 2 बार झड़ चुकी थी. अब उसे चुदवाने का भूत चढ़ा था तो वापिस एक बार उसने मेरे लंड को अपने मुँह से सहलाना शुरू किया और इस बार तो वो लंड के साथ साथ गोटे भी चूसने लगी.

सेक्सी भोसड़ी की चुदाई

मेरी चूत ने पहला पहला लण्ड छू लिया था आनन्द के मारे मेरी आँखें मुंद गयीं. फिर उसने अपने पूरे हाथ को मेरे लंड पर रख दिया और मुझे जैसे वासना का नशा सा चढ़ने लगा. मैंने देखा कि कई बूढ़े आदमी भी सामने से आते हुए उसकी चूत की लाइन को ताड़ रहे थे.

हम दोनों लोग एक दूसरे को किस करते करते बहुत गर्म हो जाते थे और उनका लंड टाइट हो जाता था, जिसको मैं महसूस करती थी. फिर ड्राईवर बोला- क्या यार, तुम भी ओपन बात करते हो, पर तुम बोलते बहुत प्यारा हो. सगसजी 2019 वर्ल्डउसकी इस बात से मुझे पक्का यकीन हो गया कि लौंडिया चुदने को मचल रही है.

आपका खयाल रखना मेरा फर्ज है।रमेश अंकल मेरी मां के पास आए और उन्होंने अपना हाथ मेरी मां के कंधे पर रख दिया और उसे अपनी ओर खींच लिया और मेरी मां को किस करने लगे।मेरी मां उनका साथ नहीं दे रही थी और चुपचाप खड़ी थी। रमेश अंकल मेरी मां के होंठ चूम रहे थे और साथ ही साथ मेरी मां की गांड़ भी मसल रहे थे।कुछ देर चूमने के बाद उन्होंने मेरी मां का पल्लू नीचे कर दिया और ब्लाउज के ऊपर से ही उसके दूध दबाने लगे.

भाभी ने नशीली नजर से मुझे देखते हुए कहा- वहां बेड पे रख दो और बैठो, मैं तुम्हारे लिए पानी लाती हूँ. प्रिया- तुम क्या करते हो?मै- बताया तो था कि पढ़ाई।प्रिया- मैं भूल गई थी। तुम्हारी गर्लफ्रैंड है?मैं- नहीं!प्रिया- क्यों? काफी हैंडसम हो, फिर भी एक भी नहीं है हो ही नहीं सकता।मैं- सचमें नहीं है.

उस रात उसने मुझसे बहुत सारी बातें कीं और फिर अगले दिन वो अपने घर दिल्ली चली गई. चूंकि अब मैं भी निद्रा से बाहर आ चुका था इसलिए मौसी के हाथों के स्पर्श के कारण देखते ही देखते मेरा लंड मेरी फ्रेंची में तन गया. इसलिए भाभी मुझे देखते ही सबसे पहले अपनी मैक्सी का गला ठीक करती थीं.

लेकिन मैंने बहुत थक चुका था और अब दम नहीं बचा था।मैंने नेहा को एक लंबा किस किया और वो चली गयी.

बातों-बातों में आंटी ने मुझसे पूछा कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?मैंने बोला- नहीं, मेरी अभी तक कोई गर्लफ्रेंड नहीं है. मैंने जल्दी से कपड़े बदले और एक काले रंग का टॉप डाल लिया जो पीछे से खुला हुआ था. मैं- आंटी, आपकी गांड के छल्ले को देखकर लग रहा है कि आपने शायद अपनी गांड की ठुकाई, चुदाई नहीं करवाई.

सुप्रभात डाउनलोडमेरे ससुराल जयपुर से मेरा पीहर लगभग साढ़े तीन सौ किलोमीटर दूर है, अभी मैं आधी दूरी ही तय कर पाई थी तब तक शाम के पांच बज चुके थे और मावठ की बरसात की बूंदें गिरनी शुरू हो गई. मैंने श्वेता मैडम के पहले दो लड़कियों से शारीरिक संबंध बनाए थे और अब भी हैं.

इंडिया सेक्सी वीडियो सेक्सी

मैंने अंदर आकर यहां-वहां देखा तो हिरेन मुझे कहीं भी दिखाई नहीं दिया. ऐसा लगा, जैसे मेरी मानो सारी तकलीफ दूर हो गयी हो, सारे दर्द गायब हो गए हों. वो कहती है कि जो मजा तुम्हारे लंड से आता है वो मजा मुझे अपने पति के लंड से नहीं मिल पाता है.

इतनी ही देर में मेरा बस स्टॉप आ गया और मैं उसे लेकर मेरे दोस्त के घर आ पहुंचा. जब लंड तुम्हारी गुलाबी चूत में डालूंगा, तब आएगा जिंदगी का असली मजा. आह्ह … आह्ह … आआ … आह्ह … दोगुनी तेजी के साथ हाथ को लंड पर चलाने लगा.

पूरा लंड एक बार में अन्दर जाते ही सीमा की आह निकल गई- आह … सी … क्या जान लेने का मन है … राजा जरा धीरे पेलो … तुम्हारा मूसल बहुत बड़ा है. मगर कुछ दिन बाद ही एक रेलवे भर्ती परीक्षा के लिये मेरा बुलावा आ गया जो कि बिलासपुर में होनी थी। भर्ती परीक्षा की ये बात कहीं से कमला चाची को भी पता चल गयी कि मैं भर्ती परीक्षा देने के लिये बिलासपुर जा रहा हूं, इसलिये अगले दिन ही कमला चाची मेरे पास आकर मुझसे पूछने लगी कि अगर तुम बिलासपुर जा रहे हो तो मोनी का भी कुछ सामान अपने साथ ले जाओगे क्या?वैसे मैं ये परीक्षा देने के लिये जाना नहीं चाहता था. जिस सोसाइटी में मेरा फ्लैट था, वो सोसाइटी अदिति की सोसाइटी से कुछ ही दूरी पे थी, पर उससे अभी तक मुलाकात नहीं हुई थी.

कुछ देर के बाद मेरी मुंडी उस तरफ घूमी जहां पर जीजा कुर्सी पर बैठे हुए थे. उसके गर्म हो जाने के बाद मैंने उसके पेट को चूमना तथा चूसना शुरू किया.

पहले मूवी देखी, फिर डिनर कर के वापिस 11 बजे करीब फ्लैट पर वापिस आया.

मेरी खुशी तब बढ़ गयी, जब वो सोने के लिए मौसी और दादी के साथ मेरे रूम में आ गईं. जिओसिनेमा द्वाराहाँ मेरे दोस्तों की बात अलग थी लेकिन यहां पर तो मैं अपनी रिश्तेदारी में आया हुआ था और वो मेरी भाभी लगती थी. सेक्सी पिक्चर ओपन वीडियोउसकी भी नज़र मां पर पड़ी और वह उठकर मेरी मां के पीछे आकर खड़ा हो गया जिससे मेरी मां की सांसें तेज हो गईं।भीड़ बढ़ गई और बस के शुरू होते ही मेरी मां और वह आदमी भी शुरू हो गए। आज उस आदमी की हिम्मत थोड़ी बढ़ गई. चाची- क्या मस्त बॉडी बना ली है जीशान … जिम जाता है क्या?मैं- हां चाची!चाची अब मुझे अपने नीचे करके चूमने लगीं.

टहलते हुए मेरी नजर एक छोटी सी दुकान पर पड़ी, जहां पर रसोई से सम्बन्धित सामान मिल रहा था.

उसे देख कर वो थोड़ा डर गई- यश ये तो बहुत ही बड़ा है … बहुत दर्द होगा इससे तो?मैंने उसे प्यार से समझाया- पहली बार है, दर्द तो होगा ही … पर मैं तुमको दर्द कम से कम दूँगा. परवीन मेरे लंड को अपने दांतों से एक बच्चे की तरह हल्का हल्का काटने लगी थी और मुझे जन्नत का मजा करा रही थी. क्या कामुक दृश्य होता है जब लड़की की गांड का पीछे से ऐसे दिखना होता है.

बाहर बारिश हो रही थी और हम खिड़की के पास खड़े थे तो एक दो बूंदें नेहा के शरीर पर भी पड़ रही थी जिससे नेहा की उत्तेजना और बढ़ जाती थी. आंटी भी शायद चुदने को तरसती थी।ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि इतने दिनों के बाद जब पति घर आये तो वह भला कैसे अपनी चूत को लंड के बिना शांत रखती होगी. शायद उसे आदत होगी वहाँ लड़कियां ले जाने की।वो बिना गेट पे रुके गाड़ी बिल्डिंग के अंदर ले गया और रोक दी।हम दोनों गाड़ी से उतरी और लिफ्ट से हर्षिल के फ्लैट के बाहर पहुंच गयी। क्योंकि फ्लोर पे कोई नहीं दिख रहा था तो हम दोनों ने शरारत में अपना कोट उतारा और सेक्सी अंदाज़ में टाँगें मोड़ कर खड़ी हो गई और डोर बैल बजाई।जैसे ही उसने गेट खोला वो हैरान हो गया और मुंह खोल के देखने लगा.

सेक्सी वीडियो एचडी हिंदी सुहागरात

मैं यह पढ़ कर दंग रह गया और उसकी तरफ देख कर हाथ से अपने लंड को मसल कर लिखा- थैंक्यू जी. मैंने भाभी की मंशा जान कर कहा- भाभी, मुझे पता है कि आप ऐसा क्यों पूछ रही हो। लेकिन इसमें मेरी गलती बिल्कुल भी नहीं है. मगर उसकी उंगलियों की पोजीशन को देख कर ऐसा लग रहा था कि वो उंगलियां जैसे वह रास्ता खुद ही तय करते वहां तक पहुंची हों.

या फिर ये सोच रही होगी कि कहीं मुझे पता न लग जाये कि वो भी उसी आग में जल रही है जो आग आज मैंने अपने भीतर महसूस की।घर आने के बाद पापा ने गाड़ी पार्क कर दी और हम चारों अंदर चले आये.

मैं उसके होंठों तो चूमने लगा और उसके होंठों को थोड़ा सा काट भी लिया फिर मैंने सुमन का टॉप उतरा और उसके बूब्स को ब्रा से भी आजाद कर दिया और मुँह में लेकर चूसने लगा वो मदहोश होये जा रही थी थोड़ी देर बाद मैंने उसके जीन्स भी उतार दी और उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए.

मैंने मेनगेट का ताला खोला और कार पोर्च में ले जा कर खड़ी की और कार का वसुंधरा वाली साइड का दरवाज़ा खोला और उससे कहा- आइये. हल्का फुल्का तैयार होकर मोहल्ले की नजर से बचते हुए हम दोनों एक रेस्टोरेन्ट पहुंचे, जहां पर खाना खाया गया और फिर पैदल ही पास की मार्केट में टहलने लगे. फैमिली स्ट्रोक्सजब मैंने अपनी सहेली शाहीन को ये बताया कि मुझे लड़के देखना अच्छा लग रहा है.

मैंने अपनी लोअर के अंदर हाथ डाल दिया और लंड को हाथ में लेकर मुट्ठ मारने लगा. वो सोचने लगा कि इसको तो कुर्सी पर बैठा कर अपना लंड इसकी चूत में डालकर इसको लंड की सवारी करवाने में बहुत मजा आयेगा. मैं हमेशा भाभी के सेक्सी बदन को ताड़ता रहता था और अपनी नजरों से ही उसके जिस्म का नाप लेता रहता था.

शिशिर तो मेरे पति से बहुत दमदार चुदाई कर रहा था और मुझे उनसे चुदवाने में बहुत आनन्द आ रहा था. चुदाई के कुछ देर के बाद जब ताऊ जी ने अपने लंड को निकाला, तो मैंने देखा कि कोमल की कोमल चूत बुरी तरह से फ़ूल गई थी.

क्या करूं मेरे मूसल लंड की जान ही ऐसी थी कि मैं जितना अपने दोस्त को चोदता, उतना ही मन करता था कि मैं बाबा को और चोदूं.

कुछ पल लंड चुसाई का मजा लने के बाद मैंने उसे उठाया और झूले के स्टैंड बार के सहारे खड़ा कर दिया. वह मेरे सीने से अलग हुई और उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. मेरी बात पूरी होने पर मैंने दीदी को बोला, तो दीदी ने सर हिलाकर इशारा किया.

गाडी गेम डाउनलोड जैसे ही मेरे लंड ने माल छोड़ना शुरू किया, वो रूक गयी और मुँह के ही अन्दर लंड लिए हुए माल को लेने लगी. आह … लंड चुसाई का क्या गर्म अहसास था … इसके सामने तो मानो चूत की चुदाई भी फीकी पड़ जाए.

बस फिर क्या था मैं उस पर गिद्ध सा टूट पड़ा और कुत्तों की तरह उसके होंठों को चाटने लगा. कोई जवान लड़की अपने प्रेमी को भी इतना प्यार नहीं देती होगी जितना कि हीना साहिल के जिस्म को दे रही थी. मुझे अपनी बीवी की गांड चुदते हुए देखने में पहली बार बहुत मजा आ रहा था.

हिंदी गर्भवती सेक्सी वीडियो

मेरे लंड पर उछल-कूद करती हुई चाची किसी पॉर्न स्टार की तरह लग रही थी. लेकिन हेतल की बातों से लग रहा था कि वह पहली शादीशुदा चूत मेरी बड़ी बहन हेतल की ही होने वाली है. छोटा साइज होने के कारण हुक बन्द नहीं हुआ तो मैंने उतार दी और 38 साइज पहना.

कुछ देर बाद उसके नर्म होंठ मेरे गालों को छू कर निकल गए और अपनी लिपस्टिक का निशान छोड़ गए. उनके दो बच्चे थे, भाभी बहुत सुन्दर थीं और उससे भी ज्यादा उनकी 34-32-34 की फिगर बड़ी लंड जगाऊ थी.

मैं ऐसे ही चूसते हुए उसके एक मम्मे को ब्रा के ऊपर से ही मुँह में लेने लगा.

मेरी चूत पर लंड को रख कर उसने हल्का सा धक्का मारा तो चिकनी हो चुकी चूत में लंड दो इंच तक फिसल कर घुस गया. ”ओह, सच्ची? फिर तू मेरा भी काम तमाम करवा दे न?”नहीं सोनम, वे अंकल बहुत अच्छे हैं मैं उनसे ऐसी बात नहीं बोल सकती कि आप मेरी सहेली को भी फक करो, मेरे बारे में क्या सोचेंगे वो?” कहीं ऐसा न हो कि वे मुझसे भी किनारा कर लें, न बाबा न ऐसा मैं नहीं कर सकती. देख सोनम, अंकल लोग सेक्स के मामले में अनुभवी होते हैं, उन्हें सब पता होता है कि उनकी पार्टनर को पूरा मज़ा कैसे देना है और सबसे बड़ी बात कि अंकल लोग शादीशुदा होते हैं, इनकी अपनी फैमिली, अपनी इज्जत होती है सो इनसे किसी लड़की को कोई धोखा खाने की सम्भावना होती ही नहीं है.

आह … लंड चुसाई का क्या गर्म अहसास था … इसके सामने तो मानो चूत की चुदाई भी फीकी पड़ जाए. मैं- भाबी लेकिन आप वो बात मम्मी को तो नहीं बताओगी ना?भाबी- चूतिए … अगर बताना ही होता, तो मैं उसी दिन बता सकती थी … लेकिन जब से तेरा लंड नताशा की चुत चोदते हुए देखा है ना … तब से यही सोच कर मेरी चुत पता नहीं कितनी बार पानी छोड़ चुकी है. ऐसा कहकर दरवाजे की ओर चलने को हुई तो मैंने कहा- मैंने भी आपसे कुछ पूछना है.

दस बारह मिनट की चुदाई में दीदी दो बार झड़ चुकी थी और अब मैं भी झड़ने वाला ही था.

जबरदस्त बीएफ सेक्स: वह हंसने लगी और बोली- भाग यहां से!मैंने अंगड़ाई सी लेकर आंटी के सीने पर हाथ रख दिया और सीधे ही अपने होंठ उसके होंठों पर रख कर चूसने लगा. इन दिनों पढ़ाई से फुर्सत रहती थी, तो मैं अक्सर अपनी छोटी मौसी के घर आ जाया करता था.

सोनू शांत होकर ठंडी पड़ने लगी तो मेरे लंड पर रखे उसके हाथ पर मैंने अपना हाथ भी रख दिया और उसके हाथ को नीचे दबा कर अपने लंड पर खुद ही चलवाने लगा. मैंने पूछा कि आखिर हुआ क्या है?तब उसने बताया कि अभय सर आप मेरा इतना ध्यान क्यों रखते हैं?मैंने बोला- वो तो मैं शुरू से रखता हूँ और सभी का ही रखता हूँ, इसमें क्या गलत है. अम्मी की आंखें मज़े से बंद थीं, वो अंकल के लंड की एक एक इंच को महसूस कर रही थीं.

चल अब चुप हो जा!” अंकल जी ने प्रेम से मुझे अपने सीने से लगा कर कहा.

उसका लंड नमकीन सा पदार्थ छोड़ रहा था जिसका स्वाद मेरे मुंह में मुझे महसूस हो रहा था. हाय मेरी जान … आह्ह् … वो बड़बड़ाती रही और मैं ज्योति की चूत की चूसता रहा।ज्योति बोली- तुम भी कुछ बोलो न जान!मैंने कहा- मेरा लण्ड चूसो!मेरे कहते ही फिर ज्योति ने मेरा लण्ड अपने हाथ में लिया और मेरा लण्ड देख कर उसके मुंह से लार टपक पड़ी और झपट कर उसने मेरा लण्ड मुंह में ले लिया. मेरे कंठ से मस्त आवाज उसको जोश दिला रही थीं- आआह आह मेरा बेटा आह आई लव यू सन.