दिल्ली की बीएफ पिक्चर

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बलराम को न्योता देकर मुखिया ने गीता के बापू से कह दिया कि गीता को रात को खाने के बाद साथ ले जाना.

लगभग 5 मिनट तक चुत चटाने के बाद मेरी बहन मेरे मुँह में झड़ गई और मैं उसका रस पी गया. वो ऐसे बर्ताव करने लगीं, जैसी रात को उनके साथ मेरा कुछ हुआ ही नहीं था. प्रिंस ने अपने लंड को पैंट के अन्दर कर लिया और वो भी दूसरी साइड में चुपचाप लेट गया.

मैं रास्ते भर यही सोचता रहा कि वो ऐसा क्यों बोली … और बियर लेकर जब मैं घर के लिए निकला, तो न जाने मेरे दिमाग में क्यों आया कि मेडिकल स्टोर से सोचा कंडोम लेता चलूं. बस एक बात है कि मेरे घर में भी सब चार पांच दिनों के लिए शादी में गए हैं. इसके बाद मैंने मधु को नहला कर खुद भी नहाया और उसे अपनी बांहों में लेकर बिल्कुल नंगा ही बाहर निकल आया.

मैंने कहा- तुम मेरे नाम को किस नाम से सेव करोगी?तो बोली- पगले के नाम से फीड कर लूं?मैं हंस पड़ा और उसने मेरा नाम पागल आशिक के नाम से फ़ीड कर लिया. उसका कद पांच फिट दो इंच का था और वो एक दुबली पतली चौड़ी कमर और ज़ीरो साइज बूब्स वाली लौंडिया थी.

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सुयश का रूम समता के रूम के सामने वाला था।समता रूम में जाकर फ्रेश होकर सुयश के रूम में आई.

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सब सबसे बड़ी लड़की कामिनी, उनका भाई पंकज, मंझली बहन अनुराधा, और सबसे छोटी बहन अंजलि थे. [emailprotected]सेक्स फंतासी स्टोरी का अगला भाग:बॉयफ्रेंड से बी डी एस एम सेक्स- 2. मैं ना तो साहिल और ना ही दादी से साहिल को साथ ले जाने के लिए बोल पाई।अभी अब दोनी सीढ़ियों तक पहुँची थी तब तक दादी ने रागिनी को आवाज़ लगा कर बुलाया.

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जैसे ही वो थोड़ा शांत हुआ … तो मैंने दूसरा झटका दे दिया और मेरी कमर पर बंधा पूरा आठ इंच का लंड उसकी गांड में चला गया.

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इसके बाद मैं पापा के सामने गई और अपने दोनों बूब्स उनके मुँह के सामने रख कर अपने हाथों से दबा दिए. उनके दोनों हाथों की अंगुलियाँ मेरे बालों में थी।कुछ देर मेरे होंठों को चूसने के बाद उन्होंने अपनी जीभ को मेरे मुँह में दे दिया. आंटी और उनकी बेटी अकेली ही रहती थी। वो मुझे अक्सर शाम को घर पर सलोनी को पढ़ाने के लिए बुला लेती थी.

वो पलट कर मेरे सीने से लिपट गयी और हम नीचे से नंगे ही दोनों एक दूसरे के चिपक गये. मैं हर बार की तरह उस दिन भी उसकी चूत में लंड डाल कर उसे ताबड़तोड़ चोद रहा था और घोड़ी बना कर पीछे से उसकी चूत को चोद कर उसको मजा दे रहा था. अब साहिल ने टीवी को अपने मोबाइल से जोड़ कर एक बढ़िया ब्लू फिल्म चला दी.

मेरा लंड पहले ही हीरोइन ने मजे से चूस कर खड़ा कर रखा था, तो मैंने अपने लंड पर बॉडी लोशन लगा कर उसे और चिकना कर लिया.

परीक्षक महोदय ने मेरा अच्छी तरह से मुआयना किया और मिठाई की प्लेट मेरी ओर करते हुए बोले- लो बेटा मुँह मीठा कर लो, तुम्हारा काम सफल होगा. झड़ने के बाद हम दोनों हांफने लगे और एक सिगरेट जला कर अपनी थकावट दूर करने लगे.

दो दिन के बाद भाई साहब को होश आया, तब पता चला कि भाई साहब की आंखें भी चली गयी थीं. निगार ने चूत में उंगली करते हुए कहा- वाओ यार, तेरी चूत तो सूज कर लाल हो गयी है. भाई साहब बेड से उतर कर मेरे पैरों के पास आ गए और मेरा दूध पकड़ कर मुँह में डाल कर चूसने लगे.

मौसी के जाने के बाद से इन पांच दिनों तक हम दोनों ने एक दूसरे की बांहों में कैसे गुजार दिए, कुछ पता ही नहीं चला. मैं हाथ धोकर खाना खाते हुए उन दोनों के चुम्बन और सेक्स क्रिया देखने लगा. बाद में मेरे बॉस ने मुझे एक घर भी गिफ्ट में दिया, जिसमें मैं अपने मंगेतर और बॉस दोनों से चुदने लगी.

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फिर भी मैंने अनजान बनकर कहा- क्या मतलब है आपका?अंकल बोले- मुझे पता है तुम्हें क्या चाहिए. उन दोनों की कुछ खुसर फुसर हुई और फिर दीदी ने उठकर मेरे मुंह पर से वो क्रीम साफ कर दी. मिश्रा जीउसके ऊपर आकर वो उसके होंठों को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा और उसके बूब्स को पूरा मसलने लगा.

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मैंने लंड निकाल कर उनको पलट दिया और लंड का रस उनके मम्मों पर गिरा कर उनके बगल में ही लेट गया. तो मैंने भी एक हाथ उसकी चूत पर लगा दिया और एक उंगली को चुत के अन्दर बाहर करने लगा. दोस्तो, कंचन के साथ आगे क्या हुआ ये मैं आपको आपके फीडबैक के बाद बताऊंगा.

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उधर मम्मी के ऊपर राज चढ़ा हुआ था वो मेरे मम्मों को दबा दबा कर मजा ले रहा था. फिर मैंने उसे सोफ़े पर लेटा कर उसकी पैंटी उतारी और टांगों को खोल लिया. ‘असगर उठ बेटा, कितना सोएगा!’उन्हें क्या मालूम कि मैं उनकी भरपूर चुदाई देख चुका हूं.

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ये सुनकर मैंने जल्दी अपने कपड़े उतार दिए और अम्मी के सामने नंगा हो गया. फिर मैंने बिना देरी किए अपना लंड रेखा की चूत पर टिकाया और दांत भींच कर एक जोरदार धक्का लगा दिया. कालू- बात तो आपकी ठीक है मैडम जी … मगर क्या ये सब अभी सही होगा?सुमन- ये क्या मैडम मैडम लगा रखा है.

लेकिन मैं कहीं नहीं जा रहा था बल्कि वहीं अपने रूम के बाहर वाले दरवाजे से अन्दर आकर छुप कर देखना चाह रहा था कि अम्मी आज चुदने के लिए जाती हैं या नहीं. दीपक का लंड भी पूरा चिकना हो चुका था, एक जरा से धक्के से ही उसका आधा लंड मेरी चूत में समा गया. मैंने कहा- चल थोड़ा मेरे पास खिसक कर बैठ, मैं तेरी मदद कर देता हूं.

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उसके बाद जब बहुत सारा पैसा हो गया तो हम दोनों ने शादी कर ली और हम पति-पत्नी की तरह रहने लगे. तभी भाई साहब ने मेरे बेटे को आवाज लगायी, मैं तुरंत दबे पांव कुर्सी के पीछे छिप गयी.

मैंने कहा- बेबी, मैं तो तुम्हें उसी दिन चोदना चाहता था, जिस दिन तुम आई थी.

कुछ देर बाद अब्बू ने अम्मी का दूध छोड़कर अपना हाथ अम्मी की रिसती हुई गर्म चूत पर रख दिया और चुत सहलाने लगे. यूट्यूब भेजेंवो बोला- क्या हुआ अंजू?मैंने कहा- देखो दीपक, इस तरह से तुम जल्दबाजी दिखा रहे हो, तो तुम्हारा बहुत जल्दी झड़ जा रहा है. क्सक्सक्स माँ स्टोरीइधर सुरेश के लंड का हाल बुरा हुआ जा रहा था, वो बस उन दोनों को देखे जा रहा था. मैं भी उसको मना नहीं कर पाया और मैंने उसको कहा कि अगले दिन वो मुझे फोन करे.

मेरे लंड में भी हल्की सी जलन हुई लेकिन चुत चुदाई के नशे में मैंने दर्द को भुला दिया.

तभी मैंने उसका पेटीकोट उतार दिया और उसकी मखमली गुलाबी चूत को चाटने लगा. मैंने भी देर ना करते हुए उनके पैर अपने कंधे पर रख लिए और चूत में जैसे ही लंड अन्दर डाला तो चुत की गर्मी से लंड भभक उठा. आमतौर पर जब लड़का-लड़की ने शादी से पहले सेक्स नहीं किया होता है तो दोनों के ही मन में सेक्स को लेकर कई तरह की जिज्ञासा रहती है.

मेरा क्या होगा?”तुम कल सुहागरात मना लेना, विक्की बाबू तो आप पर मरे पड़े हैं. ये इस लिए भी किया था कि अगर उसकी फैमिली का कोई अन्य व्यक्ति भी आ जाता, तो वो उसे हैंडल कर लेता. इस बार मैंने पूजा को रेखा कह कर ही चोदा, जिससे उसके दिमाग से रेखा की चुत दिलाने की बात न निकले.

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मैंने उनकी मदमस्त चूचियों की गर्मी को महसूस किया और उन्हें अपने सीने से चिपकाए हुए ही उनके बालों को खोल दिया. मैं दस मिनट तक उसको ताबड़तोड़ चोदता रहा और फिर उसकी चूत में ही झड़ गया. भाई साहब बोले- अनुराधा, मैं जानता हूँ … तुम अपने मुँह से कभी कुछ नहीं कहोगी.

आंटी घर में अकेली थी तो मेरे शैतानी दिमाग में आंटी की चुदाई के खयाल आने लगे.

कुछ देर चोदने के बाद अब मैं थकने लगा था किन्तु आंटी अपनी गांड को जोर जोर से आगे पीछे करके मेरा साथ देती जा रही थी.

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वो इस समय जोर जोर से मेरा लंड खा रही थी और मैं भी मस्त हुआ जा रहा था. मैंने फिर उसे टोका- दीपक जल्दबाजी मत करो; मैं कही भागी नहीं जा रही हूँ; आराम से चूत का मजा लो, और मुझे भी लंड का मजा लेने दो.

मैंने जब उसे देखा, तो समझ गई कि ये भाई साहब के लंड के पानी की वजह से है.

फिर हम दोनों ने डिनर किया और डिनर करने के बाद उठे, तो रात के 12 बज चुके थे. क्योंकि गांव में सबके यहां जमीन नहीं होती, तो कुछ लोग दूसरों के खेत में बेकार खड़ी घास को अपने पशुओं को खिलाने के लिए काट ले जाते हैं. आज मुझे मजा आ रहा था … कई साल बाददो मर्दों से एक साथ चुदाईकरवाने को मिली.

बुर्का सेक्स मैं पिछले 4 साल से जिम भी जा रहा हूं, तो मेरी बॉडी भी काफी अच्छी है. उम्र 39 साल के करीब, फिगर 34 के चूचे, 30 की कमर और 38 इंच की मस्त गांड थी.

फिर जैसे ही साहिल ने अपना लंड मेरी चूत के अंदर ठेला तो मेरी दर्द के मारे जान निकल गयी; और खून भी निकलने लगा. मैंने अपना लौड़ा उसकी गांड के ऊपर रखा और धीरे धीरे से अन्दर धकेलने लगा. पड़ोसन आंटी रेशमा की बात सुनकर मेरी अम्मी एकदम से चौंक गईं और बोलीं- ये तुम क्या कह रही हो रेशमा … क्या वो इस तरह का आदमी है?रेशमा आंटी हंस कर बोलीं- तू उसकी नजरें देखना, फिर बताना कि वो कैसा आदमी है.

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मैं तो बस निकिता मैडम के घर के पास से जा रहा था, ये देखने कि कहीं वह कनिया कंप्यूटर मास्टर तो नहीं है. आंटी घर में अकेली थी तो मेरे शैतानी दिमाग में आंटी की चुदाई के खयाल आने लगे. मैंने भी झौंक में कह दिया- हां सो तो है … मौका मिलेगा … तो सीधे भी चख लूंगा.

उसकी चूची की साइज़ 34 इंच की रही होगी, कमर 28 इंच की और गांड 36 इंच की होगी. अंकिता ये सब देख रही थी तो मैं अंकिता को दिखाते हुए अपनी उंगलियों को चूसने लगा.

उसे भी अपनी चुत में मजा आ रहा था, पर साथ ही साथ उसे दर्द भी हो रहा था क्योंकि दिन में उसकी चुत में मेरा आधा लंड जो घुस कर खूना-खच्ची कर आया था.

मेरे सामने ये सब होता रहा था, पर मैंने कभी पाप की इस बात को नोटिस ही नहीं किया. उस दिन बॉस ने मुझे पक्की रांड बना दिया था … उनका जहां मन होता, चोदने लगते. उसकी यह आवाज को दबाने के लिए मैंने फिर से उसे किस करना शुरू कर दिया.

अब मैं बस यही सोच रही थी कि कैसे साहिल को अपने साथ बुलाऊँ।मैंने दादी के पास जाकर बताया कि हम दोनों बाजार जा रही हैं. वो भी मस्त होने लगीं तो मैंने उनकी चूची पर हाथ धर दिया और दबाने लगा. उनके मम्मे और गांड इतनी मस्त है कि जो भी चाची को एक बार देख ले, तो खुश हो जाए.

होटल में पावस और सारिका का कमरा छठवें वें फ्लोर पर था और मेरा कमरा 7वें फ्लोर पर.

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लंड चुत की चटनी चाटने के बाद मैं मधु और पूजा तीनों नंगे एक दूसरे से चिपक कर लेटे थे. मैंने फिर उसकी जांघों पर तेल डाला और अपने हाथ से उसे रगड़ने लगा।धीरे धीरे इसी बहाने अपने हाथ से उसकी चूत को 2-4 बार छू लिया. इसके बाद मैं हल्का सा दोनों हाथों को बांध कर अपनी चूचियों पर टाइट करके साहिल को दिखाने लगी।अब उसके देख कर साहिल के लन्ड में भी थोड़ी हरकत हुए जिसको उसने अपने हाथ से सही किया।अब हम लोग उतर कर पहले तो एक बर्तन की दुकान में गए.

”फिर स्यू मेरे पास वापस आकर बोली- विक्की, निगार एक घंटे बाद आने वाली है.

मैं उठ गया और भाभी को देख कर बोला- भाभी तू क्यू आ गई … मैं अपने आप कर देता. उसके जाते ही मैंने अंकिता का हाथ पकड़ा और अपने लोवर के ऊपर ले जाकर उसके हाथों में अपना लंड थमा दिया. हीरोइन ने अपनी चुत मेरे मुँह पर लगा रखी थी और मेरे लंड की गोलियां उसके मुँह में थीं.