बीएफ सेक्स वीडियो एचडी फुल

छवि स्रोत,बीफ सेक्सी विडिओ हिंदी

तस्वीर का शीर्षक ,

लव किस करना: बीएफ सेक्स वीडियो एचडी फुल, बहुत ही मुलायम चूचियां थीं उसकी, मुझसे रहा ना गया, मैंने जोर से उसका एक दूध दबा दिया.

जिम करते हुए सेक्सी

बात काफी पुरानी है और मुझे उस वक्त उसके फीगर का नाप भी कुछ खास पता नहीं लग रहा था. बबलू डब्लूमैं भी उसको चोदने लगा, लेकिन यह क्या, फिर वही कहानी, 10-12 धक्के के बाद वो अलग हुई और जमीन पर नागिन की भाँति लेटकर रेंगने लगी और अपनी जीभ को छत पर भर चुके पानी पर चलाने लगी.

बातों बात में दीदी ने पूछा- अमित से तुम्हारा सेक्स रिलेशन कैसा है?मैं बोली- बहुत बढ़िया है दीदी. सेक्सी वीडियो सेक्सी वीडियो चोदने वालापर मुझे यह नहीं पता था कि मेरी इस पोजीशन का अंकल को फायदा ही होने वाला है.

चूँकि मेरा मुंह गुड्डी रानी की चूत से लगा हुआ था इसलिए मैं बेबी रानी की अंगड़ाई का मज़ा तो नहीं ले पाया मगर शायद गुड्डी रानी को सुस्सू करते देख उसको भी लग आयी.बीएफ सेक्स वीडियो एचडी फुल: वो पागलों की तरह मेरे जिस्म के हर हिस्से पर चुंबन की बरसात करने लगी.

सुबह जब माँ मुझे जगाने आईं, तो माँ मुझ पर चिल्लाने लगीं क्योंकि मैंने बिस्तर में ही पेशाब कर दी थी.उसके बाद नम्रता कोने की दीवार से सटकर खड़ी हो गयी और मैं उससे सटते हुए उसके होंठों को पीना शुरू कर दिया.

1 साल की लड़की का सेक्सी - बीएफ सेक्स वीडियो एचडी फुल

मेरी सिसकारी निकल गयी और मैंने एक तीखी सांस में ये जता दिया कि मुझे मजा आ रहा था.तभी तुषार ने भार्गव से कहा- क्या यार … बस इतना ही पावर था … चल तू आगे चला जा … मुझे मोर्चा सम्भालने दे.

उनकी उखड़ती सांसें और उनकी चूत के मेरे लंड पर गहरे हो रहे धक्के इस बात का सुबूत थे कि वो भी स्खलन के करीब पहुंच चुकी है. बीएफ सेक्स वीडियो एचडी फुल पापा और चाचा बाहर काम पर गये हुए थे और माँ कहीं रिश्तेदारी में गयी हुई थी.

काम निपटाकर आज रात बीवी को फिर पकड़ा और अच्छे से उसको चूमा-चाटी करके मजा लेने लगा.

बीएफ सेक्स वीडियो एचडी फुल?

उसकी गोरी नंगी जांघें देख कर मेरा मन फिर से उसकी चूत चोदने का करने लगा और मैंने जाकर उसके चूचों को दबोच लिया. यह जान कर कि उसने किसी से कोई शिकायत नहीं की, मेरी हिम्मत और बढ़ती गई. डॉक्टर ने लण्ड को पकड़ा और घुमा कर हाथ फेर कर बोली- अभी कुछ आराम हुआ है, अब देखते हैं कि चुदाई से क्या फर्क पड़ता है.

कुछ देर के बाद रमेश जोर जोर से सिसकारने लगा- आह्ह आहाहहा … आआहह … लगता है मुठ आने वाला है. प्रिंसीपल सर ने कहा कि वे अपने दोस्त से इस बारे में बात करके देखेंगे. मेरी इज्जत जो मेरी चूत के साथ ही नंगी हो गयी थी अब मैं कुछ नहीं कर सकती थी क्योंकि मेरी चूत को तो उस ठरकी प्रिंसीपल ने देख ही लिया था.

संतोष जी बोले- तुमने तो पहले भी गांड मरवाई है … चलो अब गांड की बारी है. इधर नम्रता ने भी अपने सब्र का बांध तोड़ दिया और उसकी मलाई मेरे जीभ पर गिरने लगी. उसके होंठों को चूसते हुए उसके चूचों को दबाया और अब असली गांड चुदाई शुरू होने वाली थी.

उसकी बात से मुझे मालूम हुआ कि उसके पापा एक बड़े पहलवान जैसे शरीर के आदमी हैं … और उसकी मम्मी अपने मर्द को झेल नहीं पाती थीं. लेकिन मैं क्या बताऊं दोस्तों, मेरी गांड इतनी फटती थी कि कहीं मैंने कुछ किया और भाभी ने मुझे नहीं झेला तो क्या होगा.

अभी भी मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा था तो धीरे से मैंने दरवाजा खोला और अन्दर जाने लगी.

कुछ देर बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और पूरा रूम हम दोनों की धकमपेल चुदाई की आवाज़ों से गूंजने लगा.

मैंने अमीषी को पूछा- तुम्हारे भाई का छोटा है, पर आज मेरा कैसा लगा?वो बोली- सही कहूँ, मुझको तुमसे कोई प्यार नहीं, बस मुझको अपनी वो आग बुझवानी थी, जो मेरे भाई ने पिछले 3 साल से मेरी चूत में लगा रखी थी. वो मुझे हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने अपना मुंह जैसे चाची की चूत में चिपका ही लिया था. मैं डॉली को इस बात के लिए राजी कर सकती थी कि वो मेरे पापा से मिल उन्हें समझा कर इस बात के लिए मना ले कि मेरी पढ़ाई का सारा खर्चा वो मुझे उधार देगी.

जैसे ही नम्रता लेटी, मैंने उसकी बुर में जीभ लगा दी और उसके उस कैसेले स्वाद से भरी हुई चूत को चाटने लगा. ऐसा कहने पर उसने करवट ले ली और मुझे फिर उसकी बगल में लेटने के लिए कहा. फिर सारा बोली- आमिर, अब दिलिया की बारी!तो दिलिया लेट गयी और मैंने उसके लिप्स को किस करते हुए एक झटके में पूरा लंड अंदर उतार दिया.

इसलिए अब मैं भी जल्दी करने में मूड में आ गया और तुरंत अपना पैंट और चड्डी नीचे करके लंड बाहर निकाल लिया.

जिस बुर में अभी अभी बाल आने शुरू ही हुए थे, उसमें मेरा मोटा लंड अन्दर तक घुस कर सवारी कर रहा था. और दूसरी बार झड़ते ही एकदम से शान्त हो गई और अपनी आंखें बंद करके लेटी गयी. फिर मैंने निहारिका को समझाया कि जानू डरो मत … तुम्हें धीरे धीरे आदत पड़ जाएगी.

उसकी सीत्कारों की वजह से पंद्रह-बीस मिनट में ही मेरे लंड ने उसकी गांड में थूक दिया. अपने हाथों से ही ब्रा को ऊपर खींच कर उसने दूसरी चूची को भी आज़ाद कर दिया. वो मुझे हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने अपना मुंह जैसे चाची की चूत में चिपका ही लिया था.

पर अचानक वहां पर मुझे कपड़े का ढेर दिखा, उसमें मुझे काजल के भी कपड़े दिखे.

मैंने भाभी के बूब्स को दबाते हुए कहा- भाभी जान … आपकी कसम किसी को नहीं बताऊंगा. हम दोनों लोग अक्सर शाम को ही मिलते थे क्योंकि हम दोनों का घर नजदीक था.

बीएफ सेक्स वीडियो एचडी फुल मैंने उसे रोका तो उसने कहा- हमें कोई नहीं देख रहा, थियेटर में बहुत अंधेरा हो रहा है यार. चाची के मुंह से आह-आह … हम्म … हय्य … गौरव … ओह्ह … मेरे चोदू भतीजे … मेरी चूत को फाड़ दे बेटा!मैं पूरे जोश में आ गया और चाची की चूत को रौंदने लगा.

बीएफ सेक्स वीडियो एचडी फुल अगर मैं किसी को इस बारे में बताऊंगी तो पहले तो मेरी ही बदनामी होगी. मैं उस दिन ऑफिस नहीं गयी थी क्योंकि मेरे घर वाले कहीं बाहर जा रहे थे.

मैं- अब बताओ कौन बात कर रहा है भाभी?‘उम्म्म्म्म … मैं ही कर रही हूँ बात … तुम तो मेरी प्यास बुझा रहे हो बेबी.

সেক্স কানাডা

तो उसने बोला- सर आप भी साथ में चलिए न?मैंने बताया- नहीं आप जाइए, मैं आज टिफिन नहीं लाया. तुषार की बात सुनकर मैंने कहा- ठीक है … मैं भी देखती हूँ कि तुममें भी कितना पावर है. रात में मौका देख कर नितिन के कमरे में आई और हाथ जोड़ कर विनती करने लगी- जो आपने सुबह देखा, उसे मम्मी को मत बताना.

दो मिनट किस करने के बाद भाभी बोलीं- ये अच्छा नहीं हो रहा विपुल … चलो सो जाओ, बहुत रात हो गई है. नीता भी मचलने लगी कि कैसे पटेगा वो मुझसे?पिंकी इठलाते हुए बोली- पता नहीं … फिर भी मैं उससे बात करके देखूँगी?नीता- चल … अभी वो ऊपर है, चल अभी बात करते हैं. उनकी रसीली चूची इतनी मस्त थी कि उनके बारे में सोचकर ही मेरे मुंह में पानी आ जाता है.

इस आधे-पौने घंटे ने वसुन्धरा के व्यक्तित्व में आमूल-चूल परिवर्तन कर दिया था, एक स्त्री को स्त्री वाला अंतर्मन दे दिया था.

आज वो मेरा पति था, मैं बहुत खुश थी उसने डोर लॉक किया और मुझे बेडरूम में ले गया. !”मैं शर्म से पानी पानी हो रही थी, पहली बार कोई मेरी चुत को नंगी देख रहा था, वो भी इतने करीब से. नम्रता पूरी तरह झड़ चुकी थी, लेकिन मेरे लंड की खुजली मिट नहीं रही थी.

वो बार-बार अपने चूचों को दबाती हुई मेरे लंड की चुदाई का आनंद लूट रही थी. इधर मेरे शरीर में अकड़न होने लगी और मेरे लंड से फव्वारा छूटकर रेखा की चूत के अन्दर गिरने लगा. अंकल के घर के सामने खड़ी होकर मैंने डोर बेल बजायी, अंकल ने दरवाजा खोला, अंकल सिर्फ लुंगी और बनियान पहने थे.

मैंने बोला- हां ये तुम्हारे मस्त टच के कारण ही इतना सख्त हो गया है. चौदह साल पहले उस ने तसुव्वर में मुझसे शादी कर ली थी और खुद को मेरी दुल्हन मान लिया था.

मेरे भीगे हुए अंडरवियर में मेरे लंड ने आकार लेना शुरू कर दिया था लेकिन चाची ने अभी मेरे लंड पर ध्यान नहीं दिया था. फिर वो दिन भी आया कि मेरी पोस्टिंग हो गयी और मुझे दूर शहर की एक ब्रांच में ज्वाइन करने के लिए कहा गया. जब तक कि चाची की चूत ने अपना नमकीन और स्वादिष्ट रस छोड़ नहीं दिया मैंने दम नहीं लिया.

कहीं बात बनती भी थी, तो समय ना देने के कारण कोई भी ज़्यादा दिन तक साथ नहीं रहती.

दोस्तो, यहां पर कहानियां पढ़ने के बाद मेरा भी मन हुआ कि क्यों न मैं भी अपना पहला अनुभव आप लोगों के साथ साझा करूं. दीपाली और वो दूसरी लड़की ल़ेडीज कम्पार्टमेंट में चढ़ गए और मैं जेंट्स मैं. भाभी भी चुपचाप लंड चूसने लगीं, वो लंड चूसने में बहुत ही एक्सपर्ट थीं, तो कुछ ही टाइम में उन्होंने मेरी आहें निकाल दीं.

मैंने पास पड़ी हुई कुर्सी पर बैठते हुए कैंची को उठा लिया और उसकी झांटों के जंगल को कुतरने लगा. मेरा क्या होगा? मेरी चूत और गांड का ख्याल तू नहीं रखेगा तो और कौन रखेगा बे कुत्ते!मैंने बड़े प्यार से उसके दोनों निप्पल पकड़ कर जोर से खींचते हुए बोला- मेरी रंडी … मुझे पता है तेरे दोनों छेद मेरा लौड़ा पूरा अन्दर घुसा लेने के लिए तैयार बैठे हैं.

चाची अपनी ब्रा के ऊपर से अपने दूध सहलाते हुए बोलीं- क्या देख रहा है?मैं बोला- संगीता रानी … मैंने आज तक तुम्हारे जैसी सुंदर औरत नहीं देखी है … आइ लव यू चाची…वो भी वासना से भर कर बोलीं- आई लव यू मेरी जान. मगर जो मज़ा उसके छूने में था, वो मुझे खुद हाथ से करने में नहीं आ रहा था।अगले दिन मैं कॉलेज गई, उससे मिली भी … हम दोनों अब और भी करीब आ गए थे। कॉलेज में भी जब कहीं मौका मिलता हम एक दूसरे को किस करते, वो मेरे मम्मे बहुत दबाता। बल्कि एक बार तो मैंने उसके ज़ोर देने पर उसे अपने मम्मे बाहर निकाल कर भी दिखाये. जैसे ही प्रियंका को मालूम हुई कि हम लोग मुम्बई लैंड करेंगे, तो प्रियंका और जीजू दोनों बहुत जिद करने लगे कि हम लोग उसके यहां आएं.

सेक्सी विङयो

मैंने उसकी गांड अपने लंड की तरफ खींच कर उसके पैरों को उसके पेट से चिपका दिया.

हम लोग जैसे ही कमरे में आए, अमित बिना रूम लॉक किए मेरे ऊपर सवार हो गया. तब तक मैं थोड़ा सहज हो गया, जूली डॉक्टर को समस्या बताई तो डॉक्टर ने पैंट उतारने को कहा. मैंने अपनी नौकरानी को कॉल करके बता दिया कि मैं कभी बाजार जा रही हूँ, जब मैं आ जाऊंगी तो तुमको फोन कर दूँगी तब तुम आ जाना.

मैं सरक कर बेबी रानी की तरफ हो गया और फिर उसके चूतामृत का लुत्फ़ उठाया. पहले तो मुझे समझ में ही नहीं आया कि क्या ये सच में मेरे साथ हो रहा है या मैं सपना देख रहा हूँ. पानी कहां पर गिर रहा हैमैंने थोड़ी सी पोजीशन लेकर उसके चूतड़ों को ही अपने लंड पर दबाया तो एक चौथाई हिस्सा लंड का उसकी बुर में चला गया.

उसने मुझे बताया कि वो रेड कलर की पोलो में है, जो कि मेरे थोड़ी दूरी पर पार्क थी. पर मैं तुम्हारे मुंह से सुनना चाहती हूँ।जब उन्होंने यह बात बोली तो मैंने भी बिना किसी हिचकिचाहट के कह दिया- आपके बूब्स बहुत मस्त हैं.

तो मीरा ने पलट कर रितेश को उठाया और ज़ोर का चूमा लेकर उसके होंठों को काटते हुए कहा- अभी नहीं, आज रात का इन्तजार करो, आज पूरा मजा मिलेगा. ये बात मैंने देख ली थी, लेकिन वो दोनों अभी तक इस बात से अनभिज्ञ थे. वो प्यार भरे अंदाज से मेरी चूची को अपने बड़े-बड़े हाथों से सहलाने लगा.

बेचारी काफी देर तक धक्के मारती रही, फिर बोली- भोसड़ी के तुम तो बोल रहे थे लंड चोदो. रितेश जीजू ने चोद-चोद कर उसकी कमसिन जवानी को फूल की तरह खिला दिया था. मैं अपनी उस मस्त कामवाली को और दो मिनट जोर जोर से चोदा और मैं उसकी चूत में ही झड़ गया.

मैं एक तरफ अपनी जुबान से संजना की चूत चाट रहा था और दूसरी तरफ अपने लौड़े से नीचे शीना की चूत की धज्जियां उड़ा रहा था.

इस बार लंड बिना किसी आनाकानी के अन्दर चला गया। मेरा उत्साह और बढ़ गया और मैं लंड को बहन की चूत के अन्दर और धकेलने लगा. चुदाई का बहुत मनमोहक नजारा बन गया था जिसके अहसास से मैं जल्दी ही झड़ गया.

मेरा जिस्म तुम्हारी शादी का उपहार होगा … और संदीप का लंड मेरे लिए रिटर्न गिफ्ट. फिर रंजना ने मेरा लिंग पकड़ा और तेजी के साथ सहलाने लगी। उसके हाथों द्वारा मेरे लिंग को सहलाने से मुझे और जोश आने लगा. फिर क्या था … पहली ही बार में अपनी सुधा की सहेली को ताबड़तोड़ चोदने लगा.

और जैसे ही उसने मेरा अंडरवियर खोल कर अलग किया, वह टूट पड़ी मेरे लौड़े पर और आईसक्रीम की तरह चूसने लगी. मैं उसका हाथ पकड़ कर लंड को उसके हाथ में पकड़ाते हुए बोला- थोड़ी देर और रुक जाओ. लड़कियों के लिए खड़े होकर सुस्सू करना कितना दिक्कत वाला होता है यह हम सभी जानते हैं.

बीएफ सेक्स वीडियो एचडी फुल लिफ्ट की तरफ बढ़ते वक़्त मैं उसके पीछे पीछे चल रहा था और उसकी माँसल गांड को देख कर ऊपर वाले का शुक्रिया कर रहा था. अब हम तीनों की सिसकारियां फिर से शुरू हो गई थीं और हम तीनों भी अब सातवें आसमान पर पहुंच चुके थे.

सेक्सी फिल्म हिंदी फुल सेक्सी

उस टाइम साढ़े पांच होने ही वाले थे और सुरेश अंकल के आने का टाइम अभी नहीं हुआ था वे तो साढ़े पांच के थोड़ी देर बाद ही निकलते थे मेरे घर के आगे से. उसने ढेर सारा तेल मेरी कमर पर चूतड़ों के ठीक ऊपर डाला और कमर की अच्छे से मालिश करने लगा. मैं थॉमस से अपनी चुत को कुछ मिनट तक चटवाने के बाद अब बस झड़ने वाली थी.

मैं माँ की टांगों के बीच में आकर माँ की चुत को चाटने लगा और उनकी चूत का सारा पसीना चाट चाट कर साफ़ कर दिया. तो नम्रता बोली- क्या हुआ, अच्छा नहीं लग रहा है क्या?मैं- नहीं… ऐसी कोई बात नहीं है, एक बार तुम मेरे मुँह पर बैठ जाओ. छोडना किसे कहते हरात में जब मैं भाभी की तरफ मुड़ा, तो उनकी सुडौल गांड मेरी ही तरफ थी.

मैंने उनसे पूछा- आप घर नहीं आ रहे क्या?उन्होंने कहा- नहीं ये मीटिंग बहुत इम्पॉर्टेन्ट है … मुझे जाना होगा.

अबकी बार के तेज प्रहार में मैंने एक बार में ही पूरा मूसल उसकी चूत में ठांस दिया. कुछ पल यूं करने के बाद जैसे ही मैंने उसे छोड़ा रश्मि बहुत जोर से सांसें लेने लगी थी.

वो किसी न किसी बहाने मुझसे लड़ती ही रहती थी।हलाँकि मेरे मामा और मामी बहुत अच्छे थे और शुभ्रा की बातों में आकर मुझे डाँटते नहीं थे, शायद इसी बात से वो और ज्यादा चिढ़ती थी। मैं भी उन्नीस साल का हो गया था और वो भी अठारह पार कर चुकी थी। वो मुझसे कुछ महीने छोटी थी. लगभग 15-20 जबरदस्त शाट्स के बाद दीपिका का शरीर इकट्ठा होने लगा और उसने आ … आ … आ … करके मुझे जोर से जकड़ कर अपनी ओर खींच लिया और झड़ गई. हम दोनों को जल्दी ही वहां से आना पड़ा था क्योंकि वो घर पर सहेली के साथ आने का बोल कर आयी थी.

जैसे ही प्रियंका को मालूम हुई कि हम लोग मुम्बई लैंड करेंगे, तो प्रियंका और जीजू दोनों बहुत जिद करने लगे कि हम लोग उसके यहां आएं.

उसके बाद मैंने अपनी छोटी भाभी को भी चोदा, उसकी कहानी अगली बार बताऊंगा. नम्रता- क्यों नहीं? अपने हुस्न का जलवा बिखेर कर अपने मियां को और तड़पाऊंगी और फिर उसके साथ चुदाई का मजा लूंगी. मेरा रंग एकदम से गोरा है और मेरे गोरे बदन को देख कर हर कोई मेरा दीवाना सा हो जाता है.

राजस्थान की देसी सेक्सी फिल्मयह बात उस समय की है जब मैं अपनी मौसी के घर से अपनी बहन के साथ ट्रेन में बिहार से अपने दिल्ली वाले घर पर लौट कर आ रहा था. 8 इंच का लंड एकदम नुकीला होकर तंबू बनाकर मनीषा की चूत में घुसने के लिए बेताब हो चुका था.

ஆண்ட்டி க்ஸ்க்ஸ்க்ஸ்

मैं शुभ्रा से चिपक गया और उचक-उचक कर देखने के चक्कर में लंड उसकी गांड से बार-बार टकरा रहा था. मैंने जल्दी से उसके कपड़े निकालने शुरू किए और उसकी चूत पर टूट पड़ा. उससे बातचीत शुरू होने पर पता चला कि वह मेरे शहर सीतामढ़ी की रहने वाली है और उसका नाम मीना है.

अभी तक आपने पढ़ा था कि अंकल ने मेरी कच्ची जवानी को एकदम गरम कर दिया था. तब भी दी के शर्ट के बटन खुले थे और मैं बार बार उन्हें देख रहा था और वो भी इस बात को नोटिस कर रही थी. ऐसे ही हम कुछ मिनट तक एक दूसरे के होंठ चूसते रहे और फिर इसके बाद मैंने देर न करते हुए उसकी टी-शर्ट निकाल दी और लोअर को भी नीचे कर दिया.

कैसे हो दोस्तो? सभी चूतधारी और लंडधारियों को मेरे खड़े हुए लंड का प्रणाम!मैं अंतर्वासना पर कहानियाँ पिछले चार साल से पढ़ रहा हूँ. ईशश … अंकल क्या कर रहे हो?”नीतू तुम्हारी चुत की खुशबू सूंघ रहा हूँ. साड़ी के ब्लाउज में भी मेरी बड़ी-बड़ी चूचियां बाहर की तरफ उभरी हुई होती हैं.

यह बात सुन कर रितेश ने भी जोश में आकर मीरा के चूतड़ों पर दो थप्पड़ लगाए और पीछे से मीरा की रस छोड़ती चुत में अपना लंड ठांस दिया. ऐसा होना ही ग़ज़ब ढा गया … तत्काल वसुन्धरा ने दोनों बाज़ु उठा कर मेरे दोनों कांधों पर रख कर कोहनियों के जोर से मुझे अपनी ओर खींचा और अपनी ठुड्डी मेरे बाएं कंधे पर टिका दी.

उन्होंने अपने धक्कों की गति कम कर दी और मेरे स्तन को मुँह में लेकर चूसने लगे.

फिर मैं धीरे धीरे धक्के देने लगा और अब अपने मुँह से उसकी चुची को ऊपर सही से चूसने लगा. एक्स गर्लफ्रेंडमैं- आपका तो हो गया … पर मेरा?यह कहते हुए मैंने मौसी के हाथ को पकड़ पर अपने लंड पर रख दिया, जो काफी टाइम से अकड़ा हुआ था. सेक्सी सेक्सी एचडी हिंदीअब वो मेरे लंड को पकड़ नहीं रही थी और मैं बार बार उसके हाथ में लंड को पकड़ा रहा था. और फिर दिलिया ने अपनी बोलने की स्पीड बढ़ा दी और हम उसी स्पीड से चुदाई में लग गए.

बात काफी पुरानी है और मुझे उस वक्त उसके फीगर का नाप भी कुछ खास पता नहीं लग रहा था.

मैंने कहा- ठीक है।अगले दिन मैं ब्लैक पैंट और नेवी ब्लू कलर की शर्ट पहन कर गया. मैं- मजा तब आएगा, जब मैं तुम्हारी चुत का कबाड़ा करूंगा मेरी राधिका रानी. … सहन नहीं हो रहा … आप जोर से करो … और जोर से चोदो मेरी चुत को, चोद चोद कर पूरी हेकड़ी उतार दो साली की.

बात आगे बढ़ने से पहले ही मैं बोला- मां पिताजी कहां हैं?वो बोलीं- अभी आ जाएंगे, वो कुछ काम के लिए बाहर गए हैं. अभी मेरे घर के आस-पास सिर्फ तीन मक़ान हैं … सो किसी के आने-जाने पर कोई ज्यादा ध्यान नहीं देता. मैंने पूछा- मेरा गर्म गर्म लावा बाहर आने वाला है … कहां लोगी?अर्चना बोली- मेरा पहला सेक्स है … मुझे पूरा महसूस करना है … सब अन्दर ही छोड़ दो.

होली सेक्सी गाना

फिर बीच रास्ते में ही मैं भाभी को उतार कर चला गया ताकि किसी को हमारे ऊपर शक न हो. मैं शीना के अब और ज्यादा मजे लेना चाहता था, इसलिए मैंने उसकी गोल मटोल कांड पर थप्पड़ मारने भी शुरू कर दिए. फिर भी मेरा मन नहीं माना, मैं चुपचाप दबे पाँव कमरे से निकल कर चल दी और धीरे-धीरे गेस्ट हाउस की खिड़की के पास पहुँच कर कान लगाकर सुनने लगी.

मैं एक हाथ से उसकी बुर में उंगली कर रहा था और दूसरे हाथ उसकी चूचियों के निप्पल की घुंडी मसल रहा था.

जैसे उन दोनों ने मुझसे वादा किया था कि वह मुझे और भी चूतें दिलवा देंगी.

ये कहानी मेरे और एक जवान वर्जिन लड़की के बीच की है, जिसको मैंने बहला फुसला कर उस वक्त चोदा था, जब वो सिर्फ 19-20 साल की थी. मेरा नाम लखन है और मैंने स्कूल पढ़ कर पढ़ना छोड़ दिया था क्योंकि हम लोग काफ़ी ग़रीब घर से हैं. सेक्सी फिल्म शॉर्ट मेंचूँकि मेरा मुंह गुड्डी रानी की चूत से लगा हुआ था इसलिए मैं बेबी रानी की अंगड़ाई का मज़ा तो नहीं ले पाया मगर शायद गुड्डी रानी को सुस्सू करते देख उसको भी लग आयी.

कुछ ही देर के इस मदमस्त युद्ध में हीना अब मदहोशी के शिखर पर पहुंच चुकी थी. हालांकि मानसी की चुदाई करके मैं कुंवारी चूत को भी भोग चुका था लेकिन हेतल की शादीशुदा चूत को चोद कर मुझे अलग ही अहसास हुआ. चार बजने में आधे घंटे का ही समय रह गया था और मैं अभी तक किसी संतोषजनक निर्णय को लेने में सफल नहीं हो पायी थी.

अब मैं एक हाथ से उसकी योनि सहला रहा था और दूसरे हाथ से उसकी चूचियां दबा रहा था जिससे वह मदहोश होने लगी।वह मेरी लोअर के ऊपर से मेरे लिंग को पकड़ कर तेजी के साथ सहला रही थी. मैं अपने एक हाथ से सोनल के बाल पकड़ कर अपने लंड को उसके मुँह में अन्दर बाहर करके लंड चुसाई का मजा ले रहा था.

भैया भी बहुत बड़े चुदक्कड़ थे, पर फिर भी भाभी बहुत ही चंचल और कुछ नया करने की शौकीन थीं.

मगर चाची के चूचों को चूसते ही वो मुझे चोदना शुरू कर देती थी और मैं उनकी चूत के रसपान से वंचित रह जाता था. एक बार इशारा कर, तेरे लिये वो खुद तेरे सामने नंगी होने के लिये तैयार हैं।मैं उसे देखता ही रह गया लेकिन कुछ बोला नहीं। फिर कुछ देर तक वो अपनी नजर मुझ पर गड़ाये रही. फिर मैंने अपना हाथ नीचे ले जाकर उनकी साड़ी ऊपर करना चाहा, तो मौसी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरी तरफ देखकर इंकार में अपना सर हिलाया.

इंग्लिश ब्लू सेक्सी दिखाएं ये वाचमैन था- ये आपका पार्सल है, कल शाम घर में कोई नहीं था, तो मैंने रख लिया था. उफ्फ्फ 8 इंच का लंबा काला लंड देख कर मेरी आंखें तो फटी की फटी रह गईं.

मैंने भी देर ना करते हुए उसकी कमर में हाथ लगा कर अपने से चिपका लिया उसके कान में बोला- तो क्या बिना बातचीत के बस डायरेक्ट चुदाई शुरू करनी है?मैं उसके कान की लौ पर किस करने लगा. मैंने एक कपड़े से अपनी चूचियों को साफ़ किया और उसके बाद वो मेरी चूत को बहुत अच्छे से चाटने लगे. बहुत दिनों बाद जीजा जी से पलंग तोड़ चुदाई करवाने के मूड में थी मैं.

सेक्सी व्हिडिओxxx

मैंने कुछ धक्के मारे तो हम दोनों उम्म्ह… अहह… हय… याह… चिल्लाने लगे. मैंने पूछा- कल रात को क्या खा लिया था तेरे पति ने?तो निहारिका ने कहा- पता नहीं, पर मुझे पूरी रात बजाया. वो बोले- अभी नहीं साली रंडी, अभी तो मुझे तेरी चूत में लंड भी डालना है.

कुछ ही देर ये खेल चला होगा कि भैया को अब बस झड़ना था … क्योंकि जैली की वजह से उन्हें ज्यादा मजा नहीं आ रहा था. मैंने एक हाथ से कमर पकड़ी ही थी, दूसरे हाथ से कपड़े के ऊपर से ही उसकी चूचियों को दबाने लगा.

उन्होंने अपने होंठों को मेरे होंठों से लगा दिया और मेरे लबों को चूसना चालू किया तो मैंने एक बार उनको हटाने की कोशिश की लेकिन वो नहीं हटे.

हम दोनों का ही चंडीगढ़ कोई जान पहचान का नहीं था, तो मिलने के लिए वो मुझे यहां बुला लेती थी. सर्दियों की बारिश में सुनसान जगह पर दिन ढलने के बाद किसी अनजान नवयुवक से चोदन … आह सोच कर ही चूत एक बार झड़ जाती है. इस घटना में मैं आपके साथ अपना वो अनुभव साझा करना चाहता हूँ कि कैसे मेरी चाची ने मुझे चुदाई करना सिखाया और मेरी चढ़ती जवानी को निखार दिया.

मेरे कहने पर खाली गिलास वापस रसोई में रख दिये उसने। उसके बाद मामी और शुभ्रा ने खाना सर्व कर दिया. मुझे अंदेशा हो रहा था कि वसुन्धरा जरूर कुछ नाक़ाबिले-यक़ीन कहने वाली थी. मेरे हाथ सीधे ही उसके चूचों पर पहुंच गये और मैंने उसके चूचों को जोर से दबाते हुए अपना लंड उसकी गांड पर रगड़ना शुरू कर दिया.

मैं काजल की ब्रा के ऊपर हाथ फिराने लगा और उसकी चूचियों को अपने ख्यालों में ही महसूस करने लगा.

बीएफ सेक्स वीडियो एचडी फुल: उन्होंने अपने धक्कों की गति कम कर दी और मेरे स्तन को मुँह में लेकर चूसने लगे. कल भाई ने मुझे इतनी बेदर्दी से चोदा था कि मेरे बदन के हर कोने में दर्द था, चुत भी सूज गयी थी.

वो मुझसे कहती थी- जानू जब रात को तुम्हारी याद आती है, तो मैं तकिये से चिपट कर सोती हूँ. उसने शर्ट को बड़े मादक अंदाज से मेरी आंखों में देखते हुए बेड के नीचे गिरा दिया. यह पारिवारिक कहानी थोड़ी लम्बी है अतः मेरा आप सभी से अनुरोध है कि कहानी से जुड़े रहें, आपको आनन्द आएगा.

उसके मुंह से एक शब्द ना निकला।मगर मैं ये सब छोड़ कर उसके रूप को निहारने लगा.

उन्होंने गुर्रा कर बोला- रंडी साली अभी तो आधा लंड घुसा है … अभी से तेरी चीख़ें निकल रही हैं … ले भैन की लौड़ी पूरा लंड ले. तो हुआ यूं कि मेरी मामी की भाभी यानि मामा की सलहज (मामा के साले के पत्नी) की हार्ट अटैक से मौत हो गयी थी, तो मैं उनके मायके गया था. फिर उन्होंने मुझे अपने से अलग किया और करवट लेकर मुझे चिपकाते हुए बोले- नम्रता, तुम्हारा रस तो बहुत ही स्वादिष्ट था.