बीएफ सेक्स नेपाल

छवि स्रोत,चारबाग लखनऊ

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चोदेगा? कभी चोदी है?वह बहुत ज्यादा प्रभावित था, बार बार हाथ में मेरा लंड लेकर कह रहा था- इतना बड़ा तो कम लोगों का होता है. सुंदर लड़कियों के वॉलपेपर डाउनलोडसेक्स की प्यास के बारे में कई बार मैंने अपने मां और पापा को बातें करते हुए अपने ही कानों से सुना हुआ था.

कहानियों के साथ साथ लड़कियों की हर गुप्त से गुप्त बातों का भी आपको पता चलता रहेगा। कई लोगों को यह जिज्ञासा रहती है कि लड़की की सेक्स लाइफ कैसी होती होगी. इटली की सेक्सी पिक्चरमैंने उससे पूछा कि कालेज कब जाओगे?वो बोला- सुबह आठ बजे और शाम को चार बजे वापस आऊंगा.

फिर मैंने कुछ देर उनको चाटने के बाद उसके निप्पलों पर अपना मुंह रख दिया और आंटी के दूध पीने लगा.बीएफ सेक्स नेपाल: मुझे जोर का दर्द हुआ लेकिन वो मेरे चूचों को जोर से भींचने लगा और मेरा ध्यान चूचे दबवाने में चला गया.

फिर एक हाथ से मैंने उनकी साड़ी भी निकाल दी और साथ ही साथ उनके पेटीकोट के नाड़े को भी खोल दिया.उन्होंने मेरी तरफ अपनी पीठ घुमा रखी थी और उनके दोनों बड़े बड़े चूतड़ मेरी जांघों और मेरे लंड से पूरी तरह से सटे हुए थे.

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उसने मुझसे कहा- बेटा तो नहीं, पर आज की रात तुम्हारा पति मैं ही हूँ.अब उस लड़के का सुनो, जिसका लंड अंतरा चूस रही थी, उसके मुँह से एकाएक आह की आवाज निकली और उसने अपना गाढ़ा सफेद वीर्य अंतरा के मुँह में छोड़ दिया.

अब मैं आपका ज्यादा समय न लेकर आपको सीधे कहानी की तरफ लेकर चलता हूं. बीएफ सेक्स नेपाल हमें बिल्कुल भी होश नहीं था कि हम सिनेमा हॉल में एक पब्लिक प्लेस में हैं.

मेरी चूची भी बड़ी बड़ी है और मैं खाते पीते घर की हूँ तो मेरा फिगर बहुत अच्छा है.

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कुछ समय के बाद आदमी खुद को ठगा सा महसूस करता है और वो अपनी खोयी खुशी को बाहर ढूंढता है. कुछ देर बाद प्रिया सोने के लिए छत पर आयी और मैं और चाचा का लड़का एक साथ सोये थे. वही दूसरी महिला राजेश्वरी, राजशेखर की पत्नी थी और वो भी लगभग निर्मला से मिलती जुलती ही थी.

उसके चूचों को अपने हाथों में भर कर उसके निप्पलों को मुंह में ले लिया और चूसने लगा. अगले अंक में मैं सोनम आपको मेरी कहानी बताऊंगी कि कैसे मेरी जिन्दगी में चुदाई की शरूआत हुई. मैंने उसकी जीभ को चूसते हुए उसका एक बोबा ज़ोर से मसल दिया, वो सिसक गयी- अहह आहह आहहा आहह … धीरे करो न.

मेरा बॉयफ्रेंड मेरी चूची को मसलने के बाद मेरी चूत को चाटने लगा और उसके बाद उसने अपनी दो उंगलियाँ मेरी चूत में डाल दी और अन्दर बाहर करने लगा. मैं खड़ी खड़ी उसे मना तो कर रही थी … पर मुझे उसका मुझे चूमना बड़ा ही अच्छा लग रहा था. मैंने तो राकेश को भी ऐसा नहीं करने दिया था, मेरा मुँह दुखने लगा, तुम मेरे मुँह में एकदम राक्षस की तरह से कर रहे थे.

वो बोली- सर स्पर्म कैसा होता है और कैसे निकलता है?उसके मुंह से ये शब्द सुनकर मैं थोड़ा हिचकिचाने लगा क्योंकि मुझे भी थोड़ा असहज महसूस हो रहा था. अब मुझे आनन्द आने लगा था और मैं उसे कभी पकड़ कर, कभी अपने चूतड़ उठा कर मजे आने के संकेत देने लगी थी.

उसने जैसे ही अपना लिंग घुसाया, पल भर के भीतर ही उसने 20-25 धक्के मार दिए.

उसके घाघरे में हाथ डाल कर उसकी फुद्दी, गांड सबको सहला दिया, ताकि अगर ऐन वक्त पर ये मुकर भी जाए, तो भी मुझे कोई मलाल न रहे.

उस दिन मैंने गाँव की सेक्सी लड़की को बहुत मनाया कि जरा सी देर लंड चूस दे … मगर वो नहीं मानी. दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का बहुत बड़ा और पुराना प्रशंसक हूँ और अपनी कहानी आप तक पहुँचाना चाहता हूँ. चूंकि उनकी ननद अभी सील पैक माल थी, इसलिए आंटी को लगा कि इसकी चूत की ओपनिंग जरूरी है, वरना ये उनकी बदनामी कर सकती थी.

वो मेरे से बात करती है, बूब्स के दर्शन करवा देती है, चुसवा भी लेती है. मैंने फ़ौरन ही उसकी चुचियों को सहलाना शुरू किया और उसके होंठों को चूसने लगा. जब उसका ब्लाउज नीचे आया तो उसके बड़े-बड़े स्तनों को देख मेरी आंखें जैसे फैल सी गईं.

मैं उसकी कमर पकड़ कर चुत की चुदाई बहुत ही तेजी से करने में लगा हुआ था.

जिम के पास में खूबसूरत लड़की थी, जिसका नाम मैं नहीं लूंगा … लेकिन दिखने में वो जबरदस्त कमाल की लड़की थी. एक ही पल में उसने अपने लिंग को सीधा पकड़ा और राजेश्वरी की योनि में धकेलना शुरू कर दिया. राजशेखर वहीं खड़े खड़े अपने लिंग को हाथ से सहला रहा था कि उसकी नजर मुझ पर पड़ी.

अब हम दोनों ने ही ठान लिया था कि चूत और लंड का मिलन करके ही रहेंगे. रवि एक खूंखार जानवर की तरह मुझमें धक्के मारे जा रहा था और बेरहमी से कभी मेरे चूतड़ों को, तो कभी नीचे से स्तनों को मसलता. काफी देर तक भाभी की चूत को चाटने के बाद मैंने अपने कपड़े भी निकाल दिये.

असल में जब मैं नींद से जगा तो मैंने पाया कि भाबी अपनी रजाई से निकल कर मेरी रजाई में आ गई है.

सुपारे को अंदर घुसाने के बाद मैंने कुछ देर ऐसे ही लंड को रोके रखा और फिर दबाव बनाना शुरू किया. नमस्कार दोस्तो, यह कहानी मेरी पहली और सच्ची कहानी है चचेरी बहन की चुदाई की … अगर कोई गलती हो तो माफ़ करना।मेरा नाम है आनंद और मैं गाजीपुर (उ.

बीएफ सेक्स नेपाल वो कहने लगी- यह क्या कर दिया तुमने … ब्लाउज ही फाड़ डाला … सब्र तो कर लो … मैं कहीं नहीं जाने वाली. मैंने उसके होंठों से अपने होंठों को हटाया और फिर अपने एक दोस्त को फोन लगाया.

बीएफ सेक्स नेपाल जैसे ही मैंने उसके होंठों पर किस किया, तो उसने मुझको कसकर अपने उभरी हुई चुचियों से चिपका लिया. अब शायद दोनों ही भाई बहन उन पुराने दिनों की यादों को फिर से ताज़ा करने के लिए तैयार हो गये थे.

संभोग की संतुष्टि और थकान ने मुझे सुला दिया था … पर अब कांतिलाल के रूप में एक और पड़ाव मेरे सामने आ गया था.

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जब उसका निकलने वाला था उसने लंड को निकाला और सारा माल मेरे मुँह पर निकाल दिया. रवि के धक्के आराम और धीमी गति के थे, जिससे मैं समझ गई थी कि थकान की वजह से जोश और उत्तेजना दोनों ही कम हो गए थे. जब मैंने आपके लौड़ा को देखा, तो उसी वक्त से अपनी भोस में उंगली कर रही थी.

उसने लंड पर दबाव देते हुए उसे मेरी चूत के अन्दर डालना आरंम्भ कर दिया. चूंकि घर पर मैं अकेली थी इसलिए पापा ने जाते हुए अंकल से कह दिया कि ज़रा घर की तरफ ध्यान रखिएगा।पापा के जाते ही जैसे मुझे आजादी मिल गई. बल्लू- हां यार, क्या बताऊं, मैंने बहुत सी लड़कियों और औरतों को पटा कर चोदा हुआ है लेकिन यह जो सर्विस देती है वो कोई और नहीं देती.

जब काफी देर तक की उनकी बातें खत्म नहीं हुईं तो मैंने भाभी को अपनी बांहों में भर लिया और अपने लंड को ऐसे ही उनकी चूत में रख कर सो गया.

मुझे लगा कि शायद आज ट्रेन में सेक्स की मेरी ख्वाहिश पूरी हो जायेगी और मेरी यह ट्रेन सेक्स स्टोरी बन जायेगी. चूंकि पढ़ाई पूरी होने के बाद मुझे कोई अच्छी नौकरी नहीं मिली थी तो मैं अपनी बुआ की बेटी के पास गुवाहाटी चला गया था. मैं बता दूं कि हम यहाँ किसी से दोस्ती करने नहीं बल्कि आप लोगों का मनोरंजन करने के साथ साथ आपके अंदर सेक्स का नया जोश भरने के लिए आये हैं।हम लोग अच्छी तरह जानती हैं कि शादी के बाद व्यक्ति की जिन्दगी में कई तरह के बदलाव आ जाते हैं.

हालांकि मुझे नाचना नहीं आता था, पर मर्दों के आगे उस दिन क्या चलता और बाकी की औरतें भी वैसी ही थीं. मैं आप लोगों के लिए आगे भी अपने साथ हुई चुदाई की घटनाएं लेकर आता रहूंगा. अब तू मुझे बिना कंडोम के भी चोदेगा तो मैं प्रग्नेंट नहीं हो सकती हूं।ये सुनकर मैं बहुत खुश हो गया।मैंने दीदी को अपनी ओर खींचा और उसे अपनी बांहों में लेकर जल्दी से किस करना शुरू कर दिया.

आने से पहले कविता ने मुझसे बोला कि तुम्हारी वजह से रवि ने पहली बार किसी दूसरी महिला की तारीफ की और इसका बदला वो मुझसे जरूर लेगी. मैंने सीमा जी की रस से भीगी चूत को सहलाया ही था कि उन्होंने अपने मुँह से जोर से ‘सीईईए…’ की आवाज निकाली.

जब भी मैं इमरान के घर जाता था तो मेरी नजर उसकी मां के बदन को ऊपर से नीचे तक पूरा नाप लेती थी. मैं लगातार उसके मम्मों को चूसता मसलता जा रहा था और दबाता जा रहा था. उठ कर मैंने मौसी की चूत पर एक किस किया और फिर मैंने उसकी टांगों को चौड़ी कर दिया और मौसी की चूत में लंड को डाल दिया.

शाम को घर के सब लोग भी वापस आने वाले थे इसलिए उनके आने से पहले हमने एक बार और ऊपर कमरे में आकर चुदाई कर ली।भाबी अब बहुत खुश नजर आ रही थी.

वो मेरे ऊपर झुकते हुए अपने लिंग को पकड़ मेरी योनि की दिशा में ले जाने लगा. मेरी योनि अभी भी वीर्य से लबालब भरी थी, तो रवि ने जल्दी से एक कपड़े से मेरी योनि से टपकते वीर्य को साफ किया और अपनी हवस मिटाने को तैयार हो गया. जब उसे उठा कर चोद रहा था तब उसका पानी निकला और मैंने भी अपना माल उसके अंदर छोड़ दिया.

उसके मुँह से निकला- आअह्ह्ह …मैंने पूछा- क्या हुआ?उसने बोला- यार, धीरे धीरे करो ना, प्यार से … मुझे दर्द हुआ. तब उसने बताया कि उनके व्यापार में कभी कभी ऐसा भी करना पड़ता है, जहां अच्छे खासे उच्च वर्ग की वेश्याओं का सहारा लेना पड़ता है.

राकेश ने भी बोला- हां यार निहाल, मैं भी अब अपनी काव्या को चुदवाते हुए देखना चाहता हूँ … जल्दी करो. शायद ये बात मेम को पता चल गई थी कि मैं उनके चुचे देखता रहता हूं, इसलिये अब मेम का ज्यादा ध्यान मेरे तरफ ही रहता था और वो बार बार साड़ी का पल्लू संवारने लगती थीं. मैंने उसकी बुर को हाथ से रगड़ा और अपना लंड उसकी बुर के मुंह पर लगा दिया और उसके ऊपर लेट गया.

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उसकी निगाहें मुझे कुछ ऐसी लगती थीं, जैसे वो मुझसे कुछ कहना चाहती हो.

मैंने जवाब दिया- आपने मुझे पुकारा?वो बोली- हां, मेरे पास सामान काफी ज्यादा है तो आप प्लीज मेरी थोड़ी मदद कर दीजिये सामान सेट करवाने में. और कभी मेरा मन भी करता है मैं किसी के साथ कुछ ऐसा करूं … लेकिन मेरे पापा की वजह से आज तक मैंने कभी भी किसी लड़के से बात नहीं की. लगातार सेक्स करने की बजाए मैं अपने लंड को जुबैदा की चुत से बाहर निकालता, बस मेरा सुपारा उसकी चूत में रहता … और फिर कसके झटका मार देता.

क्रीम कलर के सलवार और सूट में अपनी सीट के पीछे शरीर का वजन टिकाये वो दोनों आंखों को बंद करके बैठी हुई थी. हमारे ग्रुप में सनी ने खेलना चालू किया और खेलते खेलते वो तीन लोगों के 6000 रुपए हार गया. जींस पेंटदीदी ने मेरी पैंट की चेन खोल दी और फिर मैं समझ गया कि दीदी मेरे लंड का स्पर्श पाना चाहती है.

कुछ औपचारिक बातें हुईं हम दोनों के बीच और मैं अगले दिन से अपने काम पर जाने लगा।शुरुआत के कुछ दिन तो ज्यादा बातचीत हम दोनों के बीच नहीं हुई लेकिन मेरा ध्यान काम में कम रहता था और पूरे समय मैं बस सोनू को ही देखता रहता था. अब मैं उसकी चुदाई के लिये तड़प गया था और भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि घर वाले कहीं चले जायें.

मैं समझ गई थी कि हम जिस उम्र से गुजर रहे हैं, उस उम्र में योनि में नमी जल्दी नहीं आती है. अब आगे मेरी देसी फुद्दी की चुदाई:गांड चुदवाने से मना करने के बाद अंकल ने मेरी चूत दोबारा से मारने की बात कही. जब तक आंटी बात कर रही थी तब तक मैं बाथरूम में जाके आंटी के नाम की मुठ मार के आ गया।मैं अपने रूम में आके बैठ गया और आंटी भी मेरे पास आके बैठ गई और हम दोनों बातें करने लग गए बातों ही बातों में हम सेक्स की बातें करने लग गए.

इधर मेरे लंड को गरम गुफा का अहसास हुआ, तो मैं पूरे जोश में आ गया था. यही प्यार था क्या तुम्हारा?वो बोली- छोड़ो मुझे विक्की, आंटी आ जायेगी. कविता भी अब झड़ने को होने लगी थी और उसके मुँह से चीखें निकलनी शुरू हो गई थीं.

मैं अब जोर से मौसी के चूचों को दबाने लगा तो वो सिसकने लगी और बोली- ऐसे नहीं दबाते बुद्धू.

मगर पता नहीं कैसे मेरा हाथ विकास की जिप के अंदर लटक रहे उसके लंड से स्पर्श हो गया. अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी पसंद करने वाले मेरे प्यारे दोस्तो, मैं एक कहानी लेकर आया हूँ.

कांतिलाल ने संभोग का आसन बदल लिया था और अब कविता कांतिलाल की सवारी करने लगी थी. उसने मेरी टांग को चूमते हुए एक हाथ से मेरे स्तन को मसलना शुरू किया और एक हाथ से मेरी दूसरी जांघ पकड़ ली. मुझे कोई परेशानी भी नहीं हुई … क्योंकि पहले से मैंने क्रीम भी लगा रखा था और ये भी उतना तकलीफ देने लायक नहीं था.

मैं अब पूरे जोश में आ गई और मेरे भीतर ऐसा लगने लगा, जैसे ऊर्जा का भंडार फूट पड़ा हो. मेरी ये नंगी गर्ल की चुदाई कहानी आपको कैसी लगी, अपने कमेंट्स मुझे मेल जरूर करें दोस्तो. मैंने ध्यान दिया कि कांतिलाल बात करते हुए बीच बीच में मेरी जांघों के पास देख रहा.

बीएफ सेक्स नेपाल उसके इस तरह के व्यवहार से मैं और उत्तेजित होती चली गई और अपनी कमर उसकी तरफ धकेलते हुए अपनी योनि का दबाव उसके होंठों पर बढ़ाती चली गई. मैं खुद में ही सोच कर खुश थी कि किसी तरह मेरी जोड़ी कमलनाथ के साथ नहीं बनी, वरना इतनी जोर से वो धक्के मार रहा था मुझसे बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता.

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मैंने उससे कहा- अपूर्वा मैं तुम्हें बहुत पसंद करता हूं … तुम मुझे बहुत अच्छी बहुत हॉट और बहुत सेक्सी लगती हो … मैं तुम्हें चोदने के सपने देखता रहता हूँ. वो कभी मेरी तारीफ नहीं करते।मैंने कहा- मैं तो आपको बहुत पसंद करता हूँ. मैं चिल्लाए जा रही थी मगर उनके आगे मेरी कहाँ चलने वाली थी। फिर मुझे भी काफी मजा आने लगा और मेरी गांड अपने आप आगे पीछे होने लगी.

अब भाभी भी नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर चुदवा रही थीं और बोल रही थीं- आह और जोर चोद मुझको … हां ऐसे ही … तेरा लंड मेरी चूत की पूरी खुदाई कर रहा है … आह. बल्लू ने भाभी की कमर पर अपनी बांहों का घेरा बना दिया और उसको अपने आगोश में जकड़ लिया. इंग्लिश ब्लू पिक्चर मूवीतो उसने क्या किया?अब तक की मेरी इस मस्त सेक्स कहानी के पहले भागएक्सरसाइज करवाते वक़्त भाभी को चोदा-1में आपने पढ़ा था अपूर्वा नाम की एक भाभी को कसरत करवाने मैं उसके घर जाता था.

हम दोनों करीब एक साल बाद मिले थे और बातें करते करते काफी खुल चुके थे.

उसने अपने दाएं हाथ को मेरे चूतड़ से अलग किया और पीछे से मेरे बालों को पकड़ मेरे सिर को खींच कर मेरे होंठों से हाथ लगा कर चूसने और चूमने लगा. फिर उसने मेरी गर्दन को चूमना शुरू कर दिया और मेरे चूचों को दबाने लगा.

मैंने थोड़ा सा बाहर झांक कर देखा और फिर उसके गालों को पकड़ कर उसके होंठों पर होंठ रख दिये तो उसकी आंखें बंद हो गईं. सुरेश मुझे अच्छा लगने लगा था, तब भी मैं अभी उसको अपने घर भी नहीं बुला सकती थी. मुझे धक्के देने में साथ ही ऐसा लग रहा था मानो वो स्वयं को जल्द पतन होने से रोक रहा था.

हम दोनों ने होटल रूम में ही कुछ देर तक बैठ कर बातें की और उसके बाद हम होटल रूम से बाहर आ गए.

मेरी ये तरकीब अब काम आयी क्योंकि मुझे अनुभव है कि मर्दों को ज्यादा उत्तेजित करने के लिए स्त्री को आगे आना पड़ता है. दो मिनट बाद बोला- मजा आ रहा यार … मस्त चुत है तेरी, ऐसी औरत को चोदने का मजा ही कुछ और होता है, कंडोम में थोड़े इतना मजा आता है और तू कंडोम लगाने को बोलती है. तूने गलती से इनकार किया, तो ब्लू फिल्म तो बनेगी ही, ऊपर से तुझे पैसे भी नहीं मिलेंगे.

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फिर मैंने हिम्मत करके उनसे आखिरकार बोल ही दिया- भाबी मैं अंदर बाथरूम में एक प्रॉब्लम में फंसा हुआ हूं. निधि का यह अंदाज मुझे बहुत अच्छा लगा।मैं निधि के ऊपर आ गया और अपने लंड को उसकी प्यासी चूत पर सेट करके मैंने एक धक्का लगाया. स्वीटी ने मेरे लंड को हाथ में लेकर उसको आगे पीछे चलाना शुरू कर दिया.

उन नाज़ुक नाज़ुक सी लड़कियों पर अपनी हैवानियत दिखा कर ना जाने क्यों मेरे दिल को सुकून सा मिलता था. वो बोली- सर क्या ये स्पर्म निकला हुआ है?मैंने कहा- नहीं, यह तो चुदाई की तैयारी के लिए चिकनाहट के लिए निकलने वाला पदार्थ है. आपने ही नम्बर को लिख कर सड़क पर फेंक दिया था न!इतना सुनते ही मेरे मन में लड्डू फूटने लगे और मैं अपने आपके बारे में सोचने लगा कि साला मैंने अब तक उससे क्यों बात नहीं की … जबकि वो तो मुझसे बात करने को तैयार थी.

हम सब उसके दिशा निर्देश अनुसार पेशाब करने लगी और 2-3 मिनट में सब उठकर फिर अपनी अपनी पैंटी पहन सोफे पे आ गई. इसी बीच मेरी भांजी ने मुझसे कहा- मामाजी, मेरे शरीर में अजीब सी ऐंठन हो रही है … और मुझे कुछ हो रहा है.

वो वैसे ही मेरे जांघों के बीच अपने घुटनों पर खड़े होकर लिंग हाथ से हिलाता हुआ इंतजार करने लगा.

मैंने उसे पीछे से झुका दिया और लंड को चूत के छेद पर सैट करके सीधा अन्दर पूरा का पूरा घुसा दिया. आंटी फोटोआज ये वाकिया सगाई टूटने के करीब तीन महीने बाद का था, जब मुझे वो लड़की मिली थी. सेक्सी चोदा चोदी करने वालामैं देखती थी कि वो अपना रूम भी अच्छे से रखता था और मेरे पति भी उससे खुश रहते थे. मैं बिना रुके एक सौ बीस की स्पीड से लगातार डॉली की चूत को फाड़ कर कीमा बनाने में लगा था.

वह बहुत ही गोरी भी हैं देखने में। मतलब कि उन्हें देख कर किसी भी मर्द का लंड खड़ा हो सकता है.

मैंने उसे चूमते हुए कहा- साली बहनचोद रंडी … एक न एक दिन तो तेरी चूत फटनी ही थी … साली आज मेरे लंड से फट गयी, तो क्या हो गया. मैंने थोड़ा झिझक कर रिप्लाई दे दिया- वीडियो चैट क्यों करनी है? हम दोनों की बात हो चुकी है, नम्बर भी मिल गये हैं फिर आपको वीडियो चैट क्यों करनी है?मेरी इस बात में उसे बेरुखी लगी और उसने रिप्लाई देना बंद कर दिया. मुझे बड़ा अजीब लगा … पर बाकी की महिलाएं उत्सुक दिखीं और आपस में बातें कानाफूसी करते हुए पेशाब करने की तैयारी करने लगीं.

वहां बड़ा सा आइना लगा था, सो मैं उसमें ऊपर से नीचे तक अपने आपको देख सकती थी. यह सुनकर के साराह मैम हैरान होते हुए बोली- ये सब फोन पर कैसे हो सकता है. फिर मैंने हल्की सी हलचल की और उसके निचले होंठ को हल्का सा अपने होंठों में दबा लिया.

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जब लिफ्ट बंद होने लगी तो आंटी ने मुझसे पूछा- ऊपर जा रहे हो या नीचे?एकदम से उनके सवाल करने पर मैं कुछ जवाब न दे सका और मैंने कहा- अम्म … मैं … ऊपर जा रहा हूं. आज से आप मेरे जीजा जी नहीं, मेरे पति हो! मेरे राजा और ज़ोर से चाटो मेरी चूत को! अपना लंड डाल के फाड़ दो मेरी चूत को! बहुत मज़ा आ रहा है. उठ कर मैंने मौसी की चूत पर एक किस किया और फिर मैंने उसकी टांगों को चौड़ी कर दिया और मौसी की चूत में लंड को डाल दिया.

उन्होंने अपनी मोटी गांड को उठा करके अपने पैरों से पेटीकोट निकाल दिया.

मैं इस तरह से उसकी मां के बारे में नहीं सोचना चाहता था क्योंकि इमरान मेरा दोस्त था लेकिन फिर भी उसकी मां के बदन में बहुत ही गजब का आकर्षण था जो बार-बार मुझे उसके बारे में सेक्स के लिए सोचने पर मजबूर कर रहा था.

जैसे ही युक्ता ने लन्ड के टोपे को पकड़ कर पीछे किया और फिर से आगे किया और फिर से पीछे. कुछ ही देर में मैंने दीदी के पेटीकोट को ढीला करके नीचे से खींच कर उतार दिया. मोटी गांड वाली आंटी की चुदाईउसने इसी के साथ अपने एक पैर को पूरा मोड़ा और अपने दूसरे पैर को मोड़ कर उसके ऊपर रख दी.

मेरे ख्याल से अब तक रमा अनगिनत बार झड़ चुकी होगी … क्योंकि उसकी योनि के इर्द-गिर्द झाग सा बनना शुरू हो गया था. ”मैं समझा नहीं?”हुआ यूँ था कि:कुछ समय पहले मेरे दांत में भयानक दर्द हुआ तो मैं पापा के साथ डेन्टल कॉलेज गई. मुझे राज से चुदने का मन बनने लगा था, मगर इतनी जल्दी मैं खुलना नहीं चाहती थी.

मैं मन ही मन खुश हो रहा था क्योंकि अब मुझे मामी को चोदने का मन कर रहा था और मैं सोच रहा था कि अब ये मौका भी अच्छा हाथ लगा है क्योंकि मामा के रहते हुए तो मैं मामी से इस तरह की बात नहीं कर पाता. मुझे भी शर्म आ रही थी कि मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था और दरवाजा नॉक करके आना चाहिए था.

कुछ देर बाद जब वो चुप हुई, तो थोड़ा मेरी तरफ खिसकती हुई आयी और बोली- क्यों डर गए थे न तुम … सच बताना?उसकी इस बात से मुझे कुछ राहत मिली और मैंने कहा- हां मैं सच में डर गया था, चाहो तो अपने कान लगा कर मेरे दिल की धड़कन सुन लो … ये अभी भी तेजी से धड़क रहा है.

मैं दो पल उनकी जवानी को याद किया और उनके मम्मों को अपने ख्यालों में मसला … तो मेरा मूड बन गया और मैं उनके घर पहुंच गया. कांतिलाल का वीर्य सूखकर पापड़ की तरह मेरी योनि के आस पास और बालों में चिपका हुआ था. उसमें समय समय पर अनाज उगाए जाते थे।मैं मकान के सबसे नीचे वाले फ्लोर पर रहता था और मकान मालिक ऊपर के फ्लोर पर रहता था.

भैंस दूध नहीं देती है तो क्या करें तो उसने मेरा लंड अपने मुँह से निकाल लिया और ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगी और मेरा सारा माल अपने चूचों पर गिरा लिया।फिर वो सोफे पर बैठ गयी और हम फिर से किस करने लगे।फिर वो बोली- चलो नहाते हैं. उनके चूचों को देखते ही उस वक्त भी मेरा लौड़ा तो जैसे फटने को हो रहा था.

मैंने सिर पीछे घुमा कर देखा, तो सुर्ख लाल आंखें … और उन आंखों में आक्रामक वासना की भूख थी. मैंने हिम्मत करके उसका फिगर पूछ लिया, तो उसने बताया कि उसकी बीवी का फिगर 36-30-38 का है. फिर भाभी बोलीं- अच्छा जी … पर मुझे पहले ये तो बताओ कि आपको मुझमें ऐसा क्या ख़ास दिखा है … ये बताओगे जरा?मैं बोला- छोड़ो भाभी.

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जब यहां हमारे घर पर ही खाना बनेगा तो यह भी यहीं साथ में ही खा लेगा. उस वक्त मैंने नीलू मौसी पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था क्योंकि मैं मां के साथ बिज़ी हो गया था. मेरा लौड़ा अंडरवियर से बाहर निकलने के बाद मेरी मॉम ने उसे देख कर कहा कि तेरा लौड़ा तो तेरे बाप से भी ज्यादा मोटा और लम्बा है.

चूत पर क्रीम लगाने के बाद मैंने कुछ देर इंतजार किया कि ताकि चूत के बाल नर्म हो जायें. अगर इस दौरान कोई एक साथी स्वार्थी बन गया, तो फिर इस मिलन में आनन्द खो जाएगा और केवल औपचारिकता ही रह जाएगी.

मैं बोली- आह जान आराम से … मैं तुम्हारी हूँ … कहीं नहीं जा रही हूँ.

अंधेरे में कुछ पता नहीं चल रहा था लेकिन उसकी चिकनी टांगों पर उंगलियां फिराते हुए मुझे बहुत मजा आ रहा था. तब निधि नंगी ही बिस्तर से उठी और उसने अपने आप को बाथरूम में जाकर साफ किया।थोड़ी देर बाद कुणाल आ गया. खैर … जो भी हो … मुझे यहां अच्छा लग रहा था क्योंकि मैं जैसा जीवन चाहती थी वैसा ही सब दिख रहा था.

मैंने उसके आते ही उसे अपनी बांहों में भर लिया और उसके होंठों से होंठ मिला दिये. वो एक चूचे को चूस रहा था और एक हाथ से उसके दूसरे चूचे को दबाने में लगा था. मैंने उसकी गर्दन को अपनी तरफ घुमाया और उसके होंठों को जोर से चूसने लगा.

इसी लिए उसकी हरकत से लग रहा था कि पिछले धक्के में जो कमी रह गई हो, वो अगले धक्के में न हो.

बीएफ सेक्स नेपाल: उनकी ऐसी कामेच्छा देख कर लग ही नहीं रहा था कि इनकी उम्र 56 साल की होगी. मगर मुझे मां की गांड बहुत अच्छी लगती थी और मेरा मन मां की गांड मारने का कर रहा था.

वो आ गयी और मैंने उसको छत पर रात के घुप्प अंधेरे में चूसना शुरू कर दिया. लौंडिया हंसी तो फंसी, मेरे दिमाग में तुरंत ये कहावत गूँज गई और मैं समझ गया कि अपूर्वा भाभी भी चुदने को मचल रही हैं. वह बोली- क्यों … चलो अब बनाओ मत … मुझे सब पता है, तुम मुझे क्यों देखते हो?मैंने भी पूछ लिया- आप मुझे बताओ न … मैं क्यों देखता हूँ?उसने भी शरारती अंदाज में कहा- अब इतने भोले मत बनो, जैसे तुम्हें कुछ पता ही नहीं है.

लेकिन मैं उन सबकी तरह नहीं थी, सो मैंने मुस्कुराते हुए शर्मीले अंदाज़ में उसके कथन का पालन किया और मैं रवि की गोद से उतर गई.

मेरी व्याकुलता इतनी बढ़ गई थी कि मैं रह रह के झटके खा रही थी और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे पानी का फव्वारा उसके मुँह में ही छोड़ दूंगी. वहां पहुंचने में अभी पूरे हफ्ते का समय था क्यूंकि मेरे पास पांच दिन लगातार काम था. उस दिन उसने भी मेरी छाती से अपनी चूचियां जिस तरह से रगड़ी थीं, उससे मुझे लगने लगा था कि ये चुदने को मचल रही है.