बुलु बीएफ

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ब्लू सेक्स हिंदी सेक्स: बुलु बीएफ, लिप किस के बाद नितिन मेरे गले पर किस करने लगा और मेरे मम्मों को जोरों से मसलने लगा.

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आंटी ने मेरी तरफ देखा तो बॉक्सर के अन्दर से मेरे तने हुए लण्ड पर उनकी नजर पड़ गई. सेक्सी वीडियो राणाउसने मेरे ब्लाउज को खींच कर फाड़ दिया क्योंकि अंधेरे में ब्लाउज खोलना पॉसीबल नहीं था.

खूब चुदती थी उनसे! पर शादी के बाद तो एक ही लण्ड से गुजारा करना पड़ रहा था। जब तुम रूम मांगने आये तो तुमसे चुदने की उसी दिन सोच के बैठी थी. सेक्सी वीडियो पुलिस कीदोस्तो, वो इतनी मस्त माल थी कि मैं उसी समय उससे उसको चोदने की गारंटी किसी भी तरह ले लेना चाहता था.

उस दिन आंटी खुद मुझे लेकर बेडरूम में आ गईं और अपने हाथों से मेरे बदन को सहलाने लगीं.बुलु बीएफ: इसी बीच मैं एक दिन उससे चैट कर रहा था, तो हमारी बातें सैक्स रिलेटेड होने लगीं.

लेकिन कुछ इंतज़ार के बाद अटेंडेंट ने कहा- सर, आज दूसरी मालिश वाली आई है।अटेंडेंट ने कहा- सर, ये थोड़ी अनाड़ी है.मेरे घर के सामने एक मेरा बगीचा है और बगीचे के बाद रोड है रोड की दूसरी तरफ सौम्या का घर है।मैंने फोन काट कर उसके भाई को देखा तो वह गहरी नींद में सो रहा था.

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अब वह मन ही मन आगे का प्लान बनाने में जुट गया।करोना डरते शरमाते धीरे धीरे अपनी कुंवारी चूत को कपड़ों समेत चिन्ना के लण्ड पर टिकाने के लिए नीचे करने लगी.साथ ही मेरी गांड कम चुदी होने की वजह से काफी टाइट थी, जिस वजह से मुझे काफी दर्द हो रहा था.

घुटनों तक उठे गाऊन से बाहर दिखतीं मम्मी की गोरी गोरी टांगें देखकर उनकी जांघों और चूत के बारे में सोचते सोचते मेरा लण्ड टनटना गया. बुलु बीएफ मेरे हाथ दीपिका की जांघ पर उसकी चूत के करीब छूकर आ रहे थे जिससे मेरा लंड एकदम से टन्न हो गया था.

मैंने कोई रिएक्शन नहीं किया, तो मामी ने मेरा लंड अपने हाथ में ले लिया और धीरे धीरे आगे पीछे करने लगीं.

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हालांकि हम लोग अब भी मिलते हैं, लेकिन मन में ना जाने किस बात का गिल्ट है कि वो पुरानी बात खत्म हो गई. लंड अंदर जाते ही अम्मी के मुंह से निकला- आह्ह … याल्ला, मेरी सुन ली तूने. मेरे बालों में उंगलियां चलाते हुए मम्मी बोलीं- सोनू, मेरे राजा, मेरी जान मुझे रेनू कहकर बुलाओ, मैं तुम्हारी रेनू हूँ.

मैंने उसकी एक चूची को मुँह में दबा कर ताबड़तोड़ धक्के देना शुरू कर दिए थे. दीदी- ओह … ये सब तू क्या देख रहा था … तुझे ये सब कहां से मिली?मैं- सॉरी दीदी गलती हो गई. आप बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर ना निकलें और ना ही अपने परिवार के सदस्यों को बाहर जाने दें.

मैं जींस टॉप पहनकर गयी थी तो उसने कहा इन कपड़ों में मेरा नाप नहीं लिया. लेकिन अभी चिन्ना का लण्ड उसके पेट की तरफ झुका हुआ था इसी लिए करोना को वह सिर्फ एक सख्त डंडे से ज्यादा कुछ नहीं महसूस हो रहा था।अब चिन्ना बोला- करोना बेटी, मेरी निप्पल्स को चुटकी में पकड़ो!भोली करोना ने चिन्ना के दोनों निप्पलों को एकबार में ही पकड़ लिए. मैं इसी बस में तुम्हारी रिसर्च पूरी कराऊंगा और तुम चुदाई के सब्जेक्ट में पीएचडी कर के ही इस बस से बाहर जा पाओगी.

लेकिन शादी के महीने भर बाद ही जब अंजू ने बताया कि उसकी ननद सारिका उसे बहुत तंग करती है तो मेरी सारी खुशी काफूर हो गई. तीन-चार दिन के बाद अजय ने मुझे बताया कि उसने अपनी पत्नी के साथ सेक्स करने के लिए उसको मना लिया है.

मैं वहाँ से चला आया और रात 11 बजे करीब जब सब सो गए तो मैं सबकी नजर बचा कर उनके क्वार्टर पर पहुँच गया.

और फिर उन्होंने मुझे पेट के बल लेटा लिया और पीछे से कभी लंड मेरी गांड में डालते तो कभी मेरी चूत में डालते।वे बहुत देर तक ऐसे ही मेरी चूत और गांड की चुदाई करते रहे.

मैं दीदी की चुत चाटने लगा, इससे दीदी सीत्कार करने लगीं और छटपटाने लगीं. मेरे हाथ की एक उंगली उसकी चुत में घुस कर उसकी चुत का जायजा ले रही थी. दीदी मेरे होंठों को चूमते हुए मेरे सिर को पकड़ कर मेरे बालों को सहलाने लगी.

शायद सिलेक्शन भी हो जायेगा।फिर हम होटल के लिए निकल पड़े।रास्ते में उसने मुझसे कहा- अब 2 दिन दिल लगा कर घूमना है. इतना सब हो चुकने के बाद भी वह बंदा अब तक भी खुद के कपड़े नहीं खोल रहा था. मैंने आकांक्षा को कॉल किया और उसे बहाना बनाकर आज के लिए मना कर दिया.

कुछ देर बाद नवीन जी मेरे बगल में लेट गए और मैं नंगी ही उठ कर डिनर गर्म करने चली गई.

हनी इतनी जोर से चिल्लाई कि एक बार तो मैं भी डर गया लेकिन अब छोड़ने का कोई मतलब नहीं था. उसने बोला- भैया ये कैसे करूं?मैंने कहा- जैसे लॉलीपॉप चूसती हो न … वैसे ही लंड चूसो. जब मेरे पति की मृत्यु हुई, उसके बाद मैं एक फैक्ट्री में काम करने लग गई.

मैंने कहा- कोई बात नहीं!फिर मैंने तनु की चूचियों को दबाते हुए उसकी चूत को तेजी के साथ जोश में पेलना शुरू कर दिया. इस अचानक हमले से करोना की जोरदार सिसकारी निकल गई और जैसे उसकी नजरें चिन्ना से मिली चिन्ना ने तुरंत उसे आँख मार दी। करोना इस दोहरे हमले से बुरी तरह शरमा गई. उसकी इस हरकत पर करोना फुंफकार उठी और बदला लेने को आतुर नागिन की तरह लाल लाल आँखों से चिन्ना की और घूरने लगी.

फोन पर मैं उसके साथ लगभग हर रात फोन सेक्स भी किया करता था।मिलन की ख्वाहिश पर अब भी अधूरी थी।निधि खेतों की तरफ भी जाती तो अपनी मम्मी के साथ जाती थी इसलिए उधर भी मिलने का मौका नहीं मिला।इसी तरह पूरा साल गुजर गया.

ये कह कर वो हंसते हुए मेरे कपड़े खोलने लगी और बोली- तुम भी मेरे कपड़े उतारो. फिर उसने मेरा टॉप खोला और ब्रा निकालते ही कहने लगा- ये तो मेरी उम्मीद से ज़्यादा बड़े निकले.

बुलु बीएफ मैंने जानबूझ कर बात को छेड़ते हुए कहा- मालिश वाली चली गयी क्या? काफी देर लगा दी आपने? मैं नीचे आया था तो दरवाजा भी बंद था. मैंने उसको किस करते हुए अपनी गोद में उठाया और उसको बेडरूम की ओर ले जाने लगा.

बुलु बीएफ उसे पिछली रातों को चिन्ना के बेड और लण्ड पर लगे लाल रंग का मतलब कुछ कुछ समझ आ रहा था।करोना सोचने लगी कि कैसे उसकी नाजुक सी कुंवारी चूत इस बमपिलाट हैवी लण्ड का ताव सह पाएगी. लेकिन विशु तो अपने ही मजे में था, उसने अपना पूरा लंड एक बार फिर से बाहर निकाला और एक झटके में फिर से अंदर डाला.

मैंने देखा कि मेरा सेक्सी शरीर देखकर पापा का लंड उफान मार रहा था और मेरी भी चुत से पानी टपक रहा था.

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उसके एक उरोज की चौंच को मैं अपनी जुबान से सहलाने लगा और होंठों के बीच दबाकर खींचकर छोड़ने लगा. मैंने पूछा- भाभी आप इस टाइम?उन्होंने कहा- आपके भैया ऑफिस चले गए हैं. पापा ने दीदी की चिकनी चूत में लंड दे कर धक्का दिया और दीदी की हल्की सी चीख निकल गयी.

वो मेरे लिए दूध का गिलास लाई और बोली- इसे पी लो, आज तुम्हें बहुत मेहनत करनी है रात भर!मैंने उससे वो दूध का गिलास लिया और उसे एक जोरदार किस किया. मैंने भी सामान्य व्यवहार जारी रखा और उनके छुपे हुए हाव भाव पढ़ने की कोशिश करता रहा. मैंने एक दिन भाभी से बोला- आप इतनी मुलायम कैसे हो? मसाज वगैरह करवाती हो?तो उन्होंने कहा- नहीं, पर पहले करवाती थी.

थोड़ी देर चोदने के बाद मैंने रानी को कुतिया बना दिया और उसकी गांड पर एक थप्पड़ मारा.

वो मेरी मां के ऊपर झुके हुए थे और अपने चूतड़ों को जोर जोर से मां की चूत की ओर धकेल कर उनकी चुदाई कर रहे थे. यह मेरी पहली कहानी है इसीलिए अगर कोई गलती हो लिखने में तो मुझे माफ़ कर दीजियेगा. उसने जल्दी से मेरा हाथ हटाया और सीधी खड़ी हो गई।मैं बोला- क्या हुआ भाभीजी? मजा नहीं आ रहा था क्या?तुम आज कुछ ज्यादा ही बेशर्मी दिखा रहे हो.

उसके बाद सब लोग बैठकर बातचीत करने लगे और मैं स्नेहा को चोदने के बारे में सोचने लगा कि इसे कैसे चोदा जाये. सॉरी माफ करना, भाभी हो आप तो!उन्होंने हल्की सी मुस्कान दी और अपने कमरे में चली गई. मैंने इस पर ध्यान न देते हुए एक और जोरदार झटका मारा, जिससे मेरा लंड आधे से ज्यादा उसकी चुत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया.

उसने हंस कर कहा- तेरा लहंगा भी ढीला है … इस पर भी तुरपाई लगानी पड़ेगी. भैया भाभी सो गए थे और मैं प्रीति के दूध और चूतड़ों को अपने आधे जिस्म पर महसूस कर पा रहा था.

मैं बहुत खुश हुआ और कल्पना से कहा- लेकिन ऐसा कैसे?कल्पना ने कहा- मैं जिस चॉल में रहती हूँ, वहां मेरे पड़ोस में मेरी एक सहेली है. अपना लण्ड पकड़ कर मैंने हनी की चूत पर रगड़ना शुरू किया तो हनी मस्त होने लगी. उसे दरवाजा खुलने का पता चल गया वो भी जल्दी से नीचे भाग गई पर तब तक हम दोनों ने एक दूसरे को देख लिया था।तीन दिन तो मैं डर से छत पर ही नहीं गया। उसने भी किसी को कुछ नहीं बताया था। बताया होता तो मैं यहां अब तक नहीं होता।अगले दिन वो ही नीचे आ गयी और बोली- मुझे अपना नंबर दे दो.

करीब आधे घंटे बाद मेरे लंड महाराज ने दुबारा दस्तक दी, तो मैंने अपनी बहन को वैसे ही अपनी बांहों में लिए धीरे धीरे किस करना शुरू कर दिया.

मैं भाईपना दिखाते हुए उसके पेट को दबाने लगा, जिसका उसने बिल्कुल भी विरोध नहीं किया. मैं इन्तजार करूंगी तुम्हारा।मैं बोला- ठीक है, मैं रात में आ जाऊंगा. तो मैंने कहा- दीदी मुझे आपका लैपटॉप चाहिए, वो मेरा लैपटॉप दोस्त के पास है … और मुझे लैपटॉप में फिल्म देखनी है.

उसके ग्राउण्ड पर मकान मालिक की फैमिली रहती थी। पहले फ्लोर में मेरे साथ एक फैमली और थी जिसका और मेरा टॉयलेट एक ही था जो पीछे से दोनों के कमरे से अटैच था. मैंने आखिर में आपको बताया था कि जब हम दोनों सेक्स करके बाहर आए, तो सामने वाले घर के सामने एक शादीशुदा लड़की बैठी हुई थी, जो हमें ही घूर रही थी.

पर जब बाकि लोगो से पूछा तो एक ने भी हाँ नहीं की क्योंकि सबको ही पढ़ना था. मेरी मां एक काम करने वाली ढूँढ रही थीं, क्योंकि हमारी पुरानी कामवाली काम छोड़ कर चली गयी थी. कपड़े पहन कर मैं अपने भाई के पास गयी और उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर उसे चूमने लगी.

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कुछ दिन पहले मेरी एक सेक्सी कहानीफेसबुक फ्रेंड ने बीवी की चुदाई करवायीप्रकाशित हुई थी.

दूसरी चाहत ये कि किसी दूध देने वाली भाभी या रंडी के मम्मे चूस कर दूध पियूं. मैं पहले कभी ऐसे मिलने नहीं गया था लेकिन अब हम दोनों क्लोज हो गए थे. उसके आगे आकर मैंने कहा- लो डार्लिंग, मेरे पेट को, मेरी छाती को और मेरे निप्पल को किस करो.

मैंने उसके एक स्तन को अपने हाथ से जोर से दबाया, तो उसके मुँह से तेज ‘आह … आउच … ऐसे मत करो ना जानू … मुझे दर्द होता है. मम्मी को अपने आलिंगन में लेकर उनकी चूचियां सहलाते हुए मैंने पूछा- मॉम, मैं आपको रेनू कहकर बुला सकता हूँ?हाँ, मेरे सोनू, मेरे राजा. मां बेटे की जबरदस्ती सेक्सी फिल्मया फिर वे कह रहे हैं कि वे मुझे मलेशिया के एक ऐसे शहर में ले जाएंगे जहां मुझे पेशेवर अफ्रीकन और अंग्रेज मर्द के साथ सेक्स का आनंद दिलवा देंगे.

मैंने उसकी सीट को पूरा पीछे करके उसको सीट पर लेटा दिया और मैंने उसकी स्कर्ट को ऊपर करके अपने होंठ उसकी चूत के नर्म गर्म फांकों पर लगा दिया. मेरी बहू बोली- कैसे लग रही हूँ डैडी जी?मैंने कहा- बहू, ऐसी कपड़े मैंने कभी नहीं देखा किसी को पहने!बहू बोली- ये आपके बेटे के लिए थे, उनका अगले महीने जन्मदिन है इसलिए.

कुछ देर चूचों की मसाज करवाने के बाद अम्मी ने परवीन से कहा- चल, अब तू जा. पर मुझे ध्यान आया और खुद पर गर्व भी हुआ कि ये मेरे मेडीटेशन करने का असर था. चिन्ना- बेटी खुल कर कहो कि तुम अपने चिन्ना अंकल यानि अपने क्षेत्र के नेता से क्या उम्मीद करती हो?करोना अब सारी बची खुची सारी शर्मोहया को त्याग कर बेशर्मी से चिन्ना की आँखों में आँखें डाल कर बोली- नेता जी प्लीज अपनी प्रजा का उद्धार कर दो.

फिर मैंने अंदर रूम में झांक कर देखा तो पाया कि परवीन अपने घुटनों पर थी. कुछ देर बाद वो मेरे चूतड़ों को दबाने लगा, तब भी मैंने कोई हरकत नहीं की, वैसे ही दम साधे सोती रही. उपर्युक्त सभी बिन्दुओं पर ध्यान देने के अलावा मेंहदी या हिना के दुष्प्रभावों से बचने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता है.

पुरुष स्पर्श- नारी शरीर किसी भी तरह के स्पर्श के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है.

यहाँ लोग बहुत खुल कर और विस्तार से अपनी बात नहीं लिख पाते हैं क्योंकि यह कॉलम सिर्फ एक पेज का होता है प्रकाशक अपने स्तर पर अपनी पत्रिका के पाठकों के स्तर के अनुसार समस्याओं को संपादित करते हैं, सेंसर भी करते हैं. अपने घर में तो मैं ही एकलौती कुंवारी चूत थी जिसको तुम चोद ही चुके हो.

गांव के सारे ही लड़के उसको ऐसे देखा करते थे जैसे गांव में दूसरी कोई लड़की है ही नहीं. चिन्ना अपने कूल्हों पर हाथ रख कर खड़ा था और उसका करीब आधा खड़ा लण्ड किसी होज़ पाइप के समान लग रहा था. मैं भी एक लंडखोर लड़की हूँ और मुझे एक ही लंड से चुदने में मजा नहीं आता है.

भाभी ने कहा- ठीक है, पर आपका 8 इंच का लंड है कैसे जाएगा अंदर? आप तो मार डालोगे मुझे?मैंने कहा- नहीं, कुछ नहीं होगा. अगले कुछ ही पलों में मैंने उसकी पैंट उतार कर उसे पूरा नंगा कर दिया. एक तरफ वो मेरे मुंह में मुंह लगा कर मेरी जीभ को खींच रहा था और दूसरी ओर मेरे मोटे मोटे बोबलों को कस कर मसल रहा था.

बुलु बीएफ शीशे में दिख रही मम्मी की चूचियां और साक्षात दिख रहे चूतड़ों ने मेरा दिमाग खराब कर दिया. प्रिय दोस्तो, मेरी ये सेक्स कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है, इसमें कुछ रोचकता डालने के लिए शब्द संकलन किया गया है, बाकी सब कुछ सत्य है.

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उसने जल्दी से कंडोम को चूत से निकाला और कहा- सही मैं यार … तुम्हारे लंड में बहुत ज्यादा वीर्य है और तुम चुदाई भी अच्छी करते हो. साथ ही मैंने ये भी बोल दिया कि अभी जब तक नींद नहीं आती तो एक ही बिस्तर पर लेट लेते हैं उसके बाद मैं अपने बिस्तर पर जाकर सो जाऊंगा. मुझे अचानक कमरे में आया देखकर हनी सकपका गई और जल्दी से लैपटॉप बंद करना चाहा.

फिर मैंने सोचा कि मामी को लंड कुछ इस तरह से दिखाऊं कि मामी को लगे गलती से लंड दिख गया. मैंने उससे पूछा- स्नेहा तुम तो एकदम बदल गई हो?उसने कहा- मामा, आप भी बदल गये हो. सेक्सी एडल्ट सीनफिर मैंने दोबारा से बात शुरू करते हुए कहा- तुम्हारे पिताजी को गुजरे हुए काफी वक्त हो चुका है.

वैसे तो मैं एक संस्कारी घर का लड़का हूँ, लेकिन ज़िन्दगी कभी कभी आपको कोई चीज़ करने पर मजबूर कर देती है.

रिया की अब शादी हो चुकी है, वह पिछले ही महीने जनवरी में अपने पति के घर से गांव के घर पर आई थी. खाना खाते समय उसने मुझे आखिर पूछ ही लिया- तुम मुझे बाथरूम में क्यों देख रहे थे?मैंने बोल दिया- बस ऐसे ही.

जब वो पौंछा लगा रही थी तो उसके बड़े बूब्स सूट से बाहर आने के लिए मचल रहे थे. उसने मुझे हिला कर बोला- भैया कहां खो गए?मैंने कहा- इतनी सुंदर लग रही है कि नजर ही नहीं हट रही है, मेरा मन कर रहा है कि चूम लूं. फिर उसका खुद पर से जब बांध टूटा, वो मुझे ज़ोर से पकड़ते हुए और कांपने लगी और झड़ गई.

मोहन ने कहा- साले इनको अच्छी तरह रगड़ और दबा … इसके मुँह से दर्द की आवाज तो आनी चाहिए.

भाभी मेरे दोनों गोटों को एकदम प्यार से सहला रही थीं और मेरे सात इंच के लंड को पूरा निगल रही थीं. थोड़ा रुकने के बाद जब वह नॉर्मल हो गई तो मैंने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया. कुछ देर बाद मेरी बहन और बुआ की बेटी घर से बाहर गार्डन में चली गई थीं.

साई पल्लवी का सेक्सी वीडियोफिर मैंने बोला- तुम बहुत सुन्दर हो, मैं तुम्हें देखना चाहता था, इसलिए मेरा मन करने लगा था. मुझे भी मज़ा आने वाला था, मैंने अपना लंड निकाल कर उनके चूतड़ों पर सारा वीर्य निकाल दिया.

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शुरू शुरू में मैं समझता था कि वे ऐसी औरत नहीं है और मैं उस पर ध्यान नहीं देता था. मेरे दिमाग में बस यही सब चल रहा था कि दीदी ने मेरे फोन को देख लिया, तो मैं उनकी नजर में गिर जाऊंगा और पता नहीं दीदी मेरे साथ क्या करेंगी. उसकी आँखों में चुदाई की लालसा देखकर मैंने उसके चूतड़ों के नीचे तकिया रखा और अपना लोअर दोहरा करके तकिये पर बिछा दिया.

लो बिटिया, इस अनपढ़ नेता का मोटा सा कला लण्ड एक पढ़ी लिखी आईएएस अफसर की नाजुक सी बेटी की नाजुक सी चूत में उसी के बहुत आग्रह पर! लो सम्भालो इसे!कहानी का पिछला भाग:जवान लड़की और नेता जी-6चिन्ना लोहा बिल्कुल गर्म देखकर- नहीं मेरी प्यारी बिटिया, ऐसे नहीं चलेगा. पापा को भी यह बात समझ आ चुकी थी कि यह बाल गीले क्यों हैं … पर वो मुझसे पूछने लगे- क्या हुआ बहू … तुम्हारी योनि इतनी गीली क्यों है. हनी के ऊपर लेटे लेटे मैं सोच रहा था कि कहां मैं 63 साल का मर्द और कहां ये 18 साल की कमसिन काया.

जब मेरी तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं हुई, तो आकांक्षा ने आंखें खोल कर मेरी तरफ देखा और मुझे मुस्कुराता हुआ देख कर वो और शर्मा गयी. वह गुस्से में बोली- तू कुत्ता ही रहेगा हरामजादे … साले बहनचोद जा मर … बाथरूम में जाकर हल्का हो जा. उंगलियों को चूमने के बाद उसकी एड़ियों को चूमते हुए, घुटनों से होकर, उसकी चिकनी गोरी जांघों को चूमते हुए, उसकी चूत के पास आया और उसकी चूत पर एक किस किया।उसकी चूत देख कर मैं हैरान हो गया, वो एकदम क्लीन थी और उस पर मेहंदी से दिल का निशान बना था जिसमें मेरा और निधि का नाम लिखा था.

उसकी लार धीरे धीरे मेरे लंड पर से बहती हुई मेरी जांघों पर आने लगी थी. उसको देख कर मैं भी हंसने लग गया।वहां घूमने के बाद हम 4:30 बजे हम बस अड्डे पर आ गए और अपना सामान ले कर बस का इंतजार करने लग गए।हमारी सीट बस में बिल्कुल लास्ट वाली थी.

फिर वो बोलीं- अकेले काट रहे हो … हम्म … तो शादी कब कर रहे हो?मैंने कहा- अभी तो पहले अच्छी सी जॉब लग जाए, फिर आराम से 1-2 साल लाइफ एन्जॉय करके कुछ मजा ले लूं, तब शादी करने का सोचूंगा.

यहां पर गौर करने वाली बात ये भी है कि एक पुरूष का स्पर्श आपके जिस्म को ऑर्गाज्म का अनुभव करने के लिए ज्यादा संवेदनशील बनाने में सहायक होता है, खासकर कि जब आप योनि मसाज का विकल्प चुनती हैं. हिंदी सेक्सी वीडियो सनीउस समय वो 43 वर्ष की थी।थोड़ी मोटी होने की वजह से मॉम जीन्स टॉप में बहुत हॉट लगती थी. पोर्न हिंदी सेक्सी पिक्चरमैं अच्छी कंपनी में जॉब करता था तो मैं उसको अपनी कंपनी में ले आया और उसको अपने साथ लगा दिया सुपरवाइजर।अब हम सब अच्छे दोस्त बन गए थे और हम एक दूसरे कमरे में आने जाने लगे. उसने पूछा- कैसा लहंगा चोली सिलवाना है?मैंने कहा- बैक लैस चोली डोरी के साथ और लहंगा कूल्हों से टाइट और नीचे घेरा वाला सिलवाना है.

दीपिका भी जैसे पूरी शिद्दत के साथ मेरे लंड को चूस कर मजा ले रही थी.

मुझे लगता है कि वो कोई आयुर्वेदिक तेल था, जिसके कारण गर्म लग रहा था. मैंने कहा- क्या तुम लाईट ऑफ कर सकते हो? नहीं तो मैं बात नहीं कर पाऊंगी. उसको लिटा कर मैंने बहन की चूत पर अपनी जुबान का जादू चलाना शुरू कर दिया.

तो मैंने अपनी पहली चुदाई का मज़ा कैसे लिया?दोस्तो, मेरा नाम प्रियल है और मेरी उम्र 19 साल है. हालांकि मैं मोहन की इस हरकत से एकदम से शॉक थी, पर न जाने क्यों मैंने उससे कुछ बोला नहीं. उसने मेरी छाती के निप्पलों को बड़े प्यार से चूमा और अपने होंठों में दबा कर चूसने लगी.

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यह कहानी मेरी खुद की है, जिसमें मेरी सगी बहन नन्दिनी, चचेरी बहन ज्योति और मेरी भांजी कविता शामिल हैं. मैंने हां बोला और 2-3 झटकों के बाद मैंने ढेर सारा माल उसकी चूत में भर दिया. पर मैंने उसे कस कर पकड़ा था और वैसे ही आज बहुत दिनों बाद ये कुंवारी चूत लंड के नीचे आयी थी तो इतनी जल्दी मैं उसे अपनी से कैसे अलग कर सकता था।मैंने थोड़ी देर उसके ऊपर वैसे ही अपने आप को रहने दिया थोड़ी देर उसके होंठों को चूसा उसकी चूचियों को मसलने लगा।वह धीरे से बोली- बाबू, प्लीज बहुत दर्द हो रहा है.

तब उसने खुद ही अपनी पैंटी नीचे कर दी और बोली- लो अब छू कर देखो … कितने बड़े बड़े बाल हैं.

उसमें से मैंने सबसे ऊपर वाले मंजिल का कमरा ले लिया जो घर की छत पर ही था.

रचना भाभी ने मेरे कान में कहा- कोई बात नहीं अबन, तुमको मेरी अनुमति है. शादी के बाद हनीमून को यादगार बनाने के लिए-कई बार शादी के बाद पहले हनीमून को यादगार बनाने के लिए कपल्स इस तरह के प्रयोग करते हैं. कॉलेज मराठी सेक्सी वीडियोवो बोली- क्या देख रहे हैं आप घूर घूर के?न जाने मैंने किस झौंक में उसके चुचों की तरफ इशारा करते हुए कह दिया- इनको देख रहा हूँ.

मैंने ये सुनते ही अपना लंड भाभी की चूत पर सैट कर दिया और हल्का सा धक्का दे दिया. और जैसे ही मैं आगे बढ़ा तो उसने मुझे रोक दिया।मैंने पूछा- क्या हुआ?तो वो बोली- घर में कोई भी कभी भी आ जाता है. मैंने डॉगी स्टाइल में पीछे से उसके बाल पकड़ कर उसकी चूत जबरदस्त चोदी और गांड मैं भी बहुत चपतें लगाईं.

मुझे भी आंटी के साथ चुदाई का पूरा मजा मिला और इस तरह से मैं औरतों को खुश करना सीख गया. मैंने सोचा कि यही मौका है, मैं बोला कि आज कोई नहीं देख रहा, तो तू भी अपने कपड़े उतार दे.

मैं ससुर जी को बोल रही थी- पापा और चोदो मुझे … आह चोदो चोदो … ओह ओह माई गोड ऑय मां मर गई … कितने दिन बाद अन्दर गया है.

फिर मैं उसकी चूत को चाटने लगा जिससे उसके मुँह से सेक्सी आवाज निकलने लगी- आ ऊ आ ऊ आ और जोर से … मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. दीदी ने मेरे निक्कर में से लंड को बाहर निकाला और वो मेरे लंड को देखने लगीं. मैं उसके घर गया, तो देखा वो सब्जी रोटी बना रही थी और थोड़ी परेशान लग रही थी.

भोजपुरी में नंगी सेक्सी वीडियो सीमा मेरे सिर को अपनी चूत के अन्दर दबाने लगी और मैं अपनी जीभ को उसकी चूत की गहराई तक लेकर जाने लगा. मैंने उसके साथ साथ गांड में उंगली करने और करवाने का मजा भी लिया था.

पर मैं भी कम नहीं था … ऐसे धीरे धीरे उसे मैं लाइन पर ले आया।अब वह कभी कभी मेरे कमरे पर भी आ जाया करती थी जब उसकी मम्मी कहीं पड़ोसियों के पास चली जाती थी तो! मैं उसके बूब्स को दबाता, उसकीचुत में उंगलीकरता. बाकी लोग सुहागरात पर मेवे वाला दूध पीते हैं लेकिन हम दोनों ने शराब सेवन के साथ शुरुआत की. मानो बस ऐसे ही हाथ से सहलाते हुए मुझे जैसे उसके गुप्तागों से खेलने का अनुमति पत्र मिल गया था.

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साली वैसे तो हमेशा मुझे पिटवाने के चक्कर में रहती थी, आज इसे क्या हो गया है. अब आगे:मैं उसके गले को किस करने लगा, उसके दोनों चुचों को ब्लाउज के ऊपर पकड़ कर जोर से दबाने लगा. उसके मुंह से कामुक आवाजें निकलने लगी थी। जो मेरे को और ज्यादा उत्तेजित कर रही थी।लगभग दस मिनट की बहन की चुदाई के बाद मेरा माल निकालने वाला था तो मैंने उसको पूछा- कहाँ निकालूं बहना?तो उसने बोला- भाई साहब, अपनी बहन की चूत के अंदर ही निकाल दो।मैंने उफ़ आ उफ़ ऊ येस आह ओह करते हुए उसकी चूत में अपना पूरा माल छोड़ दिया।उस रात को मैंने दो बार अपनी बहन को चोदा.

कुछ ही देर के बाद मुझे लगने लगा कि मेरे लंड से कुछ बाहर निकलने वाला है. आंटी ने मेरी ओर देखा और बोलीं- पहली बार कर रहे हो क्या?मैंने डरते डरते कहा- हाँ आंटी.

इसलिए मैं हर एक एंगल से उनकी चुदाई का मजा लेने के लिए दूसरी खिड़की पर गया और वहां से देखा.

मुस्कुराने की एक्टिंग करते हुए करोना धड़कते दिल के साथ बैठ गई और इधर उधर की बातें करने लगी. टी टी ने कहा- क्यों, तू क्या करेगी इसका?मैंने मुस्कुराते हुए कहा- मैंने आप जैसा मर्द नहीं देखा है, मुझे भी याद रहेगा. चाची बोली- ये सब कहां से करना सीखा है तूने?मैंने कहा- चाची, मैं तो बहुतों को अपना माल पिला चुका हूं.

जाते समय मां ने कामवाली भाभी से कहा- तुम देर तक रुक जाना … क्योंकि राज अकेला है. वह तो बस इतना जानती थी कि उसे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था, उसकी शर्मोहया अब धीरे-धीरे उसका साथ छोड़ रही थी. मैंने उसे चूमते हुए महसूस किया कि सीमा की सांसें बहुत गर्म हो चली थीं.

लंड घुसते ही एकदम से आकांक्षा के मुँह से सिसकारी निकल गई- आह हहहहह …मैं ऐसे ही लंड अन्दर डाले डाले आकांक्षा को किस करने लगा और धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करने लगा.

बुलु बीएफ: और जैसे ही मैं उसकी चूत चाटने के लिए आगे बड़ा तो उसने मुझे रोक दिया।मैंने पूछा- क्या हुआ?तो वो बोली- मुझे ये सब पसंद नहीं; तुम बस चोद दो मुझे!मैंने भी देर ना की और अपना लंड उसकी चूत पर रख के रगड़ने लगा. वो हंसते हुए बोलीं- अरे तुम तो घबरा गए यार … डोंट वरी मैं तुमको डांट नहीं रही हूँ … बस ऐसे ही मज़ाक कर रही हूँ.

[emailprotected]अगली कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे नवदीप और मैं मिले और हमारे बीच क्या क्या हुआ. मेरी यह सेक्स स्टोरी आपको कैसी लगी मुझे इसके बारे में मेल जरूर करें. मैं ज्यादा समय तक उसकी इस अदा पर नहीं टिक पाया और मेरे लंड ने सारा लावा उसके मुँह में ही उड़ेल दिया.

मैं उनके घर पहुँचा तो सिम्मी मुझे देखकर चौंक गयी। उनके घर में केवल सिम्मी, उसकी भाभी, भतीजे ही थे, बाकी परिवार के अन्य लोग पुश्तैनी घर गये थे, जहाँ पर सिम्मी की दादी का निधन हुआ था।सिम्मी के भतीजों के साथ खेलते खेलते रात हो गयी, सिम्मी उदास थी, शायद दादी के मरने का गम था.

शादी के दो साल बाद ही मेरी पत्नी के साथ मेरा झगड़ा होना शुरू हो गया था. फिर मैंने उसको डॉगी स्टाइल में होने को बोला, तो वो अपनी गोरी शानदार गांड मेरी तरफ करके नीचे झुक गई. क्या हुआ था बाप बेटी के बीच?दोस्तो, मेरा नाम विवेक (बदला हुआ) है और मैं दिल्ली के पॉश इलाके रोहिणी में रहता हूं.