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चाहे वो बार बार शादी से पहले चुदाई से मना कर रही है पर मेरा मन नहीं मानता, मेरा मन बहुत बेचैन है, मैं क्या करूँ?दोस्तो, मेरी मदद करो, मुझे कुछ बताओ कि मैं अपने दिमाग से यह बात कैसे निकालूँ?अपनी बात नीचे डिसकस पर ही लिखे क्योंकि मैं अपना इमेल आईडी और नाम देने में शर्म महसूस कर रहा हूँ. बांग्ला वीडियो सेक्सी वीडियोवरना काम बिगड़ जाएगा। बाद में तो हम दोनों मिलकर चोदेंगे न…!रेहान वहाँ से आरोही के कमरे में चला गया और अन्दर जाते ही ऊँगली से उसे इशारा किया कि चुप रहे, राहुल बाहर है।दरवाजे लॉक करके उसके पास जाकर बैठ गया।रेहान बहुत धीरे से बोला- जो भी बोलो धीरे बोलना राहुल बाहर की-होल से देख रहा है उसको बिल्कुल शक मत होने देना कि हमने पहले चुदाई की हुई है।आरोही- ओके.

अब सब ठीक है लौड़ा पूरा अन्दर जा चुका है… अब तुम मज़ा लेने के लिए तैयार हो जाओ… पर एक-दो बार और दर्द होगा. हिंदी गाना बीएफमैंने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा- तुम्हारे घर में कौन-कौन हैं?वो बैठ गई और बताने लगी- भैयाजी, हम चार बहनें और दो भाई हैं.

और फिर मैं उसे किस करने लगा और कुछ देर के बाद एक जोरदार धक्का लगाया और मेरा लण्ड आधा उसकी चूत में चला गया और उसकी चूत से खून निकलने लगा.बीएफ का वीडियो सेक्सी: ज़ोर से भाई आ…!पाँच मिनट की कड़ी मेहनत के बाद राहुल कामयाब हो गया, आरोही की चूत ने पानी छोड़ दिया था।आरोही- आ आह उफ़फ्फ़ मैं गई.

!आरोही बिना कुछ बोले कपड़े निकालने लगी और दो मिनट में लाल ब्रा और पैन्टी में अन्ना के सामने आकर खड़ी हो गई।अन्ना का लौड़ा तो बगावत पर आ गया था, पर रेहान ने उसको मना किया था, तो वो चुप था पर बर्दाश्त की भी एक हद होती है।अन्ना- गुड तुम बहुत सेक्सी हो.और दिल किसी की यादों की गहराईयों में था !मैंने जल्बाजी से काम न लेते हुए थोड़ा इंतज़ार करना ही बेहतर समझा, अपना फ़ोन निकाल उसमें गाना लगा दिया.

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!मैंने जसे तौलिया पकड़ाने के लिए हाथ आगे किया, तो बाथरूम का दरवाजा खुल गया, मामी मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थीं।उनके गोल-गोल मम्मों पर ही मेरी नज़रें गड़ कर रह गईं और मेरा लौड़ा भी खड़ा हो गया। मामी ने भी यह सब देख कर जल्दी से दरवाजा बंद कर लिया।मामी जब नहा कर बाहर आईं तो मैं उनसे नजरें नहीं मिला पा रहा था।मामी ने कहा- साहिल क्या हुआ.मुझे नहीं पता यह क्या बक रही है…मैं- हा हा हा हा… मुझे पता है जान…मैंने मधु को और भी अपने से चिपका कर उसकी जांघों की जड़ तक अपना हाथ पहुँचा दिया… आश्चर्य जनक रूप से उसने अपने दोनों पैरों को खोल एक गैप बना दिया…मेरी उँगलियों ने एक बार फिर उसकी कोरी छोटी सी चिकनी फ़ुद्दी को सहलाना शुरू कर दिया…मैं- मेरी प्यारी बच्ची… वो जो डॉक्टर है ना सुई लगाने से पहले.

मैं अब झड़ने वाला था, मैंने उसे बताया कि मैं झड़ने वाला हूँ तो उसने कहा- मेरे मुँह में अपना वीर्य दो!मैंने उसकी चूत में से अपना लण्ड निकाल कर उसके मुँह में दिया और उसने सारा वीर्य अपने मुँह में ले लिया और फिर उसने अपनी चूत मेरे मुँह में रख कर मेरे मुँह में अपनी चूत का सारा पानी छोड़ा. बीएफ का वीडियो सेक्सी !” जीजाजी मिन्नत करने वाले लहजे में बोले।कल बता दूँगी, मैं कोई भागी तो जा नहीं रही हूँ… अच्छा तो अब चलती हूँ।”फिर कब मिलोगी?”आधी रात के बाद… टा… टा… बाइ… बाइ…!”सुबह जब चमेली ने मुझे जगाया तो 7 बज चुके थे।चमेली मुस्कराते हुए बोली- तुम्हारी और जीजाजी की चाय लाई हूँ, लगता है जीजाजी से बहुत रात तक खाट-कबड्डी खेली हो।हाँ रे.

!आप कहानी के इस भाग का आनन्द लीजिए।अब तक अपने पढ़ा…कि आरोही कुतिया बन जाती है और दोनों पैरों को फैला कर घुटनों के बल ऐसे हो गई कि उसकी गाण्ड पीछे को उभर आई, उसकी फूली हुई चूत भी बाहर आ गई।रेहान तो यह नजारा देख कर ‘आउट ऑफ कंट्रोल’ हो गया। जल्दी से उसके पीछे आया, लौड़े पर थोड़ा थूक लगाया और ठूँस दिया चूत में.

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मज़ा आ गया !”उस दिन सारा दिन मैंने उनके मूसलों को अपनी चूत में लिया।अब मैं रोजाना उनके साथ खेलती हूँ। मेरी चूत का भोसड़ा बन गया है। मेरे पपीते और बड़े हो गये हैं। अब मैं रोज नया लौड़ा लेने लगी हूँ।आप भी अपना लौड़ा मेरी चूत में डाल दो। मेरी स्वपन कथा कैसी लगी मुझे मेल कीजिये।. कैसे पैक करोगे… मेरे मियां को दाग पसंद नहीं है समझे बुद्धू…मनोज- कह तो ऐसे रही हो जैसे अब तक बिल्कुल साफ़ और चिकनी हो… न जाने कितने दाग लग गए होंगे…सलोनी- जी नहीं… मेरी उस पर एक भी दाग नहीं है. मैं- कितना दर्द हो रहा है, तुम्हें पता भी है? तुम तो लड़के हो तुम्हें क्या पता? देखो देखो फाड़ दी तुमने मेरी चूत को! कुंवारी चूत फाड़ने का मतलब भी पता है?जय- अब हो गया! मुझे माफ़ कर दो, अब मैं क्या करूँ?मैं- अब क्या करूँ बोलते हो.

वो जो पार्क है ना… वहाँ इस दोपहर में कोई नहीं होता, आओ वहीं झाड़ियों में मुत्ती करते हैं दोनों…सलोनी- पागल है, अगर किसी ने देख लिया तो…कहानी जारी रहेगी।. मुझे उस वक़्त वाक़यी में ख़ुद पर शर्म आ रही थी कि मैं अंकिता की बातें बर्दाश्त कर रही थी।तभी अंकिता ने मुझे बाल से पकड़ कर खींचा और बोली- साली मादरजात. मैंने उसकी क्लिट को जीभ से सहलाया तो मानो भूचाल सा आ गया, राधिका के मुँह से तीव्र आहें चालू हो गई, वो और जोर से सिसकारने लगी और उसका सारा बदन कड़क पड़ने लगा.

नीलू… उसने बहुत काम संभाल लिया है…सलोनी- ओह… तो यह बात है, लगता है उसने मेरे बुद्धू राजा को रोमांटिक भी बना दिया है…उसने आँखे घूमाते हुए बोला- …केवल ऑफिस का काम ही ना… फिर लण्ड को पकड़ते हुए… कुछ और तो नहीं ना…??अचानक मेरे दिमाग में विचार आया और बोला- …क्या यार सलोनी. ज़ेनी की गांड और बुर में बहुत कसके धकमपेल करने के बाद माधुरी ने कहा- अब तुम दोनों मेरी गांड और बुर की भी एक साथ चुदाई करो. क्या किया डॉक्टर ने…सलोनी अपने चेहरे को नीचे कर खाते हुए ही आँखें ऊपर को चढ़ा हम दोनों को घूर रही थी… उसके चेहरे पर कई भाव आ जा रहे थे…उसके चेहरे के भाव देख मुझे लग रहा था कि जरूर कुछ अलग राज़ खुलने वाला है… क्या डॉक्टर ने मेरे पीछे सलोनी की चुदाई की थी… वो भी मधु के सामने???क्या इसीलिए सलोनी मधु को मेरे इतना पास ला रही है…मैंने अपने सीधे हाथ से मधु की नंगी.

रोनू कहाँ हो मुझे नींद आ रही है। आ जाओ ना…!रेहान दोबारा जूही के निप्पल को चूसने लगता है और अपना लौड़ा उसकी चूत पर रगड़ने लगता है।जूही- आ आ उफ्फ मज़ा आ रहा है. !और इसी के साथ मैंने उसे एक लम्बा चुम्बन किया और फ़िर हम दोनों अपने-अपने घर के लिए चल दिए।उस दिन के बाद आज तक मैंने उसे कई बार चोदा।वो कैसे.

मैं पूरे दिन यही सोचता रहा कि आज तो चाची की गांड भी मारनी है क्योंकि चूत में तो उन्हें कोई दर्द नहीं होने वाला, वो तो फटी पड़ी है…मैंने दिन में ही चाची को सोने के लिए बोल दिया था, कहा- आज रात मैं तुम्हे सोने नहीं दूंगा!वो हंस क़र चली गई.

एक पल के लिए मुझे नशा सा आया फिर मेरे चेहरे पर विजय की मुस्कान थी। शब्बो के ऊपर से उठा ही था कि दारु के नशे में टुन्न नीलू जो बगल में ही आ गई थी। उसने मेरे मुरझाए लवड़े को सीधे अपने मुँह में ले लिया, मुझे तब ध्यान आया कि अभी ये भी बाक़ी है.

चूसने में मजा आ जाता है।और फिर कुछ देर चूसने के बाद वो झुकी और मेरे सामने उनकी बड़ी सी गुलाबी चूत थी। चूत को नज़दीक से देख कर लगा कि ये तो जम कर लंड खा चुकी है।तो मैं भी अपना लंड को चूत के पास हल्के सा रगड़ा और फिर घुसा दिया और अन्दर-बाहर करने लगा और वो भी पूरा मजा ले रही थी।इस बात का अहसास मुझे तब हो रहा था, जब वो ‘आहहा… आआआआ. !राहुल- हाँ मैंने भी ट्राई किया, पर उसका फ़ोन बन्द आ रहा है, पता नहीं कहाँ बिज़ी है…!रेहान- यार उसका कोई बॉय-फ्रेंड तो नहीं है न. !रेहान- उबासी लेना बन्द करो, जाओ फ्रेश हो जाओ, उसके बाद इन रण्डियों को भीउठा देना, साली कैसे चूत खोले सो रही हैं।राहुल- हा हा हा अभी डाल दूँ क्या लौड़ा चूत में.

तभी दरवाजा खुला और मदन लाल कॉफ़ी लेकर अंदर आ गया।साधारण सी पैंट शर्ट पहने, अधपके बाल और शेव बढ़ी हुई… दिखने में बहुत साधारण मगर हर समय उसका मुँह और आँखें चलती रहती हैं. किसने रोका है…!रेहान- ऐसे नहीं, मैं आरोही को अपने साथ ले जाना चाहता हूँ दो दिन उसको मेरे पास रहना होगा। मैं आराम से करना चाहता हूँ !राहुल- क्या. मैंने भाभी को लिटाया और उनकी टाँगें फैला कर उनकी टांगों के बीच में बैठ गया और अपना लण्ड भाभी की चूत पर रगड़ने लगा.

जैसे चुदाई होती है बस फिर क्या था उसका लौड़ा फूलने लगा और मेरे मुँह में ही उसने सारा माल छोड़ दिया।दीपाली- ओह.

मैं मम्मी से बता दूंगी।लेकिन मैं उसकी चूचियाँ दबाता रहा और थोड़ी देर बाद वो चुपचाप लेट गई।अब मैंने उसका टॉप उठाकर चूचियां चूसनी शुरू कर दीं।उसकी चूचियों का साइज़ अभी बहुत छोटा था. ओके अब चलो मुझे घर पर थोड़ा काम भी है यार…तीनों वहाँ से चाय पीकर निकल गए मैडी अब भी सोच रहा था कि दीपक की बात सही है या गलत. मेरी रोशनी!हम दोनों खूब मज़ा लेते रहे। इस बीच वो तीन बार झड़ चुकी थी। अब तक मुझे 45 मिनट हो चुके थे, उसका पानी एक बार फ़िर निकलने वाला था।वो और ज़ोर से चिल्लाने लगी- फाड़ दे.

!तो सविता हँसने लगी और बोली- अरे ज्यादा दिन नहीं हुए एक हफ्ता ही हुआ होगा।मैं बोली- क्या ठाठ हैं तुम्हारे. देख कैसे गाण्ड पर थूक लगा रहा है हा हा हा…!बस दोस्तो, अब वापस नीचे चलो यहाँ लाने की वजह यही थी कि राहुल और आरोही ने जो सिमरन के बारे में बात की वो रिकॉर्ड तो हो गई. क्या… मैं… आपका बाथरूम… यूज़ कर सकती हूँ सर…? !! ? बाहर का बहुत गन्दा हो रहा है…वैसे भी ज्यादातर लेडीज स्टाफ ये अंदर का ही बाथरूम यूज़ करती थीं तो उसमे कोई प्रॉब्लम नहीं थी.

!मैं- नहीं शैलेश भैया वो तो सिर्फ़ मेरी दोस्त है।शैलेश भैया- उसे लाईन मारना भी मत साली बहुत मोटी है। उसको तू सम्भाल भी नहीं पाएगा।मैं हँसने लगा, मैंने उनसे कह दिया कि नुसरत सिर्फ़ मेरी दोस्त है।फिर मैं शैलेश भैया से थोड़ा खुल गया और फिर उनसे बुर और लंड की भी बातें होने लगीं।मैंने उनसे कह दिया कि शायद मैं नुसरत को सम्भाल ना पाऊँ.

!’ चाची ने मुझ से कहा।मैं खड़ा हो गया, फिर चाची मेरे सामने बैठ गईं, मेरा लण्ड पकड़ कर अपने होंठों पर फेरने लगीं।मेरे लण्ड से पानी निकलने लगा था।फिर उन्होंने मेरा लण्ड अपने मुँह में रखा और जुबान से उसको सहलाने लगीं।मेरे मुँह से बहुत जोरदार आवाज़ निकली- ओह्ह्ह्ह्ह. मैं आनन्द का लंड चूस रही थी।दस मिनट बाद आनन्द ने मुझे डॉगी-स्टाइल में कर दिया और मेरी गान्ड के छेद पर लंड का सुपाड़ा रखा।तब मैं आनन्द से बोली- आनन्द प्लीज़ तेल लगा कर करो ना.

बीएफ का वीडियो सेक्सी !अन्ना- मैं ठीक हूँ जी कहाँ है वो लड़की जरा जल्दी दिखाओ न, मेरे को काम है, ज़्यादा समय नहीं रुक सकता जी. तू ही सिकाई कर।और मेरा हाथ पकड़ कर चादर के अन्दर कर लिया और अपनी दोनों टाँगों के बीच कपड़े को मेरे हाथ समेत दबा लिया और सिसकारी लेने लगीं।मैंने कहा- दर्द शायद ज्यादा है?‘हाँ.

बीएफ का वीडियो सेक्सी !फिर वो भी मेरे ऊपर लेट गई, अब मैं उसके होंठ चूसने लगा और उसके कपड़े भी उतारने लगा।मैं उसके चूचे जो काफ़ी बड़े थे, उनको हाथ में लेकर खेलने लगा।मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था।आज पता चला कि दुनिया में अगर कहीं मज़ा है, तो बस इसी चीज़ में है।तभी तो लोग इस के लिए अपनी पूरी जिंदगी नरक बना देते हैं।उसने कहा- मादरचोद… क्या कर रहा है चूउस्स्स इन्हें…!फिर मैंने एक-एक उन्हें चूसने लगा. संता: बड़ी शर्मनाक बात है यार, उसने हमें उल्टे हाथ से भी हरा दिया…बंता: अबे, वो हमें बेवकूफ़ बना गया…संता: कैसे?बंता: वो लेफ़्टी ही होगा !.

साली का तिल खा जाऊँ। आज शादी के पाँच साल बाद भी वो चूत की रानी और बुर की शहजादी है।हम रोज घंटों बात करते और रोज रात को मैं उसकी पेलाई करता और वो बहुत चिल्लाती और जब उसके बुर से पानी निकलता… तब कहीं जाकर शांत होती.

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सब बातों का जबाब आपको आगे मिलेगा, तो पढ़ते रहिए और कमेंट करते रहिए। आप जल्दी से[emailprotected]पर मेल करो और बताओ कि आपको आज का भाग कैसा लगा. उसको बिस्तर पर लिटा कर कमरे से बाहर निकल गई।दीपाली- उसके बाद तेरे मन में दीपक का ख्याल आया।प्रिया- नहीं यार उसके बाद मैं अपने कमरे में आ कर सोचने लगी. की ध्वनि निकलने लगी। मैं उस ध्वनि को रोकने के लिए अपने पर काबू पाने की कोशिश कर ही रही थी कि मेरा जिस्म अकड़ गया तथा मेरी योनि के अन्दर से एक तेज़ लहर निकली जिस के कारण मेरे मुँह से आईईईईई….

एक के पास नहीं था। पहला जो कैम पर आया उसकी उम्र शायद 24-25 थी… वो देखने में ठीक था और सिंपल सा दिख रहा था।दूसरे लड़के की उम्र 22-23 रही होगी. अपने तीसरे प्रयास में मैंने उसके कौमार्य को भंग कर दिया… उसकी आँखों में ख़ुशी और दर्द दोनों के भाव थे. तुम जो चाहो मेरे साथ कर सकते हो।मेरा लण्ड महाराज खड़ा हो चुका था। मैं सोफे पर बैठ गया और लण्ड खड़ा कर कविता को ऊपर बैठने को कहा। कविता के बिना देरी किए वैसा ही किया और धीरे-धीरे लण्ड अन्दर लेने लगी, आधा लण्ड चूत में जाते ही उसकी चीख निकल गई।कविता- आह उई माँ … आ सी आ.

”वह एकदम से शरमा गई पर कुछ बोली नहीं ! मैंने अपना हाथ उनके हाथ पर रखा और धीरे से बोला- आपको ऐसी साईट देखने की क्या जरुरत है?वह शर्माती अपने हाथ की ओर देखती हुई बोली- तुम्हारे भैया काम पर रहते हैं और मुझे मर्द की जरुरत हो तो यह सब देख लेती हूँ.

जब पहले दिन ही उन्होंने मुझे मेरे मुँह में रसगुल्ला खिलाया और अपनी दोनों अंगुलियों को मेरे मुँह में चुसाया, तभी मैं समझ गया कि 18 साल से कामवासना दबी पड़ी है. मैंने अपनी गति बढ़ा दी… वो भी नीचे से उछलकर मेरा साथ देते हुए चिल्लाने लगी- …डाल दो पूरा अन्दर… मेरी प्यास बुझा दो… और जोर से. !अब आप कहानी का आनन्द लीजिए।अब तक अपने पढ़ा रेहान और आरोही अन्ना के पास आ जाते हैं, वहाँ शूटिंग चल रही थी और अन्ना गुस्से में उस फिल्म की हीरोइन को निकाल देता है और एक नई लड़की के लिए सोचने लगता है।अब आगे…आरोही की आँखों में चमक आ जाती है और वो रेहान की तरफ देखने लगती है।रेहान- अन्ना बुरा ना मानो तो, आरोही को ले लो इस फिल्म में.

इतने लंबे सफ़र से आया है तू, अंग अंग दुख रहा होगा तेरा, तो थोड़ा मालिश कर दूँगा तो सुबह एकदम ठीक हो जाएगा सब वरना 2-3 दिन दुखी रहेगा।दोस्तो, यह अक्सर होता है गाँव में, चाची इसी तरह मम्मी की भी मालिश करती थी जब भी वो गाँव जाती थी. ! शायद 38-30-36 रहा होगा।वो बड़ी-बड़ी और गोल-गोल चूचियाँ, मदमस्त कर देने वाले गोल-गोल चूतड़, गुलाबी होंठ, मादक नाभि और गुलाबी चूत. मेरा नाम आर्यन है। मैं कानपुर में रहता हूँ। यह मेरी काम-कथा है जो 2007 में घटित हुई, जब मैं अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था।मैं एक रूम किराये पर लेकर रहता था। वहाँ पर और भी कई परिवार रहते थे लेकिन मैं मोनी नाम की एक लड़की को देख कर अपना कण्ट्रोल खो बैठता था।वो बहुत मस्त माल थी, लेकिन जब वो मुझे ‘भैया’ बोलती थी तो मुझे उस पर बहुत गुस्सा आता था, पर कर भी क्या सकता था.

मैं क्या करूँ कल?रेहान- देखो जान… वैसे तो मैंने उसको पटा लिया है, पर फिर भी कल थोड़ा बहुत कुछ हो तो संभाल लेना। तुम ‘समझ’ रही हो न मैं क्या कह रहा हूँ. अरे यह तो बोरोप्लस की खुशबू थी…इसका मतलब मधु ने रात को बोरोप्लस भी लगाया… इसने एक बार भी मुझे अपने दर्द के बारे में नहीं बताया…मुझे उसके इस दर्द को छुपाने पर बहुत प्यार आया… मैंने उसके होंठों को चूम लिया.

और जोर से चूसो… ओह ओह ओह ओह ओह… हाँ हाँ हाँ ऐसे ही… चूसो इन्हें…उसका ऐसा कहने से जैसे मुझमें और जोश आ गया था और मैं बस उसके मम्मों में घुसा जा रहा था. उसने भी दूसरे लण्डों का स्वाद ले लिया था…वो तो अब सुधर ही नहीं सकती थी…अब तो बस इस सबसे एक तालमेल बनाना था…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]. ! जीजाजी जैसा चाहेंगे, वैसा प्रोग्राम बना कर तुम्हें बता दूँगी।हम तीनों को तो जैसे मन की मुराद मिल गई। जीजाजी हम लोगों को छोड़ कर यहाँ क्या करेंगे !चलो.

ज़बरदस्ती कभी करता मैं…और जो तैयार हो उसको छोड़ता नहीं…मधु के साथ भी मैं वैसे ही मजे ले रहा था… मुझे पता था कि लौंडिया घर की ही है… और बहुत से मौके आएँगे… जब कभी अकेला मिला तब ठोक दूँगा…और अगर प्यार से ले गई तो ठीक.

!राहुल- लेकिन जूही तुम्हें दर्द हो रहा होगा यार रेहान तुम भी ना क्या हाल बना दिया इसका ऐसे कोई करता है क्या…!रेहान- अरे यार अब तुमको कैसे समझाऊँ पहली बार में ऐसा होता है। ये ठीक है कुछ नहीं हुआ इसको. !फिर हम दोनों नंगे एक-दूसरे की बांहों में सो गए।उस दिन हमने कई बार चुदाई की। उसके बाद मेरा जब भी मन करता, मैं उनके पास चला जाता और हम मन भर चुदाई करते।दोस्तों खासकर मेरी प्यारी आंटियों आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर ई-मेल करें मुझे आपके प्यार का इंतज़ार रहेगा।[emailprotected]. !दो मिनट अच्छे से चूसने के बाद आरोही ने लौड़ा मुँह से निकाल दिया और रेहान को कहा- अब बर्दाश्त नहीं होता.

मैंने माल गले के नीचे नहीं किया और सारा माल मुँह में रखा और पूरे मुँह में घुमाने लगी और फिर तैयार हो गई और बाहर आ गई. !”***जीजा- सालीजी, आपके यहाँ की सबसे मशहूर चीज कौन सी है?साली- जीजाजी, जो मशहूर थी उसे तो आप ले गये।.

चुदाने के लिए प्यासी लड़की मैंने पहली बार देखी थी।मैं पागल हो रहा था।उसके मम्मे उससे भी ज्यादा हिल रहे थे। मैंने फिर उसे अपने नीचे कर उसके पैर अपने कन्धों पर रख कर जबरदस्त चुदाई करने लगा।वो बोली- ले ले… मैं जा रही हूँ…आह. कई बार तो दीदी को चलते देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता, पर फिर मैं खुद को कोसता भी कि कितना गिर गया हूँ मैं. !”रेहान ने बाहर जाकर अन्ना को समझा कर अन्दर भेज दिया।अन्ना- बेबी तुम्हारा रेहान को जल्दी होना जी अब मेरा पप्पू को जल्दी प्यार करना जी.

हत्तपः म यूट्यूब कॉम

क्या कर रही हो जान…?मेरा लण्ड फिर खड़ा हो उसकी गांड में दस्तक देने लगा…सलोनी- क्या बात है जानू, कल से कुछ ज्यादा ही रोमांटिक हो रहे हो… क्या बात है… आज तक तो कभी रसोई में भी नहीं आये और अब हर समय यहीं… जरूर कुछ तो बात है…मैं- हाँ जान… मैंने अब अपने काम को बहुत हल्का कर लिया है… और अपनी जो सेक्ट्रेरी रखी थी ना.

उसके परिवार में एक शादी थी जिसमें पूरा परिवार कानपुर गया था सिवाय कोमल और उसकी अस्सी साल की दादी और एक विधवा बुआ के, जो घर के मंदिर में ही रहती थी. !उसने गद्दे के नीचे से कंडोम निकाला और मेरे लण्ड पर चढ़ा दिया।मैंने उसको घोड़ी बनाया और उसकी चूत में लण्ड घुसा दिया। वो तनिक सिसियाई और कुछ ही पलों में उसके मुँह से आवाज निकलने लगी- ओह कमल… और तेज और जोर से करो. वो जोर से चिल्लाने लगी सो मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और मैं धीरे धीरे अपने लण्ड को उसकी चूत में अन्दर बाहर करने लगा.

उसने एक हाथ से मेरी कमर पकड़ी और एक हाथ से आनन्द का लंड पकड़े रखा।अब आनन्द धीरे-धीरे अपना लंड अन्दर घुसाने लगा।मैं चिल्लाने लगी. यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।…आह ह ह ह… मर गई माँ… उईईइ माँ…!!”और फिर उसने ताबड़तोड़ चुदाई शुरू कर दी।…फ़च फ़च… आ. কচি গুদের ভিডিও!मैंने फिर उसका गाउन हटाने की शुरुआत की। जैसे-जैसे गाउन को उठाने लगा, वैसे मेरे होश उड़ गए।मैंने धीरे-धीरे उसे पूरा नंगा कर दिया। उसका गोरा चिकना बदन देखा, तो ऐसा लगा कि खा जाऊँ। वो मेरे सामने पूरी नंगी थी। मैं उसे देख रहा था। मैंने किसी लड़की को ऐसे देखा नहीं था। उसकी चूत और उसके ऊपर जैसे बालों की मखमली चादर। उसके स्तन क्या लग रहे थे.

दीपक ने मेरी चूत चूस चूस कर लाल कर दी थी, अब मुझे चुदने की तीव्र इच्छा हो रही थी तो मैंने दीपक को बोला- जान, अब मेरी चूत मैं अपना लंड डाल दो, बहुत खुजली हो रही है मेरी चूत में, अब मुझसे नहीं रहा जा रहा. फिर अपने आप ढूंढ़ना बंद कर देगा…सलोनी- जी नहीं, यहाँ नहीं है इसका छेद… इसको कहीं और घुसाओ…मनोज- अरे यार, कम से कम इसको छेद दिखा तो दो… बेचारा कब से परेशान है…सलोनी- अच्छा जैसे पहले कभी देखा ही नहीं हो… अब तो रहने ही दो…मनोज- अरे यार तब की बात अलग थी… तब तो मैं दोस्त का माल समझ कुछ ध्यान से नहीं देखता था.

हर वक़्त डराते ही रहते हो।” प्रिया ने जोर से मेरे कंधे पे चिकोटी काट ली।वैसे आप कुछ अच्छी खबर देने वाली थीं. !धीरे-धीरे पूरा लण्ड अन्दर चला गया, अब मैंने नीचे से लण्ड पेलना शुरू किया, तो कुछ ही धक्कों के बाद कविता को भी मजा आने लगा। उसने भी सिसकियाँ लेते हुए. !उस ड्रेस में आरोही बहुत सेक्सी लग रही थी। रेहान का लौड़ा तन गया था, पर वो जल्दबाज़ी नहीं करना चाहता था।उसने आरोही के 5-6 पिक लिए और पोज़ बताने के बहाने से कभी उसके लिप्स को टच करता तो कभी मम्मे को, उसके पीछे आकर उसके कूल्हों पर लौड़ा छुआ देता और हाथ उसके मम्मे पर रखता कि ऐसा पोज़ बनाओ, हाथ थोड़ा ऊपर करो, हाँ.

अया…आ गई मैं फिर से…इधर उसके लंड पर दीदी के चूत का गाड़ा सफेद पानी तेल की तरह लिपट कर चमक रहा था और अब उसका लंड की मशीन की तरह अंदर बाहर हो रहा था. !हम दोनों हॉल के सारे लोगों से बेपरवाह होकर अपने में खोए थे। मैं बहुत उत्तेजित हो गया था।मैंने टॉप से हाथ निकाल कर उसकी मखमली जाँघों को सहलाना शुरू कर दिया। वो मेरी शर्ट के अन्दर हाथ डाल कर मेरे सीने को सहला रही थी।मैं सहलाते हुए उसकी जांघों से उसकी चूत की तरफ बढ़ गया। मस्त एहसास था मक्खन जैसी उसकी चूत ने कामरस छोड़ दिया था।मैंने उससे पूछा- जान मूवी मैं तुम को फिर दिखा दूंगा. क्यों तुम दोनों मज़े नहीं लोगी क्या?दीपाली हँसने लगती है और उसके साथ दोनों भी मुस्कुरा देते हैं।दीपाली- दीदी वो वाली मूवी लगाओ ना.

!फिर मैंने मेरे एक केमिस्ट दोस्त से पूछ कर महिलाओं के लिए काम-उत्तेजक दवाई लाया और आइस-क्रीम में मिला कर उसको खिला दिया।रात 10 बजने के बाद बच्चा भी सो गया और वो भी सोने के लिए बेडरूम में चली गई।दवा ने अपना काम करना शुरू कर दिया.

मैंने ही उसके मम्मों को दबा कर बड़े कर दिए हैं।रेहान- अच्छा जान, अब तो रात को और मज़ा आएगा। अब मैं जाता हूँ एक बहुत जरूरी काम है, रात को आता हूँ पार्टी के लिए…!आरोही- ऐसी क्या खास पार्टी होगी. मैंने कहा- तो फिर बार-बार नीचे क्यों खुजा रहीं थीं?वो चोंक गई और बोलीं- थोड़ी खुजली हो रही थी, तो खुजा लिया.

सलोनी- अहाआआ… आआआ… इइइइइ…सलोनी ने कसकर उसका हाथ पकड़ लिया…लड़का- अर्रर… मैडमजी, इसको चमका रहा हूँ…सलोनी- बस्स्स्स… अब रहने दो… मैं ब्रा पहन कर बताती हूँ कि सही है या नहीं…लड़का ने जबरदस्ती अपना हाथ छुड़ाते हुए… अपने बाएं हाथ से सलोनी का हाथ पकड़कर अपना सीधा हाथ आगे से उसकी कैप्री में डालने का प्रयास करने लगा. साजन मेरे पीछे आया, मुझे अंग की गड़न महसूस हुईस्तन से लेकर द्रवित अंग तक, उँगलियाँ की सरसरी विस्तृत हुईदोनों हाथों में भींची कमर, और अंग पे मुझे बिठाय लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. मैं उससे कह रही थी- चोद… चोद… आहा… हाहह… हहाह… ययय… हहाहा… और तेज चोद…आज तो संजीव ने मेरी चूत फाड़ ही डाली क्योंकि उसका 8 इंच का लंड था और मैंने भी पहली बार इतना बड़ा लंड अपनी चूत के अन्दर लिया था.

नहीं-नहीं आपसे तो बस दिल लग गया इसलिए… वरना मैं ऐसी नहीं हूँ।’‘एक मशवरा और है…’ अपनी जिस्मानी प्यास को बुझाने के खेल के बीच कहा था राशिद मियां ने- गरीबी जादू की छड़ी के घुमाने की तरह दूर हो जायेगी… हजारों-लाखों में खेलने लगोगी।‘वह क्या?’‘अपनी बहन नूर को धन्धे में उतार दो… मेरे यहाँ जो ठेकेदार आता है…’‘नरेन्द्र बाबू…?’‘हाँ…. ! क्या पार्क, क्या ट्रेन, क्या बस, क्या कार, क्या कोई सुनसान सा बाग़ जहाँ तो पकड़े जाने की भी अधिक सम्भावना थी क्या मैं अपनी मर्जी नहीं चला सकता था. नीलू… उसने बहुत काम संभाल लिया है…सलोनी- ओह… तो यह बात है, लगता है उसने मेरे बुद्धू राजा को रोमांटिक भी बना दिया है…उसने आँखे घूमाते हुए बोला- …केवल ऑफिस का काम ही ना… फिर लण्ड को पकड़ते हुए… कुछ और तो नहीं ना…??अचानक मेरे दिमाग में विचार आया और बोला- …क्या यार सलोनी.

बीएफ का वीडियो सेक्सी ।रेनू ने पास लेट कर एक बोबे पर मेरा हाथ रखा तथा दूसरा मेरे होंठों से लगा दिया। धीरे-धीरे मैं रेनू के बोबे दबाने लगा व चूसने लगा।क्या रुई की तरह मुलायम नरम बोबे थे. चाची के मुख पर हल्की सी मुस्कान आई… मुझे लगा कि चलो मेरे मामला बन रहा है।चाची भी मुझे छेड़ते हुए बोली- अभी तो बच्चा है रे.

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!मैंने कहा- पहले तुम अपने सारे कपड़े उतारो और पहले अपनी चूत दिखाओ।मोना बोली- तुम जानते हो कि चूत क्या होती है. 80 से कम में नहीं बेचेंगे।वो महिला बहुत खूबसूरत और सेक्सी थी जबकि उसका पति उसके मुकाबले काफी मोटा था।महिला का फिगर 38-32-38 होगा। उस समय उसने गुलाबी रंग का सूट पहन रखा था और बाल खुले छोड़े हुए थे।उसके मम्मे पूरे तने हुए थे और सफ़ेद नेट वाली ब्रा भी नज़र आ रही थी। यानि कोई देख ले तो उसी समय उसका लण्ड खड़ा हो जाए।मैंने कार का 1. ! क्या सच में दो लड़कियाँ आपस में ऐसा करती हैं?आरोही- करती हैं, तभी तो यह वीडियो बनाया गया है।जूही- ऐसा करने से मज़ा आता है क्या?आरोही- हम जब भी सेक्सी वीडियो देखते हैं हमें मज़ा आता है और हमारी पैन्टी गीली हो जाती हैं। आज हम आपस में करें? शायद ज़्यादा मज़ा आए…!जूही- हाँ दीदी मज़ा आएगा.

मेरा अपना खाद्य सामग्री निर्माण बड़ा कारखाना है मेरे कारोबार में जरूरतमंद अविवाहित, तलाकशुदा और विधवा को काम देने में मैंने शुरू से प्राथमिकता दी है. !आरोही वहाँ सीधी लेट जाती है और अन्ना उसके पास जाकर उसके होंठों पर हल्की सी किस कर देता है फिर उसके पास लेट कर उसकी मम्मे सहलाने लगता है।एक हाथ उसकी जाँघों पर रख देता है और उनको मसलने लगता है, आरोही की सिसकारियाँ निकलने लगती हैं। अन्ना धीरे-धीरे उसकी चूत को रगड़ने लगता है।आरोही- आ सीसी उफ. चुदाईबीडीओहे… हे… क्यों याद है बुद्धू… या याद दिलाऊँ?मनोज- अरे उस मस्ती के बाद ही तो मैं पागल हो जाता था… फिर पता नहीं क्या क्या करता था… तुम तो हाथ लगाने ही नहीं देती थी… तुम्हारे लिए तो बस विनोद ही सब कुछ था…सलोनी- अरे नहीं यार… तुम ही कुछ डरपोक किस्म के थे…मनोज- अच्छा मैं डरपोक था…?? वो तो विनोद की समझ कुछ नहीं कहता था…वरना न जाने कबका.

1 के साथ मेरे सेक्स एडवेंचर्स शुरु हो गये, हम कभी पोर्न मूवीज देखते, एक दूसरे को शेव करते और मौका मिलने पर नहाने का लुत्फ़ उठाते थे।तब तक मेरे दूसरे भाई की शादी नहीं हुई थी, उसकी शादी बाद सब कुछ बदलने वाला था जो हमने कभी नहीं सोचा था।वो कथा अगली बार, तब तक के लिए नमस्कार, आदाब और शुक्रिया![emailprotected].

तभी दीपाली उनके प्यार में पागल हो गई है।विकास- आ रहा हूँ रूको…विकास ने दरवाजा खोला और दीपाली को देख कर उसको मुस्कान दी।विकास- अब आ रही हो. न’ करने लगी।वो सब कुछ समझ रही थी और इसमें उसकी भी सहमति थी।फिर मैंने उसका पजामा भी उतार फेंका, वो अन्दर एक ब्लैक पैन्टी पहनी हुई थी। वाऊ.

वो मैगज़ीन देखकर मेरा हाथ अपने आप मेरे बूब्स पर चल गया और मैं अपने बूब्स को मसलने लगी क्योंकि मेरा सेक्स करने का मन था तो ऐसा होना स्वाभाविक था. !जूही भाग कर बेड पर चढ़ जाती है और आरोही उसको वही। दबोच लेती है और उसके पेट पर बैठ जाती है।आरोही- अब बोल क्या बोल रही थी तू…!जूही- सॉरी दीदी. उसने अपनी जिह्वा से सखी, अंग को चहूँ ओर से चाट लियाबहके अंग के हर हिस्से को, जिह्वा-रस से लिपटाय दियारस में डूबे मेरे अंग में, अन्दर तक जिह्वा उतार दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

दस अंगुल का विस्तार निरख, मैं तो हो गई निहाल सखीसाजन सोते हैं या जागते हैं, अब ये विचार मन से दूर कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

कुछ देर बाद सोनू और मैं सोफे पर चले गए सोनू मेरे गोद में आ गई और मेरे लण्ड पर बैठ गई, ऊपर नीचे होने लगी. उसने कंडोम पहने हुए ही अपना लण्ड मेरे मुँह में घुसेड़ दिया।उधर अंकिता ने डिल्डो खुद पहन लिया था और मैं समझ गई कि अब चूत की बारी है। जैसे ही अंकिता ने मेरी तंग चूत को उस भयानक लण्ड से चोदना चालू किया. प्लीज़ दोपहर को मुझे अपनी सहेली के यहाँ जाना है, आज वहाँ लंच के लिए मुझे बुलाया है, बाकी सब सहेलियाँ भी आ रही हैं।राहुल- नो.

घड़ी बीएफ पिक्चरफिर मैंने सोचा कि चोदने से अच्छा है, मालिश से ही इसका पानी निकाल दूँ क्योंकि इसने अभी तक इसका मजा लिया नहीं था. !राहुल- ओके मैं अभी जाता हूँ और रेहान से बात करता हूँ।राहुल वहाँ से अपने रूम में आया और रेहान को फ़ोन करके ‘बहुत जरूरी काम है’ कह कर शाम को मिलने को बुलाया।रेहान से बात करने के बाद राहुल नंगा हो गया और अपने लंड को सहलाने लगा।राहुल- ओह माई स्वीट सिस्टर, तेरे मम्मे क्या कमाल के हैं, उफ.

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वो मंगवा लो। आज तुम्हारे मन का ही खाऊँगा।तो माया ने वेटर को बुलाया और उसे आर्डर दिया और स्टार्टर में पनीर टिक्का मंगवाया।सभी पाठकों के संदेशों के लिए धन्यवाद. अपने सारे कपड़े उतार कर गाउन पहन लिया लेकिन तब मन में आया कि बर्फ़ के पानी से गाउन गीला क्यों करूँ, गाउन भी उतार कर पूर्णनग्नावस्था में होकर दीवान पर एक पैर रखा एक नीचे जमीन पर, योनि को कपड़े से साफ किया, पैर फैला दिए और बायें हाथ में आइस क्यूब पकड़ कर दायें हाथ से योनि को फ़ैलाया और पूरी ज़ोर से आइसक्यूब अंदर दबा दिया. !उसका भूरे रंग का दाना दूर से ही चमक रहा था, उसकी चूत के दो द्वारों को खोलते ही लालिमा चमक उठी जैसे बादलों के बीच बिजली चमक रही हो।वो मेरे लिंग को खींचने लग गई, उसने मुझे अपने ऊपर खींच लिया, उसकी मादक सिसकारियाँ पूरे कमरे में गूँज रही थीं। ‘हूं…आ…आह.

मैं आपको बता दूँ कि मेरी चाची बहुत ही मस्त मिज़ाज़ की औरत है और मुझे बहुत पसन्द करती है जबसे मैं छोटा था. अपने एक साथ क्यों डाल दिया आ आह…!रेहान अगर आरोही को बोलता कि अभी उसका आधा लौड़ा भी नहीं गया तो वो फिर से चिल्लाने लगती, इसलिए उसने झूट कहा।रेहान- जान, सॉरी लेकिन पूरा नहीं गया है बस थोड़ा सा और है पर तुम फिकर मत करो मैं बस इतने से ही तुमको आराम-आराम से चोदूँगा…!आरोही- आअ. !आरोही- तो आ जाओ अन्ना… मेरी चूत भी प्यासी है… मिटा दो मेरी चूत की प्यास…!अन्ना जल्दी से लौड़ा चूत पर टिका देता है और एक जोरदार झटका मारता है, एक ही बार में पूरा लौड़ा चूत में समा जाता है।आरोही- आह उफ़फ्फ़ अन्ना खुद तो तुम कोयले जैसे काले हो उह लौड़ा भी बहुत गरम है तेरा… आ.

ये रेहान हमको जानता नहीं जी हम बहुत डेंजर आदमी होना,तुम हमको खुश कर दो, हम तुमको सारे झंझट से आज़ाद कर देगा जी. मैं डर गया- पर भाभी माँ से मत कहना ये सब, नहीं तो पता नहीं क्या सोचेगी मेरे बारे में!नहीं बताऊँगी, पर तुम से जो पूछूँगी सही बताओगे बोलो?”हाँ पूछो भाभी. मेरी गाण्ड फट गई और तुझे मज़ा आ रहा है, जीजा जी की गाण्ड तूने मारी और गाण्ड की धज्जियां उड़वा दीं मेरी.

!” और मैं भड़भड़ा कर झड़ गई।अब चमेली की बारी थी। चमेली जीजाजी के ऊपर आ गई और बोली- बड़े चुदक्कड़ बनते हो, अब मैं तुम्हें झड़ाऊँगी. वो बोलीं- आराम से करो… बहुत दर्द हो रहा है !मैंने कहा- भाभी… क्या भाई नहीं करते हैं, जो दर्द हो रहा है !भाभी बोलीं- उनका लण्ड इतना मोटा नहीं है, पतला सा है और तुम्हारे भाई ज्यादा देर रुकते भी नहीं है !फिर मैंने एक और धक्का लगाया तो आधा लण्ड अन्दर चला गया.

मैंने खोली जब आँखें तो, साजन को निज सम्मुख पायाहोठों पर मृदु मुस्कान लिए, उसे मुख निहारते हुए पायाबाँहों से साजन को घेर सखी, तृप्त होंठों से होंठ मिलाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

रात्रि के गहन सन्नाटे को, मेरी सिसकारी थी तोड़ रहीमैं बेसुध सी होकर अंग को, होंठों से पकड़ और छोड़ रहीउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. देहाती में बीएफजय- अह अहह अह श्रेया, अह अह निकल रहा है!मैं- बह जाने दो, कुछ नहीं होता!जय के लंड से मुठ झटकों में निकल रहा था, करीब चार बार तेज झटके फिर कुछ बूंदें उसने निकाली. सेकसी बिलु’ की आवाजों से कमरा गूंज रहा था।अब उसका दर्द जाता रहा और वो भी मेरा साथ देने लगी, वो अपने चूतड़ उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगी।साथ ही वो सेक्सी आवाजें भी निकाल रही थी, आअह हिस्स हम्म आह हाहा. !”पहले हम साथ-साथ थोड़ी रहते थे अब जब तीन दिन से तुझे देख रहा हूँ तो महसूस किया, इसलिए तारीफ कर दी। तेरे गोरे बदन पर एक बाल तक नहीं दिख रहा।तुम्हारी बॉडी पर तो घने बाल हैं ना.

!रेहान ने लौड़ा बाहर निकाल लिया और जल्दी से हाथ पकड़ कर आरोही को बिठा कर खुद खड़ा हो गया और लौड़ा उसके मुँह में दे दिया और झटके मारने लगा।रेहान- आ.

वो बोले- कारनामा पूरा सुन लो पहले… रात में तो कोई भी नंगा होकर छत पर जा सकता है, अंधेरे में तो कोई भी कुछ भी कर सकता है. पिंकी सेनहैलो दोस्तो, आपकी दोस्त पिंकी एक बार फिर आपके लिए नया भाग लेकर हाजिर है आपके सवालों के जवाब लेकर।आज का भाग ध्यान से पढ़िए इसमें बहुत ज़्यादा ट्विस्ट है।इसमे सस्पेंस अब खुलने वाला है दोस्तों !तो आइए अब कहानी की तरफ चलते हैं।अब तक अपने पढ़ा. जाने कितनी लड़कियों के साथ उसने गंदा किया होगा…!रेहान- अच्छा उनके जाने के बाद क्या हुआ?जूही- उनके जाने के बाद भी टीना चिल्ला रही थी। मैं जल्दी से अन्दर गई उसको संभाला, वो बहुत डरी हुई थी, मैं नहीं चाहती थी कि उसको पता चले कि उसका बाप ही वो वहशी था।मैंने कहा- तेरे पापा को फ़ोन कर देती हूँ कि यहाँ ऐसा हो गया.

अब सिर्फ़ दो ही बर्तन थे, एक पनीर की सब्जी और दूसरा राजमा… मैंने सोचा कि एक चक्कर में ही दो ले जाऊंगी क्योंकि हर चक्कर में मुझे नीचे की गरम छत का स्पर्श होता तो तकलीफ़ होती… मैंने एक हाथ में राजमा का बर्तन लिया और पनीर की सब्जी का डोंगा बायें हाथ में, दोनों डोंगे ऊपर तक भरे हुए थे इस लिए नीचे होकर घुटनों पर बैठ कर धीरे धीरे चलने लगी छोटे बच्चे की तरह. थोड़ा डांस हो जाए…!राहुल अपने साथ आरोही को ले गया और रेहान जूही को।जूही नशे में थी, उसके पैर लड़खड़ा रहे थे। इस बात का फायदा उठा कर रेहान उसके मम्मों और गाण्ड से खेल रहा था।जूही- उहह. प्लीज़…!लेकिन वो अपना लंड निकाल ही नहीं रहे थे, तो मैं जबर्दस्ती पीछे घूम गया और कहा- शैलेश भैया आपका लंड बहुत मोटा है, नहीं घुसेगा।तो वो समझाने लगे- अरे बाबा, थोड़ा सा तो दर्द होगा ही, तुम अपने शैलेश भैया को खुश नहीं करोगे?तो मैंने कहा- कभी दूसरे दिन चोद लीजिएगा मगर आज नहीं.

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इमरानशहर के भीड़ वाले एरिया से बाहर आ मैंने सलोनी को बोला- जान, अब कपड़े बदल लो !सलोनी आसपास आती जाती गाड़ियों को देख रही थी…सलोनी- ठीक है. वो बोली- तुमने इतनी देर लगा दी इस चीज़ को दिखाने में??मेरी सांस में सांस आई और जान में जान! गिरता हुआ लंड फिर से तन गया और दीदी को मैंने बिना कुछ और सोचे समझे अपनी बाहों में भर लिया. जय- वाओ, सेक्सी फिंगरिंग करो न!मैं- ओह, तुम तो सेक्स के बारे बहुत जानते हो!मैंने अपनी लम्बी लम्बी भरी हुई टांगें फैलाई और उंगली अपनी चूत के अंदर बाहर करने लगी.

सिर्फ इंतज़ार था।देवर जी कमरे में आए, मुझे देखते ही उनकी लार टपक पड़ी।मैंने कहा- कल यही देखना चाहते थे न… आप.

! थोड़ी देर के बाद हम फ़्रैश हुए फ़िर एक रेस्ट्रोन्ट में खाना खाने चले गए, वहाँ हमने खाना खाया। फ़िर मैं उसको उसके घर छोड़ कर मैं अपने घर चला गया।जब भी हमें मौका मिलता, हम लोग ऐसे ही प्यार करते और हर बार अलग-अलग पोजीशन से सेक्स करते।अपनी दूसरी सत्य घटना अपनी अगली कहानी में बताऊँगा।दोस्तो, आपको मेरी कहानी कैसी लगी, बताइएगा ज़रूर.

मैं समझ रही हूँ सच कहूँ तो मुझे आपसे प्यार हो गया है। अब यह जिस्म सिर्फ़ आपका है, कोई दूसरा इसको टच भी करता है तो बुरा लगता है। आपने बहुत मज़े दिए मुझे, अब आप जो कहोगे मैं करने को तैयार हूँ, बस मुझे हीरोइन बना दो प्लीज़. मैं तुझे अपने पास नहीं रखूँगा।इतना कह कर वो बाहर चला गया… उसकी बात सुन कर मेरी आँखों के सामने अंधेरा छाने लगा।उसने मुझे इतनी ज़ोर से डांटा था. बीएफ चाहिए सेक्सी बीएफ!!”दोस्तों एक भूल कर के मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई थी, तुम लोग ये भूल मत करना! किसी को मुझसे हमदर्दी है तो मुझे मेल करें।[emailprotected].

बाद में मैंने अपना साढ़े छः इंच का लण्ड उसकी चूत पर टिका दिया और धीरे से अन्दर किया… हालाँकि वो एक दो बार सेक्स कर चुकी थी तो खून तो नहीं निकला लेकिन उसका कसाव गजब का था. अक्सर लोग मुझे नेट पर मिल जाते हैं, कभी ईमेल कर कर के बोर कर देते हैं, कभी फेसबुक में फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज भेज कर!कोई कहता है मेरा लंड सात इंच का है, कोई कहता है बहुत चोदूँगा!पर जय सबसे अलग था, उसके सभी ईमेल में दोस्ती के लिए पैगाम था और साथ ही हमेशा गिफ्ट करने की बात करता था. मैंने उसकी तकलीफ़ को समझते हुए धीरे धीरे लंड को अंदर डाला, अब तो उसे भी मजा आने लगा और थोड़ा ऊऊऊ आआआ ईईई की आवाज़ के साथ वो पूरा मजा ले रही थी, मैं भी छोड़ना नहीं चाहता था.

मेरे पास कंडोम है।तो प्रिया ने कहा- मैंने पहले कभी नहीं किया और बहुत दर्द होगा मुझे।तब मैंने उसे समझाया कि मैं आराम से डालूँगा. !तुम्हें उससे क्या करना है?” जीजाजी चूत से जीभ हटा कर बोले।अब मैं अपने आपे में ना रह सकी, उठी और बोली- अभी बताती हूँ चोदू लाल, मुझे क्या करना है.

क्या चुदाई चल रही थी हम दोनों तो जैसे खुले आसमान में उड़ रहे थे। फचा-फच की आवाज हो रही थी… मौसी के मुँह से आऽऽऽअ.

बहुत पिक ले लीं, अब तक आपका डायरेक्टर नहीं आया?रेहान- आता ही होगा, अब पिक तो ले लीं, अब थोड़ी एक्टिंग भी देख लेता हूँ।आरोही- ओके. सब दिख रहा था। मेरा लंड तो चड्डी में से बाहर आ गया, पर मैं पानी के अंदर था तो किसी को पता नहीं चला। थोड़ी देर मैं दोनों बाहर निकल गईं।मैंने कहा- मैं अभी आता हूँ।मेरा लंड बैठ नहीं रहा था, तभी सोनम दीदी ने अपने कपड़े उठाए और पेड़ों के पीछे चली गईं। मैं समझ गया कि वो कपड़े बदली करेंगी। मैं चुपचाप पेड़ के पीछे छिप गया। सोनम दीदी ने अपनी ब्रा उतार दी।अय. फिर शाम को जब मैं घर आने लगा, तो भाई का फ़ोन आ गया कि वो आज नहीं आएंगे और मैं रात को भाभी के पास रुक जाऊँ.

एक्स एक्स एक्स एक्स इंडियन !रीना झड़ गई और नंगी ही सो गई।सुबह सात बजे राधा ने उसको उठाया और कहा- तेरे स्कूल की फ्रेंड को मैंने तेरी तीन दिन की छुट्टी की अर्जी दे दी है, अब चल जल्दी से रेडी हो जा, वहाँ जाना भी है, देर मत कर !रीना नहाने बाथरूम चली गई और बॉडी पर हेयर-रिमूवर क्रीम लगा लिया ताकि एकदम चिकनी हो जाए. उसने एक हाथ से मेरी कमर पकड़ी और एक हाथ से आनन्द का लंड पकड़े रखा।अब आनन्द धीरे-धीरे अपना लंड अन्दर घुसाने लगा।मैं चिल्लाने लगी.

!”सुनील ने भी कहा- ठीक है, चलो फिर मैं अभी तुम्हें हॉस्टल छोड़ देता हूँ।फिर उसने बाइक स्टार्ट की और मुझे हॉस्टल छोड़ा और अपने फ्लैट चला गया। मैं रविवार का इंतज़ार करने लगी और सोचती रही राहुल कैसा दिखता होगा, जिम में ट्रेनर है लोगों की बॉडी बनवाता है, तो उसकी खुद की बॉडी कितनी मस्त होगी।मैं दो दिनों तक दिन-रात यही सोचती रही।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]. सैफ़ की घरवाली करीना की डिलीवरी हुई…नर्स सन्नी लियोनी खबर लेकर बच्चे के बाप सैफ़ के पास पहुँची- मुबारक हो…!! आप एक बेटे के बाप बन गये हैं…सैफ़ बहुत खुश हुआ, उसने खुशी और उत्साह से भरकर नर्स को गले लगाया और दो हजार रुपये दिए।पर उसकी असली चिंता यह थी कि वो अपनी पत्नी करीना के साथ सेक्स कब से शुरु कर सकेगा. क्या…कह रही हो बालिके !रीना- बाबा जी… मैं तो ये कह रही थी कि आपका वो ठीक है या नहीं?बाबाजी- क्या ठीक है? तुम क्या कहना चाहती हो?रीना अपने मम्मे खुजाते हुए- कुछ नहीं बाबा जी मेरा तो दिमाग खराब है मुझे खुद ही समझ में नहीं आता कि क्या करूँ !बाबा जी ने उसकी तरफ देखा तो रीना ने अपना एक बटन और खोल दिया और टॉप के अन्दर हाथ डाल कर खुजाने लगी।बाबा जी- क्या हुआ बालिके.

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मैं- ओह, बहुत उतावले हो मेरी फ़ुद्दी देखने के लिए?मैंने अपनी पेंटी उतारी और अपनी दोनों टांगें वेबकैम की तरफ कर दी, वो मेरी चूत पूरी तरह देख रहा था. ! तू यहीं रहेगा, इसी कमरे में… ओके…!साहिल- मैं कुछ नहीं करूँगा, मुझे जाने दो। वो दो हैं सचिन अकेला उनको कैसे लाएगा. खा जा इसे !उधर सोनल अपने कपड़े उतार कर रश्मि के मम्मे सहलाने लगी।कहानी जारी रहेगी।मुझे मेल करें ![emailprotected].

दीपाली को फिर से विकास की बात याद आ गई कि बूढ़े का लौड़ा खड़ा नहीं होता है और हो भी जाए तो कुछ कर नहीं सकता।बस दीपाली में थोड़ा हौसला आ गया।दीपाली- मैं डर नहीं रही हूँ और आपसे किस बात का डर. !रेहान- सॉरी बेबी… मैंने झूट कहा कि वो अभी आने वाला है, वो लंच पर आएगा, अभी तो बहुत टाइम बाकी है, थोड़ी मस्ती करते हैं न.

मेरी तन्द्रा टूटी और मैंने प्यार से उसके गालों को सहला कर उसके मुँह से अपना लंड छुड़ाया और उसे अपने साथ खड़ा किया। मैंने अपना लोअर ऊपर कर लिया और रिंकी को अपनी बाहों में लेकर उसके पूरे मुँह पर प्यार से चुम्बनों की बारिश कर दी। रिंकी भी मुझसे लिपट कर असीम आनन्द की अनुभूति कर रही थी।तभी मुझे ऐसा लगा जैसे कोई बाथरूम की तरफ आया हो…कहानी जारी रहेगी….

रोज़ी के उठाने से पहले ही मैंने उसको उठा लिया…मेरा हाथ में कच्छी का चूत वाले हिस्से का कपड़ा आया जो काफी गीला और चिपचिपा सा था…यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !ओह तो रोज़ी ने बाथरूम में आकर अपनी कच्छी निकाली थी… ना कि मूत किया था…इसका मतलब उस समय यह भी पूरी गीली हो गई थी. फिर हम धीरे धीरे चुदाई का सिलसिला चालू करते क्योंकि डॉक्टर ने स्पष्ट कह दिया था कि ज्यादा ताकत से चुदाई बच्चे को नुकसान पहुँचा सकती है. वो मूत कर उठी तो उसकी गांड मेरी ओर थी, मैं पीछे से जाकर चिपट गया और बोला- मुझे भी साफ़ कर दो!फिर उसने मेरा लंड धोया और मैंने उसकी चूत!इस सब पर मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैं कुछ और भी चाहता था, इसलिए पूछा- कैसा लगा?तो बोली- अब से रोज चुदने आऊँगी तुमसे!पर मैंने कहा- मैं नहीं चोदूँगा क्योंकि मुझे लंड चुसाना पसंद है जो तुम नहीं करती!इतना कहने की देर थी, मेरा लंड उसके मुँह में था और मस्त चूस रही थी.

!मैं चाहता तो आज रात आसानी से बिना कोई एफोर्ट लगाए सब सुख भोग सकता था। कहाँ मैंने कितने लंड उकसाए थे. ’ की आवाज आती।कविता ने लण्ड मुँह से निकाला और मुझे खड़ा होने को कहा, मैं खड़ा होकर तेजी से उसके मुँह में लण्ड पेलने लगा, अचानक मेरे दिमाग में एक आईडिया आया और मैंने कविता के मुँह से लण्ड निकाल लिया।कविता- निकालो नहीं आह. !वो गुस्से में बोली- चुपचाप सो जा।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected].

!और मेरी कमर से मुझे पकड़ कर मेरे गालों पर चूम लिया और मुझे कसके गले लगाकर मेरी गर्दन पर चूमा, मेरी चूचियाँ उनके सीने से दबने लगे, मुझे बहुत अच्छा लगा।फिर उसने मुझे बिस्तर पर बैठने के लिए कहा, मैं बैठ गई और पूछा- तुम्हारे दोस्त कहाँ हैं.

बीएफ का वीडियो सेक्सी: रेहान जी अब बताओ क्या करना होगा।रेहान- सबसे पहले तो मेरी बात गौर से सुनो राहुल को इन सबके बारे में कुछ मत बताना। बस कोई साधारण सी बात बता देना। शायद उसको अच्छा ना लगे ये सब. कुछ देर बाद मुझे पेशाब आ रहा था तो मैं उसके बाथरूम में फ्रेश होने के लिए गई जोकि मेरे फ्रेंड के रूम के अन्दर ही था.

मगर हालत तो उसकी भी खराब हो गई थी।दीपाली एकदम नंगी हो गई थी और जब वो पलटी तो उसके तने हुए चूचे उसकी कसी हुई गुलाबी चूत की फाँकें देख कर तीनों मद-मस्त हो गए।दीपाली- हा हा हा. !दोनों मस्ती में खो चुके थे और रेहान ने एक-एक करके आरोही के सारे कपड़े निकाल दिए।आरोही ने भी रेहान का शर्ट निकाल दिया पर पैन्ट अभी बाकी थी।अब आरोही का नंगा जिस्म जलने लगा।आरोही- उफ़ आह स्वीटहार्ट… मेरे तो सारे कपड़े निकाल दिए आ. सिर के नीचे मेरे तकिया था, आँखें थी अब दर्शक मेरीवह उत्तेजित और विभोर सखी, मेरे मन को भरमाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

प्रेषक : अमन वर्मायह बच्चा मुझे चाहिए… चाहे पैदा करके आप उसे ना रखो।”फिर मैं उस बच्चे का क्या करूँगी?”कुछ भी करो। अनाथ आश्रम में डाल देना।”हाँ.

लेकिन आशीष ने ऐसा करने नहीं दिया। नीचे मेरी चूत में आग लगी हुई थी और मेरी आँखें वासना की वजह से बार-बार बंद हो जा रही थीं। आखिर में मुझे अपने मुँह के ही अन्दर वो लिसलिसा नमकीन सा रस पीना पड़ा। आशीष ने अपना लण्ड बाहर नहीं निकाला मेरा मुँह दर्द हो रहा था. !अन्ना- ना जी हम अन्ना स्वामी किसी को मारना नहीं जी उसको पेपर साइन के लिए दिए साला होशियार निकला पेपर रीड कर लिया जी कुत्ता भड़क गया कि ब्लू-फिल्म के लिए उसको और उसकी बहन को कास्ट किया गया है। बस उसको कंट्रोल करने के लिए मेरा आदमी लोग बन्द करके रखना जी… वो इधर बाहर ही गाडी में पड़ा है।रेहान- क्या यार अन्ना पागल हो क्या. !” यह चमेली की आवाज़ थी।मैं चुदाई के तूफान में इस कदर खो गई थी कि चमेली की तरफ ध्यान ही नहीं गया। मैं जीजाजी को अपने ऊपर से हटाते हुए बोली- तू कब आई.