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मेरा लंड प्रचंड हो चुका था… पूरा लोहे का गरम रॉड… असाधारण और अनियंत्रित। मुट्ठ मारने की तीव्र इच्छा हो रही थी.प्रेषक : राजेश अय्यरमेरे प्यारे दोस्तो और देवियो व भाभियो, आपने पहला भाग पढ़ा तो शायद उसमे कुछ झूठ नहीं लगा होगा क्योंकि यह मेरे घर की ही सच्चाई है। अब चाची बिगड़ी हुई है तो बेटियां भी बिगड़ी ही होंगी न ….

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लण्ड राजा अपने ट्टटों की सेना समेत, रीटा रानी की चूत की सील को तोड़ता और धज्जियाँ उड़ाता हुआ, चूत की मुलायम दीवारों को बेरहमी से रगड़ता हुआ अंदर और अंदर और अंदर घुसता चला गया. बीएफ दिखाइए बीएफ बीएफ दिखाइए प्लेयर सामने ही पड़े हैं।आंटी ने कहा- तुम अगर पढ़ना चाहो तो दूसरे कमरे में जा कर पढ़ाई कर सकते हो.

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खैर मैंने सोचा कि जब अनीता दीदी अपने घर में चली जाएँगी तो मैं अपनी बहन से पूछूंगा. कि तभी दो सिपाही आए और मेरे जिस्म से मेरे हाथों को अलग कर अलग अलग दिशा में थाम लिया।मैं नंगी खड़ी जमीन में गड़े जा रही थी!सब मंत्री खड़े होकर मुझ पर थूकने लगे और ठहाके लगा कर हंसने लगे. फिर मैंने चित्रा को अपनी बाहों में समेटा और उसे बिस्तर पर लिटा दिया और जीभ से उसकी चूत चाटने लगा वो तो जैसे पागल हो उठी.

ये मैना तो मर ही जायेगी तुम्हारे बिना” मुझे लगा जैसे मैं रो ही पडूँगी।मैं जानता हूँ आपने मुझे वो सुख दिया है जो मधु ने भी नहीं दिया पर मेरी विवशता है ?ऐसी क्या मजबूरी है ? ओह. एक दिन मेरे कार में बैठते ही अमित अंकल ने पूछा- दस पन्द्रह मिनट देर हो जाए तो कोई परेशानी तो नहीं है ना?मैंने कहा- नहीं अंकल, कोई परेशानी नहीं है!अमित अंकल ने कार एक रेस्तरां के बाहर रोकते हुए कहा- इसका डोसा बहुत टेस्टी है!पापा के साथ इस रेस्तरां में आने के बारे तो मैं सोच भी नहीं सकती थी, वो एक नंबर के कंजूस आदमी हैं. क्यों कामिनी… ”तुम्हे साहिल चोदेगा और मैं कामिनी को… तो साहिल हो जायें चालू… ” राहुल ने बिना शरमाये समझा दिया.

आप कौन ?फिर वो ही बेहूदा सवाल ?देखिये मैं फोन बंद कर दूंगा ?तुम्हारे बाप का राज़ है क्या ? ओह सॉरी डियर …. 20 मिनट तक गाण्ड मारने के बाद मैं रुका और मैंने ज्योति को सीधा कर दिया और उसके बाद हम काफी देर तक बिस्तर पर लेटे रहे. फ़िर मेरे पीछे खड़ा होकर उसने मेरी चूत में आधा लण्ड घुसेड़ कर मेरी दोनों चूचियों को पकड़ते हुये बाकी का आधा लण्ड अन्दर किया और इसी तरह पांच सात मिनट तक चोदने के बाद वो मुझे और झुका कर मेरी कमर पकड़ कर सटासट सटासट चोदने लगा.

मैंने अपने और चित्रा के सेक्स के बारे में अपने दोस्त योगेंद्र को पहले ही बता दिया था. कहानी का पिछला भाग :मेरी बीवी की पहली चुदाईदोस्तो, मैं आज अपनी चुदैल बीवी नीना की वह दास्तान बताने जा रहा हूँ, जिसके बाद हम दोनों की जिंदगी में बहार आ गई.

झुरमुट कहीं का…!!!मुझे उन दिनों नाम बिगाड़ने और नए बनाने की बड़ी गन्दी आदत लग गई थी जो आज तक नहीं छूटी….

मुझे चुदाई में बहुत मज़ा आ रहा था इसलिए मैंने उनकी बातों पर दयाँ नहीं दिया और ट्रेन के हिलने की गति के साथ ही हिल हिल कर लंड लेने लगी.

!दोस्तो, आप सोच सकते हो मेरी क्या हालत हो रही थी उसके इस रूप को देख कर…उसके निपल मानो स्ट्राबेरी हों इस तरह गुलाबी से लाल हो रहे थे… मेरे चूसने से और कड़क हो गए थे. बातों बातों में मैंने एक जोरदार धक्का दिया जिससे मेरा ८ इंच का लंड उसकी चूत में समा गया…उसकी तो आँखें खुली रह गई !उसकी हालत देख कर मेरी तो गांड फट गई. सारी रात उसके बारे में सोच कर गुजार दी, मन में तरह तरह के ख्याल आए कि काश वो मेरी होती.

अपना कमरा धड़ाक से खोला,‘यो देख, कई! देख्या कि नाहीं… यो हरामी नागो फ़ुगो दारू पी ने पड़यो है. वो मेरी बाईक पर बड़ी मुश्किल से बैठ पाई क्योंकि मेरे पास यामाहा एंटआयिसर बाईक है जिसकी सीट काफी छोटी होती है. जिस वक़्त के वाकियात मैं आपको सुनाने जा रही हूँ उस वक़्त मेरी उम्र 20 साल की होने वाली थी यानि अपनी जवानी के इंतहाई हसीन मोड़ पर थी मैं, जब उमंगें जवान होती हैं, जब मन में किसी का डर नहीं होता और मुझ पर तो जवानी भी टूट कर आई थी.

5 इंच मोटा है, कसरती बदन है, रंग साफ और इंजीनियरिंग का छात्र हूँ।मैं आज आपके सामने अपनी पहली कहानी पेश करने जा रहा हूँ।बात उस समय की है जब मेरे बड़े भाई की नई-नई शादी हुई थी। जब मैंने भाभी को पहली बार देखा तो देखता ही रह गया। मेरी भाभी का फिगर 34-30-36 है। वो बहुत अधिक सेक्सी लगती हैं। मगर कभी कुछ करने की हिम्मत नहीं हुई.

जैसे ही मैं झड़ने वाला था मैंने अपना लंड निकाल और पूरा पानी उसके मुँह में डाल दिया. क्या इन्हें दबाने में तुम्हें मज़ा आएगा?मैंने भी बिना कोई मौका गंवाते हुए उसमें अपना मुँह घुसा दिया और अपनी जीभ से उसके मम्मे चाट लिए. यह सुनने के बाद मेरी खुशी का ठिकाना न रहा क्योंकि आज मेरे पास वो मौका था जो मुझे कई दिनों से नहीं मिल रहा था.

अब तो बेशर्म रीटा अपनी चूत को पूरी तरह से ढीला छोड़ कर गाण्ड को एक एक फुट ऊपर उछाल देती. मैं हूँ विक्की! हरियाणवी हूँ, पर उड़ीसा में पला-बड़ा हुआ और मुंबई में जॉब करता था… आज मैं दिल्ली में जॉब करता हूँ।उम्र 24 साल,. ’‘अभी मत होना… सोनू… मैं भी आया… अरे हाय… ओह्ह्ह्ह’हम दोनों के ही जिस्म तड़प उठे और जोर से खींच कर एक दूसरे को कस लिया.

और यह स्कर्ट पहनने की भी क्या जरूरत है उतार दो इसे भी…”बस अब आँखों में आँसू आ चुके थे…पर वो बिना साँस लिए मुझ पर चिल्लाये जा रहा था…और क्या सोचती हो.

अगले दिन तय कार्यक्रम के हिसाब से हम मिले और पिक्चर देखने सिनेमा हॉल में पहुँच गए. ”इस प्रकार हम दोनों ने छक कर यौन-सुख का लाभ उठाया। उस रात तो झंडे ने मेरी जम कर चुदाई कर डाली और मैं उसका मोटा लंड पाकर निहाल हो गई।उस समय तो झंडे ने मुझसे कुछ भी नहीं कहा। पर बाद में उसने कहा,”चाची तुम्हें याद है कि मैं और ठन्डे हर चीज को मिल-बाँट कर ही खाते हैं।”हाँ, जानती हूँ। तो क्या वह भी मेरी चूत का मज़ा लेगा.

बीएफ दिखाइए बीएफ बीएफ दिखाइए अब तो मेरी गांड भी रवां हो चुकी थी। मिट्ठू तो सीत्कार पर सीत्कार किये जा रहा था। हाई. ’ कहते हुए मेरे सर को अपने सीने पर दबाने लगी।मैंने अब उसकी साड़ी को निकालना शुरू किया.

बीएफ दिखाइए बीएफ बीएफ दिखाइए फिर मैंने अपने हाथ से अपना अंडरवीयर उतार दिया और फिर थोड़ी ही देर में उनकी पेंटी भी उतार फेंकी. मैंने बोला- ऐसे नहीं ! इसको मुँह में लेकर लॉलीपोप की तरह चूसो, तब इसको अच्छा लगेगा.

तुम तो लड़कियों की तरह शर्मा रहे हो ?” वो खिलखिला कर हंस पड़ी।अब तक गोली ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। अब मुझे भी जोश आ गया मैंने कहा, हाँ की है 3-4 को चोद चुका हूँ ?”जीयो मेरे राजा … फिर तो मज़ा इच आ जाएगा आज ?”क्या मतलब ?” मैंने हैरानी से उसकी और देखा तो बोली अच्छा बताओ तुम्हें किस आसन में सबसे ज्यादा मज़ा आता है ?”वो.

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दोस्तो, अब ये बताने की ज़रूरत तो शायद नहीं है की मेरे बड़े बड़े बूब्स किसी को भी अपना दीवाना बना सकते हैं. तुम जैसे चाहे हमें चोद सकते हो ! शादी के बाद तो हमारा पति हमें चोदेगा, उससे पहले कैसे चोदते हैं यह सीख लिया तो शादी के बाद परेशानी नहीं होगी।कैसे शुरुआत करें…. मैंने मौका देखा और बिना किसी हिचक चाची की भारी चूचियाँ पकड़ ली और दबाने लगा- चाची, आप जो हो ना, प्लीज मेरा कंवारापन तोड़ दो!वो मेरा हाथ अपनी चूचियों से हटाने लगी.

आज मेरी मुराद पूरी हो गई… ऊह् ऊओह् मेरा होने वालाआ है! और ज़ोर से!मैं उनके पूरे बदन को चूम रहा था, काट रहा था. ये ख्याल इंच दर इंच मेरे लंड की लम्बाई और मोटाई को और बढ़ा रहे थे।मैंने कहा- रागिनी, मुझे इन्हें जी भर के देखने और प्यार करने दो. कांईं जात हो…?”मैंने उसे बताया तो वो हंस पड़ी, मुझे ऊपर से नीचे तक देखा, फिर वो बिना कुछ कहे भीतर चली गई.

पहले तो मैं नीचे दबी हुई इसका आनन्द उठाने लगी फिर खूब दब चुकी तो देखा कि उसका वीर्य निकल चुका था.

आँखों में चमक… शरारत भरी कातिलाना मुस्कान से वो अपनी कक्षा की कई लड़कियों के दिलों पर राज करने लगा…यहाँ तक कि हमारे अलग होने की खबर के कुछ ही महीनों बाद उसे एक लड़की ने एक प्रेम पत्र लिखा. डालना…’राजू ने गांड के छेद पर निशाना लगाया और एक ज़ोरदार धक्का लगा दिया लेकिन उसका लंड मेरी चूत के पानी से चिकना हो रहा था इसलिए फिसल गया और नीचे चला गया. अब वो फिर मेरी चूत में उँगलियाँ करने लगा… और मुझे अपना लण्ड चूसने पर मजबूर करने लगा…विश्वास रख.

चूचियों से नीचे उनका सपाट पेट और उसके थोड़ा सा नीचे गहरी नाभि, ऐसा लग रहा था जैसे कोई गहरा कुँआ हो. उम्म्म्मममैं चूसता जा रहा था और वो मस्त हुई जा रही थी !शशांक : अब मैंने पीछे से ब्रा की स्ट्रीप खोल दी और दूसरे बूब को भी मुँह में भर लिया है…. नीना जब बाहर के कमरे में आने में देर लगाने लगी तो मैंने झांक देखा तो वह खुद को शीशे में निहार रही थी.

क्या मस्त कूल्हे थे…फिर मैंने उसको बिस्तर पर लेटा दिया… उसके सारे कपड़े उतारे और मैं भी नंगा हो गया… मैं उसके चूचे चाटने लगा… उसके चुचूक एकदम कड़क हो चुके थे. मैंने कहा- साली, आज न रोक! आज मैं जो करना चाहता हूँ, मुझे करने दे!फिर उसने मुझे कुछ नहीं कहा और अब मैंने उसे पूरी नंगी कर दिया.

मुझे मेरे पति स्टेशन तक छोड़ने के लिए आए और मुझे मेरे कूपे में बिठा कर टिकेट चेकर से मिलने चले गए. वह नीचे से एक तरफ से ब्लाउज उठाती है और फूले फूले भूरे काले चुचूक को बच्चे के मुँह में देकर ऑंचल से ढक देती है…. ”इसमें कौन सी बुराइ है दीदी, आखिर वो भी मर्द है, उसका भी मन करता होगा!”हाँ यह तो सही बात है!” दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा- लेकिन एक बात बता, ये किताब पढ़कर तो सारे बदन में हलचल मच जाती है, फिर तुम लोग क्या करते हो? कहीं तुम दोनों आपस में ही तो…??”अनीता दीदी की आवाज़ में एक अजीब सा उतावलापन था.

खान सर ने मेरी जांघों को पकड़ा और मेरे होंठों से होंठों को मिलकर मुझे चूमा …एक एक करके तीनों ने उसी तरह प्रैक्टिस की.

प्रेषक : आसज़सम्पादक : प्रेमगुरूकरेन थोड़ी आगे चली गई तो वैल ने कहा,”तो क्या तुम मेरे से शर्मिन्दा हो?”ओह…. संगेमरमर जैसी चिकनी जांघों के बीच में फूले हुए पावरोटी के जैसे बिल्कुल चिकनी और गोरी चूत को देखते ही मेरे लंड ने अपना माल छोड़ दिया. वो बोली- कोई देख लेगा!तो मैं बोला- घर पूरा बंद है, अगर हम-तुम किसी को नहीं बोलेंगे तो किसी को पता नहीं चलेगा!तो बोली- शीला कहती है कि बच्चा हो जाता है!तो मैं समझ गया कि इसको पूरा पता नहीं है…मैं बोला- अगर तुम मुझ पर भरोसा रखो और मैं जैसा बोलूँ तुम वैसा करो तो ना किसी को पता चलेगा, न ही बच्चा होगा, उल्टे तुमको बहुत मजा आएगा.

और उन्हें सहलाते हुए मैंने उसका आँचल धीरे से कंधे से हटा दिया। उसके दोनों हाथ मैंने पकड़ रखे थे इसलिए वो अपना आँचल संवार नहीं पाई और मेरे सामने उसके पीन पयोधर आमंत्रण देते हुए महसूस हुए! वैसे मैं उसकी बांहों की सहलाते हुए उसकी चूचियों को बाजू से स्पर्श कर रहा था. शाम का अन्धेरा छाने लगा था, सब लोग काम में लगे हुए थे, मैंने उसे छत पर आने का इशारा किया.

फिर मैं उठा और बाथरूम में से तेल की बोतल ले आया और थोड़ा सा तेल अपने लण्ड और थोडा सा उसकी चूत में डाल दिया ताकि लण्ड आसानी से अंदर घुस जाए और उसके बाद मैं अपना लण्ड झटके से अंदर घुसाने लगा मगर झटके की वजह से आयशा फिर से चिल्ला उठी और मना करने लगी लेकिन मैं तेज-तेज झटके मारता रहा. हम मेरे फ्लैट में आये तो मैंने उसको कहा- उस दिन मुझे पता नहीं था कि तुम शादीशुदा हो, इसलिए मैंने तुम्हें लिफ्ट दी थी. । पहले हम एक दूसरे का चूसते रहे फिर पापा ने मेरी गांड चाटी, चाट चाट कर मेरी गांड नरम कर दी। फिर मुझसे वैसलिन लाने के लिए कहा। मैं वैसलिन लेकर आया।पापा ने कहा- यह तकिया मुँह में रखो और कुतिया बन जाओ !मैं कुतिया बन गया। पापा.

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जैसे ही उसने दरवाजा खोला मैंने पूछा- प्रिया कहाँ है?तो वो बोला- तुम कौन हो और प्रिया को कैसे जानते हो?तभी प्रिया भाभी एक काले रंग के चमकीले गाऊन में बाहर आई.

मैं वहीं बैठ गया और रोते हुए सोचने लगा कि भैया के रहते हुए भाभी को इसकी क्या जरूरत पड़ गई. पर जाने कब जीजू का लण्ड फिर से खड़ा हो गया और उन्होंने मुझे पलटी मार कर उल्टा कर दिया. ‘आआह्ह हा आदित्य आह्ह्ह्ह्…’लेकिन मेरा सिर उन्होंने अपनी छाती पर दबा लिया। ऊऊफ़्फ़ धीरे! इतने ज़ोर से मत दबा!’मैंने कुछ सुना नहीं, बिस्तर पर धकेला… उनके पैर नीचे लटक रहे थे…मेरा तो लंड अब बेकाबू होने लगा….

’ कहते हुए मेरे सर को अपने सीने पर दबाने लगी।मैंने अब उसकी साड़ी को निकालना शुरू किया. फिर धीरे से झुक कर अपनी जीभ को तिकोना बना कर मेरी गाण्ड के छिद्र को चाट लिया, फिर जीभ से मेरे छेद पर गुदगुदी करती रही. सेक्सी सेक्सी बीएफ बीएफ बीएफ‘बस अब यूँ ही बैठे रह, हिलना मत!’वो टीवी देखती जा रही थी और मेरा लण्ड मलती जा रही थी.

हम पंद्रह मिनट तक एक दूसरे को चाटते रहे और फिर मैंने अपना लंड दीदी की चूत पर रख दिया. मगर एक बात की दाद देना चाहूँगा कि नीना ने बिल्कुल निडर होकर अपनी मस्ती की सच्चाई को कबूल कर लिया.

वो भीग कर और भी सेक्सी हो गई थी, उसके कपड़े शरीर से चिपक कर उसको और भी सेक्सी बना रहे थे. कि तभी अचानक राजा ने लण्ड निकाल कर मेरी गाण्ड में पेल दिया…राजा अब झड़ने वाला था… राजा ने एक झटके से अपना लण्ड फिर मेरी चूत में पेला और झड़ने लगा … आगे बढ़ कर मेरे होंठ चूसने लगा. जब कालू खाना लेने आया तब उसे यह नहीं मालूम था कि मैं अन्दर अकेली उसका उन्ताजार कर रही हूँ। मैं चाहती थी कि वो आये और आज मुझे औरत बनने का सुख दे।मेरे मन में आज कुछ अजीब सी उथल पुथल चल रही थी।कालू जैसे ही घर के दरवाजे पर पहुंचा, उसने हमेशा की तरह मेरी कलाई पकड़ ली।मैंने अपने दूसरे हाथ से उसकी बांह पकड़ कर उसको अन्दर खींच लिया और कहा- आ भी जा मेरे कालू….

मैंने भी अपने दिमाग में सोचा कि भाभी भी जयपुर में हैं, उनसे भी मिल आऊँगा और क्या पता इस बार उन्हें फिर से चोदने का मौका ही मिल जाए. नहीं आप झूठ बोल रही है ?पर गुरूजी तो ऐसा ही कहते हैं।ये गुरूजी कौन है ?इसीलिए तो मैं कहती हूँ तुम एक नम्बर के लोल हो !जरा खुल कर बताओ !तो फिर प्रेम आश्रम में क्या गांड मरवाने जाते हो ?वो. मम्मी सर से पाँव तक पूरी तरह से गोरी नारी थी, उनकी चूचियों के निप्पल गोरे शरीर पर बहुत अच्छे लग रहे थे.

मेरी बात मानो, अभी के लिए इसको भूल जाओ, कहीं ऐसा न हो कि यह यहीं आपको मार डाले, इसका कोई भरोसा नहीं है।अब्बास- बस कर साले….

एक तरह से वो मेरा मुंह चोदने लगा… मैं बहुत गरम हो चुकी थी… मेरा मुंह पूरी तरह से चिपचिपा हो गया था उसके पतले रस से. मैंने बिना कुछ सोचे समझे दीदी का तौलिया खोलने के लिए हाथ बढ़ाया। मैंने तौलिये की गांठ को धीरे से खोला और तौलिये को शरीर से अलग किया……इतनी गोरी चूचियाँ मैंने अपने सपने में भी नहीं देखी थी। उन गोरी चूचियों पर उसके हरी-हरी नसें साफ़ दिखाई पड़ रही थी।मैंने अपनी नज़रें नीचे झुकाई तो नीचे का नज़ारा और भी सुन्दर था……….

फिर मैंने उसे सीढ़ी पर बैठने को कहा, वो बैठ गई, मैंने उसका पैर फैला दिए और थोड़ा सा नीचे होकर मैं उसकी टांगों के बीच में घुस गया और उसकी चूत चाटने लग गया और एक हाथ से उसके स्तन मसल रहा था. इस बारे में और अपने बारे में ज्यादा बात ना करते हुए मैं अपनी कहानी को आगे बढ़ाता हूँ. बस ज़ख्म देख उसे सहला रहा था…अचानक तेज़ी से उसने पानी की बोतल निकाली, मेरे हाथ धुलाए….

इसी मस्ती के दौरान चाची ने एक बार मेरे कसे हुये चूतड़ों को सहला भी दिया था और बोली थी- तेरे चूतड़ तो बहुत कसे हुये और सख्त हैं!तब मैंने जल्दी से चाची के चूतड़ दबा दिये कहा- हाय चाची, आपके तो बहुत नरम हैं!धत्त, बड़ा शरारती है रे तू तो! और वो छिटक कर दूर हो गई. क्योंकि मैं गुस्से में था इसलिए भाभी ने मुझे अकेले नहीं जाने दिया और मेरे साथ चल दी. वो अपने कपड़े उतारने लगी!तुम कल क्या देख रहे थे?मैंने सोचा कि तुम्हें आज सब कुछ दिखा देती हूँ…इतना सुनते ही मैंने उसके होंठ चूस लिए, वो तड़प उठी जैसे बिन पानी मछली!आकांक्षा ने आज काले रंग की ब्रा और काले रंग की ही पेंटी पहन रखी थी.

बीएफ दिखाइए बीएफ बीएफ दिखाइए इसका कारण ये था कि मेरी माहवारी ख़तम हुए अभी एक ही दिन बीता था और जैसा कि आप सब लोग जानते हैं ऐसे दिनों में चूत की प्यास कितनी बढ़ जाती है. मामी पूरा लो! खा जाओ! मैं तो झड़ने वाला हूँ ऽऽ!!और एक जोरदार धक्का लगाकर मैं उनके मुँह में झड़ गया.

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मैंने उसके होंठो को चूसते हुए उसके पूरे चेहरे को चाट-चाट कर गीला कर दिया और दोस्तो, आप तो जानते ही हैं कि कड़कियों के गले पत चूमने और चाटने में उनको कितनी उत्तेजना होती है. मेरा दिल कर रहा है कि कोई मेरे इस जिस्म को अपनी मज़बूत बाँहों में लेकर इसे खूब ज़ोर से दबाए इसी निचोड़ डाले और मैं अपनी जवानी का मजा उसके जिस्म को दूँ. मैने तुम्हारी चूत पर हेयर ओयल लगाया और तुमसे कहा कि तुम भी मेरे लन्ड पर तेल लगाओ। तुमने जैसे ही मेरा अंडरवीयर नीचे किया, मेरा लन्ड देख कर तुमने कहा-आओओ! ओह इतना बड़ा! मैने कहा- बड़ा है, लम्बा और मोटा है, तभी तो मज़ा आयेगा।तुम मेरे लन्ड पर तेल लगा कर अपने हाथ में लेकर हिलाने लगी.

रीता ने उसके चूचुक खींचने और घुमाने चालू कर दिए।कामिनी का मुंह खुलने लगा… आहें बढ़ने लगी। अचानक ही उसने रीता का हाथ हटा दिया और राहुल को खींच कर अपनी बाहों में भींच लिया,” मैं गई मेरे राज़ा… गई आआह… ” उसने अपने होंठ भींच लिए. !!!मैं : नहीं…!!!!मम्मी : सुन अब यह मुसीबत शुरू हो गई है, इसे माहवारी कहते हैं … अब तुझे. हिंदी देहाती बीएफ देसीमौके का फायदे पाकर मुस्तफा सोनिया से चिपक गया और उसको चूमने लगा, सोनिया जल्दी से उसके इरादे भांप गई और उसने एक जोरदार घूँसा मुस्तफा को जड़ दिया, मुस्तफा की चीख ही नहीं बल्कि मुँह से खून भी निकल आया। सोनिया मुस्तफा का कॉलर पकड़कर खड़ी हुई और उसको भी खड़ा किया और जोरदार धक्के के साथ उसको पीठ के बल दीवार पर मारा.

जीजू मुझे चूमने लगे, बोले- बहुत मजा दिया है तूने!मुझे भी अच्छा लगा जीजू!उसके बाद मैं वहाँ एक महीना रुकी और जब मौका मिलता हम एक हो जाते.

मैं देख कर आती हूँ।सोनिया- क्या नाम है तेरा?चौहान” उनमें से एक बड़ा अकड़कर बोला।दूसरा बोला- चौधरी।सोनिया- सुनो चौहान और चौधरी के बच्चो…. रुक जाओ संजय!’उसने मुझे रोकने का एक असफल प्रयत्न किया और उठ कर खड़ी होने लगी।‘रागिनी, अब बहुत देर हो चुकी है.

और अलग हो गई… हम दोनों एक दूसरे की आँखों से एक दूसरे का मन पढ़ रहे थे…!!!पढ़ते रहिए ![emailprotected]. बहादुर ने हाथ थोड़ा ऊपर सरका दिया- बेबी, अब कुछ आराम आया?रीटा सरसराते स्वर में बोली- नहीं, थोड़ा सा और ऊपर करिये तो बताती हूँ. ’मम्मी ने विनोद की अंगुली गाण्ड से निकाल के बाहर कर दी और अपनी एक टांग उठा कर स्टूल पर रख दी.

रीटा की तो खुशी को मारे किलकारियाँ सी निकल पड़ी- उई ई ईई आहऽऽऽ आहऽऽऽ आज से पहले किसी ने मेरे कबूतरों को इतनी बुरी तरह नहीं रगड़ा! आहऽऽऽ! शाबाश मेरे राजाऽऽऽ!दस इंच का लम्बा लण्ड देख कर लौंडिया की चुदास ठरक अब काबू से बाहर हो चुकी थी.

दीपू मेरे होठों को चूसते हुए मेरी छातियों से खेलने लगा और उधर राजू ने मेरी पेंटी निकाल कर चूत का रास्ता ढूँढ लिया. पर आखिरकार वेदांत के पास एक कन्धा तो था जिस पर सर रख वो अपने दुःख बाँट सकता था … वो थी मैं. फिर प्यार से देखो… और अपने होंठ लगा कर इसे मदहोश कर दो… यह तुमको प्यार करने के लिए है… तुमको तकलीफ देने के लिए नहीं…मुझे भी इतना बड़ा लौड़ा देखने की इच्छा हो रही थी… मैंने उसके कच्छे को उतार दिया…कहानी जारी रहेगी।आपकी प्यारी सेक्सी कोमल भाभी[emailprotected]2230.

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हम भी ऐसा ही करते हैं!मैं समझ गया कि चाँदनी अब चुदने के लिए पूरी तरह तैयार है पर उसको यह नहीं अंदाज़ है कि वो फिल्म की लड़की कितना चुद चुकी है, और इसकी पहली बार चुदने वाली कसी चूत! काफ़ी अंतर है दोनों में!तो मैंने उसको बिस्तर के किनारे पर लिटाया, उसको उसके दोनों पैर कंधे तक मोड़ कर पकड़ने को कहा. कुछ देर के बाद ज्योति योगी के कमरे में आई और बोली- आज मैं कॉलेज से कुछ देर से वापिस आऊँगी!पूछने पर उसने बताया कि करीब 11 बजे तक आएगी क्योंकि उसके एक दोस्त का जन्मदिन है और कॉलेज से सीधा ही डिस्को निकल जायेंगे. दो दिन रहने के बाद वो अपने मायके चली गई और मैंने अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना शुरू कर दिया.

लेकिन मेरे अंदर तो भयानक आग लगी हुई थी, लग रहा था कि उस वक्त मेरे भीतर का तापमान हज़ार डिग्री से भी अधिक होगा।मेरा दिल बहुत तेज गति से धड़क रहा था, मुझे लग रहा था कि इसकी धड़कन की आवाज पूरे विमान में गूँज रही हो।मैंने सीट के सामने लगे छोटे से टीवी पर चल रही इंगलिश मूवी भी बन्द कर दी क्योंकि उससे भी हल्का प्रकाश आ रहा था।अब क्रिस्टीना का सिर मेरे कंधे से फिसलने लगा. बहादुर ने रीटा को जन्नत में पहुँचा दिया तो रीटा ने बहादुर पर ताबड़तोड़ चुम्मियों की बरसात कर दी. फिर धीरे से मैंने आगे को झुक कर उसके चुचूक को मुँह में ले लिया और जोर से चूसने लगा.

वो दोनों बिस्तर पर एक दूसरे के साथ लेटी हुई थी और दोनों पेट के बल लेट कर एक साथ किताब को देख रही थीं. पर यदि इसे ठीक ढंग से गर्म किया जाये तो यह 8-10 लड़कियों का मज़ा एक ही बार में दे सकती है… इसलिए मैं इसकी चूत, गाण्ड सिलने का आदेश वापिस लेता हूँ और लड़की पर छोड़ता हूँ कि वो मेरी सबसे प्यारी रखैल बनना चाहती है या गली मोहल्ले में नंगी घूमने वाली रंडी? या फिर किसी टुच्चे की रखैल बन कर अपनी जवानी बर्बाद करना चाहती है और नौकरानी बने रहना चाहती है सारी ज़िन्दगी. अब्बास के इस हमले से उसके अंदर पहली बार सेक्स की माँग को बढ़ा दिया था… वो मदहोश हो रही थी… और खुद पर से काबू खोती ही चली जा रही थी….

शाम को जब मैं अपनी गाड़ी से घर वापस जा रहा था तो मैंने देखा कि नहर किनारे एक लड़की पेशाब कर रही थी और गाड़ी की रोशनी उसके चूत पर पड़ गई थी जिससे मुझे मूत निकलती चूत के दर्शन हो गए।यह देख अचानक ही मेरा लौड़ा पैंट में खड़ा हो गया और मुझे लगा कि अगर मैंने आज चूत नहीं मारी तो शायद मेरा लंड फूल कर फट जायेगा।बस मैंने योजना बनाई और गाड़ी रोक कर लड़की के पास चला गया।मुझे वहाँ खड़ा देखकर वो शर्मा गई. अच्छा चल, मैं बताता हूँ- उल्टा पुल्टा मतलब तू मेरे ऊपर रह कर मेरा लण्ड चूसना और मैं नीचे से तेरी चूत का रसपान करूँगा!विश्रांती- अच्छा तो तू 69 पोज़िशन की बात कर रहा है… अच्छा नाम है उल्टा पुल्टा… चल इसमें तो और भी मजा आएगा…फिर हम एक दूसरे से मज़े लेने लगे… विश्रांती की चूत का स्वाद आते ही मन चंगा तो आया था… विश्रांती की चूत काफी गीली हो गई थी….

मुझे उसकी आवाजें सुनकर बहुत मजा आने लगा, मैंने और स्पीड बढ़ा दी।उसकी भाभी मुझे चूम रही थी और रक्षिता के स्तन दबा रही थी।मैंने दूसरी बार दो लड़कियों की चुदाई की थी जिसमें मुझे काफी मजा आया।इस चुदाई में मुझे पहले से ज्यादा मजा आया।रक्षिता की चुदाई होने के बाद भाभी बोली- रोहित, तेरे भैया तो मेरी गांड मारते नहीं हैं! तू ही मार दे.

!!!यह सुन सभा में ख़ुशी से शोरगुल होने लगा, लोग ठहाके लगाने लगे, फबतियाँ कसने लगे, भीड़ में से आवाज़ आई- आज मज़ा आयेगा! मैं अभी घर से अशर्फ़ियाँ उठा लाता हूँ!मेरी तो हवा निकल रही थी कि अब जाने आगे मेरे साथ क्या होने वाला है, इससे पहले जो हुआ वो कम था क्या…!!!कि अचानक आवाज़ आई. बीएफ सेक्सी वीडियो आदिवासीखुले गले में से उफनते उरोजों की छोटी छोटी गुलाबी चुचकियाँ बहादुर की आँखों से लुका छिप्पी खेल रही थी. अँग्रेजो की बीएफमेरा पजामा उतार दो ना और ये टॉप… खीच दो ऊपर… मुझे नंगी करके चोद दो… हाय…”कहानी का दूसरा भाग :समझदार बहू-2. बहुत देर ये खेल चला!मामी, क्या बस करूँ गांड की ठुकाई?”हाँ नयन, अब जरा मेरी चूत पर जोर लगाओ!”मैंने गांड से लंड बाहर निकाला और उनको घोड़ी बना कर उनकी चूत में डाल दिया और पूरी गति से कमर हिलाने लगा.

पर थोड़ी देर बाद मैंने हिम्मत करके अपने पैर के अंगूठे से उसके मोमों को रगड़ना शुरु कर दिया.

मैंने अन्तर्वासना पर लगभग सारी कहानियाँ पढ़ी हैं और अब मैं अपनी कहानी भी भेज रहा हूँ. हम दोनों एक-दूसरे को चूमने लगे और चुम्बन प्रगाढ़ होता चला गया। वो मेरी गोद में ही बैठी रही और हम दोनों एक-दूसरे को करीब दस मिनट तक लगातार चूमते-चाटते रहे. वो उठा और बोला- ये लो नेहा जी, जैसी आपकी मर्ज़ी !और इतना कहते ही उसने अपना काला मोटा 8 इंच का लौड़ा मेरी चूत में घुसेड़ दिया। मेरी चूत चरमरा उठी…। मैं कराह उठी.

मैं भी उसकी शादी में गया, खूब मज़े किए तथा जब जयमाला का वक़्त आया तो उसकी बीवी को देख कर आँखें खुली रह गई. मामी, कैसा लग रहा है?”नयन, यह तो अलग ही अनुभव है! मुझे बहुत ही मजा आ रहा है! तुम भी कमर हिलाओ ना! मजा आ रहा है बहुत!”अब मैंने अपने शॉट धीरे से चालू किये जिससे उनको तकलीफ़ ना हो. अब मैं जब भी ट्यूशन पढ़ाने जाता था तब पढ़ाई कम और प्यार की बातें ज्यादा होती थी और हमने कई बार सेक्स भी कियाउस साल कशिश मेडिकल में जगह न बना पाई.

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मैंने देखा कि विपिन की अंडरवीयर वाशिंग मशीन में पड़ी हुई थी, उसके कमरे में झांक कर देखा तो वो शायद सो गया था. मैं ऑफिस पहुंचा तो चपरासी ने कहा- मैडम बॉस के साथ मीटिंग में हैं! आप इंतज़ार कीजिये. ज्योंही मम्मी की बुर पर अंकल ने अपना लंड रखा, मम्मी जोर से फुसकारी मारते हुए बोली- अब मुझे न तरसाओ यार! अब चोद दो!अंकल ने भी फुर्ती से अपने लंड को जोरदार धक्का लगाया और उनका लंड मम्मी की चूत में जा घुसा.

पर मेरे पति का लंड बहुत छोटा है सिर्फ 6 इंच का! न ज्यादा मोटा है न ही वो ज्यादा वक़्त चोद पाते हैं.

मैंने कई फिल्में देखी थी इस लिये थ्योरी तो पूरी आती थी आज प्रेक्टिकल करना था सो पूरा मजा ले रहा था.

मैंने फिर से अपनी जीभ उसके मुँह में डालना चाही मगर उसने भी अपनी जीभ बाहर निकली और मेरी जीभ से रगड़ने लगी. 20 साल की उम्र में शादी के बाद मेरी जिंदगी बहुत खूबसूरत रही थी, ऐसा लगता था कि जैसे यह रोमान्स भरी जिंदगी यूं ही चलती रहेगी. औरत वाला बीएफ सेक्सीबहादुर रीटा का खुला आमन्त्रण पाकर डरते डरते रीटा के सन्तरों को पौं पौं कर दबाने लगा और दूसरे हाथ से रीटा की दहकती और रिसती चूत में उंगली करने लगा.

मुझे समझते भी देर ना लगी कि ज्योति ने कल किसी के साथ चूमा-चाटी की है मगर उस निशान को छोड़ मैंने ज्योति को आवाज़ लगाई जिसे सुनकर वो जग गई. हल्का सा शावर लेने के बाद मैंने उसे बाहर भेज दिया। वो मुझे साथ ही ले जाना चाहता था पर मैंने कहा- तुम चल कर दूध पीओ मैं आती हूँ।मिट्ठू जब बाथरूम से बाहर चला गया तो मैंने दरवाजे की चिटकनी लगा ली। आप सोच रही होंगी अब भला दरवाजा बंद करने की क्या जरुरत रह गई है अब तो मिट्ठू को कहना चाहिए था कि वो गोद में उठा कर बेडरूम में ले जाए। ओह …. हील वाले सेन्डिल के अलावा रीटा अब बिल्कुल नंगधड़ंग थी और बेइन्तिहा सैक्सी लग रही थी.

पूरे लंड को उसने चाटा, फ़िर से मखन लगाया।मैंने उसे खड़ा किया और बेड पकड़ कर झुकाया।इस तरह खड़े होने से उसके चौड़े और उभरे हुए चूतड़ बहुत ही सेक्सी दिख रहे थे। गांड का छेद और चूत दोनों उभर आए थे। मैंने पहले उसके चूत और गांड दोनों पर लंड को बहुत अच्छे से रगड़ा और पहले मैंने उसकी चूत के ऊपर मेरा लंड टिकाया और उसकी पतली कमर को जोर से पकड़ कर दबाया. मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा कभी करुँगी… मैं सच कह रही हूँ।’‘लेकिन अच्छा लगा ना?’‘हाँ, बहुत अच्छा.

मैंने अंडरवीयर पहना हुआ था जिसमें से मेरा लंड बाहर झांक रहा था, मेरे लंड का टोपा बाहर निकल रहा था।रीना घुटने के बल बैठ गई और मेरे बाहर निकले टोपे को देखने लगी।अचानक ही उसने अपनी जीभ टोपे पर रख दी और मेरा टोपा चाटने लगी.

तब अचानक जीजू उठे और उन्होंने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और अपने होंठ मेरे होंठों से मिला दिए और उन्हें बेरहमी से चूसने लगे. उन्होंने कहा- एक आप हैं जो मेरा साथ चाहते हैं और मेरे पति को मुझसे कोई मतलब ही नहीं है, शादी के दो सप्ताह बाद ही वो अमेरिका वापस चले गए यह बोलकर कि मेरा आश्रित वीजा बनवा लेंगे और मुझे वह बुला लेंगे…वो मायूस हो गई…फिर उसकी आँखों में आंसू आ गए. मैं अब घुटनों के बल बैठ गया और मामी वैसे ही नीचे से सर हिला के अपने मुँह को खुद चुदवा रही थी.

इंग्लिश बीएफ सेक्सी डॉट कॉम हाय … उसने नीचे चोली नहीं पहनी थी इसलिए कमीज उतारते ही उसके स्तन उछल कर सीधे मेरे हाथ में आ गए और मैंने दोनों को कस कर पकड़ लिया और जोर-जोर से दबाने लगा. हाय!!वो मेरे होंठ चूस रही थी और मेरी जांघें सहला रही थी, मैं मचल रही थी- नहीं कामिनी! प्लीज मत करो! आ.

जूली ने एक आँख मारी और उसके पास जाकर खड़ी हो गई।उसने डरते हुए जूली को कहा- मैं पहले कभी नहीं आया ! दोस्तों ने बोला कि मज़े करने हैं तो इस गली में चले जाना।जूली- सच है ! यहाँ बहुत मज़े करवाने वाली हैं। तुझे किसके पास जाना है?जूली ने उसको पास खींच कर चूम लिया और उसके लौड़े को दबा दिया। वो शर्म और डर से पानी पानी हो गया. पर मेरा तैराकी में खूब मन लग रहा था… हमारा तैराकी का शिक्षक बहुत गठीला और स्मार्ट था…. पीछे से मैंने देखा कि उसकी चूत का पानी छूट गया था …भाइयो और भाभियो !अगर आपका भी स्राव हुआ हैयह कहानी पढ़कर तोमुझे ज़रूर लिखें.

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वैसे मेरा घर बहुत बड़ा है, चाल में हमारा घर ही बड़ा है, एक बेडरुम, किचन और हॉल – ऐसे तीन कमरे थे, जिनमें हॉल सबसे बड़ा है।कविता बोली- राज कौन लेगा…. ‘आह, भैया… ये बात हुई ना…अब लग जा धन्धे पर… लगा धक्के जोरदार…!’‘मस्त हो दीदी… क्या चुदाती हो और क्या ही गाण्ड मराती हो…!’‘चल लगा लौड़ा… चोद दे अब इसे मस्ती से…और हो जा निहाल…’उसकी चिकनी गाण्ड में मेरा लण्ड अन्दर बाहर होने लगा. जितना सहलाती उतना ही विपिन का मोटा लण्ड मेरी चूत में घुसता सा लगता और मेरे मुख से एक सिसकारी सी निकल जाती.

बहरहाल पीछे के दरवाजे से कमरे में घुसा तो देखता हूँ कि नीना है ही नहीं और दोनों बच्चे सो रहे हैं. जैसे ही मेरे होंठों ने उसके होंठ छुए, उसकी बड़ी-बड़ी आंखें खुल गई और वो शरमा कर दूसरी तरफ़ देखने लगी.

इस शानदार चुदाई की तैयारी में मैंने अपने दोनों बच्चों को गाँव भेज दिया, जिससे घर खाली मिले और हम तीनों एक साथ चुदाई करने का भरपूर मजा ले सकें.

और ये तो मुंबई है !मुंबई के पोश लोकेलिटी में फ्लैट के अन्दर सब हो रहा था … चार कैमरा …दस बारह लोग ! हम दो लड़कियाँ !!डायरेक्टर : तो यह है श्रेया … कपड़े खोलो जरा !!श्रेया : पर सर …मोनिका : अरी करती जा ! मत शरमा … सब अपने लोग है यहाँ !मैंने अपनी जींस उतारी और टी शर्ट भी … सिर्फ अंडर-गारमेंट्स में रह गई थी मैं …डायरेक्टर : सब खोल ! तभी तो बोली लगेगी …. कहानी का पिछला भाग:मेरे बस के सफ़र से आगे का सफ़र-2मैंने मामी को नीचे खींचा और फिर से उनके मम्मे दबाने लगा. और जोर से … आआअह्ह्ह्ह …मैंने अपने नाख़ून सोफे में घुसा दिए थे … मेरी चूत में पानी भर गया था और छप-छप की आवाज़ आ रही थी। मकान-मालिक ने एक ज़ोरदार धक्का मारा और मेरी चूत को अपने वीर्य से भर दिया। मैं भी कराह उठी ….

मगर मैं सुन कहाँ रहा था…! पेड़ू का उभार, खुरदरे बालों की शुरुआत, पैंटी की इलास्टिक, पतले कपड़े के नीचे शिकार खोजते-से नथुने। मैं मानने वाला नहीं। होंठों पर झीने कपड़े के नीचे बालों की रेशमी सरसराहट महसूस होती है…. उसको बिस्तर पर पटक कर मैं भी उस पर कूद गया और पागलों की तरह उसके बदन को चूमने-चाटने लगा. वह अपना हाथ मेरी चड्डी में डाल कर मेरे लौंडे से खेलने लगी।मेरे लौड़े का बुरा हाल हो रहा था.

दोस्त को तो जगह मिल गई, मुझे जगह नहीं मिली तो बगल वाली छत से आवाज आई- जगह नहीं है तो हमारी छत पर आ जाओ.

बीएफ दिखाइए बीएफ बीएफ दिखाइए: ’मैंने हँसते हुए उससे कहा ‘तुम दोनों अगर मेरे मुंह में ही उलटी करके चले जाओगे तो मैं क्या करूंगी. अच्छा चल, मैं बताता हूँ- उल्टा पुल्टा मतलब तू मेरे ऊपर रह कर मेरा लण्ड चूसना और मैं नीचे से तेरी चूत का रसपान करूँगा!विश्रांती- अच्छा तो तू 69 पोज़िशन की बात कर रहा है… अच्छा नाम है उल्टा पुल्टा… चल इसमें तो और भी मजा आएगा…फिर हम एक दूसरे से मज़े लेने लगे… विश्रांती की चूत का स्वाद आते ही मन चंगा तो आया था… विश्रांती की चूत काफी गीली हो गई थी….

मैंने चूत को मुँह में ले लिया और जोर जोर से चाटने लगा! उसके मुँह से आह आहह की आवाज़ निकलने लगी. पिछले भागसे आगे:राजा ने फैसला सुनाया- आज से लेकर कल इसी समय तक तेरी लगातार चुदाई होगी और वो भी भरे महल में. ! ! मेरी योजना यही थी।जब आखिर में मैं झड़ने को हुआ तो मैंने सारा वीर्य उसकी चूत में डाल दिया और उसे कुतिया बना कर लण्ड चटवाने लगा।तब मैंने कहा,क्यूँ साली मुझे चूतिया समझती थी … क्या सोचा था प्यार से जाल में फंसा कर पैसे कमाएगी.

उसका घर बेहद साफ़-सुथरा था, उसके पापा बाज़ार गए थे, दादी अपने कमरे में थी, वो मुझे दादी के पास ले गया।दादी ने पहले मेरे सर पर प्यार से हाथ फेरा, उसे भी डांटा- तूने गिराया होगा जरूर इसे? प्यारी सी है इतनी !मैं शरारत भरी निगाहों से उसे देख कर मुस्कुरा रही थी.

वहाँ मौजूद सभी गुंडे पूरी तरह घायल थे !और अपने ऑफिसर्स को बोलकर सोनिया ने एम्बुलैंस मंगवा ली और उन सब को वहाँ से भिजवा दिया। लेकिन सोनिया की नजर मुस्तफा को खोज रही थी।दोस्तो, मुझे आपके मेल नहीं मिल रहे।आगे जानने के लिए अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर आते रहिए…. और आज के बाद मुझे यह सब दिखा तो मुझसे बात करने हिम्मत करने से पहले सौ बार सोच लियो… जिस दिन फिर कुछ ऐसा हुआ मेरी दोस्ती हमेशा के लिए खो देगी तू… और मुझे भी…”मैं उसी समय कहना चाहती थी कि मैं तुमसे प्यार करती हूँ. मुझे कुछ अजीब सा लगा, क्यूंकि आमतौर पर ऐसे काम करते वक़्त लोग सारे काम धीरे धीरे और शांति से करते हैं.