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ऐसा लग रहा था कि टोपे में गाजर का गहरे रंग का जूस भरा हुआ है, उसके मुंह पर झाग पर बन गये थे.फिर मैंने उससे पड़ोसी के बारे में पूछा- वह कहां है?तो उसने कहा- वह अभी नहा रहा है.

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तभी मैंने एक कागज पर मेरा फोन नम्बर लिख के भाभी की छत पर फेंक दिया. मैं भी जानती थी कि लड़के लड़कियों पर लाइन मारने की कोशिश कर रहे हैं जैसा कि अक्सर शादी में होता ही रहता है. एक तरफ आंटी को खुश कर दिया था और दूसरी तरफ मुझे चोदने का प्लान बना लिया था.

अब उसने कहा- जल्दी चोदो मुझे!मैंने कहा- उन लोगों को पूरी तरह जाने तो दो! कहीं वापिस आ गए तो पकड़े जाएंगे … तो उनसे भी चुदवाना पड़ेगा आपको. ये कहानी मेरी और मेरी चाची और उनकी दो बहनों के बीच गुज़री हुई एक सच्ची घटना है. उन्होंने मुझे दिवाल से सटा दिया और अपने लंड को मेरी गांड की तरफ से मेरी ताजी फटी चुत में डालने लगे.

मैंने सोचा कि शायद हो सकता है कि अनजाने में काजल का हाथ मेरी जांघ पर आ गया हो इसलिए इतनी जल्दी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं था. मुझे नहीं पता कि उसने सोनल से क्या बात की लेकिन एक दिन पार्क में सोनल ने खुद ही बहाने से मेरा नम्बर मांग लिया. वो लंड को चूत में लेने के लिए बेताब होने लगी, तो मैंने सोना को इशारा किया कि मैं अब फायर करने वाला हूँ बाकी तुम संभाल लेना.

अब ताऊ जी ने अपने हाथ को चाची की चूत से हटा लिया और चाची ने भी अपने हाथ को हटा लिया. वो कहते हैं न एक से दो भले!”मैं समझी नहीं?”मेरी रानी… बीवी के साथ उसकी मां फ़्री”मतलब?”मेरी जान जो कुछ कामिनी करती है वही उसकी माँ भी करेगी.

सूट की कमीज पे हल्के लाल रंग के फूल और उसी रंग का उसका दुपट्टा, उस पे बहुत फब रहा था.

7 इंच लम्बा और ककड़ी जितना मोटा काला लंड मेरी मां के सामने था। अंकल के लंड पर नब्ज़ काफी थे और उनकी झाटें भी ज्यादा बड़ी नहीं थी।अंकल फिर मेरी मां के पास आए और उन्होंने मेरी मां का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया और उसे हिलाने लगे और दूसरे हाथ से मेरी मां की चूत को सहलाने लगे.

अब तक इस टीचर की चुदाई स्टोरी में आपने पढ़ा कि मैं नम्रता की गांड मारने की तैयारी कर रहा था. एक बार तो लंड पर हाथ लगते ही वह दो पल के लिए रुकी मगर फिर उसने मेरे अंडरवियर के कट को टटोलते हुए मेरे अंडरवियर के अंदर अपना हाथ पहुंचा दिया. किसी भी क्षण होटल से कोई आ सकता था, सुधा या किसी और का फ़ोन आ सकता था.

मेरे लंड का साइज ज्यादा बड़ा नहीं है, औसतन 5 इंच लंबा और 3 इंच मोटा ही होगा … मैंने कभी इसे नापा नहीं है. मैं बोली- धीरे डाल साले कुत्ते … साले अपने लंबे लंड से क्या मेरी चुत फाड़ देगा?वह बोला- रुक जा मेरी रंडी … अभी तो शुरूआत है, आगे आगे देख क्या होता है. यात्रा के दिन जब मैं निश्चित समय पर बस में चढ़ा तो मैंने एक सरसरी निगाह से सारे यात्रियों को देखा और मेरी नज़र मेरी सलहज पर गई.

मैं दरवाजे से झांकने लगा, मैंने देखा कि दीदी अपनी पेंटी पहन रही थी और जीजाजी कुछ नाराज लग रहे थे.

मैंने लंड को सेट करके धक्का लगाया पर लंड अंदर जाने की बजाये फिसल गया. मैंने अपना लंड भाबी की चुत पर सैट किया और एक ज़ोरदार झटका दे मारा, जिससे मेरा आधा लंड सीधा भाबी की चुत में घुस गया. मैं तुमको भरोसा दिलाता हूँ मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगा।फिर वो नॉर्मल हो गयी.

उसके बाद मैंने उसके चूचों को चूस कर लाल कर दिया और उसके पेट को चूमते हुए उसकी पैंटी को खींच दिया. मैंने कहा- क्यों ना आप मेरे साथ कहीं घूमने चलो, इससे आपका दिल भी लग जाएगा और आप थोड़ा बहुत दिल्ली शहर भी देख लेंगी. मैं ज्यादा हैंडसम तो नहीं हूँ पर लोगों को शायद मेरी बातें पसंद आती हैं.

उसने मुझसे पूछा- क्या करते हो?मैंने बताया- आज से ही नई जॉब पर ही जा रहा हूँ.

इस स्थिति में उसने अपना बायां पैर झूले पे टिका रखा था … जिससे उसकी चुत साफ खुल के नजर आ रही थी. मैंने देखा कि जैसे ही ताऊ जी चाची के पास जाकर बैठे, चाची सीधी हो कर बैठ गईं और बोलीं- अरे आप आ गए?ताऊ जी ने बोला- हां, मैं आ गया.

बीएफ सेक्सी बिहारी भाषा वो मेरे साथ कुल 4 दिन रही … और इन चार दिनों में वो मुझसे कितनी बार किन किन आसनों में चुदी, ये सब आपको लिखूंगा. उसमें लिखा था- मेरे प्यारे राकेश, आई लव यू! मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ.

बीएफ सेक्सी बिहारी भाषा कुछ देर मौसी जी ने मेरी पढ़ाई के बारे में पूछा, फिर सोने को बोलकर सो गयीं. देख सोनम, अंकल लोग सेक्स के मामले में अनुभवी होते हैं, उन्हें सब पता होता है कि उनकी पार्टनर को पूरा मज़ा कैसे देना है और सबसे बड़ी बात कि अंकल लोग शादीशुदा होते हैं, इनकी अपनी फैमिली, अपनी इज्जत होती है सो इनसे किसी लड़की को कोई धोखा खाने की सम्भावना होती ही नहीं है.

मैं भी जीतू से बात करती थी और हम दोनों लोग की बातें फ़ोन पर भी होने लगी.

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राधिका ने एक मिनट के लिए सोचा और फिर वो मेरे पास आकर मेरी जांघ पर बैठ गई. जब उसका लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया … तो उसने मेरे मुँह से लंड निकाल लिया. अब मैं उनके ऑफिस मैं घुस चुका था और मैंने उन्हें बताया कि मेरे स्कूल सर्टिफिकेट में स्पेलिंग मिस्टेक है, वो बदलवाना है.

शायद शोना की भी आंख लग गयी थी … लेकिन उसके पास में होते हुए मुझे कुछ चुत का बुखार चढ़ने लगा था. नैना फिर से उठ के बैठ गई और मेरी निक्कर नीचे करके मेरे लंड को पकड़ लिया. फिर राहुल ने धीरे से संगीता को अलग किया और बोला- मैम… मैं अब चलना चाहूँगा.

ऐसे ही एक दिन की बात है कि सुबह जब हिरेन सो रहा था तो मैं उसके कमरे में झाड़ू लगाने गई हुई थी.

अब मैं उसकी मस्त चूचियों का रस पीने लगा, जिससे परवीन भी मस्त होकर आहें भरने लगी थी. मेरे सामने उसकी चूत में लंड डालने के अलावा कोई रास्ता नहीं था, सो मैंने भी अपने आपको उसकी तरफ पुश किया ताकि लंड आसानी से अन्दर चला जाए. मैंने अपनी पत्नी को आगे करके उस परिवार से आत्मीय सम्बन्ध बनाने शुरू किये.

भाभी मेरे लंड को मसलते हुए उसे बार-बार अपने हाथ में लेकर दबा देती और फिर उसके टोपे को छेड़ देती थी. इतना कहते हुए मैंने अपने सर को उसकी टांगों के बीच घुसेड़ दिया और पहले तो अच्छे से उस चूत से निकलती हुई महक को सूंघा और फिर बड़े प्यार से फांकों पर, चूत के अन्दर जीभ चलाने लगा. शॉपिंग से वापस आते समय मुझे अपने कपड़े जो ड्राइक्लीन के लिए देने थे वो गाड़ी में यूं के यूं रखे रह गये.

जैसे ही मैंने फोन रिसीव किया, उधर से मेरी बीवी की मधुर आवाज आयी- हैलो. मादरचोद, आ आह सीई सीस … बहन के लौड़े क्यों तड़पा रहा है … जो चाहे कर लेना अपनी रांड के साथ … पर पहले लंड को चुत में पेल दे.

यही नहीं मेरे में उत्तेजना भरने के लिये वो बड़ी स्टाईल से चल रही थी, इससे उसकी गांड ऊपर नीचे हो रही थी. मैंने उसी समय उसको कुतिया पोजीशन में किया और लण्ड चूत के छेद पर सेट कर के झटका मारा. हसीना की कहानी के पहले भाग में अब तक आपने पढ़ा था ट्रेन में मुझे अदिति नाम की एक नवयौवना लड़की मिली, जिससे मेरी काफी गहरी दोस्ती हो गई थी.

मैं समझ गई कि संजीव भीड़ का फायदा उठाकर अपना लिंग मेरे चूतड़ों पर रगड़ने की कोशिश कर रहा है.

मैं उठ के बैठा, तो नैना ने एक पैर मोड़ा हुआ था मैं उसके पैरों के बिल्कुल नीचे आ बैठा और मैंने उसकी सिल्की निक्कर को हल्का सा जांघों से उठा दिया. और अब लंड ज़ोर ज़ोर से चूत के अंदर बाहर हो रहा था।आख़िर वो कंट्रोल नहीं कर पाई और अब अब्बू ने उसके निप्पल को जैसे ही अपने मुंह में लिया तो मेरी बीवी ज़ोर ज़ोर अपने चूतड़ ऊपर नीचे करने लगी।फिर वो इतने झटके के साथ ऊपर उठी कि चूत में से बहुत सारा पानी निकल आया. मैंने कहा- जल्दी डाल हरामी, मैं चुदना चाहती हूं तेरे इस मोटे लंड से.

अगले ही पल भाभी ने मेरी लोअर को खींच दिया और मेरी जांघों को नंगी करते हुए मेरे लंड को अंडरवियर में तना हुआ छोड़ दिया. यही सोचते हुए मेरा लंड फिर से तन कर खड़ा हो गया और मैं फिर से टॉयलेट में जा कर भाबी के नाम की मुठ मारने लगा.

मैं हर वक्त उसी की तरफ देखता रहता था लेकिन मुझे हमेशा ही इग्नोर किया करती थी. वह हंसने लगी और बोली- भाग यहां से!मैंने अंगड़ाई सी लेकर आंटी के सीने पर हाथ रख दिया और सीधे ही अपने होंठ उसके होंठों पर रख कर चूसने लगा. फिर सोनू ने उत्तेजित होकर मेरे अंडरवियर के कट के अंदर हाथ डाल दिया और मेरे गर्म लौड़े पर उसके नर्म कोमल हाथों के स्पर्श ने मेरे मुंह से एक स्स्स … की आवाज बाहर निकाल दी.

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वसुंधरा चौदहवीं के चाँद के मानिंद चमक-दमक रही थी लेकिन जैसे चाँद में भी दाग होता है वैसे ही इस मुज्जसिम हुस्न में भी एक कमी थी और वसुंधरा को शायद इसका एहसास नहीं था लेकिन मैंने वो कमी पकड़ ली थी.

फिर एक दिन शाम के समय आंटी बोली कि मेरे साथ बाजार चलना, मुझे कुछ सामान खरीदना है. अभी तक आपने पढ़ा कि लॉज के मैनेजर नेजीजा के साथ मेरी चुदाईकी आवाजें सुन लीं और वो दरवाजा खोल कर अंदर आ गया. सोनल ने नशे की पिनक में दिशा से कहा- दिशा, तुम राज की जांघ पर बैठकर उसे किस करोगी.

कौन खिलाता है खाना किसी को!बारिश तेज़ होती जा रही थी तो वो मेरे पास ही बैठ गयी और मैं भी उसके पास ही बैठ गया और हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे. वह भले ही बदन से मोटी थी लेकिन उसके अंदर सेक्स कूट-कूट कर भरा हुआ था. काठवाडी सेक्सीमैंने उनसे पूछ लिया- आप कहाँ जा रहे हो?रोहन ने मुझे बताया कि वह अपने फ्रेंड्स के साथ घर जा रहा है.

मैंने पास में पड़े देसी घी के डिब्बे में से खूब सारा घी निकाल के अपने लंड और भाभी की चूत पे लगाया. मुझे किसी काम से मेरे शहर से 200 किलोमीटर दूर जाना था। मैं शनिवार को आपनी कार से निकल पड़ा।मौसम बहुत सुहाना था तो मैंने रास्ते में वाइन शॉप से एक बीयर ले ली और कार में ही उसे पीने लग गया और कार भी चला रहा था।मैं अपने शहर से करीब 80 किलोमीटर दूर आ गया था.

अब आगे:मैं उसके पीछे पीछे उसके रूम में गई और अंदर जाते ही उसने बोला- सॉरी थोड़ा गंदा है. मैंने अब अपने लंड में वैसलीन लगा ली और थोड़ी वैसलीन उसकी चुत पे लगाकर उसके ऊपर लंड सैट कर दिया. गांव के पास पहुंच कर मैंने गाड़ी की लाइट बन्द की और धीमी स्पीड में घर पहुंच कर गाड़ी खड़ी की.

फिर मैंने एक उंगली उसकी चुत में डाल दी और उससे उसको धीरे धीरे अन्दर बाहर करके चोदने लगा. उसके बाद मैं भाभी के चूचों को दबाते हुए नीचे की तरफ उनकी नाभि की तरफ बढ़ा. फिर वह बोली- मेरी चूत में जलन होने लगी है। यह कॉन्डम निकाल लो अपने मोटे लंड से बाहर। सिम्पल कंडोम लगा लो.

एक दिन में रोज की तरह क्लास में प्रैक्टिस वर्क कर रहा था, तभी वो भी आ गयी.

तब चाची ने पूछा- कोमल कहां है?तो ताऊ जी ने बताया कि वो नीचे सो रही है. साहिल- इतनी मॉडर्न लड़की को किसी ने आज तक प्रपोज़ नहीं किया क्या?हीना- किया था चार-पांच लड़कों ने, वो मुझे डेट पर भी लेकर गये थे लेकिन मैंने मना कर दिया क्योंकि मैं अभी लाइफ को इंजॉय करना चाहती हूं.

फिर पूछ बैठा- यार, तुम्हारी गांड मारी?नम्रता- अरे यार सुनो तो, मैं सब कुछ बताऊंगी. अब मैं अगली कहानी आपके सामने पेश कर रहा हूँ मगर उससे पहले आपको अपने बारे में संक्षिप्त परिचय दे देता हूँ. अब मेरी जीभ और होंठ कभी श्वेता मैडम चूस रही थीं, तो कभी मैं उनकी जीभ और होंठ चूस रहा था.

उसके कुछ पल बाद ही मेरे लंड ने भी चाची की चूत में वीर्य निकाल दिया. वो बोला- ट्रक उधर ही जा रहा, तो चलो साथ में … रास्ता लंबा है, तो रात को खाना बनाने के लिए और सोने के लिए कहीं रुकेंगे. धीरे धीरे मैं अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा रहा था।दोस्तो, मैंने अपनी जिन्दगी में कई लड़की और औरतों की चूत मारी है लेकिन इस औरत के साथ जो मजा मुझे आ रहा था वो अभी तक किसी और के साथ नहीं आया था.

बीएफ सेक्सी बिहारी भाषा उसने अपना मुँह मेरे कान के पास लाया और मेरी चुत की तारीफ में कुछ कहने लगा और कुछ ऐसी बातें कहीं, जो मैं यहां नहीं लिख सकती. और अब लंड ज़ोर ज़ोर से चूत के अंदर बाहर हो रहा था।आख़िर वो कंट्रोल नहीं कर पाई और अब अब्बू ने उसके निप्पल को जैसे ही अपने मुंह में लिया तो मेरी बीवी ज़ोर ज़ोर अपने चूतड़ ऊपर नीचे करने लगी।फिर वो इतने झटके के साथ ऊपर उठी कि चूत में से बहुत सारा पानी निकल आया.

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जीतू जॉब करता था इसलिए उसको जॉब में बहुत काम था तो हम दोनों की फ़ोन पर बातें होती थी. मेरे पति रोहन ने मुझे खूब प्यार दिया और उन्होंने मेरी चूत को चोद-चोद कर भी बहुत मजा दिया है. अपने लौड़े से उसकी गर्म चूत की चुदाई करते हुए मैं जोरदार धक्के लगाने लगा.

भाभी के मुँह से आवाजें आने लगीं, उनकी आवाजें ‘हहम्म उम्म्म …’ मुझे गर्म कर रही थीं. नम्रता ने मेरी लुंगी खोल दी और साथ ही साथ अपनी नाईटी भी उतार फेंकी. 18 साल की देसी सेक्सी वीडियोलगभग पंद्रह मिनट के बाद ताऊ जी चाची से बोले- कोमल अब जवान हो गई है.

अभी मेरी नजर उसकी खुली हुई फांकों पर थी और उसकी चूत का गुलाबी द्वार भी खुला हुआ था.

अदिति ने मुझे बाई बोला और टैक्सी वाले को अपने हिस्से का किराया देने लगी. जैसे ही ताऊ जी ने लंड को चाची की चूत पर सटाया, चाची ने अपने दोनों हाथों से चूत को फ़ैला दिया और ताऊ जी के लंड को अपने चूत का रास्ता दिखाया.

फिर एक दिन मैंने सोचा कि मुझे अपने जीवन की घटना भी अंतर्वासना पर आप लोगों के साथ शेयर करनी चाहिए. उसके गर्दन और कंधे के भाग से पसीना चूते हुए उसके चुचों के बीच की घाटी में आ रहा था. और करन ने मुझे अपनी बांहों में ज़ोर से जकड़ लिया।हमारे जिस्म एक दूसरे के संपर्क में आते ही और गर्म होने लगे और हम वासना की मदहोशी में खोने लगे.

मैं भी यही चाहता था, तो मैंने भी देर ना करते हुए उसकी पैंट के ऊपर से ही उसके लंड को चाटना शुरू कर दिया.

अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था तो मैंने उसको नीचे लिटाया और उसको होंठों से चूमना शुरू किया। पहले होंठ, फिर गर्दन और फिर दो आज़ाद कबूतर … मैंने उसकी एक चुची को मुख में भरा और दूसरे को हाथ में पकड़ कर दबाने लगा. उनके साथ फोन पर बातों में मैं उनसे सेक्स के विषय को लेकर काफी खुल चुकी थी. मगर फिर उसकी जांघें मेरे हिप्स को टच करते हुए मेरे करीब होकर मुझसे सटने की कोशिश कर रही थी.

सेक्सी फिल्म भोजपुरी भाषा मेंएक्स्ट्रा ट्यूशन की स्पेशल क्लासेज की वजह से रोज शहर तक आना जाना मुश्किल था. मैं तो मुट्ठ मारकर शांत हो चुका था लेकिन जब सुमिना ने काजल को मेरे साथ भेजने का प्रस्ताव उसके सामने रखा तो मेरे अंदर का शैतान फिर जगने लगा.

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पर मैं कहां रुकने वाला था, मैंने कहा- नैना मेरी जान आज मैं तुम्हें इस ज़िन्दगी का सबसे बड़ा मज़ा दूंगा. एक बार फिर नम्रता अपनी ऐड़ियों को टेबिल पर टिकाकर पैर फैला लिए और अपने दाहिने हाथ को चूत पर बड़े प्यार से फेरने लगी और उसी प्यार से मम्मों को सहलाने लगी. वो बोला- क्या? सच में?मैंने कहा- नहीं, वैसे ही बोल रही थी।वो बोला- वैसे मेरे में क्या कमी है?मैंने कहा- कमी तो कुछ नहीं है.

फिर कुछ देर यूं ही लम्बी लम्बी सांसें लेते हुए लेटने के बाद उसने उसने एक आवाज़ लगाई- शरद, कहाँ हो? आ जाओ. उसकी नाक, चेहरा, हाथ … फिर गर्दन और फिर छाती पर रख कर गुलाब को फेरा, तो ज्योति ने अपने आपको और पीछे कर लिया. मैं भी पूरे जोश में आंटी की चुत को पैंटी के ऊपर से ही चूमता और काटता गया.

वैसे उसने कभी मुझे इस बात को लेकर शिकायत भी नहीं की कि मैं उसकी तरफ क्यों देखता रहता हूँ लेकिन वो इससे ज्यादा मुझे घास नहीं डालती थी. उसने मुझे बताया कि वो भी मुझे पसन्द करती है, पर डर लगता है कि उसके मम्मी पापा को पता चल जाएगा, तो वो उसे बहुत पीटेंगे. उसकी चूत में मेरा बिना कंडोम का लंड था और मेरा पानी उसकी चूत में भर गया था.

मुझे हल्का सा गुस्सा आ गया और मैंने उनकी चूची को बहुत जोर से भींच दिया. मैं हर वक्त उसी की तरफ देखता रहता था लेकिन मुझे हमेशा ही इग्नोर किया करती थी.

यह मेरा एक जुआ था … अगर वह औरत ना उतरती, तो करीब 2 किलोमीटर मुझको पैदल अपने घर की तरफ जाना पड़ता.

लेकिन अब मैं भी जवान था और इतना समझने लगा था कि सामने वाला इन्सान आप में कुछ रुचि ले रहा है तो जरूर उसके मन में कुछ न कुछ बात होगी. देसी चुदाई सेक्सी मूवीफिर प्रिया ने कहा- तुमने टीटी से ये क्यों कहा कि तुम मेरे मंगेतर हो।मैं- वो इसलिए कि टीटी तुम्हें परेशान ना करे और तुम्हें फाइन ना देना पड़े।प्रिया- जब तुम्हें पता था कि ये मेरी सीट नहीं है तो अपनी सीट क्यों दी?मै- बताया तो है कि आपको दिक्कत ना हो इसलिए!प्रिया- और तुम?मैं- बैठे बैठे सो जाता. भोजपुरी हिट सेक्सीउस रात का इंतज़ार मैं जानता हूँ या मेरा लंड! दो बार मैंने मुठ मारी पर लंड शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा था. मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था कि सबने मिलकर मेरी रोमांटिक मूड की वाट लगा दी थी.

मेरा तना हुआ लौड़ा उसकी जांघों के बीच में छिपने का रास्ता ढूंढ रहा था.

जब बात मर्द वाली आ जाती है तो कोई भी मर्द अपनी बेइज़्ज़ती नहीं करवा सकता. मैंने तेजी से भाभी के मुंह को चोदना शुरू कर दिया मगर भाभी ने मेरे लंड पर दांत गड़ा दिये इसलिए मुझे रफ्तार धीमी करनी पड़ी. मैं धीरे धीरे नीचे उतरा और उस कमरे की ओर गया तो देखा कि अब्बू अंदर जा चुके थे, दरवाजा था.

शाम को राहुल जब उसकी कोठी पर पहुंचा तो उसको अहसास हुआ कि वो बहुत पैसे वाले लोग हैं. मुझे बहुत बुरा लगा, मैंने उनसे कहा- वो उठ के मेरे लंड पे बैठ जाएं, तभी ठीक से हो पाएगा. इस तरह सलहज को भी एक साथी मिल गया और मेरे जीवन में पत्नी की कमी भी पूरी हो गई है.

दारु पीने का तरीका

या फिर ये सोच रही होगी कि कहीं मुझे पता न लग जाये कि वो भी उसी आग में जल रही है जो आग आज मैंने अपने भीतर महसूस की।घर आने के बाद पापा ने गाड़ी पार्क कर दी और हम चारों अंदर चले आये. वैसे भी मैंने काफी दिनों से चुदाई का आनंद नहीं लिया था इसलिए चुदाई की इच्छा भी तीव्र हो चली थी. मेरी मन पसंद जॉब तो एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज में जाना या फिर बैंक में प्रोबेशनरी ऑफिसर बनना ही थी और अब तो लगता था कि अगर मेरा यही हाल रहा तो मैं शायद इन्टर भी पास नहीं कर पाऊँगी.

बीच बीच में वो अपने पे माथे पे आ रहे बालों को पीछे करती तो और भी सुन्दर लगती.

ताकि जो तुम्हारा बच्चा हो, वो एक सम्मान के साथ हो ना कि उसे समाज एक नाजायज बच्चा बोले.

पूरी प्लानिंग करके मैं अपने बेडरूम में गयी और बाथरूम में जाकर शावर लेने लगी. ”थोड़ी देर में मम्मी आ गयी।मालिनी आज दिन में आराम कर लो, शाम को तुम दोनों को एक पार्टी में जाना है. सेक्सी+वीडियो+पिक्चरमैं बोली- ये क्या कर रहे हो?वह बोला- कुछ नहीं … बस वही, जो रोज करता हूं.

मैं- हाँ चाची, मैंने इतनी बड़ी चूचियाँ और इतनी बड़ी गांड शायद ही कभी देखी हो. फिर वो तारीख़ मुझे आज भी याद है जब 18 नवम्बर 2017 को मैंने उसे एक नए नम्बर से व्हाट्सैप मैसेज किया. मैंने उसका निचला होंठ अपने होंठों में ले लिया और चूसने लगा और वो मेरा ऊपर का होंठ चूसने लगी.

भाभी की चूत ने हल्का रस छोड़ दिया था, जिस वजह से जल्दी ही मेरे लंड ने उसकी चूत में जगह बना ली. मैंने कहा- भाभी प्रोटेक्शन नहीं है, आप प्रेगनेंट हो गयी तो?वो बोलीं- होने दो … उसी के लिए तो सोयी हूँ तुम्हारे नीचे.

वो आंखों में आंसू लाकर बोलीं- मुझे तुम पर पहले से ज़्यादा भरोसा हो गया है.

कुछ देर इसी अवस्था में रहने के बाद मैंने अपना हाथ उसकी छाती पर फेरना शुरू कर दिया. उसके चूचों को ख्यालों में चूसा और जब चूत को ख्यालों में नंगी किया तो मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी छूट पड़ी. मगर मैं रुका नहीं और मैंने जोर लगाते हुए आधा लंड चाची की चूत में घुसा दिया.

मारवाड़ी औरतों का सेक्सी वीडियो सुमन भाभी की सफाचट चूत ऐसी लग रही थी, जैसे उन्होंने आज ही मेरे लिए अपनी चूत की झांटें साफ़ को हों. बीच बीच में उनकी उंगलियां चुत के दाने को छूतीं और पूरे बदन में करंट दौड़ पड़ता.

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संभोग कैसे करें

मेरे कूल्हे ज्यादा बड़े होने की वजह से निहारिका के कूल्हे बिल्कुल उभर आए थे. मादरचोद, आ आह सीई सीस … बहन के लौड़े क्यों तड़पा रहा है … जो चाहे कर लेना अपनी रांड के साथ … पर पहले लंड को चुत में पेल दे. ”मैं मुस्कुरा दिया।सबसे पहले तुम्हें गर्ल बनना पड़ेगा, लड़की बनना पड़ेगा। लिबास से लड़की, मन से लड़की। तुम्हारे लिए हम सारे कपड़े ले आएंगे और तुम घर पे वही पहनोगे। मेकअप करना सीखोगे। और मन से लड़की बनने के लिए तुम लड़कियों की तरह बात करोगे। समझ गए?”हाँ मैं समझ गयी.

प्रिया- तुम क्या करते हो?मै- बताया तो था कि पढ़ाई।प्रिया- मैं भूल गई थी। तुम्हारी गर्लफ्रैंड है?मैं- नहीं!प्रिया- क्यों? काफी हैंडसम हो, फिर भी एक भी नहीं है हो ही नहीं सकता।मैं- सचमें नहीं है. आखिर में मेरा टाइम भी आ गया और मैंने अपना लंड बाहर खींच कर पानी उनके पेट पे निकाल दिया.

फिर वो धीरे से अपने होंठों को मेरे होंठों के पास लाई और अपने होंठों को मेरे होंठों पर रखते हुए उनको चूम लिया.

दूसरा हाथ उसकी पेंटी में फंसी रस से भीगी हुई उसकी चूत के ऊपर फिराए जा रहा था. क्या करूं मेरे मूसल लंड की जान ही ऐसी थी कि मैं जितना अपने दोस्त को चोदता, उतना ही मन करता था कि मैं बाबा को और चोदूं. फिर मुझे न जाने क्या सूझा कि मैंने उन्हें किस कर लिया और उनके होंठों को रसपान करने लगा.

अचानक इसको क्या हो गया कि इसने इतने जोश में खड़ा हुआ लंड मुंह से वापस बाहर निकाल दिया. दीदी ने झट से पूरा पानी अपने मुँह के बाहर थूक दिया, लेकिन मैंने दीदी का पूरा पानी पी लिया. और तो और इस बार वो अपनी हथेलियों को मेरी जांघों पर कस कस कर रगड़ रही थी और लंड को उमेठ रही थी.

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फिर रात को मैंने दरवाजे से कान लगा कर सुना तो भाभी भैया से कह रही थी- आज बहुत दर्द हो रहा है. यह मेरा एक जुआ था … अगर वह औरत ना उतरती, तो करीब 2 किलोमीटर मुझको पैदल अपने घर की तरफ जाना पड़ता. किसी से चुदवाने का तो मैंने पक्का इरादा कर ही लिया था अब यक्ष प्रश्न मेरे सामने ये था कि मैं अपनी चूत दूं तो किसको दूं? किसी लौंडे लपाड़े के चक्कर में तो मैं आने वाली थी ही नहीं; इनकी हरकतें मुझे वैसे भी सख्त नापसंद थीं.

मेरी पूरी बॉडी पर तेल लगा हुआ था जिसके कारण मेरी काया शीशे की तरह चमकने लगी थी.

जिसके लगते ही भाभी की चीख उसके गले में ही दब कर रह गयी तथा उसका सीना उठकर ऊपर की तरफ हो गया. मेरा हाथ भी कहां रूकने वाला था, मैं रेखा की नाईटी उठाकर उसकी चूतड़ को सहलाते हुए उंगली उसकी दरारों के बीच चलाने लगा. मैंने भी उसके सामने मुस्कुराते हुई द्विअर्थी बाण छोड़ा और बोली- तुम मेरी गाड़ी के इंजन में अपना नया ऑयल डाल दो.