मेरठ के बीएफ

छवि स्रोत,काजल राघवानी सेकसी

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सपना चौधरी के नंगे फोटो: मेरठ के बीएफ, इस तरह एक सप्ताह तक मैंने मामी की प्यासी चूत को अपने लंड से चोदा और अच्छी तरह शांत किया.

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भाभी इतनी अधिक कमनीय और मस्त दिखती हैं कि उनको देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए. नंगी पिक्चर साड़ी वालीकुछ ही मिनट बाद मैंने अपना हाथ भाभी के पेट रखा, लेकिन मुझे लगा कि भाभी जाग रही थीं.

मैंने कहा- कोई परेशानी तो नहीं होगी न?वो बोला- मैं पहले उससे बात कर लेता हूँ. चोदा चोदी पिक्चर हिंदीरोहिणी को अपने चूचे चुसवाने में बहुत ही मज़ा आता था औऱ मुझे चूसने में भी.

उधर बैठ कर उससे बहुत अधिक बात तो नहीं हो पा रही थी … क्योंकि और भी लोग बैठे थे.मेरठ के बीएफ: बुआ कुछ देर बाद लड़खड़ाते हुए उठीं और मेरा सहारा लेते हुए अपने कमरे में जाकर लेट गईं.

मैंने मामी की गांड पर लंड को सटाते हुए कहा- मेरा बेलन भी तैयार है मेरी रानी.इसलिए मैंने अपना लैपटॉप निकाला, उसकी स्क्रीन का वालपेपर बदल कर मैंने वहाँ एक नंगी लड़की का फोटो लगाया.

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उनकी नजर मुझ पर पड़ी, वो जल्दी से मेरे सामने से भागती हुई गईं और अपने कमरे की तरफ भागीं, मगर ये क्या भागते हुए रास्ते में उनका टॉवेल खुल गया और मेरे सामने मोनिषा आंटी एकदम नंगी हो गई थीं.अफगानी पठान होने के कारण अरमान एक बहुत ही गोरा और लंबे कद वाला लड़का था.

अब पिताजी के फौज में होने के कारण घर पर साल में एक दो बार ही आते थे. मेरठ के बीएफ मैंने पूछा- कहां लग गई?वो बोली- वो मेरी ऐसी जगह पर लग गई है कि मैं आपको बता ही नहीं सकती.

मोनिषा आंटी ने लंबी सांस लेते हुए कहा- बहुत दिनों बाद किसी ने मेरी चूत को चूसा है.

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वो बोली- तो नहाने की क्या जरूरत है, वो तो हम दोनों इधर ही एक दूसरे को समझ सकते हैं. वो बोली- हां मेरे राजा, मैंने भी तुम्हारी प्यास बुझाने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है. फिर मामी को पलटा कर उनके बालों को पीठ से हटाते हुए उनकी पीठ को चूमते हुए उनकी ब्रा के हुक खोलने लगा.

मैंने भी उससे कह दिया कि जानी जब तू मेरे साथ है, तो क्या डर है, तू जिधर भी ले चल मैं तेरे साथ राजी हूँ. वे अपनी दोनों उंगलियों को मेरी गांड में तेज तेज चलाते रहे, फिर गोल गोल घुमाने लगे. वह अपने कपड़े वापस पहनने के लिए बढ़ी लेकिन जॉयश ने मंगल को बोल कर उसके कपड़े एक तरफ रखवा दिए और कहा- आपने ऐसे ही रहना है आज!सब औरतें खिलखिला कर हंसने लगी और फिर उसके बाद बारी बारी से सब अपने कपड़े उतारने लगी.

माँ शर्माती हुई जब लाला के पास से गुज़री, तो लाला बोला- आप पता नहीं कब समझेंगी. दीदी मुझसे अपने ब्वॉयफ़्रेंड की बात कर लेती थी, वो भी अपनी जवानी को अपने ब्वॉयफ्रेंड पर लुटा रही थी. बहू ने मेरी आंखों में देखा और हल्की सी मुस्कान के साथ मेरे बदन से लग कर खड़ी हो गई.

कार में मेरे साथ बैठी थी और उसके बड़े बड़े स्तनों को देख कर मेरे लंड ने मुझे परेशान कर दिया. ‘आहहहह … उहहह … ह … उम्मम …’करीब दस मिनट बाद मेरे लंड से सफेद लावा बह निकला, जिसने मीरा की बुर को एकदम से भर दिया.

मेरी उमर 28 साल है, मैं अंतर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ और यहाँ पर कहानी पढ़ने में बहुत मज़ा आता है.

वह बड़ी बेताबी से मेरे होंठ चूस रहा था, मेरे मुँह के अन्दर जीभ डालकर मेरी जीभ से खेल रहा था.

भाभी ने मुझसे कहा- देवर जी, जो कुछ करना है … देवर जी, आप आराम से कीजिए. स्वरा भी अब अपने चूचों को उसके मुंह में देकर सिसकारियां लेने लगी थी. ये तो मैं पहले ही बता चुका हूं कि उसे देख कर मेरा दिल क्या करने को करता था.

मैंने मामी की गांड पर लंड को सटाते हुए कहा- मेरा बेलन भी तैयार है मेरी रानी. मैं किस करते करते कभी तो उसके मम्मों तक आ जाता … और कभी वापस नीचे की ओर बढ़ जाता. कुछ देर तक वो मेरी जांघ पर हाथ रखे हुए बैठी रही तो मैंने अपनी जांघ को हिलाना शुरू कर दिया.

बुआ हंस दीं और बोलीं- तू पीता भी है?मैंने हंस कर कहा- कभी मौक़ा मिल जाता है, तो मजा कर लेता हूँ.

मैंने अपने कॉलेज टाइम तक 8 हॉट स्कूल गर्ल को चोदा था, जिसमें वो हॉस्टल गर्ल और उसकी बहन भी शामिल थीं. मैं आते जाते वाहनों से इशारा करके उनको रुकने के लिए कहता, मगर मेरी मदद के लिए कोई रुक ही नहीं रहा था. वो हंसा और उसने कहा- लो मेरी जान!और उसने अपने लंड से पेशाब मेरे मुँह पर करना शुरू किया.

मैं उतरा और उसके पास गया, अपना गेट बंद किया और उसको कसके कमर से पकड़ कर बांहों में भर लिया और उसके होंठों को चूमने लगा. वो बोली- अभी तो रात है … कोई नहीं देखेगा … और अगर देखता है, तो देखने दो. मैंने मैडम को यह बात न बताने का फैसला कर लिया क्योंकि मैडम भी आज कुछ ज्यादा ही मूड में लग रही थी.

सोमेश भी लंड पेलता हुआ कभी नेहा दीदी के दोनों मम्मों को पकड़ लेता, कभी कसकर हाथ से मम्मे पर थप्पड़ मार देता.

मैंने कहा- वो तो ठीक है … लेकिन मेरी मॉम की गांड मारने के बाद तुम वहां से क्यों चले गए थे?वो बोला- मैं जानता था कि तुम आने वाले हो, इसीलिए चला आया. माँ ने बिना कुछ कहे ही अपना बदन मुझसे खुल कर रगड़वाना चालू कर दिया था.

मेरठ के बीएफ मैंने अब उसके लिंग के सुपारे को अपनी योनि के मुख पर रख कर उसे इशारा किया. मैंने जोर से धक्का मारने का प्रयास नहीं किया क्योंकि मैं आंटी को दर्द नहीं देना चाहता था।धीरे से मैंने प्रमिला आंटी की चुत में पूरा लंड डाल दिया और उनके ऊपर थोड़ी देर लेट गया, उनको किस करने लगा.

मेरठ के बीएफ मेरी चाची सांवले रंग की हैं, लेकिन वो भी देखने में मस्त और सेक्सी दिखती हैं. मैं उसी कमरे में आइना के सामने तैयार होने का नाटक करता और पीछे से आइने में उसे सलवार पहनते हुए देखता.

लड़के तो मिलने आएंगे ही; आनंद लें उनका भी मजा लें … शाम तक थकान छू मंतर हो जाएगी.

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मैं समझ गया कि आधा काम हो गया … मतलब ये कि वो चूत में उंगली करके अपनी मुठ मार रही होगी. जब तक भाभी का पानी नहीं निकल गया तब तक मैं उनकी चूत चूसता रहा।पानी निकलते ही भाभी निढाल होके बिस्तर पे गिर गईं।कुछ देर बाद भाभी ने मेरा लण्ड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगीं. मैंने दूसरे दिन मोनिषा आंटी से कहा- मैंने आपसे कहा था न कि मोहल्ले के बहुत से मर्द आपके जिस्म को निचोड़ कर चोदना चाहते हैं.

कोई 3-4 बार में उसका लिंग सुपारे से थोड़ा ज्यादा मेरी योनि में चला गया. बेशक दवाई थी लेकिन डर भी होता ही है एक मन में … ऐसा लगा मानो दुनिया का सबसे खुशकिस्मत और हरामी इंसान हूँ जो अपनी बहन की टाँगों के बीच बैठा है और अपने शिकार को ललचाई नज़रों से देख रहा है. मॉम भी उसके सामने नहाने लगीं, जिससे उनके बड़े बड़े चूचे पेटीकोट से चिपक कर दिखने लगे.

मॉम भी उसके सामने नहाने लगीं, जिससे उनके बड़े बड़े चूचे पेटीकोट से चिपक कर दिखने लगे.

आप मुझे मेरी ईमेल आईडी पर मुझे मेल करके जरूर बताएं कि मेरी फ्री हिंदी चुदाई कहानिया कैसी लगी. कुछ बूंदें उसके पेट से होते हुए कमर तक … और फिर कमर से होते हुए उसकी कमर से बंधी साड़ी में गायब हो जा रही थीं. तो हुआ यूं कि पूजा-पाठ होने के कारण मॉम ने मुझसे कहा- अंकित कल गांव चलते हैं.

फिर उन्होंने फोन काटा और मेरे से बोलीं- कैसा लगा मेरी गांड का स्वाद?मैंने बताया- आंटी बहुत अच्छा लगा, मैं तो हमेशा आपकी गांड के नीचे रहना चाहता हूं. मम्मी की चूचियां ऐसे लग रही थीं, जैसे किसी ने मम्मी के सीने पर दो खरबूजे चिपका दिए हों. उस दिन मैं ऐसे ही घर पर टाइम पास कर रहा था कि मेरी चाची आयी और कहने लगी कि दीपू जरा अपने मामा के यहां फोन लगा दे.

वह फिर चिल्लाने लगा- आ…आ… ब…स! लग रही लग रही है, तेरा बहुत मोटा है।मैंने कहा- यार, बार बार गलत समय गांड टाइट करेगा तो लगेगी ही! मेरी तो बड़ी बेरहमी से मारी, अब बहाने बाजी कर रहे है?मामा जी मुस्कराए- यह बदमाशी करता है. तभी पीछे से आंटी आ गई और कहने लगी- अरे सोनू, ये लोग नये किरायेदार हैं, इनको आने दो.

यह सब देख कर एक बार तो मुझे गुस्सा आया लेकिन मैं फिर उत्सुकतावश वहीं पर छिप कर देखता रहा कि आगे क्या होने वाला है. मैंने मैडम के ऊपर अपना हाथ रख दिया और जैसे ही मेरा हाथ उनको लगा, मैं तो मस्त हो गया … क्योंकि मैडम का शरीर बहुत ही गर्म हो गया था. उसकी कसी हुई छोटी सी ब्रा में उसके फंसे हुए मम्मे मुझे मदहोश कर रहे थे.

मैं शेविंग किट उठा लाया और उसकी चुत पर शेविंग क्रीम लगा कर हाथ से झाग बनाना शुरू कर दिया.

बहुत तलाश के बाद भी मुझे जॉब नहीं मिली, तो मैंने सोचा कि जब तक कोई छोटी मोटी नौकरी ही क्यों ना कर लूँ. ऊपर वाले की कृपा से मैं एक अच्छी पर्सनेलिटी का मालिक हूँ। मैं उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का रहने वाला हूँ और लखनऊ में रहता हूँ।यह हिंदी मामी सेक्स स्टोरी आज से दस वर्ष पहले की है तब मेरी उम्र 20 वर्ष की थी. क्या तुम मेरे सिर भी मालिश कर दोगे?मैंने बोला- हां आंटी बिल्कुल कर दूंगा.

जब उनसे रहा न गया तो उसने मुझे पीछे धकेला और उठ कर मेरे कपड़े उतारने लगी. मैं आपको अपनी पिछली 5 साल पहले की कहानी बताने जा रही हूं।तो शुरू करते करते हैं मेरे हॉस्टल से ऑफिस तक का सफर।मैं अपनी 12वीं क्लास के परीक्षा पास कर चुकी थी। मेरा सब्जेक्ट कॉमर्स था तो मेरे को सी ए करना था था। मैं लगभग 19 साल की हो चुकी थी।मैंने सी ए की आर्टिकलशिप के लिए मुंबई जाने का डिसाइड किया। और मैंने अगले ही दिन रेलगाड़ी पकड़ी.

मैंने भाभी की गांड पर दो चमाट मारकर उसे लाल कर दिया और कहा- यदि ऐसी बात है … तो अपनी बहन को तेरे सामने उसकी चुत और गांड चोद कर चूता हाल कर दूँगा. उसने पूछा- दर्द कर रहा है क्या मेरा लंड?मैंने कराहते हुए कहा- हां, बहुत दर्द हो रहा है. अन्तर्वासना की सेक्स कहानी पढ़ना मुझे बहुत पसन्द है और मैं सालों से यहां पर कहानियां पढ़ता आ रहा हूँ.

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इसका सीधा सा अर्थ ये था कि आज हम दोनों को पूरे दिन घर में अकेला रहना था.

यही हाल मेरा भी था … और क्या बताऊँ … जब बिस्तर का हाल देखा, तो मैं दंग रह गयी. मुझे दोस्तों ने बहुत हिम्मत देते हुए बोला कि जा कह दे … अभी नहीं, तो कभी नहीं … चला जा … जाकर उसे प्रपोज़ कर दे … बोल दे अपनी दिल की बात. उसने दो मिनट तक अपने हाथों से ही मेरे लोअर में तने हुए लंड को सहलाया.

मगर मामी को देख कर मैंने जल्दी से अंडरवियर पहन लिया और तौलिया लपेट लिया. और इस बार मेरा विशेष अनुरोध अन्तर्वासना की लड़कियों और महिलाओं से है कि वे सिर्फ सेक्सी कहानी या लेख पढ़कर ही नहीं बैठें, लेखक को मेल भी करें, अपनी सेक्स फेंटेसी बताएं और यह भी लिखिए कि वह अन्तर्वासना में क्या पढ़ना चाहती हैं, उन्हें क्या अच्छा लगता है. जेठालाल का मोबाइल नंबरएकदम मस्त सफेद चुचियां थीं … और उन पर गुलाबी निप्पल एकदम क़यामत लग रहे थे.

मैंने उनका चेहरा देखा तो उनके चेहरे पर आनंद और हवस दोनों तैर रही थी. अपनी आंखें बंद करते ही उसके साथ संभोग के एक एक दृश्य मेरे सामने आने लगे.

मैं कैसे भी करके उसकी बांहों से बाहर निकली और उससे थोड़ी दूर को सोने लगी. बुआ बोलीं- बाजार जाएगा क्या?मैंने बुआ से कहा- नहीं, पापा की दारू की बोतल में से हम दोनों थोड़ी टेस्ट कर लेते हैं … उनको क्या पता चलेगा. अगली सुबह जल्दी ही मेरी नींद खुल गयी, जब कि मैं रात में देरी से सोई थी फिर भी.

ऐसे ही एक दिन मेरी मां ने मुझे और चाची को रंगे हाथ चुदाई करते हुए पकड़ लिया तो चाची ने सारा इल्जाम मेरे सिर पर लगा दिया. आंटी ने मेरे से बोला- अरे मैं भी आपके पास ही रहती हूं … आपके बगल में जो कॉलोनी है, उसी में. उसके दोनों हाथ उसके चूचों को दबा रहे थे और मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था.

अब बोलो, किसकी मारूं?हालांकि अभी भी मुझे शक था कि इनमें से कोई भी मुझसे चुदने के लिए राजी हो सकेगी.

उधर से अन्दर के उस कमरे का सीन दिख रहा था, जिधर अपर्णा उन पांच गुंडों के साथ मजा ले रही थी. एक सुनसान जगह देख आकर उसने रास्ते से अलग हटते हुए एक कच्ची पगडंडी पर बाइक उतार दी.

वह गांड हिलाना तो चाहता था पर हिला नहीं पा रहा था, बार बार टाईट कर रहा था. तो मैंने उसे पूछा- आप मुझको कब से पसन्द करती हो?तो सुशी बोली- पिछले दो साल से!फिर मैंने पूछा- मेरे लिए क्या कर सकती हो?तो सुशी शर्माती हुई बोली- आप जो बोलो?फिर मैंने परीक्षा लेते हुए उससे कहा- चलो कुछ करो!तो सुशी ने शर्माते हुए मुझे अपनी बांहों में लेकर हग कर दी. भाभी चुत चुदवाते हुए कहने लगीं- तुम्हारे भईया ने खुद मेरी बुर का भर्ता बना दिया था.

जब मैंने उसे अपने ऊपर से हटाया, मुझे तेज पेशाब आ रही थी, सो मैं आधी नींद में ही पेशाब करने चली गयी, पर जब बैठी, तो पेशाब की पहली धार में मेरी योनि में जलन महसूस हुई. क्योंकि नेहा दीदी को अपना बदन दिखा कर लौंडों को गरम करने में बड़ा मजा आता था. मैं अपनी स्पीड को बढ़ाते हुए उसकी चूत पे जानलेवा हमले करता गया और वो भी एक आज्ञाकारी पत्नी की तरह हर झटका मज़े से सहती गयी.

मेरठ के बीएफ दो मिनट बाद मैंने लंड की स्पीड बढ़ा दी और गांड की तेज़ तेज़ चुदाई करने लगा. मंगल खुद भी खुल के सहयोग कर रहा था और तो और … उनके बूब्स भी दबाने लगा था.

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इसलिए मैंने सोचा कि पाठकों के साथ अपनी चाची की चुत चुदाई का किस्सा शेयर करूं. फिर मैंने धीरे-धीरे झटके मारे और 2 मिनट में ही मेरा पानी निकलने वाला था।मैं जोर-जोर से धक्के मारने लगा और मेरा पानी निकल गया।इससे मैं निराश था क्योंकि आंटी को पूरी संतुष्टि से चोद ना सका था. मैंने उनकी गांड पर रखी तौलिया के अन्दर हाथ डालकर अपना हाथ उनकी जांघों तक बढ़ाया.

आपको आज की पूरी रात बस मेरे नाम करना है, मेरी प्यासी जवानी का इलाज करना है. तन्वी की चीख निकली- मम्माह उम्म्ह … अहह … हय … ओह … मर गई!मेरी कजिन बहन की सील पैक बुर में लंड गया तो मजा आ गया. सेक्सी यामैं जैसे तैसे भागती हुई एक कोने में सिमट गई और साड़ी उठा कर उससे अपना शरीर ढकने का प्रयास करने लगी.

मैं उसके मम्मों को चूस रहा था और वो मेरे सिर को अपने मम्मों पर दबा रही थी.

वो बाइक में मुझसे बिल्कुल सट कर बैठी थी, उसके हाथ मेरी बांहों में लिपटे हुए थे. उसने मेरी तरफ देख कर मुस्कुराते हुए पूछा- क्या सच में मैं खूबसूरत हूँ.

मैं तो उन दोनों लड़कियों को बहुत ही शरीफ समझता था, मगर उनकी ये हरकत देख कर तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए. हमारे घर वाले एक दो बार हमें घर पर अकेला भी छोड़ कर बाहर गए तो हम दोनों स्कूटी से पूरा दिन बाहर घूमें और सिनेमाघर में जाकर मूवी देखी. कुछ देर तक बातें करने के बाद मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे चूम लिया, जिससे वो शर्मा गई.

मेरे पिताजी फ़ौज में हैं तो मैं अपने घर में अपनी मम्मी और बहन के साथ रहता था.

रात को जब मैं ऑनलाइन आया, तो मैंने रोनिता को ऑनलाइन देखकर पहले मैसेज किया. शिफा बोली- हां यार, बहुत दिन हो गए थे, साला पैग मारने का बड़ा दिल कर रहा था. अब चौकीदार में मुझे मेरी मम्मी का पति मालूम होने लगा, जो उनकी शारीरिक जरूरतों को पूरा कर रहा था.

नहाने वाली वीडियोअब मामा ने उनकी कमर को सहलाना शुरू किया, फिर उनके स्तनों की तरफ हाथ बढ़ाने लगे तो मामी ने उनके हाथ को रोक दिया. एक दिन जब मैं दुकान पर अकेला था, तब उसका कॉल आया और इधर उधर की बात करने के बाद उसने मुझे गुस्से में बोला कि समीर आप मुझसे प्यार नहीं करते हो.

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वो दो उंगली मेरी योनि में घुसा अन्दर बाहर करके जुबान से मेरी योनि की पंखुड़ियों और दाने को चाटने लगा. मैंने उसकी छाती से चिपकते हुए कहा- हां ले चल … मुझे कोई चिंता नहीं है. मैंने कहा- क्यों?वो- मौसी ने बताया आज रात वो मुझे लेने के लिए आने वाले हैं.

कुछ देर बाद वह स्पर्श मेरे पेट पर से नीचे सरक कर मेरी नाभि को सहलाने लगा था, फिर वहां से सरक कर मेरी कमर पर आ गया. वो चाय पीते पीते बात करने लगा और फिर एक ऐसा सवाल उसने मुझसे पूछा, जिसके बारे में मैंने कभी सोचा ही नहीं था. लगभग 30 मिनट तक धक्के लगाने के बाद सौम्या एकदम से जंगली हो गई और सिस्याते हुए बोलने लगी- आह राज … तेज़ राज … और तेज़ … मैं आने वाली हूँ.

कुछ देर तक मामी के निप्पलों को पीने के बाद मामा ने उसके पैटीकोट को खोल दिया. आप लोगों ने देखा होगा स्टेशन के पास चाय कॉफी की दुकानें बनी रहती हैं, तो मैं पास में ही एक दुकान पर चला गया. उसने मुझसे कहा- मुझे मालूम है कि तुम अकेले रहते हो, इसलिए मैं कुछ नाश्ता बना कर लाई हूँ.

करीब दस मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के के बाद मैं उसकी चुत के अन्दर ही निकल गया, पर कंडोम होने के वजह से उसकी चुत में वीर्य नहीं गया. उसके बाद थोड़ी देर आराम करने के बाद हम दोनों ही मेरे लिए एक रूम ढूंढने के लिए निकल चले.

उसके चूचे पकड़ कर दबाते हुए मैंने उसके होंठों को एक बार फिर से पीना शुरू कर दिया.

हम दोनों ही दर्द से कराह उठे लेकिन जब मेरा लंड मोनिषा आंटी की चूत की गहराई में पहुंचा तो मुझे और मोनिषा आंटी को आनन्द आने लगा. बीपी वीडियो बताइएयह आइडिया सबको पसंद आ गया और सब ऐसे ही लेट गई और सबने अपनी-अपनी चूत को खोल लिया. मिया खलीफा pornसोनम ने मेरे लंड को अपने गले गले तक लेकर बड़ी मस्ती से चूस चूस कर रीता की चुत की मलाई को साफ़ कर दिया था. एक दो बार मैंने उसके चूचों को दबा कर देखा और फिर उनको जोर से मसलने लगा.

दोनों की नज़रें आपस में टकरायी तो दोनों की गर्दन शर्म से झुक कर रह गई.

उसने मेरी पैंटी को खींचने की कोशिश की लेकिन मेरी पैंटी मेरी जांघों में फंसी हुई थी. मुझे लगता है कि हम जब झड़ रहे थे, केवल 5 से 6 सेकंड लगे होंगे और उससे पहले एक घंटे तक हम एक दूसरे के शरीर को लड़ा रहे थे. अपनी थोड़ी सी बेशर्मी और बदतमीजी की बदौलत मुझे ज़िंदगी भर याद रहने वाली यादगार चुदाइयां करने का मौका मिला.

पेंटी के ऊपर से ही ऐसी दिख रही थी कि जैसे चोदने का न्यौता दे रही हो. आंटी ने एकदम आह भरी और बोलीं- बहुत जोर से करो …आंटी अब इतनी अधिक खुल चुकी थीं और बहुत प्यारी लग रही थीं. नितिन भी मेरी बेबसी देख कर खुद को लाचार समझते और मुझसे माफी मांगने लगता.

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आप मुझे मेल कर सकते हैं … पर प्लीज़ भाषा का ध्यान रहे कि आप एक स्त्री से मुखातिब हैं. पहले मामा जी, फिर अनिल, फिर मैं!रात को लाईट बंद कर हम सो गए, थके थे नींद आ गई।रात को मामा जी ने अनिल को करवट दिलाई, उसका चेहरा मेरी तरफ कर दिया. उसके बाद जब मैं खाना बना रही थी तो उसका मैसेज आया कि कुछ मीठा खाने के लिए लाता हूं तो मैंने बोल दिया कि ले आना.

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शायद उसने अंदर से ब्रा नहीं पहनी थी और उसकी हिलती हुई चूचियों को देख कर मेरी नीयत डगमगाने लगी.

मेरा दिल करता कि पकड़ कर चोद दूँ, लेकिन डर था, क्योंकि घर में नानी रहती थीं और कहीं प्रियंका चिल्ला दी, तो सब रायता फ़ैल जाएगा. मेरे मन की बात मास्टर साहब ने कह दी थी, लेकिन मैं तब भी उनकी बात को आगे सुनने लगा. भारतीय महिला सेक्सयह मेरी पहली गंदी कहानी है, तो गलती हो सकती है, उसे प्लीज नजरअंदाज कर दीजिएगा.

मैं जैसे ही कुछ बोलने जा रहा था कि वो सामने से बोल पड़ी- आप सूरज हो ना?मैंने हां में अपना सर हिलाया. कुछ देर तक यूं ही चला, जब मेरी मॉम ने विरोध नहीं किया, तो मैंने साड़ी के ऊपर से ही उनकी दोनों जांघों के बीच उंगली डालने का प्रयास किया. काफी देर होने के बाद उसने मुझे अपने ऊपर चढ़ा लिया और मुझे धक्के लगाने को कहा.

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एक बार मुझे एक ट्रक में लिफ्ट लेनी पड़ी तो मैंने ट्रक ड्राईवर से गांड मरवाई. जब मैं साहब के घर पर पहुंची तो उनका बेटा अपनी जॉब पर जाने की तैयारी कर रहा था. इसलिए मैंने अपना लैपटॉप निकाला, उसकी स्क्रीन का वालपेपर बदल कर मैंने वहाँ एक नंगी लड़की का फोटो लगाया.

कई दिनों तक मैं अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी साइट पर सेक्सी कहानियां पढ़ कर लंड को हिलाता रहा लेकिन मुझे चुत चाहिए थी. मैंने कहा- क्यों?वो- मौसी ने बताया आज रात वो मुझे लेने के लिए आने वाले हैं.

जब मैंने उसकी नाभि में जीभ घुमाई, तो वो तड़प उठी और उसने मेरा सिर दबा लिया.

वो सिसकारियां ले रही थीं।अब मैं धीरे धीरे नीचे सरकते हुए उनकी चूत पे आ गया, भाभी की चूत एकदम चिकनी थी. लाला ने भैंस के चारों तरफ घूम कर देखा और फिर माँ की ओर देखते हुए उसने अपने हाथ की एक उंगली हमारी भैंस के पिछवाड़े में डाली और थोड़ा सा आगे पीछे किया. एक दिन उन दोनों की चैट पढ़ कर मुझे पता चला कि वो दोनों चुदाई की प्लानिंग कर रहे हैं.

मैंने कहा- ‘उसको’ किसको?उसने थोड़ी हिम्मत करते हुए कहा- तुम्हारे मूतने वाले ‘उसको’!मैंने कहा- तुमसे ये सब किसने कहा?वो बोली- मेरी सहेलियां सब इस तरह की बातें करती हैं, इसलिए मेरी भी इच्छा हो रही थी कि मैं किसी लड़के के ‘उसको’ देखूं. मैं भी उठ कर बैठी, तो मेरी योनि के किनारे गोलाकार में सफेद झाग सा बना हुआ था. अब मेरी भी खुमारी फिर से बढ़ने लगी और मैं अपनी योनि से तरल रिसता हुआ महसूस होने लगी.

हम लोग गांव में जब रहते थे, तब मैंने सुना था कि सुरेश मॉम को चोदता था.

मेरठ के बीएफ: तभी मैंने उनकी पेन्टी निकाल फेंकी और चुत में उंगली डाल कर चुत को चाटने लगा. आंटी ने मुझे सारी बात बता दी थी और कहा था कि जब तक वो वापस न आयें तो तब तक मैं सोनू का ख्याल रखूं और घर में भी चौकसी के साथ रहूं.

जब आप को टाइम मिले तब कीजिये। ठीक है बाबू, मैं आपसे बाद में बात करूंगी।उसके बाद मैं मामी जी के बारे में सोच-सोच कर उत्तेजित होने लगा कि मामी की बातों से ऐसा लग रहा है कि पटाऊंगा तो चूत चोदने को मिल जाएगी।मामी की चूत चुदाई के बारे में सोचते हुए दिन निकल गया। बार बार उनकी डबल मीनिंग बातें सोच कर मेरा लंड खड़ा हो रहा था. वो नीचे को आ कर मेरे लंड को चड्डी के ऊपर से अपने मुँह में लेने लगी. उसने मेरी तरफ हंसते हुए देखा, तो मैंने पूछा- बड़े खुश नजर आ रहे हो … क्या हुआ?मुझे पता था कि वो भी भाई बहन की चुदाई का मजा लेने के लिए बेचैन हो रहा है.

मेरी उमर 28 साल है, मैं अंतर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ और यहाँ पर कहानी पढ़ने में बहुत मज़ा आता है.

उसके 10 मिनट बाद हैडमास्टर साहब भी स्कूल से चले गए लेकिन मम्मी का दूर दूर तक पता नहीं लग रहा था. मेरे प्यारे दोस्तो, मेरा नाम बबलू है और मैं दिल्ली में रहता हूं। हमारे घर में मेरे मम्मा-पापा और भैया भाभी रहते हैं। मैं अभी फाइनल ईयर में हूं. अब मैंने भाभी के दोनों चूतड़ों को कसके पकड़ कर उसकी चुदाई शुरू कर दी.