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उसने अपनी आंखें नीचे करके कहा- हां, मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, लेकिन मैं पहले तुम्हारे बोलने का वेट कर रही थी.बड़ी उम्र की औरत की चूत की कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपनी ताई जी को अपने ताऊ जी के लंड से चुदाई कराते देखा.

उनके जीभ के स्पर्श से अलग ही सरसराहट पैदा हुई, उन्होंने मेरी नाजुक त्वचा पर हल्के से काटना भी शुरू कर दिया. बंगाली बीएफ सेक्सी हिंदी लेकिन मम्मा के लिए मेरे अन्दर कुछ ज्यादा ही प्यार था इसीलिए मैं अपनी मम्मा सौम्या के लिए खुद को अट्रैक्ट होने से रोक नहीं पाया.

रात में अचानक मेरी नींद खुली देखा, तो निशा मेरे लंड को सहला रही थी.

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हम एक दूसरे को पसंद तो करते ही हैं, भले ज्यादा टाइम के लिए नहीं, लेकिन कुछ समय के लिए तो एक दूसरे को ब्वॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड समझ ही सकते हैं. उसी समय ताऊ ने लंड को चूत में पेल दिया और ताई की ‘आं … धीरे …’ की आवाज निकल गई. मैंने कहा- भाई जान, मेरे पुट्ठे भले थोड़े ज्यादा हों, पर हथियार तो आपका मजबूत है.

अगले दिन जब उसका फोन आया तो उसने मुझे अपने घर का पता बता दिया और मैं उससे मिलने के लिए निकल पड़ा. मेरी बात सुनकर वो थोड़ी गर्म हो गई और पूछने लगी- उसके बाद फिर तुमने क्या किया?मैंने कहा- मैं क्या करता, मैंने तो कुछ नहीं किया. मैंने भी ओंठ चूसने और अपनी चोदने की स्पीड को बढ़ा डाली और मेरे धक्के और भी तेज हो गए.

फिर वह बाथरूम जाने के लिए उठने लगी तो मैंने देखा कि उससे सही ढंग चला भी नहीं जा रहा है. मैंने मेरे पति का लंड अपने मुँह में भर लिया और अपना मुँह आगे पीछे करके उनका लंड चूसने लगी. जैसे ही मैंने निप्पल को खींचा, उसकी एक तेज आवाज निकल गई- ओहह हह … मर गई!मैंने झट से उसका मुँह बंद किया और अब अपनी जीभ से उसके चुचे के निप्पल को सहलाने लगा.

मैंने पति का लंड चूसकर एकदम गीला कर दिया ताकि मेरे पति का लंड मेरी चुत में आसानी से घुस जाए. गुलाबो ने अपनी टांगें मेरे चूतड़ों से और बांहें मेरे कंधे पर लपेट दी थीं और अपने नितम्बों को ऊपर की ओर उठा दिया.

तभी मेरे अण्डों में मुझे ऐसा लगा कि कोई विस्फोट हुआ हो और धड़ाम … धड़ाम … धड़ाम … लंड से लावा तेज़ पिचकारी जैसे रानी की चूत में छूटा.

पापा का बिजनेस अच्छा चलता था, तो बचपन से ही हमें किसी चीज की कमी नहीं थी.

उनकी गर्म-गर्म सांसें पूरी की पूरी जांघों से होते हुए पैरों पर पड़ रही थीं. थोड़ी देर के बाद नफीसा ने मुझसे कहा- प्लीज़ जुल्फी, पहले दरवाजा बंद कर दो. अब जब भी वो मेरे कमरे में आती तो मुझे उसे कपड़े खोलने को भी नहीं कहना पड़ता था.

डायरेक्टर के मूड का भोसड़ा बना हुआ था और आन्या उसके हाथ जोड़ रही थी कि सर एक चांस एक बार और दे दीजिए. फिर भी वो नहीं माने और मेरे मना करने पर भी बोले कि मैं तेरे पापा के समान हूँ. अल्लाह! क्या उजला शरीर था जूली का … उम्म्ह … अह्ह … हाय … याह …! मैं टकटकी लगा कर उसके रोशन बदन को देखता ही रह गया! क्या चूचियाँ थीं! चूचियों पर पर काले रंग की छोटी सी निप्पल थीं।मैंने उसे प्यार से उठाया और साड़ी उठा कर ओढ़ा दी.

मैं आईने के सामने खड़ी हुई, घर में मैं अकेली ही थी, इसलिए किसी से शर्माने की कोई बात ही नहीं थी.

ऊपर के भाग को अच्छे से साफ करने के बाद मौसी ने अंततः अपने दोनों पैरों को अलग कर दिया. अभी मैं इस हमले से खुद को संभाल पाती कि तभी मेरे पति ने अपना लंड मेरे चुत से बाहर निकालकर दूसरा हमला कर दिया. मैंने कहा- आपको शर्म नहीं आयी?वो बोलीं- नंगे तुम थे, मुझे क्यों शर्म आएगी?उनकी इस बात पर मैं चुप हो गया.

अब मेरा मन किसी कुंवारी लड़की को चोदने का कर रहा था क्योंकि मैं अभी तक 7 से 8 लड़कियों की सील तोड़ चुका था. मैंने शिखा के सिर को पकड़ लिया और अपने लंड को उसके मुंह में धकेलने लगा. मैंने कॉल करके उनको अपनी सहमति दे दी और रात को मिलने के लिए बोल दिया.

उसकी वासना में डूबी आंखें बता रही थीं कि जैसे वो कह रही हो कि अपना मूसल मेरे अन्दर ठोक दो.

उसने अपना दांया पैर मेरी कमर पर रख दिया और बांया पैर मेरे दोनों पैरों के बीच में दे दिया. मैंने बाथरूम में रखी तेल की शीशी से भाभी की गांड में तेल भर दिया और उंगली की, तो भाभी को मजा आने लगा.

बंगाली बीएफ सेक्सी हिंदी मुझे पता था कि मुझे रेडी होने में टाइम लगेगा और वो लोग ऊपर आ जायेंगे इसलिए मैं बाथरूम में आ गयी थी. इतना बोलते ही उसके मैं समझ गया साली ये रंडी माल है और चुत चुदाने के लिए जल्द रेडी हो जाएगी, बस थोड़ा और मक्खन लगाने की जरूरत है.

बंगाली बीएफ सेक्सी हिंदी उनकी उम्र का अंदाजा लगा पाना तो मेरे लिए मुश्किल ही था पर वैसे देखने में मुझे अच्छे लगे; उनके बालों में सफेदी आ चुकी थी, चेहरे पर हल्की हल्की दाढ़ी मूंछें थीं जो उन पर भली लग रहीं थीं. दुनिया की नजर में तो मैं सीधा-सादा लड़का हूँ मगर चूतों का दीवाना हूँ.

नम्बर देकर मैं उठ कर जाने लगा तो भाभी ने पूछ लिया- तुम जॉब कर रहे हो न?मैंने कहा- हाँ, लेकिन अब बदलने के लिए सोच रहा था इसलिए विशाल भाई से बात करना चाहता था.

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खासकर भारत जैसे देश में तो जिस तरह की जीवनशैली है उसका सीधा असर लोगों की सेक्स लाइफ पर पड़ता है. शीतल भाभी ने मुझसे पूछा कि तुमने मुझसे तो मेरे बारे में सब पूछ लिया, पर अपने बारे में कुछ नहीं बताया. एक बार तो सोचा कि फिल्म की शूटिंग रोक देता हूँ और यहीं पर मुट्ठ मार लेता हूँ.

मगर उसकी बात सुन कर मैं पहले तो हैरान सा हुआ और फिर साथ ही खुश भी हो गया. जिसके मुताबिक़ मैं सारा को तीन तलाक देकर उसकी इमरान से शादी का रास्ता साफ़ कर सकता हूँ. मेरा चेहरा ठीक अपने चेहरे के सामने पाकर भाभी ने तुरंत ही फिर से आंखों को बंद कर लिया.

उसने मेरा एक हाथ से मुँह दबा दिया और मेरी टांगें चौड़ी करने लगा कि तभी कोई आदमी टॉर्च लिए उधर से आ रहा था.

चाची ने भी एक स्लीबलैस मैक्सी पहनी हुई थी, जो पानी से थोड़ी भीग गई थी. चाभी लेकर आने के बाद हम दोनों सीढ़ियां उतर रहे थे क्योंकि फ्लैट की लिफ्ट खराब थी. जल्दी ही हमारे कपड़े अलग होते चले गए और हम दोनों अपने अंदरूनी कपड़ों में रह गए थे.

उनके स्वेटर के सारे बटन खुले हुए थे, उन्होंने बालों को भी खुला रखा था. मैं थोड़ी देर सोचने लगी, पल भर मुझे ऐसा लगा कि ना बोल दूँ, पर आखिरी पार्ट क्या होगा, मुझे इसी बात का कौतूहल था, मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अंकल से पूछ लिया- आखिरी पार्ट मतलब क्या?कल हम नाभि के नीचे किस कर कर देखेंगे, तुम तैयार हो ना?”ठीक है अंकल, कल आती हूँ. फिर मैंने 2 झटके और मारे और मेरा पूरा लंड उसकी फ़ुद्दी में समा चुका था, उसकी आँखों से पानी बह रहा था.

लगातार कोशिश करता रहा मैं!आखिर मेरी मेहनत रंग लाई और उसने एक दिन सुबह 7:00 बजे मुझे फोन किया- अभी आ सकते हो, तो घर पर आ जाओ, घर पर कोई नहीं है. मेरे दोनों मम्मों को सहलाया और उनको धीरे से पीना शुरू किया जैसे कोई अबोध बच्चा दूध पी रहा हो.

मिनी की जब शादी हुई थी, तो उसके पति का बड़ा बिजनेस था और पैसे की कोई कमी नहीं थी. फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी, जिससे उन्हें भी जोश चढ़ गया और हम दोनों में चुदाई का घमासान होने लगा. वो चुदाई करते करते पीछे से उनकी छातियां मसल रहे थे और ताई इन सब का मजा ले रही थीं.

इस बार जैसे ही निशा की गांड पीछे आई … उसी समय मैंने भी आगे की तरफ धक्का दे दिया जिससे मेरा लंड लोअर के अन्दर से ही उसकी गांड को रगड़ गया.

मेरे बदन पर से पसीना भी अब तक सूख गया था, पर उसकी बदबू अभी तक नहीं गयी थी. मैं- चेहरे से तो आप मेरे से छोटी उम्र के लगते हैं, मैं इतना खूबसूरत नहीं हूँ. तभी वो मुझे तेजी में चोदने लगा और कुछ ही शॉट्स में उसके लंड से पानी निकल गया.

मेरी मम्मी ने कहा- जा अपनी भाभी से भी होली खेल आ, पायल तुझे पूछ रही थी. एक बूंद भी नीचे नहीं गिरने दी।भावना ने मेरे लंड को चूस कर साफ कर दिया.

मैंने भी ओंठ चूसने और अपनी चोदने की स्पीड को बढ़ा डाली और मेरे धक्के और भी तेज हो गए. मैं- ओके मेरी प्यारी साली साहिबा, लेकिन इसको खुला रखने से संभालना मुश्किल हो जाएगा. मैं भी तैयार हो गया और फिर हम मम्मी को लिविंगरूम में छोड़कर बाथरूम में आ गए।हम दोनों बिल्कुल नंगे खड़े होकर शॉवर के नीचे नहा रहे थे और मम्मी की पैंटी को सूंघ और अपने लण्ड पर रगड़ रहे थे।मेरी कहानी आप लोगों को पसंद आई या नहीं … मुझे जरूर बतायें, उसी के बाद आगे की कहानी को जारी करूँगा। मुझे मेल करने के लिए और इंस्टाग्राम पर जोड़ने के लिए बिल्कुल भी संकोच ना करें।[emailprotected]Insta/weekendlust_tales.

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कुंवारी भाभी की कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा था कि मुझे अपने ऊपर झुका देख कर मेरी इस हरकत का एहसास तो भाभी को भी हो गया था, पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी, तो मैंने भी मौके का फायदा उठाकर अपना एक हाथ उनके उभरे हुए वक्ष पर रख दिया.

जैसे जैसे मेरी हरकतें बढ़ती गईं, वैसे वैसे उनकी सिसकारियां और आहें कराहें भी बढ़ती गईं. मम्मी अधलेटी सी थीं, दोनों ने काफी सारा केक मम्मी की जांघों के बीच और चूतड़ों के बीच में लगा दिया. जवान भाभी की चुदाई कहानी मेरे पड़ोस में रहने वाली सेक्सी भाभी की है.

पीछे से चूचियों का दबाव और साथ में नारी का स्पर्श मिलते ही लंड तुरंत खड़ा हो गया. मैं कुछ बोल नहीं पा रही थी मगर सच में मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था उस समय क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि मेरी सहेली पिंकी उसकी आंखों के सामने मेरे साथ ये सब होता हुआ देखे।अभी तो एक ही पेपर हुआ है, 5 तो बाकी हैं ना, सेंटर में इतनी सख्ती कर दूँगा कि एक दूसरे से भी कुछ पूछ नहीं सकोगी. फुल सेक्सी इंग्लिश मेंमैंने उसको अलग ले जाकर पूछा तो उसने बताया कि वह इलाज कराने को तैयार है.

मेरे ऊपर वे चढ़ बैठे, छेद में थूक लगाने लगे तो मैंने तेल की बोतल की ओर इशारा कर दिया. मेरी बहन का कोमल बदन रौंदने के चलते मैं उसकी कोमलता को पूरे मजे के साथ महसूस करने लगा था.

मैं अपनी बहन की कमसिन चुत को सहलाने लगा और अपना लंड बाहर निकाल लिया. अब एक हाथ से मैंने बीवी के चूतड़ फैला कर रख दिए, पूजा ने चूतड़ फैलाकर एक पैर पकड़ रखा था. और भाभी पोर्न मूवी जैसे नीचे बैठ गयी, मैंने अपना माल भाभी के मुँह में गिरा दिया और भाभी उसे पूरा पी गयी।भाभी- आह तेरा माल मस्त है, पीकर के मज़ा आ गया।उसके बाद हम दोनों साथ में नहाये।और वहाँ एक बार और मैंने भाभी को चोदा। मैंने उनकी गांड भी मारी शैम्पू लगा के उनकी गांड में! उसके बाद उन्हें तकलीफ हुई चलने में तो मैं उन्हें सहारा देकर बेड तक ले गया और कपड़े पहने.

मैंने भी देरी ना की और उसके आंसू पौंछे और हल्के से उसके गाल पर हाथ फिराते हुए अपने हाथ को उसकी गर्दन पर ले आया. तो उसने बताया कि भाभी को बहुत अच्छा लगा, वो तुझसे बहुत खुश हुई, दो दिन बाद तुझे फिर से बुलाया है।मैं दो दिन बाद फिर गया और भाभी को चोद के आया और मेरे एक दोस्त को भी भाभी का मज़ा दिलाया।एक दिन मैंने उस आदमी से पूछ ही लिया- तू उसका पति है ना?उसने बताया- हाँ।और बोला- मुझे बहुत अच्छा लगता है कि मेरी बीवी किसी और से चुदे. मैं ताई के घर पर ही टेलीविजन देखता था और देर रात ताई दूध लेकर जाया करती थीं.

इससे मम्मा के मुँह से कामुक सिसकारियां निकल रही थीं, जिनसे मैं और भी ज्यादा उत्तेजित होकर तेज़ सपीड से झटके दे रहा था.

ये सेक्स कहानी उस समय की है, जब सयुंक्त परिवार में सेक्स होना एक बड़ी बात थी. मैं अपने मुंह से अपनी तारीफ बिल्कुल नहीं करना चाहता मगर जो भी सच है वही बता रहा हूँ.

कोई 20 मिनट के संभोग के बाद सुखबीर ने मुझसे पूछा- सारिका जी क्या आप झड़ने वाली हैं, अगर हों, तो मुझे बता देना. भाभी मेरा खड़ा लंड देख कर बोलीं- रोहन इतनी उम्र में तुम्हारा ये इतना बड़ा कैसे है? तुम्हारे भैया का तो इससे काफी छोटा है … अगर तुम कहो तो इसकी भी मसाज कर दूँ?मैंने हां में सर हिला दिया. मैंने कहा- शिखा मैं तुम मेरा साथ दो, मैं तुम्हारा मजा बढ़ाने की कोशिश कर रहा हूँ.

वह भावना की चूत में जाने के लिए तड़प रहा था मगर अभी मैं भावना की चूत को और ज्यादा तड़पाना चाहता था. आशीष ने तेजी से अपने लौड़े की स्पीड बढ़ाते हुए एकदम पूरा झटका मेरी चुत पर मारा और फुल स्पीड से चोदने लगा. उनकी इस बात पर मैं हंस दिया और मेम की आंखों में देखने लगा तो मुझे उनकी आंखों में एक वास्तविक प्रेम की झलक दिखाई दी.

बंगाली बीएफ सेक्सी हिंदी मैंने भी अपनी टी-शर्ट को निकाल फेंका और भाभी की चुचियों पर टूट पड़ा. उसने नशीले अंदाज में कहा- जानू तुम ही निकाल दो ना!मैंने उसके शर्ट और पजामी को निकाल दिया.

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क्योंकि मुझे लगता है कि उस वक्त सेक्स शायद बच्चे पैदा करने के लिए ही किया जाता था, मजा लेने के लिए नहीं. भाभी की ब्रा, जिसकी हुक पहले ही खुल चुकी थी, वो भी लटक कर नीचे की तरफ झुक गई थी, जैसे वो भी उनके कोमल मुलायम चूचों को आज़ाद करना चाहती हों. मैं- अगर मैं ही आपका बेटा निकलूं, तो आप क्या करोगी?मम्मी- ऐसा तो हो ही नहीं सकता, क्योंकि वो घर पर है … चलिए मैं आपकी बात मान भी लेती हूं कि आप मेरा बेटा भी निकले, तो भी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

कभी उसके कान, गाल और होंठों को काटने लगा, तो सरिता और मदहोश हो गयी. मैं अपनी उंगली पर थोड़ा सा थूक लगा कर उनकी चूत के दाने को मसलने लगा. सन्यासी आयुर्वेदा फोन नंबरजैसे ही वो अपने सूट को उतारने को हुई, वैसे ही दरवाजा खटखटाने की आवाज़ आयी.

उसने मेरा नाम पूछा, तो मैंने अपना नाम बताते हुए उससे पूछा कि तुम्हारा नाम क्या है?उसने अपना नाम रिया बताया और कहा- रोहन यह टेबल नीचे से पकड़ कर रहना, मैं इसके ऊपर चढ़ रही हूँ.

मैंने भी मम्मा की टोन में पूछा- तो बताओ कैसे होती है शादी?अपनी मम्मा सौम्या ने कहा- पहले मेरी मांग में सिंदूर भर … फिर मुझे मंगलसूत्र पहना … फिर उसके बाद सुहागरात. मैंने पति का लंड चूसकर एकदम गीला कर दिया ताकि मेरे पति का लंड मेरी चुत में आसानी से घुस जाए.

भाई बहन Xxx स्टोरी के पहले भागमामा की बेटी की अन्तर्वासना जगाई, फिर चुदाईमें आपने अब तक पढ़ा था कि मेरी बहन प्रिया बाथरूम में मेरे साथ नंगी थी और चुदने के लिए मचल रही थी. वो बेड के दूसरी साइड गयी तो उसने देखा कि बेड पर भी वो ही पंखुड़ियां बिछी हुई हैं और साइड में एक दिल भी बना हुआ है. अब मैं समझ गया और मैंने उन्हें अपने हाथों से उठाया और उनके गालों पर एक किस कर दिया.

मैंने धीरे से उसकी पैंटी को अपने हाथों से पकड़ कर नीचे खींच कर उसकी जांघों में फंसा दिया और उसकी चूत पर अपने नर्म होंठों से एक किस कर दिया.

आह क्या बताऊं यार … इतने मुलायम स्पर्श था कि दूध लगते ही मुझे एक मस्त मजा जैसा लगा. जैसे ही वीणा ने अंदर रीना को इस तरह बिना कपड़ों के नंगी पड़े हुए देखा तो उसकी धीरे से हंसी छूट गई।इस पर मैंने उसे आंखें दिखा कर डांटा और इशारे से कहा कि वह चुप रहे।जब विक्रम को देखा तो मैंने पाया कि विक्रम तो बड़े ही ध्यान से रीना को घूर रहा है। उसका हाथ अनायास ही उसके लंड पर चला गया और वह अपने लंड को अपनी पैंट के ऊपर से ही सहलाने लगा. मैंने सोचा कि अभी यह गांड में नहीं करवाएगी इसलिए मैंने उसकी बात मान ली.

हिंदी सेक्सी फिल्में हिंदी मेंप्रिया अब सिर्फ़ पैंटी में थी और उसकी जांघें काफ़ी मोटी मोटी दिख रही थीं. टी आ गया क्या? फिर बातों ही बातों में पता चला कि उसको भी भुवनेश्वर जाना है कोई एग्जाम देने, दोस्तो बहुत काली थी वो, पर उसमें एक नशा था.

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वसुन्धरा ने अपने पांवों की कैंची सी बनाकर जुड़ी हुईं अपनी दोनों एड़ियां मेरे नितम्बों पर टिका दी. मैं बोला: यहां दरवाजे पर खड़ा होकर नहीं कर सकता, इंपोर्टेंट बात है. उसने मेरे बाल पकड़कर गर्दन के पास कंधों में हाथ लगाकर अपनी और दबा दिया और जोर से डाला, तो आशीष का लौड़ा पूरा मेरी चुत में घुस गया.

मेम की चूचियां छोटी छोटी थीं, शायद उन्होंने अभी अपनी चूचियां किसी मर्द से नहीं मिंजवाई थीं. वो अपना आपा खो चुकी थी और मैं भी … मैंने उसे पटक दिया और उसके ऊपर आ गया. एक बार जब मैं उनके घर गया, तो वहां न तो बंटी दिखा और न ही सलोनी मौसी दिखीं.

ये कुछ और नहीं मीना के पैर थे जो मेरे लंड (चूत का वैद्य) को खोज रहे थे मानो (महारानी) चूत ने (सेनापति) टांग को आदेश दिया हो कि जाओ उस लंड वैद्य को ढूंढ कर लाओ जो महारानी चूत की बेचैनी का इलाज कर सके!कुछ ही क्षण बाद मीना ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरे कानों में कहने लगी- कितना तड़पाओगे राज? अब नहीं रहा जाता. प्रिया- अब खूब कस कसके पेलिए … आंह बड़ी खुजली हो रही है मेरी चूत में!मैंने प्रिया की चूत में लंड अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया. वैसे तो पापा शराब नहीं पीते थे मगर उनके दिमाग को शांत करने के लिए वह आज पी रहे थे.

वो अपना आपा खो चुकी थी और मैं भी … मैंने उसे पटक दिया और उसके ऊपर आ गया. शीतल भाभी की इस बात से मैं भी रूमानी हो गया और उनको चूमते हुए बोला- भाभी आप ही उतार दो ना.

मैं उनको हरदम कॉम्पलिमेंट देता रहता था, जैसे कि आप बहुत हॉट, सेक्सी और अट्रैक्टिव हो.

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अगर आप सबका अच्छा सपोर्ट मिला, तो मैं अपनी दूसरी कहानी आपको बहुत जल्द बताऊँगी.

दूसरे दिन प्रेक्टिकल्स में हम दोनों एक दूसरे से नजर नहीं मिला पा रहे थे. तो उसने कहा- देखो ज़ुल्फी, मैं सिर्फ़ बात समझाना चाहती हूँ, तुम ग़लत मत समझो. मैं भी देखना चाहती थी कि पापा मेरी चुदाई में क्या नया करने वाले थे.

मैंने उसे बताया कि मुझे जाति या रंग से ज्यादा आदमी की अच्छाई और अपनापन पसंद है. मैं भी उसे गटक गयी और लण्ड का टोपा चाटने लगी।तब वहां से चली।बस इसी में थोड़ा देर हो गयी।अम्मी बोली- ठीक है रेहाना … पर ये तो बता कि उसका लण्ड कितना बड़ा है?मैंने कहा- लण्ड तो बड़ा मोटा तगड़ा है. इससे पहले कि लंड को कुछ सूझता, तब तक पिंकी भाभी ने लंड को अपने हाथ से पकड़ा और उसे चूसना शुरू कर दिया.

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तब मैंने अपने रूम का दरवाजा खोल कर कहा- कोई चेंज करने की ज़रूरत नहीं, सब कुछ उतार कर मेरे पास आ जाओ. एक दिन में उसके रूम में झाड़ू लगा रही थी, तो वह अपने बेड पर बैठे हुए हसरत भरी निगाहों से मेरी गहरे गले की टी-शर्ट में झांक रहा था. मेरी बाइक स्पोर्ट बाइक होने की वजह से उसकी पिछली सीट ऊपर को उठी थी, जिससे रिया मुझ पर झुक कर बैठी थी.

अचानक से मेरी आंखों पर सामने से आ रही बस की लाइट पड़ी और मेरी तंद्रा भंग हो गई.

तो बढ़ते हैं मेरी कहानी के अगले हिस्से में:जोन्स ने मुझे गोद में उठाया और ऊपर के रूम में ले गया और पलंग के पास ले जा कर खड़ा कर दिया.

अगर आपके पास मेरे लेखन को लेकर कोई सुझाव हो, तो कृपया मुझे बताएं ताकि जब मैं अगली बार कोई कहानी लिखूँ, तो उसमें कोई गलती ना करूँ. जब वो कपड़े चेंज करने जातीं, तो अक्सर दरवाजा बंद नहीं करतीं, शायद उन्हें लगता कि उनके कमरे में कौन आ जाएगा. प्रियंका पंडित लीक वीडियो xxxवैसे ही मैं बहुत हॉर्नी था, तो मैंने जल्दी से लंड को गले गले तक लेकर चूसना शुरू कर दिया.

मैं रुक गया और मैंने चुपके से जा के देखा तो नफीसा भाभी बेड पे चित पड़ीं, अपनी पेंटी में हाथ डाल के ‘आअहह आआआ आआहह. वह बोली- अभी भी खून आ रहा है क्या?मैंने कहा- पहली बार में ऐसा होता है. साथ ही साथ चूत चुदवाने के उतावलेपन में वह काम भी फटाफट निपटा रही थी.

यह बड़ी उम्र की औरत की चूत की कहानी तब की है, जब मैं 12वीं में पढ़ता था. लेकिन लंड चुसाई में जो मजा आता है, उसके आगे सब मजे फीके लगने लगे थे मुझे.

उनकी फुसफुसाहट भरी बातें भी सुनी जिसमें मेरा बाप कह रहा था- आख़िर धीरज मेरा बेटा है, उसे मैं किसी चीज़ की कमी नहीं होने दूँगा.

अगली सेक्स स्टोरी में मैं आपको बताऊंगा कि मेरी मम्मी और कैसे कैसे चुदीं. मैंने मज़े से चूस कर कुछ दस मिनट में ही उनके लंड का पानी निकल दिया. सब बटन खोलने के बाद उन्होंने शर्ट के आगे की साइड को मेरी छाती से अलग किया.

लड़कियों का ग्रुप whatsapp मैंने उसे चुप कराया, फिर उसे मां के कमरे में जाने को कहा क्योंकि वो मां के साथ ही सोती थी. मैं सरिता की गांड को सहलाते हुए उसकी गांड के छेद में उंगली डालता तो सरिता सीत्कारने लगती थी.

मैंने कहा- गेट लगा दूँ?अमीषी बोली- कोई जरूरत नहीं … आज कोई रोकने वाला नहीं तुमको … कुछ भी करो. नफीसा- जुल्फी जल्दी से पूरा लंड अन्दर डाल दो और मुझे आज ज़िंदगी का मज़ा दे दो. मैं आपको अपनी कहानी के पिछले भागभाभी की बहन के साथ बिस्तर मेंमें बता रहा था कि मैं भाभी के घर में उनकी बहन निशा की शादी आया हुआ था.

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यह कहते हुए जीजू ने मुझे गोद में उठा लिया और बाथरूम की स्लैब पर बैठा दिया और खुद स्टूल पर बैठ गए, जीजू ने मेरे दोनों पैरों को फैला दिया और अपना मुंह मेरी चूत पर रख दिया. चाची का लड़का एकदम रंडीबाज है और मैं जानता था कि अगर उसे मौका मिलेगा तो वो खड़े-खड़े तीनों ही मां- बेटियों को चोद डालेगा. क्यों बेकार में कवाब में हड्डी बन रही हो?इस पर सारा ने कहा- क्यों? क्या मैं एक दिन में ही बेकार हो गयी हूँ.

घर के अन्दर जाते ही भाभी बोलीं- आप भी बाहर से आए हो … और मैं भी, यदि हम दोनों पहले बाथ ले लेंगे तो अच्छा रहेगा. ये सब इतनी तेजी से हुआ कि उसे कुछ समझ न आया कि ये सब क्या हो रहा है.

फिर मैंने भी देर न की और भाभी की मस्त चूत की फांकों पर लंड रगड़ दिया.

अंडरवियर की कैद से मुक्त होते ही उसका लंड फनफनाता हुआ बाहर निकल आया. मैंने कुनमुनाते हुए कहा- हां ठीक है, आप जाओ … अब मुझे बहुत तेज से नींद आ रही है. मैंने भाभी से रोने के बारे में पूछा, तो भाभी ने रोते हुए कहा- इनका तो रोज का यही नियम है … शराब पीकर बेहोश हो जाते हैं और मैं रो रोकर रात गुजारती हूँ.

शुरुआत में तो उसने मुझे कुछ नहीं बताया था, लेकिन धीरे धीरे उसकी अपने ब्वॉयफ्रेंड्स से फ़ोन पर बातों से मुझे समझ आने लगा. थोड़ी देर तक अनु दर्द से तड़पती रही और मैं उसके गोल गोल मम्मों को चूसता रहा. मैंने एक दिन सही मौका देख कर उससे कह दिया- अब दूरी सहन नहीं होती, मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हूँ.

मैं इसे एक सही कार्य मानता हूं क्योंकि वो एक दुखी और असहाय औरत मेरी वजह से आज पूरी तो नहीं कहूंगा पर थोड़ा बहुत खुश हैं.

बंगाली बीएफ सेक्सी हिंदी: यही सोच कर मैंने ईंदु को प्यार से बोला- प्लीज यार समझा करो।इन्दु- समझ गई, मैं तो मजाक कर रही थी, ओके लव यू …मैं- लव यु टू! और मैंने फोन काट दिया. और इससे पहले वसुन्धरा कोई प्रतिक्रिया करती, फ़ौरन अपने लिंग को वसुन्धरा की योनि से वापिस बाहर खींच लिया लेकिन लिंग की योनि के अंदर आने-जाने की प्रक्रिया में मेरे लिंग-मुण्ड की जो योनि की दीवारों पर रगड़ लगी उसके कारण वसुन्धरा की उत्तेजित योनि ने और काम-रस उगल दिया.

पर डर भी बहुत लग रहा है, कुछ हो गया तो?मैं- अरे कुछ नहीं होगा, तुम आंख बंद करो और अपनी चूत रगड़ाई का मजा लो. एक दो पल मैंने अपनी बहन की चुत को निहारा और जब न रहा गया तो मैंने अपना हाथ उसकी जांघ पर रख दिया. साली इसकी पत्तियों को अपने मुँह में भर कर ऐसे ही चाटो मेरे राजा!! ओह डियर … बहुत अच्छा कर रहे हो तुम …! मेरी बुर के छेद में अपनी जीभ को पेलो और अपने मुँह से चोद दो मुझे!शारदा चाची लगातार गालियाँ बकती जा रही थी- हाय मेरे चोदू भाई! मेरी बुर के होंठों को काट लो और अपनी जीभ को मेरी बुर में पेलो … ओह मेरे चोदू भाई.

औरत को एक ही बार में कई ओरगाज़्म आ जाते हैं, जबकि आदमी का जब छूटता है तो उसको एक ही आता है और लंड से वीर्य छूटने के बाद उसे कुछ देर के लिए वक्त लगता है.

अमर अपनी स्पीड में तो था ही … उसने कुछ और तेज झटके दिए तो पिंकी झड़ने लगी. शारदा चाची- चोद मेरे राजा … बहन के लंड … और ज़ोर से चोद … ओह … मेरे चुदक्कड़ बालम. मैंने अपना लंड बाहर निकाल दिया और उसके मुंह में डाल दिया तो वह फिर से मजा लेकर उसको चूसने लगी.