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वो फिर बोली- घुसेड़ो ना जल्दी!अब मैंने उसको कमर से पकड़ा, उसकी आँखें बंद थी, चेहरा ऐसे बनाया था जैसे पता हो कि दर्द होगा, मैंने जोरदार झटका दिया, मेरे लंड का अगला गोल भाग चूत में पहुँच गया, वो दर्द सहन करती हुई बहुत हल्का सा चिल्लाई- आह ऊह आआ!मुझे उसके दर्द का अहसास था क्योंकि उसकी चूत बहुत कसी हुई थी. மலையாளம் செக்ஸ் வீடியோக்கள்ले…!”उसके मुँह से आआआहह उउम्म्म्मम” की आवाजें निकलने लगीं। पूरे कमरे में फ़च-फ़च की आवाजें गूँज रही थीं। करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद वो ज़ोर से चिल्लाने लगी, आह.

मेरी पिछली कहानियाँ आप सभी पाठकों द्वारा काफी सराही गई, उसके लिए आप सभी को धन्यवाद !यह कहानी शुरु होती है जब मेरी कहानी सच्चे प्यार की तलाश प्रकाशित हुई थी। मैं अपने मेल पर आप सभी पाठकों के मेल का जवाब दे रहा था, तभी मेरी नज़र एक मेल पर पड़ी, मेल था: IASpreyashi…. चोद छोडी सेक्सी विडिओ!”बस अब सब कुछ खुल गया था फिर सब वही हुआ जो हर चुदाई में होता है मुझे एक की दरकार थी इधर दो-दो मेरे लण्ड की प्यासी मेरे सामने थीं। हचक कर चोदा-चुदाई हुई। उसके बाद लगातार मुझे रचना और रितिका की और चुदक्कड़ सहेलियाँ भी मिलने लगीं।आपके कमेंट्स का इन्तजार है।मेरा मेल आईडी है।[emailprotected].

!मैं फिर थोड़ी देर बाद झड़ने लगा, मैं एक हाथ से उसके दूध दबाता रहा और ऐसा करते-करते मैंने अपना रस उसकी चूत में छोड़ा।मैं- मुझे अब भूख लग रही है.बीएफ भेज सेक्सी: !फिर मैंने ब्रा के हुक को खोला और एक हाथ से उसकी चूचे दबाने लगा और दूसरे को मुँह में डाल कर चूसने लगा। उसकी चूची का दाना थोड़ा गुलाबी था।मैं- क्या बात तेरा दाना तो बिल्कुल गुलाबी और चूची बिल्कुल टाइट है.

स्तन में दर्द – यह कई कारणों से हो सकता है पर ज़्यादातर या तो किसी संक्रमण के कारण या फिर अनुचित ब्रा साइज़ के कारण होता है। इसका एक और कारण स्त्री के मासिक ऋतुचक्र के कारण हो रहे होर्मोन बदलाव भी है जो लगभग सभी महिलाओं को प्रभावित करता है।3.हमारा एक दूसरे घर जाना होता रहता है, हमारा अच्छा मेलजोल है दोनों घरों में इसलिए हमारे बीच बहुत हंसी मजाक होता है.

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!उसने कहा- सिर्फ़ एक कप कॉफ़ी।फ़िर मैंने उसे कॉफ़ी बना कर दी। हम दोनों कॉफ़ी पीने लगे, मैं उसकी चूचियों को देख रहा था।फिर वो बोली- क्या तुम मुझसे कुछ कहना चाहते हो?मैंने शरमा कर ‘ना’ कह दिया। वो मेरी घबराहट समझ गई और मुझसे मेरे पढ़ाई के बारे में पूछने लगी।फ़िर उसने मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई गर्ल-फ्रेंड है क्या?मैंने कहा- हाँ.मारवाड़ण : लेकिन म्हारे साथ ऐसा कभी नही हो सकता है हम तो जब भी मूड होता है भरपूर सेक्स का मज़ा लेते है …सिंधन पूछती है : क्यों तुम्हरे पेटीकोट की गठान कभी नहीं उलझती क्या …मारवाड़ण उसके सलवार को खींचते हुए बोली : इसीलिए मेरी बन्नो रात को लहंगा पहना कर और जब भी मज़ा लेना हो तो ऐसा करने के लिए गठान खोलने की क्या जरुरत है बस लहंगा ऊपर उठाओ और शुरू हो जाओ.

आज रात को खूब मस्ती करेंगे…!जूही- पर दीदी एक बात समझ नहीं आ रही भाई के होते ये सब कैसे होगा…!आरोही- भाई का टेन्शन तू मत ले यार… तू जानती नहीं हमारा भाई एक नंबर का हरामी है…!जूही- वो कैसे…!आरोही ने उसको पूरी बात बतादी, चुदाई की भी…!जूही- ओह वाउ. बीएफ भेज सेक्सी मैं तो चाह रहा था कि यह स्कर्ट यूँ ही फँसी रहे, पर मैं जल्दी से खुद को काबू कर कील से स्कर्ट हटाने लगा.

!’ मैंने कहा।उन्होंने हाथों से अपनी चूत को फैलाया, मैंने अपने लण्ड का सुपाड़ा उनकी चिरी हुई चूत में अन्दर लगा कर ऊपर-नीचे घुमाया। मेरा लण्ड गीला हो गया।उन्होंने मुझ को कमर से पकड़ लिया और कहा- चल अब अपने लण्ड को अन्दर घुसेड़….

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मेरी पत्नी कामक्रिया में महारत रखती है और वो सब क्रियायें करती है जो कामसूत्र की कहानियों में भी नहीं लिखी हैं. मैं उसकी चूचियों को मसलता हुआ उसकी चूत में धक्के लगा रहा था…यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !और दरवाजे के बाहर खड़ी रोज़ी की दरवाजे पर की जा रही खट-खट. लेखक : इमरानसलोनी- अच्छा अच्छा… अब न तो सपना देख और ना दिखा… जल्दी से घर चल मुझे बहुत तेज सू सू आ रही है…पारस- वाओ भाभी… क्या कह रही ही… आज तो आपको खुले में मुत्ती करवाएँगे…सलोनी- फिर सनक गया तू… मैं यहाँ कहीं नहीं करने वाली…पारस- अरे रुको तो भाभी, मुझे एक जगह पता है… वहाँ कोई नहीं होता… आप चिंता मत करो…सलोनी- तू तो मुझे आज मरवा कर रहेगा.

प्रीतो तपाक से बोली- इसका मतलब यह हुआ कि ये सारे बच्चे तुम्हारे हैं?इस पर सन्ता ने कहा- यह तो मैं बाद में बताऊँगा, पहले तुम यह बताओ कि इनमें हमारे बच्चे क्यों नहीं हैं?. !राहुल- ओके मैं अभी जाता हूँ और रेहान से बात करता हूँ।राहुल वहाँ से अपने रूम में आया और रेहान को फ़ोन करके ‘बहुत जरूरी काम है’ कह कर शाम को मिलने को बुलाया।रेहान से बात करने के बाद राहुल नंगा हो गया और अपने लंड को सहलाने लगा।राहुल- ओह माई स्वीट सिस्टर, तेरे मम्मे क्या कमाल के हैं, उफ. बहुत मज़ा आता है तुम्हारी गाण्ड चोदने में। आज भी खूब हुमच-हुमच के चोदूँगा… पहले चूत चोद लूँ।”आःह्ह्ह… धीरे… वीर.

आज तो पैरिस जलकर राख हो जायेगा !” उन्होंने मुस्कुराते हुए मेरी तारीफ़ की।आप भी बस मेरी खिंचाई करते रहते हो !” मैं शर्म से लाल हो गई थी। उन्होंने अपने हाथ सामने की ओर फैला दिये तो मैं मुस्कुराते हुए उनके पास आ खड़ी हुई।कहानी जारी रहेगी।. जीजाजी से बातें करते करते उन्होंने अपना पेटीकोट ऊपर उठाता और चूत सहलाने लगी… मेरी तरफ से दीदी की मांसल जांघें एकदम चमकती हुई दिख रही थी. कैसे पैक करोगे… मेरे मियां को दाग पसंद नहीं है समझे बुद्धू…मनोज- कह तो ऐसे रही हो जैसे अब तक बिल्कुल साफ़ और चिकनी हो… न जाने कितने दाग लग गए होंगे…सलोनी- जी नहीं… मेरी उस पर एक भी दाग नहीं है.

मैंने हिसाब लगा लिया कि एक घंटे में मैं दीदी को चुदवाने के लिए राज़ी कर लूँगा और फिर 4 घंटे तबियत से चोदूँगा इस लंगड़ी कुंवारी घोड़ी को. वो नींद में थी, फिर मैंने थोड़ा और कस के दबाया, तो वो जाग गई और उठ कर बैठ गई और बोली- आप यह क्या कर रहे थे?तो मैंने कहा- प्यार कर रहा हूँ.

रेहान पहली चुदाई में ही जूही का हाल-बेहाल कर देता है और राहुल खून देखकर हक्का-बक्का रह जाता है। रेहान किसी तरह उनको वहाँ से वापस भेज देता है।अब आगे…राहुल और आरोही वापस अपने रूम की ओर जा रहे हैं और रास्ते में उनकी बातचीत हो रही है।राहुल- आरोही यार मुझे जूही के लिए बहुत चिंता हो रही है कितना खून निकला उसका उफ्फ मेरी तो हालत खराब हो गई देख कर।आरोही- अरे भाई कुछ नहीं होगा जूही को.

पर मुझे नहीं पता था कि वो अब मेरे लंड की इतनी शौकीन हो गई है, वो अब भी जब उसका पति घर नहीं होता तो मुझे कॉल कर देती है।एक बार तो हम 2 रात 3 दिन एक साथ रहे थे, बिलकुल नंगे… वो भी उसी के घर पर…!आपको मेरी कहानी कैसी लगी? अपनी राय जरुर दें।[emailprotected].

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!भाभी हँस पड़ी, कभी सुना है कि किसी रंडी ने चुदवाई के पैसे दिए हों?”मैंने उसको बताया कि मैंने एक रंडा हूँ. जल से भीगे और रस में तर अंगों ने मंजिल खुद खोजीउसके अंग ने मेरे अंग के अंतिम पड़ाव तक प्रवेश कियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!. मेरा अपना खाद्य सामग्री निर्माण बड़ा कारखाना है मेरे कारोबार में जरूरतमंद अविवाहित, तलाकशुदा और विधवा को काम देने में मैंने शुरू से प्राथमिकता दी है.

अब भाभी अपनी गांड को उठा-उठा कर चुदने लगी और भाभी के मुँह से बहुत सेक्सी आवाज़ निकल रही थीं, आआआआआ… ईईईए… हम्हम.

जब सन्ता ने कार में बच्चों को पहचानना शुरू किया तो दो बच्चे उनकी नौकरानी के थे, एक बच्चा प्रीतो की बहन यानि सन्ता की साली का था, दो बच्चे पड़ोसन के और एक बच्चा सन्ता की सेक्रेटरी का था. हम स्कूल में हैं… भाभी की जॉब लग गई है… वो अंदर हैं…मैं- क्यों? तू बाहर क्यों है?मधु- अरे अंदर उनका इंटरव्यू चल रहा है… वो कुछ समझा रहे थे !मैं- ओह… मगर तू उसका ध्यान रख… देख वो क्या कर रही है?मधु- हाँ भइया… पर क्यों?मैं- तुझसे जो कहा, वो कर ना…मधु- पर वो अपने कोई पुराने दोस्त के साथ हैं. मुझे लगा जैसे चाचू जाग गए हों, मैं लण्ड को मुँह से निकालने ही वाली थी कि चाचू ने मेरे सिर को अपने हाथों से दबाया और लण्ड मुँह में घुसा दिया और मेरे मुँह को चोदने लगे.

कि तुझे एक ही बार में चोद दूँ…!मैंने अपना पैन्ट उतार कर कहा- ले इसे मुँह में ले…!वो बोली- नहीं मैंने कभी नहीं लिया है. !मैं- तू तो मेरी बहन है।वो- जब मुझे नंगी कर रहा था, तब क्या मैं कोई और थी?मैंने कहा- वो तो पहले तूने किया था, इसलिए मैंने वैसा किया. !उसने गद्दे के नीचे से कंडोम निकाला और मेरे लण्ड पर चढ़ा दिया।मैंने उसको घोड़ी बनाया और उसकी चूत में लण्ड घुसा दिया। वो तनिक सिसियाई और कुछ ही पलों में उसके मुँह से आवाज निकलने लगी- ओह कमल… और तेज और जोर से करो.

जय- सच में मुझे यकीन नहीं हो रहा!मैं- हाँ, पर अब मैं तुमसे कभी बात नहीं कर सकती क्यूंकि मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती.

!रेहान- मन तो करता है एक बार और तेरी चूत का स्वाद लूँ, पर ज़्यादा लेट करना ठीक नहीं होगा। जाओ तुम रेडी हो जाओ मैं खुद तुमको छोड़ने जाऊँगा।आरोही- मेरे स्वीटहार्ट… अब मैं आपकी हूँ जब चाहो चोद लेना… लव यू मेरे स्वीटू. !राहुल ने घड़ी की तरफ देखा, सुबह 7 बज रहे थे, वो जल्दी से बाथरूम गया और शॉवर ऑन करके खड़ा हो गया।15 मिनट में फ्रेश होकर, वो तौलिया बाँध कर आरोही के कमरे के पास आया, वो बन्द था, तो राहुल ने आरोही को आवाज़ लगाई, तब उसकी आँख खुली।राहुल- आरोही, जल्दी उठो 7.

बीएफ भेज सेक्सी ! क्या देख रहे हैं?कामिनी को देख कर वे हड़बड़ा गए। कामिनी रिमोट उठा कर सीडी प्लेयर बंद करती हुई बोली- ये सब रात के लिए रहने दीजिए, कल शाम को मेरे घर आपको आना है, मम्मी ने डिनर पर बुलाया है, सुधा और चमेली भी वहाँ चल रही हैं. वरना मैं तुझसे दूर कहाँ!तभी ‘तड़ाक’ की आवाज़ के साथ एक तमाचा मेरे गालों पर पड़ा और अंकिता बोली- साली मादरचोद.

बीएफ भेज सेक्सी सुरसुरी की धाराएँ तन से सखी मेरे मन तक दौड़ गईंसाजन ने मध्यमा उंगली को, नितम्बों के मध्य फिराय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. लण्ड’ चिल्ला रही थी।मेरी तरफ से कुछ खास पहल होती ना देख प्रीति खुद ही कुतिया बन गई और मैंने प्रीति की खुली चूत में अपना हथियार गाड़ दिया।मेरा पूरा ध्यान सोनम की चुदाई पर था.

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तभी मेरे अंदर का शैतान जागा और मैंने चाची के पेट पर हाथ फेरते हुए फिर से आशिकाना अंदाज में कहा- हाय चाची जान, आप तो बिल्कुल ठंडी हो गई हैं. !फिर सेठ पैर नीचे कर कस-कस कर मेरी चूत को चोद कर निहाल कर दिया।फिर चूत से लौड़ा निकाल कर बोला- जान एक बार अपने लौड़े को चाट ले…. जय- मैं तुमसे प्यार करता हूँ जो बोलोगी करूँगा!मैं- आज तक किसी ने मुझे ऐसे नहीं देखा, मेरे घर पर पता चला तो वो मुझे मार ही डालेंगे.

अब जाओ बाय…!ओके फ्रेंड्स… यह भाग भी गया।अब आपको रात का इन्तजार होगा कि जूही के साथ रेहान कैसे चुदाई करेगा और पार्टी में राहुल को ऐसा क्या नुस्ख़ा देगा कि राहुल स्ट्रॉंग हो जाएगा।आपको इन सभी सवालों के जवाब अगले भाग में देने की कोशिश करूँगी।और कुछ दोस्तों के मेल आए कि आरोही के साथ रेहान जो कर रहा है वो गलत है।दोस्तो, अपने अभी सिक्के का एक पहलू देखा है. तू डर मत।मैंने अपना लंड उसके हाथ में दिया, वो हाथ में लेकर बड़े प्यार से देख रही थी, मैंने उसे चूसने को बोला तो वो मना करने लगी।तो मैं उठा और अपनी पैन्ट पहनने लगा, वो बोली- क्या हुआ?मैंने कहा- मेरी प्यारी. ! अब कॉपरेट करना जी हम वादा करता सारा सबूत मिटा देगा। बस हमको मज़ादे दो बेबी…!आरोही- ठीक है अन्ना मैं रेडी हूँ… पर तुम धोखा मत देना मुझे…!अन्ना- नहीं जी.

श्रेया आहूजा का सलाम, नमस्ते!बहुत दिन हुए कुछ अपनी आपबीती सुनाये तो सोचा आप सबसे शेयर करूँ यह आपबीती!भारी पब्लिक डिमांड पर मैं अपनी आपबीती सुनाने जा रही हूँ क्यूंकि इन दिनों मैंने सिर्फ अपने दोस्तों की आपबीती सुनाई है.

अब मैं और शाहनवाज नीचे से नंगे हो गए थे, उसने एक बार फिर अपने लंड को मेरे चूतड़ों पर दबाया, मैंने भी चूतड़ों को ढीला छोड़ दिया… और उसका लंड मेरी गांड के छेद से टकरा गया. वेटर खाना रख कर चला गया तो मैंने रूचि के हाथों को अपने हाथ में लेकर पूछा- किस बात का डर था तुम्हें स्वीटी. नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम प्रवीण है, 24 साल। मैंने हाल ही में अपनी इंजीनियरिंग के चार साल पूरे किये हैं और M.

ऐसे ही करती है न ?”मुझे समझ आ गया था कि यह रितिका भाभी की ही चाल थी। वो मुझे बैठा कर रचना को बुलाने ही गई थीं।बस फिर क्या था मैंने भी रितिका को अपनी बांहों में भर लिया और रचना के सामने ही भाभी की चूचियों को मसक दिया, भाभी चुम्मी तो छोड़िये मैं तो उसके संतरे भी दबाता हूँ देखो ऐसे. मुझे पता नहीं था कि उनके मन में भी कुछ चल रहा है, क्योंकि रूम में कोई आने वाला नहीं था, सब सो चुके थे. और पीछे से उस आदमी का लंड इशरत की गाण्ड की दरार की बीच से होता होता हुआ चूत में घचागच घुसे जा रहा था.

मुझे पता नहीं था कि उनके मन में भी कुछ चल रहा है, क्योंकि रूम में कोई आने वाला नहीं था, सब सो चुके थे. ये हम को समझ नहीं आना जी?रेहान- अन्ना सब बता दूँगा, वक्त आने दो। अब सुनो रात को क्या करना है…!रेहान बोलता गया और अन्ना की आँखों में चमक आने लगी, दो मिनट तक रेहान अन्ना को समझाता रहा।अन्ना- गुड जी वेरी गुड.

सिर के नीचे मेरे तकिया था, आँखें थी अब दर्शक मेरीवह उत्तेजित और विभोर सखी, मेरे मन को भरमाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. कक्षा एक शरारती बच्चे को डांटते हुए उसकी टीचर बोली- अगर मैं तेरी माँ बन जाऊँ तो मैं दो दिन में तुम्हें सुधार दूँ !शैतान बच्चा- मैडम, तो मैं अपने पापा को बोल दूँ कि उनकी लॉटरी लगने वाली है…!!. उसने मेरा सर पकड़ कर चूत पर दबाया और ऐसा लग रहा था वो मेरा सर अंदर ही घुसा लेगी लेकिन मेरी सिर्फ इस चूमाचाटी की वजह से वो झड़ गई, उसने इतना पानी निकाला कि मुझे तौलिये से साफ़ करना पड़ा.

साजन का दस अंगुल का अंग, सखी मेरी तरफ था देख रहाउसकी बेताबी समझ सखी, मैंने उसको होंठस्थ कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!’वह बोला- उस चाय वाले का भी कम नहीं होगा, वह भी तेरी गाण्ड फाड़ेगा, अगर तू ना माना वह ज़बरदस्ती रूम में घुस तेरी गाण्ड फाड़ देगा।‘हाय. वो जो स्कूल है न उसमें…मैं- चलो, मैं घर आकर बात करता हूँ…सलोनी- ठीक है… हम भी बस पहुँचने ही वाले हैं…मैं- अरे, अभ तक कहाँ हो?सलोनी- अरे वो वहाँ साड़ी में जाना होगा ना… तो वही शॉपिंग और फिर टेलर के यहाँ टाइम लग गया. वो ऐसा नहीं कर सकती, अभी छोटी है वो…!रेहान- यार तू किस जमाने की बात कर रहा है आजकल किस-किस उम्र की चुद जाती हैं…कुछ मालूम भी है.

चल तैयार हो जा रेलवे से सील तुड़ाई का भत्ता लेने को।नीलू- मतलब ?अबे यार जब ट्रेन में कोई बच्चा पैदा होता है तो रेलवे उस बच्चे को आजीवन यात्रा पास देती है अब तू भी क्लेम कर देना कि तेरी सील ट्रेन में टूटी थी सो रेलवे तुमको भी आजीवन ट्रेन में चुदने का पास से देगी हा हा हा. मैंने सोच लिया कि इस कमीनी के साथ पूरा मजा लेना है पर अब मेरा दिमाग केवल यह सोच रहा था कि मैं ऋज़ू को भी चोद लूँ और सलोनी को भी देखता रहूँ !अब ये दोनों काम एक साथ कैसे होंगे… !?!कहानी जारी रहेगी।.

मैंने उसको दीवार के साथ खड़ा किया और अपनी छाती से उसके मम्मे दबा दिए, उसके माथे से लेकर छाती तक सैंकड़ों चुम्मियाँ ली और कई जगह तो लाल निशान भी बना दिए. मैं आपको देखना चाहती हूँ…मैं कुछ नहीं बोली।सवेरे फिर मित्र से बात हुई… वो बोले- रात में जो नहीं कर सकी…मैं बीच में टोकते हुए बोली- सॉरी !वो बोले- नो सॉरी, नो ! इसकी सजा मिलेगी !जब स्कूल में मैं काम करके नहीं ले जाती थी तब भी मुझे सजा मिलती थी, आज उसकी याद आ गई, मैंने कहा- ठीक है. उसकी चूत और मेरे गोलियों के टकराव से थप ठप थप ठप की आवाज़ हो रही थी।क्या सुरमयी वातावरण हो गया था… रोमांचित वातावरण में चुदाई का कार्यक्रम जोरों शोरों से चल रहा था… हर धक्के में वो ‘आआअहह.

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एक दोपहर सन्ता ने कार को कहा- जा कर स्कूल से मेरे बच्चों को ले आओ !कार चली गई पर दो घण्टे तक वापिस नहीं आई !सन्ता को चिंता होने लगी और पुलिस में शिकायत करने के लिए निकला ही था कि सामने से कार आती दिखाई दी, उसमें कई सारे बच्चे थे.

5 मोटा ही है। उसमें मुझे मज़ा नहीं आता है। सैंडी मुझे आपका लंड बहुत पसंद आया। प्लीज़ जल्दी करो, मैं और अब नहीं रुक सकती. !”और फिर आंटी ने पहले एक, फिर दूसरा हाथ बाल्टी पर रख लिया। मेरी घोड़ी सच में थोड़ी मुश्किल पोजीशन में थी। अगर मैंने कमर न पकड़ी होती और लंड ने अपना हुक उस कुतिया की गाण्ड में नहीं फंसा रखा होता तो वो गिर सकती थी।बबिता ने पीछे मुड़ कर मेरी तरफ देखा और कहा- नालायक…बदमाश…कहीं का. मैंने कहा- अरे ऐसा क्यों कहती हो क्या जुगल में कोई कमी है? मारता तो नहीं है तुमको?वो कुछ नहीं बोली, बस उसने अपना सर झुका लिया, उसकी आँखें दुःख का भान कराने लगीं.

एक्सीलेंट…ऐसे बहुत सारे भद्दे कमेंट्स पढ़ कर मुझसे रहा नहीं गया।मैंने सलीम से पूछा- ये सब क्या हो रहा है?वो हँसने लगा और मुझसे बोला- डियर तेरे लिए एक अच्छा मर्द ढूँढ़ रहा हूँ। threesome के लिए।मैं बोली- ये threesome क्या है?वो बोला- मेरे सामने कोई और मर्द तेरे साथ चुदाई करेगा और मैं मज़े से देखूँगा।मैं यह सुन कर गुस्सा हो गई और बोली- छि:. मैंने कहा- क्या हुआ?तो कहने लगी- पिछले दो महीनों से चुदी नहीं मैं! मैं प्यासी हूँ, मेरी प्यास बुझा दो!फिर मैंने कहा- तुम चिंता मत करो, आज मैं तुम्हारी प्यास बुझा कर रहूँगा. सेक्सी हिंदी वीडियो भोजपुरी1 के साथ मेरे सेक्स एडवेंचर्स शुरु हो गये, हम कभी पोर्न मूवीज देखते, एक दूसरे को शेव करते और मौका मिलने पर नहाने का लुत्फ़ उठाते थे।तब तक मेरे दूसरे भाई की शादी नहीं हुई थी, उसकी शादी बाद सब कुछ बदलने वाला था जो हमने कभी नहीं सोचा था।वो कथा अगली बार, तब तक के लिए नमस्कार, आदाब और शुक्रिया![emailprotected].

!’मैंने उंगली निकाल ली, फिर वो सीधी लेट गई और अपनी टाँगें मोड़ कर फैला लीं।अब वो अधेड़ चूत चुदने को बेताब थी और मैं अपनी पहली चुदाई का अनुभव एक तजुर्बेकार औरत के साथ लेने जा रहा था।‘साहिल थोड़ी देर सीधे-सीधे करो. !मैंने और प्रेशर दिया और आधा लंड चूत में डाल दिया।फिर मैं सरिता के होंठों पर चुंबन करने लगा और आहिस्ता-आहिस्ता लंड अन्दर-बाहर करके चोदना शुरू किया। चार स्ट्रोक और मारे और पूरा 7 इंच लंड चूत में घुसा दिया।सरिता ने मेरे कूल्हे पकड़ कर लंड को चूत में जाने से रोका और बोली- ठहरो अभि.

अब मैंने उसके बदन को चूमना शुरू किया, पहले उसकी गर्दन, फिर बूब्स के ऊपर, फिर उसके पेट पर उसकी नाभि पर आकर रुक गया. लगता था, मुलायम बुलडोज़र ही हैं !चूची के छूते ही मेरे पूरे शरीर में सनसनाहट की लहर दौड़ गई और वो अंग्रेज़न भी मुझे देखकर प्यार से मुस्कुराई और साथ ही ‘सॉरी’ कहा. !रेहान तो पागल हो गया था ऐसी जवानी पाकर जूही के होंठों का रस पीने के बाद अब वो निप्पल को चूसने लगा था। दूसरे निप्पल को चुटकी में लेकर दबा रहा था।जूही- आ आ रोनू उफ्फ मज़ा आ रहा है तुम बहुत आ अच्छा चूस रहे हो उफ्फ आ आ.

उत्तेजना से मैंने उसकी बुर ज़्यादा अंदर तक अपनी जीभ से पेलने के लिए जैसे ही अपना सिर थोड़ा ऊपर उठाया कि तभी एक हादसा हुआ. मैंने मजाक में कहा था ! अब हम भी चलें, मेरा सर घूम रहा है…!राहुल- हाँ चलो बहना… अभी तो सर घूम रहा है, अब देखो मैं क्या-क्या घुमाता हूँ…!रेहान ने जूही को रूम में ले जाकर बेड पर लिटा दिया।जूही- रेहान तुम बहुत अच्छे हो. फिर मेरा भी निकलने वाला था, मैंने भाभी से पूछा- मेरा भी निकलने वाला है !तो भाभी बोलीं- अन्दर ही झड़ना !मैंने कहा- कुछ हो गया तो !भाभी बोलीं- कोई बात नहीं.

नीलू ने भी अपने चूतड़ों को आगे को कर अपनी चूत को उभार दिया…उसकी चूत पर हल्के हल्के निशान दिख रहे थे जो खुजाने से सफ़ेद भी हो रहे थे।मैंने अपनी उँगलियों को उसकी चूत पर फेरते हुए ही कहा- क्या जानेमन? कुछ चिकना तो लगा लेती.

बाइक पर पहले वस्त्रापुर झील गए, वो उस दिन नए ही जोश में थी, उसने मुझे जोरों से स्मूच किया और हम काफ़ी देर तक चूमते रहे, मैं उसके उरोज दबाता रहा. कहो क्या है…!रेहान- जब राहुल को पता चलेगा कि तुम ऐसी फिल्म कर रही हो तो वो मेरे बारे में क्या सोचेगा…!आरोही- अरे नहीं रेहान जी.

फिर शाम को जब मैं घर आने लगा, तो भाई का फ़ोन आ गया कि वो आज नहीं आएंगे और मैं रात को भाभी के पास रुक जाऊँ. कितना दम है तुझमें !उसने मेरी मर्दानगी को ललकारा।मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर लगाया और जितना ज़ोर था धक्का मारा। उसके मुँह से फिर चीख निकल गई।मेरे मुँह से अपने आप गालियाँ निकलने लगीं, ले रंडी ले. काफी खून भी निकला था उसकी बुर की पहलू चुदाई में!अभी तक हम बच्चा पैदा करने की नहीं सोच रहे हैं क्योंकि एक बच्चा हो गया तो सेक्स और चूत चुदाई का मज़ा जाता रहता है, एक तो चूत इतनी खुल जाती है कि लंड जाने का पता ही नहीं लगता और दूसरे बीवी बच्चे के कामों में इतना व्यस्त हो जाती है कि उसे चूत चुदवाने का वक्त नहीं मिलता.

बाहर ही माल गिराना।मैंने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और उसके ऊपर पूरा अपना माल गिरा दिया और फिर हम ऐसे ही सो गए।आप को यह कहानी कैसी लगी। मुझे ज़रूर बताइए।ch[emailprotected]. !आरोही- हाँ रेहान जी, मैं समझ रही हूँ। आप निश्चिन्त हो जाओ, अब मैं कोई शिकायत का मौका नहीं दूँगी।उसके बाद रेहान ने अलग-अलग पोशाकों में आरोही के फ़ोटो खींचे, यहाँ तक कि ब्रा-पैन्टी के पोज़ भी ले लिए और इस दौरान कई बार आरोही के मम्मे और चूतड़ छूए।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !अब आरोही को भी मज़ा आने लगा था।रेहान- यू लुकिंग वेरी नाइस बेबी. मैं उसे नंगा देख कर पागल हो गया, क्योंकि मैंने जिन्दगी में पहली बार किसी लड़की को बिना कपड़ों के देखा था.

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अब मुझे ठंड लग रही है… अब तो मन कर रहा था कि पिछली रात वाली मोमबत्ती को वैसे ही जला कर अपनी जलती बर्फ़ीली चूत में घुसेड़ लूँ…. वो दर्द के मारे उल्टी ही लेट गईं और उनकी आँखों से पानी निकल गया मैं भी रुक गया और फिर दर्द कम होने पर पूरा अंदर डाल दिया और ऐसे ही उनके ऊपर चढ़ गया और उनकी पीठ पर चुम्बन करने लगा. वो छोकरी ऐसा काम किया जी उसको तो छोड़ना नहीं, अब हमको क्या करना जी…!रेहान- पहले मैंने सोचा था, उसकी ब्लू-फिल्म बना कर उसको ब्लैक मेल करूँगा और सिम्मी की मौत की सच्चाई उसके मुँह से उगलवाऊँगा पर अब सारा सच सामने आ गया है।अन्ना- तो आज का शूटिंग का क्या जी पर हमको उसका चूत होना जी.

स्तन में दर्द – यह कई कारणों से हो सकता है पर ज़्यादातर या तो किसी संक्रमण के कारण या फिर अनुचित ब्रा साइज़ के कारण होता है। इसका एक और कारण स्त्री के मासिक ऋतुचक्र के कारण हो रहे होर्मोन बदलाव भी है जो लगभग सभी महिलाओं को प्रभावित करता है।3. जरा अलमारी से तौलिया ला दीजिए।मैं तौलिया निकालने गया।इसी बीच भाभी ने अपनी साड़ी उतार दी थी, ब्लाउज भी खोल दिया, अब वो अपनी ब्रा खोलने की कोशिश कर रही थी लेकिन वो हुक खुल नहीं रहा था।मैंने उनको तौलिया पकड़ा दिया। उन्होंने उसे हाथ में लेकर हेंगर पर टांगा और अपने ब्रा के हुक को खोलने की कोशिश करने लगी।मैंने बाहर से कहा- मैं हेल्प करूँ. फुल मराठी सेक्सी व्हिडिओ!फिर हम दोनों सो गए और उसके बाद भी मौका मिलने पर कई बार उसने मुझे चोदा पर अब उसकी शादी हो गई है।दोस्तो, आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे ईमेल करिए प्लीज़.

! जहाँ चूत देखी पिल पड़े… अब जब मेरी बुर में घुसा ही दिया है तो देखूँगी कि तुम्हारे लौड़े में कितना दम है… चोदो राजा चोदो इस बार चुदाई का पूरा सुख उठाऊँगी… हय मेरे चुदक्कड़ जीजा फाड़ कर लाल कर दो इस कमीनी बुर को … और ज़ोर से कस-कस कर धक्का मारो … ओह अहह इसस्स्स्सस्स बहुत मज़ा आ रहा है.

30 बजे सुबह दिल्ली पहुँचने का समय था। ट्रेन से उतरकर जैसे ही मैंने माया दीदी को देखा तो देखता ही रह गया। 5. !वो भी कम नहीं थी, उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था। बस नखरे दिखा रही थी।बोली- फिर क्या तुम अपनी जॉकी पहनाओगे …!जरुरत क्या है ऐसे ही रहो ना…!”थोड़ी ही देर में आंटी की आवाज़ आई, मोनी खाना बना दिया.

गुड अब अच्छा होना आ…!पाँच मिनट तक आरोही लंड को ज़ोर-ज़ोर से चूसती रही। अब उसकी चूत में भी पानी आने लगा था और वो चुदने को बेताब हो रही थी।अन्ना- आ. मैं तेरी तरह नहीं हूँ जो किसी के भी साथ यूँ ही घूमने लगूँ…नज़ाकत- हाँ हाँ… मैं तो ऐसी वैसी हूँ… और तू कैसे घूम रही थी वो सब देखा मैंने… मेरी आवाज भी नहीं सुनी. सलोनी मेरी बाहों में एक बेल की तरह लिपटी थी बिल्कुल नंगी, उसका गोरा, संगमरमरी जिस्म रसोई की दूधिया रोशनी में चमक रहा था।और ये सब हमारी रसोई की खिड़की से कोई बावला देख रहा था।मुझे नहीं पता कि वो कौन है, हाँ यह निश्चित था कि कोई तो है… मैंने दो तीन बार सिगरेट जलती, बुझती देखी.

अब शायद उन्हें आजाद करने का समय आ गया था। मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल कर उन्हें भी आजाद कर दिया।उनकी चूचियों को देखकर मैं मदहोश सा हो रहा था, मैंने उन्हें चूसना शुरू किया तो दीदी सिसक उठी.

उसके बाद तुम दोनों भी मज़ा लेना और हाँ हम उसका वीडियो बना लेंगे ताकि उसको दिखा सकें कि देख तूने खुद कही, तब ही ये सब हुआ…ये सब इंतजाम में मेरी तो साली गाण्ड फट गई. पप्पू को रोते देख सलमा उसके पास गई, पूछा- पप्पू, क्यों रो रहे हो?पप्पू बोला- सलमा चाची… मैंने आज तक किसी की नही ली…सलमा को तरस आ गया, वो पप्पू को अपने घर ले गई और उससे चुद गई. उनकी आवाज़ सुन कर तो मैं और ज़्यादा उत्तेजित हो रहा था। मैं ज़ोर-ज़ोर के धक्के लगा रहा था।कम ऑन… अमन.

ऑनलाइन घड्याळ दाखवाशायद नीलम भाभी को भी इस बात का अहसास हो गया था।फिर एक दिन उन्होंने मुझे अपने घर में प्रेस ठीक करने के लिए बुलाया। मैं घबरा गया कि उनसे कैसे नज़रें मिलाऊँगा, पर हिम्मत करके चला गया।वहाँ देखा भाभी ने नीले रंग की साड़ी पहने हुई थी, वो बहुत खूबसूरत लग रही थीं।ये कामदेव भी गजब करते हैं. मैं आपको देखना चाहती हूँ…मैं कुछ नहीं बोली।सवेरे फिर मित्र से बात हुई… वो बोले- रात में जो नहीं कर सकी…मैं बीच में टोकते हुए बोली- सॉरी !वो बोले- नो सॉरी, नो ! इसकी सजा मिलेगी !जब स्कूल में मैं काम करके नहीं ले जाती थी तब भी मुझे सजा मिलती थी, आज उसकी याद आ गई, मैंने कहा- ठीक है.

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खा जा इसे !उधर सोनल अपने कपड़े उतार कर रश्मि के मम्मे सहलाने लगी।कहानी जारी रहेगी।मुझे मेल करें ![emailprotected]. आम तौर पर लड़कियों की चूत गीली ही रहती है और गीली और तब हो जाती है जब कोई उससे सेक्स की बातें करता है, या प्यार से छूता है, इसे पानी छोड़ना नहीं कहते हैं, पानी छोड़ने का अर्थ, लड़कियों के चरमोत्कर्ष को कहते हैं जो किस्मत वालियों को नसीब होता है वर्ना अक्सर लड़के मुठ चूत में निकालने के बाद पीठ फेर कर सो जाते हैं. तुमसे कुछ कहकर नहीं गई?मैं- अरे अंकल गए हैं? …पर वो तो शायद किसी और के साथ जाने वाली थी !नलिनी भाभी शायद कुछ शरमा सी रही थी, माना हम दोनों चुदाई कर चुके थे, मगर कवल एक बार ही की थी… वो भी उनके घर पर.

मैं तो चाची को बचपन से ही चोदना चाहता था न जाने कितनी बार मैंने चाची के बारे मैं सोच क़र मैं मुठी मारी. पर प्लीज तुम यह बात किसी से कहना नहीं, मैं तकलीफ में हूँ इसलिए उसने ऐसा कहा।तब तक मैं भी कुछ सोचने लगा था।मैंने कहा- नहीं बुआ. जिन 4-5 लड़कियों की मैंने झिल्ली तोड़ी थी उनमें एक तो बहुत चिल्लाई थी, उसने पूरा घर सर पर उठा लिया था.

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा…लेकिन मैं अपनी मस्ती में ही चूत चाटने में लगा हुआ था। मैडम तो जैसे पागल हो रही थी. रेहान जी आपने तो काफ़ी अच्छा इंतजाम किया है।रेहान- अब आप सब पहली बार मेरे फार्म पर आए हो तो कुछ स्पेशल तो बनता है ना…!राहुल- हाँ यार, ये तो सही बात है. !मैंने कहा- जानू ये तो बस अब तुम्हारा ही है खूब प्यार करो और चूसो।भाभी बड़े प्यार से लंड को प्यार करने लगीं चूमने लगीं। भाभी अब दिल ओ जान से तैयार थीं।भाभी गर्म हो उठी थीं और चुदना चाह रही थीं।उन्होंने अपनी टांग उठा कर लंड को चूत के नजदीक ले जा कर चूत में लेना चाहा, पर मैं उनके मुँह से सुनना चाहता था कि आओ शिशिर मुझे चोदो.

स्कर्ट इस तरह फंस गई थी कि उसे दीदी खुद नहीं निकाल सकती थीं, खुद से निकलने के लिए दीदी को स्कर्ट ही उतारनी पड़ती. हम चुद गईं…आह मैं आ रही हूँ… मादरचोद बार-बार चूत बदलते हैं।श्वेता का पानी निकलना शुरू हो गया था, साथ ही मेरी बीवी ने भी अपनी चूत से पानी निकालना शुरू किया और अब पूरे कमरे मैं हमारी चारों की आवाज़ें ही थीं, आआअ ह्हह्हह्ह… ह्ह.

चोदते समय उसके चूतड़ों को दबा रहा था मैं… उसकी आहें आ रही थी… मादरचोद गांड उछाल कर चुदवा रही थी… उसके गोरे स्तन भी ऊपर नीचे हो रहे थे चोदते समय.

अब दीपाली तो आने से रही। साले दीपक ने जल्दबाज़ी में सारा काम बिगाड़ दिया होगा।इतने में दीपक भी वहाँ आ गया।दीपक- अबे चूतिया साले. सोनम कपूर की सेक्सी मूवीऔर उनके चूतड़ों पर एक और थप्पड़ मारा…आआअह्ह्ह्ह्ह…!”बोलो हुआ दर्द? हुआ मर्द के हाथ का एहसास?”उनके मुँह से फिर से हंसी निकल गई, वो बोली- छोड़ मुझे लल्ला. सेक्सी वीडियो चाहिए करने वालापहले सलमा ने नारी वक्ष की तस्वीर छात्रों को दिखाते हुए पूछा- इसके बारे में तुम क्या जानते हो?एक प्यारी सी लड़की रिया सेन उठी, बोली- ये चूचियां हैं, मेरी मम्मी के पास ये दो हैं. तू सच में मेरा राजा है आआह्ह्ह्ह… ह्म्म्म्म उफ़्फ़्फ़… आउर जोर से कर मेरे राजा और जोर से…!”फ़िर मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और अब पहले से भी ज्यादा जोर से उसे धक्के लगाने लगा। अब मेरा निकलने वाला ही था, तो मैंने उससे पूछा- कहाँ निकालूँ.

सॉरी दोस्तो, रिकॉर्डिंग ने धोखा दे दिया… लगता है यहाँ तक बैटरी थी…उसके बाद बैटरी खत्म !मगर इतना कुछ सुनकर मुझे यह तो लग गया था कि सलोनी को अब रोकना मुश्किल है.

जिसे मैं कभी भुला नहीं सकती हूँ।तो मैंने भी नहले पर दहला मारते हुए उससे बोला- तो अब तुम्हारा क्या इरादा है?तो वो कुछ नहीं बोली और मेरी बाँहों में समा कर मुझे चुम्बन करने लगी मेरे गालों और छाती पर चुम्बनों की बौछार करते हुए बोली- जैसी तुम्हारी इच्छा…मैं उसे लेकर फिर से बिस्तर पर उसी तरह से लेट कर प्यार करने लगा. मैं अपने बूब्स को बहुत तेज मसल रही थी- ऊऊऊऊउह आआअह’ मेरे मुंह से सिसकारियाँ निकलने लगी, मैं बहुत ही गर्म हो चुकी थी. तो वो बोला- तुमने तो कहा था कि तुम नयी हो तो यह सब क्या है? सब कुछ अन्दर घुस गया।तो रंडी बोली- साहब, मेरा नाम नयी है, पर चूत वही 25 साल पुरानी है, मैंने आपको पहले ही बोल दिया था कि मुझमें समा के खो जाओगे।.

को मैंने अपनी मेज़ के दराज़ में रख दिया। इसके बाद मैंने उस वीडियो को दो बार चला कर देखा और बढ़िया क्लोज-अप सीन देख कर इतना उत्तेजित हुआ कि दो बार मुठ भी मार ली। वीडियो बहुत ही बढ़िया बनी थी, बिल्कुल इंटरनेट में दिखने वाली वीडियो की तरह थी। मैं यह सोच कर रोमांचित हो रहा था कि जब यह वीडियो मिनी देखेगी तो उसकी क्या प्रतिक्रिया होगी।रात के तीन बज चुके थे, मैंने लाईट बंद की और यह सी. !राहुल- मेरी स्वीट सिस्टर, तेरे लिए ही बाहर गया था। कोई अच्छा सा ड्रेस पहन कर मेरे रूम में जल्दी से आ जा। रेहान आया है तुमसे मिलने ! मैंने उससे तेरे लिए बात कर ली है।आरोही- ओह. कपड़े पहनो नहीं तो आज खैर नहीं हमारी…!सब भाग कर अन्दर चली जाती हैं। अन्ना को दूर से सब दिख जाती हैं।अन्ना- अईयो नीलेश… ये क्या जी ये सब छोकरी पागल होना जी.

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?? घर वाले पैसे भेजते, उसमें मैं मस्ती मारता। खैर वो तो बचपना था।मैंने तैयार होकर उसको मेसेज किया- आई एम रेडी. मेरी आँखें लाल हो गईं।मैं धीरे से उसके पास गया और उसकी स्कर्ट को बहुत धीरे से और ऊपर सरका दी।अब मैं उसके चूतड़ों को निहारने लगा।चुस्त काली पैन्टी में वो बहुत ही सेक्सी लग रहे थे।मेरी वासना जाग गई और ये जानते हुए भी कि वो मेरी चचेरी बहन है और उसके लिए यूँ सोचना गलत है. हमको बेबी से बात करना जी।रेहान आरोही को ‘थंब’ दिखा कर ऑल दि बेस्ट बोल देता है और बाहर चला जाता है।अन्ना- बेबी, रेहान बोला तो हम तुमको चाँस देना जी.

?उसने हाँ कहा।टैक्सी के अन्दर वहाँ के नज़ारे और ठंडी ठंडी हवा ने मुझे नींद की आगोश में भर सा दिया।अब मैं अपने स्वप्न में था.

कैसे आना हुआ, क्या समस्या है ! तुम भी बैठो बालिका !राधा- बाबा वो ये !बाबा- कुछ मत कहो, हम सब जानते हैं इस बालिका के नक्षत्र खराब चल रहे हैं शुद्धिकरण करना होगा। इसके दिमाग़ में एक बात ने घर कर लिया है, उसको निकलना होगा। तभी ये सही से अपने दिमाग़ को चला पाएगी।राधा- हाँ बाबा जी आपने सही कहा.

तभी सोचा कि अब आया है मौका, मैंने जानबूझ कर टाइम देखा और कहा- चलो रीना, बहुत लेट हो गया! अब हमको चलना चाहिये!अब जाकर उसके मुँह से निकला- ‘क्या?’मैंने कहा- हाँ चलो यार! जाना है. , यहीं सोना है!फिर भाभी ने मुझे एक भद्दी सी गाली भी दी और कहा- मादरचोद, लण्ड खड़ा करने की हिम्मत है, पर डालने की नहीं!मैंने भाभी से कहा- लण्ड तो आपने ही खड़ा किया था. स्टोरी क्सक्सक्सहाँ अभी करता हूँ !’‘क्या?’‘वो… ओह… अरे मेरा मतलब था कि मैं समझा देता हूँ।’‘तो समझाइए ना?’ वो में इस हालत पर मंद-मंद मुस्कुरा रही थी।‘पहले मैं तुम्हें आयल मसाज़ सिखाता हूँ, फिर जल थेरेपी के बारे में बताऊँगा !’‘हम्म…’‘पर उसके लिए तुम्हें यह टॉप उतारना होगा !’‘वो क्यों?’‘ओह.

अंकल- बेटा, मेरे हिसाब से तू इनमें बहुत ठीक लगेगी…सलोनी- मगर अंकल इस साड़ी के साथ, आपको यह पेटीकोट कुछ गहरा नहीं लग रहा?अंकल- अरे नहीं बेटा… तू कहे तो मैं तुझको बिना पेटीकोट के ही साड़ी बांधना सिखा दूँ… पर आजकल साड़ी इतनी पारदर्शी हो गई हैं कि सब कुछ दिखेगा…सलोनी- हाँ हाँ आप तो रहने ही दो… चलो मैं ये दोनों कपड़े पहन कर आती हूँ ! फिर आप साड़ी बांधकर दिखा देना…उसने पेटीकोट और ब्लाउज हाथ में लिये. उसे इतना मज़ा आ रहा था कि वो मेरी छाती पर चूम रही थी और नाख़ून गड़ा रही थी।मैं भी उसके दूध चूसता और दबाता।वो बोली- मेरे पति का लण्ड. मैं भी थोड़ा बाहर हो आता हूँ !दोस्तो, आज के लिए इतना ही। आज आपको रेहान के ऐसा करने की वजह के करीब ले आई हूँ, आगे आप खुद समझदार हो, अगर ना समझ आए तो अगले भाग में सब भेद खुल जाएगा और कल अन्ना क्या करेगा वो भी तो आपको जानना है न.

मुझे पूरा यकीन था कि यह चोर वाली बात सब झूठ है, मामला तो वही है जो मैं और आप सभी समझ रहे हैं।खैर मैं तो एक बजने का इंतजार कर रहा था लेकिन समय बीत ही नहीं रहा था, मैंने सोचा कि क्यूँ ना थोड़ा पहले ही जाकर देखा जाए. चाची को शाम को वापस आना पड़ा, वो हमारे घर आके मेरी माँ से बोली- कबीर को आज और कल रात को सोने के लिए भेज देना.

लण्ड चूसते-चूसते कभी कभी सोनू मेरे दोनों अंडकोष को भी मुँह में ले लेती जिससे मेरे मुँह से ‘आह’ निकल जाती.

मतलब कि दीपक झड़ने लगा उसने अपना सारा माल मेरी चूत में डाल दिया पर मैं तो अभी तक झड़ी ही नहीं थी और उसका लंड छोटा होकर मेरी चूत से बाहर निकल गया. !अन्ना- हम दूसरा कोई सीन नहीं करेगा, इसी फिल्म का एक सीन है वो ही करो, अगर पास हो गई तो समझो तुम्हारी किस्मत चमक गई। अब सुनो हीरो बेड पर सोया है. वो वापस जाने लगी तो देखा कि वो मेरी ही अपार्टमेंट बिल्डिंग में ही गई तो मैंने उसके बारे में पता निकाला कि वो हमारी नई पड़ोसी है और उसके घर में उसके अलावा उसके मम्मी पापा और 19 साल का उसका एक भाई है.

বাংলা ব্লু ফিল্ম সিনেমা डरो मत जैसे प्यार से तुम्हारी सील तोड़ी थी, वैसे ही उसकी भी तोड़ूँगा और फिल्म में भी रोल दिलवा दूँगा… खुश?आरोही- वाउ मज़ा आएगा. !लैपटॉप में एक लौंडा लड़की की बुर को चाट रहा था। मैंने उसके टाँगों को खोला और मोड़ कर उसकी बुर को दोनों हाथों से खोलकर चाटने लगा। उसकी चूत पहले से गीली थी, बुर का पानी मुँह में आने लगा।उसने कहा- उसे पियो.

अब जल्दी बताओ ना यार प्लीज़…!आरोही- भाई, मेरी गाण्ड अभी तक कुँवारी है, आप चाहो तो इसका मज़ा ले सकते हो और जूही की भी कुँवारी है क्योंकि रेहान आज उसकी चूत को ही ढीला करेगा इसलिए आप गाण्ड मार लो आपको मज़ा भी आएगा और आपका अरमान भी पूरा हो जाएगा।राहुल खुश होकर बैठ गया।राहुल- ओह वाउ. मधु- हाँ भैया… मेरे को चिड़ा रही हैं भाभी… जब आप यहाँ नहीं थे तब… ना…मैंने मधु को अपने पास करके उसके गाल को चूमते हुए पूछा- पुच च च च… बता बेटा. मेरी चूत जल रही है ! ऊऊहह मर जाऊँगी मैं… बस अब नहीं रहा जाता… मुझे छोड़ बहनचोद ! मेरी चूत को लंड चाहिए…उफफफ्फ़… शीना मादरचोद मुझे छोड़ !!!मैंने उसके उरोजों को ज़ोर से मसलते हुए उसके चुचूक चूस लिए और फिर उसके होंठों पर अपने होंठ टिका कर चुम्बन लेना शुरू कर दिया। वो मुझ से लिपटने लगी और मेरे होंठ चूसने लगी। मैंने अपनी ज़ुबान उसके मुख में घुसेड़ दी.

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!रेहान- अन्ना, आज तो मैंने जैसे कहा तुमने किया, पर कल क्या करना है मैं बताता हूँ। उसको शक मत होने देना कि तुम कौन हो और मेरे कहने पर ये सब कर रहे हो।अन्ना- तुम टेन्शन मत लो जी, अन्ना जुबान का पक्का जी. !राहुल की आँखों में एक चमक सी आ गई और ना चाहते हुए भी उसका हाथ अपने आप लंड पर चला गया, लेकिन जल्दी ही वो संभल गया।राहुल ने खाने का ऑर्डर कर दिया, दोनों ने आराम से खाना खाया और कुछ इधर-उधर की बातें करने लगे।लंच के बाद वो वहाँ से घर के लिए निकल पड़े।घर पहुँच कर आरोही ने एक मादक अंगड़ाई लेते हुए कहा- ओह भाई बहुत खाना खा लिया. रात हो चुकी थी, दादा-दादी दोनों ही घर के बाहर वाले हिस्से में सोते थे, मैंने खाना खाया और ऊपर छत पर चला गया सोने.

तुम उसको कैसे जानते हो? कौन हो तुम?साहिल भी अपना आपा खो चुका था और वो भी आरोही को गाली देने लगा।साहिल- साली कुत्ती मेरी बहन थी वो, जान से भी ज़्यादा प्यारी बहन और तूने उसको मार दिया।आरोही- प्लीज़ मुझे छोड़ दो दुखता है, मैंने कुछ नहीं किया, तुमको गलतफहमी हुई है। प्लीज़ छोड़ दो उउउ. !राहुल ने घड़ी की तरफ देखा, सुबह 7 बज रहे थे, वो जल्दी से बाथरूम गया और शॉवर ऑन करके खड़ा हो गया।15 मिनट में फ्रेश होकर, वो तौलिया बाँध कर आरोही के कमरे के पास आया, वो बन्द था, तो राहुल ने आरोही को आवाज़ लगाई, तब उसकी आँख खुली।राहुल- आरोही, जल्दी उठो 7.

साजन की कमर के आर-पार, मेरे दो घुटने आधार बनेमेरे पंजों ने तो साजन की, तकिया का जैसे काम कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

कोई अंतर नहीं आया… अभी भी पहले जैसी ही है… और अब यह किसी की अमानत है ! समझे…? जब मौका था तब तो तुमने चखा नहीं… तो अब तो तुमको देखने को भी नहीं मिलेगी…मनोज- और अगर जब विनोद आएगा तो उसको भी मना करोगी?सलोनी- और नहीं तो क्या…?? उसकी भी शादी हो गई. ?रेहान- मैं कल ही समझ गया था, अभी कुछ मत कहो, कल सुबह मैं आ रहा हूँ 8 बजे क्योंकि कल वो शूटिंग में बिज़ी रहेगा, तो जल्दी बुलाया है। वैसे मैं उसको कॉल कर लूँगा, पर तुम भी बता देना।राहुल- ओके ओके. जय से सम्भाला नहीं गया, पहली बार था बेचारे का और उसने सारा पानी अंदर ही छोड़ दिया!मैं- अह, यह क्या किया तुमने? एक तो कंडोम नहीं पहनी ऊपर से अंदर ही छोड़ दिया?जय का लंड सिकुड़ के चूत से बाहर आ गया और मुठ मेरी चूत से बह रहा था.

तुमसे कुछ कहकर नहीं गई?मैं- अरे अंकल गए हैं? …पर वो तो शायद किसी और के साथ जाने वाली थी !नलिनी भाभी शायद कुछ शरमा सी रही थी, माना हम दोनों चुदाई कर चुके थे, मगर कवल एक बार ही की थी… वो भी उनके घर पर. !”ये ले आज तो तेरी चूत की बैंड बजा दूँगा…!”मैं ताबड़-तोड़ धक्के लगा रहा था। आंटी भी खुल कर मेरा साथ दे रही थीं। वो साथ ही साथ ज़ोर-ज़ोर की आवाज़ निकाल रही थीं. आओ तुम मेरे लौड़े की प्यास मिटाओ…बन जाओ घोड़ी… आज अपनी बहन की गाण्ड बड़े प्यार से मारूँगा मैं…!दोस्तो, दो मिनट के लिए हम ऊपर के कमरे में चलते हैं.

थोड़ा बहुत तो मैंने बताया है परंतु बाकी का तुझे ही समझाना होगा।’ चंदा रानी की आवाज़ आई।वह बच्चे को बहला रही थी, बच्चा दूध पिये हुए था और अब खेल रहा था, अभी उसका कोई सोने का मूड दिखाई नहीं पड़ रहा था।मैं बोला- ठीक है !और नन्दा रानी को चूम के बोला- नन्दा रानी… अभी जो मैंने तेरे साथ किया वह चुम्बन कहलाता है। इसे बहुत देर देर तक किया जाता है….

बीएफ भेज सेक्सी: मैंने तिरछी नजरों से देखा कि उसका लंड अब खड़ा होने लगा था, मेरे हिलने डुलने से मेरा कुरता मेरी जांघों तक चढ़ गया था. मैं- ओह, बहुत उतावले हो मेरी फ़ुद्दी देखने के लिए?मैंने अपनी पेंटी उतारी और अपनी दोनों टांगें वेबकैम की तरफ कर दी, वो मेरी चूत पूरी तरह देख रहा था.

!’तो हिमानी इस बात के लिए सहमत हो गई। मैंने जैसे ही उसकी चूत पर हाथ फ़िराया तो वो गीली-गीली सी लगी और हल्का सा पानी उसकी झांटों पर भी लगा हुआ था। पहले तो मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत में अन्दर डाल कर अन्दर-बाहर करनी चालू की, तो वो तेजी के साथ ‘आह आह ऊओह्ह ऊऊई स्सस्ससीईईई. मेरे गीले से उस अंग से उसने जी भर के रसपान कियामैंने कन्धों पे पाँव को रख रस के द्वार को खोल दियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!. ओह गॉड ! अब मैं घर कैसे जाऊँगी…और यह क्या अंकल तो पूरे सलोनी के दीवाने हो गए थे- हाँ हाँ क्यों नहीं बेटा.

दो लड़के दो लड़कियों के पीछे पड़े हुए थे।तंग आकर लड़कियों ने एक-एक राखी ली और उन दोनों की कलाईयों पर बांध दी।एक लड़के ने दूसरे से पूछा- अब क्या करें?करना क्या है, तू मेरी बहन को पटा ले, मैं तेरी बहन को पटा लेता हूं !!! दूसरे ने जवाब दिया।.

इसके कारण ये ऐसा लग रहा है।दीपाली चौंकते हुए विकास को देखने लगती है।विकास- अरे इसमें चौंकने वाली क्या बात है. तेरी तड़पती जवानी का नजारा उफ़ अब तो लौड़े में दर्द होने लगा है।दीपाली ने बड़ी अदा के साथ धीरे-धीरे टॉप को ऊपर करना शुरू किया. जिन 4-5 लड़कियों की मैंने झिल्ली तोड़ी थी उनमें एक तो बहुत चिल्लाई थी, उसने पूरा घर सर पर उठा लिया था.